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	<title>दर्द &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>दर्द &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>पीएम 2.5 का बढ़ता स्तर दे रहा जोड़ और रीढ़ का दर्द</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Oct 2025 05:19:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[दर्द]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="394" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/fgbnn-2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/fgbnn-2.jpg 639w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/fgbnn-2-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />जोड़ों के रोग अब केवल बुढ़ापे की समस्या नहीं रह गए हैं। गठिया (अर्थराइटिस) और इससे जुड़ी अन्य तकलीफें तेजी से मध्यम आयु वर्ग के लोगों को भी अपनी चपेट में ले रही हैं। एम्स के एक अध्ययन के अनुसार प्रदूषण का बढ़ता स्तर भी इसकी प्रमुख वजह है। जब वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="394" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/fgbnn-2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/fgbnn-2.jpg 639w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/fgbnn-2-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>जोड़ों के रोग अब केवल बुढ़ापे की समस्या नहीं रह गए हैं। गठिया (अर्थराइटिस) और इससे जुड़ी अन्य तकलीफें तेजी से मध्यम आयु वर्ग के लोगों को भी अपनी चपेट में ले रही हैं। एम्स के एक अध्ययन के अनुसार प्रदूषण का बढ़ता स्तर भी इसकी प्रमुख वजह है। जब वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता है तब रिम्यूटाइड आर्थराइटिस का दर्द भी अधिक होता है। प्रदूषित हवा में लंबे समय तक रहने से आटोइम्यून कम होने लगता है यानी शरीर का प्रतिरोधक तंत्र कमजोर होने लगता है। ऐसी स्थिति में शरीर के कोशिकाएं स्वयं को डैमेज करने लगती हैं। इसलिए प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर अधिक दर्द होता है।</p>



<p>हवा में प्रदूषण की मात्रा को लेकर सीपीसीबी की रिपोर्ट के साथ-साथ एम्स ने 300 मरीजों पर 10 वर्ष तक अध्ययन किया। प्रदूषण का डाटा लिया और सभी मरीजों के ब्लड सैंपल की जांच की। मरीज को अधिक पेन होने के दिन और समय तक को भी दर्ज किया गया । प्रदूषण स्तर और दर्द की टाइमिंग मैच कराने पर स्पष्ट हुआ कि एयर पार्टिकल्स भी दर्द का कारण बन जाता है।</p>



<p>अध्ययन में पाया गया कि हवा में पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) का लेवल 2.5 माइक्रोमीटर से ज्यादा होने पर मरीजों का दर्द बढ़ता है। इससे पहले अमेरिका में भी एक स्टडी हुई थी जिसमें यह कहा गया था कि मेन रोड के पास रहने वालों में आम लोगों की तुलना में आर्थराइटिस होने की संभावना अधिक होती है। मॉडल टाउन स्थित यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हास्पिटल के आर्थोपेडिक्स और ज्वॉइंट रिप्लेसमेंट विभाग के ग्रुप चेयरमैन डॉ. पलाश गुप्ता बताते हैं कि रोजमर्रा के तनाव, अनियमित खानपान, नींद की कमी और शरीर को पर्याप्त विश्राम न देना भी इन बीमारियों को बढ़ा रहे हैं।</p>



<p>लोग दिनभर दफ्तर या ट्रैफिक में बैठे रहते हैं और फिर अचानक स्वास्थ्य जागरूकता के जोश में कुछ हफ्तों तक जिम या रनिंग शुरू कर देते हैं, पर कुछ महीनों में सब छोड़ देते हैं । यह असंतुलित पैटर्न शरीर और जोड़ों पर उल्टा असर डाल रहा है। ओपीडी में आने वाले करीब 25 प्रतिशत मरीज ऐसे नए और युवा हैं जो पहली बार जोड़ों की समस्या लेकर आते हैं। इनमें घुटनों, कूल्हों और रीढ़ से जुड़ी शिकायतें सबसे आम हैं।</p>



