<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>नेताजी सुभाष चंद्र बोस &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/tag/%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B7-%E0%A4%9A%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A5%8B%E0%A4%B8/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Tue, 23 Jan 2024 11:36:53 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>नेताजी सुभाष चंद्र बोस &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>सीएम योगी बोले- भारत के शौर्य व पराक्रम के प्रतीक हैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a5%8c%e0%a4%b0/538399</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jan 2024 11:00:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[नेताजी सुभाष चंद्र बोस]]></category>
		<category><![CDATA[सीएम योगी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=538399</guid>

					<description><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने युवाओं में ऊर्जा भरी। भारत की आजादी के आंदोलन के दौरान उन्होंने युवाओं को विदेशी हुकूमत के खिलाफ एकजुट करके लड़ने की नई प्रेरणा दी थी। न केवल भारत, बल्कि बाहर भी हमें देश की आजादी की लड़ाई को कैसे आगे ले जाना है, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने युवाओं में ऊर्जा भरी। भारत की आजादी के आंदोलन के दौरान उन्होंने युवाओं को विदेशी हुकूमत के खिलाफ एकजुट करके लड़ने की नई प्रेरणा दी थी। न केवल भारत, बल्कि बाहर भी हमें देश की आजादी की लड़ाई को कैसे आगे ले जाना है, नेताजी ने उस समय इसकी गजब रणनीति तैयार की थी। आज उसी का परिणाम है कि जब हम भारत के बाहर जाते हैं तो बहुत सारी जगहों पर हमें नेताजी से जुड़े स्थल भी देखने को मिलते हैं। नेताजी भारत के शौर्य व पराक्रम के प्रतीक रहे हैं। नेताजी ने युवाओं का आह्वान करते हुए देश की आजादी की लड़ाई को प्रखरता के साथ बढ़ाने का कार्य किया। सीएम योगी ने यह बातें मंगलवार को नेताजी सुभाष चंद बोस की जयंती पर कहीं। उन्होंने परिवर्तन चौक स्थित नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। </p>



<p><strong>नेताजी के दिए मंत्र की बदौलत सर्वस्व न्योछावर करने को तैयार थे युवा </strong><br>सीएम ने कहा कि नेताजी ने आजाद हिंद फौज का गठन किया। उन्होंने नौजवानों का आह्वान किया- तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। देश की आजादी के इस मंत्र की बदौलत लाखों युवा सर्वस्व न्योछावर करने को तैयार हो गए। युवा व हर भारतवासी आजाद हिंद फौज के नेतृत्व में लड़ी जाने वाली लड़ाई का हिस्सा बना। नेताजी ने न केवल भारत, बल्कि म्यांमार,  सिंगापुर समेत दुनिया के अनेक देशों में इस लड़ाई को प्रखरता के साथ बढ़ाने का कार्य भी किया। यही कारण है कि हर भारतवासी नेताजी के प्रति श्रद्धा व सम्मान का भाव रखता है। </p>



<p><strong>वर्ल्ड पावर के रूप में स्थापित हो रहा भारत</strong><br>सीएम ने कहा कि सौभाग्य है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पावन जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में आयोजित करने और साप्ताहिक आयोजन को इससे जोड़ने का कार्यक्रम बनाया है। नेताजी भारत के शौर्य व पराक्रम के प्रतीक रहे हैं। उन्होंने युवाओं को भारत के पराक्रम से जोड़ने का कार्य किया है। आज जब 127वीं पावन जयंती पर उन्हें स्मरण कर रहे हैं तो आंतरिक व बाहरी सुरक्षा की रणनीति क्या होनी चाहिए, इन स्थितियों में अब हमारे सामने सक्षम भारत है। पूरी दुनिया नए भारत को देख रही है। भारत वर्ल्ड पावर के रूप में स्थापित हो रहा है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत की वर्तमान स्थिति को पराक्रमी भारत के माध्यम से बढ़ने के प्रेरणास्रोत हैं।</p>



<p><strong>कर्तव्यों का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन ही नेताजी का सम्मान&nbsp;</strong><br>सीएम ने प्रदेश के युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि मातृभूमि के लिए जो भी कर पाएंगे, वह कम होगा। आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है कि हर व्यक्ति कर्तव्यों का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करे। यही नेताजी के प्रति सच्ची श्रद्धा व सम्मान होगा। कर्तव्यों के प्रति हमें आग्रही होना पड़ेगा, तभी पराक्रमी भारत को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत के रूप में स्थापित कर पाएंगे। सीएम ने विश्वास जताया कि हमारे युवा नेता जी के आदर्शों का अनुसरण करेंगे।&nbsp;इस अवसर पर महापौर सुषमा खर्कवाल, प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह, मोहसिन रजा, एमएलसी इंजी. अवनीश सिंह, बुक्कल नवाब, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम आदि मौजूद रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 127वीं जयंती पर राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति और पीएम मोदी ने किया याद</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7-%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%80-127/538237</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jan 2024 05:50:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[नेताजी सुभाष चंद्र बोस]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=538237</guid>

