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	<title>पढ़िए पूरी खबर &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>पढ़िए पूरी खबर &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>UK में पारदर्शी व भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के लिए अब लोकायुक्त की नहीं है जरूरत, पढ़िए पूरी खबर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Jaya Kashyap]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Mar 2020 07:47:26 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[UK में पारदर्शी व भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के लिए अब लोकायुक्त की नहीं है जरूरत]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="513" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/03/REREREWR.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/03/REREREWR.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/03/REREREWR-300x249.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" /> प्रदेश में पारदर्शी व भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के लिए अब इस सरकार में शायद ही लोकायुक्त देखने को मिले। सरकार का लोकायुक्त के बिना भी ईमानदारी से सरकार चलाने का दावा इस ओर ही इशारा कर रहा है। दरअसल, सात साल से कई संशोधन के बाद प्रदेश में नया लोकायुक्त विधेयक विधानसभा की संपत्ति के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="513" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/03/REREREWR.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/03/REREREWR.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/03/REREREWR-300x249.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p><strong> </strong>प्रदेश में पारदर्शी व भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के लिए अब इस सरकार में शायद ही लोकायुक्त देखने को मिले। सरकार का लोकायुक्त के बिना भी ईमानदारी से सरकार चलाने का दावा इस ओर ही इशारा कर रहा है। दरअसल, सात साल से कई संशोधन के बाद प्रदेश में नया लोकायुक्त विधेयक विधानसभा की संपत्ति के रूप में बंद है। उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम वर्ष 2011 में पारित किया गया। इसे राष्ट्रपति से भी मंजूरी मिल गई थी। सत्ता बदली तो नई सरकार ने इसमें संशोधन किया, जिसमें 180 दिन में लोकायुक्त के गठन के प्रविधान को खत्म कर दिया गया। इससे सरकार लोकायुक्त की नियत अवधि में नियुक्ति की बाध्यता से मुक्त हो गई। भाजपा सरकार ने फिर इसमें संशोधन किया। विपक्ष की सहमति के बावजूद इसे प्रवर समिति को सौंप दिया गया। समिति रिपोर्ट दे चुकी है लेकिन इसके बावजूद अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं हो पाया है।<img decoding="async" class=" wp-image-333287 aligncenter" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/03/REREREWR-300x249.jpg" alt="" width="384" height="319" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/03/REREREWR-300x249.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/03/REREREWR.jpg 650w" sizes="(max-width: 384px) 100vw, 384px" /></p>
<p><strong>राष्ट्रीय खेलों का इंतजार</strong></p>
<p>छह साल पहले प्रदेश में जिन राष्ट्रीय खेलों के जरिये खिलाडिय़ों को एक अच्छा मंच मिलने की उम्मीद थी, उसका इंतजार और लंबा होता जा रहा है। कारण, वर्ष 2014 में यहां होने वाले राष्ट्रीय खेल साल दर साल खिसकने के बावजूद अभी तक नहीं हो पाए हैं। अब इन खेलों के वर्ष 2021 अथवा 2022 में होने की उम्मीद जताई जा रही है। दरअसल, इस वर्ष दिसंबर में राष्ट्रीय खेल गोवा में होने हैं। इसके बाद अगले वर्ष 37 वें राष्ट्रीय खेल छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित हैं। उत्तराखंड को वर्ष 2014 में 38वें राष्टीय खेलों की मेजबानी मिली थी। इस दौरान आकलन किया गया कि राष्ट्रीय खेल 2015 में केरल, 2016 में गोवा, 2017 में छत्तीसगढ़ और वर्ष 2018 में उत्तराखंड में आयोजित किए जाएंगे। वर्ष 2015 में केरल में तो राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हो गया लेकिन अभी तक अन्य कोई राज्य अपने यहां खेल नहीं करा पाया है।</p>
<p><strong>निजी विवि फीस एक्ट</strong></p>