<p><strong>आर्थराइटिस के सामान्य लक्षण</strong></p>



<p>हल्का बुखार</p>



<p>भूख न लगना</p>



<p>अधिक थकावट महसूस होना</p>



<p>तेजी से वजन कम होना</p>



<p>जोड़ों में दर्द, सूजन व अकड़न</p>



<p>इस तरह किया जा सकता है बचाव</p>



<p>स्वस्थ वजन बनाए रखें।</p>



<p>नियमित व्यायाम करें।</p>



<p>संतुलित आहार लें।</p>



<p>जोड़ों पर दबाव कम डालें ।</p>



<p>धूमपान की आदत छोड़ें।</p>



<p>तनाव प्रबंधन के लिए योग व ध्यान का सहारा लें।</p>



<p>जोड़ों में दर्द, सूजन या अकड़न महसूस होने पर चिकित्सीय परामर्श लें।</p>



<p>चिकित्सक की सलाह के बिना सप्लीमेंट्स या व्यायाम शुरू न करें।</p>



<p>बहुट टाइट या नुकीले जूते न पहनें।</p>



<p><strong>हड्डियां और जोड़ होते जा रहे कमजोर</strong></p>



<p>आर्थराइटिस के सामान्य लक्षण एक ओर वरिष्ठ नागरिक हैं जो बढ़ती उम्र के बावजूद सक्रिय रहना चाहते हैं, वहीं 40 से 60 वर्ष के बीच के मध्यम आयु वर्ग के लोगों में भी जोड़ों व रीढ़ से जुड़ी तकलीफें तेजी से उभर रही हैं। डॉ. पलाश गुप्ता के मुताबिक आर्थराइटिस बढ़ने की वजह केवल उम्र या आनुवांशिक नहीं, बल्कि पर्यावरणीय और जीवनशैली से जुड़ी हैं।</p>



