पंजाब कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Sat, 01 Feb 2020 11:57:56 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg पंजाब कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 पंजाब कैबिनेट की बैठक में किए कई अहम फैसले 25 फरवरी को पेश किया जाएगा बजट https://livehalchal.com/%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%ac-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a5%88%e0%a4%a0%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-2/315170 Sat, 01 Feb 2020 11:57:56 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=315170 पंजाब कैबिनेट की बैठक मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह की अध्‍यक्षता में हुई। कैबिनेट ने फैसला किया कि राज्‍य विधानसभा का बजट सत्र 20 से 28 फरवरी तक होगा। विधानसभा में बजट 25 फरवरी को पेश किया जाएगा। इसके साथ ही बैठक में नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी गई। राज्‍य में इससे शराब महंगी …]]>

पंजाब कैबिनेट की बैठक मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह की अध्‍यक्षता में हुई। कैबिनेट ने फैसला किया कि राज्‍य विधानसभा का बजट सत्र 20 से 28 फरवरी तक होगा। विधानसभा में बजट 25 फरवरी को पेश किया जाएगा। इसके साथ ही बैठक में नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी गई। राज्‍य में इससे शराब महंगी हो जाएगी। इस नीति के तहत लाइसेंस फीसों में वृद्धि की गई है। साल 2020-21 की आबकारी नीति में तय तरीकों पर निर्धारित लाइसेंस फीस और अतिरिक्त निर्धारित लाइसेंस फीस जमा करवानी होगी।

पंजाब विधानसभा का बजट सत्र 20 से 28 फरवरी तक चलेगा

इस तरह विधानसभा बजट सत्र छह दिन का होगा। बजट सत्र 20 फरवरी को सुबह 11 बजे शुरू होगा। इस दौरान दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद दोपहर 12 बजे पंजाबी भाषा से संबंधित बिल पेश किया जाएगा। 21 को महाशिवरात्रि और 22-23 को शनिवार और रविवार होने के कारण अवकाश रहेगा।  इसके बाद 24 फरवरी को सुबह 11 बजे राज्यपाल के भाषण पर धन्यवाद और बहस का प्रस्ताव पेश किया जाएगा। दोपहर 2 बजे भाषण पर बहस फिर से शुरू होगी जो समाप्त होने तक जारी रहेगी।

वर्ष 2018-19 के लिए भारत के कैग की रिपोर्ट (सिविल, व्यापारिक) और वर्ष 2018-19 के लिए पंजाब सरकार के वित्तीय लेखे और वर्ष 2018-19 के लिए विनियोजन लेखे 25 फरवरी को सुबह 10 बजे सदन में रखे जाएंगे। इसी दिन वर्ष 2019-20 के लिए ग्रांटों के लिए अनुपूरक मांगों, वर्ष 2019-20 के लिए ग्रांटों के लिए विनियोजन बिल और वर्ष 2020-21 के लिए बजट अनुमान पेश किए जाएंगे। 26 फरवरी को सुबह 10 बजे वर्ष 2020-21 के लिए बजट अनुमानों पर आम बहस शुरू होगी।

27 फरवरी को सुबह 10 बजे गैर-सरकारी कामकाज होगा, जबकि 28 फरवरी को वर्ष 2020-21 के लिए बजट अनुमानों के संबंध में ग्रांटों के लिए मांगों पर बहस और वोटिंग, वर्ष 2020-21 के लिए बजट अनुमानों के संबंध में विनियोजन बिल और वैधानिक कामकाज होगा और इसी दिन सदन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया जाएगा।

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शराब 10 रुपये तक महंगी, ऑनलाइन बिक्री की तैयारी

कैबिनेट ने राज्‍य की नई आबकारी नी‍ति को मंजूरी दे दी। इसके तहत पंजाब में शराब और महंगी होने जा रही है। शराब के दाम प्रति बोतल पांच से 10 रुपये बढ़ेंगे। पंजाब सरकार शराब की ऑनलाइन बिक्री की संभावना भी तलाश रही है। इसे प्रयोग के रूप में मोहाली में शुरू करने का विचार है, लेकिन ऐसा तब होगा जब सभी लाइसेंसधारक ऑनलाइन बिक्री पर सहमत होंगे। अन्यथा यह प्रयोग नहीं होगा।

ऐसे मौजूदा लाइसेंसधारकों को साल 2020-21 के लिए नवीकरण की इजाजत दी जाएगी, जो कम-से-कम गारंटीशुदा राजस्व (एमजीआर) से 12 फीसद और ज्यादा आय हासिल करते हैं। साल 2019-20 में 5676 करोड़ के मुकाबले 6250 करोड़ राजस्व का लक्ष्य रखा गया है। चालू वित्त वर्ष में एक्साइज से 5676 करोड़ राजस्व पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले साल 5150 करोड़ रुपये था। नया लक्ष्य पिछले साल के मुकाबले 526 करोड़ ज्यादा है।

