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	<title>जीडीपी &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>जीडीपी &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>सरकार के ये 3 कदम अर्थव्यस्था के लिए बने गेमचेंजर, ट्रंप टैरिफ भी नहीं बन पाया रोड़ा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 29 Jan 2026 09:16:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="294" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/iuyoi.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/iuyoi.png 804w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/iuyoi-300x143.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/iuyoi-768x366.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />देश की जीडीपी (GDP) की वृद्धि दर अगले वित्त वर्ष 2026-27 में 6.8 से 7.2 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। यह चालू वित्त वर्ष के 7.4 प्रतिशत के अनुमान से थोड़ा कम है। संसद में गुरुवार को पेश किए गए आर्थिक सर्वे (Economic Survey 2026) में यह जानकारी दी गयी है। बजट से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="294" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/iuyoi.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/iuyoi.png 804w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/iuyoi-300x143.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/iuyoi-768x366.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>देश की जीडीपी (GDP) की वृद्धि दर अगले वित्त वर्ष 2026-27 में 6.8 से 7.2 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। यह चालू वित्त वर्ष के 7.4 प्रतिशत के अनुमान से थोड़ा कम है। संसद में गुरुवार को पेश किए गए आर्थिक सर्वे (Economic Survey 2026) में यह जानकारी दी गयी है। बजट से पहले पेश हुए सर्वे में कहा गया है कि, ‘‘कुल मिलाकर वैश्विक अनिश्चितता के बीच ग्रोथ का आउटलुक मजबूत है। इसके लिए सावधानी बरतने की आवश्यकता है, लेकिन निराशावादी होने की जरूरत नहीं है।’’ सर्वे के अनुसार घरेलू फैक्टर्स की प्रमुख भूमिका और मैक्रोइकोनॉमिक स्टैबिलिटी के मजबूत होने के कारण, ग्रोथ से जुड़े जोखिमों को लेकर स्थिति मोटे तौर पर संतुलित बनी हुई है।’</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत की स्थिति मजबूत</strong></h3>



<p>सर्वे में कहा गया है कि, &#8220;वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) बाहरी मोर्चे पर अर्थव्यवस्था के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितता और भारी टैरिफ (Tariffs) ने हमारे निर्यातकों और विनिर्माताओं (Manufacturers) पर दबाव डाला। लेकिन, भारत ने इस संकट को एक अवसर में बदल दिया।&#8221;</p>



<p><strong>मुख्य बिंदु : सरकार के बड़े कदम<br></strong>सरकार ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बड़े रिफॉर्म्स को आगे बढ़ाया<br>GST सुधार (Rationalisation) : टैक्स ढांचे को और सरल बनाया गया<br>डिरेगुलेशन (Deregulation) : व्यापार करने की बाधाओं को कम किया गया<br>कंप्लायंस (अनुपालन) का सरलीकरण : सभी क्षेत्रों में नियमों के पालन को आसान बनाया गया</p>



<p><strong>वैश्विक चुनौतियां और AI का जोखिम<br></strong>दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं के लिए मध्यम अवधि (Medium-term) का नजरिया थोड़ा धुंधला है। यहाँ कुछ बड़े जोखिम हैं:</p>



<p>AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) बबल : यदि AI से उम्मीद के मुताबिक प्रोडक्टिविटी नहीं बढ़ी, तो एसेट वैल्यूएशन (Asset Valuations) में बड़ी गिरावट आ सकती है, जिसका असर पूरी दुनिया के वित्तीय बाजारों पर पड़ेगा<br>व्यापार युद्ध (Trade Conflicts) : देशों के बीच बढ़ते तनाव से ग्लोबल ग्रोथ कमजोर हो सकती है</p>



<p><strong>भारत के लिए क्या हैं संकेत?<br></strong>सर्वे के अनुसार भारत के लिए राहत की बात यह है कि हमारे पास मजबूत घरेलू आधार है</p>



