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	<title>निर्दलीय विधायक &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>हरियाणा: 58 साल में पहली बार सबसे कम चुने गए निर्दलीय विधायक</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 13 Oct 2024 07:13:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[निर्दलीय विधायक]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="396" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-473-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-473.png 640w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-473-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />हिसार विधानसभा सीट से चुनी गई निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल चौथी निर्दलीय महिला विधायक बनी हैं। जिंदल से पहले अब तक सिर्फ तीन महिला ही निर्दलीय विधायक चुनी गई हैं। हरियाणा के विधानसभा चुनाव में हर बार जनता निर्दलीय विधायकों को चुनकर भेजती आई है। इन निर्दलीय विधायकों की कई बार सरकार के गठन में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="396" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-473-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-473.png 640w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-473-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>हिसार विधानसभा सीट से चुनी गई निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल चौथी निर्दलीय महिला विधायक बनी हैं। जिंदल से पहले अब तक सिर्फ तीन महिला ही निर्दलीय विधायक चुनी गई हैं।</p>



<p>हरियाणा के विधानसभा चुनाव में हर बार जनता निर्दलीय विधायकों को चुनकर भेजती आई है। इन निर्दलीय विधायकों की कई बार सरकार के गठन में अहम भूमिका भी रही है। इस बार तीन निर्दलीय विधायक चुन कर आए हैं। हिसार से सावित्री जिंदल, गन्नौर से देवेंद्र कादियान और बहादुरगढ़ से राजेश जून चुनाव जीते है। राज्य के 58 साल के इतिहास में यह पहली बार है कि सिर्फ तीन ही निर्दलीय विधायक चुनकर आए हैं। इन तीनों विधायकों ने भाजपा को समर्थन दे दिया है। 1967 व 1982 में चुनाव में सर्वाधिक 16-16 निर्दलीय विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचे थे।</p>



<p>हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया 1972 व 2000 में 11-11 निर्दलीय विधायक जीत कर आए थे। 1977, 1987, 2009 और 2019 आम चुनावों में 7-7 निर्दलीय विधायक निर्वाचित हुए। 1996 और 2005 के विधानसभा चुनावों में 10-10 निर्दलीय विधायक बने। 1968 चुनाव में 6 निर्दलीय विधायक जीत कर प्रदेश विधानसभा पहुंचे थे। वहीं, 1991 और 2014 के चुनावों में 5-5 निर्दलीय विधायक सदन में पहुंचे। हेमंत ने बताया साल 1982, 2009 और 2019 में निर्दलीय विधायकों के समर्थन से ही सरकार बनी थी।</p>



<p>उनके मुताबिक निर्दलीय विधायक प्रदेश की सरकार को बाहर से समर्थन दे सकता है। यदि निर्दलीय विधायक सत्तारूढ़ दल या फिर किसी विपक्षी पार्टी में शामिल हो जाता है तो दल बदल विरोधी कानून में उस निर्दलीय विधायक की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो सकती है। करीब 20 साल पहले 2004 में हरियाणा के चार तत्कालीन निर्दलीय विधायक भीम सेन मेहता, जय प्रकाश गुप्ता, राजिंदर बिसला और देव राज दीवान के कथित रूप से कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के कारण उन्हें तत्कालीन स्पीकर सतबीर कादियान ने विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया था, जिसे बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी वर्ष 2006 में सही ठहराया था।</p>



<p><strong>राज्य की चौथी महिला निर्दलीय चुनी गई हैं सावित्री जिंदल<br></strong>हिसार विधानसभा सीट से चुनी गई निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल चौथी निर्दलीय महिला विधायक बनी हैं। जिंदल से पहले अब तक सिर्फ तीन महिला ही निर्दलीय विधायक चुनी गई हैं। इनमें 1982 में बल्लभगढ़ हलके से शारदा रानी, 1987 में झज्जर सीट से कुमारी मेधवी और 2005 बावल हलके से शकुंतला भगवड़िया चुनाव जीती हैं। जिंदल ने अपना चुनाव 18941 वोटों से जीता। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार राम निवास को हराया है। इस सीट पर भाजपा के स्वास्थ्य मंत्री डा. कमल गुप्ता तीसरे नंबर पर रहे हैं। उन्हें हिसार से सिर्फ 17385 वोट मिले।</p>
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		<title>सीएम सैनी ने नाराज निर्दलीय विधायक को मनाया…</title>
		<link>https://livehalchal.com/hr-186/570907</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Jul 2024 05:32:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[निर्दलीय विधायक]]></category>
		<category><![CDATA[सीएम सैनी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-840.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-840.png 933w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-840-300x169.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-840-768x432.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />सैनी सरकार के अफसरों से खफा चल रहे निर्दलीय विधायक नयनपाल रावत आखिरकार मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद देर रात मान गए। यह बातचीत स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता की मौजूदगी में हुई। बुधवार देर रात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात के बाद रावत ने कहा कि उनकी सरकार से कोई नाराजगी नहीं थी। मैं शुरू &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-840.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-840.png 933w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-840-300x169.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-840-768x432.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सैनी सरकार के अफसरों से खफा चल रहे निर्दलीय विधायक नयनपाल रावत आखिरकार मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद देर रात मान गए। यह बातचीत स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता की मौजूदगी में हुई। बुधवार देर रात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात के बाद रावत ने कहा कि उनकी सरकार से कोई नाराजगी नहीं थी।</p>



