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	<title>जानिए क्या हैं प्रोबायोटिक्स &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>जानिए क्या हैं प्रोबायोटिक्स, अपनी डाईट में करें शामिल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Babita Kashyap]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 20 Oct 2021 05:04:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[जानिए क्या हैं प्रोबायोटिक्स]]></category>
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					<description><![CDATA[हमारे शरीर में कई प्रकार के बैक्टीरिया होते हैं। हालांकि बैक्टीरिया का नाम सुनते ही एक सकारात्मक सोच बन जाती है। बैक्टीरिया का शब्द मात्र सुनते ही बीमारी, जर्म्&#x200d;स का ख्याल आता है। हालांकि बैक्टीरिया की वजह से कई गंभीर बीमारियां हो जाती है। लेकिन इस बात से बहुत कम लोग जागरूक है कि एक &#8230;]]></description>
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<p>हमारे शरीर में कई प्रकार के बैक्टीरिया होते हैं। हालांकि बैक्टीरिया का नाम सुनते ही एक सकारात्मक सोच बन जाती है। बैक्टीरिया का शब्द मात्र सुनते ही बीमारी, जर्म्&#x200d;स का ख्याल आता है। हालांकि बैक्टीरिया की वजह से कई गंभीर बीमारियां हो जाती है। लेकिन इस बात से बहुत कम लोग जागरूक है कि एक इंसान की बॉडी में दो तरह के बैक्टीरिया होते हैं।गुड और बैड बैक्टिरिया। गुड बैक्टीरिया हमें बैड बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं। जिन्हें प्रोबायोटिक्&#x200d;स कहा जाता है। आइए जानते हैं प्रोबायोटिक्&#x200d;स क्&#x200d;या होते हैं और गुड बैक्टीरिया शरीर में क्यों जरूरी है &#8211;</p>



<div class="wp-block-image"><figure class="aligncenter size-full is-resized"><img fetchpriority="high" decoding="async" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/10/probiotic_foods.jpg" alt="" class="wp-image-462569" width="558" height="366" /></figure></div>



<p><strong>प्रोबायोटिक्स क्&#x200d;या है?</strong></p>



<p>प्रोबायोटिक्&#x200d;स &#8216;गुड&#8217; बैक्टीरियल और यीस्ट का मिश्रण है। जो हमारे पूरे शरीर में मौजूद होता है। मुंह, आंत, यूरिनरी, लंग्&#x200d;स, स्किन में मौजूद होता है साथ ही यह पाचन क्रिया और संक्रमण से जुड़े हुए भी कई कार्य करते हैं। मुख्य रूप से प्रोबायोटिक्&#x200d;स आंत की लाइनिंग में मौजूद होते हैं। और एक तरह से माइक्रोबायोम कहा जाने वाला अपना खुद का इको सिस्&#x200d;टमविकसित करते हैं। माइक्रोबायोम का प्रभाव संपूर्ण शरीर पर पड़ता है। माइक्रोबायोम को मेंटेन करना बहुत जरूरी है। अन्यथा शरीर के तमाम अंग असंतुलित हो जाते हैं। और आपको किसी प्रकार की दवा चल रही है तो साइड इफेक्&#x200d;ट का खतरा भी बढ़ जाता है। अंसुतलन माइक्रोबायोम के साइड इफेक्ट जैसे पाचन समस्या, वजन बढ़ना, एलर्जी और मूड स्विंग होना। ऐसे में आपके शरीर को कुछ प्रोबायोटिक्&#x200d;स की जरूरत है ताकि इन सभी चीजोंपर कंट्रोल किया जा सके। और गुड बैक्टीरिया को मेंटेन कर सकें।</p>



<p><strong>प्रोबायोटिक्स के लाभ-</strong></p>



<p><strong>1.डायरिया का खतरा कम &#8211;</strong> डायरिया या दस्त किसी भी वजह से हो सकती है। खाने या पानी से कुछ जर्म्&#x200d;स के साथ-साथ एंटीबायोटिक लेते हैं तो हमारे तंत्र में इंफेक्&#x200d;शन तो खत्म होता है साथ ही गुड बैक्टीरिया भी खत्म होने लगते हैं। और जब प्रोबायोटिक्&#x200d;स लेने लगते हैं तो फिर से गुड बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं और बुरे असर को कम किया जाता है। अक्सर गंदापानी या अस्वच्छता वाली जगह पर खाने से डायरिया हो जाता है ऐसे में प्रोबायोटिक्स लेने की सलाह दी जाती है।</p>



<p><strong>2.हाजमे की परेशानी को आराम दें &#8211;</strong> जी हां, गुड बैक्टीरिया आंत के माइक्रोबायोम में रहते हैं। और इसका आंत से संबंध होता है। अक्सर पेट में जलन, सूजन हाजमे जैसी समस्या होती है। ऐसे में प्रोबायोटिक्&#x200d;स द्वारा इन बीमारियों को कम करने में काफी मदद मिलती है।</p>



<p><strong>3.इम्&#x200d;यून सिस्&#x200d;टम को बूस्ट करता है </strong>&#8211; प्रोबायोटिक्&#x200d;स के सेवन से आंत के माइक्रोबायोम का संतुलन कायम रहता है। शरीर में बराबर मात्रा होने से इम्यून सेल्स बढ़ते हैं। साथ ही शरीर में प्राकृतिक एंटीबॉडी का उत्पादन भी बढ़ता है जिससे कई प्रकार की बीमारियों से बचाव में निजात मिलती है। अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि जुकाम, बच्चों में सांस कीपरेशानी को कम करता है। और किसी भी प्रकार की बीमारी या इंफेक्शन को भी कम करने में मदद करता है।</p>



<p><strong>4.इंफ्लेमेटरी खतरे को कम करता है &#8211;</strong> जी हां, इंफ्लेमेशन शरीर के कई हिस्सों पर असर डालता है। इससे अस्थमा, एलर्जी, आर्थराइटिस, एक्जिमा जैसी तमाम बीमारियां होने लगती है। ऐसे में प्रोबायोटिक्&#x200d;स के सेवन से सभी तमाम बीमारियों में राहत मिलती है।</p>



<p><strong>5.वजन कम करें &#8211; </strong>देश में लगातार लोगों में बढ़ रहे मोटापे को राष्ट्रीय महामारी की नजरों से देखा जाता है। इससे कई गंभीर बीमारियां जन्&#x200d;म लेने लगती है। शोध में खुलासा हुआ है कि प्रोबायोटिक्&#x200d;स को डाइट में शामिल करने से वजन कम करने में भी मदद मिलती है। शरीर में प्रोबायोटिक्&#x200d;स की पर्याप्त मात्रा होने से ज्यादा खाना नहीं खा पाते हैं।</p>



<p><strong>प्रोबायोटिक चीजें क्&#x200d;या खा सकते हैं &#8211;</strong></p>



<p>प्रोबायोटिक्&#x200d;स से क्&#x200d;या फायदे होते हैं वह तो जान लिए है लेकिन अब यह भी जान लेते हैं कि प्रोबायोटिक खाने की किन चीजों में मौजूद होता है। दही, केफिर, कोम्बुचा, छाछ, पनीर,टेम्पेह में मौजूद होता है। तो आप इनका सेव कर सकते हैं।</p>
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