<p>विकास दर (GDP Growth) : FY27 के लिए वास्तविक GDP ग्रोथ 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है<br>महंगाई (Inflation) : मुद्रास्फीति ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर पर है, हालांकि भविष्य में इसमें मामूली बढ़त की संभावना है<br>बैलेंस शीट की मजबूती : भारतीय परिवारों, कंपनियों और बैंकों की वित्तीय स्थिति (Balance Sheets) अब पहले से कहीं अधिक सेहतमंद है</p>
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		<title>छह फीसदी से बढ़कर 27 फीसदी पहुंच गया जीडीपी में योगदान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 04 Nov 2025 09:22:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[जीडीपी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="586" height="326" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/sx-1-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/sx-1.jpg 586w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/sx-1-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 586px) 100vw, 586px" />देश के बैंकिंग, वित्तीय सेवा एवं बीमा (बीएफएसआई) क्षेत्र में पिछले दो दशकों में असाधारण वृद्धि देखी गई है। बीएफएसआई क्षेत्र की बाजार पूंजी 50.5 गुना बढ़कर 2025 में 91 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। 2005 में यह सिर्फ 1.8 लाख करोड़ थी। खास बात है कि यह क्षेत्र हर साल 22 फीसदी की चक्रवृद्धि दर से बढ़ रहा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="586" height="326" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/sx-1-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/sx-1.jpg 586w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/sx-1-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 586px) 100vw, 586px" />
<p>देश के बैंकिंग, वित्तीय सेवा एवं बीमा (बीएफएसआई) क्षेत्र में पिछले दो दशकों में असाधारण वृद्धि देखी गई है। बीएफएसआई क्षेत्र की बाजार पूंजी 50.5 गुना बढ़कर 2025 में 91 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। 2005 में यह सिर्फ 1.8 लाख करोड़ थी। खास बात है कि यह क्षेत्र हर साल 22 फीसदी की चक्रवृद्धि दर से बढ़ रहा है।  बजाज फिनसर्व एएमसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 20 वर्षों में बीएफएसआई क्षेत्र का जीडीपी में योगदान 2005 के 6 फीसदी से बढ़कर 2025 में 27 फीसदी के स्तर पर पहुंच गया। यह वृद्धि मजबूत वित्तीयकरण, नियामकीय सुधारों और जनसांख्यिकीय लाभांश से प्रेरित है। बीएफएसआई क्षेत्र ने दो दशकों में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है।</p>



<p><strong>बैंकिंग क्षेत्र: अच्छी प्रगति, एनपीए भी घटा<br></strong>बैंकिंग क्षेत्र ने 10 वित्त वर्षों में अच्छी गति से विकास किया है। बैंक ऋण में 10.71 फीसदी सीएजीआर व जमा में 10.25 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। बैंकों ने बुनियादी ढांचे में सुधार किया है। 2021-22 व 2024-25 के बीच कुल एनपीए 5.8 फीसदी से घटकर से 2.2 फीसदी रह गया। कर्ज की लागत 1.3 फीसदी से घटकर 0.4 फीसदी रह गई। 2025 तक बैंकों का बीएफएसआई की बाजार पूंजी में सिर्फ 57 फीसदी हिस्सा रहा, जो 2005 में 85 फीसदी था।</p>



<p><strong>एनबीएफसी: कुल आय में 18 फीसदी योगदान<br></strong>2023-24 में कुल बीएफएसआई आय में एनबीएफसी का योगदान 18 फीसदी था। 2009-10 से एनबीएफसी का शुद्ध मूल्य लगभग 15 फीसदी सीएजीआर की दर से बढ़ा है। 20 वर्षों में शुद्ध मुनाफा 31.69 फीसदी की दर से बढ़ा है।</p>



<p><strong>बीमा : पूंजी 10 लाख करोड़<br></strong>बीमा क्षेत्र का बाजार पूंजीकरण बढ़कर 10.6 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। 2006-07 से जीवन बीमा उद्योग का एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 10 गुना बढ़कर 61.6 लाख करोड़ रुपये हो गया है।</p>
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		<title> भारत की अर्थव्यवस्था में दिखी मजबूती, उम्मीद से बेहतर रही जीडीपी ग्रोथ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 28 Feb 2025 12:01:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[जीडीपी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="351" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/y5t78-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/y5t78.jpg 620w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/y5t78-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2024) में भारत की आर्थिक वृद्धि 6.2% रही। यह कमी मुख्य रूप से निर्माण और खनन क्षेत्रों के कमजोर प्रदर्शन के कारण आई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल इसी अवधि में 9.5% की वृद्धि दर्ज की गई थी। वहीं, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="351" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/y5t78-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/y5t78.jpg 620w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/y5t78-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2024) में भारत की आर्थिक वृद्धि 6.2% रही। यह कमी मुख्य रूप से निर्माण और खनन क्षेत्रों के कमजोर प्रदर्शन के कारण आई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल इसी अवधि में 9.5% की वृद्धि दर्ज की गई थी। वहीं, मौजूदा चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2024) में 5.6% की ग्रोथ हुई थी।</p>



<p>जीडीपी ग्रोथ का डेटा बताता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने सालाना आधार पर कमजोर प्रदर्शन किया है। हालांकि, तिमाही आधार पर इसमें रिवाइल के संकेत नजर आ रहे हैं। NSO ने 2024-25 के लिए विकास दर 6.5% रहने का अनुमान लगाया है। जनवरी 2025 में जारी पहली अग्रिम अनुमान में इसे 6.4% आंका गया था। साथ ही, 2023-24 के लिए GDP वृद्धि दर को संशोधित कर 9.2% कर दिया गया है, जो पहले 8.2% आंकी गई थी।</p>



