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	<title>जानें क्या है &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>जानें क्या है &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>जरुर जानें फीमेल हाइपोगोनेडिज्म, कैसे करें इलाज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Sonelal Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Dec 2020 06:19:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[इसका इलाज]]></category>
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		<category><![CDATA[फीमेल हाइपोगोनेडिज्म]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="560" height="368" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/hip.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/hip.jpg 560w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/hip-300x197.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/hip-310x205.jpg 310w" sizes="(max-width: 560px) 100vw, 560px" />खराब जीवनशैली के कारण लोगों को कई शारीरिक समस्याओं से जूझना पड़ता है. इसमें सेक्स (Sex) संबंधित परेशानियां भी शामिल हैं. अनियमित दिनचर्या से शारीरिक असंतुलन बढ़ता जाता है, जो सेक्स लाइफ को खराब कर देता है. इसमें एक बेहद गंभीर समस्या है हाइपोगोनेडिज्म की, जो कि महिलाओं और पुरुषों दोनों में हो सकती है, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="560" height="368" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/hip.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/hip.jpg 560w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/hip-300x197.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/hip-310x205.jpg 310w" sizes="(max-width: 560px) 100vw, 560px" />
<p>खराब जीवनशैली के कारण लोगों को कई शारीरिक समस्याओं से जूझना पड़ता है. इसमें सेक्स (Sex) संबंधित परेशानियां भी शामिल हैं. अनियमित दिनचर्या से शारीरिक असंतुलन बढ़ता जाता है, जो सेक्स लाइफ को खराब कर देता है. इसमें एक बेहद गंभीर समस्या है हाइपोगोनेडिज्म की, जो कि महिलाओं और पुरुषों दोनों में हो सकती है, लेकिन यहां हम बात करेंगे महिलाओं में होने वाला हाइपोगोनेडिज्म की, जिसे हम फीमेल हाइपोगोनेडिज्म कहते है-</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img decoding="async" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/hipo.jpg" alt="" class="wp-image-402503" width="706" height="412" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/hipo.jpg 435w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/hipo-300x175.jpg 300w" sizes="(max-width: 706px) 100vw, 706px" /></figure>



<p class="has-medium-font-size"><strong>ये है हाइपोगोनेडिज्म की समस्या</strong>&#8211;</p>



<p>महिलाएं हाइपोगोनेडिज्म की समस्या से तब ग्रसित होती है, जब उनकी लिंग संबंधित ग्रंथियां बहुत ही कम मात्रा में सेक्स हार्मोन्स का निर्माण करती हैं या बिल्कुल भी नहीं कर पाती है. सेक्स ग्रंथियों को गोनाड्स कहा जाता है. यह गोनाड्स महिलाओं के अंडाशय के निर्माण, स्तन के विकास और महावारी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं. महिलाओं को यह समस्या रजोनिवृत्ति के समय भी हो सकती है. इस समस्या के होने का एक कारण अनुवांशिक भी होता है. कई बार महिलाओं में डायबिटीज या वजन बढ़ने की वजह से भी हाइपोगोनेडिज्म की समस्या हो सकती है.</p>



<p class="has-medium-font-size"><strong>हाइपोगोनेडिज्म के प्रकार</strong>&#8211;</p>



<p>हाइपोगोनेडिज्म दो प्रकार के होते हैं पहला प्राइमरी हाइपोगोनेडिज्म और दूसरा सेंट्रल हाइपोगोनेडिज्म. दोनों में काफी अंतर है.</p>



<p>प्राइमरी हाइपोगोनेडिज्म में शरीर पर्याप्त मात्रा में सेक्स हार्मोन का निर्माण नहीं कर पाता है. इसमें मस्तिष्क सेक्स ग्रंथियां को सेक्स हार्मोन बनाने के लिए संदेश तो देती हैं लेकिन सेक्स ग्रंथियां सेक्स हार्मोन बनाने में सक्षत नहीं होती हैं.</p>



<p>वहीं जब मस्तिष्क में पाई जाने वाली हाइपोथैलेमस और पिट्यूटरी ग्रंथि, जो गोनाड को नियंत्रित करती है, सुचारू रूप से कार्य नहीं कर पाती है. तो ऐसे में मस्तिष्क सेक्स ग्रंथियों को निर्देश नहीं दे पाता है, जिसे सेंट्रल हाइपोगोनेडिज्म कहा जाता है.</p>



<p class="has-medium-font-size"><strong>चिंता न करें, उपलब्ध है इलाज</strong>&#8211;</p>



