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	<title>निर्भया के चारों दोषियों को अलग-अलग फांसी देने का मामला पहुंचा SC&#8230; &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>निर्भया के चारों दोषियों में से एक विनय शर्मा ने तिहाड़ जेल में दीवार पर पटक दिया अपना सिर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Jaya Kashyap]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Feb 2020 11:31:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="513" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/REWESFDSFC.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/REWESFDSFC.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/REWESFDSFC-300x249.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />Nirbhaya Case:  निर्भया के चारों दोषियों में से एक विनय शर्मा ने तिहाड़ जेल में दीवार पर अपना सिर पटक दिया। जिससे उसे मामूली चोट आयी है। यह घटना 16 फरवरी को बताई जा रही है। जिसकी जानकारी अब सामने आयी है। बताया जा रहा है कि इसके पहले कि विनय जोर से अपना सिर पटकता, उसे मौके पर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="513" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/REWESFDSFC.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/REWESFDSFC.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/REWESFDSFC-300x249.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p><b>Nirbhaya Case:  </b>निर्भया के चारों दोषियों में से एक विनय शर्मा ने तिहाड़ जेल में दीवार पर अपना सिर पटक दिया। जिससे उसे मामूली चोट आयी है। यह घटना 16 फरवरी को बताई जा रही है। जिसकी जानकारी अब सामने आयी है। बताया जा रहा है कि इसके पहले कि विनय जोर से अपना सिर पटकता, उसे मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने काबू कर लिया। सिर पटकने से विनय के माथे पर कुछ चोटें आई हैं। जेल प्रशासन इसे मामूली चोट बता रहा है। इस घटना के बाद अन्य सेल में बंद निर्भया के दोषियों को लेकर जेल प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है।<img decoding="async" class="size-medium wp-image-322413 aligncenter" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/REWESFDSFC-300x249.jpg" alt="" width="300" height="249" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/REWESFDSFC-300x249.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/REWESFDSFC.jpg 650w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>जेल सूत्रों का कहना है कि तीसरी बार डेथ वारंट जारी होने के बाद निर्भया के दोषियों का व्यवहार आक्रामक हो गया है। पहले की तुलना में अब वे आक्रामक व्यवहार करने लगे हैं। उन्हें मामूली बात पर भी गुस्सा आ रहा है। उनका बोलचाल अब पहले की तुलना में काफी कम हो गया है। जेल अधिकारियों का कहना है कि उनके व्यवहार पर पूरी नजर रखी जा रही है। इस घटना के बाद अब अन्य दोषी भी खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करें, इसके लिए सीसीटीवी कैमरे से मिल रहे फुटेज पर एक कर्मचारी हमेशा नजर रख रहा है।</p>
<p><strong>रोजाना दोषियों के स्वास्थ्य की हो रही जांच </strong></p>
<p>सूत्रों का कहना है कि जेल प्रशासन अभी यह नहीं चाहता है कि डेथ वारंट जारी होने के बाद इन्हें अचानक ऐसा न लगे कि इनके साथ प्रशासन का व्यवहार एकदम बदल गया है। ऐसे में मौका मिलने पर अधिकारी इनसे समय-समय पर जाकर बातचीत करते हैं।</p>
<p>इनके आसपास के माहौल को सामान्य बनाकर रखने की कोशिश की जा रही है। तमाम कोशिशों के बीच दोषियों को सामान्य करने के लिए इनकी लगातार काउंसलिंग की जा रही है। दोषियों को समय-समय पर परिजनों से भी मिलने दिया जा रहा है। ऐसा करने का मकसद दोषियों को सामान्य रखना है। रोजाना दोषियों की स्वास्थ्य जांच भी की जा रही है। विनय के सेल में सिर पटकने की घटना के बाद अन्य दोषियों अक्षय, पवन व मुकेश पर जेलकर्मियों का विशेष ध्यान है। इनके सेल के ठीक सामने दो जेलकर्मी 24 घंटे तैनात रहते हैं।</p>
<p><strong>स्वास्थ्य क्यों हैं अहम</strong></p>
<p>बता दें कि निर्भया के चारों दोषियों के खिलाफ कोर्ट ने डेथ वारंट जारी किया है। तीन मार्च सुबह छह बजे फांसी दिया जाएगा। जेल मैनुअल के हिसाब से फांसी पर लटकाने से पहले दोषी का पूरी तरह स्वस्थ होना जरूरी है। दोषी को शारीरिक व मानसिक तौर पर पूरी तरह स्वस्थ रहना चाहिए, ताकि फांसी पर लटकाने से पहले की पूरी प्रक्रिया का वह सामना कर सके। यदि दोषी अस्वस्थ पाया जाएगा तो उसे फांसी पर नहीं लटकाया जा सकता। गौरतलब है कि फांसी पर लटकाने से कुछ मिनट पहले फांसी घर के सामने दोषी को उसके दोष की पूरी जानकारी और दी गई सजा के बारे में पढ़कर सुनाया जाता है, ताकि उसे उसके किए का पता चले।</p>
