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	<title>पहला नेशनल वन हेल्थ इंस्टीट्यूट &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>हिसार: पहला नेशनल वन हेल्थ इंस्टीट्यूट महाराष्ट्र में बनेगा</title>
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		<pubDate>Sat, 09 Dec 2023 06:25:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/haryana-1-6-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/haryana-1-6.jpg 831w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/haryana-1-6-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/haryana-1-6-768x433.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />हरियाणा के हिसार स्थित लुवास में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के समापन मौके पर पशु वैज्ञानिकों ने वन हेल्थ को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। वन हेल्थ नेशनल सेंटर महाराष्ट्र के नागपुर में बनेगा, जिसमें पशु वैज्ञानिक, पर्यावरणविद और चिकित्सक मिलकर शोध करेंगे। वैज्ञानिकों ने इसमें आने वाली चुनौतियों को लेकर भी मंथन किया। &#8230;]]></description>
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<p>हरियाणा के हिसार स्थित लुवास में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के समापन मौके पर पशु वैज्ञानिकों ने वन हेल्थ को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। वन हेल्थ नेशनल सेंटर महाराष्ट्र के नागपुर में बनेगा, जिसमें पशु वैज्ञानिक, पर्यावरणविद और चिकित्सक मिलकर शोध करेंगे। वैज्ञानिकों ने इसमें आने वाली चुनौतियों को लेकर भी मंथन किया। महाराष्ट्र विश्वविद्यालय के डॉ. आशीष पातुरकर ने बताया कि देश का पहला नेशनल वन हेल्थ इंस्टीट्यूट महाराष्ट्र में बनाया जा रहा है।</p>



<p>आईसीएम के एडीजी डॉ. अशोक कुमार, एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जेपीएस गिल ने भी संबोधित किया। सम्मेलन में ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, अमेरिका, ब्रिटेन के वैज्ञानिक ऑनलाइन शामिल हुए। देश के 200 प्रतिनिधि वैज्ञानिकों ने एकल स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए दो दिन में वन हेल्थ की चुनौतियों एवं समाधान को लेकर हो रही खोजों पर व्याख्यान प्रस्तुत किए। डॉ. वीएन बछिल यंग साइंटिस्ट अवार्ड डॉ. कुशल गर्ख को दिया गया।</p>



<p>पशु वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि वन हेल्थ की दिशा में संस्थागत प्रगति, सहयोगात्मक अनुसंधान, शैक्षिक पहल और रणनीतिक नीति के तहत प्राथमिकता पर रखी गई है। एकीकृत, बहुक्षेत्रीय दृष्टिकोण के प्रति प्रति हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता उभरती संक्रामक बीमारियों की चुनौतियों से निपटने में एक महत्वपूर्ण कारक सिद्ध होगी। वैश्विक स्तर पर एएमआर, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरणीय स्वास्थ्य मुद्दों से संबंधित समस्याएं भी हैं।</p>



<p>उन्होंने आगे कहा कि जैसे-जैसे भारत इस पथ पर अग्रसर हो रहा है, यह लोगों, जानवरों और पर्यावरण के स्वास्थ्य और कल्याण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सामूहिक प्रयास में नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।</p>



<p>डॉ. रोहित जांगड़ा ने ‘बीएसएल2 प्रणालियों का उपयोग करके ज़ूनोटिक वायरस पर काबू पाना’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि बीएसएल प्रयोगशालाएं मानव और पशु स्वास्थ्य का समर्थन करने के लिए उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में मौजूद हैं। बीएसएल 3 व 4 सुविधा का होना नई और दोबारा से उभरती जूनोटिक बीमारियों पर काम करने के लिए जरूरी है। वन हेल्थ को लेकर सार्वजनिक और पशु स्वास्थ्य उच्च-नियंत्रण प्रयोगशालाओं के अंतर्गत एक साथ काम करना समय की मांग है।</p>



<p>डॉ. वीएन बछिल यंग साइंटिस्ट अवार्ड डॉ. कुशल गर्ख को दिया गया। डॉ. एसपी सिंह बेस्ट रिसर्च आर्टिकल अवार्ड डॉ. अर्चना को को प्रदान किया गया। डॉ. पीडी देशपांडे बेस्ट रिसर्च आर्टिकल अवार्ड डॉ. संतोष सज्जन को, डॉ. एटी शेरिकर आउटस्टैंडिंग पब्लिक हेल्थ वेटेनरियन अवार्ड डॉ. विकास वासकर को मिला।डॉ. आरके गढ़वाल फ़ूड सेफ्टी अवार्ड डॉ. रविन्द्र जे जंडे और डॉ. सी. लाठा को प्रदान किया।</p>



