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	<title>नाग पंचमी &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>नाग पंचमी &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>नाग पंचमी पर जरूर करें इस पावन कथा का पाठ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 29 Jul 2025 05:32:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
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		<category><![CDATA[नाग पंचमी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="433" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/3-269-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/3-269.jpg 865w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/3-269-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/3-269-768x538.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />हर साल सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी को नाग पंचमी (Nag Panchami Katha) मनाई जाती है। इस साल यह पर्व 29 जुलाई 2025 यानी आज के दिन मनाई जा रही है। इस दिन नाग देवता की पूजा और व्रत का बड़ा महत्व है। ऐसी मान्यता है कि नागों की पूजा करने से कालसर्प &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="433" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/3-269-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/3-269.jpg 865w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/3-269-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/3-269-768x538.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>हर साल सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी को नाग पंचमी (Nag Panchami Katha) मनाई जाती है। इस साल यह पर्व 29 जुलाई 2025 यानी आज के दिन मनाई जा रही है। इस दिन नाग देवता की पूजा और व्रत का बड़ा महत्व है। ऐसी मान्यता है कि नागों की पूजा करने से कालसर्प दोष कम होता है और सुख-समृद्धि आती है।</p>



<p>हर साल सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पावन पर्व मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल नाग पंचमी 29 जुलाई, 2025 यानी आज के दिन मनाई जा रही है। यह दिन नाग देवता की पूजा के लिए समर्पित है और ऐसी मान्यता है कि इस दिन नागों की पूजा करने से कुंडली से कालसर्प दोष का प्रभाव कम होता है। इसके साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि आती है।</p>



<p>वहीं, इस दिन (Nag Panchami Puja Vidhi) कई भक्त व्रत रखते हैं। ऐसे में जो साधक इस दिन कठिन व्रत का पालन कर रहे हैं, उन्हें इस तिथि की कथा का पाठ जरूर करना चाहिए। कहते हैं कि इस कथा को सुनने या पढ़ने से चमत्कारी लाभ मिलते हैं, तो आइए पढ़ते हैं।</p>



<p><strong>नाग पंचमी की कथा (Nag Panchami 2025 Katha Ka Path)<br></strong>एक समय की बात है द्वापर युग में राजा परीक्षित एक बार आखेट के लिए दल-बल केए साथ वन गये थे। शिकार के दौरान राजा परीक्षित को प्यास लगी। उस समय राजा परीक्षित पानी की तलाश में इधर-उधर भटकने लगे। भटकते-भटकते राजा परीक्षित एक ऋषि के आश्रम पर जा पहुंचे। इस आश्रम में ऋषि शमीक रहते थे। राजा परीक्षित ने कई बार ऋषि शमीक को पानी देने का आग्रह किया। हालांकि, ध्यान मग्न ऋषि शमीक ने राजा परीक्षित को जल प्रदान नहीं किया। उस समय राजा परीक्षित ने बाण पर मृत सांप रख ऋषि शमीक पर चला दिया। सांप ऋषि शमीक के गले में जा लपटा। राजा परीक्षित वहां से लौट गये। ऋषि शमीक ध्यान में मग्न रहे। संध्याकाल में ऋषि शमीक के पुत्र ने देखा कि उनके पिता के गले में मृत सांप लपेटा हुआ है।</p>



<p>तब ऋषि शमीक के पुत्र ने राजा परीक्षित को सर्पदंश से मृत्यु का श्राप दे दिया। कालांतर में श्राप देने के सातवें दिन ही राजा परीक्षित की सर्पदंश से मृत्यु हो गई। यह बात जब उनके पुत्र जनमेजय को हुई, तो जनमेजय ने विशाल नागदाह यज्ञ कराया। इस यज्ञ के चलते सांपों का नाश होने लगा। तब ऋषि आस्तिक मुनि ने सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर नाग को दूध अर्पित कर जीवनदान दिया। साथ ही जनमेजय के नागदाह यज्ञ को भी रुकवाया। इस दिन से ही नाग पंचमी पर्व मनाने की शुरुआत हुई।</p>
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		<title>नाग पंचमी पर करें इस चालीसा का पाठ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 09 Aug 2024 10:25:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[नाग पंचमी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="351" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-414-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-414.png 694w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-414-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />नाग पंचमी के दिन (Nag Panchmi 2024) लोग नाग देवता की उपासना करते हैं और दान-पुण्य जैसे धार्मिक कार्यों पर जोर देते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस ज्यादा से ज्यादा मांगलिक कार्य करना चाहिए। इससे शुभ फल की प्राप्ति होती है। इसके अलावा इस शुभ अवसर पर श्री नाग चालीसा का पाठ परम कल्याणकारी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="351" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-414-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-414.png 694w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-414-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>नाग पंचमी के दिन (Nag Panchmi 2024) लोग नाग देवता की उपासना करते हैं और दान-पुण्य जैसे धार्मिक कार्यों पर जोर देते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस ज्यादा से ज्यादा मांगलिक कार्य करना चाहिए। इससे शुभ फल की प्राप्ति होती है। इसके अलावा इस शुभ अवसर पर श्री नाग चालीसा का पाठ परम कल्याणकारी माना गया है जो इस प्रकार है।</p>