<p>मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही की जीडीपी ग्रोथ आंकड़ा अर्थशास्त्रियों के अनुमान के अनुसार ही है। लेकिन जुलाई-सितंबर तिमाही के संशोधित 5.6 फीसदी की वृद्धि दर से अधिक है। इकोनॉमिक एक्सपर्ट का अनुमान था कि सरकार के बढ़ते खर्च और शहरी खपत में सुधार के कारण मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में GDP ग्रोथ 6.2 से 6.3 फीसदी के बीच रह सकती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>देश का चालू खाता घाटा वित्तीय वर्ष 2025 में जीडीपी का एक फीसदी रह सकता है, रिपोर्ट में दावा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 30 Dec 2024 10:36:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[चालू खाता]]></category>
		<category><![CDATA[जीडीपी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/ह्ज्त्गिउ-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/ह्ज्त्गिउ.jpg 626w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/ह्ज्त्गिउ-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />आईसीआईसीआई बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में भारत का चालू खाता घाटा ( CAD ) सकल घरेलू उत्पाद ( जीडीपी ) का 1.1 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट में हाल के महीनों में देश की बाहरी स्थिति में महत्वपूर्ण बदलावों पर प्रकाश डाला गया है। रिपोर्ट के अनुसार व्यापार &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/ह्ज्त्गिउ-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/ह्ज्त्गिउ.jpg 626w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/ह्ज्त्गिउ-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>आईसीआईसीआई बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में भारत का चालू खाता घाटा ( CAD ) सकल घरेलू उत्पाद ( जीडीपी ) का 1.1 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट में हाल के महीनों में देश की बाहरी स्थिति में महत्वपूर्ण बदलावों पर प्रकाश डाला गया है। रिपोर्ट के अनुसार व्यापार घाटे और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश ( FPI) के कारण ये बदलाव आए हैं।</p>



<p>रिपोर्ट में कहा गया “हमें वित्त वर्ष 25 में चालू खाते घाटे के जीडीपी के 1.1 प्रतिशत पर रहने की उम्मीद है। ” नवंबर 2024 में, भारत का व्यापार घाटा 37.8 बिलियन अमरीकी डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया, जिसका मुख्य कारण कुल 14.9 बिलियन अमरीकी डॉलर का सोना आयात था। इसके अतिरिक्त, गैर-तेल और गैर-सोने के उत्पादों का आयात बढ़ रहा है। अक्तूबर-नवंबर 2024 के दौरान साल-दर-साल यह 3.5 प्रतिशत बढ़ा है। इसी अवधि के दौरान तेल निर्यात में 36 प्रतिशत की गिरावट आई है, वहीं गैर-तेल निर्यात में सकारात्मक रुझान दिखा है।</p>



<p>अक्तूबर-नवंबर 2024 में इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग सामान निर्यात में क्रमशः 50 प्रतिशत और 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई। रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि सोने के आयात को प्रबंधित करने के सरकारी प्रयासों के बावजूद, कमजोर वैश्विक विकास परिदृश्य के कारण व्यापार घाटा के मोर्चे पर दबाव में रहने की संभावना है। इसका श्रेय दुनिया भर में ब्याज दरों में वृद्धि को दिया जाता है, जिसमें अमेरिकी फेडरल रिजर्व दरों के लिए उच्च प्रक्षेपवक्र का संकेत देता है।</p>



<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि “भले ही सरकार सोने के आयात को समेटने पर काम कर रही हो, लेकिन वैश्विक विकास परिदृश्य कम होने के कारण व्यापार घाटे का परिदृश्य खराब है”।</p>



<p>इसमें कहा गया है कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का प्रवाह मजबूत बना हुआ है; हालांकि, भारत के संपन्न प्राथमिक इक्विटी बाजार में निकासी के कारण अधिक बहिर्वाह ने लाभ को कम कर दिया है। परिणामस्वरूप, भुगतान संतुलन (BoP) परिदृश्य में काफी बदलाव आया है। वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में 23.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर का सरप्लस देखा गया, जबकि दूसरी छमाही में भारी गिरावट देखी जा रही है।</p>



