ट्राई की वेबसाइ – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Mon, 14 Aug 2017 06:56:53 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg ट्राई की वेबसाइ – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 ट्राई की वेबसाइट पर मिलेगा सभी टेलीकॉम कंपनियों का टैरिफ प्लान https://livehalchal.com/%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%9f-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%97/71098 Mon, 14 Aug 2017 06:56:42 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=71098  मोबाइल फोन यूजर्स जल्दी ही टेलीकॉम कंपनियों के प्लान की जानकारी ट्राई की वेबसाइट के जरिये ले सकेंगे. इससे दरों के मामले में पारदर्शिता आएगी. भारतीय दूरसंचार नियामक एवं प्राधिकरण (ट्राई) एप और प्रोडक्ट के जरिये आंकड़ों के विश्लेषण और उसके की भी अनुमति देने पर विचार कर रहा है जिससे ग्राहक बीमा या एयरलाइन …]]>

 मोबाइल फोन यूजर्स जल्दी ही टेलीकॉम कंपनियों के प्लान की जानकारी ट्राई की वेबसाइट के जरिये ले सकेंगे. इससे दरों के मामले में पारदर्शिता आएगी.ट्राई की वेबसाइट पर मिलेगा सभी टेलीकॉम कंपनियों का टैरिफ प्लान

भारतीय दूरसंचार नियामक एवं प्राधिकरण (ट्राई) एप और प्रोडक्ट के जरिये आंकड़ों के विश्लेषण और उसके की भी अनुमति देने पर विचार कर रहा है जिससे ग्राहक बीमा या एयरलाइन एप की तरह दरों के बारे में एक जगह जानकारी ले सकेंगे.

जानिए क्या है इन तस्वीरों का पूरा सच, क्या सच में ऐसे थे बापू…

नियामक ने हाल ही में सभी कंपनियों से इलेक्ट्रानिक के साथ-साथ भौतिक रूप से अपने शुल्क की जानकारी देने को कहा है.

कुछ अनुमानों के अनुसार दूरसंचार कंपनियों सालाना करीब 24,000 दरों की जानकारी दी जाती है. इसमें सभी ऑपरेटर्स के लिये विभिन्न सर्किल के लिये शुल्क योजना के साथ-साथ विशेष वाउचर शामिल हैं.

शर्मा ने कहा, ‘‘ट्राई की वेबसाइट पर न केवल पारदर्शी शुल्क दिखेगा बल्कि हम मशीन की मदद से पढ़े जाने लायक आंकड़ा उपलब्ध दूसरों को भी दिया) जा सकता है ताकि लोग इस पर एप्लिकेशन बना सके. हम एपीआई (यह कोड है जो दो साफ्टवेयर प्रोग्राम को बात करने में सक्षम बनाता है ) उपलब्ध कराएंगे.’’ ‘आंकड़े के निर्यात’ से एप बनाने वाले को ट्राई की वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के आधार पर प्रोडक्ट बनाने की इजाजत होगी.

यह पूछे जाने पर कि एप के लिये आंकड़े के निर्यात की अनुमति कबतक दी जाएगी, उन्होंने कहा, ‘‘हम जल्दी ही ऐसा करेंगे. अब हम उनसे (दूरसंचार कंपनियों) से आंकड़ा आनलाइन देने को कह रहे हैं जिससे काम का बोझ भी कम होगा.’’

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