					<description><![CDATA[नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 127वीं जयंती पर आज देश उन्हें नमन कर रहा है। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताजी को सदैव याद रखेंगे- राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नेताजी को याद करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 127वीं जयंती पर आज देश उन्हें नमन कर रहा है। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>



<h2 class="wp-block-heading">नेताजी को सदैव याद रखेंगे- राष्ट्रपति</h2>



<p>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नेताजी को याद करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया।</p>



<p>उन्होंने लिखा- &#8216;मैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। नेताजी ने भारत की स्वतंत्रता के लिए असाधारण प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। उनके अद्वितीय साहस और करिश्मे ने भारतीयों को औपनिवेशिक शासन के खिलाफ निडरता से लड़ने के लिए प्रेरित किया। उनके शक्तिशाली व्यक्तित्व का हमारे स्वतंत्रता संग्राम पर गहरा प्रभाव पड़ा। हमारे देशवासी नेताजी को कृतज्ञतापूर्वक सदैव याद रखेंगे।&#8217;</p>



<h2 class="wp-block-heading">उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किया नेताजी को याद</h2>



<p>उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद किया। उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्रता के प्रति उनकी अदम्य भावना और अटूट प्रतिबद्धता हम सभी को प्रेरित करती रहती है। आजादी के लिए नेताजी का आह्वान &#8216;मुझे खून दो और मैं तुम्हें आजादी दूंगा&#8217; जैसे शक्तिशाली शब्दों में समाहित है, जो इतिहास में आजादी के लिए एक रैली के रूप में गूंजता है। यह दिन भारत को सर्वोपरि रखने और एकजुट, समृद्ध और स्वतंत्र भारत की दिशा में अथक प्रयास करने की याद दिलाता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">नेताजी के जीवन और साहस का करते हैं सम्मान- पीएम मोदी</h2>



<p>पीएम मोदी ने पराक्रम दिवस पर भारत के लोगों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज उनकी जयंती पर हम नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन और साहस का सम्मान करते हैं। हमारे देश की स्वतंत्रता के प्रति उनका अटूट समर्पण निरंतर प्रेरित करता रहता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पराक्रम दिवस के रूप में मनाई जाती है जयंती</h2>



<p>बता दें कि 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 में ओडिशा के कटक में बंगाली परिवार में हुआ था।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नेताजी सुभाष चंद्र बोस, गरीबी को, अशिक्षा को, बीमारी को, देश की सबसे बड़ी समस्याओं में गिनते थे : PM मोदी</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7-%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b8-%e0%a4%97%e0%a4%b0/414182</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 23 Jan 2021 12:35:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[अशिक्षा को]]></category>
		<category><![CDATA[गरीबी को]]></category>
		<category><![CDATA[देश की सबसे बड़ी समस्याओं में गिनते थे : PM मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[नेताजी सुभाष चंद्र बोस]]></category>
		<category><![CDATA[बीमारी को]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.livehalchal.com/?p=414182</guid>

					<description><![CDATA[पीएम मोदी ने कहा, आज हर भारतीय अपने दिल पर हाथ रखे, नेताजी सुभाष को महसूस करे, तो उसे फिर ये सवाल सुनाई देगा। क्या मेरा एक काम कर सकते हो? ये काम, ये काज, ये लक्ष्य आज भारत को आत्मनिर्भर बनाने का है। देश का जन-जन, देश का हर क्षेत्र, देश का हर व्यक्ति &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पीएम मोदी ने कहा, आज हर भारतीय अपने दिल पर हाथ रखे, नेताजी सुभाष को महसूस करे, तो उसे फिर ये सवाल सुनाई देगा। क्या मेरा एक काम कर सकते हो? ये काम, ये काज, ये लक्ष्य आज भारत को आत्मनिर्भर बनाने का है। देश का जन-जन, देश का हर क्षेत्र, देश का हर व्यक्ति इससे जुड़ा है। </p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/01/212301053754.jpg" alt="" class="wp-image-414187" width="682" height="375"/></figure>



<p>&#8211; पीएम मोदी ने कहा, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, गरीबी को, अशिक्षा को, बीमारी को, देश की सबसे बड़ी समस्याओं में गिनते थे। हमारी सबसे बड़ी समस्या गरीबी, अशिक्षा, बीमारी और वैज्ञानिक उत्पादन की कमी है। इन समस्याओं के समाधान के लिए समाज को मिलकर जुटना होगा, मिलकर प्रयास करना होगा। </p>



<p>पीएम मोदी ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि 2018 में हमने अंडमान के द्वीप का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप रखा। देश की भावना को समझते हुए, नेताजी से जुड़ी फाइलें भी हमारी ही सरकार ने सार्वजनिक कीं। ये हमारी ही सरकार का सौभाग्य रहा जो 26 जनवरी की परेड के दौरान INA Veterans परेड में शामिल हुए।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नेताजी सुभाष चंद्र बोस नहीं थे, फैजाबाद के &#8216;गुमनामी बाबा&#8217;, पढ़े पूरी खबर</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7-%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b8-%e0%a4%a8%e0%a4%b9/177416</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[somali sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Oct 2018 06:34:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slide]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA["गुमनामी बाबा"]]></category>
		<category><![CDATA[आजाद हिन्द फ़ौज]]></category>
		<category><![CDATA[नेताजी सुभाष चंद्र बोस]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.livehalchal.com/?p=177416</guid>