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		<title>निर्भया के चारों दोषियों को अलग-अलग फांसी देने का मामला पहुंचा SC&#8230;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Jaya Kashyap]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 06 Feb 2020 06:27:51 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="513" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/TFHNFGJHGFJ.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/TFHNFGJHGFJ.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/TFHNFGJHGFJ-300x249.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />निर्भया के चारों दोषियों को अलग-अलग फांसी देने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। गौरतलब है कि निर्भया के दोषियों की फांसी पर रोक के खिलाफ केंद्र सरकार द्वारा दायर याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने ठुकरा दिया। न्यायमूर्ति सुरेश कैट की पीठ ने निचली अदालत के फैसले &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="513" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/TFHNFGJHGFJ.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/TFHNFGJHGFJ.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/TFHNFGJHGFJ-300x249.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p>निर्भया के चारों दोषियों को अलग-अलग फांसी देने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस पर शुक्रवार को सुनवाई होगी।</p>
<p>गौरतलब है कि निर्भया के दोषियों की फांसी पर रोक के खिलाफ केंद्र सरकार द्वारा दायर याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने ठुकरा दिया। न्यायमूर्ति सुरेश कैट की पीठ ने निचली अदालत के फैसले को रद करने से इन्कार करते हुए कहा कि दोषियों को फांसी अलग-अलग देने के बजाय एक साथ ही दी जाएगी। पीठ ने सभी दोषियों को निर्देश दिया कि वे एक सप्ताह के अंदर सभी कानूनी उपाय पूरे करें। पीठ ने कहा कि इस समयावधि के बाद प्राधिकारी कानून के हिसाब से कार्रवाई कर सकते हैं।<img loading="lazy" decoding="async" class=" wp-image-317101 aligncenter" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/TFHNFGJHGFJ-300x249.jpg" alt="" width="410" height="340" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/TFHNFGJHGFJ-300x249.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/TFHNFGJHGFJ.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 410px) 100vw, 410px" /></p>
<p>पीठ ने कहा कि निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक यह मामला एक समान आदेश से तय हुआ है। ऐसे में पीठ इस विचार से सहमत है कि सभी दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट एक साथ जारी होना चाहिए, न कि अलग-अलग। पीठ ने कहा कि निचली अदालत के आदेश पर रोक लगाने का कोई उचित आधार नहीं है।</p>
<p>17 जनवरी को निचली अदालत ने दोषी मुकेश कुमार सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय कुमार के खिलाफ एक फरवरी के लिए दूसरी बार डेथ वारंट जारी किया था। हालांकि, दोषियों की याचिका पर एक फरवरी के लिए जारी डेथ वारंट पर निचली अदालत ने 31 जनवरी को अगले आदेश तक रोक लगा दी थी। डेथ वारंट पर रोक लगाने के फैसले को गृह मंत्रलय ने हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए आरोप लगाया था कि दोषी कानून का दुरुपयोग कर रहे हैं। ऐसे में समाज और कानून के हित के लिए निर्भया के गुनहगारों की फांसी में और विलंब नहीं होना चाहिए। वहीं, दोषी के अधिवक्ता ने दलील दी थी कि सभी दोषियों की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक फांसी की कार्रवाई न की जाए और सभी को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की अनुमति दी जाए।</p>
<p><strong>2017 में एसएलपी खारिज होने के बाद प्राधिकारी सोते रहे</strong></p>
<p>हाई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए प्राधिकारियों को भी आड़े हाथ लिया। पीठ ने कहा कि 2017 में सुप्रीम कोर्ट से विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) खारिज होने के बाद डेथ वारंट जारी करने के संबंध में प्राधिकारी सोते रहे और इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया।</p>
<p>न्यायमूर्ति सुरेश कैट की पीठ ने कहा कि सभी जिम्मेदार प्राधिकारी नौ दिसंबर, 2019 तक दोषी अक्षय द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देने का इन्तजार करते रहे। पीठ ने कहा कि अक्षय की पुनर्विचार याचिका 18 दिसंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट से खारिज हुई। पीठ ने कहा कि इसमें कोई विवाद नहीं है कि निर्भया के साथ दोषियों ने युवती के साथ जो कुछ किया वह बेहद अमानवीय, बर्बर, क्रूर और संगीन अपराध था। इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर कर रख दिया था। पीठ ने कहा कि हमें ये कहने में कोई ङिाझक नहीं है कि दोषियों ने मामले को लंबा खींचा और अपील व पुनर्विचार याचिका दाखिल करने में भी देरी की। पीठ ने कहा दोषी लगातार जीने के अधिकार का हवाला देकर बचते रहने की कोशिश करते रहे हैं।</p>
<p><strong>फैसले से संतुष्ट पर फांसी होने पर ही मिलेगी खुशी</strong></p>
<p>हाई कोर्ट का फैसला आने के बाद निर्भया की मां ने कहा कि वह फैसले से संतुष्ट हैं, लेकिन सभी दोषियों को फांसी पर लटकाए जाने के बाद ही उन्हें खुशी मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार की अपील याचिका थी और अब सरकारी सोचेगी कि दोषियों को फांसी की सजा कैसे जल्द से जल्द दी जा सकती है।</p>
<p><strong>राष्ट्रपति ने खारिज की अक्षय की दया याचिका</strong></p>
<p>दोषी अक्षय की दया याचिका राष्ट्रपति ने खारिज कर दी है। अब तक चार में से तीन दोषियों मुकेश, विनय, अक्षय की दया याचिका चुकी है। इन तीनों दोषियों के सारे कानूनी विकल्प समाप्त हो चुके हैं।</p>
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