<p>हाइपोगोनेडिज्म का उपचार चिकित्सा विज्ञान के पास उपलब्ध है, लेकिन यह भी जरूरी है कि इसके लक्षणों को समझकर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि इसका सही समय पर इलाज शुरू हो सके. फीमेल हाइपोगोनेडिज्म की समस्या होने पर डॉक्टर कई ऐसी दवाएं दे सकते हैं, जिनसे सेक्स हार्मोन्स सामान्य रूप से बन सकें. इन दवाओं में डीयरलो, एलिन-35, एर्जेस्ट, एसरो-जी, एसरो-एल, फ्लोरिना-जी और फ्लोरिना-एन जैसी दवाएं दी जाती हैं. लेकिन सिर्फ दवाएं ही इस समस्या का हल नहीं है.</p>



<p class="has-medium-font-size"><strong>ऐसे रखें अपने स्वास्थ्य का ध्यान</strong>&#8211;</p>



<p>अपने शरीर की सेक्स ग्रंथियों को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से व्यायाम और प्राणायाम करना लाभकारी होता है. इसके अतिरिक्त हरी पत्तेदार सब्जियां और पौष्टिक आहार को भी अपने भोजन में शामिल करना चाहिए. यदि दिनचर्या स्वस्थ होगी तो शारीरिक स्वास्थ्य भी बेहतर होगा.</p>



<p>नियमित रूप से करीब 40 मिनट की ब्रिस्क वॉक जरूर करना चाहिए. ऐसा करने से शरीर में टॉक्सिन कम होता है और शरीर की सभी ग्रंथियां सुचारू रूप से काम करती है. अक्सर हम देखते हैं कि मोटापा बढ़ने के साथ कई शारीरिक समस्याएं पैदा हो सकती है. इसके मुख्य कारणों में शरीर में मौजूद ग्रंथियों का जरूरत के मुताबिक हार्मोन का उत्सर्जन ना कर पाना है. ऐसे में यदि शरीर का वजन नियंत्रित रहेगा को हाइपोगोनेडिज्म के साथ अन्य कोई समस्या भी नहीं होगी क्योंकि हाइपोगोनेडिज्म भी हार्मोन असंतुलन के कारण होने वाली एक शारीरिक समस्या है.</p>
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		<title>बड़ी खबर अब शादी के लिए, अनिवार्य होगा एचआईवी टेस्ट</title>
		<link>https://livehalchal.com/big-news-now-for-marriage-hiv-test-will-be-mandatory/400081</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Sonelal Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 05 Dec 2020 11:38:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slide]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[अनिवार्य होगा एचआईवी टेस्ट]]></category>
		<category><![CDATA[जानें क्या है]]></category>
		<category><![CDATA[शादी से पहले]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="414" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/hiv.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/hiv.jpg 649w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/hiv-300x201.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/hiv-110x75.jpg 110w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />रांची। विश्व एड्स दिवस हर साल 1 दिसंबर को पूरी दुनिया में मनाया जाता है, इसका मकसद एचआईवी के बारे में जागरूकता फैलाना होता है। इस दिवस के मौके पर भारत के कई राज्यों&#160;में जागरूकता कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इसी क्रम में झारखंड की राजधानी रांची में भी कार्यक्रम हो रहे हैं। वहीं, झारखंड &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="414" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/hiv.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/hiv.jpg 649w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/hiv-300x201.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/12/hiv-110x75.jpg 110w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p><strong>रांची। </strong>विश्व एड्स दिवस हर साल 1 दिसंबर को पूरी दुनिया में मनाया जाता है, इसका मकसद एचआईवी के बारे में जागरूकता फैलाना होता है। इस दिवस के मौके पर भारत के कई राज्यों&nbsp;में जागरूकता कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इसी क्रम में झारखंड की राजधानी रांची में भी कार्यक्रम हो रहे हैं। वहीं, झारखंड सरकार शादी से पहले एचआईवी टेस्ट कराने की अनिवार्यता के नियम को लागू करने को लेकर विचार कर रही है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" src="https://www.haqeeqattoday.com/wp-content/uploads/2020/12/hiv.jpg" alt="" class="wp-image-152745"/></figure>



<p>रांची में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि एड्स जैसी बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कई जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी और उनकी संतानों को एचआईवी के संक्रमण से बचाने के लिए लोगों को जागरूक करना होगा।</p>