<p>बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाकर अपने पैरों पर खड़ा करना हर मां-बाप का सपना होता है। इसके लिए वे क्षमता से अधिक खर्च करने तक को तैयार रहते हैं। बावजूद इसके आज भी उच्च शिक्षा के लिए अच्छे कॉलेज में बच्चे को प्रवेश दिलाना निम्न और मध्यम वर्ग के अभिभावकों के लिए चुनौती बना है। कारण, कॉलेजों की महंगी फीस। कई जगह तो फीस इतनी कि अभिभावक जीवनभर की पूंजी खर्च करने के बाद भी इन्हें पढ़ाई नहीं करवा पाते। सरकार ने अभिभावकों की इस पीड़ा को समझने का दावा किया। सभी निजी विश्वविद्यालयों के लिए फीस एक्ट बनाने की बात कही गई। कहा कि सरकार जो तय करेगी, वही फीस प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को लागू करनी होगी। अभिभावक खुश हुए, सरकार की सराहना की। उम्मीद जगी कि अब उनकी जेब पर जबरन बोझ नहीं पड़ेगा। अफसोस, सरकार की यह बात एक घोषणा तक ही सिमट कर रह गई।</p>
<div class="relativeNews"></div>
<p><strong>कृत्रिम बारिश अभी नहीं</strong></p>
<p>उत्तराखंड में फायर सीजन के दौरान धू-धू कर जलते जंगलों को बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने दो साल पहले क्लाउड सीडिंग (कृत्रिम बारिश) तकनीक के उपयोग का निर्णय लिया। बाकायदा दुबई की एक कंपनी से बात हुई लेकिन यह आगे नहीं बढ़ पाई। दरअसल, 71.05 फीसद वन भूभाग वाले उत्तराखंड में प्रतिवर्ष 15 फरवरी से मानसून के आगमन तक की अवधि (फायर सीजन) में जंगलों के धधकने से बड़े पैमाने पर वन संपदा तबाह होती रही है। आग के विकराल रूप धारण करने पर इसे काबू करने को विभाग के पास पुख्ता इंतजाम भी नहीं हैं। इसके लिए उसे आसमान की ओर ही ताकना पड़ता है। ऐसे में विभाग का ध्यान क्लाउड सीडिंग तकनीक की तरफ गया। सोचा, इसे अपनाने से जंगलों की आग बुझाने में तो मदद मिलेगी ही, सिंचाई में भी यह कारगर होगी। मौजूदा स्थिति में तो यह योजना आगे बढ़ती नजर नहीं आ रही है।</p>
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		<title>स्टेट जीएसटी की एसटीएफ ने देहरादून में कई जगहों पर की छापेमारी, पढ़िए पूरी खबर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Jaya Kashyap]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Jan 2020 05:42:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slide]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[पढ़िए पूरी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[स्टेट जीएसटी की एसटीएफ ने देहरादून में कई जगहों पर की छापेमारी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="362" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/trfghtyry.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/trfghtyry.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/trfghtyry-300x176.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />राज्य माल एवं सेवा कर विभाग (स्टेट जीएसटी) के राडार पर अब टूर एंड ट्रैवल्स और सिक्योरिटी सर्विसेज से जुड़े प्रतिष्ठान भी आ गए हैं। स्टेट जीएसटी की एसटीएफ ने दून में कई जगह छापेमारी की। जिसमें पता चला कि विभिन्न संस्थानों ने 10 करोड़ रुपये के कारोबार पर जीएसटी अदा नहीं किया है। एसटीएफ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="362" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/trfghtyry.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/trfghtyry.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/trfghtyry-300x176.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p>राज्य माल एवं सेवा कर विभाग (स्टेट जीएसटी) के राडार पर अब टूर एंड ट्रैवल्स और सिक्योरिटी सर्विसेज से जुड़े प्रतिष्ठान भी आ गए हैं। स्टेट जीएसटी की एसटीएफ ने दून में कई जगह छापेमारी की। जिसमें पता चला कि विभिन्न संस्थानों ने 10 करोड़ रुपये के कारोबार पर जीएसटी अदा नहीं किया है।<img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-15344" src="http://www.thepunch.in/wp-content/uploads/2020/01/trfghtyry.jpg" alt="" width="650" height="381" /></p>
<p>एसटीएफ ने संयुक्त आयुक्त अरुण कुमार के निर्देश और उपायुक्त यशपाल सिंह के नेतृत्व में रेसकोर्स, इंदिरानगर व सुभाष नगर में विभिन्न प्रतिष्ठानों पर छापा मारा। सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक चली कार्रवाई में अधिकारियों ने कारोबार से संबंधित तमाम दस्तावेज कब्जे में लिए। उपायुक्त यशपाल सिंह के मुताबिक अब तक की छानबीन में पता चला है कि कारोबारियों ने 10 करोड़ रुपये के कारोबार पर बन रहे एक करोड़ रुपये का कर अदा नहीं किया है। छापे के बाद कुछ कारोबारियों ने मौके पर ही साढ़े चार लाख रुपये जमा करा दिए। शेष राशि जल्द जमा कराने की बात कही गई है। छापा मारने वाले टीम में सहायक आयुक्त जयदीप रावत, वंदना नौटियाल, राज्य कर अधिकारी कबीर चौहान, पराक्रम प्रसाद, अंजू व सुनील रावत शामिल रहे।</p>
