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	<title>ड्रोन &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>ड्रोन &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>यूक्रेन का रूस पर बड़ा हमला, 500 से ज्यादा ड्रोन दागे; 4 लोगों की मौत</title>
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		<pubDate>Sun, 17 May 2026 11:08:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="354" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/4-39.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/4-39.jpg 901w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/4-39-300x172.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/4-39-768x440.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />यूक्रेन ने रूस पर सबसे बड़े ड्रोन हमले को अंजाम दिया है। रात भर चले इन हमलों में मॉस्को समेत रूस के कई इलाकों को निशाना बनाया गया। रूस के अधिकारियों की अगर मानें तो इस अटैक में 500 से ज्यादा ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों ने इस हमले को रूसी राजधानी क्षेत्र पर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="354" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/4-39.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/4-39.jpg 901w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/4-39-300x172.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/4-39-768x440.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>यूक्रेन ने रूस पर सबसे बड़े ड्रोन हमले को अंजाम दिया है। रात भर चले इन हमलों में मॉस्को समेत रूस के कई इलाकों को निशाना बनाया गया। रूस के अधिकारियों की अगर मानें तो इस अटैक में 500 से ज्यादा ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।</p>



<p>अधिकारियों ने इस हमले को रूसी राजधानी क्षेत्र पर एक साल से ज्यादा समय में हुआ सबसे बड़ा हमला बताया है। इस हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। साथ ही, अलग-अलग इलाकों में रिहायशी इमारतों और बुनियादी सुविधाओं को भी नुकसान पहुंचा।</p>



<p><strong>रूस ने 556 ड्रोन को किया तबाह<br></strong>रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रात भर चले इस हमले के दौरान उसके हवाई सुरक्षा तंत्र ने एक दर्जन से ज्यादा इलाकों में यूक्रेन के 556 ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। इस दौरान मॉस्को और पश्चिमी रूस के आसपास धमाकों और आपातकालीन बचाव कार्यों की खबरें भी आईं।</p>



<p>स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में कम से कम चार लोगों की जान चली गई। इनमें से तीन लोगों की मौत मॉस्को क्षेत्र में और एक व्यक्ति की मौत यूक्रेन की सीमा के पास स्थित बेलगोरोद क्षेत्र में हुई।</p>



<p>मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव ने बताया कि इन हमलों में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है। वोरोब्योव के मुताबिक, एक ड्रोन के एक निजी रिहायशी मकान से टकराने के कारण एक महिला की मौत हो गई, जबकि बचाव अभियान के दौरान एक अन्य व्यक्ति घंटों तक मलबे के नीचे फंसा रहा।</p>



<p><strong>सुबह तड़के शुरू हुए हमले<br></strong>हमलों से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों के मारे जाने की भी खबर है। वोरोब्योव ने टेलीग्राम पर लिखा, “एक प्राइवेट घर पर यूएवी गिरने से एक महिला की मौत हो गई। एक और व्यक्ति मलबे के नीचे फंसा हुआ है।” उन्होंने आगे बताया कि हमले सुबह तड़के शुरू हुए और रूसी एयर डिफेंस यूनिट्स को लगातार ऑपरेशन करने पर मजबूर कर दिया।</p>



<p>उन्होंने कहा, “सुबह 3 बजे से एयर डिफेंस फोर्सेज राजधानी के इलाके पर बड़े पैमाने पर हो रहे यूएवी हमले का जवाब दे रही हैं।” साथ ही बताया कि इस हमले के दौरान कम से कम चार लोग घायल हुए और कई इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं को निशाना बनाया गया।</p>



<p>हालांकि मॉस्को और आस-पास के इलाकों को पहले भी यूक्रेनी ड्रोनों द्वारा निशाना बनाया गया है, लेकिन सीधे रूसी राजधानी को प्रभावित करने वाले हमले तुलनात्मक रूप से कम ही हुए हैं।</p>



