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	<title>ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नीति &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>इसी महीने तैयार होगी उत्तराखंड की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नीति</title>
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		<pubDate>Thu, 15 Jan 2026 05:55:11 +0000</pubDate>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="375" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/786.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/786.jpg 765w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/786-300x182.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>उत्तराखंड को विकसित और सशक्त राज्य बनाने की दिशा में सेतु आयोग लगातार ठोस पहल कर रहा है। नीति निर्माण से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर असर दिखाने वाले कामों के जरिए सेतु आयोग राज्य के विकास एजेंडे को नई दिशा दे रहा है।</p>



<p>उत्तराखंड सेतु आयोग प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं, वन आधारित अर्थव्यवस्था व ठोस कूड़ा प्रबंधन क्षेत्र में भी नई नीतियों और गहन अध्ययन पर काम कर रहा है। इसी महीने राज्य की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके अलावा राज्य में पशुपालन व डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए रणनीति तैयार की जा रही है।</p>



<p>सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी ने बताया कि उत्तराखंड को विकसित और सशक्त राज्य बनाने की दिशा में सेतु आयोग लगातार ठोस पहल कर रहा है। नीति निर्माण से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर असर दिखाने वाले कामों के जरिए सेतु आयोग राज्य के विकास एजेंडे को नई दिशा दे रहा है। राज्य की विशिष्ट भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सेतु आयोग विकास के ऐसे मॉडल तैयार कर रहा है, जो टिकाऊ व समावेशी हों।</p>



<p>उन्होंने कहा, दृष्टिकोण विकास को सिर्फ आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं रखता जा सकता। हमें सामाजिक सुधार, संस्थागत सशक्तिकरण व पर्यावरणीय संतुलन को साथ लेकर चलना है। यह समावेशी व समग्र सोच ही उत्तराखंड में टिकाऊ आर्थिक विकास च सामाजिक प्रगति की मजबूत नींव रख सकती है।</p>



<p>ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए सेतु आयोग कृषि, डेयरी, पशुपालन व कौशल विकास को विकास की रीढ़ मान रहा है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ मिलकर पशुपालन व डेयरी विभाग के लिए एक समग्र रणनीति तैयार की जा रही है, जिससे डेयरी क्षेत्र के साथ आंचल ब्रांड को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा सके। यह रणनीति इसी माह के अंत तक तैयार हो जाएगी।</p>



<p>जोशी ने कहा, ग्लेशियरों का पीछे हटना, ग्लेशियल झीलों का बढ़ना, खेती की जमीन का खाली होना और भूकंपीय जोखिम जैसी समस्याएं को नए अवसरों के रूप में देखने की जरूरत है। सही नीति, सक्षम क्रियान्वयन और साझेदारी से इन चुनौतियों को विकास के नए मॉडल में बदला जा सकता है।</p>



<p><strong>प्रदेश के चार स्थानों पर खुलेंगे कलेक्शन सेंटर<br></strong>सेतु आयोग व कृषि विभाग की पहल से चकराता और जौनपुर ब्लॉक में महिंद्रा ग्रुप के सहयोग से आधुनिक सिंचाई के पायलट प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया गया। इसके साथ प्रदेश के चार स्थानों पर किसानों के लिए कलेक्शन सेंटर खोले जाएंगे, जिससे उन्हें अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य मिल सके। तीन स्थानों पर आधुनिक ग्रामीण केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे, जिन्हें स्वयं सहायता समूह या किसान उत्पादक संगठन संचालित करेंगे। पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सेतु आयोग, पंचायती राज विभाग और क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के सहयोग से ग्राम प्रधानों के प्रशिक्षण की पहल करने जा रहा है, जो पंचायतों को सुदृढ़ करने और ग्राम स्तर पर सुशासन को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p>



<p><strong>कौशल विकास में दिख रहा आयोग की पहल का असर<br></strong>कौशल विकास के क्षेत्र में भी सेतु आयोग की पहल का असर दिखने लगा है। कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल में टाटा समूह की ओर से संचालित होटल उद्योग से जुड़े प्रशिक्षण केंद्र से प्रशिक्षित युवाओं को अब टाटा समेत अन्य बड़ी कंपनियों में रोजगार मिलने लगा है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर खुले हैं। आयोग की सरकारी विभागों के साथ मिलकर नए केंद्र खोलने की योजना है।</p>
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