<p> मैं शुरू से बीजेपी के साथ खड़ा हूं और आखिर तक मेरा बीजेपी को समर्थन रहेगा, बल्कि अधिकारियों की कार्यप्रणाली से उन्हें परेशानी थी। सीएम ने आश्वासन दिया है कि वह इस मामले को निजी तौर पर देखेंगे और अधिकारियों से जवाब लेंगे। रावत ने कहा कि वह मजबूती से सरकार के साथ खड़े हैं।</p>



<p>बता दें कि पृथला से निर्दलीय विधायक नयनपाल रावत की नाराजगी की खबरें बुधवार सुबह सामने आई थीं। कहा गया कि वह सरकार से नाराज हैं और वीरवार को बड़ा फैसला ले सकते हैं। इससे भाजपा सरकार की नींदें उड़ गईं। उनके समर्थन वापस लेने से राज्य की सैनी सरकार अल्पमत में आ सकती थी। </p>



<p>रावत की नाराजगी खबर जैसे ही बीजेपी नेताओं के पास पहुंचीं तो पार्टी ने उन्हें मनाने की कोशिश शुरू कर दीं। रावत को मनाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता की ड्यूटी लगाई गई। गुप्ता ने पहले रावत से बात की और देर रात उन्हें लेकर सीएम हाउस पहुंचे। सीएम नायब सिंह सैनी ने रावत से बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनके कोई काम नहीं रुकेंगे।</p>



<p><strong>सैनी सरकार की बढ़ सकती थीं मुश्किलें</strong><br>गौरतलब है कि रावत सरकार से समर्थन वापस लेते तो सैनी सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ सकती थीं। 90 विधायकों की विधानसभा में वर्तमान में विधायकों की संख्या 87 है। भाजपा को बहुमत के लिए 44 विधायकों की जरूरत है। फिलहाल उसके पास बहुमत है। </p>



<p>मगर जैसे ही एक विधायक समर्थन वापस लेगा तो सरकार अल्पमत में आ सकती है। भाजपा के पास विधायकों की संख्या 41 है और उसे एक निर्दलीय विधायक नयनपाल रावत और हरियाणा लोकहित पार्टी के विधायक गोपाल कांडा का भी समर्थन मिला है। इसके अलावा कांग्रेस छोड़ तोशाम से विधायक किरण चौधरी भी भाजपा में शामिल हो चुकी हैं। इस हिसाब से भाजपा के पास 44 विधायकों का समर्थन है।</p>



<p>लोकसभा चुनाव से पहले 3 निर्दलीय विधायक धर्मपाल गोंदर, रणधीर गोलन और सोमवीर सांगवान ने सरकार का साथ छोड़ते हुए कांग्रेस को समर्थन दे दिया था। इसके बाद लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए रानियां से निर्दलीय विधायक रणजीत सिंह चौटाला ने इस्तीफा दे दिया था। 25 मई को लोकसभा चुनाव की वोटिंग के दिन बादशाहपुर से निर्दलीय विधायक राकेश दौलताबाद का हार्ट अटैक से निधन हो गया था। आखिर में सरकार के साथ सिर्फ एक निर्दलीय विधायक नयनपाल रावत का साथ बचा।</p>
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		<title>मुश्किल में नायब सैनी सरकार: निर्दलीय विधायक नयन पाल रावत नाराज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 17 Jul 2024 07:37:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[नायब सैनी सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[निर्दलीय विधायक]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="353" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-793.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-793.png 738w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-793-300x171.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />मनोहर लाल को हटाकर लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने नायब सैनी को सीएम पद पर बैठाया था। भाजपा निर्दलीय विधायकों के साथ से बहुमत में थी। हरियाणा की नायब सैनी सरकार की मुश्किलें फिर से बढ़ सकती हैं। अल्पमत में चल रही सरकार से अब पृथला के निर्दलीय विधायक नयनपाल रावत नाराज हो गए &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="353" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-793.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-793.png 738w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-793-300x171.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>मनोहर लाल को हटाकर लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने नायब सैनी को सीएम पद पर बैठाया था। भाजपा निर्दलीय विधायकों के साथ से बहुमत में थी।</p>



<p>हरियाणा की नायब सैनी सरकार की मुश्किलें फिर से बढ़ सकती हैं। अल्पमत में चल रही सरकार से अब पृथला के निर्दलीय विधायक नयनपाल रावत नाराज हो गए हैं।</p>



<p>निर्दलीय विधायक हरियाणा सरकार के अफसरों की कार्यशैली से खफा हैं। उनका कहना है कि वह इस बारे में वीरवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। रावत ने कहा कि सरकार अफसरों पर लगाम कसने में नाकाम हो रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही वह अगली रणनीति का खुलासा करेंगे। वहीं, भाजपा के राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि रावत भाजपा का साथ कभी नहीं छोड़ सकते। यह पूरा मामला सीएम के संज्ञान में है।</p>



<p>भाजपा के पास अभी 41 विधायक हैं। भाजपा को हविपा के एक और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन प्राप्त है। बहुमत का आंकड़ा 45 है। सरकार बहुमत के आंकड़े से दूर है मगर दावा करती आई है। यदि रावत समर्थन वापसी का फैसला लेते हैं तो सैनी सरकार की मुश्किलें बढ़ना तय है।</p>
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