<p><strong>जेलेंस्की ने दी थी चेतावनी<br></strong>रूसी अधिकारियों ने तुरंत इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान की पूरी जानकारी नहीं दी, लेकिन अधिकारियों ने संकेत दिया कि रिहायशी इलाके और रणनीतिक ठिकाने ही हमले के मुख्य निशाने थे। ये ताजा हमले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के उस बयान के कुछ ही दिनों बाद हुए, जिसमें उन्होंने कीव पर रूस के एक बड़े हमले के बाद जवाबी कार्रवाई तेज करने की कसम खाई थी। उस हमले में 24 लोगों की जान चली गई थी।</p>



<p>जेलेंस्की ने चेतावनी दी थी कि यूक्रेन के शहरों और आम नागरिकों पर लगातार हमलों के लिए मॉस्को को नतीजे भुगतने पड़ेंगे। हाल के दिनों में, कैदियों की अदला-बदली पूरी होने और तीन दिन के अस्थायी युद्धविराम के टूटने के बाद मॉस्को और कीव के बीच हवाई हमले तेज हो गए हैं। यह युद्धविराम इसी हफ्ते खत्म हुआ था।</p>
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		<title>भारत आ रहे इजरायली ड्रोन से उड़ी पाक की नींद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 Dec 2025 07:49:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[ड्रोन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="617" height="352" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/fgvbc-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/fgvbc.jpg 617w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/fgvbc-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 617px) 100vw, 617px" />ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रभावी हुए आपातकालीन नियमों के तहत भारत ने और इजरायली हेरान एमके-2 ड्रोन खरीदने की शुरुआत की है। इजरायली रक्षा उद्योग के सूत्रों के मुताबिक, इस अत्याधुनिक ड्रोन को भारत में बनाने पर भी बातचीत चल रही है। इस कदम से तकनीक के पूर्ण हस्तांतरण का रास्ता भी बन सकता है &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="617" height="352" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/fgvbc-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/fgvbc.jpg 617w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/fgvbc-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 617px) 100vw, 617px" />
<p>ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रभावी हुए आपातकालीन नियमों के तहत भारत ने और इजरायली हेरान एमके-2 ड्रोन खरीदने की शुरुआत की है।</p>



<p>इजरायली रक्षा उद्योग के सूत्रों के मुताबिक, इस अत्याधुनिक ड्रोन को भारत में बनाने पर भी बातचीत चल रही है। इस कदम से तकनीक के पूर्ण हस्तांतरण का रास्ता भी बन सकता है और रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया की छाप गहरी हो सकती है।</p>



<p>एक सूत्र ने बताया, &#8221;सेना के तीनों अंगों ने एमके-2 खरीदने का फैसला किया है और हमें गर्व है कि नौसेना ने भी इसे खरीदने का फैसला किया है।&#8221; सूत्र ने हालांकि यह बताने से इन्कार कर दिया कि नौसेना कितने ड्रोन खरीदने की योजना बना रही है।</p>



<p><strong>लंबी दूरी की उड़ान भरने में सक्षम<br></strong>आइएआइ द्वारा विकसित हेरान एमके-2 एक मध्यम ऊंचाई व लंबी दूरी तक उड़ान भरने में सक्षम (एमएएलई) यूएवी है। यह अधिकतम 1,430 किलोग्राम भार के साथ 35 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है। यह लगातार 45 घंटों तक उड़ान भर सकता है और इसकी अधिकतम रफ्तार 150 नाट है।</p>



<p><strong>भारत ने 2021 में खरीदना शुरू किया था ये ड्रोन<br></strong>भारत ने चीन के साथ एलएसी पर तनाव के बाद आपातकालीन शक्तियों के तहत 2021 में हेरान एमके-2 ड्रोन खरीदना शुरू किया था। शुरू में थलसेना और वायुसेना के लिए दो-दो ड्रोन के आर्डर दिए गए थे। हाल में वर्षों ने भारत ने इनकी खरीद बढ़ाई है। सूत्रों ने कहा कि फोकस अब एचएएल और एलकाम के बीच साझीदारी के जरिये भारत में एमके-2 बनाने पर है।</p>



