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	<title>तापमान &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>तापमान &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>भारत में सुपर एल-नीनो बढ़ाएगा मुश्किल, भयंकर गर्मी के साथ सूखे और बाढ़ का अलर्ट</title>
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		<pubDate>Thu, 21 May 2026 08:30:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[तापमान]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="338" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/ioyp.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/ioyp.jpg 772w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/ioyp-300x164.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/ioyp-768x420.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />देश के अधिकांश हिस्सों में पारा 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। आने वाले दिनों में इस भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। दरअसल, वैज्ञानिकों की मानें तो भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="338" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/ioyp.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/ioyp.jpg 772w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/ioyp-300x164.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/ioyp-768x420.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>देश के अधिकांश हिस्सों में पारा 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। आने वाले दिनों में इस भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं।</p>



<p>दरअसल, वैज्ञानिकों की मानें तो भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में एक शक्तिशाली &#8216;सुपर एल-नीनो&#8217; आकार ले रहा है, जो 1877 के बाद की सबसे विनाशकारी मौसम संबंधी घटना साबित हो सकता है। इसका सीधा असर भारत पर भी देखने को मिलेगा, क्योंकि&nbsp;एल-नीनो भारत की लाइफलाइन कहे जाने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून को भी प्रभावित करने वाला है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">तेजी से बढ़ रहा तापमान</h3>



<p>देश इन दिनों भीषण गर्मी से जूझ रहा है। बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, अहमदाबाद और नागपुर जैसे शहरों में पारा 41 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, और उत्तर प्रदेश के बांदा में लगातार दूसरे दिन तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। यही नहीं महाराष्ट्र के विदर्भ जैसे दक्षिणी इलाकों में भी भीषण गर्मी पड़ रही है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">1877 की घटना से भी भयंकर हो सकते हैं हालात</h3>



<p>मौसम विशेषज्ञ इसे प्रशांत महासागर में बन रहे &#8216;सुपर एल-नीनो&#8217; से जोड़ रहे हैं। अल नीनो का संबंध दक्षिण-पश्चिम मानसून से है, जिसके कारण मानसून पर निश्चित रूप से संकट बढे़गा। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यह मौसम संबंधी घटना 1877 की घटना से भी बदतर हो सकती है, जिसके कारण उस समय वैश्विक आबादी के लगभग चार प्रतिशत तक लोगों की व्यापक मृत्यु हुई थी। यानी यह अल नीनो लगभग 150 साल पुराने रिकार्ड को तोड़ सकता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">क्यों बढ़ रहा तापमान?</h3>



<p>भारत के एक बड़े हिस्से में भीषण गर्मी का खतरा बना हुआ है, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने देश के कई हिस्सों में लू से लेकर भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की है। इस बीच तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी जारी है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस जानलेवा गर्मी के पीछे वैश्विक कारकों के साथ-साथ कई स्थानीय कारण भी जिम्मेदार हैं-</p>



<p>1. लंबे समय से सूखा मौसम और आसमान में बादलों की कमी के कारण धूप सीधे और तीखी पड़ रही है।</p>



<p>2. शहरों में कंक्रीट का जाल, घनी आबादी, वाहनों का धुआं, एयर कंडीशनर (AC) से निकलने वाली गर्मी और फैक्ट्रियों के कारण शहर कंक्रीट के तपते हुए द्वीप बन चुके हैं, जहाँ ग्रामीण इलाकों की तुलना में तापमान कई गुना ज्यादा दर्ज किया जा रहा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">क्या है&nbsp;एल-नीनो और इसके इफेक्ट से क्यों पड़ती है गर्मी?</h3>



<p>एल-नीनो एक मौसम संबंधी प्राकृतिक जलवायु घटना है, यह घटना पूर्वी प्रशांत सागर में समुद्र का तापमान सामान्य से अधिक होने पर बनती है।&nbsp;एल-नीनो के असर से पूर्वी प्रशांत महासागर की सतह का पानी असामान्य रूप से गर्म हो जाता है। इस गर्मी से वैश्विक पवन पैटर्न कमजोर या परिवर्तित हो जाते हैं, जिससे एक श्रृंखला प्रतिक्रिया शुरू हो जाती है जो दुनिया भर की मौसम प्रणालियों को बाधित करती है।</p>



<p>पूर्वी प्रशांत महासागर की सतह का पानी असामान्य रूप से गर्म होने के साथ पूर्व की ओर बढ़ने लगता है, जिससे भारत के मौसम पर असर पड़ता है। ऐसी स्थिति में भयानक गर्मी का सामना करना पड़ता है और सूखे के हालात बनने लगते हैं।</p>