<p><strong>जीएसटी नंबर लिया और फिर निरस्त करा दिया</strong></p>
<p>स्टेट जीएसटी के उपायुक्त यशपाल सिंह ने बताया, जांच के दौरान यह बात सामने आई कि कई कारोबारियों ने पहले तो जीएसटी नंबर लिया और फिर कुछ समय बाद ही उसे निरस्त करा दिया। इसके बाद भी उस नंबर का फर्जी ढंग से प्रयोग कर कारोबार किया जा रहा है। इनके खिलाफ विधिक कार्रवाई भी अमल में लाई जा रही है। इसके अलावा कुछ कारोबारियों ने जीएसटी नंबर लिया ही नहीं है।</p>
<div class="relativeNews"></div>
<p><strong>निरस्त जीएसटी नंबर पर होगी गिरफ्तारी</strong></p>
<p>स्टेट जीएसटी अधिकारियों का कहना है कि निरस्त किए गए जीएसटी नंबर पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी भी की जा सकती है। इसके साथ ही उन्होंने अपील की है कि टीडीएस की कटौती करने वाले या सामान्य कारोबारी भुगतान करते समय जीएसटी की वैधता अवश्य जांच लें। कई मोबाइल एप और सरकारी वेबसाइट के जरिये वैधता का आसानी से पता लगाया जा सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>जिला प्रशासन ने भागीरथी के किनारे आस्था पथ के निर्माण की बनाई योजना, पढ़िए पूरी खबर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Jaya Kashyap]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Jan 2020 10:06:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[जिला प्रशासन ने भागीरथी के किनारे आस्था पथ के निर्माण की बनाई योजना]]></category>
		<category><![CDATA[पढ़िए पूरी खबर]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="513" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/FRDVDF.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/FRDVDF.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/FRDVDF-300x249.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /> आपदा के बाद उत्तरकाशी में जब पुनर्निर्माण के कार्य हुए तो भागीरथी (गंगा) नदी के दोनों ओर उत्तरकाशी, ज्ञानसू और जोशियाड़ा क्षेत्र में काफी जगह खुलकर निकली। इस खुले स्थान का उपयोग करने के लिए जिला प्रशासन ने यहां &#8216;आस्था पथ&#8217; के निर्माण की योजना बनाई। लेकिन, स्वीकृति से पहले ही प्रस्तावित आस्था पथ को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="513" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/FRDVDF.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/FRDVDF.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/FRDVDF-300x249.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p><strong> </strong>आपदा के बाद उत्तरकाशी में जब पुनर्निर्माण के कार्य हुए तो भागीरथी (गंगा) नदी के दोनों ओर उत्तरकाशी, ज्ञानसू और जोशियाड़ा क्षेत्र में काफी जगह खुलकर निकली। इस खुले स्थान का उपयोग करने के लिए जिला प्रशासन ने यहां &#8216;आस्था पथ&#8217; के निर्माण की योजना बनाई। लेकिन, स्वीकृति से पहले ही प्रस्तावित आस्था पथ को अतिक्रमण ने अपनी जद में ले लिया है। होना तो यह चाहिए था कि इन अवैध निर्माणों को हटाने के लिए कदम उठाए जाते, लेकिन यहां तो खुद नगर पालिका ने ही अवैध निर्माण किया हुआ है।<img loading="lazy" decoding="async" class=" wp-image-309215 aligncenter" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/FRDVDF-300x249.jpg" alt="" width="505" height="419" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/FRDVDF-300x249.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/FRDVDF.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 505px) 100vw, 505px" /></p>
<p>वर्ष 2012 और 2013 की आपदा के दौरान उत्तरकाशी में भागीरथी की बाढ़ से नदी के दोनों ओर भारी कटाव हुआ था। तब शहर की सुरक्षा के लिए भागीरथी के दोनों ओर दीवार लगाई गई। इससे दोनों ओर काफी खुली जगह निकली, जिस पर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षित आस्था पथ निर्माण की योजना बनाई गई। इसके लिए शासन को करीब नौ करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया। जिसे स्वीकृति का इंतजार है।</p>
