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	<title>जीबीएस &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>जीबीएस &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>पुणे में नहीं थम रहा जीबीएस का प्रकोप, एक और 63 वर्षीय व्यक्ति की मौत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 07 Feb 2025 09:09:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[महाराष्ट्र]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="345" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-169-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-169.jpg 737w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-169-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />पुणे में गिलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) का बढ़ता स्वरूप वहां के लोगों के बड़े संकट के तौर पर सामने आ रही है। जहां इस बीमारी के चलते बुधवार को भी एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके साथ ही जिले में जीबीएस से मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। महाराष्ट्र के पुणे जिले &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="345" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-169-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-169.jpg 737w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-169-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>पुणे में गिलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) का बढ़ता स्वरूप वहां के लोगों के बड़े संकट के तौर पर सामने आ रही है। जहां इस बीमारी के चलते बुधवार को भी एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके साथ ही जिले में जीबीएस से मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है।</p>



<p>महाराष्ट्र के पुणे जिले में गिलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) के बढ़ता प्रकोप एक बड़े संकट की ओर इशारा कर रहा है। जहां जीबीएस से एक 63 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। इसके साथ ही पुणे में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या छह हो गई है।</p>



<p><strong>स्वास्थ्य अधिकारी ने दी जानकारी</strong><br>मामले में स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इस व्यक्ति को बुखार, दस्त और निचले अंगों में कमजोरी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसे जीबीएस से पीड़ित पाया गया। बुधवार को उसकी हालत बिगड़ी और तीव्र इस्केमिक स्ट्रोक के कारण उसकी मौत हो गई। बता दें कि राज्य में अब तक कुल 173 संदिग्ध जीबीएस मामले सामने आए हैं, जिनमें से 140 मामलों में जीबीएस का इलाज किया गया है। इसमें 72 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है, जबकि 55 मरीज आईसीयू में और 21 वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।</p>



<p><strong>एक्शन में पुणे नगर निगम</strong><br>जिले में जीबीएस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए पुणे नगर निगम (पीएमसी) सक्रिय है। इसके तहत पीएमसी ने नांदेड़ और उसके आसपास के इलाकों में 11 निजी रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) प्लांट को सील कर दिया है, क्योंकि जांच में पाया गया कि इन प्लांट से निकलने वाला पानी पीने के लिए सुरक्षित नहीं है। इसके साथ ही, पीएमसी के जल आपूर्ति विभाग ने अब तक कुल 30 आरओ प्लांट को सील कर दिया है।</p>



<p><strong>जल विभाग के प्रमुख ने दी जानकारी</strong><br>साथ ही मामले में पीएमसी के जल विभाग के प्रमुख नंदकिशोर जगताप ने बताया कि जल्द ही निजी आरओ प्लांट, पानी के टैंकर संचालकों और बोरवेल के मालिकों को एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की जाएगी। इसके तहत, उन्हें स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ब्लीचिंग सॉल्यूशन का उपयोग करना होगा।</p>



<p><strong>एक नजर जीबीएस पर</strong><br>बता दें कि गिलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) एक दुर्लभ बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली तंत्रिकाओं पर हमला करती है, जिससे मांसपेशियों में कमजोरी, पैरों और हाथों में संवेदनशीलता का नुकसान और सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। गंभीर मामलों में यह पूरी तरह से पक्षाघात का कारण बन सकता है। यह बीमारी वयस्कों और पुरुषों में अधिक आम है, लेकिन सभी उम्र के लोग इससे प्रभावित हो सकते हैं।</p>
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		<title>पुणे में जीबीएस के बढ़ते मामले, सर्वेक्षण रिपोर्ट में दावा- पानी में क्लोरीन की कमी है मुख्य कारण</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Feb 2025 07:13:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[महाराष्ट्र]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[जीबीएस]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="344" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-115-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-115.jpg 713w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-115-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />पुणे में जीबीएस के लगातार बढ़ते मामले महाराष्ट्र सरकार के लिए चुनौती के तौर पर सामने आ रही है। इसी बीच एक सर्वेक्षण में इस बात पर जोर दिया गया है कि जीबीएस मामलों का मुख्य कारण पानी में क्लोरीन की कमी है। महाराष्ट्र के पुणे और उसके आसपास के क्षेत्र में गिलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="344" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-115-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-115.jpg 713w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-115-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>पुणे में जीबीएस के लगातार बढ़ते मामले महाराष्ट्र सरकार के लिए चुनौती के तौर पर सामने आ रही है। इसी बीच एक सर्वेक्षण में इस बात पर जोर दिया गया है कि जीबीएस मामलों का मुख्य कारण पानी में क्लोरीन की कमी है।</p>