<p>बेस्ट एमवीएससी थीसिस अवार्ड डॉ. इशिता गुप्ता तथा बेस्ट पीएचडी. थीसिस अवार्ड डॉ. अनामिका साहू को प्रदान किया।पोस्टर्स व ओरल सत्र में डॉ दिनेश मित्तल को उनके बेस्ट पेपर की प्रस्तुति के प्रथम,डॉ. पल्लवी मुदगिल को द्वितीय , डॉ. पंकज- डॉ. वंदना को तृतीय पुरस्कार दिया गया। ओरल सत्रों में डॉ. मनेश कुमार प्रथम, डॉ. रेनू गुप्ता द्वितीय एवं डॉ. विनायक सिंह, डॉ. आरजू तृतीय स्थान पर रही। दूसरे ओरल सत्र में डॉ. वैशाली प्रथम, डॉ. नीलम , डॉ. रमन द्वितीय , डॉ. नेहा शर्मा व डॉ. दिशा तृतीय स्थान पर रहे।</p>



<p>जूनोटिक व सीमांत रोगों से संबंधित सत्र में प्रथम पुरस्कार डॉ. आस्था नागपाल को मिला। द्वितीय पुरस्कार डॉ. पूजा व डॉ. अक्षरा को दिया गया। डॉ. रूमी को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। एकल स्वास्थ्य के उन्नतीकरण हेतु सत्र में प्रथम डॉ. प्रियंका सहारण, डॉ. अमन और डॉ. सरीन कम्बोज द्वितीय व सृष्टि तृतीय स्थान पर रहीं।</p>



<p>21वीं सदी से बीमारियों से उत्पन्न समस्याएं व उनके निवारण के उपाय संबंधित समस्याएं सत्र में डॉ. रिदम प्रथम रहीं। डॉ. जय प्रकाश यादव और आंजिरिया द्वितीय रहीं। डॉ. अमृता नायर एवं डॉ. नवीन कुमार को तृतीय स्थान मिला खाद्य सुरक्षा एवं जनस्वास्थ्य संबंधित सत्र में डॉ. प्रीति प्रथम रहीं। डॉ. सुंदर चेतवम व डॉ. ऐश्वर्या को द्वितीय स्थान को दूसरा स्थान मिला। डॉ. कुशल गर्ख को तृतीय स्थान प्रदान किया गया। मानव संसाधन &#8211; प्रबंधन के निदेशक एवं आयोजक डॉ. राजेश खुराना ने अतिथियों व प्रतिभागियों का आभार जताया।</p>



<p>हरियाणा के हिसार स्थित लुवास में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के समापन मौके पर पशु वैज्ञानिकों ने वन हेल्थ को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। वन हेल्थ नेशनल सेंटर महाराष्ट्र के नागपुर में बनेगा, जिसमें पशु वैज्ञानिक, पर्यावरणविद और चिकित्सक मिलकर शोध करेंगे। वैज्ञानिकों ने इसमें आने वाली चुनौतियों को लेकर भी मंथन किया। महाराष्ट्र विश्वविद्यालय के डॉ. आशीष पातुरकर ने बताया कि देश का पहला नेशनल वन हेल्थ इंस्टीट्यूट महाराष्ट्र में बनाया जा रहा है।</p>



<p>आईसीएम के एडीजी डॉ. अशोक कुमार, एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जेपीएस गिल ने भी संबोधित किया। सम्मेलन में ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, अमेरिका, ब्रिटेन के वैज्ञानिक ऑनलाइन शामिल हुए। देश के 200 प्रतिनिधि वैज्ञानिकों ने एकल स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए दो दिन में वन हेल्थ की चुनौतियों एवं समाधान को लेकर हो रही खोजों पर व्याख्यान प्रस्तुत किए। डॉ. वीएन बछिल यंग साइंटिस्ट अवार्ड डॉ. कुशल गर्ख को दिया गया।</p>



<p>पशु वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि वन हेल्थ की दिशा में संस्थागत प्रगति, सहयोगात्मक अनुसंधान, शैक्षिक पहल और रणनीतिक नीति के तहत प्राथमिकता पर रखी गई है। एकीकृत, बहुक्षेत्रीय दृष्टिकोण के प्रति प्रति हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता उभरती संक्रामक बीमारियों की चुनौतियों से निपटने में एक महत्वपूर्ण कारक सिद्ध होगी। वैश्विक स्तर पर एएमआर, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरणीय स्वास्थ्य मुद्दों से संबंधित समस्याएं भी हैं।</p>



