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	<title>धनतेरस &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>धनतेरस &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>धनतेरस पर मोहाना टोल प्लाजा शुरू: NH 352A पर सफर हुआ महंगा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Oct 2025 07:21:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[धनतेरस]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="345" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/98po-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/98po.png 652w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/98po-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />हरियाणा:धनतेरस के मौके पर ग्रीनफील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-352ए पर सफर करना महंगा हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने गांव मोहाना के पास स्थापित टोल प्लाजा को चालू कर दिया है। शनिवार को धनतेरस पर वाहन चालक टोल प्लाजा पर पहुंचे तो उन्होंने निर्धारित दर से ज्यादा टोल वसूलने का आरोप लगाया। इस &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="345" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/98po-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/98po.png 652w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/98po-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p><strong>हरियाणा:</strong>धनतेरस के मौके पर ग्रीनफील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-352ए पर सफर करना महंगा हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने गांव मोहाना के पास स्थापित टोल प्लाजा को चालू कर दिया है। शनिवार को धनतेरस पर वाहन चालक टोल प्लाजा पर पहुंचे तो उन्होंने निर्धारित दर से ज्यादा टोल वसूलने का आरोप लगाया। इस दौरान वाहन चालकों की टोल कर्मियों से कई बार बहस भी हुई लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली।</p>



<p>शनिवार को वाहन चालक गोहाना से सोनीपत और सोनीपत से गोहाना की तरफ जा रहे थे। रोजाना की तरह टोल प्लाजा से गुजरने लगे तो वहां पर कंपनी की ओर से तैनात टोल कर्मियों ने वाहन चालकों को रोकना शुरू कर दिया। चालकों का आरोप है कि वहां पर उनसे निर्धारित दर से ज्यादा राशि का टोल वसूला गया।</p>



<p>इस दौरान चालकों की टोल कर्मियों से बहस भी हुई लेकिन किसी भी वाहन को बिना टोल दिए टोल प्लाजा से निकलने नहीं दिया गया। इसके चलते वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शनिवार को पहली बार टोल लेने के दौरान चालकों को अव्यवस्थाएं झेलनी पड़ी।</p>



<p>वहां पर फास्टैग तक काम नहीं कर रहे थे। एनएचएआई की तरफ से वहां पर टोल राशि की सूची भी चस्पा नहीं की गई थी, जिससे वाहन चालक सूची को देखकर अपना निर्धारित दर पर टोल दे सके। वाहन चालकों ने टोल कर्मियों से पेटीएम व ऑनलाइन तरीके से पेमेंट करने की बात कही, लेकिन टोल कर्मियाें ने नकद राशि लेकर वाहन चालकों को टोल प्लाजा से गुजरने दिया।</p>



<p><strong>गोहाना के लोगों को दिल्ली के लिए देना होगा टैक्स</strong></p>



<p>मोहाना गांव सोनीपत और गोहाना के मध्य में पड़ता है, इसलिए सोनीपत या फिर गोहाना जाने के लिए ग्रामीणों को टोल देकर ही गुजरना पड़ेगा। जिले में एक और टोल प्लाजा शुरू होने पर वाहन चालकों पर बोझ पड़ेगा। अब सोनीपत और गोहाना शहर के लोगों को अपनी गाड़ी से पड़ोसी शहरों में जाने के लिए टोल देना होगा।</p>



<p>गोहाना के अभी तक रोहतक, जींद और पानीपत जाने के लिए टोल देना पड़ रहा था। अब उन्हें सोनीपत आने में भी टोल टैक्स देना होगा। यही स्थिति सोनीपत शहर से गोहाना जाने वाले वाहन चालकों की भी होगी। सोनीपत शहर के लोगों को पानीपत, खरखौदा और केएमपी व केजीपी एक्सप्रेस वे से दूसरे जिले में जाने के लिए टोल टैक्स देना होता है। अब उन्हें गोहाना जाने पर भी टोल देना होगा।</p>



