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	<title>जापान &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>जापान &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>जापान में फिर लगे भूकंप के झटके, 5.8 रही तीव्रता</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Aug 2026 06:18:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[जापान]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="354" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/698iyu.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/698iyu.jpg 751w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/698iyu-300x172.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />&#160;जापान में कुदरत का कहर थम नहीं रहा है। शनिवार को उत्तरी जापान के आओमोरी प्रांत के पास 5.8 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। जापान मौसम विज्ञान के अनुसार, यह भूकंप स्थानीय समय के अनुसार सुबह 11:48 बजे आओमोरी के प्रशांत तट से लगभग 80 किलोमीटर की गहराई में आया। जापानी पैमाने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="354" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/698iyu.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/698iyu.jpg 751w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/08/698iyu-300x172.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>&nbsp;जापान में कुदरत का कहर थम नहीं रहा है। शनिवार को उत्तरी जापान के आओमोरी प्रांत के पास 5.8 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। जापान मौसम विज्ञान के अनुसार, यह भूकंप स्थानीय समय के अनुसार सुबह 11:48 बजे आओमोरी के प्रशांत तट से लगभग 80 किलोमीटर की गहराई में आया।</p>



<p>जापानी पैमाने (7-पॉइंट स्केल) पर इसकी तीव्रता 4 दर्ज की गई। भूकंप के बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। भूकंप का केंद्र 41.3 डिग्री उत्तर अक्षांश और 142.0 डिग्री पूर्व देशांतर पर स्थित था। जापान में कुछ ही दिन पहले आए एक अन्य शक्तिशाली और विनाशकारी भूकंप के झटकों से 35 लोगों की मौत हुई थी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">चार दिन पहले 35 लोगों की हुई थी मौत</h2>



<p>हाल ही में मंगलवार को कुमामोटो प्रांत में शाम 4:27 बजे तीव्रता 7 का एक भीषण भूकंप आया था, जिसने पूरे इलाके में भारी तबाही मचाई। शुक्रवार को अधिकारियों ने पुष्टि की कि आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 35 हो गई है।</p>



<p>मृतकों में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जिनकी मौत के सटीक कारणों की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौत सीधे झटकों की वजह से हुई या अन्य कारणों से।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और गाड़ियों में रात बिताने को मजबूर लोग</h2>



<p>कुमामोटो के आपदा प्रभावित इलाकों जैसे यात्सुशिरो और उकी शहरों में जमीनी हालात बेहद भयावह हैं। मुख्य सड़कें मुड़ चुकी हैं और उनमें गहरी दरारें आ गई हैं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।</p>



<p>कई जगहों पर ट्रैफिक सिग्नल ठप पड़े हैं और ईंधन की भारी किल्लत के कारण गैस स्टेशनों पर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। कई नागरिक ईंधन के इंतजार में अपनी गाड़ियों में ही रात बिताने को मजबूर हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">राहत शिविरों में शरण लेने को विवश सैकड़ों परिवार</h2>



<p>उकी शहर के ओगावा जिले में स्थित एक नागरिक गतिविधि केंद्र को आपातकालीन राहत शिविर में बदल दिया गया है, जहां करीब 500 से ज्यादा बुजुर्गों, बच्चों और परिवारों ने शरण ली हुई है। शिविर के अंदर का नजारा बेहद भावुक करने वाला है।</p>



