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	<title>दाएं हाथ &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>दक्षिणा हमेशा दाएं हाथ से ही क्यों? जानिए बाएं हाथ से दान देने की मनाही का आध्यात्मिक रहस्य</title>
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		<pubDate>Thu, 06 Aug 2026 05:34:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="351" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-17.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-17.jpg 917w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-17-300x170.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-17-768x436.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />हिंदू धर्म में जब भी हम मंदिर जाते हैं, तो पूजा-पाठ के बाद भगवान के चरणों में या पुजारी जी को दक्षिणा जरूर अर्पित करते हैं। लेकिन, क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि बड़े-बुजुर्ग हमेशा दक्षिणा या दान दाहिने (दाएं) हाथ से ही देने की सलाह क्यों देते हैं? शास्त्रों में इसके पीछे बेहद &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="351" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-17.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-17.jpg 917w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-17-300x170.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/12-17-768x436.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>हिंदू धर्म में जब भी हम मंदिर जाते हैं, तो पूजा-पाठ के बाद भगवान के चरणों में या पुजारी जी को दक्षिणा जरूर अर्पित करते हैं। लेकिन, क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि बड़े-बुजुर्ग हमेशा दक्षिणा या दान दाहिने (दाएं) हाथ से ही देने की सलाह क्यों देते हैं? शास्त्रों में इसके पीछे बेहद गहरे धार्मिक, आध्यात्मिक और व्यावहारिक कारण बताए गए हैं।</p>



<p>एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषियों के अनुसार, सनातन धर्म में हमारे शरीर के दाहिने भाग को सकारात्मक ऊर्जा, सूर्य नाड़ी (पिंगला) और पवित्रता का प्रतीक माना गया है। धर्मशास्त्रों के अनुसार, कोई भी शुभ, धार्मिक या मांगलिक कार्य करते समय हमेशा दाहिने हाथ का ही उपयोग किया जाना चाहिए।</p>



<p><strong>दाहिने हाथ से दक्षिणा देने के आध्यात्मिक और वैज्ञानिक कारण<br></strong>मंदिर में भगवान या पुजारी को दक्षिणा अर्पित करते समय सही विधि का पालन करने के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:</p>



<p><strong>समर्पण और श्रद्धा का प्रतीक:&nbsp;</strong>मंदिर में दक्षिणा देना केवल एक भौतिक लेन-देन नहीं है, बल्कि यह हमारी श्रद्धा और निष्काम भक्ति का समर्पण होता है।</p>



<p><strong>आत्मिक चेतना और अहंकार का नाश:&nbsp;</strong>दाहिने हाथ से दिया गया दान सीधे हमारी आत्मिक चेतना को ईश्वर से जोड़ता है और हमारे भीतर के अहंकार का नाश करता है।</p>



<p><strong>देवतुल्य ऊर्जा का वाहक:&nbsp;</strong>बाएं हाथ को मुख्य रूप से शारीरिक स्वच्छता और गौण कार्यों के लिए उपयुक्त माना गया है, जबकि दाहिना हाथ देवतुल्य ऊर्जा और धर्म कर्म का वाहक होता है।</p>



<p><strong>सात्विक दान और पुण्यों में वृद्धि:&nbsp;</strong>शास्त्रों में कहा गया है कि दाहिने हाथ से किया गया दान सात्विक होता है, जिससे मनुष्य के पुण्य कर्मों में वृद्धि होती है।</p>



<p><strong>विनम्रता और शुद्ध भाव:&nbsp;</strong>जब हम पूर्ण भक्ति भाव से दाहिने हाथ को आगे बढ़ाकर दक्षिणा अर्पित करते हैं, तो हमारा मन विनम्रता से भर जाता है। यह परंपरा सिखाती है कि ईश्वर के चरणों में अर्पण शुद्धतम भाव, सही विधि और पूर्ण सम्मान के साथ होना चाहिए।</p>



