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	<title>ट्रेड डील &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>ट्रेड डील &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>भोपाल में आज ट्रेड डील के विरोध में किसान महाचौपाल</title>
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		<pubDate>Tue, 24 Feb 2026 06:06:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[ट्रेड डील]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="338" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-23-220551.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-23-220551.png 767w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-23-220551-300x164.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए कांग्रेस आज राजधानी भोपाल में बड़ी ‘किसान महाचौपाल’ आयोजित कर रही है। इस सभा से पार्टी देशभर में आंदोलन छेड़ने का संकेत दे रही है। कार्यक्रम को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संबोधित करेंगे। जवाहर चौक बना राजनीतिक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="338" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-23-220551.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-23-220551.png 767w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-23-220551-300x164.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए कांग्रेस आज राजधानी भोपाल में बड़ी ‘किसान महाचौपाल’ आयोजित कर रही है। इस सभा से पार्टी देशभर में आंदोलन छेड़ने का संकेत दे रही है। कार्यक्रम को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संबोधित करेंगे।</p>



<p><strong>जवाहर चौक बना राजनीतिक केंद्र<br></strong>सभा स्थल जवाहर चौक पर मुख्य मंच तैयार किया गया है। अटल पथ के दोनों ओर बड़े अस्थायी पंडाल लगाए गए हैं। कांग्रेस का दावा है कि करीब 50 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। दोपहर 2 बजे से कार्यक्रम की शुरुआत होगी। पार्टी इसे सिर्फ एक सभा नहीं, बल्कि किसानों के मुद्दों पर केंद्र सरकार के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन की शुरुआत बता रही है।</p>



<p><strong>विशिष्ट अतिथियों के लिए मार्ग<br></strong>करीब 200 आमंत्रित अतिथियों के वाहन रंगमहल चौराहा से यादव मेडिकल तिराहा, काटजू तिराहा और राजस्थान स्वीट्स तिराहा होते हुए मॉडल स्कूल के पास यात्रियों को उतारेंगे, इसके बाद निर्धारित स्थान पर पार्किंग की जाएगी।<br>बाहरी जिलों से आने वाले वाहनों के लिए व्यवस्था</p>



<p><strong>इंदौर-उज्जैन-सीहोर मार्ग<br></strong>इंदौर, उज्जैन, सीहोर से आने वाले वाहन सीहोर बायपास, बिल्किसगंज, रातीबड़, भदभदा होते हुए लाड़ली लक्ष्मी पार्क (अटल पथ) में पार्क किए जाएंगे।</p>



<p><strong>नर्मदापुरम मार्ग<br></strong>नर्मदापुरम की दिशा से आने वाले वाहन आरआरएल ओवरब्रिज, रानी कमलापति स्टेशन, लिंक रोड-2 होते हुए लाड़ली लक्ष्मी पार्क पहुंचेंगे।</p>



<p><strong>रायसेन-सागर रोड<br></strong>रायसेन और सागर की ओर से आने वाले वाहन टीटी नगर स्टेडियम के पास पार्क किए जाएंगे।</p>



<p><strong>ग्वालियर-विदिशा मार्ग<br></strong>ग्वालियर और विदिशा सहित अन्य इलाकों से आने वाले वाहन टीटी नगर दशहरा मैदान में खड़े होंगे, जहां से पैदल सभा स्थल तक पहुंचना होगा।</p>



<p><strong>प्रमुख डायवर्जन<br></strong>डिपो चौराहा से यातायात पीएनटी या पॉलिटेक्निक मार्ग से मोड़ा जाएगा।<br>प्लेटिनम चौराहा से जवाहर चौक की ओर जाने वाले वाहन माता मंदिर या टीटी नगर मार्ग लें।<br>रंगमहल से आने वाले वाहन बाणगंगा या माता मंदिर मार्ग से गुजरेंगे।<br>एयरपोर्ट जाने वालों के लिए पुलिस कंट्रोल रूम, पीएचक्यू, लालघाटी मार्ग से वैकल्पिक रास्ता तय किया गया है।</p>