<p>शिविर में लोग फर्श पर मैट बिछाकर अपने सामान, कपड़ो और पानी की बोतलों के बीच रहने को मजबूर हैं। बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शिविर के बाहर एक दर्जन से अधिक पोर्टेबल शौचालय लगाए गए हैं। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुंचाने में जुटे हैं।</p>
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		<title>जापान के बीचोबीच रूस ने कैसे बुना जासूसों का जाल?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Jul 2026 06:49:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[जापान]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="369" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/yt.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/yt.jpg 658w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/yt-300x179.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />फरवरी 2022 में जब रूसी सैनिकों ने यूक्रेन में प्रवेश किया, तो पश्चिमी देशों ने सैकड़ों संदिग्ध रूसी जासूसों को बाहर निकालकर और क्रेमलिन से जुड़ी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाकर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। इसका मुख्य उद्देश्य मॉस्को की खुफिया जानकारी जुटाने की क्षमता को खत्म करना और हथियार उत्पादन के लिए आवश्यक माइक्रोचिप्स &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="369" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/yt.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/yt.jpg 658w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/yt-300x179.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p id="block-f85fe8d9-8834-4649-af60-2f93b0dfd584">फरवरी 2022 में जब रूसी सैनिकों ने यूक्रेन में प्रवेश किया, तो पश्चिमी देशों ने सैकड़ों संदिग्ध रूसी जासूसों को बाहर निकालकर और क्रेमलिन से जुड़ी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाकर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। इसका मुख्य उद्देश्य मॉस्को की खुफिया जानकारी जुटाने की क्षमता को खत्म करना और हथियार उत्पादन के लिए आवश्यक माइक्रोचिप्स तथा ट्रांसमीटर जैसे महत्वपूर्ण पुर्जों की आपूर्ति को रोकना था।</p>



<p id="block-f2db5953-a63e-4d72-8062-0c70ebdc3a48">लेकिन, द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार,&nbsp;निकाले गए इन जासूसों में से कई ने एक ऐसे देश में अपना नया ठिकाना बना लिया है, जिसकी उम्मीद शायद ही किसी को थी और वह देश जापान है। जापान के कमजोर जासूसी कानूनों और इसके उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्र ने इसे रूस की सैन्य जरूरतों के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत बना दिया है।</p>



<p id="block-1b03043c-3cb6-492d-bbf0-d107ecb32670">यूक्रेनी सरकार के अनुमान बताते हैं कि लगभग 90 प्रतिशत रूसी मिसाइलों और ड्रोनों में जापान में बने पुर्जों का इस्तेमाल किया गया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading" id="block-3641aeac-1bc3-45f3-a512-80d70b30db8e">20वीं डायरेक्टोरेट और एअरोफ्लोत का कवर</h2>



<p id="block-06e5ad83-ee46-452e-8b85-5d7a7228e7db">इस पूरे नेटवर्क के केंद्र में रूस की सैन्य खुफिया इकाई 20वीं डायरेक्टोरेट है, जिसके बारे में दुनिया को बहुत कम जानकारी है। पश्चिमी खुफिया एजेंसियों के वर्तमान और पूर्व अधिकारियों के अनुसार, इस इकाई के अधिकारी राजनयिकों या व्यवसायियों के भेष में काम करते हैं। वे युद्धक्षेत्र से जुड़ी संवेदनशील तकनीक हासिल करते हैं या चुराते हैं और फिर उसकी रूस में तस्करी करते हैं।</p>



<p id="block-3302baa1-5415-4740-95c4-5070aa90798f">टोक्यो में इस पूरे ऑपरेशन को चलाने वाले मुख्य व्यक्ति की पहचान मक्सिम व्लादिमीरोविच फिलचेनकोव के रूप में हुई है, जो रूसी सरकारी एयरलाइन एअरोफ्लोत में काम करने का दिखावा करता है।</p>



<p id="block-cce3605e-521e-4fca-936c-f5febab80ea2">इस कथित सप्लाई चेन की मानवीय कीमत बहुत भयानक रही है। रिपोर्ट के अनुसार, मई में एक रूसी Kh-101 क्रूज मिसाइल कीव में एक आवासीय इमारत से टकराई थी, जिसमें कम से कम 24 लोग मारे गए थे। जांचकर्ताओं को मिसाइल के गाइडेंस सिस्टम के मलबे में जापानी पुर्जे मिले थे, जबकि इन पुर्जों के रूस को निर्यात पर सख्त प्रतिबंध लागू है।</p>