<p>यह घटना आमतौर पर हर दो से सात साल में घटित होती है और एक साल तक चल सकती है। अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) के जलवायु पूर्वानुमान केंद्र के अनुसार, मई और जुलाई 2026 के बीच&nbsp;एल-नीनो बनने की 82 प्रतिशत संभावना है, और दिसंबर 2026 से फरवरी 2027 तक इसके बने रहने की 96 प्रतिशत संभावना है।</p>



<p><strong>क्या होता है सुपर&nbsp;एल-नीनो</strong></p>



<p>मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सुपर&nbsp;एल-नीनो तब होता है जब समुद्र की सतह के तापमान का तीन महीने का औसत दीर्घकालिक औसत की तुलना में 1.5 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है। ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, इस बार समुद्र की सतह के तापमान में वृद्धि तीन डिग्री सेल्सियस से अधिक हो सकती है, यह 1877 में दर्ज किए गए वर्तमान ज्ञात उच्चतम स्तर 2.7 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाएगी। जिसका असर भारत समेत दुनिया के कई देशों में सूखा, बाढ़ और भीषण गर्मी जैसी स्थिति देखने को मिलेगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">हो सकता है भारी नुकसान</h3>



<p>1982-83 के अल नीनो के कारण वैश्विक आय में लगभग 4.1 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था, जबकि 1997-98 के &#8220;सदी के एल-नीनो&#8221; के कारण वैश्विक स्तर पर अनुमानित 5.7 ट्रिलियन डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ था। ऐसे में विशेषज्ञ&nbsp;एल-नीनो के असर से भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जता रहे हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">भारत पर&nbsp;एल-नीनो का असर</h3>



<p>बता दें कि दक्षिण-पश्चिम मानसून देश की वार्षिक वर्षा का लगभग 70 प्रतिशत प्रदान करता है।&nbsp;एल-नीनो अगर मजबूत होता है तो यह सबसे पहले दक्षिण-पश्चिम मानसून को ही प्रभावित करेगा। जिससे वर्षा और देश में होने वाली कुल वर्षा में कमी आएगी। भारत के मौसम विभाग ने पहले ही भविष्यवाणी कर दी है कि इस मौसम में भारत में केवल लगभग 800 मिमी बारिश हो सकती है। इससे खरीफ मौसम के लिए मानसून की बारिश पर निर्भर रहने वाले देश के लगभग 60 प्रतिशत किसानों के लिए भारी संकट उत्पन्न हो सकता है।</p>



<p><br>IMD के अनुसार,&nbsp;एल-नीनो के कारण भारत के उत्तरी, पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में सूखे की स्थिति का सबसे अधिक खतरा रहेगा, जबकि चेन्नई जैसे स्थानों पर भारी बारिश होगी जिससे व्यापक बाढ़ और तबाही हो सकती है।</p>
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		<title>मार्च की शुरुआत में ही झुलसाने लगी गर्मी, पारा 39 डिग्री,सामान्य से 4.6 डिग्री ज्यादा तापमान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 10 Mar 2026 06:25:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[तापमान]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="336" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-09-232205.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-09-232205.png 865w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-09-232205-300x163.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-09-232205-768x417.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />मार्च की शुरुआत में ही मध्य प्रदेश में गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली है। कई शहरों में तापमान सामान्य से 4 डिग्री से ज्यादा ऊपर पहुंच गया है और आने वाले दिनों में पारा 40 डिग्री तक जाने की संभावना जताई जा रही है। मौसम के उतार-चढ़ाव से लोगों की सेहत पर भी असर पड़ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="336" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-09-232205.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-09-232205.png 865w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-09-232205-300x163.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-09-232205-768x417.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>मार्च की शुरुआत में ही मध्य प्रदेश में गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली है। कई शहरों में तापमान सामान्य से 4 डिग्री से ज्यादा ऊपर पहुंच गया है और आने वाले दिनों में पारा 40 डिग्री तक जाने की संभावना जताई जा रही है। मौसम के उतार-चढ़ाव से लोगों की सेहत पर भी असर पड़ रहा है।</p>



