जानिए क्या है शुभ मुहूर्त – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Tue, 23 Feb 2021 12:33:59 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.9 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg जानिए क्या है शुभ मुहूर्त – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 इस बार होली पर बन रहा है ये विशेष योग, जानिए क्या है शुभ मुहूर्त https://livehalchal.com/%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%a8-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%b5-2/422926 Wed, 24 Feb 2021 03:31:35 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=422926 होली का नाम आते ही मन में उल्लास एवं उमंग का भाव आने लगता है। साल 2021 में होली कब है? इसके बारे में जानते हैं। पंचांग के मुताबिक, इस साल होली का त्यौहार 29 मार्च को मनाया जाएगा। इस बार होली पर खास योग का निर्माण भी हो रहा है जो इस होली की …]]>

होली का नाम आते ही मन में उल्लास एवं उमंग का भाव आने लगता है। साल 2021 में होली कब है? इसके बारे में जानते हैं। पंचांग के मुताबिक, इस साल होली का त्यौहार 29 मार्च को मनाया जाएगा। इस बार होली पर खास योग का निर्माण भी हो रहा है जो इस होली की अहमियत को बढ़ाती है।

होली पर बन रहा है शुभ योग: पंचांग के मुताबिक, होली का त्यौहार 29 मार्च सोमवार को फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाएगा। इस दिन ध्रुव योग निर्माण हो रहा है तथा चंद्रमा कन्या राशि में गोचर कर रहा होगा। अन्य ग्रहों की बात करें तो मकर राशि में शनि तथा गुरू विराजमान रहेंगे। शुक्र एवं सूर्य मीन राशि में रहेंगे। वहीं मंगल तथा राहु वृषभ राशि, बुध कुंभ राशि एवं मोक्ष की वजह से केतु वृश्चिक राशि में विराजमान रहेंगे।

होली रंगों का त्यौहार है: होली का त्यौहार रंगों का पर्व है। इस दिन एक दूसरे से गले मिलकर रंग लगाते हैं। रंग का मतलब प्रेम से हैं। शिकायतें भूलाकर लोगों से मिलने का भी त्यौहार है। हिंदू धर्म के मुताबिक, होली का त्यौहार दो दिनों तक मनाया जाता है। प्रथम दिन होलिका का दहन किया जाता है।

होलिका दहन का मुहूर्त: इस साल होलिका का दहन 28 मार्च रविवार के दिन पूर्णिमा की तिथि में किया जाएगा। होलिका दहन का मुहूर्त 18 बजकर 37 मिनट से 20 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। तत्पश्चात, रंग की होली 29 मार्च सोमवार को खेली जाएगी।

होली की पूजा: होली की पूजा जीवन में सुख समृद्धि लाती है। बीमारी आदि से भी निजात दिलाती है। इस दिन प्रभु श्री विष्णु ने अपने भक्त प्रहलाद को होलिका से बचाया था। प्रभु श्री विष्णु की लीला से होलिका खुद जलकर भस्म हो गई।

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इस बार होली पर बन रहा है ये विशेष योग, जानिए क्या है शुभ मुहूर्त https://livehalchal.com/%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%a8-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%b5/420425 Mon, 15 Feb 2021 04:04:06 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=420425 होली का नाम आते ही मन में उल्लास एवं उमंग का भाव आने लगता है। साल 2021 में होली कब है? इसके बारे में जानते हैं। पंचांग के मुताबिक, इस साल होली का त्यौहार 29 मार्च को मनाया जाएगा। इस बार होली पर खास योग का निर्माण भी हो रहा है जो इस होली की …]]>

होली का नाम आते ही मन में उल्लास एवं उमंग का भाव आने लगता है। साल 2021 में होली कब है? इसके बारे में जानते हैं। पंचांग के मुताबिक, इस साल होली का त्यौहार 29 मार्च को मनाया जाएगा। इस बार होली पर खास योग का निर्माण भी हो रहा है जो इस होली की अहमियत को बढ़ाती है।

