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	<title>पर्यटन &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>पर्यटन &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>उत्तराखंड में पर्वतीय पर्यटन विकास को मिल चुके 284 करोड़</title>
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		<pubDate>Thu, 04 Dec 2025 06:35:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="359" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/cfgvbn-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/cfgvbn.jpg 645w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/cfgvbn-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />उत्तराखंड में पर्वतीय पर्यटन विकास के लिए केंद्र सरकार निरंतर सहयोग कर रही है। केंद्र सरकार वर्ष 2015-16 से अब तक विभिन्न पर्यटन योजनाओं के लिए 284 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी कर चुकी है। लोकसभा के शीतकालीन सत्र में बुधवार को नैनीताल सांसद अजय भट्ट ने पर्वतीय पर्यटन सर्किट के विकास के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="359" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/cfgvbn-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/cfgvbn.jpg 645w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/cfgvbn-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>उत्तराखंड में पर्वतीय पर्यटन विकास के लिए केंद्र सरकार निरंतर सहयोग कर रही है। केंद्र सरकार वर्ष 2015-16 से अब तक विभिन्न पर्यटन योजनाओं के लिए 284 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी कर चुकी है।</p>



<p>लोकसभा के शीतकालीन सत्र में बुधवार को नैनीताल सांसद अजय भट्ट ने पर्वतीय पर्यटन सर्किट के विकास के लिए जारी योजनाओं के संबंध में अतारांकित प्रश्न पूछा। इसके जवाब में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र शेखावत ने भट्ट को अवगत कराया कि पर्वतीय पर्यटन सर्किट के विकास के लिए उत्तराखंड सहित हिमालयी राज्यों में व्यापक निवेश किया गया है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री शेखावत के अनुसार स्वदेश दर्शन, स्वदेश दर्शन 2.0, प्रसाद, सीबीडीडी और एसएएससीआई योजनाओं के तहत अब तक देश के हिमालयी क्षेत्रों में 1726.74 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिनमें से 1200.46 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं।</p>



<p>उत्तराखंड में बीते वर्षों में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। वर्ष 2015-16 में केदारनाथ के एकीकृत विकास हेतु 34.77 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जबकि बदरीनाथ धाम में तीर्थ यात्रा सुविधा विस्तार के लिए 2018-19 में 56.15 करोड़ स्वीकृत हुए, जिनमें से 38.38 करोड़ जारी किए जा चुके हैं।</p>



<p>गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के लिए 54.36 करोड़ में से 10.5 करोड़, तथा 2024-25 में ऋषिकेश राफ्टिंग बेस स्टेशन विकास के लिए 100 करोड़ में से 66 करोड़ जारी किए गए हैं। इसी अवधि में चंपावत टी-गार्डन अनुभव, पिथौरागढ़ के गूंजी ग्रामीण पर्यटन क्लस्टर, माणा और जादूंग ग्राम वाइब्रेंट विलेज परियोजनाओं को भी धनराशि दी गई है। कुमाऊं क्षेत्र में विरासत परिपथ विकास तथा टिहरी झील क्षेत्र में साहसिक पर्यटन गतिविधियों के लिए भी केंद्र ने वित्तीय सहायता प्रदान की है।</p>
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		<title>भोपाल: पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा आज से शुरू</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Nov 2025 05:49:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="427" height="279" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/cffvv-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/cffvv.jpg 427w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/cffvv-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 427px) 100vw, 427px" />मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने के उद्देश्य से PM श्री हेलि पर्यटन सेवा का शुभारंभ आज से हो गया। इस सेवा के माध्यम से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक कम समय में सुरक्षित और सुगम यात्रा की सुविधा मिलेगी। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा शुरू की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="427" height="279" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/cffvv-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/cffvv.jpg 427w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/cffvv-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 427px) 100vw, 427px" />
<p>मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने के उद्देश्य से PM श्री हेलि पर्यटन सेवा का शुभारंभ आज से हो गया। इस सेवा के माध्यम से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक कम समय में सुरक्षित और सुगम यात्रा की सुविधा मिलेगी। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा शुरू की गई इस पहल के साथ प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसने इंटर-स्टेट हेलीकॉप्टर टूरिज़्म सेवा शुरू की है।</p>