<p><strong>मोहाना टोल प्लाजा का टैक्स</strong></p>



<p>वाहन श्रेणी टोल दर (एक तरफ) (आना-जाना) (मासिक पास)</p>



<p>कार, जीप, वैन या हल्के वाहन 65 95 2140</p>



<p>लाइट कामर्शियल वाहन/मिनी बस 105 155 3455</p>



<p>बस/ट्रक 2 एक्सल 215 325 7240</p>



<p>3 एक्सल कॉमर्शियल 235 355 7895</p>



<p>4 से 6 एक्सल 340 510 11350</p>



<p>7 से अधिक एक्सल 415 620 13820</p>



<p><strong>अधिकारी के अनुसार</strong></p>



<p>सोनीपत-गोहाना के बीच एनएच-352ए पर टोल प्लाजा शुरू कर दिया गया है। टोल वसूलने वाली एजेंसी को आदेश दिए जाएंगे कि चालकों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। एजेंसी निर्धारित दर पर ही टोल की राशि वसूल सकती है। साथ ही फास्टैग सिस्टम को चालू करना अनिवार्य है। टोल प्लाजा के पास टोल की दरें चस्पा कराना सुनिश्चित किया जाएगा। -जगभूषण शर्मा, परियाेजना निदेशक, एनएचएआई।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>धनतेरस पर करें इस कथा का पाठ: सुख-समृद्धि से भरा रहेगा दिन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Oct 2025 04:58:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[धनतेरस]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="501" height="507" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/uikl-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/uikl.jpg 501w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/uikl-medium.jpg 296w" sizes="(max-width: 501px) 100vw, 501px" />कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व धनतेरस दीपोत्सव का पहला दिन होता है। यह दिन केवल सोना-चांदी खरीदने का नहीं, बल्कि आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि, धन के देवता कुबेर और देवी लक्ष्मी की कृपा पाने का भी है। शास्त्रों के अनुसार, धनतेरस के दिन पूजा के समय &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="501" height="507" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/uikl-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/uikl.jpg 501w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/uikl-medium.jpg 296w" sizes="auto, (max-width: 501px) 100vw, 501px" />
<p>कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व धनतेरस दीपोत्सव का पहला दिन होता है। यह दिन केवल सोना-चांदी खरीदने का नहीं, बल्कि आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि, धन के देवता कुबेर और देवी लक्ष्मी की कृपा पाने का भी है। शास्त्रों के अनुसार, धनतेरस के दिन पूजा के समय इसकी व्रत कथा का पाठ करना बहुत मंगलकारी माना गया है, तो आइए पढ़ते हैं।</p>



<p><strong>धनतेरस की कथा</strong></p>



<p>एक बार भगवान विष्णु ने पृथ्वी पर आने का फैसला किया। तब देवी लक्ष्मी ने भी उनके साथ जाने की इच्छा जताई। विष्णु जी ने कहा, “तुम मेरे साथ चल सकती हो, लेकिन मेरी एक बात माननी होगी, मैं जब तक वापस न आऊं, तुम दक्षिण दिशा की ओर बिलकुल मत जाना।” लक्ष्मी जी ने हां कर दी और वे धरती पर आ गए। कुछ देर बाद, विष्णु जी ने लक्ष्मी जी को एक जगह रुकने को कहा और खुद दक्षिण दिशा की ओर चले गए। भगवान के जाते ही लक्ष्मी जी के मन में यह जानने की इच्छा उत्पन्न हुई कि आखिर उस दिशा में ऐसा क्या है जहां जाने से उन्हें मना किया गया है? वह नहीं मानी और उनके पीछे-पीछे चल दीं। आगे जाकर उन्हें सरसों का एक खेत मिला, जिसमें सुंदर फूल खिले थे। लक्ष्मी जी को फूल बहुत अच्छे लगे, तो उन्होंने कुछ फूल तोड़कर अपना शृंगार कर लिया। थोड़ा और आगे चलने पर उन्हें गन्ने का खेत दिखा, जहां उन्होंने गन्ने तोड़कर उनका रस भी चूसा। तभी भगवान विष्णु वहां आ गए।</p>