होली पर बन रहा है शुभ योग: पंचांग के मुताबिक, होली का त्यौहार 29 मार्च सोमवार को फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाएगा। इस दिन ध्रुव योग निर्माण हो रहा है तथा चंद्रमा कन्या राशि में गोचर कर रहा होगा। अन्य ग्रहों की बात करें तो मकर राशि में शनि तथा गुरू विराजमान रहेंगे। शुक्र एवं सूर्य मीन राशि में रहेंगे। वहीं मंगल तथा राहु वृषभ राशि, बुध कुंभ राशि एवं मोक्ष की वजह से केतु वृश्चिक राशि में विराजमान रहेंगे।

होली रंगों का त्यौहार है: होली का त्यौहार रंगों का पर्व है। इस दिन एक दूसरे से गले मिलकर रंग लगाते हैं। रंग का मतलब प्रेम से हैं। शिकायतें भूलाकर लोगों से मिलने का भी त्यौहार है। हिंदू धर्म के मुताबिक, होली का त्यौहार दो दिनों तक मनाया जाता है। प्रथम दिन होलिका का दहन किया जाता है।

होलिका दहन का मुहूर्त: इस साल होलिका का दहन 28 मार्च रविवार के दिन पूर्णिमा की तिथि में किया जाएगा। होलिका दहन का मुहूर्त 18 बजकर 37 मिनट से 20 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। तत्पश्चात, रंग की होली 29 मार्च सोमवार को खेली जाएगी।

होली की पूजा: होली की पूजा जीवन में सुख समृद्धि लाती है। बीमारी आदि से भी निजात दिलाती है। इस दिन प्रभु श्री विष्णु ने अपने भक्त प्रहलाद को होलिका से बचाया था। प्रभु श्री विष्णु की लीला से होलिका खुद जलकर भस्म हो गई।

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इस दिन मनाई जाएगी मकर संक्रांति, जानिए क्या है शुभ मुहूर्त https://livehalchal.com/%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a5%8d/409424 Fri, 08 Jan 2021 04:36:18 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=409424 मकर संक्रांति हिन्दुओं का मुख्य त्यौहार होता है। पौष मास में जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, तब ये त्यौहार मनाया जाता है। इस वर्ष मकर संक्रांति का त्यौहार 14 जनवरी को मनाया जाएगा। मकर संक्रांति से ही ऋतु बदलाव भी होने लगता है। इस दिन स्नान तथा दान-पुण्य जैसे कार्यों की खास …]]>

मकर संक्रांति हिन्दुओं का मुख्य त्यौहार होता है। पौष मास में जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, तब ये त्यौहार मनाया जाता है। इस वर्ष मकर संक्रांति का त्यौहार 14 जनवरी को मनाया जाएगा। मकर संक्रांति से ही ऋतु बदलाव भी होने लगता है। इस दिन स्नान तथा दान-पुण्य जैसे कार्यों की खास अहमियत मानी जाती है। मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी बनाने तथा खाने की विशेष अहमियत होती है। इसी वजह से इस त्यौहार को कई स्थानों पर खिचड़ी का त्यौहार भी कहा जाता है।

ऐसी मान्यता है कि इसी पर्व पर सूर्य भगवान अपने पुत्र शनि से मिलने के लिए आते हैं। सूर्य तथा शनि का रिश्ता इस त्यौहार से होने की वजह से यह बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। सामान्य रूप से शुक्र का उदय भी लगभग इसी वक़्त होता है इसलिए यहां से शुभ कार्यों का आरम्भ होता है। यदि कुंडली में सूर्य या शनि की अवस्था खराब हो तो इस त्यौहार पर विशेष प्रकार की उपासना से उसको ठीक कर सकते हैं।
 
मकर संक्रांति मुहूर्त:
पुण्य काल मुहूर्त: प्रातः 08:03:07 से 12:30:00 तक
महापुण्य काल मुहूर्त: प्रातः 08:03:07 से 08:27:07 तक 

इस दिन प्रातःकाल स्नान कर लोटे में लाल पुष्प तथा अक्षत डाल कर सूर्य को अर्घ्य दें। सूर्य के बीज मंत्र का जाप करें। श्रीमदभागवद के एक अध्याय का पाठ करें या गीता का पाठ करें। नए अन्न, कम्बल, तिल तथा घी का दान करें। खाने में नए अन्न की खिचड़ी बनाएं। भोजन प्रभु को चढ़कर प्रसाद के रूप से ग्रहण करें। संध्या काल में भोजन का सेवन न करें। इस दिन किसी गरीब शख्स को बर्तन सहित तिल का दान करने से शनि से सबंधित हर पीड़ा से छुटकारा प्राप्त होता है।