<p class="has-medium-font-size">स्वास्थ्य मंत्री ने कही यह बात-</p>



<p>झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि शादी से पहले लड़का-लड़की एचआईवी टेस्ट कराएं, इसके लिए आवश्यक प्रावधान बनाने पर सरकार विचार कर रही है, लेकिन किसी भी कानून को लागू करने सबसे ज्यादा जरूरी यह है कि लोग खुद इसके बारे में जागरूक हों।<br>इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने एक ट्वीट कर कहा कि प्रतिवर्ष 1 दिसंबर को एड्स दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों में एड्स के बारे में जागरूकता फैलाना है। इस बार इसकी थीम एड्स महामारी को समाप्त करना, लचीलापन और प्रभाव रखी गई है। उन्होंने सभी से मिलकर इसे समाप्त करने में सहयोग करने की अपील की है।</p>



<p class="has-medium-font-size">झारखंड में एड्स के हालात-</p>



<p>&nbsp;झारखंड में एड्स मरीजों की संख्या 25,757 है। इनमें से 20,919 मरीजों का एआरटी सेंटर में इलाज चल रहा है। बाकी जो बचे हुए मरीज हैं वो दूसरे राज्यों में चले गए हैं या फिर वह अपना इलाज नहीं करा रहे हैं।</p>



<p class="has-medium-font-size">कोरोना के समय में एचआईवी टेस्ट रहे शून्य-</p>



<p>झारखंड एड्स कंट्रोल सोसाइटी की रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोनाकाल में एचआईवी टेस्ट शून्य रहे हैं। इस वक्त अधिकतर सरकारी अस्पताल कोरोना महामारी से निपटने में व्यस्त हैं, साथ ही निजी अस्पताल में एक भी एचआईवी के टेस्ट नहीं हो पाया है। रिपोर्ट में जो एचआईवी मरीजों की संख्या बताई गई है, वह आंकड़े 2002 से अब तक के बताए गए हैं। जो 25,757 मरीजों की संख्या बताई गई है, यह आंकड़ा भी कोरोनाकाल से पहले का ही बताया गया है।</p>



<p class="has-medium-font-size">किन जिलों में सबसे ज्यादा एचआईवी&nbsp;मरीज?</p>



<p>झारखंड के छह जिलों में सबसे ज्यादा एचआईवी के मरीज हैं। इनमें रांची, हजारीबाग, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, गिरीडीह और कोडरमा जिले शामिल हैं। रांची में एचआईवी के 5,286 मरीज हैं, हजारीबाग में 5,485, जमशेदपुर में 3,961, धनबाद में 1,902, गिरिडीह में 1,726 और कोडरमा में अब तक 1,220 मरीज सामने आ चुके हैं।</p>



<p class="has-medium-font-size">एड्स मरीजों को दी जाती&nbsp;है पेंशन-</p>



<p>राज्य में एड्स के मरीजों को राज्य सुरक्षा पेंशन के तहत दवा लेने के लिए, आने-जाने के लिए प्रतिमाह एक हजार रुपये दिए जाते हैं। इस वक्त 3,500 मरीज इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। राज्य में 24 सदर अस्पताल और तीन मेडिकल कॉलेज हैं और यहां पर एचआईवी की निशुल्क जांच की जाती है।</p>
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		<title>यदि आप हैं धात रोग के शिकार, जानें क्या हैं घरेलू उपचार</title>
		<link>https://livehalchal.com/if-you-are-a-victim-of-dhat-disease-know-what-are-the-home-remedies/396436</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Sonelal Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Nov 2020 11:47:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[घरेलू उपचार]]></category>
		<category><![CDATA[जानें क्या है]]></category>
		<category><![CDATA[धातु रोग]]></category>
		<category><![CDATA[पुरुषों की]]></category>
		<category><![CDATA[यौन समस्या है]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="567" height="337" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/dhatu.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/dhatu.jpg 567w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/dhatu-300x178.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 567px) 100vw, 567px" />नई दिल्ली. संभोग और यौन उत्तेजना के बिना किसी पुरुष में वीर्यपात होने की स्थिति को धातु रोग कहा जाता है. अनैच्छिक रूप से वीर्य निकलना या बहना पुरुषों में एक यौन समस्या है. धात गिरना ही धातु रोग कहलाता है. कुछ मामलों में कब्ज होने पर मल त्याग के समय मूत्र के साथ वीर्य &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="567" height="337" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/dhatu.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/dhatu.jpg 567w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/dhatu-300x178.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 567px) 100vw, 567px" />
<p><strong>नई दिल्ली. </strong>संभोग और यौन उत्तेजना के बिना किसी पुरुष में वीर्यपात होने की स्थिति को धातु रोग कहा जाता है. अनैच्छिक रूप से वीर्य निकलना या बहना पुरुषों में एक यौन समस्या है. धात गिरना ही धातु रोग कहलाता है. कुछ मामलों में कब्ज होने पर मल त्याग के समय मूत्र के साथ वीर्य निकलने लगता है. वहीं कुछ ऐसे मामले पाए गए हैं, जिनमें मूत्र से पहले वीर्य निकलता है. कई बार सोते समय भी वीर्य निकल सकता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.haqeeqattoday.com/wp-content/uploads/2020/11/dhatu.jpg" alt="" class="wp-image-150815" width="786" height="467"/></figure>