<p>जब उन्होंने लक्ष्मी जी को सरसों के फूल तोड़े हुए और गन्ने का रस चूसते हुए देखा, तो वे बहुत क्रोधित हुए। उन्होंने लक्ष्मी जी से कहा, “मैंने तुम्हें यहां आने से मना किया था! आपने मेरी बात नहीं मानी और एक किसान के खेत से चोरी का अपराध भी कर बैठीं। इस अपराध के दंड के रूप में अगले 12 वर्षों तक इसी गरीब किसान के घर उसकी सेवा करनी होगी।” यह कहकर भगवान विष्णु उन्हें छोड़कर अपने निवास क्षीरसागर लौट गए। लक्ष्मी जी उस गरीब किसान के घर में साधारण वेश में रहने लगीं। एक दिन लक्ष्मी जी ने किसान की पत्नी से कहा, “तुम स्नान के बाद मेरी बनाई हुई देवी लक्ष्मी की मूर्ति की पूजा करो, फिर रसोई का काम करना।</p>



<p>तुम जो भी मांगोगी, तुम्हें वह मिल जाएगा।” किसान की पत्नी ने ठीक वैसा ही किया। पूजा करने के अगले ही दिन, लक्ष्मी जी के आशीर्वाद और कृपा से किसान का घर अन्न-धन से भर गया और किसान की गरीबी दूर हो गई और उसके 12 साल बड़े सुख-शांति से बीत गए। जब 12 साल पूरे हो गए, तो भगवान विष्णु लक्ष्मी जी को वापस लेने आए। लेकिन अब किसान ने उन्हें भेजने से मना कर दिया, क्योंकि लक्ष्मी जी के कारण उसके जीवन में समृद्धि आई थी। तब भगवान विष्णु ने किसान को समझाया कि लक्ष्मी चंचल होती हैं और वे किसी एक जगह नहीं रुकतीं। वे तो शाप के कारण 12 सालों से तुम्हारी सेवा कर रही थीं और अब उनका समय पूरा हो गया है।</p>



<p>हालांकि, किसान के अधिक हठ करने पर लक्ष्मी जी ने उसे वचन दिया कि “वह धनतेरस के दिन उसकी पत्नी से दोबारा उनकी पूजा करवाएंगी, और जहां उनकी पूजा होगी, वहां वे जरूर निवास करेंगी।” ऐसी मान्यता है कि धनतेरस के दिन जो भी व्यक्ति सच्चे मन से लक्ष्मी जी और धन के देवता कुबेर की पूजा करता है और सात्विकता बनाए रखता है, उसके घर में धन और समृद्धि हमेशा बनी रहती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>इस धनतेरस घर पर बनाएं मुंह में घुल जाने वाली बेसन की बर्फी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Oct 2025 10:08:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खाना -खजाना]]></category>
		<category><![CDATA[रेसिपी]]></category>
		<category><![CDATA[धनतेरस]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="340" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/fvb-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/fvb.jpg 683w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/fvb-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />क्या आप जानते हैं कि धनतेरस की खरीदारी से ज्यादा मजा किस चीज में आता है? जब आपके घर से देसी घी और भुने बेसन की महक पूरे मोहल्ले को बता दे कि आज कुछ खास बनने वाला है। जी हां, बाजार की मिलावटी और महंगी मिठाइयों की बजाय इस साल आप अपनी रसोई में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="340" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/fvb-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/fvb.jpg 683w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/fvb-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>क्या आप जानते हैं कि धनतेरस की खरीदारी से ज्यादा मजा किस चीज में आता है? जब आपके घर से देसी घी और भुने बेसन की महक पूरे मोहल्ले को बता दे कि आज कुछ खास बनने वाला है।</p>



<p>जी हां, बाजार की मिलावटी और महंगी मिठाइयों की बजाय इस साल आप अपनी रसोई में ही कुछ स्पेशल बना सकते हैं। दरअसल, हम बात कर रहे हैं बेसन की बर्फी की, जो सिर्फ मुंह में नहीं घुलती, बल्कि सीधे दिल को छू जाती है।</p>



