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	<title>नरसिंह जयंती &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>नरसिंह जयंती &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>नरसिंह जयंती 2026 पर करें चालीसा का पाठ, जीवन से दूर होंगे सभी संकट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Apr 2026 05:41:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[नरसिंह जयंती]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="539" height="453" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/4-13.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/4-13.jpg 539w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/4-13-300x252.jpg 300w" sizes="(max-width: 539px) 100vw, 539px" />आज वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी है और पूरा देश भगवान विष्णु के चौथे अवतार ‘भगवान नरसिंह’ का जन्मोत्सव मना रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, आज ही के दिन असुरराज हिरण्यकश्यप के अत्याचारों का अंत करने और अपने परम भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए श्रीहरि ने खंभ चीरकर नरसिंह रूप में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="539" height="453" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/4-13.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/4-13.jpg 539w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/4-13-300x252.jpg 300w" sizes="(max-width: 539px) 100vw, 539px" />
<p>आज वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी है और पूरा देश भगवान विष्णु के चौथे अवतार ‘भगवान नरसिंह’ का जन्मोत्सव मना रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, आज ही के दिन असुरराज हिरण्यकश्यप के अत्याचारों का अंत करने और अपने परम भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए श्रीहरि ने खंभ चीरकर नरसिंह रूप में अवतार लिया था।</p>



<p>धार्मिक दृष्टि से आज का दिन शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने और अटके हुए कार्यों को सिद्ध करने के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। मान्यता है कि नरसिंह जयंती पर विधि-विधान से पूजन के बाद चालीसा का पाठ करने से साधक को भय से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। आइए, आज इस पावन अवसर पर श्रद्धापूर्वक पढ़ें भगवान नरसिंह की चालीसा।</p>



<p><strong>श्री नरसिंह चालीसा<br></strong>मास वैशाख कृतिका युत हरण मही को भार ।</p>



