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	<title>धराली आपदा &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>धराली आपदा &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>धराली में मलबे के बीच से वाहनों की आवाजाही शुरू, हेली से रेस्क्यू बंद</title>
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		<pubDate>Sat, 16 Aug 2025 08:09:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="354" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/4-3-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/4-3.png 662w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/4-3-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />धराली आपदा का आज 12वां दिन है। वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है, लेकिन मौसम खराब होने से हेली से रेस्क्यू बंद है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में फिलहाल राहत सामग्री नहीं पहुंचाई जा रही है। बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन की ओर से धराली में मलबे के बीच से वाहनों की आवाजाही सुचारू कर दी &#8230;]]></description>
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<p>धराली आपदा का आज 12वां दिन है। वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है, लेकिन मौसम खराब होने से हेली से रेस्क्यू बंद है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में फिलहाल राहत सामग्री नहीं पहुंचाई जा रही है।</p>



<p>बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन की ओर से धराली में मलबे के बीच से वाहनों की आवाजाही सुचारू कर दी है, लेकिन इसेस आगे हर्षिल में बनी झील में डूबे हाईवे को सुचारू करना एक बड़ी चुनौती है। वहीं मौसम खराब होने के कारण हेली से रेस्क्यू बंद है। प्रभावित क्षेत्र में रसद समाग्री नहीं पहुंचाई जा रही है।</p>



<p>धराली में आई आपदा के 12 दिन बाद भी गांव में चुनौतियां बरकरार हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्रों तक जरूरी सामान पहुंचाने में भारी मुश्किलें आ रही हैं। मुखबा-धराली को जोड़ने वाला पुल क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर भागीरथी नदी के बीच से रस्सी के सहारे रसोई गैस सिलिंडर और अन्य सामग्री पहुंचा रहे हैं।</p>



<p>आपदा के बाद से धराली गांव में स्थिति जस की तस है। ग्रामीण अभी तक सदमे में हैं और अपनी दिनचर्या मंदिर के आंगन और मलबे के पास बैठकर गुजार रहे हैं। आपदा का मंजर याद कर महिलाएं भावुक हो रही हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक खाद्य सामग्री और राहत सामग्री लगातार पहुंचाई जा रही है।</p>
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		<title>धराली आपदा: लापता लोगों का पता लगाना बड़ी चुनौती…</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 Aug 2025 05:29:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[धराली आपदा]]></category>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="344" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3-2-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3-2.png 648w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/3-2-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>धराली आपदा में अब मोबाइल की लोकेशन से लापता लोगों का पता लगाया जाएगा। नंबर के आधार पर संबंधित के मूवमेंट को देखा जाएगा। इसके बाद उसकी जांच होगी। आपदा के बाद से ही नेपाल, बिहार, राजस्थान आदि राज्यों से लोग अपनों की तलाश में धराली पहुंच रहे हैं। जो लापता लोगों के बारे में अलग-अलग दावे कर रहे हैं। धराली में पांच अगस्त को आई आपदा के बाद से अब तक 1308 यात्रियों और स्थानीय लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है।</p>



<p>प्रशासन ने अब तक अधिकारिक रूप से 68 लोगों के लापता होने की पुष्टि की है। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन के मुताबिक लापता लोगों की पुष्टि के लिए मोबाइल की लोकेशन देखी जाएगी।</p>



<p>मोबाइल के टावर में सूचना रहती है। आपदा के दिन पांच अगस्त की सूचना को देखा जाएगा। अभी जो लोग अपनों के लापता होने का दावा कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से उसे दर्ज किया जा रहा है। उनकी ओर से अपने परिजनों का जो नंबर दिया गया है, उसके मूवमेंट को देखा जाएगा। मोबाइल नंबर के लिए दर्ज पते को भी देखा जाएगा। इसके बाद संबंधित जिलों से इसकी जांच कराई जाएगी।</p>



<p>ठेकेदारों के रिकॉर्ड को देखने के साथ ही विशेषज्ञों से भी सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। गृह सचिव शैलेश बगौली बताते हैं कि लापता लोगों की मोबाइल लोकेशन के साथ ही जिला प्रशासन से भी जांच कराई जाएगी।</p>



<p><strong>लापता लोगों का पता लगाना बड़ी चुनौती<br></strong>सेना, स्पेशल फोर्सेज, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, बीआरओ सहित कई केंद्रीय और राज्य एजेंसियां राहत और बचाव के काम में लगी हैं। शासन-प्रशासन के सामने लापता लोगों का पता लगाना बड़ी चुनौती है।</p>