<p><strong>तीन रूटों पर होगी हेलीकॉप्टर सेवा<br></strong>हेलि पर्यटन सेवा फिलहाल तीन सेक्टरों में प्रारंभ की गई है और यह सप्ताह में पांच दिन उपलब्ध रहेगी। यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी होने से यात्रियों को अत्यधिक लाभ मिलेगा। उज्जैन में महाकाल दर्शन कुछ ही मिनटों में होंगे। वहीं, भोपाल से पंचमढ़ी करीब 1 घंटे और उज्जैन – ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग यात्रा 20–40 मिनट का समय लगेगा। पंचमढ़ी में जॉय राइड सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। एक हेलीकॉप्टर में 6 यात्री यात्रा कर सकेंगे।</p>



<p><strong>पर्यटन को मिलेगा नया आयाम<br></strong>पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि हेलि पर्यटन सेवा पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है। इससे तीर्थयात्रियों को आसान यात्राएं मिलेंगी और प्रदेश के धार्मिक, वन्य एवं एडवेंचर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला के अनुसार इस सेवा से पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा। रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटकों को शानदार और यादगार यात्रा अनुभव मिलेगा। पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, हेलि पर्यटन सेवा से मध्यप्रदेश धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन का प्रमुख हब बनने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ गया है।</p>



<p><strong>आध्यात्मिक सेक्टर<br></strong>आध्यात्मिक सेक्टर के अंतर्गत इंदौर–उज्जैन– ओंकारेश्वर मार्ग को जोड़ा गया है। इंदौर से उज्जैन तक 20 मिनट की उड़ान का अनुमानित किराया 5 हजार रूपये, उज्जैन से ओंकारेश्वर तक 40 मिनट की उड़ान का किराया 6 हजार 500 और ओंकारेश्वर से इंदौर लौटने का किराया लगभग 5 हजार 500 रूपये रखा गया है। इस सेक्टर के माध्यम से श्रद्धालु एक ही दिन में महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर दोनों ज्योर्तिलिंगों के दर्शन आसानी से कर सकेंगे।</p>



<p><strong>इको टूरिज्म सेक्टर<br></strong>इको टूरिज्म सेक्टर में भोपाल से मढ़ई तक 40 मिनट की उड़ान का अनुमानित किराया 4 हजार रूपयेतथा मढ़ई से पचमढ़ी तक 20 मिनट की उड़ान का किराया 3 हजार रूपयेहै। इसके अतिरिक्त भोपाल से पचमढ़ी के लिए एक घंटे की सीधी उड़ान भी उपलब्ध रहेगी, जिसका किराया 5 हजार रूपयेप्रति यात्री है। पचमढ़ी में जॉय-राइड्स का विकल्प भी उपलब्ध होगा, जिससे प्रकृति–आधारित अनुभव और भी आकर्षक बनेगा।</p>



<p><strong>वाइल्डलाइफ़ सेक्टर<br></strong>वाइल्डलाइफ़ सेक्टर में जबलपुर को कान्हा और बांधवगढ़ और से जोड़ा गया है। इनमें जबलपुर से मैहर की उड़ान का किराया 5 हजार रूपये,मैहर से चित्रकूट 2500 रूपये, जबलपुर से कान्हा 6,250 रूपये, बांधवगढ़ 3750 रूपये तथा अमरकंटक के लिए एक घंटे की उड़ान का किराया 5 हजार रूपये होगा। इस तेज कनेक्टिविटी से पर्यटक कम समय में अधिक स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे।</p>
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		<title>इंदौर एयरपोर्ट पर कम हुई यात्रियों की संख्या, ठंड आते ही फिर बढ़ेगा पर्यटन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Oct 2025 06:40:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="344" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/fdvbnm-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/fdvbnm.jpg 679w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/fdvbnm-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />इंदौर के विमानन उद्योग के लिए सितंबर का महीना बेहद निराशाजनक साबित हुआ है। इस महीने में न केवल यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई, बल्कि उड़ानों की संख्या भी काफी कम हो गई। एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2025 इंदौर के लिए इस साल का सबसे कम &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="344" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/fdvbnm-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/fdvbnm.jpg 679w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/fdvbnm-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>इंदौर के विमानन उद्योग के लिए सितंबर का महीना बेहद निराशाजनक साबित हुआ है। इस महीने में न केवल यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई, बल्कि उड़ानों की संख्या भी काफी कम हो गई। एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2025 इंदौर के लिए इस साल का सबसे कम यात्री और उड़ानों वाला महीना बन गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि ठंड का मौसम आते ही फिर से पर्यटन बढ़ेगा और यात्रियों की संख्या में इजाफा देखा जाएगा।</p>



