तर्पण – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Sun, 14 Sep 2025 08:40:38 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg तर्पण – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 बिहार: गया जी पहुंचे अभिनेता विनोद आनंद सिंह, देवघाट पर किया तर्पण https://livehalchal.com/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%87/632578 Sun, 14 Sep 2025 08:40:31 +0000 https://livehalchal.com/?p=632578 फिल्म मृत्युदंड, ताल और गंगाजल जैसी चर्चित फिल्मों में काम कर चुके अभिनेता विनोद आनंद सिंह गयाजी पहुंचे। उन्होंने विष्णुपद मंदिर के पास देवघाट तट पर अपने माता-पिता के साथ पितरों का तर्पण किया और दिसंबर में पिंडदान करने की घोषणा की। चर्चित फिल्मों मृत्युदंड, ताल और गंगाजल में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके …]]>

फिल्म मृत्युदंड, ताल और गंगाजल जैसी चर्चित फिल्मों में काम कर चुके अभिनेता विनोद आनंद सिंह गयाजी पहुंचे। उन्होंने विष्णुपद मंदिर के पास देवघाट तट पर अपने माता-पिता के साथ पितरों का तर्पण किया और दिसंबर में पिंडदान करने की घोषणा की।

चर्चित फिल्मों मृत्युदंड, ताल और गंगाजल में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके अभिनेता विनोद आनंद सिंह रविवार को गयाजी नगरी पहुंचे। उन्होंने विष्णुपद मंदिर के पास देवघाट तट पर अपने माता-पिता के साथ पूर्वजों और पितरों का तर्पण किया। तर्पण के बाद उन्होंने अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि दिसंबर माह में गयाजी में पिंडदान भी करेंगे।

विनोद आनंद सिंह का पैतृक घर गया जिले के गुरारू थाना क्षेत्र में है। उन्होंने बताया कि अब तक दर्जनों फिल्म और टीवी धारावाहिकों में अभिनय कर चुके हैं। अपने करियर की शुरुआत 1995 में गया के चंद्रशेखर जनता कॉलेज में ओपेन थियेटर से की थी। इसके बाद वे मुंबई चले गए, लेकिन आज भी रंगमंच से गहरा लगाव है।

उन्होंने कहा कि गयाजी में एक बार फिर से रंगमंच को जीवंत करने की इच्छा है। अपने फिल्मी सफर के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि गंगाजल, मृत्युदंड, ताल, जंगल, रंगरसिया, नेताजी सुभाषचंद्र बोस और डी कंपनी जैसी फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं। इसके अलावा युग, आहट, नया दौर, कस्तूरी, सावधान इंडिया और क्राइम पेट्रोल जैसे कई धारावाहिकों में भी नजर आए हैं। विनोद आनंद सिंह के मुताबिक, “एक्टिंग एक कड़ी तपस्या है और इसे साधना की तरह निभाना पड़ता है।”

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पूर्वजों का तर्पण करते समय भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां https://livehalchal.com/%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%9c%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%ae/578447 Sun, 01 Sep 2024 09:57:53 +0000 https://livehalchal.com/?p=578447 सनातन धर्म में पितृ पक्ष को बेहद खास माना जाता है। यह 16 दिनों तक चलते है और लोग इस दौरान अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए कई प्रकार के अनुष्ठान करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस दौरान पिंड दान करना बहुत अच्छा माना जाता है। इससे पितृ दोष से मुक्ति …]]>

सनातन धर्म में पितृ पक्ष को बेहद खास माना जाता है। यह 16 दिनों तक चलते है और लोग इस दौरान अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए कई प्रकार के अनुष्ठान करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस दौरान पिंड दान करना बहुत अच्छा माना जाता है। इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। साथ ही जीवन की सभी मुश्किलों का अंत होता है।

सनातन धर्म में पितृ पक्ष को बहुत विशेष माना गया है। इसे पितृ पक्ष व श्राद्ध के नाम से भी जाना जाता है। यह समय पितरों को समर्पित है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल पितृ पक्ष दिन मंगलवार 17 सितंबर, 2024 को शुरू हो रहे हैं। वहीं, इनका समापन 2 अक्टूबर, 2024 को होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान (Pitru Paksha 2024) जो लोग अपने पूर्वजों का तर्पण करते हैं, उन्हें कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए,

क्योंकि अंजाने में हम कई बार ऐसी भूल कर बैठते हैं, जिससे हमें भारी नुकसान उठाना पड़ता है, तो आइए पितृ तर्पण के समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। उनके बारे में जानते हैं।

पितृ तर्पण के समय न करें ये गलतियां
पितृ तर्पण करते समय दिशा का खास ख्याल रखना चाहिए।
तर्पण के दौरान अपना मुख दक्षिण दिशा की ओर रखें तभी तर्पण पूर्ण माना जाता है।
पितरों के तर्पण में उंगली का उपयोग नहीं किया जाता है, इस दौरान अंगूठे से जल पितरों के निमित्त अर्पित करने का विधान है। वहीं, अंगूठे में कुशा जरूर धारण करनी चाहिए।
पितरों का तर्पण सबसे पहले नहीं करना चाहिए। देवी-देवताओं के नाम पर पूर्व दिशा में तर्पण करने के बाद पितृ तर्पण करना चाहिए।
तर्पण के दौरान फूलों का उपयोग बेहद आवश्यक होता है, ऐसे में सफेद रंग का हल्की सुगंध वाला पुष्प अर्पित करें।

कब होगी पितृ पक्ष की शुरुआत?
हिंदू पंचांग के अनुसार, पितृ पक्ष की शुरुआत भाद्रपद पूर्णिमा से होती है और समाप्ति आश्विन माह की अमावस्या पर होती है। पंचांग के आधार पर इस बार पितृ पक्ष की शुरुआत 17 सितंबर, 2024 से हो रही है। वहीं, इसका समापन 02 अक्टूबर, 2024 को होगा।

माना जाता है कि इस दौरान पितरों का तर्पण करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है।

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