<h2 class="wp-block-heading" id="block-fd7493ec-ea69-4332-a476-c0e07ecd007a">फर्जी दस्तावेजों और तीसरे देशों के जरिए तस्करी</h2>



<p id="block-a079934c-a1fa-4d11-a4ae-0e6c2df2049e">एनवाईटी के अनुसार, 49 वर्षीय फिलचेनकोव ने फरवरी 2024 में टोक्यो में अपना पद संभाला था। यह वह समय था जब युद्ध ड्रोनों की तरफ मुड़ चुका था और रूस को नई तकनीक की सख्त जरूरत थी। चीन ने कुछ मदद जरूर की, लेकिन पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण रूस को विशेष मशीन टूल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स की भारी कमी खल रही थी।</p>



<p id="block-6d8d5a9c-fc2a-4919-92a0-7f77369ca89e">रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी के एक अनुभवी अधिकारी के रूप में, फिलचेनकोव पहले भी जापान में अपनी सेवाएं दे चुका था। उसने जापान और रूस के बीच माल की शिपिंग करने वाली लॉजिस्टिक्स कंपनियों के साथ अच्छे संबंध बना लिए थे। पश्चिमी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ऐसे संबंधों का फायदा उठाकर जासूस झूठे बहाने से और कभी-कभी फर्जी शिपिंग दस्तावेजों का उपयोग करके संवेदनशील तकनीक खरीदते हैं।</p>



<p id="block-c61fa217-a812-4b0d-a776-22cf77c8a180">जापान उन डुअल-यूज तकनीक का दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक है। सीधे रूस भेजने के बजाय, तस्कर वियतनाम जैसे तीसरे देशों के माध्यम से सामान भेजते हैं, जो मॉस्को के साथ व्यापार करने के इच्छुक हैं। यद्यपि एअरोफ्लोत को जापान में औपचारिक रूप से ब्लैकलिस्ट नहीं किया गया है, लेकिन पुर्जों की कमी के कारण वहां इसका संचालन बंद हो चुका है, फिर भी इसके बिजनेस पार्टनर अभी भी सक्रिय बताए जाते हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading" id="block-e73de82e-672b-4a5a-9df2-0bdf3e4b1ac7">यूक्रेन की लगातार चेतावनियां</h2>



<p id="block-aa617543-b94b-4322-8225-1adb45b84dae">यूक्रेन ने जापान के विदेश मंत्रालय के सामने इस मुद्दे को बार-बार उठाया है। केवल अप्रैल 2025 में ही, कीव ने कम से कम आठ औपचारिक राजनयिक पत्र भेजे थे, जिनमें नागरिकों पर हमलों से बरामद रूसी हथियारों में मिले जापानी पुर्जों के सबूत दिए गए थे। साल भर में लगभग आठ और पत्र भेजे गए, जिनमें सर्किट बोर्ड, ट्रांसमीटर और सेमीकंडक्टर जैसे बरामद पुर्जों की तस्वीरें और सूचियां शामिल थीं।</p>



<p id="block-5b7091ed-2817-4e0c-9429-4924c97b86d4">यूक्रेन के दस्तावेजों में निप्पॉन इलेक्ट्रिक कॉर्पोरेशन, पैनासोनिक और तोशिबा जैसी जापानी कंपनियों के नाम शामिल हैं। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा कोई सबूत नहीं है कि इनमें से किसी ने भी जानबूझकर सीधे रूस को आपूर्ति की हो। सभी कंपनियों ने गलत काम से इनकार किया है और कहा है कि वे जापान के निर्यात नियमों का पालन करती हैं। निप्पॉन ने स्पष्ट किया कि बताए गए पुर्जे बहुत पुराने थे और सालों से बेचे नहीं गए थे।</p>



<h2 class="wp-block-heading" id="block-b16a3576-19f8-4029-8b18-871e8c19ece7">जापान का कड़ा कदम और खुफिया क्षमताओं में सुधार</h2>