<p>कुल मिलाकर, राजधानी में आज राजनीतिक हलचल के साथ यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। कांग्रेस इस महाचौपाल के जरिए किसानों के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने और देशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तय करने जा रही है।</p>



<p><strong>राहुल गांधी का कार्यक्रम<br></strong>दोपहर 12 बजे: दिल्ली से प्रस्थान<br>दोपहर 1 बजे: भोपाल आगमन<br>दोपहर 2 बजे: जवाहर चौक पर महाचौपाल<br>शाम 4:15 बजे: दिल्ली वापसी</p>



<p><strong>कार्यकर्ताओं में उत्साह<br></strong>मऊगंज के पूर्व विधायक सुखेन्द्र सिंह बन्ना स्वयं बस चलाकर कार्यकर्ताओं को लेकर भोपाल पहुंच रहे हैं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जिससे कार्यकर्ताओं के उत्साह को रेखांकित किया जा रहा है। कुल मिलाकर, यह महाचौपाल सिर्फ एक सभा नहीं बल्कि ट्रेड समझौते के मुद्दे पर कांग्रेस का राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन मानी जा रही है, जिसमें राष्ट्रीय नेतृत्व सीधे किसानों के बीच अपनी बात रखेगा।</p>
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		<title>&#8216;यूपीए के आर्थिक कुप्रबंधन से टूटती थीं डील, अब आत्मविश्वास से भरा है भारत;&#8217; ट्रेड डील पर बोले पीएम मोदी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Feb 2026 07:26:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[ट्रेड डील]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="321" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-232437.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-232437.png 803w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-232437-300x156.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-232437-768x399.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के हालिया व्यापार समझौते प्रतिस्पर्धी उद्योग और आत्मविश्वास का परिणाम हैं। उन्होंने यूपीए सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन को असफल व्यापार वार्ताओं का कारण बताया। मोदी ने 38 देशों के साथ हुए एफटीए को मील का पत्थर बताया। उन्होंने अगले तीन दशकों के लिए ढांचागत सुधार, नवाचार और सुशासन को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="321" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-232437.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-232437.png 803w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-232437-300x156.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-232437-768x399.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के हालिया व्यापार समझौते प्रतिस्पर्धी उद्योग और आत्मविश्वास का परिणाम हैं। उन्होंने यूपीए सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन को असफल व्यापार वार्ताओं का कारण बताया। मोदी ने 38 देशों के साथ हुए एफटीए को मील का पत्थर बताया। उन्होंने अगले तीन दशकों के लिए ढांचागत सुधार, नवाचार और सुशासन को प्राथमिकता बताया, साथ ही विकसित भारत में महिलाओं की भूमिका और रक्षा सुधारों पर भी जोर दिया।</p>



<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हालिया व्यापार समझौते अधिक प्रतिस्पर्धी घरेलू उद्योग, आत्मविश्वास से भरपूर दृष्टिकोण और खुले विचारों का नतीजा हैं। व्यापार समझौतों की बात करने से पहले यह याद करना अहम है कि देश एक दशक पहले कहां खड़ा था।</p>



<p>पूर्ववर्ती संप्रग सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उसके आर्थिक कुप्रबंधन के कारण भारत व्यापार वार्ताओं में मजबूती से अपना पक्ष नहीं रख सका और एक भी बातचीत निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी।</p>



<p><strong>तीन शीर्ष प्राथमिकताएं<br></strong>प्रधानमंत्री ने पीटीआई से एक साक्षात्कार में ट्रेड डील, आम बजट, रक्षा सुधार, विकसित भारत में महिलाओं की भूमिका से लेकर अगले तीन दशकों के लिए अपनी तीन शीर्ष प्राथमिकताएं भी गिनाईं। मोदी ने कहा कि भारत ने आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, ईयू और अमेरिका के साथ जो व्यापार समझौते किए हैं, उनसे एमएसएमई के लिए, खास तौर पर श्रम-प्रधान क्षेत्रों में, इन देशों में लगभग शून्य शुल्क या अन्य देशों की तुलना में काफी कम शुल्क पर वस्तुओं के निर्यात के रास्ते खुल गए हैं।</p>



