<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>टैक्स &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/tag/%e0%a4%9f%e0%a5%88%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Sat, 17 Jan 2026 06:27:33 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>टैक्स &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>क्या पेंशन पर टैक्स होगा खत्म? बीमा और लोन पर बजट से पहले उठी ये 5 बड़ी मांगें</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%9f%e0%a5%88%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%96/655104</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 17 Jan 2026 06:27:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[टैक्स]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=655104</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="336" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-16-222421.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-16-222421.png 737w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-16-222421-300x163.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />केंद्रीय बजट 2026 से पहले, बीमा कंपनियां, एनबीएफसी और डिजिटल लेंडर्स वित्तीय क्षेत्र में सुधारों की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में पेंशन उत्पादों पर कर समानता, जलवायु जोखिम के लिए पैरामीट्रिक बीमा, एकीकृत डेटा एक्सचेंज और कंपोजिट लाइसेंसिंग शामिल हैं। वे सूक्ष्म-बीमा को बढ़ावा देने, एमएसएमई ऋण अंतर को पाटने और डिजिटल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="336" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-16-222421.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-16-222421.png 737w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-16-222421-300x163.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>केंद्रीय बजट 2026 से पहले, बीमा कंपनियां, एनबीएफसी और डिजिटल लेंडर्स वित्तीय क्षेत्र में सुधारों की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में पेंशन उत्पादों पर कर समानता, जलवायु जोखिम के लिए पैरामीट्रिक बीमा, एकीकृत डेटा एक्सचेंज और कंपोजिट लाइसेंसिंग शामिल हैं। वे सूक्ष्म-बीमा को बढ़ावा देने, एमएसएमई ऋण अंतर को पाटने और डिजिटल उधार के लिए स्पष्ट नियम चाहते हैं, ताकि सस्ती और सुरक्षित वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।</p>



<p>1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026 पेश होने वाला है। ऐसे में भारत का वित्तीय सेवा क्षेत्र की बीमा कंपनियां, ब्रोकर्स, एनबीएफसी और डिजिटल लेंडर्स एक साझा एजेंडे पर एकजुट होता दिख रहे हैं। उद्योग की प्रमुख मांगें संरचनात्मक सुधारों से जुड़ी हैं, जिनका मकसद बीमा और ऋण को अधिक किफायती बनाना, पहुंच बढ़ाना और लंबे समय के लिए वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करना है।</p>



<p>बीमा उद्योग से लेकर एमएसएमई लेंडर्स तक का कहना है कि टैक्स, रेगुलेशन, डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और क्रेडिट एक्सेस में मौजूद खामियों को दूर किए बिना वित्तीय समावेशन का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होगा।</p>



<p><strong>रिटायरमेंट सुरक्षा और टैक्स समानता पर क्या कहा?</strong><br>बीमा क्षेत्र की सबसे अहम मांग पेंशन और एन्युटी उत्पादों के टैक्स ट्रीटमेंट से जुड़ी है। Deloitte की बजट 2026 पर एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीमा एन्युटी से मिलने वाली पूरी राशि पर टैक्स लगता है, जबकि निवेश के दौरान मूलधन पर पहले ही टैक्स दिया जा चुका होता है।</p>



<p>इसके उलट नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेशकों को अतिरिक्त टैक्स छूट मिलती है। उद्योग का मानना है कि इस असमानता के कारण निवेशक टैक्स-बचत वाले विकल्पों की ओर झुकते हैं, न कि नियमित आय देने वाले रिटायरमेंट उत्पादों की ओर।</p>



<p>बीमा कंपनियां मांग कर रही हैं कि एन्युटी पर केवल रिटर्न हिस्से को टैक्स के दायरे में लाया जाए और बीमा-आधारित पेंशन उत्पादों को भी NPS जैसी टैक्स छूट दी जाए।</p>