<p>महाराष्ट्र के पुणे और उसके आसपास के क्षेत्र में गिलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) का बढ़ता प्रकोप बड़े संकट की ओर इशारा कर रहा है। प्रतिदिन सामने आ रहे आकड़े पर नियत्रंण करना राज्य सरकार के लिए चुनौती बन रहा है। इसी बीच एक जल गुणवत्ता सर्वेक्षण में बड़ा खुलासा हुआ है।</p>



<p>इस सर्वेक्षण में पाया गया कि पुणे और इसके आसपास के क्षेत्रों के 26 जीबीएस रोगियों के घरों में पेयजल में क्लोरीन की कमी थी, जिसके कारण वो इससे प्रभावित हुए। बता दें कि पिछले साल से अब तक पुणे में जीबीएस के कुल 166 मामले सामने आ चुके है, जिसमें से77 मामले नांदेड़ गांव से है। उनमें से 62 रोगियों के घरों में जाकर पीने के पानी के नमूने लिए गए।</p>



<p><strong>जीबीएस के फैलने का कारण..</strong><br>वहीं इस मामले में विशेषज्ञों के द्वारा दिए गए तर्क की माने तो नांदेड़ और सिंहगढ़ रोड क्षेत्रों में जल आपूर्ति में क्लोरीन का स्तर सही नहीं था, जो जीबीएस के फैलने का कारण हो सकता है। इसलिए, पुणे नगर निगम के जल आपूर्ति विभाग से अपील की गई है कि वह घरों में जल आपूर्ति में क्लोरीन का स्तर 0.2 पीपीएम बनाए रखे।</p>



<p><strong>आरआरटी के सदस्य ने दी जानकारी</strong><br>आरआरटी (रैपिड रिस्पांस टीम) के एक सदस्य ने बताया कि नांदेड़ गांव में जहां जीबीएस (गिलियन-बैरे सिंड्रोम) के कई मामले सामने आए हैं, वहां के कुएं का पानी क्लोरीन के सही स्तर के साथ शुद्ध पाया गया था। हालांकि, 62 जीबीएस रोगियों में से 26 के घरों में पानी में बिल्कुल भी क्लोरीन नहीं पाया गया। इससे यह संकेत मिलता है कि इन घरों में पानी की आपूर्ति में कोई समस्या हो सकती है। इसलिए, विशेषज्ञों ने पुणे नगर निगम (पीएमसी) के जल आपूर्ति विभाग से अपील की है कि वह सुनिश्चित करें कि सभी घरों में पेयजल में न्यूनतम क्लोरीन स्तर 0.2 पीपीएम (प्रति मिलियन भाग) हो।</p>



<p><strong>जल विभाग के प्रमुख का बयान</strong><br>हालांकि नगर निगम के जल आपूर्ति विभाग के प्रमुख ने बताया कि पानी की गुणवत्ता की जांच की गई और कुएं का पानी ठीक पाया गया, लेकिन कुछ घरों में निजी टैंकरों या ओवरहेड टैंकों के पानी में क्लोरीन की कमी थी। इसके अलावा, कुछ पानी के नमूनों में ई-कोली बैक्टीरिया भी पाए गए, जिससे टैंकर ऑपरेटरों को नोटिस जारी किया गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब जीबीएस के मामलों में गिरावट देखी जा रही है और प्रकोप को नियंत्रित किया जा रहा है।</p>



