डॉक्टरों – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Thu, 30 Oct 2025 06:07:49 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg डॉक्टरों – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 हरियाणा में ड्यूटी से गायब चल रहे 68 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त https://livehalchal.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a3%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a1%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%af/640728 Thu, 30 Oct 2025 06:07:46 +0000 https://livehalchal.com/?p=640728 कई वर्षों से ड्यूटी से गायब चल रहे डॉक्टरों पर हरियाणा सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। स्वास्थ्य विभाग ने 2017 से अनुपस्थित चल रहे 68 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। इन डॉक्टरों ने नियुक्ति के बाद कुछ महीने तो काम किया और उसके बाद स्वास्थ्य विभाग को बिना बताए ड्यूटी से गायब …]]>

कई वर्षों से ड्यूटी से गायब चल रहे डॉक्टरों पर हरियाणा सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। स्वास्थ्य विभाग ने 2017 से अनुपस्थित चल रहे 68 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।

इन डॉक्टरों ने नियुक्ति के बाद कुछ महीने तो काम किया और उसके बाद स्वास्थ्य विभाग को बिना बताए ड्यूटी से गायब हो गए। इस बारे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉक्टरों से पत्राचार भी किया गया, मगर डॉक्टरों की ओर से कोई जवाब नहीं आया। अब स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे डॉक्टरों पर कार्रवाई कर दी है।

इस बारे में स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। अब इन डॉक्टरों की जगह नए डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए विभाग की ओर से जल्द विज्ञापन जारी किया जाएगा। जिन डाॅक्टरों पर कार्रवाई की गई है, इनमें से 2017 से एक, 2018 से दस, 2019 से दो, 2020 से दस, 2021 से आठ, 2022 से 16, 2023 से 17 और 2024 से चार डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं आए हैं।

काम हो रहा था प्रभावित
इन डॉक्टरों के नहीं होने से हर सेंटर में काम प्रभावित हो रहा था। वहीं, इन डॉक्टरों को निकाले नहीं जाने से नई नियुक्तियां भी नहीं हो पा रही थी। इस बारे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई बार इन डॉक्टरों के खिलाफ एक्शन लेने की बात कही गई थी, मगर मामला टल रहा था। मगर अब इस बारे में स्वास्थ्य विभाग ने कड़ी कार्रवाई कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने सिविल चिकित्सा सेवाएं (श्रेणी-1) नियम 2014 के नियम 10 के तहत इन चिकित्सा अधिकारियों की सेवाएं अनुपस्थिति की तिथि से समाप्त की जाती हैं।

इन डॉक्टरों पर कार्रवाई
डा. अरुषि सिंह, अंबाला, डा. रवजोत सिंह अंबाला, डा. रुपाली नारायणगढ़, डा. किरण चरखी दादरी, डा. नवीन शर्मा चरखी दादरी, डा. रेखा देवी, चरखी दादरी, डा. प्रशास्ति चरखी दादरी, डा. जतिन ढींगरा फतेहपुर टागा, डा. नंनदानी त्यागी फरीदाबाद, डा. श्वेता पेनहेरा, डा. राशि अग्रवाल खेड़ी कलां, ड. पूजा यादव पटौदी, डा. मीनू गुरुग्राम, डा. पुनीत सोहना, डा. हेमंत सोहना, डा. हितेंद्र सोहना, डा. दिव्या यादव सोहना, डा. मनीष यादव सोहना, डा. लक्ष्मी यादव फारुखनगर, डा. सरिता भोराकलां, डा. नितिन अग्रवाल गुरुग्राम, डा. कृतिका ठाकुर गुरुग्राम, डा. अमिता सिंघल हिसार, डा. अनुराधा नागपाल हिसार, डा. नीरज गौतम हिसार, डा. हिमांशु सागर हिसार, डा. आयुष हिसार, डा. विकास हिसार, डा. अमित कुमार करनाल, डा. निधि सोनी कुरुक्षेत्र, डा. पारव सिंह सचदेवा कुरुक्षेत्र, डा. राजीव कुमार शाहबाद, डा. संदीप यादव नारनौल, डा. लक्ष्मी नारायण नारनौल, डा. मनीषा नारनौल, डा. रीना यादव महेंद्रगढ़, डा. निधि वर्मा नांगल चौधरी, डा. मुरारी लाल नांगल चौधरी, डा. रवि प्रकाश नारनौल, डा. प्रमोद सहलंग, डा. रजनी रानी नारनौल, डा. अंजलि शर्मा कनीना, डा. मोनिका कनीना, डा. सोनू कुमारी कनीना, डा. लखन सिंह तंवर पलवल, डा. राकेश पांडे पलवल, डा. शुभम शर्मा पलवल, डा. सुनील कुमार भारद्वाज पलवल, डा. अरविंद पलवल, डा. लक्ष्य पलवल, डा. नेहा रोहतक, डा. दीपिका, डा. नितिन, डा. कोमल, डा. दीक्षित, डा. आयुष, डा. अकुल, डा. विकास, डा. शुभम, डा. तमन्ना और डा. पंकज मलिक (सभी सोनीपत), डा. इशिता यमुनानगर, डा. कोमल यमुनानगर, डा. निकिता अंबाला कैंट, डा. मोनिका अंबाला कैंट, डा. मिनाक्षी अंबाला कैंट, डा. अनिल सोफत अंबाला कैंट और डा. कोमलप्रीत कौर अंबाला सिटी