<p>हम खाना हम खाते हैं, वह अक्सर प्रोसेस्ड और मिलावटी होता है। पोषक तत्वों की कमी और व्यायाम की अनदेखी हड्डियों और जोड़ों को कमजोर बना रही है। गलत जूते पहनना, खासकर नुकीले या टाइट फुटवियर भी पैर के जोड़ों पर असर डालते हैं। युवा मरीजों में मोबाइल के अत्यधिक प्रयोग के कारण अंगूठे और अंगुलियों के जोड़ों की शिकायतें भी बढ़ रही हैं। हालांकि कुछ प्रकार के आर्थराइटिस को जीवनशैली में सुधार करके रोका जा सकता है या उसे टाला जा सकता है।</p>
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			</item>
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		<title>इस्तीफा&#8230;इस्तीफा&#8230; फिर छलका राहुल गांधी का दर्द करारी हार पर</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%87%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%ab%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%ab%e0%a4%be-%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%9b%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a4%be/249456</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Radha Rajpoot]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 28 Jun 2019 05:53:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[करारी हार]]></category>
		<category><![CDATA[दर्द]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="342" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/rahul-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/rahul-1.jpg 640w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/rahul-1-300x166.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />लोकसभा चुनाव 2019 में करारी हार के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने इस्तीफे की पेशकश की थी, हालांकि पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के मनाने के बाद राहुल गांधी कुछ समय के लिए पार्टी अध्यक्ष पद पर बने रहने के लिए राजी भी हुए थे. वहीं इसके बावजूद राहुल द्वारा लगातार पद &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="342" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/rahul-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/rahul-1.jpg 640w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/rahul-1-300x166.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p><strong>लोकसभा चुनाव 2019 में करारी हार के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने इस्तीफे की पेशकश की थी, हालांकि पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के मनाने के बाद राहुल गांधी कुछ समय के लिए पार्टी अध्यक्ष पद पर बने रहने के लिए राजी भी हुए थे. वहीं इसके बावजूद राहुल द्वारा लगातार पद छोड़ने की खबरे बाहर आती रही हैं. </strong></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-249461 size-full" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/rahul-1.jpg" alt="" width="640" height="354" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/rahul-1.jpg 640w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/rahul-1-300x166.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p><strong>राहुल गांधी द्वारा साफ-साफ़ यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बात करते हुए कहा गया कि वे आज नहीं तो कल अध्यक्ष पद जरूर छोड़ेंगे. आगे राहुल ने कहा कि मुझे इसी बात का दुख है कि मेरे इस्तीफे के बाद किसी मुख्यमंत्री, महासचिव या प्रदेश अध्यक्षों द्वारा हार की जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा नहीं दिया गया. </strong></p>
<p><strong>बताया जा रहा है कि दरअसल, बुधवार को यूथ कांग्रेस के लोग राहुल गांधी के घर के बाहर एकत्रित हुए थे और इनका मकसद था राहुल गांधी इस्तीफा न दें और कांग्रेस अध्यक्ष पद पर वे बने ही रहें. राहुल के समर्थन में उनके घर के बाहर जब राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बैठे तो राहुल ने सभी को अपने घर पर बुलाया और उनसे अपने मन की बात कह डाली.</strong><br />
<strong>बैठक में यूथ कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि सर (राहुल गांधी) ये सामूहिक हार है सबकी जिम्मेदारी बनती है तो फिर सिर्फ इस्तीफा आपका ही क्यों? राहुल ने बड़ा मार्मिक जवाब देते हुए इस पर कहा कि, मुझे इसी बात का दुख है कि मेरे इस्तीफे के बाद किसी मुख्यमंत्री, महासचिव या प्रदेश अध्यक्षों ने हार की जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा नहीं दिया.</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जानें एक्सपर्ट की राय कूल्हे में दर्द को नजरअंदाज ना करें</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%8f%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%b2/245553</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Radha Rajpoot]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 15 Jun 2019 09:59:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[कूल्हे]]></category>
