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	<title>टैरिफ विवाद &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>टैरिफ विवाद &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>क्या टैरिफ विवाद के बावजूद क्वाड में सबकुछ ठीक?</title>
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		<pubDate>Thu, 28 Aug 2025 10:08:09 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[टैरिफ विवाद]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/ghjkg-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/ghjkg.png 802w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/ghjkg-medium.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/ghjkg-768x434.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />जापान में भारत के राजदूत सिबी जॉर्ज ने कहा है कि क्वाड एक महत्वपूर्ण मंच है और प्रधानमंत्री मोदी के जापान दौरे पर क्वाड को लेकर बातचीत हो सकती है। गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच इन दिनों टैरिफ को लेकर तनाव बना हुआ है। भारत और जापान के साथ ही अमेरिका और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/ghjkg-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/ghjkg.png 802w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/ghjkg-medium.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/ghjkg-768x434.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>जापान में भारत के राजदूत सिबी जॉर्ज ने कहा है कि क्वाड एक महत्वपूर्ण मंच है और प्रधानमंत्री मोदी के जापान दौरे पर क्वाड को लेकर बातचीत हो सकती है। गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच इन दिनों टैरिफ को लेकर तनाव बना हुआ है। भारत और जापान के साथ ही अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया भी क्वाड के सदस्य हैं। यही वजह है कि क्वाड को लेकर सवाल उठ रहे हैं।</p>



<p><strong>क्वाड महत्वपूर्ण मंच, बेशक चर्चा हो सकती है’<br></strong>भारतीय राजदूत सिबी जॉर्ज ने टोक्यो में भारतीय न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में बताया कि ‘क्वाड एक महत्वपूर्ण मंच है और यह समान सोच वाले देशों का महत्वपूर्ण संगठन है, जो हिंद प्रशांत महासागर क्षेत्र में समृद्धि, शांति और स्थिरता के लिए साथ आए हैं। इसलिए जब क्वाड के दो अहम सदस्य देशों के प्रमुखों की मुलाकात होगी तो उसमें बेशक क्वाड और वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति पर चर्चा हो सकती है।’</p>



<p><strong>‘कई समझौतों पर होंगे हस्ताक्षर’<br></strong>प्रधानमंत्री मोदी 29-30 अगस्त 2025 को जापान दौरे पर रहेंगे। प्रधानमंत्री टोक्यो में भारत-जापान के 15वें वार्षिक सम्मेलन में जापानी पीएम शिगेरु इशिबा के साथ शिरकत करेंगे। भारतीय राजदूत ने कहा कि ‘पीएम मोदी के जापान दौरे पर कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे। सिबी जॉर्ज ने कहा प्रधानमंत्री का ये दौरा दोनों देशों के रिश्तों को अगले 10 वर्षों के लिए नई दिशा देगा। कई सारे एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे और अहम दस्तावेज भी जारी किए जाएंगे।’</p>



<p>जॉर्ज ने कहा कि भारत और जापान के शानदार रिश्ते रहे हैं, जिनमें राजनीतिक, व्यापारिक और लोगों के लोगों से रिश्ते भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि साल 2014 में पीएम मोदी और जापानी पीएम शिंजो आबे के बीच रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। बीते 10 वर्षों में दोनों देशों के बीच क्षमता निर्माण की दिशा में काम हुआ और हर क्षेत्र में सहयोग बढ़ा है।</p>
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		<title>टैरिफ विवाद के बीच वियतनाम पहुंचे जिनपिंग, कहा- व्यापार युद्ध में कोई विजेता नहीं होता</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 14 Apr 2025 10:27:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[टैरिफ विवाद]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="351" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-381-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-381.jpg 731w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-381-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग वियतनाम पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि अमेरिका की तरफ से टैरिफ को लेकर बढ़ते दबाव को देखते हुए चीन ने समर्थन जुटाने के लिए यह कदम उठाया है। वियतनाम में चीनी राष्ट्रपति वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव टो लैम के साथ-साथ प्रधान मंत्री फाम मिन्ह चीन्ह से मुलाकात &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="351" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-381-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-381.jpg 731w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-381-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग वियतनाम पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि अमेरिका की तरफ से टैरिफ को लेकर बढ़ते दबाव को देखते हुए चीन ने समर्थन जुटाने के लिए यह कदम उठाया है। वियतनाम में चीनी राष्ट्रपति वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव टो लैम के साथ-साथ प्रधान मंत्री फाम मिन्ह चीन्ह से मुलाकात करेंगे।</p>