<p>वित्त वर्ष 2025 के लिए समग्र बीओपी अधिशेष तटस्थ रहने की उम्मीद है, अगर एफपीआई का बहिर्वाह अनुमान से अधिक होता है तो इसके नकारात्मक होने का जोखिम है। सकारात्मक बात यह है कि भारत के सेवा निर्यात और विदेश से भारत भेजे जाने वाले धन (Remittances) में में मजबूत वृद्धि देखी गई है, जिससे उच्च सोने के आयात और कमजोर तेल निर्यात के प्रभाव को कम करने में मदद मिली है। व्यापार और पूंजी प्रवाह परिदृश्य में बढ़ती चुनौतियों के बावजूद सीएडी प्रबंधन योग्य बना हुआ है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>राज्य की जीडीपी बढ़ाने और रोजगार के अवसर खोलने के लिए निवेश</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 Dec 2023 07:00:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[जीडीपी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="352" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/uk-2-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/uk-2-1.jpg 835w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/uk-2-1-300x171.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/12/uk-2-1-768x438.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />प्रदेश सरकार का उत्तराखंड में पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश से राज्य की जीडीपी बढ़ाने के साथ ही रोजगार के नये अवसर खोलने का संकल्प है। सरकार का मानना है कि पर्यटन सेक्टर में निवेश बढ़ेगा तो इससे सेवा क्षेत्र का विस्तार होगा जो राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मददगार साबित होगा। &#8230;]]></description>
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<p>प्रदेश सरकार का उत्तराखंड में पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश से राज्य की जीडीपी बढ़ाने के साथ ही रोजगार के नये अवसर खोलने का संकल्प है। सरकार का मानना है कि पर्यटन सेक्टर में निवेश बढ़ेगा तो इससे सेवा क्षेत्र का विस्तार होगा जो राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मददगार साबित होगा। इसलिए धामी सरकार की सेवा क्षेत्र में निवेश को प्राथमिकता है।</p>



<p>वैसे भी राज्य की आर्थिक विकास दर (जीडीपी) में सेवा क्षेत्र का 40 से 50 प्रतिशत योगदान है। सरकार का दावा है कि पर्यटन क्षेत्र में निवेश से राज्य को वैश्विक पर्यटन डेस्टिनेशन बनाने की योजना साकार होगी। साथ ही नये निवेश से अनछुए पर्यटक स्थल भी विकसित होंगे। वैश्विक निवेशक सम्मेलन के लिए प्रदेश सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश की रणनीति बनाई है। जिसमें पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र सबसे प्रमुख है। सेवा क्षेत्र में निवेश से जहां सरकार का राजस्व बढ़ेगा। वहीं, पर्यटन कारोबार में रोजगार के अवसर मिलेंगे।</p>



<p>चारधाम यात्रा से वैश्विक स्तर पर उत्तराखंड की तीर्थाटन में पहचान है। छह माह चलने वाली इस यात्रा से प्रदेश में पर्यटन कारोबार चलता है। अब सरकार साहसिक पर्यटन, आयुष एवं वैलनेस टूरिज्म में देश दुनिया के पर्यटकों को उत्तराखंड की ओर से आकर्षिक करना चाहती है। इसके लिए रोपवे, होटल, रिजार्ट, स्कीइंग में बुनियादी सुविधाओं में निवेश को प्रोत्साहित कर रही है।</p>



<p><strong>प्रदेश में कई रिजार्ट खोलने को करार</strong></p>



<p>निवेश सम्मेलन के लिए प्रदेश सरकार ने महिंद्रा हॉलीडेज एंड रिजार्ट इंडिया लिमिटेड के साथ 1000 करोड़ के निवेश पर करार किया है। यह कंपनी राज्य में अलग स्थानों पर कई रिजॉर्ट बनाने में निवेश करेगी। इससे लगभग 1500 लोगों को रोजगार मिल सकता है। महिंद्रा हॉलीडेज एंड रिजार्ट इंडिया लिमिटेड का उत्तराखंड में यह सबसे बड़ा निवेश है।</p>



<p><strong>रोपवे से पर्यटन को मिल सकती है उड़ान</strong></p>



<p>रोपवे से पर्यटन को उड़ान मिलेगी। प्रदेश सरकार की कई पर्यटक स्थलों को रोपवे से जोड़ने की योजना है। जिससे देश दुनिया से आने वाले पर्यटक आसानी से पहुंच सके। रोपवे के क्षेत्र में पोमा ग्रुप के साथ दो हजार करोड़ और उषा ब्रेको के साथ एक हजार करोड़ के निवेश पर करार हुआ है।</p>



<p><strong>स्की रिजार्ट और केबल कार प्रोजेक्ट में 3800 करोड़ का निवेश</strong></p>



<p>साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने औद्योगिक समूह कयान जेट के साथ निवेश पर करार किया है। जिसमें कयान जेट स्की रिजार्ट में 2100 करोड़ और केबल कार प्रोजेक्ट में 1700 करोड़ का निवेश करेगी। स्कीइंग के लिए प्रसिद्ध औली के अलावा दयारा बुग्याल, मुन्स्यारी में स्की रिजार्ट बनाया जाएगा।</p>



<p>उत्तराखंड में पर्यटन क्षेत्र में निवेश की काफी संभावनाएं हैं। नए पर्यटक स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं में निवेश होने से पर्यटकों को भी बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।<em><strong> -सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री</strong></em></p>
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