<p>नाग पंचमी श्रावण माह के पांचवें दिन मनाई जाती है। यह त्योहार नाग देव की पूजा के लिए समर्पित है। इस दिन का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस साल नाग पंचमी 9 अगस्त यानी आज मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन कुछ लोग व्रत करते हैं और नाग देवता की पूजा करने के लिए शिव मंदिर जाते हैं।</p>



<p>ऐसा कहा इस दिन भाव के पूजा-अर्चना करने और श्री नाग चालीसा का पाठ (Nag Chalisa Ka Path In Hindi) करने से जीवन में सुख-समृद्धि की कमी नहीं होती है।</p>



<p><strong>।।श्री नाग चालीसा।। Shri nag chalisa</strong></p>



<p>अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलं</p>



<p>शन्खपाल धृतराष्ट्र च तक्षकं कलिय तथा</p>



<p>एतानि नव नामानि नागानाम च महात्मनं</p>



<p>सायमकाले पठेन्नीत्यं प्रातः काल विशेषतः</p>



<p>नमो नमो भिलट सुख करते, नमो नमो देवा द:ख हरते</p>



<p>मनभावन है रूप तुम्हारो, तिहुँ लोक फैलो उजियारों ।।</p>



<p>कोमल अंग, श्याम रंग प्यारा, चाल चलत रेवा सी धारा ।</p>



<p>सेंदुर घृत संग चोला साजे, जाकों देख मन हर्ष विराजे ।।</p>



<p>रूप तुम्हारों अधिक सुहावे, दरस करत जन अति सुख पावे ।</p>



<p>प्रलयकाल सब नाशन हारे, तुम गोरी शिव शंकर प्यारे ।।</p>



<p>शेषनाग बन धरा उठाये, महादेव गल माल सजाये ।</p>



<p>लक्ष्मण रुप लियो जगदाता, रामकाज कियो सुखदाता ||</p>



<p>नागलवाड़ी में तुम्ही विराजत, सतपुड़ा पर्वत तुमसे साजत ।</p>



<p>सब जीवनमय ताप हरते, बांझन की तुम झोली भरते ।।</p>



<p>सांचे मन जब नाम लेवा, श्री तेजा तारा जगदेवा ।</p>



<p>महिमा अपरमपार तिहारी, मनवर दो मोहे इच्छाधारी ॥</p>



<p>बंगाल का हुर लीला रचाई, संग चलत है भैरव भाई ।</p>



<p>चमत्कार तैलन को बतायो, बारम्बार प्रणाम करायो ।।</p>



<p>घाणा से श्री भैरव छुड़ायो, मां पदमा संग ब्याह रचाये |</p>



<p>श्री विष्णु संग लगन लगाई, वासुनाग बन सैया सजाई ।</p>



<p>बलराम रूप घर साथ निभायों, कृष्ण से फण पै नाच नचायों।</p>



<p>देव दानव जब युद्ध छिड़यों, तब तुमकों ही रास बनायों ॥</p>



<p>उग्र रूप जब आप धराये, भय और बाधा पास न आये ।</p>



<p>जब जब नाम करों उच्चारण, रूप अनेक करों प्रभु धारण ॥</p>



<p>अनन्त नाग तुभ वासुकी राजा, नदीपहेट के भिलट क्वाजा ।</p>



<p>शेष, पदम, कम्बलं जगदाता, शंख पाल धृतराष्ट्र विधाता ।।</p>



<p>तक्षक कालिया से काल डर भागे, शुभ कारज तुम रहते आगे ।</p>



<p>धूप दीप जो दूध चढ़ावे, नर नारी मनवांछित फल पावे ||</p>



<p>नाग पंचमी तुम्हें अती भावे, रविवार भी अधिक सुहावे ।</p>



<p>तुम विमली में विचरण करते, क्षण में दुनिया के दुख हरते ।।</p>



<p>रविवार श्री फल जो चढ़ावें, काल सर्प प्रभू दोष छुडावे ।</p>



<p>ब्रह्म मुहूर्त जो तुमकों ध्यावे, शिवकृपा पात्र बन जायें ।।</p>



<p>खाली हाथ को कर्म सिखाते, रंक को राजा पल में बनाते ।</p>



<p>जन जन मन फेलो, अंधियारों, द्वार खड़ो में सेवक थारों ॥</p>



<p>आके नाथ मोहे दरश दिखाओं, भटके मन को राह बताओं ।</p>



<p>तुम बिन किसकी शरण में जाउ, कण कण में तुमकों ही पाउ ।।</p>



<p>भक्तन से प्रभु प्रित लगाते, संकट में तुम साथ निभातें ।</p>



<p>जब तक जियू तुम्हरे गुण गाऊँ, तुम्हरों जस में सदा सुनाउ ॥</p>