<p>उन्होंने आगे कहा कि जैसे-जैसे भारत इस पथ पर अग्रसर हो रहा है, यह लोगों, जानवरों और पर्यावरण के स्वास्थ्य और कल्याण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सामूहिक प्रयास में नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।</p>



<p>डॉ. रोहित जांगड़ा ने ‘बीएसएल2 प्रणालियों का उपयोग करके ज़ूनोटिक वायरस पर काबू पाना’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि बीएसएल प्रयोगशालाएं मानव और पशु स्वास्थ्य का समर्थन करने के लिए उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में मौजूद हैं। बीएसएल 3 व 4 सुविधा का होना नई और दोबारा से उभरती जूनोटिक बीमारियों पर काम करने के लिए जरूरी है। वन हेल्थ को लेकर सार्वजनिक और पशु स्वास्थ्य उच्च-नियंत्रण प्रयोगशालाओं के अंतर्गत एक साथ काम करना समय की मांग है।</p>



<p>डॉ. वीएन बछिल यंग साइंटिस्ट अवार्ड डॉ. कुशल गर्ख को दिया गया। डॉ. एसपी सिंह बेस्ट रिसर्च आर्टिकल अवार्ड डॉ. अर्चना को को प्रदान किया गया। डॉ. पीडी देशपांडे बेस्ट रिसर्च आर्टिकल अवार्ड डॉ. संतोष सज्जन को, डॉ. एटी शेरिकर आउटस्टैंडिंग पब्लिक हेल्थ वेटेनरियन अवार्ड डॉ. विकास वासकर को मिला।डॉ. आरके गढ़वाल फ़ूड सेफ्टी अवार्ड डॉ. रविन्द्र जे जंडे और डॉ. सी. लाठा को प्रदान किया।</p>



<p>बेस्ट एमवीएससी थीसिस अवार्ड डॉ. इशिता गुप्ता तथा बेस्ट पीएचडी. थीसिस अवार्ड डॉ. अनामिका साहू को प्रदान किया।पोस्टर्स व ओरल सत्र में डॉ दिनेश मित्तल को उनके बेस्ट पेपर की प्रस्तुति के प्रथम,डॉ. पल्लवी मुदगिल को द्वितीय , डॉ. पंकज- डॉ. वंदना को तृतीय पुरस्कार दिया गया। ओरल सत्रों में डॉ. मनेश कुमार प्रथम, डॉ. रेनू गुप्ता द्वितीय एवं डॉ. विनायक सिंह, डॉ. आरजू तृतीय स्थान पर रही। दूसरे ओरल सत्र में डॉ. वैशाली प्रथम, डॉ. नीलम , डॉ. रमन द्वितीय , डॉ. नेहा शर्मा व डॉ. दिशा तृतीय स्थान पर रहे।</p>



<p>जूनोटिक व सीमांत रोगों से संबंधित सत्र में प्रथम पुरस्कार डॉ. आस्था नागपाल को मिला। द्वितीय पुरस्कार डॉ. पूजा व डॉ. अक्षरा को दिया गया। डॉ. रूमी को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। एकल स्वास्थ्य के उन्नतीकरण हेतु सत्र में प्रथम डॉ. प्रियंका सहारण, डॉ. अमन और डॉ. सरीन कम्बोज द्वितीय व सृष्टि तृतीय स्थान पर रहीं।</p>



<p>21वीं सदी से बीमारियों से उत्पन्न समस्याएं व उनके निवारण के उपाय संबंधित समस्याएं सत्र में डॉ. रिदम प्रथम रहीं। डॉ. जय प्रकाश यादव और आंजिरिया द्वितीय रहीं। डॉ. अमृता नायर एवं डॉ. नवीन कुमार को तृतीय स्थान मिला खाद्य सुरक्षा एवं जनस्वास्थ्य संबंधित सत्र में डॉ. प्रीति प्रथम रहीं। डॉ. सुंदर चेतवम व डॉ. ऐश्वर्या को द्वितीय स्थान को दूसरा स्थान मिला। डॉ. कुशल गर्ख को तृतीय स्थान प्रदान किया गया। मानव संसाधन &#8211; प्रबंधन के निदेशक एवं आयोजक डॉ. राजेश खुराना ने अतिथियों व प्रतिभागियों का आभार जताया।</p>
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