<p><strong>कारण</strong></p>



<ol class="wp-block-list">
<li>जुलाई में स्कूल-कॉलेज खुलने के बाद यात्री संख्या कम हुई।</li>



<li>अगस्त और सितंबर में कई शहरों के लिए उड़ानें बंद होने का प्रभाव पड़ा।</li>



<li>देश के कई हिस्सों में भारी बारिश ने भी यात्रियों की संख्या को प्रभावित किया।</li>
</ol>



<p><strong>आंकड़ों में भारी गिरावट<br></strong>रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर माह में इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से कुल 2,393 उड़ानों का संचालन हुआ, जिनमें 3 लाख 35 हजार 933 यात्रियों ने सफर किया। इसकी तुलना में, अगस्त महीने में 2,500 उड़ानें संचालित हुई थीं और 3 लाख 61 हजार 30 यात्रियों ने यात्रा की थी। इस प्रकार, केवल एक महीने में 107 उड़ानें और 25,097 यात्री कम हो गए। प्रतिशत के हिसाब से देखें तो यात्रियों की संख्या में 7% और उड़ानों की संख्या में 4.3% की गिरावट आई है।</p>



<p><strong>जुलाई से जारी है गिरावट का दौर<br></strong>ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष अमोल कटारिया के अनुसार, इस साल की शुरुआत जनवरी में 3.77 लाख यात्रियों के साथ बहुत अच्छी रही थी। लेकिन जुलाई में स्कूल-कॉलेज खुलने के बाद से पर्यटन में कमी आने लगी। इसके अलावा, अगस्त और सितंबर में कई शहरों के लिए उड़ानों का बंद होना और देश के कई हिस्सों में भारी बारिश ने भी यात्रियों की संख्या को प्रभावित किया।</p>



<p><strong>अक्टूबर से बेहतर की उम्मीद<br></strong>विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी है। अक्टूबर से त्योहारी सीजन और नई उड़ानों के शुरू होने के साथ ही यात्रियों की संख्या में फिर से बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। साल की शुरुआत में जहां रोजाना औसतन 12 हजार से ज्यादा यात्री सफर कर रहे थे, वहीं अब यह आंकड़ा 11 हजार के करीब आ गया है। इसी तरह, दैनिक उड़ानों की संख्या भी 90 से घटकर 80 से कम हो गई है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शि&#x200d;मला नहीं, भारत का पहला Hill Station कुछ और है; गर्मी से बचने के ल&#x200d;िए अंग्रेजों ने खोजा था ये ठ&#x200d;िकाना</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a4%be-hill-station/614163</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 18 May 2025 11:53:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="316" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/Screenshot-2025-05-18-171541-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/Screenshot-2025-05-18-171541.png 752w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/Screenshot-2025-05-18-171541-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />भारत में घूमने वाले लोगों के शौकीनों की कमी नहीं है। गर्मियों में देशभर के लोग Hill Stations पर जाना पसंद करते हैं। हमारे यहां भारत में ऐसी कई जगहें हैं जहां जाकर आप सुकून के पल ब&#x200d;िता सकते हैं। वहीं कुछ ऐसी भी जगहें जो एडवेंचर के ल&#x200d;िए पूरी दुन&#x200d;िया में फेमस हैं। वैसे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="316" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/Screenshot-2025-05-18-171541-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/Screenshot-2025-05-18-171541.png 752w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/Screenshot-2025-05-18-171541-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>भारत में घूमने वाले लोगों के शौकीनों की कमी नहीं है। गर्मियों में देशभर के लोग Hill Stations पर जाना पसंद करते हैं। हमारे यहां भारत में ऐसी कई जगहें हैं जहां जाकर आप सुकून के पल ब&#x200d;िता सकते हैं। वहीं कुछ ऐसी भी जगहें जो एडवेंचर के ल&#x200d;िए पूरी दुन&#x200d;िया में फेमस हैं। वैसे तो ज्&#x200d;यादातर लोग श&#x200d;िमला, मनाली, नैनीताल, मसूरी या कूर्ग और ऊटी जाना पसंद करते हैं।</p>