<p>प्रशासन की मंशा मणिकर्णिका घाट, जड़भरत घाट, केदार घाट, तिलोथ पुल, इंद्रावती घाट, जोशियाड़ा घाट, जोशियाड़ा मोटर पुल और बैराज के अलावा ज्ञानसू से तांबाखाणी और मणिकर्णिका घाट को एक पथ से जोड़ने की है। इससे यात्री गंगा कि निर्मलता और उत्तरकाशी की सुंदरता को निहार सकें। लेकिन, नदी के किनारे खाली पड़ी इस भूमि पर उत्तरकाशी शहर और जोशियाड़ा की ओर से तेजी से अतिक्रमण हो रहा है। नतीजा, योजना को धरातल मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="lazy aligncenter" src="https://www.jagranimages.com/images/newimg/articleimage/asthapath(1).jpg" alt="" width="650" height="480" /></p>
<p>जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि आस्था पथ निर्माण को अभी वित्तीय स्वीकृति नहीं मिली है। जहां तक जोशियाड़ा और उत्तरकाशी क्षेत्र में अतिक्रमण की बात है तो उसे ध्वस्त कराया जाएगा। ताकि यह महत्वाकांक्षी योजना धरातल पर उतर सके। अतिक्रमण रोकने के लिए पालिका को भी निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>गंगोत्री क्षेत्र के विधायक गोपाल रावत ने बताया कि आस्था पथ योजना उत्तरकाशी और गंगोत्री के लिए बनाई गई है। इसके तहत गंगोत्री के लिए पांच करोड़ और उत्तरकाशी के लिए नौ करोड़ की धनराशि मांगी गई है। वित्तीय स्वीकृति जल्द कराने के लिए मैं स्वयं मुख्यमंत्री से बात करूंगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>उत्&#x200d;तराखंड: अब स्कूल, कॉलेज, मेडिकल कॉलेज को ईएसआइसी में पंजीयन जरूरी, पढ़िए पूरी खबर</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e2%80%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%87/279413</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Hema Bisht]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 12 Oct 2019 09:26:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slide]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[उत्‍तराखंड: अब स्कूल]]></category>
		<category><![CDATA[कॉलेज]]></category>
		<category><![CDATA[पढ़िए पूरी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[मेडिकल कॉलेज को ईएसआइसी में पंजीयन जरूरी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="456" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/10/11_10_2019-esciss_19658172_95412324.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/10/11_10_2019-esciss_19658172_95412324.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/10/11_10_2019-esciss_19658172_95412324-300x222.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />प्रदेश के स्कूल, कॉलेज, मेडिकल कॉलेज कर्मचारी राज्य बीमा निगम में पंजीयन कराने से छूट नहीं पाएंगे। पंजीकरण नहीं कराने पर इनको राज्य सरकार अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं देगी। कर्मचारी राज्य बीमा निगम की क्षेत्रीय बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगी है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम की क्षेत्रीय बैठक शुक्रवार को हरिद्वार बाईपास स्थित &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="456" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/10/11_10_2019-esciss_19658172_95412324.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/10/11_10_2019-esciss_19658172_95412324.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/10/11_10_2019-esciss_19658172_95412324-300x222.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p><strong>प्रदेश के स्कूल, कॉलेज, मेडिकल कॉलेज कर्मचारी राज्य बीमा निगम में पंजीयन कराने से छूट नहीं पाएंगे। पंजीकरण नहीं कराने पर इनको राज्य सरकार अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं देगी। कर्मचारी राज्य बीमा निगम की क्षेत्रीय बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगी है।</strong></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class=" wp-image-279418 aligncenter" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/10/11_10_2019-esciss_19658172_95412324-300x222.jpg" alt="" width="693" height="513" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/10/11_10_2019-esciss_19658172_95412324-300x222.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/10/11_10_2019-esciss_19658172_95412324.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 693px) 100vw, 693px" /></p>
