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	<title>नीलम किसे पहनना चाहिए और किसे नहीं &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>नीलम किसे पहनना चाहिए और किसे नहीं, जानिए</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Alpana Vaish]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Feb 2021 06:16:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[जानिए]]></category>
		<category><![CDATA[नीलम किसे पहनना चाहिए और किसे नहीं]]></category>
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					<description><![CDATA[शनि के लिए अक्सर&#160;नीलम&#160;रत्न को पहने की सलाह दी जाती है, परंतु नीलम पहनने से पूर्व यह जान लेना चाहिए कि यह रत्न किसे पहनना चाहिए और किसे नहीं क्योंकि इसे पहनने से नुकसान भी हो सकते हैं। नीलम की ही तरह एक रत्न है लाजवर्त, कुछ लोग इसे नीलम समझकर पहनने हैं। नीलम के &#8230;]]></description>
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<p>शनि के लिए अक्सर&nbsp;नीलम&nbsp;रत्न को पहने की सलाह दी जाती है, परंतु नीलम पहनने से पूर्व यह जान लेना चाहिए कि यह रत्न किसे पहनना चाहिए और किसे नहीं क्योंकि इसे पहनने से नुकसान भी हो सकते हैं। नीलम की ही तरह एक रत्न है लाजवर्त, कुछ लोग इसे नीलम समझकर पहनने हैं। नीलम के दो उपरत्न है, लीलिया और जमुनिया। नीलम के संबंध में संक्षिप्त जानकारी।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="835" height="547" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/02/dsfcdsfd.jpg" alt="" class="wp-image-418226" /></figure>



<p><strong>सावधानी :</strong>&nbsp;नीलम आसमान पर उठाता है और खाक में मिला भी देता है। इसीलिए कुंडली की जांच करने के बाद नीलम पहनें। यह व्यक्ति में दूरदृष्टि, कार्यकुशलता और ज्ञान को बढ़ाता है। यह बहुत जल्दी से व्यक्ति को प्रसिद्ध कर देता है। लेकिन यदि नीलम सूट नहीं हो रहा है तो इसके शुरुआती लक्षणों में अकारण ही हाथ-पैरों में जबर्दस्त दर्द रहने लगेगा, बुद्धि विपरीत हो जाएगी, धीरे-धीरे संघर्ष बढ़ने लगेगा और व्यक्ति जिंदगी में खुद के ही बुने हुए जाल में उलझ मरेगा।</p>



<p><strong>किससे&nbsp;ज्योतिष&nbsp;की सलाह से पहनना चाहिए नीलम?</strong><br></p>



<p>1. शनि की राशि कुंभ और मकर राशि वालों के लिए नीलम पहनने की सलाह दी जाती है।<br>2. मकर एवं कुंभ लग्न के व्यक्ति भी नीलम पहन सकते हैं।<br>3. जिनकी कुंडली में शनि कमजोर, वक्री एवं अस्त है और शुभ भाव में बैठे हैं अथवा शुभ भावों के स्वामी हैं, तो नीलम पहनन सकते हैं।</p>



<p>4. शनि 4थे, 5वें, 10वें या 11वें भाव में हो तो ऐसे जातक को ज्योतिष की सलाह पर नीलम पहनना चाहिए।<br>5. शनि का जन्मांक में किसी अन्य शुभ ग्रहों अथवा शुभ भावेशों से प्रतियोग अथवा दृष्टि संबंध न हो तो ज्योतिष से पूछकर नीलम धारण करना चाहिए।<br>6. शनि षष्&#x200d;ठेश या अष्&#x200d;टमेश के साथ बैठा हो तो भी नीलम पहनना शुभ होता है। शनि अपने भाव से छठे या आठवें स्थान पर हो तो भी नीलम धारण कर सकते हैं।</p>



<p>7. शनि वक्री, अस्तगत या दुर्बल हो और शुभ भावों का प्रतिनिधित्व कर रहा हो तो नीलम धारण कर सकते हैं।<br>8. जब शनि की महादशा, अन्तर्दशा, साढ़ेसाती या ढैय्या की अवधि चल रही हो तो नीलम धारण कर सकते हैं।<br>9. जन्मांक में शनि, गुरू का नवपंचम योग है तथा शनि ग्रह का अन्य किसी ग्रह से प्रतियोग नहीं तब नीलम धारण करने पर विचार करना चाहिए।<br><strong>किसे नहीं पहना चाहिए नीलम</strong></p>



<p>1. लाल किताब के अनुसार शनि लग्न, पंचम या 11वें स्थान पर हो तो नीलम नहीं पहना चाहिए।<br>2. शनि ग्रह शुभ भावों का स्वामी हो तथा निर्बल स्थिति में हो, तब किसी विद्वान व्यक्ति की सलाह से नीलम रत्न पहनना चाहिए।<br>3. शनि ग्रह का सूर्य, चन्द्र, मंगल से युति अथवा दृष्टि संबंध होने पर व्यक्ति को नीलम धारण नहीं करना चाहिए।</p>
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