					<description><![CDATA[आजाद हिन्द फ़ौज की 75वीं वर्षगांठ पर दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से तिरंगा फहरा कर नई परंपरा शुरू की तो हिल्सक्वीन शिमला को भी नेताजी सुभाष चंद बोस याद आ गए। यहीं इस रहस्य से पर्दा उठा था कि फैजाबाद के &#8220;गुमनामी बाबा&#8221; नेताजी नहीं हैं। शिमला स्थित प्रयोगशाला में पूर्व &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div id="ls-row-2" class="ls-row container">
<div id="ls-gen79682142-ls-fxr" class="ls-fxr">
<div id="ls-row-2-area-1" class="ls-area">
<div id="ls-gen79682143-ls-area-body" class="ls-area-body">
<div id="w1450676573107" class="ls-cmp-wrap">
<div id="1450676573107" class="iw_component">
<div id="topHeading">
<p><strong>आजाद हिन्द फ़ौज की 75वीं वर्षगांठ पर दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से तिरंगा फहरा कर नई परंपरा शुरू की तो हिल्सक्वीन शिमला को भी नेताजी सुभाष चंद बोस याद आ गए। यहीं इस रहस्य से पर्दा उठा था कि फैजाबाद के &#8220;गुमनामी बाबा&#8221; नेताजी नहीं हैं। शिमला स्थित प्रयोगशाला में पूर्व एनडीए सरकार के कार्यकाल में नेताजी की मौत के रहस्य से जुड़े संदेहास्पद दस्तावेजों की जांच हुई थी।<img decoding="async" class="aligncenter  wp-image-177439" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/10/netaji_22_10_2018.jpg" alt="" width="607" height="455" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/10/netaji_22_10_2018.jpg 435w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/10/netaji_22_10_2018-300x225.jpg 300w" sizes="(max-width: 607px) 100vw, 607px" /></strong></p>
<p><strong>सरकारी परीक्षक प्रश्नास्पद प्रलेख (जीइक्यूडी ) के नाम से यह प्रयोगशाला पूरे विश्र्व में विख्यात रही है। यहां देश की प्रमुख हस्तियों के मूल दस्तावेजों की भी जांच पड़ताल की गई। राजीव गांधी पर जब राजघाट पर हमला हुआ तो हमलावर कर्मजीत सिंह से जुड़े दस्तावेजों को भी परखने के लिए यहीं लाया गया था। उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में गुमनामी बाबा की लिखावट का मामला उछला तो इसे परीक्षण के लिए शिमला भेजा गया था। करीब 16 साल पूर्व बाबा के लिखे गए पत्रों की जांचा गया। मुखर्जी आयोग ने इसे सौंपा था।</strong></p>
<p><strong>कौन थे बाबा</strong></p>
<p><strong>फैजाबाद में एक गुमनाम बाबा रहते थे। उनकी शक्ल नेताजी से मिलती थी। दिसंबर, 1985 में उनकी मौत हो गई थी। लोगों के आग्रह पर केंद्र ने इनके लिखे पत्रों की जांच कराई। शिमला स्थित प्रयोगशाला में इसके लिए सुभाष चंद बोस के कोलकाता संग्रहालय में मौजूद मूल पत्रों, डायरियों की लिखावट से मिलान कराया, लेकिन दोनों में अंतर पाया गया।</strong></p>
<p><strong>हवाला कांड, हर्षद मेहता मामले का भी परीक्षण</strong></p>
<p><strong>हवाला कांड के जैन बंधुओं की डायरियों की प्रमाणिकता, हर्षद मेहता की लिखावट यहीं पर जांची गई। आतंकवाद से जुड़े दस्तावेजों, देश में हुए बड़े घोटालों, जालसाजों के सैकड़ों मामलों का वैज्ञानिक आधार पर परीक्षण हुआ।</strong></p>
<p><strong>अब सीएफएल के अधीन</strong></p>
<p><strong>एक वक्त यह लैब आईबी के अधीन रही। फिर पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के मातहत रही, लेकिन पूर्व यूपीए सरकार ने शिमला की इस मशहूर प्रयोगशाला को चंडीगढ़ स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक प्रयोगशाला के अधीन कर दिया। यह सीबीआइ के सफेदपोश अपराधों से संबंधित जटिल मामलों को सुलझाने में अहम योगदान निभा रही है</strong></p>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="ls-row-clr"></div>
</div>
</div>
<div id="ls-row-3" class="ls-row container">
<div id="ls-gen79682144-ls-fxr" class="ls-fxr">
<div id="ls-row-3-area-1" class="ls-area socialLeft fl">
<div class="theiaStickySidebar">
<div id="ls-gen79682145-ls-area-body" class="ls-area-body">
<div id="w1451382309478" class="ls-cmp-wrap ls-1st">
<div id="1451382309478" class="iw_component"></div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 

Served from: livehalchal.com @ 2026-04-23 03:57:25 by W3 Total Cache
-->