<p><strong>कर्मचारी राज्य बीमा निगम की क्षेत्रीय बैठक शुक्रवार को हरिद्वार बाईपास स्थित एक होटल में हुई। बैठक में श्रम मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि स्कूल, कॉलेज, मेडिकल कॉलेज में 10 से ज्यादा कर्मी काम करते हैं, लेकिन वे कभी भी ईएसआइसी में पंजीयन नहीं कराते हैं।</strong></p>
<p><strong> इससे स्कूल, कॉलेज में कार्यरत कर्मी ईएसआइसी सुविधा से वंचित रहते हैं। उन्होंने कहा कि अब हर स्कूल, कॉलेज, मेडिकल कॉलेज को ईएसआइसी में पंजीयन कराना जरूरी है। यदि कोई संस्थान नहीं कराता है तो स्कूल को राज्य सरकार से मिलने वाली अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा। </strong></p>
<p><strong>इतना ही इस प्रस्ताव को लेकर इनको मान्यता देने वाले उत्तराखंड बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड, आइसीएसई बोर्ड, एआइसीटीई, एमसीआइ के पास भी जाएंगे। इससे यदि पंजीयन नहीं कराते हैं तो इन्हें मान्यता नहीं मिलेगी। मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि प्रस्ताव मंजूर होने के साथ ही आज से ये नियम लागू होगा। चाहे एक साल हो या 100 साल पुराने स्कूल, कॉलेज सभी को ईएसआइसी में पंजीयन कराना होगा। इस प्रस्ताव पर बोर्ड ने भी मुहर लगा दी है।</strong></p>
<div class="relativeNews">
<div class="h3"><strong>आउटसोर्सिग वाली कंपनी का भी ईएसआइसी में पंजीयन जरूरी: श्रम मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि सरकारी विभागों या कहीं भी आउटसोर्स कर्मचारी देने वाली संस्थाओं को ईएसआइसी में पंजीयन कराना जरूरी होगा। निविदा की शर्तो में ही इसे अनिवार्य किया जाएगा। यदि कोई पंजीयन नहीं कराता है तो उसको निविदा में मान्य नहीं किया जाएगा।</strong></div>
</div>
<p><strong>अफसरों के विवाद पर मंच पर नहीं लाने की दी सलाह</strong></p>
<p><strong>क्षेत्रीय निदेशक मुहम्मद इरफान ने शासन स्तर पर अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने श्रम मंत्री हरक सिंह से मामले में कार्रवाई की मांग की। इस पर श्रम मंत्री रावत ने कहा कि शासन से भी ईएसआईसी के अधिकारियों की शिकायत मिली हैं इसको सार्वजनिक मंच पर उठाना सही नहीं है। जल्द ही दोनों को बुलाकर वार्ता की जाएगी।</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उत्तराखंड: देहरादून आने-जाने वाली 12 ट्रेनें रहेंगी रद्द, 13 से 22 अक्टूबर तक, पढ़िए पूरी खबर</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%a8-%e0%a4%86%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9c/279397</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Hema Bisht]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 12 Oct 2019 09:10:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slide]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[13 से 22 अक्टूबर तक]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड: देहरादून आने-जाने वाली 12 ट्रेनें रहेंगी रद्द]]></category>
		<category><![CDATA[पढ़िए पूरी खबर]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="296" height="150" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/10/17887a0b-031c-4c06-bf98-eac160f51705.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />हरिद्वार-लक्सर के बीच दोहरीकरण कार्य को दो बार स्थगित करने के बाद आखिरकार रेलवे मुख्यालय ने तीसरी बार में 13 से 22 अक्टूबर तक दोहरीकरण कार्य को स्वीकृति दे दी है। इस बीच देहरादून आना-जाना करने वाली 12 ट्रेनें रद रहेंगी, जबकि चार ट्रेन बीच रास्ते के स्टेशन तक आना-जाना करेंगी। तड़के व देर रात &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="296" height="150" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/10/17887a0b-031c-4c06-bf98-eac160f51705.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><strong>हरिद्वार-लक्सर के बीच दोहरीकरण कार्य को दो बार स्थगित करने के बाद आखिरकार रेलवे मुख्यालय ने तीसरी बार में 13 से 22 अक्टूबर तक दोहरीकरण कार्य को स्वीकृति दे दी है। इस बीच देहरादून आना-जाना करने वाली 12 ट्रेनें रद रहेंगी, जबकि चार ट्रेन बीच रास्ते के स्टेशन तक आना-जाना करेंगी। </strong></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class=" wp-image-279399 aligncenter" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/10/17887a0b-031c-4c06-bf98-eac160f51705.jpg" alt="" width="622" height="315" /></p>