<p>आइएआइ के एक अधिकारी ने कहा, &#8221;हम मेक इन इंडिया को लेकर बहुत जागरूक हैं और उन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपने स्थानीय साझीदार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हमारा एक साझीदार एचएएल है और दूसरा एलकाम है। हमारा मकसद भारत में हेरान का भारतीय संस्करण बनाना है। न सिर्फ एमके-2, बल्कि दूसरे ड्रोन भी।&#8221;</p>



<p><strong>कहां तैनात किए जाते हैं ये ड्रोन?<br></strong>गौरतलब है कि हेरान ड्रोन मुख्य रूप से चीन और पाकिस्तान से लगती सीमाओं पर लंबी दूरी की निगरानी के लिए तैनात किए जाते हैं और बहुत असरदार साबित हुए हैं। इसके साथ ही भारतीय वायुसेना और रक्षा मंत्रालय मौजूदा हेरान बेड़े की निगरानी व लड़ाकू क्षमताओं को अपग्रेड करने के लिए प्रोजेक्ट चीता पर काम कर रहे हैं।</p>
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		<title>एलडीए ने गांवों में ड्रोन से खोज निकाले 3,232 अवैध निर्माण</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Oct 2025 05:19:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[ड्रोन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="598" height="332" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/frd-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/frd.jpg 598w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/frd-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 598px) 100vw, 598px" />लखनऊ: एलडीए के इंजीनियरों ने बिल्डरों से सांठगांठ कर जो अवैध निर्माण और प्लॉटिंग छुपा रखे थे, उन्हें ड्रोन के जरिये खोज निकाला गया है। एलडीए वीसी की पहल पर पिछले छह महीने में ड्रोन सर्वे के जरिये 3,232 अवैध निर्माण चिह्नित किए गए हैं। इनमें से 470 को ध्वस्त किया गया और 830 को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="598" height="332" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/frd-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/frd.jpg 598w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/frd-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 598px) 100vw, 598px" />
<p><strong>लखनऊ:</strong> एलडीए के इंजीनियरों ने बिल्डरों से सांठगांठ कर जो अवैध निर्माण और प्लॉटिंग छुपा रखे थे, उन्हें ड्रोन के जरिये खोज निकाला गया है। एलडीए वीसी की पहल पर पिछले छह महीने में ड्रोन सर्वे के जरिये 3,232 अवैध निर्माण चिह्नित किए गए हैं। इनमें से 470 को ध्वस्त किया गया और 830 को सील किया गया है। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि अवैध निर्माणों का पता लगाने के लिए एलडीए के अंतर्गत आने वाले 352 गांवों में ड्रोन सर्वे कराया जा रहा है, जिसमें 181 गांवों का सर्वे पूरा हो चुका है।</p>



<p>इन गांवों में 3,232 अवैध निर्माण पाए गए हैं। इनमें अवैध प्लॉटिंग कर बसाई जा रहीं कॉलोनियां, कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स और बहुमंजिला इमारतें हैं। सर्वे के बाद संबंधित इलाके के इंजीनियर से भी रिपोर्ट ली जाती है। इससे यह भी पता चल जाता है कि इंजीनियर ने अवैध निर्माण को छुपाया था या नहीं। जो अवैध निर्माण सामने आए हैं उन्हें सील और ध्वस्त किया जा रहा है।</p>