<p>जवाबी टैरिफ को लेकर अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध छिड़ा है। दोनों देश एक-दूसरे पर भारी भरकम टैरिफ लगा रहे हैं। इस बीच चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दक्षिण पूर्व एशिया के दौरे की शुरुआत की। वे सोमवार को वियतनाम पहुंचे। यहां शी ने कहा कि व्यापार युद्ध या टैरिफ युद्ध में कोई विजेता नहीं होता है। दोनों देशों को बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली, स्थिर वैश्विक औद्योगिक, आपूर्ति श्रृंखलाओं और खुले व सहकारी अंतरराष्ट्रीय वातावरण की दृढ़ता से रक्षा करनी चाहिए।</p>



<p>चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग वियतनाम पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि अमेरिका की तरफ से बढ़ते दबाव को देखते हुए चीन ने समर्थन जुटाने के लिए यह कदम उठाया है। हालांकि विशेषज्ञ बताते हैं कि यह यात्रा पहले से प्रस्तावित थी, लेकिन टैरिफ युद्ध ने इसे अहम बना दिया है। वियतनाम में चीनी राष्ट्रपति वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव टो लैम के साथ-साथ प्रधान मंत्री फाम मिन्ह चीन्ह से मुलाकात करेंगे।</p>



<p>सिंगापुर के ISEAS-यूसुफ इशाक इंस्टीट्यूट के विजिटिंग फेलो गुयेन खाक गियांग ने कहा कि शी की यात्रा से चीन दक्षिण-पूर्व एशिया को दिखा सकता है कि वह एक जिम्मेदार महाशक्ति है, वह डोनाल्ड ट्रम्प के तहत अमेरिका के पूरी दुनिया के सामने पेश होने के तरीके से अलग है।</p>



<p>गुयेन ने कहा कि वियतनाम, मलयेशिया और कंबोडिया की यात्रा इसलिए भी है कि चीन वास्तव में ट्रंप के खिलाफ खुद को कैसे बचा सकता है। 2013 में चीन के राष्ट्रपति बनने के बाद से, उन्होंने केवल दो बार वियतनाम का दौरा किया है। यह उनकी तीसरी यात्रा है और दिसंबर 2023 में उनकी पिछली यात्रा के ठीक एक साल बाद हो रही है।</p>



<p>अंतरराराष्ट्रीय संकट समूह में हुआंग ले-थु ने कहा कि यात्रा का समय एक मजबूत राजनीतिक संदेश भेजता है कि दक्षिण पूर्व एशिया चीन के लिए महत्वपूर्ण है। ट्रंप के टैरिफ से दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्र भी चिंतित हैं कि अगर टैरिफ लागू किए गए तो उनके विकास को जटिल बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि शी की यात्रा यह दिखाने के लिए है कि चीन किस तरह से दबावपूर्ण और स्वार्थी अमेरिका के विपरीत है। इस संकट के समय में चीन किस तरह का नेतृत्व और पहल करने जा रहा है।</p>