<p>इस आर्टिकल में हम आपके लिए लाए हैं वह सीक्रेट रेसिपी, जिससे आपकी बेसन बर्फी बनेगी एकदम परफेक्ट, दानेदार और मुंह में घुल जाने वाली। आइए बिना देर किए जानते हैं इसे बनाने की आसान रेसिपी।</p>



<p><strong>बेसन की बर्फी बनाने के लिए सामग्री</strong></p>



<p>बेसन (बारीक) – 1 कप</p>



<p>देसी घी – तीन चौथाई कप</p>



<p>चीनी – 1 कप</p>



<p>पानी – आधा कप</p>



<p>इलायची पाउडर- आधा चम्मच</p>



<p>सजावट के लिए – कटे हुए पिस्ता/बादाम</p>



<p><strong>बेसन की बर्फी बनाने की विधि</strong></p>



<p>एक कड़ाही लें और उसमें घी डालकर हल्का गर्म करें। इसके बाद इसमें बेसन डालें और आंच को बिल्कुल धीमा कर दें।</p>



<p>बेसन को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए तब तक भूनें जब तक कि उसका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए और उसमें से भीनी-भीनी खुशबू न आने लगे। बता दें, इसमें लगभग 10-15 मिनट लग सकते हैं।</p>



<p>बेसन जब अच्छी तरह भुन जाए, तो इसे एक प्लेट में निकाल लें। ध्यान रहे कि यह ठंडा न हो।</p>



<p>अब उसी कड़ाही में चीनी और पानी डालकर गर्म करें।</p>



<p>इसे तब तक उबालें जब तक कि चीनी पूरी तरह घुल न जाए।</p>



<p>हमें एक तार की चाशनी बनानी है। इसके लिए, थोड़ा-सा सिरप उंगली और अंगूठे के बीच लेकर देखें, अगर एक पतला तार बन रहा है, तो चाशनी तैयार है।</p>



<p>अब इसमें इलायची पाउडर मिला दें। इसके बाद गैस बंद कर दें और तुरंत भुने हुए गरम बेसन को धीरे-धीरे चाशनी में मिलाएं।</p>



<p>इसे जल्दी-जल्दी चलाते रहें ताकि गांठें न पड़ें। बता दें, यह मिश्रण कुछ ही देर में गाढ़ा होना शुरू हो जाएगा।</p>



<p>फिर एक थाली या ट्रे को हल्का-सा घी लगाकर चिकना कर लें।</p>



<p>तैयार मिश्रण को चिकनी की हुई ट्रे में फैला दें और चम्मच से एकसार कर लें।</p>



<p>ऊपर से कटे हुए पिस्ता या बादाम डालकर हल्के हाथ से दबा दें।</p>



<p>जब मिश्रण हल्का गर्म हो, तभी चाकू से बर्फी के आकार में काट लें।</p>



<p>इसे पूरी तरह ठंडा होने दें (कम से कम 2-3 घंटे)।</p>



<p>ठंडा होने के बाद, बर्फी को टुकड़ों में निकालें और इस धनतेरस अपने परिवार को खिलाएं।</p>



<p><strong>टिप:</strong>&nbsp;अगर आपकी चाशनी थोड़ी कड़ी हो जाए, तो मिश्रण को जमाते समय एक चम्मच दूध डालकर अच्छे से मिला लें, इससे बर्फी नरम बनेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>धनतेरस के दिन के लिए नाश्ते से लेकर डिनर तक के लिए सेट करें पूरा मेन्यू</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Oct 2025 11:27:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खाना -खजाना]]></category>
		<category><![CDATA[रेसिपी]]></category>
		<category><![CDATA[धनतेरस]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="580" height="315" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/FRTG-1-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/FRTG-1.jpg 580w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/FRTG-1-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 580px) 100vw, 580px" />धनतेरस का पर्व दीपावली के पांच दिन के दीपोत्सव का पहला दिन होता है। इस दिन घर की साफ-सफाई से लेकर खरीदारी और विशेष पूजन तक, हर चीज का खास महत्व होता है। ऐसे पावन मौके पर स्वादिष्ट और पारंपरिक भोजन से दिन की शुरुआत और समाप्ति हो तो त्योहार का आनंद दोगुना हो जाता &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="580" height="315" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/FRTG-1-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/FRTG-1.jpg 580w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/FRTG-1-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 580px) 100vw, 580px" />
<p>धनतेरस का पर्व दीपावली के पांच दिन के दीपोत्सव का पहला दिन होता है। इस दिन घर की साफ-सफाई से लेकर खरीदारी और विशेष पूजन तक, हर चीज का खास महत्व होता है। ऐसे पावन मौके पर स्वादिष्ट और पारंपरिक भोजन से दिन की शुरुआत और समाप्ति हो तो त्योहार का आनंद दोगुना हो जाता है।</p>