<p><strong>जलवायु जोखिम और पैरामीट्रिक बीमा</strong><br>बाढ़, हीटवेव और चरम मौसम की घटनाओं से बढ़ते नुकसान के बीच जलवायु जोखिम बीमा भी बजट से बड़ी उम्मीद बनकर उभरा है। पारंपरिक बीमा मॉडल पर दबाव बढ़ रहा है, जबकि आपदा बीमा की पहुंच अभी भी सीमित है। Deloitte ने पैरामीट्रिक बीमा को एक व्यावहारिक समाधान बताया है, जिसमें नुकसान के आकलन के बजाय तय मानकों के आधार पर तेजी से भुगतान होता है। इसके लिए सरकार से सह-वित्तपोषण, पब्लिक-प्राइवेट रिस्क पूल और बेहतर क्लाइमेट डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग की जा रही है।</p>



<p><strong>एआई, टेलीमैटिक्स और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर</strong><br>मोटर बीमा में टेलीमैटिक्स, एआई आधारित अंडरराइटिंग और हेल्थ डेटा प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद डेटा बिखराव एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। उद्योग एक यूनिफाइड इंश्योरेंस डेटा एक्सचेंज की मांग कर रहा है, जिसे इश्योरेंस इंफॉर्मेशन ब्यूरो जैसे मौजूदा संस्थानों के आधार पर विकसित किया जा सकता है। इससे फ्रॉड कम करने, पर्सनलाइज्ड प्राइसिंग और उपभोक्ता भरोसा बढ़ाने में मदद मिल सकती है।</p>



<p><strong>कंपोजिट लाइसेंसिंग पर स्पष्टता</strong><br>बीमा उद्योग लंबे समय से कंपोजिट लाइसेंसिंग की मांग कर रहा है, जिससे एक ही कंपनी लाइफ और नॉन-लाइफ दोनों तरह के उत्पाद पेश कर सके। पिछले बजट में 100% एफडीआई की घोषणा के बावजूद यह सुधार अब तक लागू नहीं हुआ है।<br>एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ नवीन चंद्र झा के अनुसार, “कंपोजिट लाइसेंसिंग से लागत घटेगी और ग्राहकों को जीवन-घटनाओं के अनुरूप समाधान मिल सकेंगे।” उद्योग को उम्मीद है कि बजट 2026 में इस दिशा में रोडमैप साफ होगा।</p>



<p><strong>माइक्रो-इंश्योरेंस और प्रोटेक्शन गैप</strong><br>कम प्रीमियम वाले माइक्रो-इंश्योरेंस उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए बीमा कंपनियां स्टांप ड्यूटी जैसे शुल्कों में छूट और वितरण नियमों को सरल करने की मांग कर रही हैं। IRDAI के आंकड़ों के अनुसार, भारत की कुल बीमा पैठ जीडीपी के सिर्फ 3.7% के आसपास है, जो वैश्विक औसत से काफी कम है।</p>



<p>बजाज लाइफ इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ तरुण चुघ के मुताबिक, “बीमा की चुनौती सिर्फ मांग नहीं, बल्कि किफायत, भरोसा और पहुंच है। बजट 2026 बीमा को घरेलू सुरक्षा की बुनियाद बना सकता है।”</p>



<p><strong>एनबीएफसी और एमएसएमई लेंडर्स की मांग</strong><br>एनबीएफसी और वैकल्पिक लेंडर्स ग्रामीण और सेमी-अर्बन एमएसएमई के लिए बेहतर रीफाइनेंस व्यवस्था, बैंकों के समान टैक्स और रेगुलेटरी ट्रीटमेंट की मांग कर रहे हैं। उद्योग का कहना है कि एमएसएमई क्रेडिट गैप 20 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का है, जबकि यह सेक्टर जीडीपी और निर्यात में बड़ा योगदान देता है।</p>



<p><strong>डिजिटल लेंडिंग और ग्रीन फाइनेंस</strong><br>डिजिटल लेंडर्स पारदर्शी प्राइसिंग, बेहतर डिस्क्लोजर और डेटा-आधारित अंडरराइटिंग के लिए स्पष्ट नियम चाहते हैं। साथ ही, ग्रीन एनर्जी, रिन्यूएबल्स और क्लीन कुकिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन देने की भी मांग है।</p>