<p>शुक्ल चतुर्दशी सोम दिन लियो नरसिंह अवतार ।।</p>



<p>धन्य तुम्हारो सिंह तनु, धन्य तुम्हारो नाम ।</p>



<p>तुमरे सुमरन से प्रभु , पूरन हो सब काम ।।</p>



<p>नरसिंह देव में सुमरों तोहि ,</p>



<p>धन बल विद्या दान दे मोहि ।।</p>



<p>जय जय नरसिंह कृपाला</p>



<p>करो सदा भक्तन प्रतिपाला ।।</p>



<p>विष्णु के अवतार दयाला</p>



<p>महाकाल कालन को काला ।।</p>



<p>नाम अनेक तुम्हारो बखानो</p>



<p>अल्प बुद्धि में ना कछु जानों ।।</p>



<p>हिरणाकुश नृप अति अभिमानी</p>



<p>तेहि के भार मही अकुलानी ।।</p>



<p>हिरणाकुश कयाधू के जाये</p>



<p>नाम भक्त प्रहलाद कहाये ।।</p>



<p>भक्त बना बिष्णु को दासा</p>



<p>पिता कियो मारन परसाया ।।</p>



<p>अस्त्र-शस्त्र मारे भुज दण्डा</p>



<p>अग्निदाह कियो प्रचंडा ।।</p>



<p>भक्त हेतु तुम लियो अवतारा</p>



<p>दुष्ट-दलन हरण महिभारा ।</p>



<p>तुम भक्तन के भक्त तुम्हारे</p>



<p>प्रह्लाद के प्राण पियारे ।।</p>



<p>प्रगट भये फाड़कर तुम खम्भा</p>



<p>देख दुष्ट-दल भये अचंभा ।।</p>



<p>खड्ग जिह्व तनु सुंदर साजा</p>



<p>ऊर्ध्व केश महादष्ट्र विराजा ।।</p>



<p>तप्त स्वर्ण सम बदन तुम्हारा</p>



<p>को वरने तुम्हरों विस्तारा ।।</p>



<p>रूप चतुर्भुज बदन विशाला</p>



<p>नख जिह्वा है अति विकराला ।।</p>



<p>स्वर्ण मुकुट बदन अति भारी</p>



<p>कानन कुंडल की छवि न्यारी ।।</p>



<p>भक्त प्रहलाद को तुमने उबारा</p>



<p>हिरणा कुश खल क्षण मह मारा ।।</p>



<p>ब्रह्मा, बिष्णु तुम्हे नित ध्यावे</p>



<p>इंद्र महेश सदा मन लावे ।।</p>



<p>वेद पुराण तुम्हरो यश गावे</p>



<p>शेष शारदा पारन पावे ।।</p>



<p>जो नर धरो तुम्हरो ध्याना</p>



<p>ताको होय सदा कल्याना ।।</p>



<p>त्राहि-त्राहि प्रभु दुःख निवारो</p>



<p>भव बंधन प्रभु आप ही टारो ।।</p>



<p>नित्य जपे जो नाम तिहारा</p>



<p>दुःख व्याधि हो निस्तारा ।।</p>



<p>संतान-हीन जो जाप कराये</p>



<p>मन इच्छित सो नर सुत पावे ।।</p>



<p>बंध्या नारी सुसंतान को पावे</p>



<p>नर दरिद्र धनी होई जावे ।।</p>



<p>जो नरसिंह का जाप करावे</p>



<p>ताहि विपत्ति सपनें नही आवे ।।</p>



<p>जो कामना करे मन माही</p>



<p>सब निश्चय सो सिद्ध हुई जाही ।।</p>



<p>जीवन मैं जो कछु संकट होई</p>



<p>निश्चय नरसिंह सुमरे सोई ।।</p>



<p>रोग ग्रसित जो ध्यावे कोई</p>



<p>ताकि काया कंचन होई ।।</p>



<p>डाकिनी-शाकिनी प्रेत बेताला</p>



<p>ग्रह-व्याधि अरु यम विकराला ।।</p>



<p>प्रेत पिशाच सबे भय खाए</p>



<p>यम के दूत निकट नहीं आवे ।।</p>



<p>सुमर नाम व्याधि सब भागे</p>



<p>रोग-शोक कबहूं नही लागे ।।</p>



<p>जाको नजर दोष हो भाई</p>



<p>सो नरसिंह चालीसा गाई ।।</p>



<p>हटे नजर होवे कल्याना</p>



<p>बचन सत्य साखी भगवाना ।।</p>



<p>जो नर ध्यान तुम्हारो लावे</p>



<p>सो नर मन वांछित फल पावे ।।</p>



<p>बनवाए जो मंदिर ज्ञानी</p>



<p>हो जावे वह नर जग मानी ।।</p>



<p>नित-प्रति पाठ करे इक बारा</p>



<p>सो नर रहे तुम्हारा प्यारा ।।</p>



<p>नरसिंह चालीसा जो जन गावे</p>



<p>दुःख दरिद्र ताके निकट न आवे ।।</p>



<p>चालीसा जो नर पढ़े-पढ़ावे</p>



<p>सो नर जग में सब कुछ पावे ।</p>



<p>यह श्री नरसिंह चालीसा</p>



<p>पढ़े रंक होवे अवनीसा ।।</p>



<p>जो ध्यावे सो नर सुख पावे</p>



<p>तोही विमुख बहु दुःख उठावे ।।</p>



<p>“शिव स्वरूप है शरण तुम्हारी</p>



<p>हरो नाथ सब विपत्ति हमारी ।।</p>



<p>चारों युग गायें तेरी महिमा अपरम्पार &#x200d;‌&#x200d;।</p>



<p>निज भक्तनु के प्राण हित लियो जगत अवतार ।।</p>



<p>नरसिंह चालीसा जो पढ़े प्रेम मगन शत बार ।</p>



<p>उस घर आनंद रहे वैभव बढ़े अपार ।।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आज नरसिंह जयंती पर भगवान की कृपा पाने के लिए क्या करें और क्या न करें? </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Apr 2026 05:37:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[नरसिंह जयंती]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="476" height="496" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/1-9.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/1-9.jpg 476w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/1-9-288x300.jpg 288w" sizes="(max-width: 476px) 100vw, 476px" />हिंदू धर्म में नरसिंह जयंती का दिन बहुत ही पावन माना जाता है। यह पर्व भगवान विष्णु के उग्र अवतार ‘नरसिंह’ के प्राकट्य उत्सव के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए और अधर्म का &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="476" height="496" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/1-9.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/1-9.jpg 476w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/1-9-288x300.jpg 288w" sizes="auto, (max-width: 476px) 100vw, 476px" />
<p>हिंदू धर्म में नरसिंह जयंती का दिन बहुत ही पावन माना जाता है। यह पर्व भगवान विष्णु के उग्र अवतार ‘नरसिंह’ के प्राकट्य उत्सव के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए और अधर्म का नाश करने के लिए आधा शेर और आधा इंसान का रूप धारण किया था।</p>