<p>खासकर जब पूरे परिवार के लिए दिनभर का मेन्यू पहले से तय हो, तो खाना बनाना भी आसान हो जाता है और स्वाद भी बरकरार रहता है। अगर आप भी सोच रहे हैं कि इस धनतेरस पर क्या खास बनाया जाए, तो हम लेकर आए हैं एक ऐसा वेजिटेरियन मेन्यू जो सुबह के नाश्ते से लेकर रात के डिनर तक आपके त्योहार को स्वाद और स्वास्थ्य से भर देगा। आइए जानते हैं क्या-क्या शामिल करें इस दिन की थाली में।</p>



<p><strong>ब्रेकफास्ट</strong></p>



<p>अगर आप चाहें तो सुबह के नाश्ते में में बेसन या मूंग दाल के चीले बना सकते हैं। चीले खाने में काफी स्वादिष्ट लगते हैं। बेसन का चीला बनाना चाहती हैं तो उसके लिए सबसे पहले एक कप बेसन लें और उसमें बारीक कटी हुई प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, धनिया पत्ती, थोड़ा सा अजवाइन, नमक, और पानी मिलाकर थोड़ा गाढ़ा घोल तैयार करें।</p>



<p>तवा गर्म करके थोड़ा सा तेल लगाएं और उसमें एक करछी घोल डालकर पतला फैला दें। दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेकें। इसे हरी चटनी या टमाटर सॉस के साथ गर्मागर्म परोसें। यह नाश्ते के लिए हल्का और हेल्दी विकल्प है।</p>



<p><strong>लंच</strong></p>



<p>कचौड़ी के लिए मैदा में थोड़ा नमक, अजवाइन और तेल मिलाकर नरम आटा गूंथ लें। भरावन के लिए उबली मूंग दाल या उरद दाल में सौंफ, हींग, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर डालकर भूनें। छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उसमें दाल भरें और बेलकर धीमी आंच पर तलें।</p>



<p>सब्ज़ी के लिए आलू को उबाल लें, फिर टमाटर, अदरक, हरी मिर्च का मसाला बनाकर उसमें आलू डालें। नमक, हल्दी, गरम मसाला डालकर थोड़ा पानी मिलाएं और 10 मिनट तक पकाएं। कचौड़ी और गरमागरम आलू की सब्ज़ी साथ में परोसें।</p>



<p><strong>डिनर</strong></p>



<p>एक कप बासमती चावल को 30 मिनट भिगो दें। पैन में घी या तेल गरम करके तेजपत्ता, लौंग, इलायची, दालचीनी जैसे खड़े मसाले डालें। फिर बारीक कटे प्याज, अदरक-लहसुन पेस्ट डालें और भूनें। इसके बाद गाजर, मटर, बीन्स, फूलगोभी जैसी सब्ज़ियां डालें और कुछ देर पकाएं।</p>