<p>ICICI सिक्योरिटी की रणनीतिक रिपोर्ट के मुताबिक, FY26 में विकास दर स्थिर लेकिन असमान रह सकती है। बजट 2026 से उम्मीद है कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और एमएसएमई सपोर्ट पर ध्यान बनाए रखेगी।<br>हालांकि, बड़े फिस्कल विस्तार की बजाय खर्च की गुणवत्ता सुधारने, निजी निवेश को आकर्षित करने और राजकोषीय घाटे को धीरे-धीरे कम करने पर जोर रहने की संभावना है।</p>



<p>कुल मिलाकर, उद्योग की नजर बजट 2026 पर टिकी है। एक ऐसे बजट के रूप में, जो बीमा और लो को महज वित्तीय उत्पाद नहीं, बल्कि हर भारतीय परिवार की आर्थिक सुरक्षा का आधार बना सके।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सेक्शन 80C के तहत ऐसे बचता है आपका टैक्स, देखें इससे जुड़ी सभी डिटेल्स</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%a8-80c-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a4%e0%a4%b9%e0%a4%a4-%e0%a4%90%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%86/606562</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:21:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[टैक्स]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=606562</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="297" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/uyt78-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/uyt78.jpg 738w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/uyt78-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />वित्त वर्ष 2024-25 बहुत जल्द खत्म होने वाला है। नया वित्त वर्ष 2025-26, 1 अप्रैल 2025 से शुरू होगा। इसलिए अगर आपने अभी तक टैक्स सेविंग नहीं की है, तो आपके पास 31 मार्च 2025 तक का समय है। कई टैक्सपेयर्स आज भी टैक्स भरने के लिए पुरानी आयकर व्यवस्था (Old Tax Regime) चुनते हैं। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="297" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/uyt78-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/uyt78.jpg 738w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/uyt78-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>वित्त वर्ष 2024-25 बहुत जल्द खत्म होने वाला है। नया वित्त वर्ष 2025-26, 1 अप्रैल 2025 से शुरू होगा। इसलिए अगर आपने अभी तक टैक्स सेविंग नहीं की है, तो आपके पास 31 मार्च 2025 तक का समय है।</p>



<p>कई टैक्सपेयर्स आज भी टैक्स भरने के लिए पुरानी आयकर व्यवस्था (Old Tax Regime) चुनते हैं। पुरानी आयकर व्यवस्था के तहत आप सेक्शन 80सी के अंतर्गत 1.5 लाख रुपये तक टैक्स डिडक्शन (Tax Deduction) का फायदा उठा सकते हैं। वहीं नई आयकर व्यवस्था (New Tax Regime) के तहत कुछ ही टैक्स डिडक्शन्स का फायदा मिलता है।</p>



<p>टैक्सपेयर्स के बीच टैक्स सेविंग या डिडक्शन्स को लेकर सेक्शन 80सी काफी पॉपुलर माना जाता है। कई लोग टैक्स पेय करते वक्त इस सेक्शन का फायदा उठाते हैं।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>Section 80C के तहत इन स्कीम पर मिलता है फायदा</strong></h4>



<p>पुराने आयकर व्यवस्था (Old Tax Regime) के तहत टैक्सपेयर्स 1.5 लाख रुपये तक टैक्स डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। इस सेक्शन का फायदा व्यक्तिगत करदाता और हिंदू अनडिवाइडेड फैमली को मिलता है।आप कई तरह की सेविंग स्कीम का इस्तेमाल कर सेक्शन 80सी के तहत टैक्स डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। इनमें जीवन बीमा प्रीमियम, ELSS, कुछ पोस्ट ऑफिस स्कीम, PPF, सुकन्या समृद्धि स्कीम, सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम इत्यादि शामिल हैं।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>क्या है Section 80C?</strong></h4>



<p>सेक्शन 80 सी के बारे में समझने के लिए सेक्शन 80CCC और सेक्शन 80CCD के बारे में जानना आवश्यक है।</p>