नहीं बढ़ेगी ग्रुपों की संख्या

नई नीति में ग्रुपों की संख्या पिछले साल वाली 756 ही रखी गई है। साल 2020-21 के दौरान परचून विक्रेताओं से एमजीआर का अनुमान लगभग 4850 करोड़ रुपये लगाया, जो साल 2019-20 के दौरान 4529.40 करोड़ रुपये था। साल 2020-21 के दौरान हर ग्रुप/जोन के एमजीआर को 2019-20 के मुकाबले आठ फीसद बढ़ाया गया है।

इसके अतिरिक्‍त नई आबकारी नीति पर भी चर्चा हुई। नई आबकारी नीति के तहत साल 2020-21 की आबकारी नीति में तय तरीकों पर निर्धारित लाइसेंस फीस और अतिरिक्त निर्धारित लाइसेंस फीस जमा करवानी होगी जो मिसाल के तौर पर 28 फरवरी, 2020 तक 10 लाख रुपये और बाकी रकम 23 मार्च, 2020 तक देनी होगी। नई नीति के अंतर्गत 2019-20 के दौरान 600 करोड़ रुपये की तय लाइसेंस फीस बढ़ाकर 625 करोड़ रुपए की गई है। जबकि 2019-20 के दौरान 120 करोड़ रुपये की अतिरिक्त तय लाइसेंस फीस को भी बढ़ाकर 385 करोड़ रुपये किया जाना है।

परचून में आबकारी ड्यूटी में वृद्धि की जाएगी जो पीएमएल के लिए 5 रुपये, आईएमएफएल के लिए चार रुपये और बीयर के लिए दो रुपये है। थोक पड़ाव पर पीएमएल पर आबकारी ड्यूटी की दरों में कोई वृद्धि नहीं हुई है। आईएमएफएल के मामलों में लगभग पांच प्रतिशत की वृद्धि है और बीयर के मामलों में स्ट्रांग बीयर के लिए 62 रुपये प्रति बोतल से बढ़ाकर 68 रुपये की गई है।

नई नीति के अनुसार पीएमएल के निर्धारित कोटे की एक्स-डिस्टिलरी कीमत (ईडीपी) को प्रति केस 271.11 रुपये निर्धारित किया गया है। अब परचून लाइसेंसधारक को उसके पीएमएमएल, आईएमएफएल और बीयर के कोटे में 15 प्रतिशत तक के लेन-देन की इजाज़त होगी। इम्पोटिड (बी.आई.ओ.) शराब पर अदा किए गए वैट को अगले साल लाइसेंसों के नविकरणीय के लिए अतिरिक्त निर्धारित लाइसेंस फीस और अतिरिक्त 12 प्रतिशत राजस्व की ज़रूरत में एडजस्ट किया जायेगा। एल-2 बी लाइसेंस सिर्फ उसके क्षेत्र में परचून लाइसेंसधारकों को बीआईओ ब्रांडों की बिक्री के लिए जनरल स्टोरों के साथ हिस्सेदारी में जारी किया जाना है। जिसका जीएसटी टैक्सयोग्य टर्नओवर पिछले साल के दौरान एक करोड़ रुपये है।

परचून विक्रेताओं की संख्या पिछले साल की तरह 5835 ही बरकरार रखी गई है। आईएमएफएल पर बौटलिंग फीस एक रुपये प्रति थोक लीटर से बढ़ाकर एक रुपए प्रति बीएल कर दी गई है। लाइसेंसधारक साल 2019-20 का ना बिका हुआ कोटा अगले साल 2020-21 के लिए मामूली ट्रांसफर फीस पर लिया जा सकता है। जिसके अंतर्गत पीएमएल के लिए प्रति पीएल ट्रांसफर फीस 25 रुपये, आईएमएफएल के लिए प्रति पीएल 40 रुपये,   विदेशी शराब के लिए 45 रुपये प्रति पीएल और इपोटिड फीस के लिए 12 रुपये प्रति बीएल और बीयर के लिए 10 रुपये प्रति बीएल फीस शामिल है।

नई नीति के अंतर्गत मैरिज पैलेसों के शराब की अनाधिकृत उपभोग के लिए पैलेस वाले ही जिम्मेदार होंगे। पहले जुर्म पर 25,000 रुपये, दूसरे पर 50,000 रुपये और तीसरे जुर्म पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। विशेष लाइसेंस फीस के रूप में 2019-20 के उपबंधों के अनुसार गाय सैस वसूला जाना है। शराब बारों के लिए जाने वाली तिमाही मूल्यांकन फीस में मामूली वृद्धि की गई है।

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पंजाब कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले, हजारों शिक्षकों को किया नियमित https://livehalchal.com/%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%ac-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a5%88%e0%a4%a0%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/213025 Thu, 07 Mar 2019 11:02:02 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=213025 कैप्‍टन अमरिंदर सिंह सरकार ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बड़ा फैसला किया है। बुधवार को कैबिनेट की बैठक में बड़े फैसले किए। सरकार ने कर्मचारियों को साधने के लिए अहम फैसले किए हैं। कैबिनेट ने 5178 शिक्षकों को पूर्ण वेतनमान के साथ उनकी सेवाओं को नियमित कर दिया है। इसके साथ ही नर्सों को भी …]]>