<p>Hill Stations और अपनी खूबसूरती के ल&#x200d;िए उत्तराखंड और ह&#x200d;िमाचल प्रदेश की चर्चाएं तो पूरी दुनि&#x200d;या में होती है। लेक&#x200d;िन क्&#x200d;या आपने कभी सोचा है क&#x200d;ि भारत का पहला ह&#x200d;िल स्&#x200d;टेशन कौन-सा है? अगर आप सोचते हैं क&#x200d;ि श&#x200d;िमला या मनाली भारत का पहला ह&#x200d;िल स्&#x200d;टेशन है तो आप ब&#x200d;िल्&#x200d;कुल गलत है। जी हां, श&#x200d;िमला-मनाली या नैनीताल नहीं, बल्कि भारत का सबसे पहला Hill Station मसूरी है।</p>



<p><strong>उत्&#x200d;तराखंड की गोद में बसी है खूबसूरती</strong><br>इसका भी अपना पुराना इत&#x200d;िहास है। इसे क्&#x200d;वीन ऑफ ह&#x200d;िल्&#x200d;स यानी क&#x200d;ि पहाड़ों की रानी कहते हैं। ये उत्&#x200d;तराखंड की गोद में बसा बेहद खूबसूरत टूर&#x200d;िस्&#x200d;ट प्&#x200d;लेस है। यहां ऊंचे-ऊंचे पहाड़, हर&#x200d;ियाली और ठंडी हवाएं पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। गर्मियों में तो यहां जबरदस्&#x200d;त भीड़ लगती है। ऊंचाई पर बसे होने के कारण यहां गर्मियों में भी ठंड रहती है। लोग यहां आकर सुकून भरे पल ब&#x200d;िताते हैं। आज हम आपको मसूरी को ह&#x200d;िल स्&#x200d;टेशन का दर्जा देने की द&#x200d;िलचस्&#x200d;प कहानी बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं व&#x200d;िस्&#x200d;तार से-</p>



<p><strong>आजादी से पहले बना ये ह&#x200d;िल स्&#x200d;टेशन</strong><br>भारत में अंग्रेजों के कारण हिल स्&#x200d;टेशन बना है। दरअसल, आजादी से पहले जब गर्मियां अपने चरम पर होती थीं तो ये अंग्रेज अपने पूरे परिवार के साथ यहां आकर रुकते थे। इसके बाद उन्&#x200d;होंने सोचा क&#x200d;ि ये तो ब&#x200d;िजनेस करने का अच्&#x200d;छा ऑप्&#x200d;शन हो सकता है। उन्&#x200d;होंने पैसे कमाने के ल&#x200d;िए यहां छोटी-छोटी झोपड़ि&#x200d;यां बनवाईं जो अब र&#x200d;िजॉर्ट्स में तब्&#x200d;दील हो चुकी हैं। धीरे-धीरे यहां बाजार, चर्च, स्कूल बन गए। सड़कों का भी विकास हो गया। अब ये जगह एक मशहूर हिल स्टेशन बन गई।</p>



<p><strong>अंग्रेजों ने यहां लगवाया था सेब का पेड़</strong><br>ये भी कहा जाता है क&#x200d;ि यहां पर सबसे पहले अंग्रेजों ने ही सेब का पेड़ लगवाया था। अब यहां आपको देवदार के पेड़ ज्&#x200d;यादा देखने को मिलेंगे। आपको जानकर हैरानी होगी क&#x200d;ि मसूरी सबसे पहले झोपड़ी में ही बसा था। कुछ समय बाद अंग्रेजों ने बड़े-बड़े र&#x200d;िजॉर्ट्स बनवाए। आपको बता दें कि क्वीन ऑफ हिल्स की स्&#x200d;थापना 1823 में हुई थी। यानी क&#x200d;ि इसे बने पूरे 202 साल हो चुके हैं।</p>



