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	<title>पांच दिवसीय लोक अदालत &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>वर्षगांठ पर सुप्रीम कोर्ट में पहली बार पांच दिवसीय लोक अदालत आज से</title>
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		<pubDate>Mon, 29 Jul 2024 07:15:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[पांच दिवसीय लोक अदालत]]></category>
		<category><![CDATA[वर्षगांठ]]></category>
		<category><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="305" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1385.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1385.png 697w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1385-300x148.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />सोमवार से सुप्रीम कोर्ट में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इससे अदालतों पर मुकदमों का बोझ घटेगा। लोक अदालत का आयोजन पांच दिनों तक होगा। लोक अदालत में वैवाहिक विवाद संपत्ति विवाद मोटर दुर्घटना दावा जमीन अधिग्रहण मुआवजा सर्विस और लेबर आदि मामलों का निपटारा किया जाएगा। आपसी सहमति के आधार पर अदालत &#8230;]]></description>
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<p>सोमवार से सुप्रीम कोर्ट में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इससे अदालतों पर मुकदमों का बोझ घटेगा। लोक अदालत का आयोजन पांच दिनों तक होगा। लोक अदालत में वैवाहिक विवाद संपत्ति विवाद मोटर दुर्घटना दावा जमीन अधिग्रहण मुआवजा सर्विस और लेबर आदि मामलों का निपटारा किया जाएगा। आपसी सहमति के आधार पर अदालत मामलों का निपटारा करेंगी।</p>



<p>वैसे तो आपसी समझौते से साहार्दपूर्ण माहौल में पक्षकारों की रजामंदी से विवाद निपटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से लेकर जिला स्तर तक लोक अदालतों का आयोजन होता है लेकिन सुप्रीम कोर्ट में सोमवार से शुरू हो रही पांच दिवसीय विशेष लोक अदालत कुछ खास है। सुप्रीम कोर्ट अपनी 75वीं वर्षगांठ पर पहली बार पांच दिवसीय विशेष लोक अदालत का आयोजन कर रहा है।</p>



<p><strong>रजामंदी से विवादों को निपटाया जाएगा</strong><br>सोमवार को प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली अदालत सहित सुप्रीम कोर्ट की सात अदालतों में विशेष लोक अदालतें लगेंगी जो मध्यस्थता करते हुए पक्षकारों की रजामंदी से विवादों को निपटाएंगी। सुप्रीम कोर्ट में ये विशेष अदालत 29 जुलाई से लेकर 3 अगस्त तक चलेगी और इसमें पक्षकारों की सहमति से सौहार्दपूर्ण तरीके से हजारों मामले निपटने की उम्मीद है। इससे सुप्रीम कोर्ट में लंबित मुकदमों में भी कुछ कमी आएगी।</p>



<p><strong>मुख्य न्यायाधीश ने की थी ये अपील</strong><br>प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने गत 18 जून को ही सुप्रीम कोर्ट वेबसाइट पर एक वीडियो संदेश जारी कर वकीलों और पक्षकारों से अपने विवादों को हल कराने के लिए विशेष लोक अदालत में मामले पंजीकृत कराने की अपील की थी। तभी से विशेष लोक अदालत में निपटारे के लिए केस पंजीकृत होने शुरू हो गए थे।</p>



<p><strong>14 हजार केस सुनवाई के लिए पंजीकृत</strong><br>उच्च पदस्थ सूत्र बताते हैं कि इस क्रम में विभिन्न श्रेणियों के 14 हजार से ज्यादा केस विशेष लोक अदालत में सुनवाई के लिए पंजीकृत हुए उस लिस्ट से सुनवाई के लिए केसों को छांटा गया है। सोमवार को सात अदालतों में विशेष लोक अदालत के कुल 300 से ज्यादा केस निपटारे के लिए लगे हैं। जिसमें से चीफ जस्टिस कोर्ट में 68 ऐसे केस लगे हैं बाकी अदालतों में औसतन 45 से 50 केस लगे हैं।</p>



<p><strong>सुबह रुटीन के मुकदमों की होगी सुनवाई</strong><br>यह केस सुप्रीम कोर्ट की रोजाना सुनवाई की सूची में लगे केसों से अलग है। तय व्यवस्था के मुताबिक सोमवार से शुरू होने वाली विशेष लोक अदालत में चीफ जस्टिस की अदालत से लेकर सात अदालतें पहले सुबह रुटीन के मुकदमों की सुनवाई करेंगी। भोजनावकाश के बाद दो बजे से विशेष लोक अदालत के मामलों का निपटारा किया जाएगा। पांच दिन चलने वाली विशेष लोक अदालत में यही व्यवस्था रहेगी।</p>



<p><strong>विशेष लोक अदालत के लिंक जारी</strong><br>विशेष लोक अदालत में पक्षकारों और वकीलों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है और इसलिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये भी सुनवाई की सुविधा उपलब्ध होगी। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर सातों अदालतों में लगने वाली विशेष लोक अदालत के लिंक जारी हो चुके हैं।</p>



<p><strong>इन विवादों का होगा निपटारा</strong><br>पक्षकार देश के किसी भी हिस्से से सुनवाई में जुड़ सकते हैं। विशेष लोक अदालत में वैवाहिक विवाद, संपत्ति विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, जमीन अधिग्रहण, मुआवजा, सर्विस और लेबर आदि मामलों का निपटारा किया जाएगा। लोक अदालतें मध्यस्थता के जरिए विवाद के हल का मंच उपलब्ध करा लंबित मामलों के सौहार्दपूर्ण समाधान की राह बनाती हैं।</p>
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