<p>नाग चालीसा जो कोई गावें, सुख संपत्ति धन धान्य वो पावे ।</p>



<p>मुझको देवा कष्ट अति घेरों, तुम बिन कौन हरे दुःख मेरों ।।</p>



<p>मात पदमा संग वासुकी स्वामी, कृपा करहुँ अब अंतरयामी ।</p>



<p>दया करों पाताल निवसी, दर्शन दो मौहे अंखिया प्यासी ॥</p>



<p>अज्ञान चूक क्षमा करों देवा, रखलों लाज सफल करों सेवा ।</p>



<p>भिलट नाम जो मन से ध्यावें, सब सुख भोग परम पद पावें।।</p>



<p><strong>।।दोहा।।</strong></p>



<p>श्याम देह सिंदूरी सी, अरुधरी तेज सौ रूप</p>



<p>शांत देव मन शांती दे, जय जय जय नांग रूप ।।</p>
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		<title>नाग पंचमी के दिन शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 08 Aug 2024 07:25:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[नाग पंचमी]]></category>
		<category><![CDATA[शिवलिंग]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-345-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-345.png 695w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-345-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />नाग पंचमी के पर्व को हिंदू धर्म में बहुत ही विशेष माना गया है। भगवान शिव अपने गले में नाग धारण किए हुए हैं। वहीं नाग पंचमी तिथि पर भगवान शिव की आराधना करना भी बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि नाग पंचमी के दिन शिवलिंग पर क्या अर्पित &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-345-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-345.png 695w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-345-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>नाग पंचमी के पर्व को हिंदू धर्म में बहुत ही विशेष माना गया है। भगवान शिव अपने गले में नाग धारण किए हुए हैं। वहीं नाग पंचमी तिथि पर भगवान शिव की आराधना करना भी बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि नाग पंचमी के दिन शिवलिंग पर क्या अर्पित करना चाहिए ताकि महादेव की कृपा साधक पर बनी रहे।</p>



<p>हर साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। ऐसे में साल 2024 में नाग पंचमी का पर्व शुक्रवार, 09 अगस्त को मनाया जा रहा है। इस तिथि नाग देवता की पूजा का विधान तो है ही। साथ ही भगवान शिव की आराधना करना भी लाभदायक माना जाता है।</p>



<p><strong>जल अर्पित करने से मिलेंगे ये लाभ</strong><br>माना जाता है कि शिवलिंग पर जल अर्पित करने मात्र से महादेव प्रसन्न हो जाते हैं। ऐसे में नाग पंचमी पर शिवलिंग का जलाभिषेक जरूर करना चाहिए। ध्यान रखें कि जल अर्पित करने के लिए हमेशा तांबे के लोटे का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे जीवन में आ रही है सभी प्रकार की समस्याएं दूर हो सकती हैं।</p>



<p><strong>शिवलिंग पर अर्पित करें ये चीजें</strong><br>नाग पंचमी के दिन शिव जी की पूजा के दौरान शिवलिंग पर बेलपत्र जरूर अर्पित करना चाहिए। शिव जी को बेलपत्र अति प्रिय माना गया है। इससे व्यक्ति की दरिद्रता दूर होती है और सौभाग्य में वृद्धि होती है। बेलपत्र के साथ-साथ आप शिवलिंग पर धतूरा भी चढ़ा सकते हैं। इससे साधक की धन संबंधी समस्याएं दूर हो सकती हैं।</p>