<p>30 अप्रैल 2026 को मनाई जाने वाली यह जयंती कई मायनों में विशेष है। इस साल न केवल पूजा के लिए शुभ समय मिल रहा है, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी कई शानदार संयोग बन रहे हैं।</p>



<p><strong>पूजा के शुभ मुहूर्त<br></strong>मध्याह्न संकल्प का समय: सुबह 10:59 से दोपहर 01:38 तक।</p>



<p>शाम की मुख्य पूजा: शाम 04:17 से शाम 06:56 तक।</p>



<p>पारण का समय: 01 मई, 2026 को सुबह 05:41 के बाद।</p>



<p><strong>2026 की जयंती क्यों है खास?<br></strong>इस बार नरसिंह जयंती (Narsimha Jayanti 2026) पर दो बड़े शुभ संयोग बन रहे हैं:</p>



<p>गुरुवार का संयोग: भगवान नरसिंह विष्णु जी के अवतार हैं और गुरुवार का दिन भी श्रीहरि को समर्पित है। इसलिए इस दिन की शक्ति और फल कई गुना बढ़ गया है।</p>



<p>रवि योग का निर्माण: ज्योतिष के अनुसार, इस दिन ‘रवि योग’ रहेगा, जो सभी प्रकार के दोषों को दूर करने और कार्यों में सफलता दिलाने वाला माना जाता है।</p>



<p><strong>पूजा के नियम: क्या करें और क्या न करें?<br></strong>भक्तों को इस दिन कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि भगवान का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त हो सके।</p>



<p><strong>क्या करें:<br></strong>सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और हो सकते तो तो पीले या केसरिया रंग के कपड़े पहनें।<br>भगवान नरसिंह की मूर्ति या तस्वीर का गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक करें।<br>इस दिन सत्तू, तिल और गुड़ का दान करना बहुत शुभ माना जाता है।</p>



<p><strong>क्या न करें:<br></strong>भूलकर भी घर में झगड़ा या क्लेश न करें।<br>प्याज, लहसुन या किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन का त्याग करें।<br>किसी भी असहाय व्यक्ति का अपमान न करें।</p>



<p><strong>नरसिंह जयंती का धार्मिक महत्व<br></strong>भगवान नरसिंह की आराधना करने से भक्तों के जीवन से भय और शत्रुओं का नाश होता है। यह दिन सिखाता है कि विश्वास अटूट हो तो ईश्वर स्वयं खंभे को चीरकर भी अपने भक्त की रक्षा के लिए प्रकट होते हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आर्थिक तंगी होगी खत्म, नरसिंह जयंती पर ऋण-मुक्ति के लिए जरूर करें विशेष पाठ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Apr 2026 05:17:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[नरसिंह जयंती]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="487" height="287" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/yjnh.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/yjnh.png 487w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/yjnh-300x177.png 300w" sizes="auto, (max-width: 487px) 100vw, 487px" />वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर नरसिंह जयंती मनाई जाती है। नरसिंह भगवान, प्रभु श्रीहरि के चौथे अवतार हैं, जिन्होंने अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा और हिरण्यकश्यप के वध के लिए अवतार लिया था। भगवान विष्णु के इस अवतार में उनका आधा शरीर सिंह (शेर) का है और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="487" height="287" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/yjnh.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/yjnh.png 487w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/yjnh-300x177.png 300w" sizes="auto, (max-width: 487px) 100vw, 487px" />
<p>वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर नरसिंह जयंती मनाई जाती है। नरसिंह भगवान, प्रभु श्रीहरि के चौथे अवतार हैं, जिन्होंने अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा और हिरण्यकश्यप के वध के लिए अवतार लिया था। भगवान विष्णु के इस अवतार में उनका आधा शरीर सिंह (शेर) का है और अर्ध नर (मनुष्य) का है।</p>



<p><strong>नरसिंह जयंती शुभ मुहूर्त &#8211;<br></strong>नरसिंह जयंती मध्याह्न संकल्प का समय &#8211; सुबह 10 बजकर 59 मिनट से दोपहर 1 बजकर 38 मिनट तक<br>नरसिंह जयंती पर पूजा का समय &#8211; शाम 4 बजकर 17 मिनट से शान 6 बजकर 56 मिनट तक<br>नरसिंह जयंती पर पारण का समय &#8211; सुबह 5 बजकर 41 मिनट पर (1 मई के बाद)</p>



<p><strong>ऋण विमोचन नरसिंह स्तोत्रम्<br></strong>श्री लक्ष्मी नृसिंह सर्वसिद्धिकर ऋणमोचन स्तोत्र।<br>देवकार्य सिध्यर्थं सभस्तंभं समुद् भवम ।<br>श्री नृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये ॥</p>



