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	<title>जल संरक्षण &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>जल संरक्षण के लिए बेहद कामगार खंभाती कुआं, 60 परिवारों को मिलेगी पानी की समस्&#x200d;या से निजात</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 21 Aug 2024 08:50:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[गुजरात]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[जल संरक्षण]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-167-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-167.jpg 766w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-167-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस मुख्&#x200d;यालय में 60 फीट गहरा व 15 फीट चौडा खंभाती कुंए का निर्माण कराया गया है हर घंटे करीब एक लाख लीटर वर्षा जल को जमीन में उतार देता है। इससे भूगर्भ जल की क्षारीयता कम होती है साथ ही शहर व गांवों में जल जमाव व बाढ को भी नियंत्रित करता &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-167-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-167.jpg 766w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-167-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस मुख्&#x200d;यालय में 60 फीट गहरा व 15 फीट चौडा खंभाती कुंए का निर्माण कराया गया है हर घंटे करीब एक लाख लीटर वर्षा जल को जमीन में उतार देता है। इससे भूगर्भ जल की क्षारीयता कम होती है साथ ही शहर व गांवों में जल जमाव व बाढ को भी नियंत्रित करता है। बीते तीन साल में अहमदाबाद में करीब 100 खंभाती कुओं का निर्माण कराया गया।</p>



<p>मानसून के दौरान शहर व गांवों को जल जमाव, बाढ जैसी समस्&#x200d;याओं का सामना करना पड़ता है। इधर-उधर जमा पानी व बाढ के कारण जहां आमजन को आवाजाही में परेशानी होती है वहीं बाढ के हालात में कई बार स्&#x200d;कूलों तक को बंद करना पडता है।</p>



<p>गुजरात में ट्री वॉक्स संगठन के संस्&#x200d;थापक, पर्यावरणविद् व आर्किटेक्&#x200d;ट लोकेंद्र बालासरिया ने भारत के पारंपरिक ज्ञान के आधार पर खंभाती कुओं का निर्माण कराया है, जो इन समस्&#x200d;याओं के समाधान के साथ भूगर्भ जल संरक्षण की पुख्&#x200d;ता व्&#x200d;यवस्&#x200d;था करता है।</p>



<p><strong>खंभाती कुंए का निर्माण</strong><br>अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस मुख्&#x200d;यालय में 60 फीट गहरा व 15 फीट खंभाती कुंए का निर्माण कराया गया है, यह हर घंटे करीब एक लाख लीटर वर्षा जल को जमीन में उतार देता है। इससे भूगर्भ जल की क्षारीयता कम होती है साथ ही शहर व गांवों में जल जमाव व बाढ को भी नियंत्रित करता है।</p>



<p>बीते तीन साल में अहमदाबाद में करीब 100 खंभाती कुओं का निर्माण कराया गया। गुजरात के खंभात क्षैत्र में प्राचीनकाल से छत बनाने के लिए काम में लिए जाने वाले मिट्टी के नलियों से इन कुओं को बनाया जाने लगा इसलिए इन कुओं का नाम भी खंभाती कुआ हो गया।</p>



<p><strong>60 परिवारों को पानी की समस्&#x200d;या से मिलेगी निजात</strong><br>गुजरात पुलिस आवास निगम के प्रबंध निदेशक हंसमुख पटेल बताते हैं कि लोकेंद्र बालासरिया के सुझाव व सहयोग से अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस मुख्&#x200d;यालय में बने खंभाती कुंए से आसपास के करीब 60 परिवारों को पानी की समस्&#x200d;या से निजात मिलेगी।</p>



<p>चूंकि वर्षा जल शुद्ध होता है और इसमें किसी भी तरीके की गंदगी और दूषित पदार्थ (जैसे कि नाइट्रोजन , ब्लीच, कीटनाशक, फैक्ट्री का केमिकल युक्त पानी आदि) नहीं होते हैं। लगातार 3 मानसून के बाद इस तरह के वर्षा जल संरक्षण से भूगर्भ जल की क्षारियता टीडीएस को 1700 से 1000 तक लाया जा सकता है।</p>



<p><strong>टीडीएस की मात्रा करीब 1700</strong><br>शहरों में अधिकांश सोसायटियों में मोटर लगाकर बोरवैल से भूगर्भ जल को खींचकर उपयोग के लिए टंकियों में भरा जाता है, इस पानी में क्षार याने टीडीएस की मात्रा करीब 1700 तक होती है, अगर खंभाती कुंए के जरिए लगातार तीन मानसून में रेन वाटर हार्वेटिंग की जाए तो यह घटकर 1000 तक आ सकती है। इससे शहरों में आरओ सिस्&#x200d;टम की जरुरत को भी काफी कम किया जा सकता है। क्षार के कारण शहरों की सोसायटियों के नल, पाइप लाइन व बाथरूम की टाइल्&#x200d;स भी जल्&#x200d;द खराब होते हैं, इस समस्&#x200d;या का भी इससे निराकरण हो सकता है।</p>