<p><br>सेक्शन 80CCC: सेक्शन 80CCC के तहत एलआईसी (LIC) या किसी भी बीमा कंपनी के पेंशन प्लान के जरिए टैक्स डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। टैक्स डिडक्शन क्लेम करने के लिए प्लान पेंशन देने वाला होना अनिवार्य है।</p>



<p><br>सेक्शन 80CCD (1): सेक्शन 80CCD केंद्र सरकार की पेंशन स्कीम के तहत टैक्स डिडक्शन क्लेम करने का अधिकार देता हैं। अगर आप अपनी सैलरी का 10 फीसदी हिस्सा पेंशन में निवेश करते हैं, तो टैक्स डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। इस सेक्शन के तहत आप 1.5 लाख रुपये तक टैक्स डिडक्शन का फायदा उठा सकते हैं।</p>



<p><br>सेक्शन 80CCD(1B): इस सेक्शन के तहत NPS अकाउंट में पैसा निवेश कर 50 हजार रुपये तक टैक्स डिडक्शन का फायदा मिल सकता है। इसके साथ ही एनपीएस के तहत मैच्योरिटी अमाउंट में से 60 फीसदी मिलने वाला एकमुश्त पैसा टैक्स फ्री है। हालांकि मंथली एन्यूइटी इनकम टैक्स बेल मानी जाती है।</p>