<p>लक्ष्म्यालिन्गितं वामांगं, भक्ताम्ना वरदायकं ।<br>श्री नृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये ॥</p>



<p>अन्त्रांलादरं शंखं, गदाचक्रयुध धरम् ।<br>श्री नृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये ॥</p>



<p>स्मरणात् सर्व पापघ्नं वरदं मनोवाञ्छितं ।<br>श्री नृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये ॥</p>



<p>सिहंनादेनाहतं, दारिद्र्यं बंद मोचनं ।<br>श्री नृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये ॥</p>



<p>प्रल्हाद वरदं श्रीशं, धनः कोषः परिपुर्तये ।<br>श्री नृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये ॥</p>



<p>क्रूरग्रह पीडा नाशं, कुरुते मंगलं शुभम् ।<br>श्री नृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये ॥</p>



<p>वेदवेदांगं यद्न्येशं, रुद्र ब्रम्हादि वंदितम् ।<br>श्री नृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये ॥</p>



<p>व्याधी दुखं परिहारं, समूल शत्रु निखं दनम् ।<br>श्री नृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये ॥</p>



<p>विद्या विजय दायकं, पुत्र पोत्रादि वर्धनम् ।<br>श्री नृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये ॥</p>



<p>भुक्ति मुक्ति प्रदायकं, सर्व सिद्धिकर नृणां ।<br>श्री नृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये ॥</p>



<p>उर्ग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तम् सर्वतोमुखं ।<br>नृसिंह भीषणं भद्रं मृत्य मृत्युं नमाम्यहम॥</p>



<p>य: पठेत् इंद् नित्यं संकट मुक्तये ।<br>अरुणि विजयी नित्यं, धनं शीघ्रं माप्नुयात् ॥</p>



<p>॥ श्री शंकराचार्य विरचित सर्वसिद्धिकर ऋणमोचन स्तोत्र संपूर्णं ॥</p>



<p><strong>करें इस मंत्रों का जाप</strong></p>



<ol class="wp-block-list">
<li>आपत्ति निवारक नरसिंह मंत्र &#8211;</li>
</ol>



<p>ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्।<br>नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्यु मृत्युं नमाम्यहम्॥</p>



<ol start="2" class="wp-block-list">
<li>नरसिंह गायत्री मंत्र &#8211;</li>
</ol>



<p>ॐ वज्रनखाय विद्महे तीक्ष्ण दंष्ट्राय धीमहि | तन्नो नरसिंह प्रचोदयात ||</p>



<ol start="3" class="wp-block-list">
<li>संपत्ति बाधा नाशक नरसिंह मंत्र &#8211;</li>
</ol>



<p>ॐ नृम मलोल नरसिंहाय पूरय-पूरय</p>



<ol start="4" class="wp-block-list">
<li>ऋण मोचक नरसिंह मंत्र &#8211;</li>
</ol>



<p>ॐ क्रोध नरसिंहाय नृम नम:</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नरसिंह जयंती पर करें भगवान विष्णु की पूजा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 11 May 2025 05:00:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[नरसिंह जयंती]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/Capture-224-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/Capture-224.jpg 763w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/Capture-224-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />हिंदू धर्म में नरसिंह जयंती का दिन बेहद पावन माना जाता है। इस दिन लोग उपवास रखते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। इस व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद होता है। पंचांग गणना के आधार पर नरसिंह जयंती (Narasimha Jayanti 2025) आज यानी 11 मई को भव्यता के साथ मनाई जा रही है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/Capture-224-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/Capture-224.jpg 763w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/Capture-224-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>हिंदू धर्म में नरसिंह जयंती का दिन बेहद पावन माना जाता है। इस दिन लोग उपवास रखते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। इस व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद होता है। पंचांग गणना के आधार पर नरसिंह जयंती (Narasimha Jayanti 2025) आज यानी 11 मई को भव्यता के साथ मनाई जा रही है।</p>



<p>नरसिंह जयंती का दिन अपने आप में बहुत पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन भक्त भगवान विष्णु के उग्र स्वरूप भगवान नरसिंह की पूजा करते हैं। यह दिन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। इस साल नरसिंह जयंती (Narasimha Jayanti 2025) दिन रविवार, 11 मई यानी आज के दिन मनाई जा रही है। ऐसे में इस दिन सुबह स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण करें।</p>