<p>इसके अलावा, एक और महत्वपूर्ण परंपरा का पालन अक्सर किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, जब हम दाहिने हाथ से दक्षिणा अर्पित करते हैं, तब बाएं हाथ को दाहिने हाथ के नीचे या उसकी कलाई को सहारा देते हुए रखना चाहिए। यह मुद्रा अत्यंत विनम्रता और सम्मान को दर्शाती है। यह इस भाव का प्रतीक है कि आप न केवल भौतिक धन दे रहे हैं, बल्कि अपनी मेहनत की कमाई को पूर्ण आदर और अहंकार से मुक्त होकर ईश्वर के चरणों में निवेदित कर रहे हैं।</p>
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		<title>दाएं हाथ के बल्लेबाज करुण नायर का जन्मदिन आज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 06 Dec 2023 06:06:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेल]]></category>
		<category><![CDATA[करुण नायर]]></category>
		<category><![CDATA[दाएं हाथ]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="425" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/स्पोर्ट्स-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/स्पोर्ट्स-1.jpg 762w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/स्पोर्ट्स-1-300x206.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/स्पोर्ट्स-1-110x75.jpg 110w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />जिंदगी और मौत के बीच हर कोई फासला चाहता है, लेकिन मौत कब आनी है, इसके बारे में कोई कुछ कह नहीं सकता। ये जीवन का सत्य ही है कि जन्म लेने के साथ ही हर इंसान की मौत का समय भी तय हो जाता है, लेकिन ऐसे कई करिश्मे देखने को मिले है, जब &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="425" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/स्पोर्ट्स-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/स्पोर्ट्स-1.jpg 762w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/स्पोर्ट्स-1-300x206.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/स्पोर्ट्स-1-110x75.jpg 110w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>जिंदगी और मौत के बीच हर कोई फासला चाहता है, लेकिन मौत कब आनी है, इसके बारे में कोई कुछ कह नहीं सकता। ये जीवन का सत्य ही है कि जन्म लेने के साथ ही हर इंसान की मौत का समय भी तय हो जाता है, लेकिन ऐसे कई करिश्मे देखने को मिले है, जब मौत करीब होने के बावजूद इंसान बच जाता है।</p>



<p>ऐसे बहुत सारे क्रिकेटर्स को भी देखा गया है, जिन्होंने मौत को मात देकर भी क्रिकेट में अपना नाम कमाया है। इस लिस्ट में भारत के क्रिकेटर करुण नायर का नाम भी शामिल हैं, जिन्होंने अपनी जिंदगी में मौत का एक नहीं, बल्कि दो बार सामना किया।</p>



<p>हैरानी वाली बात ये रही कि मौत के डर की वजह से ही वह क्रिकेट के करीब आए और वह जितनी तेजी से फलक पर छाए, उतनी ही तेजी से वह सीन से गायब हो गए। आज करुण नायर अपना 32वां जन्मदिन मना रहे हैं। ऐसे में आइए जानते हैं उनकी लाइफ स्टोरी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">Karun Nair Birthday: दो बार मौत को चकमा दे चुके हैं करुण नायर</h2>



<p>दरअसल, दाएं हाथ के बल्लेबाज करुण नायर (Karun Nair) का जन्म 6 दिसंबर 1991 को राजस्थान के जोधपुर में हुआ था, लेकिन बाद में वह अपने परिवार के साथ बेंगलोर चले गए। करुण नायर का जब जन्म हुआ तभी उन्होंने पहली बार मौत को शिकस्त दी। करुण प्री-म्योचोर बेबी थे, जिनका जन्म 8 महीने की प्रेग्नेंसी में ही हो गया था।</p>



<p>इस तरह से बचपन में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उनके फेफड़ों की क्षमता कम होने की वजह से डॉक्टर ने उन्हें शारीरिक मेहनत करने की सलाह दी थी। इस वजह से उनके पिता ने उन्हें क्रिकेट खेलने को कहा और महज 10 साल की उम्र से ही नायर ने बल्ला पकड़कर खेलना शुरू कर दिया था।</p>



<p>इसके अलावा दूसरी बार साल 2016 में करुण नायर ने मौत को मात दी थी। उस वक्त वह एक नाव दुर्घटना में बाल-बाल बच गए थे। वह तैरना नहीं जानते थे, लेकिन नाव डूब गई और फिर लोगों ने उन्हें बचा लिया। इस हादसे के बाद नायर ने खुद को भाग्यशाली भी बताया था।</p>



<h3 class="wp-block-heading">भारत के ट्रिपल सेंचुरी वाले करुण नायर आज जी रहे हैं गुमनाम जिंदगी</h3>



<p>साल 2016 में भारत के लिए करुण नायर (Karun Nair Triple Century) ने अपने टेस्ट डेब्यू में ही तिहरा शतक ठोका था। इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई के मैदान पर करुण नायर ने 303 रनों की पारी खेलकर कई रिकॉर्ड्स धवस्त कियए। इस दौरान करुण नायर ने 2.5 दिन तक बल्लेबाजी की थी।</p>



<p>इस तिहरे शतक के बाद उन्हें सिर्फ 3 मौक मिले, जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ थे। इन तीन मैच में नायर के बल्ले से 26. 23 और 5 रन क्रेश की पारियां निकली। इसके बाद नायर को ड्रॉप कर दिया गया। नायर ने आखिरी टेस्ट 2017 में खेला था। 7 साल से वह टीम इंडिया से बाहर चल रहे है।</p>



<p>उन्हें भारतीय क्रिकेट का बदकिस्मत खिलाड़ी कहा जाने लगा। नायर ने भारतीय टीम क तरफ से 6 टेस्ट में 374 रन बनाए है। उन्होंने भारत की तरफ से दो वनडे खेले है, जिसमें उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला था।</p>
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