<p><br>इन सभी सेक्शन्स के तहत आप बड़ी आसानी से अपना टैक्स बचा सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बजट में वरिष्ठ नागरिकों को टैक्स में छूट मिलने की मांग</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%ac%e0%a4%9c%e0%a4%9f-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a0-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95/246940</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Radha Rajpoot]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Jun 2019 06:42:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[छूट]]></category>
		<category><![CDATA[टैक्स]]></category>
		<category><![CDATA[बजट 2019]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.livehalchal.com/?p=246940</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="168" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/download-2019-06-20T121210.901.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />उद्योग संगठन एसोचैम ने केंद्रीय बजट में वरिष्ठ नागरिकों को कर में लाभ प्रदान करने का सुझाव दिया है. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण पांच जुलाई को संसद में आम बजट पेश करेंगी.  एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) ने अपने बजट ज्ञापन में वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से ज्यादा उम्र के व्यक्ति) के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="168" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/download-2019-06-20T121210.901.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><strong>उद्योग संगठन एसोचैम ने केंद्रीय बजट में वरिष्ठ नागरिकों को कर में लाभ प्रदान करने का सुझाव दिया है. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण पांच जुलाई को संसद में आम बजट पेश करेंगी.  एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) ने अपने बजट ज्ञापन में वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से ज्यादा उम्र के व्यक्ति) के लिए आयकर में रियायत की सीमा तीन लाख रुपये की आय से बढ़ाकर 7.5 लाख रुपये करने का सुझाव दिया है. एसोचैम के सुझाव के अनुसार, 80 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को 12.50 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं लगाया जाना चाहिए. </strong></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-246947 size-full" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/download-2019-06-20T121210.901.jpg" alt="" width="300" height="168" /></p>
<p><strong>उद्योग संगठन ने कहा कि अनेक वरिष्ठ नागरिकों को मजबूत सामाजिक सुरक्षा या पेंशन निधि निवेश का फायदा नहीं मिलता है और वे मुख्य रूप से मियादी जमा से प्राप्त ब्याज पर निर्भर करते हैं.  एसोचैम ने कहा कि ब्याज दर में पिछले एक साल में काफी कमी आने से वरिष्ठ नागरिक वित्तीय कठिनाई से जूझ रहे हैं, क्योंकि वास्तविक महंगाई मुख्य महंगाई दर से काफी ज्यादा है उससे उनकी मुसीबत बढ़ गई है. </strong></p>
<p><strong>उद्योग संगठन ने कहा कि इसके अलावा बुढ़ापे में चिकित्सकीय खर्च बढ़ जाती है क्योंकि मेडिकल बीमा के लिए वरिष्ठ नागरिकों को एक या दो दावे के बाद ज्यादा प्रीमियम चुकाना पड़ता है.</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जानिए, किन वस्तुओं पर घटा टैक्स, कौन सी सेवाओं पर कम हुआ शुल्क&#8230;.</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%93%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%98%e0%a4%9f%e0%a4%be-%e0%a4%9f/108763</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[somali sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Jan 2018 06:58:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[किन वस्तुओं पर घटा टैक्स]]></category>
		<category><![CDATA[कौन सी सेवाओं पर कम हुआ शुल्क....]]></category>
		<category><![CDATA[जानिए]]></category>
		<category><![CDATA[टैक्स]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.livehalchal.com/?p=108763</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="417" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/01/GT.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="जानिए, किन वस्तुओं पर घटा टैक्स, कौन सी सेवाओं पर कम हुआ शुल्क...." style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/01/GT.png 741w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/01/GT-300x202.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/01/GT-110x75.png 110w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />जीएसटी परिषद की बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए जेटली ने बताया कि विभिन्न वर्गों से आए सुझाव पर विचार करने के बाद 29 वस्तुओं एवं 53 सेवाओं पर जीएसटी दरों में बदलाव का फैसला किया गया है। सस्ता होगा हीरा, कीमती पत्थर अब हीरा एवं कीमती पत्थर सस्ता हो जाएगा क्योंकि इस पर जीएसटी की दरों को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="417" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/01/GT.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="जानिए, किन वस्तुओं पर घटा टैक्स, कौन सी सेवाओं पर कम हुआ शुल्क...." style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/01/GT.png 741w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/01/GT-300x202.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/01/GT-110x75.png 110w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><section class="article-detail">