इन कारणों की वजह से छोड़ जाते हैं डाक्टर
जिन डॉक्टरों पर कार्रवाई की गई कि वे अपनी मर्जी से नहीं आ रहे थे। दरअसल हरियाणा में अक्सर नौकरी ज्वाइन करने के कुछ दिन बाद डॉक्टर छोड़ जाते हैं। इसके पीछे बड़ा कारण पदोन्नति के चांस कम होना, दूसरे प्रदेशों के मुकाबले वेतन कम, सीएचसी व पीएचसी सेंटर में तैनात होने वाले डॉक्टरों के लिए बेहतर रिहायशी जगह का न होना, अनुपयुक्त कार्य परिस्थितियां, मेडिको-लीगल मामलों में संलग्नता, अदालती साक्ष्य, क्लास-वन अधिकारी का दर्जा नहीं, उच्च अध्ययन के लिए एनओसी प्राप्त करने में बाधाएं जैसी समस्याएं आती हैं।

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बच्चे के गले में फंसे सिक्के को जीएमसी के डॉक्टरों ने निकाला बाहर https://livehalchal.com/%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ab%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d/548477 Mon, 18 Mar 2024 06:18:36 +0000 https://livehalchal.com/?p=548477 ईएनटी विभाग के विभागध्यक्ष और प्रोफेसर डॉक्टर एसके शुक्ला ने टीम के अन्य डॉक्टरों के साथ ऑपरेशन कर बच्चे के गले में फंसे एक रुपए के सिक्के को बाहर निकाला। यह सिक्का बच्चे ने खेल खेल में निगल लिया था। शहडोल जिले में एक आठ साल का बच्चा खेल खेल में सिक्का निगल गया, जो …]]>

ईएनटी विभाग के विभागध्यक्ष और प्रोफेसर डॉक्टर एसके शुक्ला ने टीम के अन्य डॉक्टरों के साथ ऑपरेशन कर बच्चे के गले में फंसे एक रुपए के सिक्के को बाहर निकाला। यह सिक्का बच्चे ने खेल खेल में निगल लिया था।

शहडोल जिले में एक आठ साल का बच्चा खेल खेल में सिक्का निगल गया, जो उसकी आहार और सांस नाली के बीच आकर फंस गया। जानकारी लगने के बाद परिजनों ने घर पर ही सिक्के को निकालने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं निकला। 

इसके बाद परिजन गंभीर हालत में बच्चे को जिला चिकित्सालय अनूपपुर लेकर गए, जहां जांच में पता चला कि बच्चे के गले में कोई गोलाकार वस्तु फंसी है। बच्चे की गंभीर हालत को देखते चिकित्सकों ने रात में ही उसे मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर कर दिया। रात करीब 12 बजे परिजन उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे।

रात भर उपचार के बाद सुबह  ईएनटी विभाग के विभागध्यक्ष और प्रोफेसर डॉक्टर एसके शुक्ला ने टीम के अन्य डॉक्टरों के साथ ऑपरेशन कर बच्चे के गले में फंसे एक रुपए के सिक्के को बाहर निकाला। यह सिक्का बच्चे ने खेल खेल में निगल लिया था। इसके कारण खाना तो दूर, पानी तक नहीं पी पा रहा था। ऑपरेशन के बाद बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ्य है। कल उसे लिए डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।