<p id="block-ddf6e1c2-0b66-4528-be0c-05299e35076b">जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय ने कहा है कि उसने प्रतिबंधों से बचने को लेकर कंपनियों को चेतावनी जारी की है और रूस की मदद करने वाली दर्जनों विदेशी संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट किया है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अपनी खुफिया सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण, जापान को लंबे समय से विदेशी जासूसों के लिए एक आसान ठिकाना माना जाता रहा है।</p>



<p id="block-410c2fe8-8ca5-4081-8830-917c97cffd3e">देश में अभी भी कोई समर्पित विदेशी खुफिया एजेंसी नहीं है, लेकिन जापानी अधिकारी इस खतरे से अवगत हैं और खुफिया जानकारी जुटाने पर दशकों पुरानी सीमाओं को हटाने के लिए काम कर रहे हैं।</p>



<p id="block-f60ec934-98dc-4ac1-b6d0-d93c798379c8">इन जासूसी आरोपों के बावजूद जापान ने यूक्रेन का पुरजोर समर्थन किया है। उसने हमले के दिन ही रूस के खिलाफ पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का समर्थन किया था और बाद में बुलेटप्रूफ जैकेट व हेलमेट जैसी सैन्य आपूर्ति भेजकर अपनी पुरानी नीतियों को बदला था।</p>



<p id="block-34feffcf-2738-4a88-8052-a9e9d7f718b8">वर्तमान प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के नेतृत्व में, जापान ने अवैध निर्यात को रोकने और जासूसी का मुकाबला करने के लिए अपनी खुफिया क्षमताओं को मजबूत करने का एक नया कार्यक्रम भी शुरू किया है।</p>
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		<title>रविवार की सुबह जापान में आया 6.1 तीव्रता का भूकंप</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 07:53:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[जापान]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="337" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/546.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/546.jpg 728w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/546-300x164.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />पूर्वोत्तर जापान में रविवार सुबह-सुबह भूकंप के झटके लगे हैं। यहां रविवार सुबह 6.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। हालांकि, इस भूकंप के बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है और न ही किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई खबर है। लेकिन मौसम विभाग ने अगले सप्ताह और भी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="337" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/546.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/546.jpg 728w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/546-300x164.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>पूर्वोत्तर जापान में रविवार सुबह-सुबह भूकंप के झटके लगे हैं। यहां रविवार सुबह 6.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। हालांकि, इस भूकंप के बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है और न ही किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई खबर है।</p>



<p>लेकिन मौसम विभाग ने अगले सप्ताह और भी तेज आफ्टरशॉक्स (झटकों) की आशंका जताते हुए निवासियों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">40 किलोमीटर की गहराई पर था केंद्र</h2>



<p>जापान मौसम विभाग के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार रविवार सुबह करीब 7:25 बजे भूकंप आया। इसका केंद्र समुद्र तट से 40 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।</p>



<p>जापान के 7-पॉइंट स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5 थी। हाचिनोहे शहर समेत आओमोरी प्रांत के कई इलाकों में तेज झटके महसूस किए गए। वहीं इसके आसपास के इलाकों में भी धरती हिली।</p>



<p>बता दें कि जापान में यह भूकंप हाल ही में उत्तरी जापान में आए 7.2 तीव्रता वाले शक्तिशाली झटकों के बाद आया है। जिसके कारण यहां की मौसम विज्ञान एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अगले सप्ताह और भी महत्वपूर्ण भूकंप आ सकते हैं।</p>



<p>जापान मौसम विभागने बताया कि यह भूकंप उसी क्षेत्र में आया है, जहां 25 जून को इवाते के तट से दूर भूकंप आया था, जिसकी अधिकतम भूकंपीय तीव्रता 6+ दर्ज की गई थी। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि 25 जून को आए भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों को भूकंप की तीव्रता 6 या उससे अधिक तक के लगभग एक सप्ताह तक सतर्क रहना चाहिए।</p>