<p>आम तौर पर कोई नहीं कहता कि आपदा में उनके परिजन लापता है या उनकी मौत हो गई है। यही वजह है कि प्रथम दृष्टया हम उसे सही मान लेते हैं। इसके बाद इसकी जांच कराई जाएगी।<br>विनोद कुमार सुमन, सचिव आपदा प्रबंधन</p>
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		<title>धराली आपदा: आठ जगहों पर दिए कैडेवर डॉग्स ने संकेत, खोदाई हुई तो निकला पानी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 Aug 2025 05:50:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[धराली आपदा]]></category>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="354" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/2-13-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/2-13.jpg 804w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/2-13-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/2-13-768x439.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>धराली आपदा प्रभावित क्षेत्र में आठ जगहों पर कैडेवर डॉग्स ने संकेत दिए। एनडीआरएफ ने जीपीआर मशीन से ग्राउंड जीरो की स्कैनिंग शुरू की। वीडियो में जिस जगह से लोग भागते नजर आए थे वहां भी खोदाई हुई थी।</p>



<p>धराली में ग्राउंड जीरो पर एनडीआरएफ के कैडेवर डॉग्स (शव खोजी कुत्ते) ने आठ जगह सूंघकर संकेत दिए। यहां खोदाई शुरू हुई तो नीचे से पानी निकल आया, जिससे वहां काम रोकना पड़ा। अब यहां ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) से ग्राउंड जीरो की स्कैनिंग की जा रही है। इस राडार की तरंगों से मलबे में दबे भवनों की खोज की जाएगी। इसके बाद जहां से सही दिशा में संकेत मिलेंगे वहीं पर खोदाई की जाएगी।</p>



<p>दरअसल, धराली में आपदाग्रस्त क्षेत्र से वहां फंसे लोगों को निकालने का काम लगभग पूरा हो गया है। अब पुलिस और अन्य एजेंसियों ने वहां पर दूसरे चरण में शवों को तलाशना शुरू कर दिया है। इसके लिए शुरुआत में ही एनडीआरएफ ने वहां पर दो कैडेवर डॉग्स को तैनात किया था। इन डॉग की मदद से लगातार खोज अभियान चलाया जा रहा है।</p>



<p><strong>अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर खोज शुरू की</strong><br>इन डॉग ने रविवार को कुल आठ जगहों पर सूंघकर संकेत दिए थे। यहां एनडीआरएफ ने जब खोदाई की तो मलबे के नीचे से पानी निकलने लगा। ऐसे में एनडीआरएफ को वहां पर खोदाई रोकनी पड़ी। इसके अलावा स्थानीय लोगों से जानकारी के आधार पर एनडीआरएफ ने उस जगह पर भी खोदाई की जहां पर वीडियो में लोग भागते नजर आ रहे थे।</p>



<p>यहां भी पानी के कारण ज्यादा खोदाई नहीं हो सकी। डीआईजी एनडीआरएफ गंभीर सिंह चौहान ने बताया कि यहां पर जीपीआर से स्कैनिंग की जा रही है। यह रडार तरंगों पर काम करने वाला उपकरण है। इससे भूमि के अंदर स्ट्रक्चर का पता लगाया जाता है। मसलन अगर कहीं मकान या अन्य कोई भवन होने के संकेत मिलेंगे तो ठीक उसी जगह पर खोदाई की जाएगी।</p>



<p>इससे वहां पर समय की बचत के साथ आसानी से काम किया जा सकता है। एनडीआरएफ ने पूरे इलाके को अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर खोज शुरू कर दी है। ज्यादा बड़ी मशीनें भी यहां पर पहुंचने में दिक्कत आ रही है लिहाजा मैन्युअली खोदाई करनी पड़ रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>धराली आपदा: घर जाकर क्या बताऊंगा…फफक-फकक कर रो पड़े बिहार के आनंद शर्मा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 Aug 2025 08:11:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[धराली आपदा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="342" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/34-3-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/34-3.png 654w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/34-3-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />गंगा मैया ने हमें बचाया है… यह शब्द कहते हुए बिहार के बेतिया जिले के पुरुषोत्तमा गांव निवासी आनंद शर्मा की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। पांच&#160;अगस्त को उत्तरकाशी जिले के धराली में खीर गंगा के रौद्र रूप ने उनके सामने ही उनका सब कुछ छीन लिया। मैं और मेरे चाचा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="342" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/34-3-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/34-3.png 654w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/34-3-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>गंगा मैया ने हमें बचाया है… यह शब्द कहते हुए बिहार के बेतिया जिले के पुरुषोत्तमा गांव निवासी आनंद शर्मा की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। पांच&nbsp;अगस्त को उत्तरकाशी जिले के धराली में खीर गंगा के रौद्र रूप ने उनके सामने ही उनका सब कुछ छीन लिया।</p>