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डॉक्टरों के लिए ड्रेस कोड: सरकारी अस्पतालों में जींस-टी शर्ट पहनने पर रोक https://livehalchal.com/%e0%a4%a1%e0%a4%95%e0%a4%9f%e0%a4%b0-%e0%a4%95-%e0%a4%b2%e0%a4%8f-%e0%a4%a1%e0%a4%b0%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a4%a1/530511 Fri, 15 Dec 2023 06:00:16 +0000 https://livehalchal.com/?p=530511 मथुरा के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर जींस-टीशर्ट पहनकर आए तो उनका एक दिन का वेतन कटेगा। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक का आदेश जारी होने के बाद बृहस्पतिवार को सीएमओ ने सभी सीएचसी व पीएचसी प्रभारियों सहित समस्त स्टाप को ड्रेस कोड में ही अस्पताल आने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक का आदेश …]]>

मथुरा के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर जींस-टीशर्ट पहनकर आए तो उनका एक दिन का वेतन कटेगा। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक का आदेश जारी होने के बाद बृहस्पतिवार को सीएमओ ने सभी सीएचसी व पीएचसी प्रभारियों सहित समस्त स्टाप को ड्रेस कोड में ही अस्पताल आने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक का आदेश आने के बाद सीएमओ डॉ. अजय कुमार वर्मा ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) प्रभारियों की ऑनलाइन मीटिंग ली। इस दौरान उन्होंने सभी को सादा पैंट, शर्ट और सफेद कोट पहनकर ड्यूटी पर आने के निर्देश दिए।

इसी तरह महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. मुकुंद बंसल ने वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी स्वास्थ्य कर्मियों को ड्रेस कोड का पालन कराने की जिम्मेदारी डॉ. लाल सिंह को सौंपी है। इसके साथ ही सभी चिकित्सकों को पांच दिन का समय दिया है। 

इसके बाद यदि कोई चिकित्सक या अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी बिना ड्रेस के अस्पताल आया तो उसका अनुपस्थित मानकर एक दिन का वेतन रोका जाएगा। महिला जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. ऋतु कात्याल ने भी सभी स्टॉफ को ड्रेस कोड में आने के निर्देश दिए हैं।

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फेफड़ा फटने की जांच – पांच डॉक्टरों की टीम करेगी …. https://livehalchal.com/%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%ab%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be-%e0%a4%ab%e0%a4%9f%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9a-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9a-%e0%a4%a1/223777 Tue, 23 Apr 2019 11:46:58 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=223777 केजीएमयू में मरीज का फेफड़ा फटने के मामले में जांच होगी। सीएमएस ने इसके लिए पांच सदस्यीय डॉक्टरों की कमेटी का गठन किया है। इसके साथ ही तीन दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।       केजीएमयू सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार के मुताबिक मरीज जयशंकर तिवारी के मौत के प्रकरण की जांच …]]>

केजीएमयू में मरीज का फेफड़ा फटने के मामले में जांच होगी। सीएमएस ने इसके लिए पांच सदस्यीय डॉक्टरों की कमेटी का गठन किया है। इसके साथ ही तीन दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

 

 

 

केजीएमयू सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार के मुताबिक मरीज जयशंकर तिवारी के मौत के प्रकरण की जांच होगी। मरीज का फेफड़ा कैसे फटा, उसके इलाज में क्या लापरवाही हुई। ऐसी स्थिति में मरीज को बचाने के लिए क्या उपाय किए गए। हर मामले की विस्तृत जांच होगी। इसके लिए ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस डॉ. यूबी मिश्रा की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की गई है। इसमें वेंटिलेटर प्रभारी डॉ. जीपी सिंह, पल्मोनरी विभाग के डॉ. राजीव गर्ग, फॉरेंसिक विभाग के डॉ. अनूप वर्मा, जनरल सर्जरी विभाग के डॉ. सुरेश कुमार को शामिल किया गया है। यह टीम मरीज के इलाज का पूरा ब्योरा चेक करेगी। फेफड़ा फटने के कारण से लेकर मौत के कारणों पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। ऐसे में यदि इलाज में लापरवाही पाई गई तो दोषियों पर कार्रवाई भी होगी।