<p>आवासीय जमीन पर पूरा कॉमर्शियल निर्माण नहीं होगा वैध: एलडीए वीसी ने बताया कि नई नीति में आवासीय जमीन पर एक सीमा तक ही कॉमर्शियल निर्माण की अनुमति है। पूरी जमीन पर कॉमर्शियल निर्माण नहीं किया जा सकता। अलीगंज सेक्टर के, आई, जे, संगम चौराहा के पास, केंद्रीय भवन के पास और चंद्रलोक कॉलोनी, मंदिर मार्ग महानगर आवासीय पर व्यावसायिक निर्माण कराए जाने की शिकायतें हैं। इनकी जांच होगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी होगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>डेनमार्क के बाद नॉर्वे के ओस्लो एयरपोर्ट के ऊपर उड़ान भरते देखे गए ड्रोन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Sep 2025 07:54:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[ड्रोन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="346" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/sadfxccv-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/sadfxccv.jpg 640w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/sadfxccv-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />पोलैंड और एस्टोनिया में संदिग्ध रूसी ड्रोन्स देखे जाने के बाद यूरोप में चिंता का माहौल है। इस बीच डेनमार्क की राजधानी कोपनहेगन में सोमवार देर रात कुछ ड्रोन्स देखे जाने के बाद हड़कंप मच गया। पुलिस और एयरपोर्ट अधिकारियों ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि ड्रोन्स देखे जाने के बाद 15 से ज्यादा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="346" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/sadfxccv-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/sadfxccv.jpg 640w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/sadfxccv-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>पोलैंड और एस्टोनिया में संदिग्ध रूसी ड्रोन्स देखे जाने के बाद यूरोप में चिंता का माहौल है। इस बीच डेनमार्क की राजधानी कोपनहेगन में सोमवार देर रात कुछ ड्रोन्स देखे जाने के बाद हड़कंप मच गया। पुलिस और एयरपोर्ट अधिकारियों ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि ड्रोन्स देखे जाने के बाद 15 से ज्यादा उड़ानों का मार्ग बदला गया। इस बीच सोमवार देर रात ही नॉर्वे के ओस्लो हवाई अड्डे के पास भी एक ड्रोन के देखे जाने की खबरें आई हैं, जिसके चलते एयरपोर्ट के ऊपर पूरे हवाई क्षेत्र को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया।</p>



<p>अधिकारियों के मुताबिक, डेनमार्क के एयरपोर्ट के ऊपर सोमवार को दो से तीन बड़े ड्रोन्स देखे गए। अभी यह साफ नहीं है कि यह ड्रोन्स किस तरह के थे या कहां से भेजे गए थे। हालांकि, इनकी पहचान होते ही फ्लाइट्स की तुरंत लैंडिंग करा ली गई और उड़ान भरने जा रहे विमानों का टेकऑफ रोक दिया गया। कुछ अन्य विमानों को दूसरे एयरपोर्ट डायवर्ट कर दिया गया।</p>



<p>यूरोकंट्रोल के मुताबिक, कम से कम 50 उड़ानों को अब तक रद्द किया जा चुका है, जबकि 50 से ज्यादा फ्लाइट दूसरे एयरपोर्ट्स भेजी गई हैं। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटरडार24 के मुताबिक, कोपनहेगन जाने वाले कम से कम 35 विमानों को अपना मार्ग बदलना पड़ा है।</p>



<p><br>एयरपोर्ट की तरफ से एक्स पर किए गए एक पोस्ट के मुताबिक कोपनहेगन हवाई अड्डे के आसपास रात 11-12 के बीच भी हवाई संचालन बाधित रहा। इसके चलते डेनमार्क की राजधानी जाने वाली अधिकतर फ्लाइट्स को या तो दूसरे एयरपोर्ट रवाना किया गया है या रद्द कर दिया गया है।</p>
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		<title>ड्रोन बनाने के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा भारत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 05 Jul 2025 08:37:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[ड्रोन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="577" height="375" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/1-6-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/1-6.jpg 577w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/1-6-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 577px) 100vw, 577px" />ड्रोन के आयातित कलपुर्जों पर निर्भरता कम करने और चीन व तुर्किये की मदद पर आश्रित पाकिस्तान के ड्रोन कार्यक्रम का मुकाबला करने के लिए भारत नागरिक और सैन्य ड्रोन निर्माताओं के लिए 20 अरब रुपये (23.4 करोड़ डॉलर) का प्रोत्साहन कार्यक्रम शुरू करेगा। अब दोनों देश ड्रोन हथियारों की दौड़ में उलझेमई में पाकिस्तान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="577" height="375" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/1-6-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/1-6.jpg 577w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/07/1-6-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 577px) 100vw, 577px" />
<p>ड्रोन के आयातित कलपुर्जों पर निर्भरता कम करने और चीन व तुर्किये की मदद पर आश्रित पाकिस्तान के ड्रोन कार्यक्रम का मुकाबला करने के लिए भारत नागरिक और सैन्य ड्रोन निर्माताओं के लिए 20 अरब रुपये (23.4 करोड़ डॉलर) का प्रोत्साहन कार्यक्रम शुरू करेगा।</p>