<p>मैं और मेरे चाचा तो बच गए पर मेरे फूफा देशराज शर्मा और उनके दो बेटे अनिल शर्मा, सुशील शर्मा का कुछ पता नहीं चल पा रहा है। आनंद शर्मा बताते हैं कि उस दिन बारिश हो रही थी। फूफा ने उन्हें और चाचा श्याम शर्मा को पास के गांव में लकड़ी का काम करने भेज दिया था। फूफा और दोनों बेटे कमरे में ही थे।</p>



<p>दोपहर को अचानक बादलों ने बरसना तेज कर दिया और देखते ही देखते खीरगंगा का पानी उफान मारता हुआ आया। बारिश तेज होने पर कमरे में लौट रहे थे तभी देखा कि खीर गंगा का पानी मलबा और पत्थर समेटे पूरे वेग के साथ उफान पर है। घबराकर वह और चाचा अन्य लोगों के साथ जंगल की ओर भागे।</p>



<p>गंगा मैया ने हमें बचा लिया, नहीं तो हम भी… यह कहते-कहते आनंद की आवाज भर्रा जाती है। बताया तीन-चार घंटे उन्होंने जंगल में बिताए और रात में धराली गांव में वापस आ गए।</p>



<p>अगले दिन धराली बाजार लौटे, तो वहां का मंजर रूह को कंपा देने वाला था। मकान, दुकानें, होटल और खेत सब मलबे में तब्दील हो चुके थे। जिस कमरे में हम फूफा के साथ रहते थे वहां पर अब सिर्फ मलबा का ढेर जमा है।</p>



<p>अब घर जाकर क्या बताऊंगा… मां को और बुआ को यह कहते हुए आनंद शर्मा फफक पड़ते हैं।&nbsp;चार दिन तक मैं और चाचा धराली गांव में ही रुके रहे। फूफा और दोनों भाइयोें को आसपास तलाशने की काफी कोशिशें की, लेकिन हर तरफ से निराशा ही हाथ लगी।</p>



<p>स्थानीय लोगों ने भोजन-पानी दिया। आनंद और उसके चाचा को शनिवार को धराली से हेली रेस्क्यू कर मातली हैलिपैड लाकर उनके गंतब्य को भेजा गया।&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>धराली आपदा : खराब मौसम फिर बना बचाव में बाधा, अब तक 1273 लोगों का रेस्क्यू</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 Aug 2025 08:05:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[धराली आपदा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="332" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/654-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/654.png 645w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/654-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />आपदाग्रस्त धराली में पुलिस ने खोज और बचाव अभियान का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। इसके लिए आईजी एसडीआरएफ अरुण मोहन जोशी को इंसीडेंट कमांडर और कमांडेंट एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी को डिप्टी कमांडर बनाया गया है। धराली में फंसे 1273 लोगों को अब तक सुरक्षित निकाल लिया गया है। अब लापता लोगों की तलाश &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="332" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/654-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/654.png 645w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/654-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>आपदाग्रस्त धराली में पुलिस ने खोज और बचाव अभियान का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। इसके लिए आईजी एसडीआरएफ अरुण मोहन जोशी को इंसीडेंट कमांडर और कमांडेंट एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी को डिप्टी कमांडर बनाया गया है। धराली में फंसे 1273 लोगों को अब तक सुरक्षित निकाल लिया गया है। अब लापता लोगों की तलाश की जाएगी।</p>