शिफ्टिंग के बाद बिगड़ी थी हालत

दरअसल, प्रयागराज निवासी जयशंकर तिवारी (45) को ब्रेन हेमरेज हो गया था, जिसके बाद उन्हें सांस की दिक्कत भी बढ़ गई। भाई शिवकांत तिवारी ने जयशंकर को 24 मार्च को ट्रॉमा सेंटर में पल्मोनरी क्रिटिकल केयर विभाग के आरआइसीयू में भर्ती कराया। उनका दावा है कि जयशंकर की हालत में सुधार था। अचानक, 17 अप्रैल को आरआइसीयू को क्रिटिकल केयर मेडिसिन को सौंप दिया गया। यहां इलाज कर रहा स्टाफ भी हटा दिया गया। ऐसे में मरीज जयशंकर को क्रिटिकल केयर मेडिसिन के सीसीएम यूनिट में शिफ्ट कर दिया गया। यहां वेंटिलेटर पर शिफ्टिंग में लापरवाही हुई, जिससे मरीज को ऑक्सीजन का प्रेशर अधिक दे दिया गया। इससे मरीज का फेफड़ा फट गया। कारण, 16 अप्रैल के एक्स-रे में फेफड़ा सही था, वहीं शिफ्टिंग के बाद 18अप्रैल की एक्स-रे रिपोर्ट में फेफड़े की फटने की पुष्टि हुई।

परिजनों के बयान भी होंगे दर्ज

डॉ. एसएन शंखवार ने कहा कि जांच में परिजनों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। इसके लिए उन्हें फोन कर बुलाया जाएगा। दरअसल, परिजन शिवकांत तिवारी मृतक जयशंकर के भाई हैं। उन्होंने इलाज में लापरवाही के साथ-साथ कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने खुद को 12 वर्ष की अवस्था से राष्ट्रीय स्वयं सेवक का सदस्य बताया था। साथ ही केजीएमयू प्रशासन पर उपेक्षा का भी आरोप लगाया था।

 

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जानिए सीएम योगी ने क्यों कहा- यूपी में डॉक्टरों का गैंग सक्रिय https://livehalchal.com/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95/46520 Thu, 06 Apr 2017 05:03:35 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=46520 लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे के चिकित्सकों की कार्यशैली के लिए उन्हें सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में जांच के नाम पर लूट मची है, कई डॉक्टर गैंग की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने चिकित्सकों से कहा, “डॉक्टरों में मरीजों के प्रति …]]>

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे के चिकित्सकों की कार्यशैली के लिए उन्हें सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में जांच के नाम पर लूट मची है, कई डॉक्टर गैंग की तरह काम कर रहे हैं।जानिए सीएम योगी ने क्यों कहा- यूपी में डॉक्टरों का गैंग सक्रिय उन्होंने चिकित्सकों से कहा, “डॉक्टरों में मरीजों के प्रति संवेदनशीलता आवश्यक है। प्रेम से बोलने पर आधी बीमारी गायब हो जाती है। डॉक्टर पैसे के लिए नहीं बल्कि दुआ के लिए काम करें।” साथ ही कहा कि सरकारी डॉक्टर निजी प्रैक्टिस न करें।

मुख्यमंत्री बुधवार को राजधानी के केजीएमयू में नए वेंटीलेटर का उद्घाटन करने पहुंचे थे। उन्होंने यहां 56 नए वेंटीलेटर का उद्घाटन किया।मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रदेश सरकार अगले पांच वर्षो में छह एम्स के स्तर के अस्पताल खोलेगी। इसके साथ ही सूबे में 25 मेडिकल कॉलेज भी बनाए जाएंगे। चिकित्सा के क्षेत्र में केंद्र से मिलने वाले बजट को हर हालत में 31 मार्च तक खर्च कर लिया जाना चाहिए।”

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मुख्यमंत्री ने कहा, “चिकित्सकों को गरीबों की मदद करनी चाहिए। हो सकता है कि गरीबों से पैसा नहीं मिले, लेकिन दुआ जरूर मिलेगी। दुआओं का बहुत असर होता है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अंतिम व्यक्ति को भी इलाज मिले।”

उन्होंने कहा कि उप्र में जांच के नाम पर लूट मची हुई है। यहां कई डॉक्टर गैंग की तरह काम कर रहे हैं। योगी ने डॉक्टरों को नसीहत देते हुए कहा कि डॉक्टरों को गैंग की तरह काम नहीं करना चाहिए।

योगी ने कहा कि उप्र में मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की काफी कमी है। उप्र में पांच लाख डॉक्टरों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सीएचसी और पीएचसी में रात में डॉक्टर नहीं रुकते हैं। सरकारी अस्पतालों के वेंटीलेटर काम नहीं करते हैं।

योगी ने कहा, “अच्छे डॉक्टरों को सैफई शिफ्ट कर दिया गया है और कुछ को कन्नौज भेज दिया गया। बीते पांच वर्षो में हमारे गोरखपुर के कई अच्छे चिकित्सकों को सैफई भेज दिया गया।”

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