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	<title>जानें- चीन की इसमें भूमिका &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>जानिए कैसे बेपटरी हुई श्रीलंका की अर्थव्&#x200d;यवस्&#x200d;था जो मचा कोहराम, जानें- चीन की इसमें भूमिका</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Babita Kashyap]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 07 Apr 2022 07:48:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[जानिए कैसे बेपटरी हुई श्रीलंका की अर्थव्‍यवस्‍था जो मचा कोहराम]]></category>
		<category><![CDATA[जानें- चीन की इसमें भूमिका]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="513" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2022/04/22606065.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2022/04/22606065.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2022/04/22606065-300x249.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />भारत के पड़ोस में चल रही राजनीतिक और आर्थिक अशांति ने पूरी दुनिया का ध्&#x200d;यान इस ओर खींच लिया है। श्रीलंका की आर्थिक और राजनीतिक बदहाली पर भारत की भी नजर है। भारत की चिंता कहीं न कहीं इस बात को लेकर भी है कि कहीं चीन इसका फायदा न उठा ले। श्रीलंका में खाने-पीने &#8230;]]></description>
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<p>भारत के पड़ोस में चल रही राजनीतिक और आर्थिक अशांति ने पूरी दुनिया का ध्&#x200d;यान इस ओर खींच लिया है। श्रीलंका की आर्थिक और राजनीतिक बदहाली पर भारत की भी नजर है। भारत की चिंता कहीं न कहीं इस बात को लेकर भी है कि कहीं चीन इसका फायदा न उठा ले। श्रीलंका में खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। वहीं, लोगों के बीच राजनीतिक हालातों को लेकर भी रोष व्&#x200d;याप्&#x200d;त है। राजनीतिक उठापठक और आर्थिक मुश्किलों के बीच झूल रहे इस देश की हालत ऐसी क्&#x200d;यों हुई, ये जानना बेहद जरूरी है। ऐसा इ&#x200d;सलिए है, क्&#x200d;योंकि कभी श्रीलंका तरक्&#x200d;की की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा था। जानकारों की मानें तो इसके लिए श्रीलंका खुद ही जिम्&#x200d;मेदार है।</p>



<div class="wp-block-image"><figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="http://theblat.in/wp-content/uploads/2022/04/22606065.jpg" alt="" class="wp-image-30693" /></figure></div>



<p><strong>श्रीलंका की अर्थव्&#x200d;यवस्&#x200d;था में टूरिज्&#x200d;म का खास रोल&nbsp;</strong></p>



<p>जानकारों की राय में इस बदहाली की एक वजह विश्&#x200d;व मेंं फैली कोरोना महामारी थी, जिस पर किसी का कोई नियंत्रण नहीं था। इसका असर पूरी दुनिया में ही देखने को मिला था। आब्&#x200d;जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के प्रोफेसर हर्ष वी पंत का कहना है कि श्रीलंका की अर्थव्&#x200d;यवस्&#x200d;था पयर्टन पर टिकी है। यहां के&nbsp;नैसर्गिक सौंदर्य को देखने के लिए दुनियाभर के लोग यहां का रुख करते हैं। यहां की जीडीपी में पर्यटन का हिस्&#x200d;सा करीब 12.5 फीसद तक है। कोरोना से पूर्व इसकी गति कम नहीं हुई थी। लेकिन विश्&#x200d;व व्&#x200d;यापी प्रतिबंधों ने इसको बेपटरी कर दिया। इसके बाद सरकार ने जो कदम उठाए उसने भी हालात और खराब कर दिए।&nbsp;</p>



<p><strong>तरक्&#x200d;की की राह पर था श्रीलंका</strong></p>



<p>श्रीलंका लंबे समय तक गृहयुद्ध की चपेट में रहा है। इसके बाद भी इस देश ने कई देशों के मुकाबले अधिक तेजी से तरक्&#x200d;की की है। संयुक्त राष्ट्र मानव विकास सूचकांक में भी श्रीलंका का प्रदर्शन बेहतर रहा है। प्रोफेसर पंत का कहना है कि श्रीलंका की बदहाली की वजह उसकी गलत नीतियांं रही हैं। श्रीलंका की दुर्गति के संकेत पहले से ही दिखाई देने लगे थे।&nbsp;</p>



<p><strong>कर की दर में कटौती&nbsp;</strong></p>



<p>श्रीलंका के राजस्&#x200d;व को सबसे अधिक क्षति कर की दर में हुई कटौती रही है। सरकार के फैसले पर वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों ने भी सवाल उठाए थे। इस फैसले की वजह से श्रीलंका के अंतरराष्&#x200d;ट्रीय वित्तीय तंत्र से किफायती दर पर वित्तीय संसाधन जुटाना मुश्किल होता चला गया। इन हालातों का फायदा चीन ने उठाया और श्रीलंका चीन पर निर्भर होता चला गया। पहले से कर्ज के बोझ तले दबा ये देश और अधिक कर्जदार हो गया।&nbsp;</p>



<p><strong>गलत कृषि नीति&nbsp;</strong></p>



<p>कृषि क्षेत्र में लागू की गई गलत नीतियों का भी खामियाजा देश को भुगतना पड़ा। सरकार ने रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग पर बैन लगा दिया। इसका असर सीधेतौर पर खेती और अनाज भंडारण पर पड़ा। सरकार ने इस बात को अनदेखा किया कि रातोंरात जैविक खेती की तरफ बढ़ना संभव नहीं है।&nbsp;इससे पारंपरिक कृषि उत्पादन पिछड़ता चला गया। हालांकि, सरकार ने अपने इस फैसले को बाद में वापस ले लिया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। देश में खाद्य संकट के संकेत दिखाई देने शुरू हो गए थे। मौजूदा समय में देश विकराल खाद्य संकट से जूझ रहा है और अर्थव्&#x200d;यवस्&#x200d;था भी बुरी तरह से चरमरा गई है।&nbsp;</p>



<p><strong>भारी पड़ी चीन से दोस्&#x200d;ती</strong></p>



<p>श्रीलंंका की बदहाली की एक वजह राजपक्षे परिवार की चीन से जरूरत से अधिक निकटता भी रही है। श्रीलंका ने चीन के चलते भारत जैसे पुराने मित्र को खुद से दूर करने का काम किया। अब जबकि श्रीलंका बदहाली के मुहाने पर खड़ा है तो चीन ने उससे मुंह मोड़ रखा है। चीन फिलहाल दूर से ही इस स्थिति पर अफसोस जता रहा है। चीन ने श्रीलंका को दिए कर्ज पर कोई भी रियायत देने से साफ इनकार कर दिया है। वहीं, अब श्रीलंका को बुरे समय में भारत की फिर याद आई है।&nbsp;</p>



<p><strong>मुश्किल समय में याद आया भारत&nbsp;</strong></p>



<p>भारत ने भी अपना फर्ज बखूबी निभाया है। भारत ने जरूरी चीजों की आपूर्ति के लिए श्रीलंका को क्रेडिट लाइन उपलब्ध कराई है। भारत श्रीलंका में खाने-पीने का भी सामान भेज रहा है, जिसमें हजारों टन चावल और डीजल प्रेट्रोल भी शामिल है। भारत इस वर्ष के शुरुआती दो माह में ही श्रीलंका को 6,500 करोड़ रुपये का कर्ज दे चुका है। इसके अलावा भी आने वाले दिनोंं में भारत श्रीलंका को 7,500 करोड़ रुपये का कर्ज और उपलब्ध कराएगा।&nbsp;</p>
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