<p>मध्य प्रदेश में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने तेज तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। दिन में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण कई शहरों में तापमान 39 डिग्री के करीब पहुंच गया है, जबकि सुबह और रात में हल्की ठंडक बनी हुई है। मौसम के इस उतार-चढ़ाव का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ने लगा है और अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, एलर्जी और अस्थमा के मरीज बढ़ रहे हैं।सोमवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर सहित कई शहरों में दिन के समय लू जैसी तपिश महसूस हुई। मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को भी प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तेज धूप और गर्मी का असर बना रहेगा।</p>



<p><strong>कई संभागों में सामान्य से ज्यादा तापमान<br></strong>मौसम विभाग के अनुसार इस बार मार्च में पिछले साल की तुलना में तापमान ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है। भोपाल, इंदौर और रीवा-शहडोल संभाग में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 1.9 से 2.7 डिग्री तक ज्यादा है। वहीं ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग में तापमान 3.1 से 4.6 डिग्री तक ऊपर चल रहा है। प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्सों में दिन का तापमान 35 डिग्री से ऊपर पहुंच चुका है।</p>



<p><strong>रतलाम सबसे गर्म, कई शहर 38 डिग्री के पार<br></strong>मार्च के पहले ही पखवाड़े में प्रदेश के कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ा है। सोमवार को रतलाम सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा खजुराहो, धार, गुना, दमोह, सागर, श्योपुर और मंडला में तापमान 38 डिग्री या उससे ज्यादा रहा।बड़े शहरों में ग्वालियर और उज्जैन सबसे गर्म रहे, जहां पारा 37 डिग्री से ऊपर पहुंच गया। भोपाल में 36.8 डिग्री, इंदौर में 36.4 डिग्री और जबलपुर में 36 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।</p>



<p><strong>हवा की दिशा बदलने से बढ़ी गर्मी<br></strong>मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इन दिनों हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से बदलकर पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है। इसके साथ ही हवा में नमी कम है और राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म हवाएं प्रदेश में तापमान बढ़ा रही हैं।</p>



<p><strong>मौसम बदलने से बढ़ रहीं बीमारियां<br></strong>डॉक्टरों का कहना है कि मार्च का यह संक्रमणकालीन मौसम बीमारियों को बढ़ावा देता है। दिन में गर्मी और रात में ठंडक के कारण लोग जल्दी बीमार पड़ते हैं। खासकर सर्दी-जुकाम, एलर्जी और अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। चिकित्सकों ने बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम ठंडी हवा से बचने और खान-पान में सावधानी रखने की सलाह दी है।</p>



<p><strong>मार्च में ही 40 डिग्री छू सकता है पारा<br></strong>मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान 3 से 4 डिग्री तक और बढ़ सकता है। ऐसे में संभावना है कि मार्च के पहले ही पखवाड़े में प्रदेश के कुछ हिस्सों में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच जाए। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि असली गर्मी अप्रैल और मई में देखने को मिलेगी। इस दौरान प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार जा सकता है और 15 से 20 दिन तक लू चलने की संभावना है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>मौसम ने फिर ली करवट, कहीं बारिश तो कहीं बर्फबारी से तापमान में गिरावट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Feb 2026 05:14:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[तापमान]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="312" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-22-210828.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-22-210828.png 745w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-22-210828-300x151.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में एक बार फिर मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार जताए हैं। जबकि प्रदेश के तीन हजार से अधिक ऊंचाई इलाकों में बर्फबारी की अधिक संभावना है। हालांकि &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="312" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-22-210828.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-22-210828.png 745w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-22-210828-300x151.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में एक बार फिर मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार जताए हैं।</p>



<p>जबकि प्रदेश के तीन हजार से अधिक ऊंचाई इलाकों में बर्फबारी की अधिक संभावना है। हालांकि अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहेगा। रविवार को भी मौसम में बदलाव के चलते तापमान में गिरावट देखने को मिली। दून में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री बढ़ोतरी के साथ 25.9 डिग्री रहा। जबकि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से तीन डिग्री इजाफे के साथ 12.8 डिग्री रहा। ऐसा ही हाल प्रदेश के अन्य इलाकों का भी रहा। आने वाले दिनों की बात करें तो 24 फरवरी को भी प्रदेश में मौसम का मिजाज कुछ ऐसा रहेगा। जबकि 25 से 28 फरवरी तक प्रदेश भर में मौसम शुष्क रहेगा।</p>



<p>चमोली जनपद में रविवार को मौसम ने करवट बदली। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश होने से मौसम सर्द रहा। साथ ही गोपेश्वर नगर क्षेत्र में कुछ देर के लिए बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई।</p>