<p>अब इसमें नमक, लाल मिर्च, बिरयानी मसाला और भीगे हुए चावल डालकर 2 कप पानी डालें। ढककर धीमी आंच पर 15-20 मिनट तक पकाएं। पकने के बाद धनिया पत्ती और फ्राइड प्याज से सजाएं। रायते के साथ परोसें।</p>
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		<title>धनतेरस पर करें ये काम, पूरे साल घर में रहेगी धन-समृद्धि</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 05 Oct 2025 05:02:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[धनतेरस]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="512" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/dfvbb-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/dfvbb.jpg 669w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/dfvbb-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />धनतेरस का पावन पर्व कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है, जो दीपावली के पांच दिवसीय महोत्सव का पहला दिन है। इस दिन धन के देवता कुबेर, धन की देवी मां लक्ष्मी और आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। वैसे तो इस दिन सोने-चांदी के आभूषण, &#8230;]]></description>
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<p>धनतेरस का पावन पर्व कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है, जो दीपावली के पांच दिवसीय महोत्सव का पहला दिन है। इस दिन धन के देवता कुबेर, धन की देवी मां लक्ष्मी और आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। वैसे तो इस दिन सोने-चांदी के आभूषण, नए बर्तन, और झाड़ू खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है, जिससे घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है, लेकिन एक ऐसा एक काम है जो धनतेरस की शाम को जरूर करना चाहिए, जिससे आपके घर में पूरे साल धन और समृद्धि बनी रहती है। दरअसल, इस शुभ दिन पर कुबेर जी के सामने घी का दीपक जलाना चाहिए।</p>



<p>फिर उनका ध्यान करते हुए उन्हें खीर का भोग लगाना चाहिए। फिर कुबेर चालीसा का पाठ करके उनकी आरती करनी चाहिए। इससे धन से जुड़ी मुश्किलें दूर होती हैं।</p>