		<category><![CDATA[दर्द]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="290" height="174" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/images-23.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />हड्डियों का दर्द खतरा पैदा कर सकता है। इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नजरअंदाज करने से आगे चलकर बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आज हम इस लेख में कूल्हों के दर्द के बारे में बताने जा रहे हैं। कूल्हों के दर्द में रोजमर्रा के काम करने में परेशानी आ जाती है। कई &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="290" height="174" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/images-23.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><strong>हड्डियों का दर्द खतरा पैदा कर सकता है। इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नजरअंदाज करने से आगे चलकर बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आज हम इस लेख में कूल्हों के दर्द के बारे में बताने जा रहे हैं। कूल्हों के दर्द में रोजमर्रा के काम करने में परेशानी आ जाती है। कई बार कूल्हे में दर्द का कारण शरीर में कहीं और आई कोई गड़बड़ी भी होती है। ऐसे में पहचान जरूरी है।</strong></p>
<h3><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-245554 " src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/images-23.jpg" alt="" width="445" height="267" /></h3>
<h3><strong>बचाव और उपाय करना जरूरी</strong></h3>
<p><strong>कमर, गर्दन और कलाई के दर्द के बीच एक और दर्द है, जो बहुत चुपके से हमारी जिंदगी में जगह बना लेता है। उसे अक्सर हम नजरअंदाज कर देते हैं, कभी-कभी हमें ठीक ढंग से उसका एहसास ही नहीं होता। ये है कूल्हे का दर्द , जिसकी जड़ तक पहुंचे बिना ही हम इसे कमर दर्द का असर या अपनी थकावट का नतीजा मान लेते हैं। बेशक डॉक्टर मानते हैं कि इसके मामले ज्यादा नहीं आते, लेकिन लक्षणों को पहचानकर बचाव और उपाय करना जरूरी है।</strong></p>
<h3><strong>हड्डियां कमजोर हो जाती हैं</strong></h3>
<p><strong>दरअसल, कूल्हे में हड्डियों के बीच एक तरह का द्रव होता है। इसी द्रव या फ्लूइड की मदद से कूल्हे की हड्डियां सहजता से काम करती हैं। उम्र बढऩे के साथ या किसी अन्य वजह से जब हड्डियों में फ्लूइड की कमी हो जाती है, तब  कूल्हे में दर्द रहने लगता है। फ्लूइड की कमी की वजह से हड्डियों में रगड़ पैदा होने लगती है। इस रगड़ से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और उनमें टूट-फूट भी हो सकती है। यहीं से शुरू होता है हिप जॉइंट पेन से जुड़ी समस्याओं का सिलसिला।</strong></p>
<h3><strong>ऐसे पहचानें लक्षण</strong></h3>
<p><strong>कूल्हे में दर्द के कई कारण हो सकते हैं। अकसर इन कारणों पर सीधे तौर से ध्यान नहीं जाता है। इसमें जांघों में तेज दर्द होता है। कभी कूल्हे के जोड़ों के भीतर दर्द का अहसास होता है। कभी ये दर्द शरीर के अन्य हिस्सों जैसे कमर और नितंब तक पहुंच जाता है। ज्यादा तेज गति से कुछ काम करने पर ये दर्द बढ़ता हुआ भी महसूस हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से मिलकर परामर्श करना ही सबसे बेहतर तरीका होता है।</strong></p>
<h3><strong>उचित आहार और सिकाई देंगे राहत</strong></h3>
<p><strong>प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ की मानें तो कूल्हे के दर्द के जो कारण सामने आते हैं, वो हैं कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी, बढ़ती उम्र और व्यायाम की कमी। इसके अलावा चीनी का सेवन ज्यादा करने से भी तकलीफ होती है। इस समस्या को हम वात विकार में शामिल करते हैं। जब मलक्रिया ठीक नहीं होती, तब भी ये समस्या होती है। इसके लिए आंतों का साफ रहना जरूरी है।</strong></p>
<h3><strong>ऐसा जरूर करें</strong></h3>
<p><strong>इसे खान-पान से ठीक किया जा सकता है। इसके लिए अल्कलाइन डाइट लेनी चाहिए और कैल्शियम प्रधान भोजन लेना चाहिए। इसमें मूल रूप से हरी सब्जियां शामिल होंगी। इसके साथ तिल का भी सेवन करें। इसके लिए तिल को भिगोकर पेस्ट बनाकर आटे में मिलाकर रोटी बनाएं। मेथी का सेवन करें। फाइबर वाला आटा इस्तेमाल करें। दर्द के मामले में दर्द में सिकाई भी कर सकते हैं। यह भी देखना होगा कि दर्द नया है या पुराना है। नया होगा तो गर्म पानी और ठंडे पानी से एक-एक करके सिकाई की जाएगी। 3 मिनट गर्म पानी की सिकाई और 1 मिनट ठंडा। इस तरह चार बार करना होगा। वहीं अगर दर्द पुराना है, तो स्टीम बाथ और मालिश करना असरदार साबित होता है। मालिश के लिए तिल का तेल इस्तेमाल करना चाहिए। जोड़ों की सही सक्रियता के लिए पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है।</strong></p>