कैप्‍टन अमरिंदर सिंह सरकार ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बड़ा फैसला किया है। बुधवार को कैबिनेट की बैठक में बड़े फैसले किए। सरकार ने कर्मचारियों को साधने के लिए अहम फैसले किए हैं। कैबिनेट ने 5178 शिक्षकों को पूर्ण वेतनमान के साथ उनकी सेवाओं को नियमित कर दिया है। इसके साथ ही नर्सों को भी नियमित करने का भी फैसला किया है।

कैबिनेट ने पिछले दिनों हड़ताल कर सरकार के लिए परेशानी खड़ी करने वाली नर्सों को नियमित करने का बड़ा फैसला किया। बुधवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में 650 नर्सों की सेवाएं नियमित करने का फैसला लिया गया। लेकिन, ये नर्सें तीन साल के प्रोवेशन में रहेंगी। इस दौरान उन्हें सरकार के नियम अनुसार बेसिक तनख्वाह ही मिलेगी।

मंत्रिमंडल ने शिक्षा विभाग द्वारा भर्ती किए गए 5178 शिक्षकों की सेवा नियमित करने को मंजूरी दी। इसमें 1 अक्टूबर 2019 ले पूर्ण वेतनमान मिलेगा। इन शिक्षकों का प्रोवेशन पीरियड भी कैबिनेट ने एक साल कम कर दिया है। नियमानुसार इन शिक्षकों का प्रोवेशन पीरियड 30 सितंबर 2020 में पूरा होना था। इन शिक्षकों को वर्तमान में 7500  रुपये प्रति माह का भुगतान किया जाता है। अब उनका न्यूनतम ग्रेड पे 15,300  प्रतिमाह तय किया जाएगा, जब तक कि उन्हें पूर्ण वेतन नहीं दिया जाता।

5178 श्रेणी के शिक्षकों में से 5078 को मास्टर कैडर में और 100 को विभागीय और वर्नाक्यूलर शिक्षकों के रूप में 2014, 2015 और 2016 में भर्ती किया गया था। मंत्रिमंडल ने यह भी निर्णय किया कि 2014, 2015 और 2016 के दौरान भर्ती किए गए उन शिक्षकों की सेवाओं को उनके दो साल के प्रोबेशन समय पूरा होने पर नियमित किया जाएगा। कैबिनेट ने परिवीक्षा अवधि को तीन साल से घटाकर दो साल कर दिया है। इसके अलावा, शिक्षकों को उनकी परिवीक्षा अवधि पूरी होने की तारीख से वरिष्ठता सौंपी जाएगी।

ईंट-भट्ठा मालिकों को राहत, जिगजैग तकनीक से अपग्रेड करने के लिए 30 सितंबर तक मिला समय

पंजाब सरकार ने ईंट भट्ठों से होने वाली प्रदूषण को रोकने के लिए भट्ठा मालिकों को 30 सितंबर तक अपने भट्ठों को जिगजैग टेक्नोलाजी में बदलने के लिए मोहलत दे दी है। यह तकनीक पंजाब स्टेट काउंसिल और साइंस एंड टेक्नोलाजी की ओर से तैयार की गई है। यह फैसला आज केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों पर शहरों में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लिया गया है। बता दें कि कि सरकार ने 31 मार्च तक भट्ठों के चलाने पर रोक लगा रखी थी।

पशु चिकित्‍सा फार्मासिस्‍टों व सफाई सेवकों का मानदेय बढाया

कैबिनेट ने पशुपालकों को उनके पशुओं के लिए बेहतर चिकित्‍या सेवाएं प्रदान करने के लिए ग्रामीण विकास विभाग के सेवा प्रदाताओं (पशु चिकित्सा फार्मासिस्ट) और सफाई सेवकों का वेतन बढ़ाने का फैसला किया। कैबिनेट ने सेवा प्रदाताओं का वेतन आठ हजार रुपये से बढ़ाकर नौ हजार रुपये प्रति माह कर दिया है। सफाई सेवकों काे मिलने वाली राशि को चार हजार रुपये से बढ़कार 4500 रुपये प्रतिमाह हो गया है।  यह जुलाई से लागू होगा। 

पंजाब कैबिनेट के प्रमुख निर्णय

– 5178 शिक्षकों को नियमित किया जाएगा। प्राेबेशन पीरियड भी तीन साल से घटाकर दो साल किया।

– 650 नर्सों की सेवाएं नियमित करने का फैसला। इनका तीन साल का प्रोबेशन पीरियड होगा। उनको बेसिक सैलरी ही मिलेगी।

– ईंट-भट्ठा मालिकों को मिली बड़ी राहत। इ्रंट भट्ठों को जिगजैग तकनीक से अपग्रेड करने के लिए सरकार ने बढ़ाया समय। अब 30 सितंबर तक समय मिला।

– कैबिनेट में राज्‍य के पशुपालन विभाग में कार्यरत पशु चिकित्‍सा फार्मासिस्‍टों व सफाई सेवकों का मानदेय बढ़ाने का भी फैसला किया। अब इनके 9000 रुपये और 4500 रुपये प्रति माह मिलेंगे।

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