<p><strong>कम पैसों में भी कर सकते हैं एंजॉय</strong><br>मसूरी ह&#x200d;िल स्&#x200d;टेशन समुद्र तल से 6758 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। मसूरी न केवल अपनी खूबसूरत वादियों के लिए बल्कि अपने ऐतिहासिक महत्व के ल&#x200d;िए भी जानी जाती है। मसूरी को इसल&#x200d;िए भी खास कहा जाता है क्&#x200d;योंक&#x200d;ि यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। और तो और, आप यहां कम पैसों में भी एंजॉय कर सकते हैं।</p>
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		<title> 20 हजार में भी पूरा कर सकते हैं विदेश घूमने का सपना, यादगार रहेगा पल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 Nov 2024 11:01:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="309" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/iuoip-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/iuoip.jpg 693w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/iuoip-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/iuoip-660x330.jpg 660w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />विदेश घूमने का सपना हर किसी का होता है। लेकिन अकसर लोग बजट न होने के कारण मन मार कर बैठ जाते हैं। खासकर भारत के लाेग जो ज्&#x200d;यादातर मिडिल क्&#x200d;लास से हैं। लेकिन क्&#x200d;या आपको मालूम है कि आप कुछ खास देशों में व&#x200d;िदेश घूमने का सपना कम बजट में भी पूरा कर सकते &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="309" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/iuoip-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/iuoip.jpg 693w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/iuoip-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/iuoip-660x330.jpg 660w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>विदेश घूमने का सपना हर किसी का होता है। लेकिन अकसर लोग बजट न होने के कारण मन मार कर बैठ जाते हैं। खासकर भारत के लाेग जो ज्&#x200d;यादातर मिडिल क्&#x200d;लास से हैं। लेकिन क्&#x200d;या आपको मालूम है कि आप कुछ खास देशों में व&#x200d;िदेश घूमने का सपना कम बजट में भी पूरा कर सकते हैं। जी हां। क्&#x200d;योंकि नई जगहों पर घूमना, वहां की संस्कृतियों को जानना, नए जायकों का स्&#x200d;वाद लेना, एक अलग ही अनुभव कराता है।</p>



<p><br>अगर आप साल 2025 में व&#x200d;िदेश घूमने की प्&#x200d;लानिंग कर रहे हैं वो भी कम बजट में तो ये लेख आपके काम की हो सकती है। हम आपको उन देशों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां आप कम बजट में यात्रा कर सकते हैं। इससे आपका व&#x200d;िदेश घूमने का सपना भी पूरा हो जाएगा। तो आइए उन द&#x200d;ेशों के बारे में विस्&#x200d;तार से जानते हैं-</p>



<p><br><strong>व&#x200d;ियतनाम<br></strong>कम बजट में विदेश की यात्रा करने वालों के लिए व&#x200d;ियतनाम स्&#x200d;वर्ग से कम नहीं है। क्&#x200d;योंकि भारत का एक रुपए लगभग 295 वियतनामी डोंग के बराबर होता है। जिस वजह से आप यहां पर सस्&#x200d;ते में यात्रा कर सकते हैं। भारत से 7 से 10 दिन की वियतनाम यात्रा करने पर प्रति व्यक्ति 60,000 से लेकर 1,20,000 रुपये तक की लागत आ सकती है। जो आपके खर्चों पर निर्भर करती है।</p>



<p><strong>इन जगहों को करें एक्&#x200d;सप्&#x200d;लोर<br></strong>हनोई<br>हो ची मिन्ह सिटी<br>सापा<br>फु क्वोक द्वीप<br>मेकांग डेल्टा</p>



<p><strong>इन जायकों का लें आनंद<br></strong>स्प्रिंग रोल<br>सैंडव&#x200d;िच<br>बन चा<br>सिजलिंग केक<br>सूप</p>