<p><strong>कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल पाता था<br></strong>पिछली संप्रग सरकार ने अपने शासनकाल में कुछ व्यापार समझौते करने की कोशिश की, लेकिन यह यात्रा अनिश्चितता और अस्थिरता से भरी रही। मुख्यत: उनके आर्थिक कुप्रबंधन के कारण भारत मजबूती के साथ अपना पक्ष नहीं रख सका। उन्होंने बातचीत को निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए अनुकूल माहौल नहीं बनाया। बातचीत शुरू होती और फिर ठप पड़ जाती थी और कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल पाता था।</p>



<p>सत्ता में आने के बाद हमने नीति-आधारित शासन के जरिये आर्थिक पुनरुत्थान किया, आर्थिक ढांचे को मजबूत किया और एक नियम-आधारित प्रणाली का निर्माण किया। जब हमने राजनीतिक स्थिरता, नीतिगत पूर्वानुमान और सुधार-केंद्रित दृष्टिकोण सुनिश्चित किया, तो दुनिया भारत में निवेश करने के लिए इच्छुक हो गई। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार की ओर से किए गए सुधारों से भारत के विनिर्माण और सेवा जैसे दोनों क्षेत्रों को मदद हासिल हुई तथा एमएसएमई के बीच उत्पादकता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा मिला।</p>



<p>आत्मविश्वास से भरपूर, प्रतिस्पर्धी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में भारत के उभार के कारण कई देशों को भारत के साथ व्यापार समझौतों पर आगे बढ़ने में फायदा दिखा। उन्होंने कहा, &#8221;अब हमारे 38 साझीदार देशों के साथ एफटीए हैं, जो भारत के व्यापारिक इतिहास में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर है।</p>



<p>इन व्यापार समझौतों की एक खास बात यह है कि ये कई महाद्वीपों में फैले हुए हैं और इनमें अलग-अलग आर्थिक ताकत वाले देश शामिल हैं। हमारे देश में एक नया आत्मविश्वास है। अलग-अलग तरह की चुनौतियों के समय में भी हमारा राष्ट्रीय चरित्र सामने आया है और हम मुश्किल वैश्विक हालात में भी वृद्ध की चमकती हुई किरण हैं।&#8221;</p>



<p><strong>स्वभाव के कारण कभी संतुष्ट नहीं होता<br></strong>प्रधानमंत्री ने कहा कि राजग सरकार सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है, जिसे उसने सही मायनों में करके दिखाया है। उनकी सरकार की &#8221;रिफार्म एक्सप्रेस&#8221; से आम लोगों को बहुत फायदा हो रहा है। अगले तीन दशकों के लिए उनकी शीर्ष तीन प्राथमिकताएं होंगी- लगातार ढांचागत सुधार, नवाचार को बढ़ाना एवं शासन को और आसान बनाना। मोदी ने यह भी कहा कि स्वभाव से वह कभी संतुष्ट नहीं होते क्योंकि उनका मानना है कि सार्वजनिक जीवन में एक तरह की रचनात्मक बेचैनी, और अधिक करने की लगातार इच्छा, तेजी से सुधार करने और बेहतर सेवा करने की आवश्यकता होती है।</p>



<p><strong>कोई बजट बही खाते के नजरिये से नहीं बनाया<br></strong>प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल में पेश केंद्रीय बजट में जानबूझकर अल्पकालिक लोकलुभावन घोषणाओं से बचा गया। इसके बजाय नौकरियों और सतत वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे में रिकार्ड पूंजीगत आवंटन किया गया। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने अपने कार्यकाल का इस्तेमाल पिछली सरकारों द्वारा छोड़ी गई ढांचागत खामियों को दूर करने, बड़े सुधार करने और विकसित भारत की नींव रखने के लिए किया है। यह बजट उस यात्रा के अगले स्तर को प्रदर्शित करता है।</p>