<p>बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, काली माटी, नंदा घुंघटी के साथ ही नीती और माणा घाटी में बर्फबारी हुई। वहीं, ज्योतिर्मठ, पोखरी, पीपलकोटी, नंदानगर, नंदप्रयाग आदि क्षेत्रों में भी बारिश हुई। बारिश से बचने के लिए लोग अपने घरों में ही दुबके रहे।</p>



<p><strong>आंधी-तूफान से बदरीनाथ हाईवे पर गिरा चीड़ का पेड़<br></strong>बदरीनाथ हाईवे पर रविवार को शाम करीब चार बजे बिरही के पास आंधी-तूफान से चीड़ के दो पेड़ टूटकर सड़क पर गिर गए। इससे यहां करीब एक घंटे तक वाहनों की आवाजाही थमी रही। निजमुला घाटी के भ्रमण से लौट रहे बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला भी यहां जाम में फंसे रहे। बाद में विधायक के साथ ही अन्य सवारियों ने मिलकर पेड़ के अवशेषों को हाईवे से अलग किया जिसके बाद वाहनों की आवाजाही सुचारु हो पाई। गनीमत यह रही कि जिस वक्त हाईवे पर पेड़ टूटकर गिरे, उस दौरान वहां से काई वाहन नहीं गुजर रहा था जिससे बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। वहीं, बिरही-निजमुला मोटर मार्ग पर भी कुछ जगहों पर आंधी-तूफान से चीड़ के पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़क पर आ गई। जिन्हें सवारियों ने ही सड़क से किनारे किया।</p>
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		<title>एमपी में बदला मौसम का मिजाज, बादल से तापमान में गिरावट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Feb 2026 06:37:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[तापमान]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="300" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-11-223716.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-11-223716.png 759w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-11-223716-300x146.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन के प्रभाव से भोपाल समेत कई शहरों में बादल छाए रहे। बादलों की वजह से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई और धूप का असर कम रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों के भीतर पश्चिमी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="300" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-11-223716.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-11-223716.png 759w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-11-223716-300x146.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन के प्रभाव से भोपाल समेत कई शहरों में बादल छाए रहे। बादलों की वजह से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई और धूप का असर कम रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों के भीतर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। हालांकि इन सिस्टमों का सीधा असर प्रदेश में बारिश के रूप में नहीं दिखेगा, लेकिन बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है।</p>



<p><strong>सुबह-शाम ठंड का असर जारी<br></strong>आने वाले तीन से चार दिन तक प्रदेश में हल्की सर्दी बनी रहेगी। खासतौर पर देर रात और सुबह के समय ठंड महसूस होगी। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक, मौजूदा सिस्टम के कारण बादल छाए हुए हैं। आने वाले दिनों में दिन और रात के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का रुझान भी देखने को मिलेगा।</p>



<p><strong>सर्दी का एक और हल्का दौर संभव<br></strong>पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी और अन्य राज्यों में जारी बारिश के असर से प्रदेश के मौसम में फिर बदलाव हो सकता है। सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हो सकती है। हालांकि कड़ाके की ठंड की संभावना फिलहाल नहीं है। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।</p>



<p><strong>अगले दो दिन का पूर्वानुमान</strong></p>



<p>13 फरवरी: कुछ जिलों में हल्का कोहरा छा सकता है। बारिश की संभावना नहीं, दिन में बादल रह सकते हैं।<br>14 फरवरी: सीमित जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा रहेगा। वर्षा की संभावना नहीं जताई गई है।</p>