<div class="article-desc">
<div><strong>जीएसटी परिषद की बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए जेटली ने बताया कि विभिन्न वर्गों से आए सुझाव पर विचार करने के बाद 29 वस्तुओं एवं 53 सेवाओं पर जीएसटी दरों में बदलाव का फैसला किया गया है। <img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-108764" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/01/GT.png" alt="जानिए, किन वस्तुओं पर घटा टैक्स, कौन सी सेवाओं पर कम हुआ शुल्क...." width="741" height="500" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/01/GT.png 741w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/01/GT-300x202.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/01/GT-110x75.png 110w" sizes="auto, (max-width: 741px) 100vw, 741px" /></strong><strong>सस्ता होगा हीरा, कीमती पत्थर</strong><br />
<strong>अब हीरा एवं कीमती पत्थर सस्ता हो जाएगा क्योंकि इस पर जीएसटी की दरों को वर्तमान तीन फीसदी से घटा कर 0.25 फीसदी करने का निर्णय लिया गया है। </strong></p>
<p><strong>छोटी कारों पर लगेगा 18 फीसदी GST</strong></div>
<div></div>
<div><strong>इसी तरह पुरानी मंझोली एवं बड़ी कारों पर 28 के बजाय 18 फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा जबकि लेमनचूस, 20 रुपये प्रति लीटर तक के बोतलबंद पेय जल, कुछ कीटनाशी, बायोडीजल, ड्रिप और स्प्रिंकल सिंचाई के मशीनरी तथा स्प्रेयर पर 18 के बजाय 12 फीसदी की दर से जीएसटी वसूला जाएगा। </strong></div>
<div id="slide-1" class="clr">
<h3 id="title-1" class="nxt-heading"><strong>इमली पाउडर पर लगेगा 5 फीसदी टैक्स</strong></h3>
<div class="auw-lazy-load"></div>
<div class="slide">
<div><strong>इमली के बीज से बने पाउडर पर अब जीएसटी 18 फीसदी के बजाय पांच फीसदी ही देय होगा। वेलवेट कपड़े पर भी जीएसटी की दर को 12 फीसदी से घटा कर पांच फीसदी कर दिया गया है। इसी बैठक में कुछ वस्तुओं पर जीएसटी बढ़ा भी दिया गया है जैसे सिगरेट में लगने वाले फिल्टर रॉड पर अब जीएसटी की दर 12 की बजाय 18 फीसदी होगी जबकि चावल की भूसी को शून्य से पांच फीसदी के स्लैब में लाया गया है।</strong></p>
<p><strong>इसी तरह कई महत्वपूर्ण सेवाओं पर भी जीएसटी दर में राहत मिली है। अब मेट्रो और मोनो रेल परियोजनाओं के निर्माण पर जीएसटी की दर 18 के बजाय 12 फीसदी होगी। स्मॉल हाउसकीपिंग सेवाओं पर अब पांच फीसदी की जीएसटी होगी लेकिन इनपुट टैक्स क्रेडिट सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। </strong></p>
<p><strong>वाटर पार्क में घूमना होगा सस्ता</strong><br />
<strong>थीम या वाटर पार्क में घूमना भी अब सस्ता होगा क्योंकि अब 28 के बजाय 18 फीसदी की ही जीएसटी देय होगी। पेट्रोलियम पदार्थ, जैसे पेट्रोल और डीजल की ढुलाई पर लगने वाले जीएसटी को भी 18 फीसदी से घटा कर पांच फीसदी किया गया है। कृषि उत्पादों के गोदामों में जो फ्यूमिगेशन किया जाता है, उस सेवा को जीएसटी से मुक्ति दे दी गई है।</strong></div>
</div>
</div>
<div id="slide-2" class="clr">
<h3 id="title-2" class="nxt-heading"><strong>25 जनवरी से लागू होगी नई दरें</strong></h3>
<div class="auw-lazy-load"></div>
<div class="slide">
<div><strong>जेटली ने बताया कि जीएसटी की नई दरें आगामी 25 जनवरी से लागू करने का फैसला लिया गया है।उन्होंने बताया कि जीएसटी परिषद की अगली यानी 26 वीं बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिये होगी। </strong><br />
<strong>पेट्रोलियम पदार्थों के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय वित्त मंत्री ने बताया कि जो आइटम जीएसटी से बाहर हैं उन पर बृहस्पतिवार की बैठक में चर्चा नहीं हुई है, जिसमें पेट्रोलियम प्रोडक्ट भी शामिल हैं।उन्होंने उम्मीद जताई कि अगली बैठक में पेट्रोलियम प्रोडक्ट पर भी चर्चा की जाएगी।</strong></p>
<p><strong>अरुण जेटली ने कहा कि इस बैठक में मुख्यमंत्रियों की तरफ से कई तरह के सुझाव आए, जिनमें से कुछ को स्वीकार कर लिया गया और कुछ को खारिज कर दिया गया। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई, मगर अभी रिटर्न की फाइलिंग पहले की तरह ही चलती रहेगी। इस बारे में अगली बैठक में कोई फैसला होगा।</strong></div>
</div>
</div>
</div>
</section>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पंजाब सरकार का बड़ा ऐलान- गाय-भैंस, कुत्ता, बिल्ली पालने पर देना होगा टैक्स</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%ac-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a5%9c%e0%a4%be-%e0%a4%90%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%97%e0%a4%be/86983</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[publisher]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Oct 2017 07:16:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[कुत्ता]]></category>
