जाने धार्मिक महत्व – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Sun, 28 Jun 2020 06:04:49 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.9 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg जाने धार्मिक महत्व – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 6 जुलाई से शुरू होने वाला है सावन का महीना ,जाने धार्मिक महत्व https://livehalchal.com/6-%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%82-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88/345758 Sun, 28 Jun 2020 06:04:49 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=345758 हिंदू धर्म में सावन के महीने को बहुत ही खास माना जाता है. जी दरअसल श्रावण के महीने में भगवान शिव की विशेष पूजा आराधना करते हैं. आप सभी को बता दें कि हिंदू धर्म शास्त्रों में कहा जाता है कि श्रावण मास भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना होता हैं इसे इच्छापूर्ति का महीना …]]>

हिंदू धर्म में सावन के महीने को बहुत ही खास माना जाता है. जी दरअसल श्रावण के महीने में भगवान शिव की विशेष पूजा आराधना करते हैं. आप सभी को बता दें कि हिंदू धर्म शास्त्रों में कहा जाता है कि श्रावण मास भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना होता हैं इसे इच्छापूर्ति का महीना भी कहते हैं. वहीं श्रावण के महीने को साल का सबसे पवित्र महीना कहते हैं. वैसे आप जानते ही होंगे इस महीने में सोमवार का व्रत और सावन स्नान की भी परंपरा हैं,. अब आज हम आपको धार्मिक नजरिए से सावन की महिमा और महत्व के बारे में बताने जा रहे हैं.

आइए बताते हैं. जी दरअसल इस बार श्रावण मास की शुरूआत 6 जुलाई से हो रही हैं और इसका समापन 3 अगस्त को होगा. ऐसे में इस बार श्रावण मास पर अद्भुत संयोग बन रहा हैं क्योंकि सावन की शुरूआत का पहला दिन ही सोमवार हैं. इसी के साथ सावन के अंतिम दिन यानी की 3 अगस्त को भी सोमवार का ही दिन हैं. आप सभी को हम यह भी बता दें कि श्रावण के महीने में सुबह के समय जल्दी उठकर स्नान के जल में दो बूंद गंगाजल डालकर स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए. इसी के साथ पूजा की थाली में रोली मोली, चावल, धूप, दीपक, सफेद चंदन, सफेद जनेउ, कलावा, पीला फल, सफेद मिष्ठान, गंगा जल और पंचामृत आदि रखना चाहिए.

इसके अलावा अगर संभव हो तो अपने घर से नंगे पैर भगवान शिव के मंदिर के लिए निकलें. जी हाँ, उसके बाद मंदिर पहुंचकर विधि विधान से शिव परिवार की पूजा अर्चना करें. वहीं गाय के घी का दीपक और धूपबत्ती जलाकर वही आसन पर बैठकर शिव चालीसा का पाठ करें और शिवाष्टक भी पढ़ें और अपने घर वापस आते समय भगवान शिव से प्रार्थना करें और अपने मन की इच्छा कहें. ऐसा करने से आपकी इच्छा पूरी होगी.

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