<p><strong>महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने दी थी जानकारी</strong><br>गौरतलब है कि महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबितकर ने हाल ही में यह बताया था कि पुणे में जीबीएस के संदिग्ध 80 प्रतिशत मामले नांदेड़ के बड़े कुएं के आसपास के क्षेत्रों से सामने आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन मामलों की उच्च संख्या जल संदूषण से जुड़ी हुई हो सकती है, जिससे यह और भी चिंता का कारण बन गया है।</p>
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		<title>महाराष्ट्र: जीबीएस का बढ़ रहा कहर, अब तक चार मौतें, 140 केस सामने आए</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Feb 2025 10:08:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[महाराष्ट्र]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[जीबीएस]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="354" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-20-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-20.jpg 710w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-20-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />राज्य में अब तक जीबीएस के संदिग्ध 140 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 98 में जीबीएस की पुष्टि हो चुकी है। इनमें पुणे से 26 मरीज हैं। पुणे शहर के विभिन्न हिस्सों से 160 पानी के नमूने जांच के लिए भेजे गए, जिनमें से आठ नमूने दूषित पाए गए। महाराष्ट्र में गुलियन बैरे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="354" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-20-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-20.jpg 710w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-20-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>राज्य में अब तक जीबीएस के संदिग्ध 140 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 98 में जीबीएस की पुष्टि हो चुकी है। इनमें पुणे से 26 मरीज हैं। पुणे शहर के विभिन्न हिस्सों से 160 पानी के नमूने जांच के लिए भेजे गए, जिनमें से आठ नमूने दूषित पाए गए।</p>



<p>महाराष्ट्र में गुलियन बैरे सिंड्रोम से चार लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि राज्य में अब तक जीबीएस के संदिग्ध 140 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 98 में जीबीएस की पुष्टि हो चुकी है। इनमें पुणे से 26 मरीज हैं।</p>



<p>स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि पिंपरी चिंचवाड़ के यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल अस्पताल में एक 36 वर्षीय व्यक्ति की बृहस्पतिवार को मौत हो गई। उनके शरीर में निमोनिया के कारण श्वसन तंत्र पर असर पड़ा था। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को पुणे के धायरी इलाके के 60 वर्षीय व्यक्ति की भी मौत हुई। उन्हें दस्त और कमजोरी के कारण 27 जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन हृदय गति रुकने से उनकी मौत हो गई।</p>



<p>राज्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में 140 संदिग्ध मरीज हैं। 96 मरीजों में जीबीएस की पुष्टि हुई है। 26 मरीज पुणे शहर से हैं। जबकि 78 नए मरीज पुणे नगर निगम क्षेत्र के गांवों में मिले हैं। 15 मरीज पिंपरी चिंचवाड़ क्षेत्र, 10 मरीज पुणे ग्रामीण और 11 अन्य जिलों में मिले हैं। शुक्रवार को कोई भी नया मरीज सामने नहीं आया। राज्य में सबसे ज्यादा मामले पुणे और उसके आसपास के इलाकों से सामने आए।</p>



<p>स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि पुणे शहर के विभिन्न हिस्सों से 160 पानी के नमूने जांच के लिए भेजे गए, जिनमें से आठ नमूने दूषित पाए गए। सिंहगढ़ रोड के कुछ बोरवेल से मिले नमूनों में ई.कोली बैक्टीरिया पाया गया है। उन्होंने बताया कि ई.कोली का पानी में होना मल या पशु अपशिष्ट के प्रदूषण का संकेत है, और यह जीबीएस संक्रमण का कारण बन सकता है।</p>



<p>नांदेड़्र, किरकटवाड़ी, धायरी और सिंहगढ़ रोड से जुड़े तमाम इलाकों से पुणे नगर निगम के अधिकारियों ने बोरवेल और कुओं से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। पुणे नगर निगम के जलापूर्ति विभाग के प्रमुख नंदकिशोर जगताप ने बताया कि कल हमने जीबीएस प्रभावित क्षेत्र सिंहगढ़ रोड के निजी बोरवेल और कुओं से नमूने लिए। एक नमूने में ई.कोली बैक्टीरिया पाया गया।</p>



<p>उन्होंने कहा कि दो दिन पहले निजी ट्यूबवेल ऑपरेटरों और बोरवेल्स संचालकों के साथ बैठक की गई थी। उनको निर्देश दिया गया था कि बैक्टीरिया को रोकने के लिए पीएमसी द्वारा प्रदान किए गए ब्लीचिंग पावर का उपयोग करें। हमारे विशेषज्ञों ने उन्हें पानी में घोल कैसे मिलाया जाए, इसका प्रदर्शन दिया। नांदेड़ क्षेत्र में बोरवेल प्वाइंट को ब्लीचिंग पावर घोल का उपयोग करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।</p>
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