<p><strong>तड़के व देर रात आना-जाना करने वाली चार ट्रेन देहरादून तक आती-जाती रहेंगी, लेकिन रेलवे बोर्ड ने देहरादून से आवाजाही करने वाले यात्रियों को अंतिम समय तक असमंजस की स्थिति में रखा। सही समय से अगर यात्रियों को ब्लॉक के बारे में सूचित किया जाता तो यात्री अपनी यात्रा के लिए विकल्प तैयार रखते। रेलवे द्वारा आनन-फानन में उठाए गए इस कदम से यात्री और रेल के बीच की भरोसे की डोर को जरूर ठेस पहुंची होगी।</strong></p>
<p><strong>हरिद्वार व लक्सर के बीच पांच स्टेशनों पर दोहरीकरण का कार्य होना है। जिसके लिए मुरादाबाद मंडल ने पहले नौ अक्टूबर, फिर 11 अक्टूबर और इसके बाद 13 अक्टूबर से हरिद्वार व लक्सर के बीच दोहरीकरण कार्य करने के लिए प्रस्ताव भेजा था, जिस पर रेलवे मुख्यालय ने 13 अक्टूबर से दोहरीकरण कार्य करने की स्वीकृति दे दी है।</strong></p>
<p><strong> जिसके चलते 13 से 22 अक्टूबर के बीच ट्रेन के माध्यम से देहरादून से आना-जाना करने वाले यात्रियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ेगी। हालांकि, समय रहते अगर ब्लाक की सूचना दी गई होती तो यात्रियों की परेशानी को जरूर कम किया जा सकता था, लेकिन रेलवे अधिकारियों द्वारा अंतिम समय तक यात्रियों को असमंजस में रखा गया।</strong></p>
<p><strong> अब देहरादून से गोरखपुर व मुजफ्फरपुर तक जाने वाले यात्रियों को नजीबाबाद से ट्रेन पकड़नी होगी, जबकि देहरादून से हावड़ा जाने वाले यात्रियों को बरेली से ट्रेन पकड़नी होगी। वहीं, देहरादून से मदुरैई जाने वाले यात्रियों को निजामुद्दीन से ट्रेन पकड़नी पड़ेगी।</strong></p>
<div class="relativeNews">
<figure><img loading="lazy" decoding="async" class=" wp-image-279398 aligncenter" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/10/railstorygraph-300x222.jpg" alt="" width="612" height="453" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/10/railstorygraph-300x222.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/10/railstorygraph.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 612px) 100vw, 612px" /></figure>
<div class="h3"></div>
</div>
<p><strong>देहरादून के स्टेशन निदेशक गणोश चंद ठाकुर ने बताया कि हरिद्वार-लक्सर के बीच दोहरीकरण कार्य को पूरा करने के लिए रेलवे मुख्यालय ने 13 से 22 अक्टूबर तक स्वीकृति दे दी है। जिसके चलते देहरादून से आना-जाना करने वाली 12 ट्रेनें रद रहेंगी। जिन यात्रियों ने रद होने वाली तिथियों पर टिकट बुक कराए हैं, उन्हें उसी माध्यम से रिफंड दिया जाएगा। जो ट्रेनें तड़के व देर रात आना-जाना करती हैं, वह देहरादून तक आती-जाती रहेंगी।</strong></p>
<div class="relativeNews">
<div class="h3"><strong>दून प्लेटफॉर्म का विस्तारीकरण नवंबर से : तरुण प्रकाश</strong></div>
</div>
<p><strong>डिविजनल रेलवे मैनेजर मुरादाबाद तरुण प्रकाश ने कहा कि देहरादून प्लेटफॉर्म विस्तारीकरण कार्य आगामी नवंबर में शुरू होगा, जिसको 90 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। स्कूल वैली ग्राउंड में पत्रकारों से वार्ता में डीआरएम तरुण प्रकाश ने कहा कि लक्सर-हरिद्वार डबल लेन बिछाने का कार्य किया जा रहा है जिसके दूसरे चरण में हरिद्वार-देहरादून डबल लेन का कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देहरादून रेलवे स्टेशन सौंदर्यीकरण कार्य एमडीडीए व रेलवे संयुक्त रूप से कर रहे हैं।</strong></p>
<div class="relativeNews">
<div class="h3"><strong>न्यू ऋषिकेश रेलवे स्टेशन निर्माण कार्य अंतिम चरणों में चल रहा है। कर्णप्रयाग तक निर्माण कार्य 2022 तक पूरा होने का अनुमान है। डीआरएम तरुण प्रकाश ने बताया कि त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।</strong></div>
<div></div>
<div class="h3"><strong> ओकग्रोव स्कूल की जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों के बारे में डीआरएम ने कहा कि इसकी विभागीय जांच करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि ओकग्रोव स्कूल उत्तर रेलवे का पुराना हेरिटेज स्कूल है जिसके ढांचागत विकास के प्रयास किए जा रहे हैं।</strong></div>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
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