<h3><strong>… तो डॉक्टर से मिलें</strong></h3>
<ul>
<li><strong>दर्द से रोजमर्रा के कामों में परेशानी हो।</strong></li>
<li><strong>बैठने में भी दिक्कत महसूस हो।</strong></li>
<li><strong>दर्द के साथ ही बुखार भी महसूस हो।</strong></li>
<li><strong>कूल्हे के जोड़ों की बनावट बिगड़ती हुई लगे। </strong></li>
</ul>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सिर में आपके भी हर समय दर्द बना रहता हैं</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Radha Rajpoot]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 15 Jun 2019 09:27:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[दर्द]]></category>
		<category><![CDATA[सिर]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="275" height="183" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/download-65.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />क्या आपको अक्सर सिरदर्द, धुंधला दिखाई देना या मितली की परेशानी होती है? अगर हां तो गलती से भी इन्हें हल्के में लेने की भूल न करिएगा। आप जिसे मामूली सिर दर्द समझ रहे हैं हो सकता है वो ब्रेन ट्यूमर जैसी बड़ी समस्या का संकेत हो। अगर आपको इन सभी लक्षणों के साथ फिजिकल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="275" height="183" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/download-65.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><strong>क्या आपको अक्सर सिरदर्द, धुंधला दिखाई देना या मितली की परेशानी होती है? अगर हां तो गलती से भी इन्हें हल्के में लेने की भूल न करिएगा। आप जिसे मामूली सिर दर्द समझ रहे हैं हो सकता है वो ब्रेन ट्यूमर जैसी बड़ी समस्या का संकेत हो। अगर आपको इन सभी लक्षणों के साथ फिजिकल बैलेंस में परेशानी हो रही है तो सबसे पहले अपने डॉक्टर से जाकर मिलें। क्योंकि ब्रेन ट्यूमर अगर समय रहते न किया जाए तो उसकी जान भी जा सकती है। यह कभी भी किसी को भी हो सकता है। आइए जानते हैं क्या है ब्रेन ट्यूमर और इसके लक्षण के बारे में.</strong></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-245542 size-full" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/download-65.jpg" alt="" width="275" height="183" /></p>
<p><strong>क्या होता है ब्रेन ट्यूमर?</strong></p>
<p><strong>हमारा ब्रेन सेल्स से बना होता है। किसी कारण जब ब्रेन की सेल्स का नियंत्रण बिगड़ने लगता है तो यह सेल्स खत्म होने लगते हैं, जिससे ब्रेन के काम में रूकावट पैदा होने लगती है। जब ब्रेन में अनियंत्रित सेल्स तेजी से फैलते हैं तो ये कैंसर का रूप धारण कर लेते हैं।</strong></p>
<p><strong>सुन्न होना</strong></p>
<p><strong>ब्रेन ट्यूमर के कारण व्यक्ति के चेहरे या शरीर के अगल-अलग हिस्से अधिकतर सुन्न हो जाते हैं। खासतौर पर अगर ट्यूमर ब्रेन स्टेम पर बढ़ता है। यह वह स्थान है जहां पर मस्तिष्क रीढ़ की हड्डी से जुड़ता है और यहां पर शरीर में सुन्न होने का अहसास होता है।</strong></p>
<p><strong>तेज सिरदर्द</strong></p>
<p><strong>ट्यूमर सिर के किसी भी हिस्से में हो यह खोपड़ी के भीतर प्रेशर पैदा करता है जिसके कारण मरीज को हर वक्त तेज सिरदर्द से लेकर, जी मचलना, उल्टी आदि की समस्या होती है। इतना ही नहीं इसके अलावा व्यक्ति को हमेशा सुस्ती और सोने में परेशानी की शिकायत रहती है।</strong></p>
<p><strong>सुनने में परेशानी</strong></p>
<p><strong>जिन लोगों के ब्रेन में ट्यूमर कपाल तंत्रिका के पास होता है उनके सुनने की क्षमता लगभग खत्म हो जाती है। इसके अतिरिक्त उन्हें बैलेंस करने की समस्या, चेहरे की मांसपेशियों का कमजोर होना व भोजन निगलने में भी समस्या होती है।</strong></p>
<p><strong>अगर व्यक्ति को सैरिबेलम में ट्यूमर होता है तो व्यक्ति अक्सर लड़खड़ाने लगता है। इसके कारण व्यक्ति को चलने में परेशानी से लेकर रोजमर्रा के कामों में परेशानी होती है। यहां तक की खाने में भी परेशानी होती है।</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>नए फुटवियर से होने वाले दर्द, परेशानी से ऐसे पाएं छुटकारा&#8230;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Hema Bisht]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 May 2019 11:09:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[छुटकारा]]></category>