<p>एजेंसी ने यह भी चेतावनी दी कि जिन क्षेत्रों में तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं, वहां चट्टान गिरने और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है, और निवासियों से आगे की भूकंपीय गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया।</p>
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		<title>जापानियों ने भारतीय आमों को था ठुकराया, अब अंग्रेजों ने मंगाया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Jun 2026 11:23:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[जापान]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="277" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/yufir.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/yufir.jpg 729w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/yufir-300x135.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि जापान ने भारत के आमों को अपने यहां आयात के लिए अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया, जिसमें अल्फोन्सो, केसर और बंगानपाली जैसी प्रीमियम किस्में शामिल हैं। अब खबर आई है कि भारत के आम ब्रिटेन के लिए रवाना हो गए हैं। ब्रिटेन ने झारखंड के प्रसिद्ध ‘आम्रपाली’ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="277" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/yufir.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/yufir.jpg 729w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/yufir-300x135.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि जापान ने भारत के आमों को अपने यहां आयात के लिए अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया, जिसमें अल्फोन्सो, केसर और बंगानपाली जैसी प्रीमियम किस्में शामिल हैं। अब खबर आई है कि भारत के आम ब्रिटेन के लिए रवाना हो गए हैं। ब्रिटेन ने झारखंड के प्रसिद्ध ‘आम्रपाली’ आमों की 1.5 टन की खेप मंगाई है।</p>



<p>वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत काम करने वाली कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने झारखंड से ब्रिटेन के लिए ताजा आमों की पहली व्यावसायिक खेप को रवाना किया है। यह खेप 4 जून को कोलकाता से लंदन के लिए भेजी गई।</p>



<p><strong>वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने पोस्ट कर दी जानकारी<br></strong>वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके जानकारी दी। उन्होंने लिखा- &#8220;Local Goes Global का सशक्त उदाहरण…झारखंड के सिमडेगा की महिला किसान उत्पादक कंपनी द्वारा उगाए गए आम्रपाली आम यूनाइटेड किंगडम पहुंचने वाले हैं। APEDADOC के निरंतर प्रयासों से किसानों को बेहतर मूल्य, महिलाओं को नई पहचान और भारत के कृषि निर्यात को नई गति मिल रही है।&#8221;</p>



<p>इस निर्यात की सबसे खास बात यह है कि आम झारखंड के सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड स्थित बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से प्राप्त किए गए हैं। यह पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित किसान उत्पादक कंपनी है। इसमें स्थानीय महिला किसान शामिल हैं, जो खेती से लेकर उत्पादों के विपणन तक की जिम्मेदारी संभालती हैं।</p>



<p>ब्रिटेन भेजी गई इस खेप में 1.5 टन ताजा आम्रपाली आम शामिल हैं। इन आमों का निर्यात कोलकाता की कंपनी जेजीबी एग्रोफ्रेश प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया है। यह कदम झारखंड के किसानों, विशेष रूप से महिला किसानों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।</p>



<p>दरअसल, मई 2026 में APEDA ने सिमडेगा जिले के किसान उत्पादक संगठनों (FPO), किसान उत्पादक कंपनियों (FPC) और प्रगतिशील किसानों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया था। इसमें किसानों को निर्यात से जुड़े नियम, गुणवत्ता मानक और अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के बारे में जानकारी दी गई। इसी पहल के बाद बेउरा एफपीसी और निर्यातक कंपनी के बीच संपर्क स्थापित कराया गया, जिसका परिणाम अब इस पहली निर्यात खेप के रूप में सामने आया है।</p>