		<category><![CDATA[गाय भैस कुत्ता बिल्ल्ली पर टैक्स]]></category>
		<category><![CDATA[टैक्स]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब सरकार का बड़ा ऐलान- गाय-भैंस]]></category>
		<category><![CDATA[बिल्ली पालने पर देना होगा टैक्स]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.livehalchal.com/?p=86983</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/10/amrinder_sing_1508827909_618x347.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/10/amrinder_sing_1508827909_618x347.jpeg 618w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/10/amrinder_sing_1508827909_618x347-300x168.jpeg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />अगर आप पंजाब में हैं और अपने घर में कोई जानवर पालना चाहते हैं तो आपको इसके लिए सरकार को टैक्स देना होगा. जी हां, पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार ने कुछ ऐसा ही नोटिफिकेशन जारी किया है. नोटिफिकेशन के अनुसार यदि पंजाब के अंदर आप गाय-भैंस-बैल, घोड़ा, कुत्ता, बिल्ली &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/10/amrinder_sing_1508827909_618x347.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/10/amrinder_sing_1508827909_618x347.jpeg 618w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/10/amrinder_sing_1508827909_618x347-300x168.jpeg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p><strong>अगर आप पंजाब में हैं और अपने घर में कोई जानवर पालना चाहते हैं तो आपको इसके लिए सरकार को टैक्स देना होगा. जी हां, पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार ने कुछ ऐसा ही नोटिफिकेशन जारी किया है.</strong></p>
<p><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-86985" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/10/amrinder_sing_1508827909_618x347.jpeg" alt="" width="618" height="347" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/10/amrinder_sing_1508827909_618x347.jpeg 618w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/10/amrinder_sing_1508827909_618x347-300x168.jpeg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />नोटिफिकेशन के अनुसार यदि पंजाब के अंदर आप गाय-भैंस-बैल, घोड़ा, कुत्ता, बिल्ली या अन्य कोई जानवर अपने पास रखते हैं तो उसके लिए अब हर पंजाबी को टैक्स देना होगा.</strong></p>
<p><strong>यह टेक्स हर साल ढाई सौ से ₹500 तक प्रति जानवर देना होगा. इतना ही नहीं अगर आप यह टैक्स समय पर नहीं भर पाए तो आपको 10 गुना ज्यादा पेनल्टी लगेगी. </strong></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-86984" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/10/img-20171024-wa0049_102417122819.jpg" alt="" width="780" height="1040" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/10/img-20171024-wa0049_102417122819.jpg 780w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/10/img-20171024-wa0049_102417122819-225x300.jpg 225w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/10/img-20171024-wa0049_102417122819-768x1024.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 780px) 100vw, 780px" /></p>
<p><strong>जारी किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार सभी पालतू जानवरों को रजिस्टर्ड कराना अनिवार्य होगा और उनसे संबंध&#x200d;ित यूएलबी व लाइसेंस जारी किए जाएंगे. जानवरों के मालिक को म्युनिसिपल कॉरपोरेशन से एक टैग भी जारी कराना होगा, जिसपर जानवर का रजिस्ट्रेशन नंबर और मालिक का नाम लिखा होगा.</strong></p>
<p><strong>ऐसे जानवरों को दो बार से अध&#x200d;िक बार यदि रोड पर घूमते पाए जाने की स्थ&#x200d;िति में उनका रजिस्ट्रेशन नंबर कैंसल कर दिया जाएगा.</strong></p>
<p><strong>जानवरों पर किसी भी प्रकार की हिंसा करते हुए पाए जाने की स्थ&#x200d;िति में मालिक का लाइसेंस कैंसर कर दिया जाएगा. ऐसे में मालिक जानवर पालने का हक खो देगा. उसे डिसक्वालिफाई कर दिया जाएगा.</strong></p>
<p><strong>दोबारा लाइसेंस जारी करने से पहले उस व्यक्त&#x200d;ि के आचार व्यवहार की निगरानी की जाएगी और ठीक पाए जाने पर ही उसे दोबारा जानवर पालने का अध&#x200d;िकार प्रदान किया जाएगा.</strong></p>
<p><strong>सरकार ने पंजाब म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट के तहत यह नोटिफिकेशन जारी किया है.</strong></p>
<p><strong>गौरतलब है कि पंजाब इस समय वित्तीय संकट से जूझ रहा है और शायद सरकार की मंशा अब इस तरह के टैक्स लगाकर घाटे को पूरा करने की है.</strong></p>
<p><strong>यह नोटिफिकेशन स्थानीय निकाय विभाग ने जारी किया है, जिसके मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू है. हालांकि इस नोटिफिकेशन के जारी होते ही विपक्ष ने नाक चढ़ा ली है और सरकार पर हमला बोल दिया है.</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