<p><strong>वियतनाम के दोनों देशों से रिश्ते<br></strong>वियतनाम को अमेरिका और चीन के साथ अपने संबंधों को संतुलित करने का पुराना अनुभव है। यह चीन की तरह एक कम्युनिस्ट, एक-पक्षीय प्रणाली के तहत चलता है, लेकिन अमेरिका के साथ इसके मजबूत संबंध रहे हैं। 2023 में यह एकमात्र ऐसा देश था जिसने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और चीन के शी जिनपिंग दोनों का स्वागत किया था। वहीं चीन वियतनाम का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। 2024 में चीन-वियतनाम व्यापार में साल-दर-साल 14.6% की वृद्धि हुई। मौजूदा व्यापार युद्ध के बाद वियतनाम के सामने संकट है। वियतनाम के बाद शी जिनपिंग के मलयेशिया और कंबोडिया जाने की उम्मीद है।</p>
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		<title>टैरिफ विवाद के बीच भारत-अमेरिका ने बीटीए पर जल्द सहमति की जताई आवश्यकता</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 08 Apr 2025 10:25:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[टैरिफ विवाद]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/ioyop-1-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/ioyop-1.jpg 691w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/ioyop-1-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />अमेरिका की नई टैरिफ नीति को लेकर जहां दुनिया के कई देश अपनी भावी रणनीति के बारे में बात करने लगे हैं वहीं भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रूबियो से टेलीफोन पर बात की। दोनों मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया है कि भारत और अमेरिका &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/ioyop-1-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/ioyop-1.jpg 691w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/ioyop-1-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>अमेरिका की नई टैरिफ नीति को लेकर जहां दुनिया के कई देश अपनी भावी रणनीति के बारे में बात करने लगे हैं वहीं भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रूबियो से टेलीफोन पर बात की। दोनों मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया है कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय कारोबारी समझौते (बीटीए) पर जल्द से जल्द सहमति बननी चाहिए।</p>



<p>दोनों देशों के वाणिज्य मंत्रालयों के अधिकारियों के बीच बीटीए को लेकर फरवरी, 2025 से ही बातचीत जारी है। उम्मीद है कि अगले छह महीनों के भीतर बीआइटी को लेकर एक शुरुआती समझौता हो जाएगा। रूबियो से हुई वार्ता के बारे में विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर इस बात की जानकारी दी।</p>



<p>उन्होंने लिखा, “हिंद-प्रशांत क्षेत्र, हिंद महासागर की स्थिति, यूरोप, मध्य-पूर्व, पश्चिम एशिया और कैरिबियन क्षेत्र की स्थिति को लेकर भी चर्चा हुई है। हमने बीटीए को लेकर जल्द से जल्द सहमत होने के महत्व को रेखांकित किया है। हम आगे भी संपर्क में रहेंगे।”</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>भारत अपना रहा ये रास्ता</strong></h4>



<p>यहां बताते चलें कि अमेरिका के वाणिज्य मंत्रालय से जो वार्ता हो रही है, उसको लेकर भारत के वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से कोई खास बयान अभी तक नहीं आया है। लेकिन माना जा रहा है भारत सरकार फिलहाल पारस्परिक शुल्क के लगाने से उपजी स्थिति का समाधान बीटीए से ही निकालने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>टैरिफ को लेकर चीन में मन में क्या है?</strong></h4>



<p>यूरोपीय आयोग ने समान शुल्क की नीति अपनाई कुछ अन्य देशों की तरफ से अमेरिकी टैरिफ नीति के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए अलग अलग कदम उठाए जाने की घोषणाएं हो रही हैं।</p>



<p>चीन ने पहले ही अमेरिकी आयात पर भी अतिरिक्त शुल्क लगाने का एलान करके यह साफ कर दिया है कि वह ट्रंप की नीति के आगे झुकने नहीं जा रहा। जबकि सोमवार को यूरोपीय आयोग की प्रेसिडेंट उर्सला वोन डेर लेयेन ने अमेरिकी सरकार के समक्ष शून्य शुल्क के बदले शून्य शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही यह भी कहा है कि यूरोपीय आयोग अपने हितों के लिए दूसरी तरह की जवाबी कार्रवार को भी तैयार है।</p>
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