<p>उन्होंने कहा, &#8221;हमारा कोई भी बजट एक आम बही खाता बनाने के नजरिये से नहीं बनाया गया है.. अगर कोई पिछले 25 वर्षों में मेरे नजरिये को करीब से देखे तो यह साफ हो जाता है कि हमारा काम टुकड़ों में नहीं होता।&#8221; इस साल का बजट मजबूरी के कारण पैदा हुआ &#8216;अभी नहीं तो कभी नहीं&#8217; वाला पल नहीं था, बल्कि तैयारी और प्रेरणा से उपजा &#8216;हम तैयार हैं&#8217; वाला क्षण था। यह बजट एक विकसित राष्ट्र बनने की भारत की &#8216;प्रबल इच्छा&#8217; को रेखांकित करता है।</p>



<p><strong>दुनिया के डाटा को किया आमंत्रित<br></strong>डाटा सेंटर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए बजट में नए प्रोत्साहनों का उल्लेख करते हुए मोदी ने भारत को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एआइ के ग्लोबल हब के तौर पर भी पेश किया। उन्होंने कहा कि देश दुनिया का डाटा होस्ट करने और तकनीकी क्रांति की अगली लहर का नेतृत्व करने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री ने कहा, &#8221;हम पूरी दुनिया के डाटा को भारत आने के लिए आमंत्रित करते हैं!&#8221;</p>



<p><strong>कंपनियां हिम्मत के साथ करें निवेश<br></strong>प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत की ओर अगला कदम इस बात पर निर्भर करेगा कि भारतीय कंपनियां कितनी हिम्मत से नवाचार में निवेश करती हैं, दीर्घकालिक क्षमता स्थापित करती हैं और खुद को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, तकनीक के मामले में विश्वसनीय और ग्रोथ के सामाजिक रूप से जिम्मेदार इंजन के तौर पर स्थापित करती हैं। प्रधानमंत्री ने प्रगतिशील निजी क्षेत्र से अनुसंधान एवं विकास में और अधिक तेजी से निवेश करने, आधुनिकतम तकनीक अपनाने, आपूर्ति श्रृंखला क्षमताओं को मजबूत करने और सुरक्षित लाभ के बजाय गुणवत्ता व उत्पादकता के स्तर पर मुकाबला करने की अपील की।</p>



<p><strong>विकसित भारत में होगी महिलाओं की अहम भूमिका<br></strong>मोदी ने कहा कि विकसित भारत बनाने में महिलाओं की सबसे अहम भूमिका होगी और सरकार की पहल उन्हें मजबूत बनाएगी। गर्व की बात है कि पिछले कुछ वर्ष से भारतीय महिलाएं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। चाहे वह अंतरिक्ष हो या स्टार्ट-अप। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए गर्व की बात है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौ बजट पेश किए और पूरे भारत में कई महिलाएं इस कामयाबी से प्रेरित महसूस कर रही हैं।</p>