<p><strong>100 खंभाती कुओं का निर्माण कराया गया</strong><br>ट्री वॉक्&#x200d;स संस्&#x200d;था ने सरकार एवं जनभागीदारी से अहमदाबाद एवं आसपास 100 खंभाती कुओं का निर्माण कराया है, यह बाढ की समस्&#x200d;या व भूगर्भ जल संकट का एक पारंपरिक एवं टिकाऊ उपाय है लेकिन बडे शहरों में इसे व्रहद पैमाने पर अपनाया जाए तो ही इन समस्&#x200d;याओं का हल निकाला जा सकता है। मसलन हर एक सोसायटी में पार्किंग की तरह खंभाती कुओं का भी निर्माण कराया जाए। यह तरीका पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल एवं सबसे कम खर्च में अमल में लाई जाने वाली है। यह भारतीय ज्ञान का बेजोड नमूना है।</p>



<p><strong>कैसे बनाया जाता है खंभाती कुआ</strong><br>ट्री वॉक्स संस्&#x200d;था के संचालक लोकेंद्र बालासरिया बताते हैं की खंभाती कुआ का निर्माण दो ईंट के बीच जगह छोडते हुए, एक ईंट के उॅपर दूसरी ईंट रखकर मधुमक्&#x200d;खी की छाते की तरह बनाया जाता है। सोसायटी में वर्षा जल को सीधे बोर वेल से जोडकर भी उस पानी का उपयोग किया जा सकता है। इससे बोर वेल फेल नहीं होंगे और बिजली खर्च भी घटेगा।</p>



<p>60 फीट गहरे व 15 फीट व्&#x200d;यास के खंभाती कुए से प्रति घंटे एक लाख लीटर तक पानी को जमीन में उतारा जा सकता है। इसका निर्माण कारीगर हकीम भाई ने किया है तथा इस पर करीब साढे तीन लाख रु की लागत आई है। करीब 10 से 15 वर्ष तक यह सिस्&#x200d;टम कार्य करता है। महात्&#x200d;मा गांधीजी की ओर से स्&#x200d;थापित गुजरात विध्&#x200d;यापीठ तथा अहमदाबाद के ही बीमानगर में खंभाती कुआ पहले से कार्यरत है तथा खेडा पुलिस मुख्&#x200d;यालय में भी यह बनाया जाएगा।</p>



<p><strong>कलक्&#x200d;टर शिवानी ने बनवाएं 1000 स्&#x200d;कूल में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्&#x200d;टम</strong><br>वडोदरा में वर्ष 2019 में 6 घंटे में 242 मीलिमीटर बारिश हुई तो शहर में बाढ के हालात हो गये, जनजीवन अस्&#x200d;त व्&#x200d;यस्&#x200d;त हो गया तो तत्&#x200d;कालीन कलक्&#x200d;टर शिवानी अग्रवाल ने वर्षा काल निधि नामक अभियान चलाकर स्&#x200d;कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्&#x200d;टम बनवाना प्रारंभ किया। 90 हजार से एक लाख रु की लागत में हर स्&#x200d;कूल में यह सिस्&#x200d;टम कार्यरत किया गया तथा इसके संचालन के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया।</p>



<p>कहीं कहीं पर वाटर रिचार्ज कुंए बनवाए गये। स्&#x200d;कूलों में बनाए गये वाटर हार्वेस्टिंग सिस्&#x200d;टम के कारण अब इन स्&#x200d;कूलों के 2 लाख बच्&#x200d;चों को सालभर पेयजल मुहैया कराया जाता है। मानसून से पहले स्&#x200d;कूल के शिक्षक स्&#x200d;कूलों की छत को साफ सुथरा कर पहली बारिश के पानी को बहने देते हैं तथा उसके बाद वर्षा के जल को इन कुओं में संग्रह कर लेते हैं।</p>



<p><strong>जल संचय के लिए गुजरात को 4369 करोड का अनुदान</strong><br>राज्&#x200d;यसभा सदस्&#x200d;य परिमल नथवाणी की ओर से संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में पिछले जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने बताया है कि केंद्र सरकार ने जल शक्ति अभियान के तहत पिछले तीन वर्षों में वर्षा जल संचयन के लिए गुजरात को 4 हजार 369 करोड़ रु का अनुदान दिया। केंद्र ने अटल कायाकल्प और शहरी परिवर्तन मिशन के तहत गुजरात में जल निकाय कायाकल्प परियोजनाओं के लिए 651 करोड़ रुपये की लागत वाली 188 परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है।</p>
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		<title>जल संरक्षण के लिए बेहतर कार्य करने वाली चार महिलाओं को मिलेगा सम्मान</title>
		<link>https://livehalchal.com/hr-56/546730</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 08 Mar 2024 07:51:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[जल संरक्षण]]></category>
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<p>जल शक्ति अभियान 2024 की थीम नारी शक्ति से जल शक्ति रखा गया है।&nbsp;जल संरक्षण के लिए बेहतर कार्य करने पर हरियाणा की चार महिलाओं का नाम भी शामिल है।&nbsp;इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं से बातचीत करेंगे। प्रधानमंत्री के अलावा जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मौजूद रहेंगे।</p>