<p><strong>अब दोनों देश ड्रोन हथियारों की दौड़ में उलझे<br></strong>मई में पाकिस्तान के साथ चार दिवसीय संघर्ष के बाद भारत अधिक-अधिक स्वदेशी ड्रोन बनाने का प्रयास कर रहा है। इस संघर्ष के दौरान दोनों देशों ने एक-दूसरे के विरुद्ध बड़े पैमाने पर ड्रोन का इस्तेमाल किया था। अब दोनों देश ड्रोन हथियारों की दौड़ में उलझे हुए हैं।</p>



<p>दो सरकारी और एक उद्योग के सूत्र ने बताया कि भारत तीन वर्ष के लिए 20 अरब रुपये का कार्यक्रम शुरू करेगा, जिसमें ड्रोन के साथ-साथ उसके कलपुर्जों, साफ्टवेयर और काउंटर ड्रोन सिस्टम का निर्माण शामिल होगा। भारत का नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस प्रोत्साहन कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहा है।</p>



<p><strong>भारत ने इजरायल से सैन्य ड्रोन आयात किए<br></strong>अतीत में भारत ने मुख्य रूप से अपने तीसरे सबसे बड़े हथियार आपूर्तिकर्ता इजरायल से सैन्य ड्रोन आयात किए हैं। लेकिन हाल के वर्षों में भारत के ड्रोन उद्योग ने अपने किफायती उत्पादन को बढ़ाया है जिनमें सैन्य ड्रोन शामिल हैं।</p>



<p>हालांकि मोटर्स, सेंसर्स और इमेजिंग सिस्टम जैसे कुछ कलपुर्जों के लिए चीन पर निर्भरता जारी है। दो सरकारी सूत्रों ने बताया कि प्रोत्साहनों के जरिये भारत का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2028 (अप्रैल-मार्च) के अंत तक देश में ड्रोन के कम से कम 40 प्रतिशत प्रमुख कलपुर्जों को बनाना है।</p>



<p><strong>स्वदेशीकरण प्रयासों को दोगुना करने की आवश्यकता<br></strong>रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने पिछले सप्ताह कहा था, ”(भारत-पाकिस्तान) संघर्ष के दौरान दोनों पक्षों की ओर से ड्रोन, लोटरिंग म्यूनिशन और कामिकेज ड्रोन का काफी उपयोग किया गया था। हमने जो सबक सीखा है, वह यह है कि हमें अपने स्वदेशीकरण प्रयासों को दोगुना करने की आवश्यकता है ताकि हम एक बड़ा और प्रभावी सैन्य ड्रोन निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र बना सकें।”</p>



<p><strong>भारत में 600 से अधिक ड्रोन विनिर्माण और संबद्ध कंपनियां<br></strong>सरकारी सूत्रों ने कहा कि भारत ड्रोन आयात पर प्रतिबंध लगाता है, लेकिन उनके कलपुर्जों पर नहीं और सरकार ने स्वदेशी कलपुर्जों की खरीद के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन की योजना बनाई है। अनुमानों के अनुसार, अभी भारत में 600 से अधिक ड्रोन विनिर्माण और संबद्ध कंपनियां हैं।</p>
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