<p class="has-medium-font-size">धातु रोग का कारण-</p>



<p>रिपोर्ट के अनुसार, अत्यधिक हस्तमैथुन या सेक्स, पाचन तंत्र या शारीरिक कमजोरी, मूत्र और जननांगों से संबंधित समस्या, यौन असंतोष, मूत्र निकास मार्ग का सिकुड़ना, मलाशय से संबंधित विकार जैसे बवासीर, एनल फिशर, त्वचा में फोड़े-फुंसी आदि भी धातु रोग का कारण बन सकते हैं. जब वृषण ज्यादा गर्मी (जैसे गर्म पानी से भरे टब में नहाना) के प्रभाव में आते हैं, तो शुक्राणु की सप्लाई क्षतिग्रस्त हो जाती है, जिससे रात को सोने के बाद शुक्राणु जारी होने लगते हैं. हालांकि, जो लोग ऐसे दृश्य की कल्पना करते हैं जिससे यौन उत्तेजना होने लगती है, तो ऐसे में भी वीर्यपात हो सकता है.</p>



<p class="has-medium-font-size">धातु रोग का लक्षण-</p>



<p>धातु रोग के सामान्य कारणों में कमर के निचले भाग में दर्द, थकान, अवसाद, सुस्त आंखें, अंडकोष वाले हिस्से में दर्द और पसीना आना, चक्कर आना, कमजोरी, रात को पसीना आना, गर्म और नम हथेलियां व तलवे शामिल हैं.</p>



<p class="has-medium-font-size">उपचार के तरीके-</p>



<p>धात रोग के उपचार के लिए जीवनशैली में कुछ बदलाव जरूरी है. शराब का सेवन न करना, रात के समय कम भोजन करना, बहुत मुलायम गद्दों पर न सोना, जननांगों को पूरी तरह से स्वच्छ रखना, मल त्याग सही से होना आदि इसके उपचार में सहायक है. वीर्यपात की समस्या आमतौर पर सुबह के कुछ घंटों में होती है, तो ऐसे में आप अलार्म की मदद से सुबह जल्दी उठने की कोशिश करें. रात में सोते समय टाइट कपड़े न पहने. इसके अलावा संतुलित और पौष्टिक आहार भी उपचार में मदद कर सकते हैं.</p>



<p class="has-medium-font-size">अपनाएं घरेलू उपाय-</p>



<p>रिपोर्ट के अनुसार, धात रोग की समस्या आमतौर पर नौजवानों में ज्यादा होती है. इस रोग को ठीक करने में नियमित रूप से तरबूज, एवोकाडो का सेवन फायदेमंद है. अजमोद एक शक्तिशाली उत्तेजक है, जिसमें एंड्रोस्टेरोन पाया जाता है. यह एक प्रकार का सुगंध रहित हार्मोन है, जो पुरुषों में पसीने के साथ निकलता है. सोने से पहले अजमोद की पत्तियों का जूस पिएं. शरीरिक शक्ति बढ़ाने और फिट रहने के लिए रोजाना 2 से 3 कप दही का सेवन करें. यह स्वप्न दोष कम करने में मदद करता है और अच्छी नींद दिलाता है. इस रोग को जड़ से खत्म करने के लिए मेथी का प्रयोग करें. यह हार्मोन को असंतुलन करने वाली दिक्कतों के इलाज में असरदार है. यह पाचन भी ठीक रखता है. इसके अलावा सोने से आधे घंटे पहले मेथी का रस और शहद मिलाकर पीना भी फायदेमंद है.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, धातु (धात) रोग पढ़ें.स्वास्थ्य संबंधी लेख द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.</p>
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