<p><strong>थाईलैंड<br></strong>इंड&#x200d;ियंस के लिए थाईलैंड बजट फ्रेंडली हो सकता है। यहां पर खूबसूरत Beaches, मंदिर, मस्&#x200d;ती से भरी नाइटलाइफ, खानपान भारतीय यात्रियों को खूब पसंद आता है। यहां पर एक व्यक्ति का एक हफ्ते का खर्च लगभग 35,000 से 50,000 रुपये के बीच हो सकता है। इसमें फ्लाइट, रहना, खाना पीना और घूमना-फिरना शामिल है।</p>



<p><strong>यहां घूमें<br></strong>बैंकॉक<br>पटाया<br>फुकेट<br>चियांग माई<br>क्राबी</p>



<p><strong>इन स्&#x200d;वाद को चखें<br></strong>खाओ सोई<br>थाई करी<br>पपाया सलाद<br>मांगो स्&#x200d;ट&#x200d;िकी राइस<br>मासमान करी</p>



<p><strong>नेपाल<br></strong>भारतीयों के लिए नेपाल सबसे बेस्&#x200d;ट ऑप्&#x200d;शन हो सकता है। यहां घूमने के लिए वीजा पासपोर्ट की जरूरत भी नहीं पड़ती है। सबसे खास बा&#x200d;त तो यह है क&#x200d;ि यहां पर इंड&#x200d;ियन करेंसी भी चलती है। हिमालय की खूबसूरत वादयिां, काठमांडू की प्राचीन धरोहरें, पोखरा की झीलें पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। नेपाल में आराम से 20 हजार से लेकर 50 हजार के बजट में सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों को घूमा जा सकता है।</p>



<p><strong>इन जगहों पर जरूर जाएं<br></strong>पोखरा<br>काठमांडू<br>नगरकोट<br>पशुपति नाथ मंदिर<br>लुंब&#x200d;िनी</p>



<p><strong>ट्राई करें ये ड&#x200d;िश<br></strong>नेवारी खाजा<br>गुंड्रुक<br>बारा<br>थुपका<br>धांडो थाली</p>



<p><strong>कंबोडिया<br></strong>अगर आप ऐतिहासिक धरोहरों को देखना पसंद करते हैं तो कंबोडिया आपके लिए बेस्&#x200d;ट है। यहां का अंकोर वाट मंदिर विश्व प्रसिद्ध है। कंबोडिया में रहना, खाना और घूमना भारत के मुकाबले काफी सस्ता है। यहां आप कम बजट में देश की सांस्कृतिक धरोहर और सुंदरता का आनंद ले सकते हैं। एक हफ्ते की बात करें तो प्रति व्&#x200d;यक्ति 35 से 50 हजार तक कार खर्च आ सकता है।</p>



<p><strong>कंबोड&#x200d;िया में घूमने लायक जगहें<br></strong>अंकोर वाट<br>फोनो पेन्&#x200d;ह<br>ताओल स्&#x200d;लेंग म्&#x200d;यूजियम<br>कम्&#x200d;पोट<br>बांस द्वीप</p>



<p><strong>यहां के मशहूर जायके<br></strong>कुय टेव<br>अमोक<br>सी फूड<br>चिकन<br>खमेर नूडल्स</p>



<p><strong>इंडोनेशिया<br></strong>अगर आप प्राकृति प्रेमी हैं तो बाली आपके लिए बेस्&#x200d;ट डेस्टिनेशन है। यहां आपको कम खर्च में शानदार रिसॉर्ट्स, बीच और प्राकृतिक स्थलों का मजा मिलेगा। यहां का खान-पान भी काफी हद तक सस्ता है। आप यहां एडवेंचर का भी आनंद ले सकते हैं। इंडोनेशिया में एक हफ्ते की यात्रा करने पर 40 से 60 हजार का खर्च आता है।</p>



<p><strong>इंडोनेशिया में कहां घूमें<br></strong>बाली<br>कोमोडो द्वीप<br>जकार्ता<br>योवजाकार्ता<br>लॉम्बोक</p>



<p><strong>इंडोनेशिया के मशहूर व्&#x200d;यंजन<br></strong>सी फूड<br>माई<br>अयम तंदूरी<br>कारी कम्बिंग<br>क्यू पुटु</p>
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