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होलिका दहन के लिए पूरी तरह तैयार है UK, जानिए क्या है शुभ मुहूर्त, ऐसे करें होलिका पूजन https://livehalchal.com/%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%b9%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%b9/329544 Mon, 09 Mar 2020 04:44:27 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=329544 होलिका दहन के लिए उत्तराखंड पूरी तरह तैयार है। आज विधिवत पूजन के बाद शाम 6.12 बजे होलिका दहन किया जाना है। इसके बाद कल हर्षोल्लास के साथ रंगों का पर्व होली मनाया जाएगा। दून के बाजारों में भी होली की रौनक खूब दिख रही है। पर्व के लिए खरीदारी को बड़ी संख्या में लोग …]]>

होलिका दहन के लिए उत्तराखंड पूरी तरह तैयार है। आज विधिवत पूजन के बाद शाम 6.12 बजे होलिका दहन किया जाना है। इसके बाद कल हर्षोल्लास के साथ रंगों का पर्व होली मनाया जाएगा। दून के बाजारों में भी होली की रौनक खूब दिख रही है। पर्व के लिए खरीदारी को बड़ी संख्या में लोग बाजारों में उमड़ रहे हैं।

होली पूजन का मुहूर्त 

आज हालिका दहन है और दून के अधिकांश चौराहों और मैदानों में तैयारियां पूरी हो गई हैं। विशेष पूजन के साथ शाम को मुहूर्त के अनुसार होलिका दहन होगा। आचार्य वीपी ममगाईं के अनुसार, दोपहर 1.30 बजे तक भद्रा की छाया रहेगी। इस काल में होली पूजन करना शुभ नहीं माना जाता। 1.30 बजे के बाद होली पूजन किया जा सकता है। इसके बाद होलिका दहन का मुहूर्त शाम 6.12 बजे के बाद है, जो देर रात तक रहेगा।

ऐसे करें होली पूजन

होलिका दहन से पहले होली का पूजन किया जाता है। पूजन सामग्री में एक लोटा गंगाजल यदि उपलब्ध न हो तो ताजा जल भी लिया जा सकता है। रोली, माला, रंगीन अक्षत, धूप या अगरबत्ती, पुष्प, गुड़, कच्चे सूत का धागा, साबुत हल्दी, मूंग, बताशे, नारियल एवं नई फसल के अनाज गेंहू की बालियां, पके चने आदि शामिल करें। पूजा सामग्री के साथ होलिका के पास गोबर से बनी ढाल भी रखी जाती है।

होलिका दहन के शुभ मुहूर्त पर चार मालाएं अलग से रख लें। जो मौली, फूल, गुलाल, ढाल और खिलौनों से बनाई जाती हैं। इसमें एक माला पितरों के नाम की, दूसरी हनुमान जी के लिए, तीसरी शीतला माता और चौथी परिवार के नाम की रखी जाती है। पूरी श्रद्धा से होली के चारों और परिक्रमा करते हुए कच्चे सूत के धागे को लपेटा जाता है।

होलिका की परिक्रमा तीन या सात बार करें। इसके बाद शुद्ध जल सहित अन्य पूजा सामग्रियों को एक-एक कर होलिका को अर्पित किया जाता है। पंचोपचार विधि से होली का पूजन कर जल से अर्घ्य दिया जाता है। होलिका दहन के बाद होलिका में कच्चे आम, नारियल, सतनाज, चीनी के खिलौने, नई फसल इत्यादि की आहुति दी जाती है। सतनाज में गेहूं, उड़द, मूंग, चना, चावल जौ और मसूर मिश्रित करके इसकी आहुति दी जाती है।

होलिका दहन का मुहूर्त

– होलिका दहन मुहूर्त: 06.12 से 8.52 बजे शाम।

– भद्रा पूंछ: 09.37 से 10.38 बजे सुबह

– भद्रा मुख: 10.38 से 12.19 बजे दोपहर

– पूर्णिमा तिथि आरंभ: 03.03 बजे दोपहर बाद।

– पूर्णिमा तिथि समाप्त: 11.17 बजे रात।

– होली: 10 मार्च।

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