<p><strong>डीजीपी ने की अहम बैठक<br></strong>डीजीपी दीपम सेठ ने ग्राउंड जीरो पर ज्यादा से ज्यादा तकनीकों और मानव संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए खोज और बचाव कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस संबंध में रविवार को पुलिस मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की। डीजीपी ने बैठक में सबसे पहले एडीजी कानून व्यवस्था, आईजी पीएसी, आईजी एसडीआरएफ, टेलीकॉम, फायर आदि अधिकारियों से अब तक के अभियान की जानकारी ली। उन्होंने वहां मौजूद अन्य एजेंसियों और विभागों के साथ समन्वय बनाते हुए फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के कार्य की प्रशंसा की। इसके आगे अब उन्होंने दूसरे चरण की कार्ययोजना पर चर्चा की। इस चरण में सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए।</p>



<p><strong>बनाई जाएगी ठोस रणनीति<br></strong>उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राउंड जीरो को डीएम, एसपी, सेना, आईटीबीपी और एनडीआरएफ आदि विभागों और अधिकारियों के साथ मिलकर सेक्टर में बांटा जाए। अलग-अलग सेक्टरों में अधिकारियों को दायित्व बांटकर एक ठोस रणनीति बनाई जाए। वहां पर एसडीआरएफ, फायर सर्विस और पीएसी की पर्याप्त संख्या में तैनाती के निर्देश दिए। इसके अलावा जो लोग लापता हैं उनकी सूची भी तैयार करने के लिए डीजीपी ने कहा। उन्होंने इस कार्य के लिए स्थानीय लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों का सहयोग लेने के निर्देश दिए।</p>



<p><strong>24 घंटे अलर्ट रहने की निर्देश<br></strong>घटनास्थल को रेड फ्लैग करने के बाद वहां पर आधुनिक तकनीकों का प्रयोग करने के लिए कहा गया। डीजीपी ने ड्रोन, थर्मल इमेजिंग कैमरे, विक्टिम लोकेटिंग कैमरे और डॉग स्क्वाड जैसी तकनीकी और मानव संसाधन क्षमता का पूर्ण उपयोग कर सर्च अभियान तेज करने को कहा। साथ ही पुलिस को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहकर हर गतिविधि की रीयल टाइम रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए ताकि किसी भी आवश्यकता या आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लिया जा सके।</p>



<p><strong>हर्षिल में बनी झील से पानी निकासी का काम मैनुअल करने की तैयारी<br></strong>सिंचाई विभाग हर्षिल में बनी कृत्रिम झील से पानी की निकासी रास्ता बनाने का काम मैनुअल करने की तैयारी में है। सिंचाई विभाग के अधिकारी और श्रमिक आज हेलिकाप्टर के माध्यम से हर्षिल जाएंगे। अधिकारियों को वहीं पर कैंप करने का भी निर्देश दिया गया है। वहीं झील पर जल निकासी का कार्य करने के लिए यूजेवीएनएल की टीम भी हर्षिल पहुंच गई है।</p>



<p><strong>झील बनी चिंता का विषय<br></strong>पांच अगस्त का आई आपदा में तेलगाड से मलबा आने के कारण भागीरथी नदी में एक कृत्रिम झील बन गई है। यह झील चिंता का विषय बनी हुई है। पोकलेन के माध्यम से मलबा हटाकर झील के पानी की निकासी की योजना बनाई गई थी, इसके लिए अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया था। पर रास्ता खुलने और पोकलेन के पहुंचाने में कुछ समय लग सकता है, ऐसे में मलबा हटाकर जल निकासी के लिए मैनुअल काम करने का फैसला लिया गया है।</p>



<p><strong>हेलिकाप्टर से जाएंगे मजदूर और जेई<br></strong>सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता संजय राज ने कहा कि हेलिकाप्टर के माध्यम से 20 श्रमिक, एक एई, एक जेई को भेजा जाएगा। यह दल झील में मैनुअल काम और कुछ मुहाना साफ कर पानी की निकासी का रास्ता बनाने की संभावना को देखेगा। अगर यह संभावना मिलती है, तो काम शुरू किया जाएगा। अधिकारी वहीं पर कैंप करेंगे। अभी भी झील से पानी की निकासी हो रही है, ऐसे में चिंता की बात नहीं है।</p>



<p><strong>झील का पानी सड़क पर बह रहा<br></strong>जो कृत्रिम झील बनी है, उसका पानी गंगोत्री हाईवे पर करीब 500 मीटर में बह रहा है। झील का पानी कम होता है, तो आगे रास्ता भी साफ हो सकेगा। पानी के कारण मार्ग खराब हुआ है, उसको बनाने का भी काम करना होगा।</p>
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