<p><strong>बनी रहेगी सुख-समृद्धि</strong><br>अगर आप नाग पंचमी के विशेष अवसर पर शिवलिंग पर कच्चा दूध अर्पित करते हैं, तो इससे साधक के सभी प्रकार के भय दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इसके साथ ही आप शिव जी को शहद भी अर्पित कर सकते हैं। शहद अर्पित करने से व्यक्ति कठिन-से-कठिन कार्य में सफलता मिलने लगती है। ध्यान रहे कि शिवलिंग पर ये चीजें अर्पित करते समय ओम नमः शिवाय का जाप जरूर करते रहें।</p>
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		<item>
		<title>नाग पंचमी पर करें नाग देवता की पूजा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jul 2024 06:42:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[नाग देवता]]></category>
		<category><![CDATA[नाग पंचमी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="311" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1333.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1333.png 699w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1333-300x151.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन सांपों को दूध पिलाने से जातक को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। ऐसे में नाग पंचमी के दिन भगवान शिव और नाग देवता की विधिपूर्वक पूजा करने से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए आपको इस लेख में बताएंगे कि नाग पंचमी पर नाग देवता (Nag &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="311" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1333.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1333.png 699w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1333-300x151.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन सांपों को दूध पिलाने से जातक को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। ऐसे में नाग पंचमी के दिन भगवान शिव और नाग देवता की विधिपूर्वक पूजा करने से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए आपको इस लेख में बताएंगे कि नाग पंचमी पर नाग देवता (Nag Panchami Puja Vidhi) की पूजा कैसे करनी चाहिए?</p>



<p>नाग पंचमी हिंदुओं का एक पर्व है। यह त्योहार अधिक उत्साह के साथ मनाया जाता है। नाग पंचमी सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर मनाई जाती है। पंचांग के अनुसार, इस बार नाग पंचमी का पर्व 09 अगस्त (Nag Panchami 2024 Date) को है। इस तिथि पर नाग देवता की पूजा-अर्चना करने के विधान है।</p>



<p><strong>नाग पंचमी 2024 डेट और शुभ मुहूर्त (Nag Panchami 2024 Date And Shubh Muhurat)<br></strong>पंचांग के अनुसार, सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 09 अगस्त को मध्य रात्रि 12 बजकर 36 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 10 अगस्त को देर रात्रि 03 बजाकर 14 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर नाग पंचमी का पर्व 09 अगस्त को मनाया जाएगा।</p>



<p><strong>नाग पंचमी पूजा विधि (Nag Panchami Puja Vidhi)</strong><br>नाग पंचमी के दिन सुबह उठें और दिन की शुरुआत देवी-देवता के ध्यान से करें। अब स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें। सूर्य देव को जल अर्पित कर मंदिर की सफाई करें। गंगाजल का छिड़काव कर शुद्ध करें। एक चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर नाग देवता की प्रतिमा या मिट्टी से बने हुए सर्प की मूर्ति विराजमान करें। नाग देवता को फूल, चावल, रोली और हल्दी अर्पित करें। इसके बाद दूध अर्पित करें। देशी घी का दीपक जलाकर आरती कर मंत्रों का जप करें। नाग पंचमी व्रत कथा का पाठ जरूर करना चाहिए। अंत में नाग देवता से जीवन में सुख-शांति की कामना करें।</p>



<p><strong>नाग पंचमी मंत्र (Nag Panchami Mantra)</strong></p>



<p>ॐ भुजंगेशाय विद्महे, सर्पराजाय धीमहि, तन्नो नाग: प्रचोदयात्।।<br>सर्वे नागा: प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले। ये च हेलिमरीचिस्था ये न्तरे दिवि संस्थिता:।।<br>ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिन:। ये च वापीतडागेषु तेषु सर्वेषु वै नम:।।<br>अनंत वासुकी शेषं पद्मनाभं च मंगलम्शं खपालं ध्रतराष्ट्रकंच तक्षकं कालियं तथा।।<br>ॐ हँ जू स: श्री नागदेवतायेनमोनम:।।<br>ॐ श्री भीलट देवाय नम:।।</p>
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