<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>जानें रोचक कथा व पूजा की विधि &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/tag/%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%9A%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%A5%E0%A4%BE-%E0%A4%B5-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%9C%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%BF/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Sat, 11 Jan 2020 05:48:20 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.7</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>जानें रोचक कथा व पूजा की विधि &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>2020 में 13 जनवरी को मनाया जायेगा लोहड़ी का त्योहर, जानें रोचक कथा व पूजा की विधि</title>
		<link>https://livehalchal.com/2020-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-13-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%87%e0%a4%97/305925</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bhavna Vajpai]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Jan 2020 05:47:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[2020 में 13 जनवरी को मनाया जायेगा लोहड़ी का त्योहर]]></category>
		<category><![CDATA[जानें रोचक कथा व पूजा की विधि]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.livehalchal.com/?p=305925</guid>

					<description><![CDATA[<img width="258" height="195" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/download-2020-01-11T111659.380.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" />2020: पंजाब के लोगों के लिए लोहड़ी का त्योहर बहुुत अहम है। हालांकि यह देश कई राज्&#x200d;यों हरियाणा, हिमाचल, दिल्&#x200d;ली व जम्&#x200d;मू-कश्&#x200d;मीर में भी मनाया जाता है, लेकिन पंजाब में इस त्&#x200d;योहार को लेकर अलग ही उत्&#x200d;साह देखने को मिलता है। पंजाब में इस पर्व को नई फसलों से जोड़कर भी देखा जाता है। इस &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="258" height="195" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/download-2020-01-11T111659.380.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" /><p>2020: पंजाब के लोगों के लिए लोहड़ी का त्योहर बहुुत अहम है। हालांकि यह देश कई राज्&#x200d;यों हरियाणा, हिमाचल, दिल्&#x200d;ली व जम्&#x200d;मू-कश्&#x200d;मीर में भी मनाया जाता है, लेकिन पंजाब में इस त्&#x200d;योहार को लेकर अलग ही उत्&#x200d;साह देखने को मिलता है। पंजाब में इस पर्व को नई फसलों से जोड़कर भी देखा जाता है। इस त्&#x200d;योहार के समय गेहूं व सरसों की फसल अंतिम चरण में होती है। इस बार लोहड़ी 13 जनवरी को मनाई जाएगी।</p>
<p><img decoding="async" class=" wp-image-305933 aligncenter" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/01/download-2020-01-11T111659.380.jpg" alt="" width="733" height="555" /></p>
<p>धर्माचार्यों के अनुसार इस बार सूर्य मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी की रात को प्रवेश कर रहा है, इसलिए मकर संक्रांति 14 को है। हालांकि अंग्रेजी तिथि के अनुसार इसका पुण्यकाल 15 जनवरी को होगा। मकर संक्राति में दान पुण्य व स्नान का दिन 15 जनवरी की सुबह होगा। जालंधर बर्तन बाजार स्थित शिव मंदिर के प्रमुख पंडित बसंत शास्त्री के अनुसार लोहड़ी सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के एक दिन पूर्व मनाई जाती है, इसलिए लोहड़ी 13 जनवरी को ही मनाई जाएगी।</p>
<p>लोहड़ी पर्व की रात को परिवार व आसपड़ोस के लोग इकट्ठे होकर लकड़ी जलाते हैं। इसके बाद तिल, रेवड़ी, मूंगफली, मक्&#x200d;का व गुड़ अन्&#x200d;य चीजेेंं अग्नि को समर्पित करते हैं। इसके बाद परिवार के लोग आग की परिक्रमा कर सुख-शांति की कामना करते हैं। अग्नि परिक्रमा की पूजा के बाद बचे हुए खाने के सामान को प्रसाद के रूप में सभी लोगों को वितरित किया जाता है।</p>
<p>लोहड़ी का अर्थ है- ल (लकड़ी), ओह (गोहा यानी सूखे उपले), ड़ी (रेवड़ी)। लोहड़ी के पावन अवसर पर लोग मूंगफली, तिल व रेवड़ी को इकट्ठठा कर प्रसाद के रूप में इसे तैयार करते हैं और आग में अर्पित करने के बाद आपस मे बांट लेते हैं। जिस घर में नई शादी हुई हो या फ&#x200d;िर बच्&#x200d;चे का जन्&#x200d;म हुआ हो वहां यह त्&#x200d;योहार काफी उत्&#x200d;साह व नाच-गाने के साथ मनाया जाता है।</p>
<p>सुंदर मुंदरिए हो, तेरा कौन विचारा हो, दुल्ला भट्टी वाला हो, दुल्ले दी धी बयाही हो..। लोहड़ी का यह सबसे लोकप्रिय गीत है। लोहड़ी जैसे ही आने वाली होती है तो यही गीत के बोल हर किसी की जुबां पर होते हैं। इस लोकगीत से एक पुरातन कहानी भी जुड़ी हुई है। इस पुरानी कहानी में दुल्&#x200d;ला भट्टी नाम के एक डाकू ने पुण्&#x200d;य का काम किया था। ऐसा कहा जाता है कि सुंदर व मुंदर नाम की दो लड़कियां थी और वह अनाथ थीं। इन लड़कियों के चाचा ने दोनों को किसी शक्तिशाली सूबेदार को सौंप दिया था।</p>
<p>दुल्&#x200d;ला भट्टी नाम के डाकू को जब इस बात का पता चला तो उसने सुंंदर व मुंदर दोनों लड़कियों को मुक्&#x200d;त करवाया और दो अच्&#x200d;छे लड़के ढूंढकर इनकी शादी करवा दी। कहा जाता है कि जब इन दोनों लड़कियोंं की शादी हुई थी तो आसपास से लकडि़यां एकत्रित कर आग जलाई गई थी और शादी में मीठे फल की जगह गुड़, रेवड़ी व मक्&#x200d;के जैसी चीजों का इस्&#x200d;तेमाल किया था। उसी समय से दुल्&#x200d;ला भट्टी की अच्&#x200d;छाई को याद करने के लिए यह त्&#x200d;योहर मनाया जाता है। दुल्&#x200d;ला भट्टी कहने को तो एक डाकू था, लेकिन अमीर व घूसखोरी करने वाले लोगों से पैसे लूटकर गरीबों में बांट दिया करता था।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