<p><strong>ऑपरेशन सिंदूर में दिखे रक्षा सुधारों के फायदे<br></strong>रक्षा बजट में बढ़ोतरी और सैन्य आधुनिकीकरण पर मोदी ने कहा कि एक दशक के रक्षा सुधारों के फायदे &#8216;ऑपरेशन सिंदूर&#8217; के दौरान साफ दिखे और कहा कि भारत को सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए हर समय तैयार रहना होगा। एक ऐसे देश के तौर पर जो दुनिया में तेजी से अहम भूमिका निभा रहा है, भारत की यह जिम्मेदारी है कि वह अपने रक्षा क्षेत्र को मौजूदा हकीकत के हिसाब से आधुनिक बनाए।</p>
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		<title>US से ट्रेड डील के बाद भी रूस से तेल खरीदेगा भारत?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Feb 2026 09:17:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[ट्रेड डील]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="323" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-011542.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-011542.png 797w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-011542-300x157.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-011542-768x401.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />अमेरिकी ट्रेड डील के बाद रूस से तेल खरीदी के मुद्दे पर भारत की स्थिति स्पष्ट करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने म्यूनिख सिक्योरिटी समिट में बोला कि ऊर्जा और विदेश नीति पर निर्णय स्वतंत्र रूप से लिए जाएंगे। उन्होंने जोर दिया कि खरीद &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="323" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-011542.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-011542.png 797w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-011542-300x157.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-15-011542-768x401.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>अमेरिकी ट्रेड डील के बाद रूस से तेल खरीदी के मुद्दे पर भारत की स्थिति स्पष्ट करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने म्यूनिख सिक्योरिटी समिट में बोला कि ऊर्जा और विदेश नीति पर निर्णय स्वतंत्र रूप से लिए जाएंगे। उन्होंने जोर दिया कि खरीद संबंधी निर्णय व्यावसायिक होते हैं।</p>



<p>रूस से तेल खरीदी (Russian Oil) के मुद्दे पर अमेरिका ने भारत पर जुर्माने के तौर पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया था। हालांकि, ट्रेड डील के बाद इसे वापस ले लिया गया है। अब सवाल है कि क्या भारत, रूस से कच्चे तेल की खरीदारी जारी रखेगा? इस मुद्दे पर विदेशी मंत्री एस जयशंकर ने दो टूक जवाब दिया है। उन्होंने कह कि भारत ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ के प्रति प्रतिबद्ध है और ऊर्जा व विदेश नीति पर स्वतंत्र निर्णय लेगा। विदेश मंत्री का यह बयान इसलिए भी मायने रखता है क्योंकि अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि नई दिल्ली ने एक नए ट्रेड फ्रेमवर्क के तहत अतिरिक्त रूसी तेल की खरीद को रोकने के लिए प्रतिबद्धता जताई है।</p>



<p>विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यह जवाब म्यूनिख सिक्योरिटी समिट में दिया है। दरअसल, अमेरिका के साथ ट्रेड डील के बाद देश में सरकार को अमेरिका के सामने कथित तौर पर ‘आत्मसमर्पण’ करने के लिए देश में विपक्ष की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर, वाशिंगटन ने सार्वजनिक रूप से इस समझौते को रूसी तेल आयात पर प्रतिबंधों से जोड़ा है।</p>



<p><strong>विदेश मंत्री ने क्या कहा?<br></strong>म्यूनिख सिक्योरिटी समिट में जर्मन विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल के साथ बातचीत के दौरान सवालों का जवाब देते हुए जयशंकर ने कहा कि रणनीतिक स्वायत्तता के प्रति भारत का दृष्टिकोण गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, “हम रणनीतिक स्वायत्तता के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। यह हमारे इतिहास और विकास का एक अभिन्न अंग है… यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर राजनीति भी हो रही है।”</p>



<p>उन्होंने यह भी कहा कि खरीद संबंधी निर्णय आखिरकार व्यावसायिक होते हैं। एस जयशंकर ने कहा, “भारत में तेल कंपनियां, यूरोप की तरह ही… उपलब्धता, लागत और जोखिमों को देखती हैं और वे फैसले लेती हैं जो उन्हें अपने हित में लगते हैं।”</p>