<p>फिर उन्हें तुलसी दल, पंचामृत फूल और मिठाई अर्पित करें। विष्णु चालीसा और नरसिंह वैदिक मंत्रों का जप करें। अंत में आरती करें। ऐसा करने से जीवन में खुशहाली बनी रहेगी।</p>



<p><strong>।।विष्णु चालीसा का पाठ।।</strong></p>



<p><strong>”दोहा”<br></strong>विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय ।<br>कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय ॥<br>नमो विष्णु भगवान खरारी, कष्ट नशावन अखिल बिहारी ।<br>प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी, त्रिभुवन फैल रही उजियारी ॥<br>सुन्दर रूप मनोहर सूरत, सरल स्वभाव मोहनी मूरत ।<br>तन पर पीताम्बर अति सोहत, बैजन्ती माला मन मोहत ॥<br>शंख चक्र कर गदा विराजे, देखत दैत्य असुर दल भाजे ।<br>सत्य धर्म मद लोभ न गाजे, काम क्रोध मद लोभ न छाजे ॥<br>सन्तभक्त सज्जन मनरंजन, दनुज असुर दुष्टन दल गंजन ।<br>सुख उपजाय कष्ट सब भंजन, दोष मिटाय करत जन सज्जन ॥<br>पाप काट भव सिन्धु उतारण, कष्ट नाशकर भक्त उबारण ।<br>करत अनेक रूप प्रभु धारण, केवल आप भक्ति के कारण ॥<br>धरणि धेनु बन तुमहिं पुकारा, तब तुम रूप राम का धारा ।<br>भार उतार असुर दल मारा, रावण आदिक को संहारा ॥<br>आप वाराह रूप बनाया, हिरण्याक्ष को मार गिराया ।<br>धर मत्स्य तन सिन्धु बनाया, चौदह रतनन को निकलाया ॥<br>अमिलख असुरन द्वन्द मचाया, रूप मोहनी आप दिखाया ।<br>देवन को अमृत पान कराया, असुरन को छवि से बहलाया ॥<br>कूर्म रूप धर सिन्धु मझाया, मन्द्राचल गिरि तुरत उठाया ।<br>शंकर का तुम फन्द छुड़ाया, भस्मासुर को रूप दिखाया ॥<br>वेदन को जब असुर डुबाया, कर प्रबन्ध उन्हें ढुढवाया ।<br>मोहित बनकर खलहि नचाया, उसही कर से भस्म कराया ॥<br>असुर जलन्धर अति बलदाई, शंकर से उन कीन्ह लड़ाई ।<br>हार पार शिव सकल बनाई, कीन सती से छल खल जाई ॥<br>सुमिरन कीन तुम्हें शिवरानी, बतलाई सब विपत कहानी ।<br>तब तुम बने मुनीश्वर ज्ञानी, वृन्दा की सब सुरति भुलानी ॥<br>देखत तीन दनुज शैतानी, वृन्दा आय तुम्हें लपटानी ।<br>हो स्पर्श धर्म क्षति मानी, हना असुर उर शिव शैतानी ॥<br>तुमने ध्रुव प्रहलाद उबारे, हिरणाकुश आदिक खल मारे ।<br>गणिका और अजामिल तारे, बहुत भक्त भव सिन्धु उतारे ॥<br>हरहु सकल संताप हमारे, कृपा करहु हरि सिरजन हारे ।<br>देखहुं मैं निज दरश तुम्हारे, दीन बन्धु भक्तन हितकारे ॥<br>चाहता आपका सेवक दर्शन, करहु दया अपनी मधुसूदन ।<br>जानूं नहीं योग्य जब पूजन, होय यज्ञ स्तुति अनुमोदन ॥<br>शीलदया सन्तोष सुलक्षण, विदित नहीं व्रतबोध विलक्षण ।<br>करहुं आपका किस विधि पूजन, कुमति विलोक होत दुख भीषण ॥<br>करहुं प्रणाम कौन विधिसुमिरण, कौन भांति मैं करहु समर्पण ।<br>सुर मुनि करत सदा सेवकाई, हर्षित रहत परम गति पाई ॥<br>दीन दुखिन पर सदा सहाई, निज जन जान लेव अपनाई ।<br>पाप दोष संताप नशाओ, भव बन्धन से मुक्त कराओ ॥<br>सुत सम्पति दे सुख उपजाओ, निज चरनन का दास बनाओ ।<br>निगम सदा ये विनय सुनावै, पढ़ै सुनै सो जन सुख पावै ॥<br><strong>॥ इति श्री विष्णु चालीसा ॥</strong></p>
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