<p><strong>॥कुबेर चालीसा॥<br></strong>॥ दोहा ॥</p>



<p>जैसे अटल हिमालय, और जैसे अडिग सुमेर ।</p>



<p>ऐसे ही स्वर्ग द्वार पे, अविचल खडे कुबेर ॥</p>



<p>विघ्न हरण मंगल करण, सुनो शरणागत की टेर ।</p>



<p>भक्त हेतु वितरण करो, धन माया के ढेर ॥</p>



<p>॥ चौपाई ॥</p>



<p>जै जै जै श्री कुबेर भण्डारी । धन माया के तुम अधिकारी ॥</p>



<p>तप तेज पुंज निर्भय भय हारी । पवन वेग सम सम तनु बलधारी ॥</p>



<p>स्वर्ग द्वार की करें पहरे दारी सेवक इंद्र देव के आज्ञाकारी ॥</p>



<p>यक्ष यक्षणी की है सेना भारी । सेनापति बने युद्ध में धनुधारी ॥</p>



<p>महा योद्धा बन शस्त्र धारैं । युद्ध करैं शत्रु को मारैं ॥</p>



<p>सदा विजयी कभी ना हारैं । भगत जनों के संकट टारैं ॥</p>



<p>प्रपितामह हैं स्वयं विधाता । पुलिस्ता वंश के जन्म विख्याता ॥</p>



<p>विश्रवा पिता इडविडा जी माता । विभीषण भगत आपके भ्राता ॥</p>



<p>शिव चरणों में जब ध्यान लगाया । घोर तपस्या करी तन को सुखाया ॥</p>



<p>शिव वरदान मिले देवत्य पाया । अमृत पान करी अमर हुई काया ॥</p>



<p>धर्म ध्वजा सदा लिए हाथ में । देवी देवता सब फिरैं साथ में ॥</p>



<p>पीताम्बर वस्त्र पहने गात में । बल शक्ति पूरी यक्ष जात में ॥</p>



<p>स्वर्ण सिंहासन आप विराजैं । त्रिशूल गदा हाथ में साजैं ॥</p>



<p>शंख मृदंग नगारे बाजैं । गंधर्व राग मधुर स्वर गाजैं ॥</p>



<p>चौंसठ योगनी मंगल गावैं । ऋद्धि-सिद्धि नित भोग लगावैं ॥</p>



<p>दास दासनी सिर छत्र फिरावैं । यक्ष यक्षणी मिल चंवर ढूलावैं ॥</p>



<p>ऋषियों में जैसे परशुराम बली हैं । देवन्ह में जैसे हनुमान बली हैं</p>



<p>पुरुषों में जैसे भीम बली हैं । यक्षों में ऐसे ही कुबेर बली हैं ॥</p>



<p>भगतों में जैसे प्रहलाद बड़े हैं । पक्षियों में जैसे गरुड़ बड़े हैं ॥</p>



<p>नागों में जैसे शेष बड़े हैं । वैसे ही भगत कुबेर बड़े हैं ॥</p>



<p>कांधे धनुष हाथ में भाला । गले फूलों की पहनी माला ॥</p>



<p>स्वर्ण मुकुट अरु देह विशाला । दूर-दूर तक होए उजाला ॥</p>



<p>कुबेर देव को जो मन में धारे । सदा विजय हो कभी न हारे ॥</p>



<p>बिगड़े काम बन जाएं सारे । अन्न धन के रहें भरे भण्डारे ॥</p>



<p>कुबेर गरीब को आप उभारैं । कुबेर कर्ज को शीघ्र उतारैं ॥</p>



<p>कुबेर भगत के संकट टारैं । कुबेर शत्रु को क्षण में मारैं ॥</p>



<p>शीघ्र धनी जो होना चाहे । क्युं नहीं यक्ष कुबेर मनाएं ॥</p>



<p>यह पाठ जो पढ़े पढ़ाएं । दिन दुगना व्यापार बढ़ाएं ॥</p>



<p>भूत प्रेत को कुबेर भगावैं । अड़े काम को कुबेर बनावैं ॥</p>



<p>रोग शोक को कुबेर नशावैं । कलंक कोढ़ को कुबेर हटावैं ॥</p>



<p>कुबेर चढ़े को और चढ़ादे । कुबेर गिरे को पुन: उठा दे ॥</p>



<p>कुबेर भाग्य को तुरंत जगा दे । कुबेर भूले को राह बता दे ॥</p>



<p>प्यासे की प्यास कुबेर बुझा दे । भूखे की भूख कुबेर मिटा दे ॥</p>



<p>रोगी का रोग कुबेर घटा दे । दुखिया का दुख कुबेर छुटा दे ॥</p>



<p>बांझ की गोद कुबेर भरा दे । कारोबार को कुबेर बढ़ा दे ॥</p>



<p>कारागार से कुबेर छुड़ा दे । चोर ठगों से कुबेर बचा दे ॥</p>



<p>कोर्ट केस में कुबेर जितावै । जो कुबेर को मन में ध्यावै ॥</p>



<p>चुनाव में जीत कुबेर करावैं । मंत्री पद पर कुबेर बिठावैं ॥</p>



<p>पाठ करे जो नित मन लाई । उसकी कला हो सदा सवाई ॥</p>



<p>जिसपे प्रसन्न कुबेर की माई । उसका जीवन चले सुखदाई ॥</p>



<p>जो कुबेर का पाठ करावै । उसका बेड़ा पार लगावै ॥</p>



<p>उजड़े घर को पुन: बसावै । शत्रु को भी मित्र बनावै ॥</p>



<p>सहस्त्र पुस्तक जो दान कराई । सब सुख भोद पदार्थ पाई ॥</p>



<p>प्राण त्याग कर स्वर्ग में जाई । मानस परिवार कुबेर कीर्ति गाई ॥</p>



<p>॥ दोहा ॥</p>



<p>शिव भक्तों में अग्रणी, श्री यक्षराज कुबेर ।</p>



<p>हृदय में ज्ञान प्रकाश भर, कर दो दूर अंधेर ॥</p>



<p>कर दो दूर अंधेर अब, जरा करो ना देर ।</p>



<p>शरण पड़ा हूं आपकी, दया की दृष्टि फेर ॥</p>



<p>नित्त नेम कर प्रातः ही, पाठ करौं चालीसा ।</p>



<p>तुम मेरी मनोकामना, पूर्ण करो जगदीश ॥</p>



<p>मगसर छठि हेमन्त ॠतु, संवत चौसठ जान ।</p>



<p>अस्तुति चालीसा शिवहि, पूर्ण कीन कल्याण ॥</p>
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