<p>इससे पहले विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा था कि भारत की ऊर्जा खरीद, राष्ट्रीय हित पर निर्भर होती है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका ने भारत से ‘अतिरिक्त रूसी तेल’ खरीदना बंद करने की ‘प्रतिबद्धता’ हासिल कर ली है, क्योंकि वाशिंगटन यूक्रेन युद्ध को लेकर मॉस्को पर प्रतिबंधों को कड़ा कर रहा है। रुबियो ने कहा, “भारत के साथ हमारी बातचीत में, हमें रूस से अतिरिक्त तेल खरीदना बंद करने की उनकी प्रतिबद्धता मिली है,” उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ने रूस के तेल क्षेत्र पर और प्रतिबंध लगाए हैं।</p>
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		<title>टैरिफ पर ट्रंप का डबल गेम! भारत के साथ डील के बाद बांग्लादेश को दी राहत</title>
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		<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 06:11:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[ट्रेड डील]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="318" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-09-221009.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-09-221009.png 797w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-09-221009-300x154.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-09-221009-768x395.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />भारत के साथ ट्रेड डील के बाद अमेरिका ने बांग्लादेश के साथ भी ट्रेड एग्रीमेंट की घोषणा की है। इस समझौते के तहत बांग्लादेश से आयातित कुछ कपड़ों पर शून्य टैरिफ लगेगा। इस खबर से भारतीय टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई, जिनमें गोकलदास एक्सपोर्ट्स, केपीआर मिल और अरविंद शामिल हैं। भारत के साथ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="318" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-09-221009.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-09-221009.png 797w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-09-221009-300x154.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-09-221009-768x395.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>भारत के साथ ट्रेड डील के बाद अमेरिका ने बांग्लादेश के साथ भी ट्रेड एग्रीमेंट की घोषणा की है। इस समझौते के तहत बांग्लादेश से आयातित कुछ कपड़ों पर शून्य टैरिफ लगेगा। इस खबर से भारतीय टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई, जिनमें गोकलदास एक्सपोर्ट्स, केपीआर मिल और अरविंद शामिल हैं।</p>



<p>भारत के साथ ट्रेड डील (India-US Trade Deal) के एलान के बाद अमेरिका ने बांग्लादेश के साथ भी व्यापार समझौते की घोषणा कर दी है। लेकिन, अमेरिकी सरकार का यह एलान भारत की टेक्सटाइल्स कंपनियों के लिए बड़ा झटका साबित हुआ, और भारतीय टेक्सटाइल्स कंपनियों (Textiles Shares) के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इनमें गोकलदास एक्सपोर्ट्स के शेयर 5 प्रतिशत से अधिक गिरकर 796.45 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे थे, जबकि केपीआर मिल और अरविंद के शेयरों में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। पर्ल ग्लोबल इंडस्ट्रीज के शेयरों में 3.5 प्रतिशत से ज्यादा गिर गए हैं। इससे पहले सभी टेक्सटाइल्स शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी।</p>



<p><strong>क्यों गिरे टेक्सटाइल्स शेयर?</strong><br>अमेरिका और बांग्लादेश के बीच हुए समझौते के तहत, यूएस ने एक ऐसा सिस्टम बनाने की प्रतिबद्धता जताई है जिससे बांग्लादेश से आयातित कुछ कपड़ों और गारमेंट्स पर जीरो रेसिप्रोकल टैरिफ लागू हो सके। अमेरिका की ओर से जारी बयान में कहा गया है, &#8220;इस सिस्टम के तहत बांग्लादेश से आयातित वस्त्रों और परिधानों की एक निश्चित मात्रा अमेरिका में इस कम शुल्क पर प्रवेश कर सकेगी, लेकिन यह मात्रा अमेरिका से निर्यात होने वाले वस्त्रों की मात्रा के आधार पर निर्धारित की जाएगी, उदाहरण के लिए अमेरिका में उत्पादित कपास और मानव निर्मित फाइबर वस्त्र सामग्री।&#8221;</p>



<p>इससे पहले भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील के अनुसार, अमेरिका भारतीय टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट पर रेसिप्रोकल टैरिफ को मौजूदा 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। इससे भारतीय वस्त्र निर्यातकों को मौजूदा स्तर से कम टैरिफ का लाभ तो मिलेगा, लेकिन उन्हें कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा क्योंकि बांग्लादेशी निर्यातकों को अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले वस्त्रों पर कोई टैरिफ नहीं देना होगा।</p>