<p>जल शक्ति अभियान के तहत जल संरक्षण के लिए बेहतर कार्य करने पर प्रदेश की चार महिलाओं को 9 मार्च को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में सम्मानित किया जाएगा। वह मंच पर गांव में कैसे जल बचाने के लिए बेहतर कार्य किया, इसकी भी जानकारी देंगी।</p>



<p>प्रदेश के यमुनानगर से तनु सिंह जो स्वैच्छिक संगठन चला रही हैं। सिरसा जिले के पानीवाला मोटा गांव की सरपंच मंजू बाला, रोहतक से वीडब्ल्यूएससी सदस्य नीतू और महेंद्रगढ़ के सुरेती जाखल गांव की पंप ऑपरेटर अनुराधा का चयन किया गया है। हालांकि प्रदेश भर से चारों महिलाओं सहित 75 महिलाएं कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। इनमें 4 महिलाओं को मंच पर अपने अनुभव साझा करने के लिए चुना गया है, जिन्हें सम्मानित भी किया जाएगा। इसके अलावा राजस्थान से 50, उत्तर प्रदेश से 125 महिलाएं कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। इस कार्यक्रम में पंचायत सरपंच, पंचायत सदस्य, वीडब्ल्यूएससी सदस्य, जलयोद्धा हिस्सा ले रही हैं।</p>



<p><strong>कार्यक्रम की थीम नारी शक्ति से जल शक्ति</strong><br>जल शक्ति अभियान 2024 की थीम नारी शक्ति से जल शक्ति रखा गया है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं से बातचीत करेंगे। प्रधानमंत्री के अलावा जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मौजूद रहेंगे। जल शक्ति अभियान 2024 जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के राष्ट्रीय जल मिशन के सहयोग से लांच किया जाएगा।</p>



<p>सतनाली ब्लॉक के 25 गांवों में घर-घर जाकर पानी बचाने के लिए लोगों को जागरूक कर रही हूं। इसके साथ हर घर में नल की टोटी लगवाने का भी कार्य किया है। गांव में कहीं पर भी पानी की लाइन में लीकेज होता है तो वह तुरंत उसे बंद किया जाता है। आसपास के लोगाें को भी ऐसा करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।&nbsp;<strong>-अनुराधा, पंप ऑपरेटर सुरेती जाखल, महेंद्रगढ़।</strong></p>



<p>गांव में पहले पीने के पानी की किल्लत थी, लेकिन अब घर-घर नल से पहुंचाने का कार्य कर दिया है। वहीं गांव में अमृत सरोवर योजना के तहत एक जोहड़ बनाया, जिसमें गांव का वेस्ट पानी एकत्रित किया जा रहा है। इसके अलावा पानी को व्यर्थ बहने से रोकने के लिए एक महिलाओं की कमेटी भी बनाई गई है ताकि पानी को बचाया जा सके।&nbsp;<strong>-मंजू बाला, सरपंच पानीवाला मोटा, सिरसा।</strong></p>



<p>लोगों को बारिश का पानी एकत्रित करने के लिए वाटर टैंक बनाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। वहीं पानी की भी समय-समय पर जांच कर जानकारी दी जा रही है। बर्बाद हो रहे पानी को कैसे उपयोग में लाया जाए, इसके लिए भी जागरूक किया जा रहा है। इस कार्य को करने के लिए ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को जोड़ा जा रहा है।&nbsp;<strong>-नीतू, वीडबल्यूएससी सदस्य रोहतक।</strong></p>



<p>किसानों को वीडियो के माध्यम से गांव-गांव जाकर पानी को बचाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। अब तक 300 से ज्यादा गांवों में किसानों के साथ संगोष्ठी की गई है। उनमें किसानों को नई-नई तकनीकी के बारे में अवगत करवाया जाता है। वन विभाग के साथ मिलकर भी गांवों में पौधे लगाने का कार्य हो रहा है। अब तब करीब 15 हजार किसानों को जागरूक किया जा चुका है।&nbsp;<strong>-तनु सिंह, यमुनानगर।</strong></p>



<p>महेंद्रगढ़ जिले से पंप ऑपरेटर अनुराधा सहित यमुनानगर से तन्नू सिंह, रोहतक से वीडब्ल्यूएससी नीतू और सिरसा से सरपंच मंजूबाला दिल्ली में 9 मार्च को होने वाले कार्यक्रम में गांव में पानी को बचाने के लिए किए गए बेहतर कार्यों के बारे में मंच से जानकारी सांझा करेगी। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहेंगे।&nbsp;<strong>&#8211;&nbsp;मंगतूराम सरसवा, जिला सलाहकार, जल एवं स्वच्छता सहायता संगठन, नारनौल।</strong></p>
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