		<category><![CDATA[दर्द]]></category>
		<category><![CDATA[नए फुटवियर]]></category>
		<category><![CDATA[परेशानी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="380" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/shoes-sandeal.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/shoes-sandeal.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/shoes-sandeal-300x185.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />फैशनेबल दिखना, नए-नए ट्रेंड को अपनाना और अपनी पसंद की चीजें पहनना तो हर किसी को भाता है। पर इनसे होने वाले साइड इफेक्ट्स भी कम नहीं हैं। कभी किसी ड्रेस की फिटिंग परेशान करने लगती है तो कभी कान के बुंदों की वजह से त्वचा में इन्फेक्शन हो जाता है। ठीक ऐसे ही नया &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="380" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/shoes-sandeal.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/shoes-sandeal.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/shoes-sandeal-300x185.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p><strong>फैशनेबल दिखना, नए-नए ट्रेंड को अपनाना और अपनी पसंद की चीजें पहनना तो हर किसी को भाता है। पर इनसे होने वाले साइड इफेक्ट्स भी कम नहीं हैं। कभी किसी ड्रेस की फिटिंग परेशान करने लगती है तो कभी कान के बुंदों की वजह से त्वचा में इन्फेक्शन हो जाता है। ठीक ऐसे ही नया फुटवियर अपने साथ हमेशा दर्द की सौगात लेकर आता है। फुटवियर चाहे कितनी ही अच्छी क्वालिटी का क्यों न हो, उसके कारण पैरों में ‘शू बाइट’ होना या घाव हो जाना आम बात है। जूता काटने के डर से अगर आप भी पसंदीदा जूता-चप्पल पहनने से घबराती हैं तो अपने इस डर को जड़ से खत्म कीजिए।  क्या करें कि नए फुटवियर के कारण होने वाले इस दर्द और परेशानी से छुटकारा पाया जा सके, </strong></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class=" wp-image-239108 aligncenter" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/shoes-sandeal-300x185.jpg" alt="" width="730" height="450" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/shoes-sandeal-300x185.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/shoes-sandeal.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 730px) 100vw, 730px" /></p>
<p><strong>बैंड एड आएगा काम-  आपके घर के फस्र्ट एड बॉक्स में बैंड एड तो जरूर होगा।  इस बैंड एड का इस्तेमाल शू बाइट से बचने के लिए भी करना शुरू कर दें। नये जूते पहनने से पहले फुटवियर के उन हिस्सों में बैंड एड चिपका दें, जो पैर की त्वचा से सबसे ज्यादा संपर्क में आएंगे। हाई हील्स वाले फुटवियर को पहनते वक्त इसे आजमाएं। आप बेफिक्र होकर स्टाइलिश और फैशनेबल दिख पाएंगी। बस यह ध्यान रखें कि बैंड एड बड़े आकार का हो, ताकि वह अपनी जगह से खिसके नहीं।</strong></p>
<p><strong>बर्फ दिखाएगी असर-</strong> <strong> दो प्लास्टिक बैग में पानी डालकर अच्छी तरह से पैक करें और उन्हें अपने नए फुटवियर के एड़ी वाले हिस्से में डाल दें। अब फुटवियर को पानी सहित रात भर के लिए फ्रीजर में रख दें। जैसे ही पानी जमेगा, प्लास्टिक का आकार भी बढ़ेगा। इससे अपका नया फुटवियर हल्का-सा फैल जाएगा। जब अगले दिन आप अपनी पम्प्स को फ्रीजर से निकालेंगी तो वह हल्का ढीला हो चुका होगा और उससे पहनने पर किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी।</strong></p>
<p><strong>बेबी पाउडर का असर-  बेबी पाउडर भी आपको शू बाइट से आसानी से बचा सकता है। बस नई बेली या पम्प्स को पहनने से पहले उसके भीतर थोड़ा-सा बेबी पाउडर छिड़क दें। अगर बिना जुराब के अपना नया फुटवियर पहन रही हैं तो उस मामले में भी यह ट्रिक कारगर है। बस, इस बात का ध्यान रखें कि आपका पैर पूरी तरह से सूखा हो।</strong></p>
<p><strong>हेयर ड्रायर व मोटे जुराब की जुगलबंदी-  नया फुटवियर खरीदा है, पर पैर के कुछ हिस्सों में वह टाइट हो रहा है? परेशान होने की जगह मोटा-सा जुराब तलाशें और उसे पहनने के बाद फुटवियर पहनें। अब हेयर ड्रायर ऑन करें और उसकी गर्म हवा फुटवियर के उन हिस्सों पर कुछ सेकेंड तक डालें, जहां से फुटवियर टाइट हो रहा है। अब कुछ देर उस फुटवियर को पहनकर घर में टहलें। अगर जरूरत महसूस हो तो फुटवियर पर थोड़ी गर्म हवा और डालें। गर्म हवा के संपर्क में आने से फुटवियर की सामग्री थोड़ी फैल जाएगी और मुलायम भी हो जाएगी। पर ध्यान रखें, यह ट्रिक तभी काम करेगी, जब फुटवियर का मेटीरियल प्राकृतिक हो यानी वह चमड़े आदि का हो।</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
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