<p>हालांकि, बांग्लादेशी निर्यात पर अमेरिका का कुल टैरिफ घटकर 19 प्रतिशत हो गया है, जो भारत के 18 प्रतिशत से थोड़ा अधिक है। दोनों देशों ने अपने संयुक्त बयान में कहा, “यह समझौता अमेरिकी और बांग्लादेशी निर्यातकों को एक-दूसरे के बाजारों तक अभूतपूर्व पहुंच प्रदान करेगा। यह समझौता हमारे लॉन्ग टर्म इकोनॉमिक रिलेशन को और मजबूत करेगा।”</p>
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		<title>भारत-EU फ्री ट्रेड डील से जूता, चमड़ा और हस्तशिल्प कारोबार को लगेंगे पंख</title>
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		<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 09:21:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[ट्रेड डील]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="313" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-27-220900.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-27-220900.png 769w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-27-220900-300x152.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />अमेरिका के टैरिफ के बाद पस्त जूता कारोबार को यूरोपीय देशों के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से बड़ी राहत मिलेगी। जूता कारोबारियों और वित्तीय विशेषज्ञ इसे जूता एक्सपोर्ट कारोबार के लिए बूस्टर डोज के तौर पर मान रहे हैं। माना जा रहा है कि कारोबारियों को जो नुकसान अमेरिकी टैरिफ के बढ़ने से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="313" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-27-220900.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-27-220900.png 769w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-27-220900-300x152.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>अमेरिका के टैरिफ के बाद पस्त जूता कारोबार को यूरोपीय देशों के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से बड़ी राहत मिलेगी। जूता कारोबारियों और वित्तीय विशेषज्ञ इसे जूता एक्सपोर्ट कारोबार के लिए बूस्टर डोज के तौर पर मान रहे हैं। माना जा रहा है कि कारोबारियों को जो नुकसान अमेरिकी टैरिफ के बढ़ने से हुआ, उसकी न सिर्फ भरपाई हो सकेगी।</p>



<p>आर्थिक विशेषज्ञ सीए दीपिका मित्तल ने बताया कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता से जिले की अर्थव्यवस्था को विशेष लाभ मिलने वाला है। विशेष रूप से ये समझौता चमड़ा, जूते और हस्तशिल्प क्षेत्रों को बढ़ावा देने वाला है। चमड़े के उत्पादों पर टैरिफ को घटाकर शून्य करने से शहर की निर्माण इकाइयों को 100 अरब डॉलर के यूरोपीय संघ के बाजार में सीधा और प्रतिस्पर्धी प्रवेश मिल सकता है । नेशनल चैंबर के पूर्व उपाध्यक्ष अंबा प्रसाद गर्ग ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ के बाद से लगातार कारोबारी नए मार्केट तलाश रहे थे। फ्री ट्रेड के इस फैसले से उत्पाद एक्सपोर्ट करने वाली इकाइयों को ज्यादा ऑर्डर मिलेंगे। जूता उद्यमी जितेंद्र त्रिलोकानी भी इस डील को शहर के कारोबारियों के लिए टर्निंग प्वाइंट मान रहे हैं।</p>



<p>बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल अगस्त महीने में भारतीय उत्पादों के निर्यात पर कई गुना टैरिफ लगा दिया था। इसका असर जूता कारोबार पर हुआ। कारोबारियाें को जहां न सिर्फ पुराने ऑर्डर निरस्त होने का नुकसान हुआ, बल्कि नए ऑर्डर के लिए भी ग्राहक नहीं मिले। टैरिफ की वजह से करीब बीस फीसदी कारोबार में गिरावट दर्ज की गई। हस्तशिल्प क्षेत्र की इकाइयों को भी इस नए मार्केट में बेहद कम टैक्स की वजह से खासा लाभ मिल सकता है।</p>
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