<p><strong>इन इलाकों में पारा लुढ़का<br></strong>शहडोल जिले के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। पचमढ़ी में 7.4 डिग्री, कटनी के करौंदी में 8.4 डिग्री, अमरकंटक में 9.1 डिग्री, मंदसौर में 9.1 डिग्री, खजुराहो में 9.2 डिग्री और दतिया में 9.9 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ।वहीं बड़े शहरों में रात का तापमान 13 डिग्री से ऊपर बना रहा। ग्वालियर में 13 डिग्री, उज्जैन और जबलपुर में 13.5 डिग्री तथा भोपाल और इंदौर में 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में फिलहाल बादलों की मौजूदगी से दिन ठंडे और सुबह-रात सर्द बनी हुई है, जबकि बारिश की कोई बड़ी संभावना नजर नहीं आ रही।</p>
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		<title>शहरीकरण के कारण लगातार बढ़ रहा देहरादून का तापमान, कंक्रीट का बढ़ता जंगल ठंडक पर भारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 05:53:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[तापमान]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="337" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-08-215021.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-08-215021.png 848w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-08-215021-300x163.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-08-215021-768x418.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />कंक्रीट का बढ़ता जंगल देहरादून की ठंडक पर भारी पड़ रहा है। दून विश्वविद्यालय और नेशनल एटमॉस्फेरिक रिसर्च लैबोरेटरी के अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है। देहरादून में गर्मी बढ़ने की बात होती रही है। इस बात की तस्दीक देहरादून विवि और नेशनल एटमॉस्फेरिक रिसर्च लैबोरेटरी (एनएआरएल) के एक अध्ययन में हुई है। दोनों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="337" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-08-215021.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-08-215021.png 848w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-08-215021-300x163.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-08-215021-768x418.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>कंक्रीट का बढ़ता जंगल देहरादून की ठंडक पर भारी पड़ रहा है। दून विश्वविद्यालय और नेशनल एटमॉस्फेरिक रिसर्च लैबोरेटरी के अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है।</p>



<p>देहरादून में गर्मी बढ़ने की बात होती रही है। इस बात की तस्दीक देहरादून विवि और नेशनल एटमॉस्फेरिक रिसर्च लैबोरेटरी (एनएआरएल) के एक अध्ययन में हुई है। दोनों संस्था के विशेषज्ञों ने देहरादून शहर और मसूरी को लेकर एक तुलनात्मक अध्ययन किया। इसमें पाया गया है कि देहरादून में तापमान प्रभावित होने का संबंध शहरीकरण से जुड़ा है, जबकि मसूरी में शहरीकरण बढ़ने के बाद भी फिलहाल तापमान में बदलाव का संकेत नहीं है।</p>



<p><br>दून विवि ने गर्मी के मौसम (मानसून से पहले) के दौरान शहरी संरचना (इमारतें, सड़कें, कंक्रीट क्षेत्र) के तापमान पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करने का फैसला किया। दून विश्वविद्यालय के इनवायरमेंट एंड नेचुरल रिसोर्स विभाग के डॉ. उज्ज्वल बताते है कि इस अध्ययन में डब्लूआरएफ माॅडल का इस्तेमाल करते हुए देहरादून (लगभग 640 मीटर ऊंचाई) और मसूरी (लगभग 2005 मीटर ऊंचाई) दो शहरों में शहरीकरण से तापमान में प्रभाव को लेकर अध्ययन किया गया है।</p>



<p><strong>देहरादून में अर्बन स्ट्रक्चर के साथ तापमान होता है प्रभावित</strong><br>इसके तहत अप्रैल, मई, जून-2021 का समय चुना गया। इसमें माॅडल के जरिए दो तरह की स्थिति को देखा गया है। खेती वाली भूमि, जंगल, एयर फ्लो, सोलर इंसुलेशन के साथ ही पहला सतह तापमान, वातावरण के तापमान को लिया गया। इसके आधार पर क्या तापमान होगा? फिर अर्बन स्ट्रक्चर के साथ क्या तापमान रहेगा? इस माॅडल से पता चलता है कि देहरादून में अर्बन स्ट्रक्चर के साथ तापमान प्रभावित होता है, इसमें देहरादून के मुख्य शहर ऊपर रात के समय 1-2 डिग्री सेल्सियस की गर्माहट आसपास के ग्रामीण इलाके से अधिक देखी गई। शहरी क्षेत्र में गर्म हवा अधिक देर तक बनी रहती है।</p>



<p><strong>मसूरी में कोई प्रभाव नहीं दिखाई दिया</strong><br>जबकि इसी माॅडल पर मसूरी पर शहरीकरण के कारण तापमान पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया गया तो उसमें फिलहाल कोई फर्क नहीं दिखा है। अर्थात मसूरी में फिलहाल शहरीकरण होने के कारण तापमान प्रभावित नहीं हुआ है। डॉ. उज्ज्वल कहते हैं कि जो तापमान जारी होता है, उसमें अगर शहरीकरण पर पड़ने वाले प्रभाव को शामिल नहीं किया जाता है। अगर शहरीकरण के प्रभाव को शामिल किया जाता है, तो उसमें बदलाव दिखाई देता है। इस अध्ययन से जुड़ा पेपर मेटरोलॉजी हाइड्रोलॉजी एंड वाटर मैनेजमेंट रिसर्च पेपर में प्रकाशित हुआ है। इसमें एनएआरएल के विशेषज्ञ विकास सिंह शामिल रहे।</p>
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