<p>इस निर्यात से किसानों को घरेलू बाजार की तुलना में बेहतर कीमत मिली है। साथ ही उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सीधी पहुंच भी मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे क्षेत्र के अन्य किसान भी उच्च गुणवत्ता वाली खेती और बेहतर फसल प्रबंधन के लिए प्रेरित होंगे।</p>
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		<title>डिफेंस सेक्टर में जापान की एंट्री, अमेरिका-रूस को चुनौती</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 20 Apr 2026 08:52:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[जापान]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="603" height="333" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/bjh.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/bjh.jpg 603w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/bjh-300x166.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 603px) 100vw, 603px" />दूसरे विश्व युद्ध के बाद से शांतिवादी छवि रखने वाला जापान अब अपनी रक्षा नीति में बड़ा बदलाव कर रहा है। लंबे समय तक हथियारों के निर्यात पर लगी पाबंदियों को हटाकर अब वह वैश्विक हथियार बाजार में उतरने की तैयारी में है। जापान की सरकार नियमों में ढील देकर सैन्य उपकरण और हथियार बेचने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="603" height="333" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/bjh.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/bjh.jpg 603w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/bjh-300x166.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 603px) 100vw, 603px" />
<p>दूसरे विश्व युद्ध के बाद से शांतिवादी छवि रखने वाला जापान अब अपनी रक्षा नीति में बड़ा बदलाव कर रहा है। लंबे समय तक हथियारों के निर्यात पर लगी पाबंदियों को हटाकर अब वह वैश्विक हथियार बाजार में उतरने की तैयारी में है।</p>



<p>जापान की सरकार नियमों में ढील देकर सैन्य उपकरण और हथियार बेचने का रास्ता आसान करना चाहती है। इससे जापान अब एक बड़े डिफेंस सप्लायर के रूप में उभर सकता है। यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है, जब दुनिया में युद्ध और तनाव बढ़ने के कारण हथियारों की मांग तेजी से बढ़ रही है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">वैश्विक हालात से मिला मौका</h2>



<p>रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में तनाव के चलते हथियारों की सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। अमेरिका के पास पहले से ही बड़ी संख्या में ऑर्डर लंबित हैं, जिससे अन्य देश नए विकल्प तलाश रहे हैं।</p>



<p>इसी कारण कई देश अब जापान की ओर देख रहे हैं, ताकि उन्हें समय पर हथियार और रक्षा उपकरण मिल सकें। जापान भी इस मौके को भुनाकर खुद को एक भरोसेमंद सप्लायर के रूप में स्थापित करना चाहता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">चीन की बढ़ी चिंता</h2>



<p>जापान की इस नई नीति से चीन की चिंता बढ़ गई है। चीन ने जापान को चेतावनी देते हुए कहा है कि उसे इस मामले में सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि इससे क्षेत्रीय संतुलन प्रभावित हो सकता है।</p>



<p>वहीं, यूक्रेन इस बदलाव को एक अवसर के रूप में देख रहा है। दोनों देशों के बीच ड्रोन तकनीक और नई रक्षा प्रणालियों के विकास पर सहयोग की योजना बन रही है। जापान का लक्ष्य अमेरिका पर निर्भरता कम करते हुए अपनी अलग रक्षा सप्लाई चेन तैयार करना है।</p>



<p>जापान का रक्षा बजट अब करीब 60 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। देश की कंपनियां अब वैश्विक स्तर पर काम करने के लिए खुद को तैयार कर रही हैं। तोशिबा जैसी कंपनियां नए कर्मचारियों की भर्ती कर रही हैं और निर्यात के लिए अलग विभाग बना रही हैं। मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक भी एशिया, यूरोप और अमेरिका में अपने काम को बढ़ा रही है और नई साझेदारियों पर ध्यान दे रही है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">फिलीपींस से पोलैंड तक बढ़ता दायरा</h2>



<p>जापान अब अपने हथियारों का निर्यात फिलीपींस से लेकर पोलैंड जैसे देशों तक बढ़ा रहा है। ये देश भी अमेरिका और यूरोप पर निर्भरता कम करना चाहते हैं। पोलैंड का मानना है कि जापान के साथ सहयोग से दोनों देश अपनी रक्षा जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकते हैं।</p>
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