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	<title>जल संकट &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>जल संकट &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>गुरु नगरी में मंडराया ‘जल संकट’ , भूमिगत स्तर के पानी में घुल रहा जहर</title>
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		<pubDate>Sat, 24 Jan 2026 05:53:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[गुरु नगरी]]></category>
		<category><![CDATA[जल संकट]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-23-215128.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-23-215128.png 774w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-23-215128-300x167.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-23-215128-768x427.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />विश्व प्रसिद्ध धार्मिक व ऐतिहासिक नगर अमृतसर आज एक गंभीर पर्यावरणीय संकट के कगार पर हैं। शहर का पानी न केवल भूमिगत स्तर से गंदा हो रहा है, बल्कि प्रदूषित व जहरीला भी होता जा रहा है। इसके कारण जलस्तर दिन-प्रतिदिन घटता जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों के जीवन के आधार को खतरे &#8230;]]></description>
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<p>विश्व प्रसिद्ध धार्मिक व ऐतिहासिक नगर अमृतसर आज एक गंभीर पर्यावरणीय संकट के कगार पर हैं। शहर का पानी न केवल भूमिगत स्तर से गंदा हो रहा है, बल्कि प्रदूषित व जहरीला भी होता जा रहा है। इसके कारण जलस्तर दिन-प्रतिदिन घटता जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों के जीवन के आधार को खतरे में पड़ने से बचाना शायद असंभव हो जाएगा। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया तो स्थिति बेकाबू हो सकती है। आज भी, इस महानगर में लापरवाही से भूमिगत रूप से रिस रहा ज़हर शहर में स्थापित कई फैक्ट्रियों द्वारा फैलाया जा रहा है। इसका मुख्य कारण प्रदूषण है। कुछ फैक्टरी मालिकों की लापरवाही इस हद तक बढ़ गई है कि वे नियमों का उल्लंघन कर इस फैक्ट्रियों के जहरीले अपशिष्ट पानी को सीधे नहरों या पास के नालों में बहा रहे हैं। इससे भी अधिक खतरनाक बात यह है कि कई स्थानों पर भूमिगत जल निकासी प्रणाली लगाकर गंदा और रासायनिक युक्त पानी सीधे भूमिगत जल स्रोतों में भेजा जा रहा है। सरकार द्वारा बनाए गए कानूनों का उल्लंघन करते हुए किया जा रहा यह कृत्य कैंसर जैसी लाइलाज बीमारियों का कारण बन रहा है, लेकिन इसका सबसे बड़ा खामियाजा हमारी आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा।</p>



<p><strong>प्रशासन व संबंधित विभागों को इस मामले में सख्त रुख अपनाने की जरूरत<br></strong>इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्त्ता और सेवानिवृत्त अधिकारी सुखदेव सिंह पन्नू ने अपनी राय देते हुए कहा कि पर्यावरण को प्रदूषित करने वाले ऐसे तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए जिला प्रशासन को ऐसी फैक्ट्रियों का निरीक्षण करने के लिए विशेष टिमे भी तैनात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए जहां फैक्ट्रियां चलने वाले जिम्मेदार हैं। उनसे भी ज्यादा समय-समय पर रही सरकारों में भी इनको रोकने की बजाय इनका साथ दिया है। उन्होंने कहा कि आज समय की सरकार ने तो सबसे ज्यादा हद ही पार कर दी है, क्योंकि उनके द्वारा इन फैक्टरी मालिकों को सीधे तौर पर कहा कि वह अपनी मर्जी से अंडरग्राऊंड बोर करवा कर यह जहरीला पानी जमीन में डाल सकते हैं, जिस पर कोई संख्त कार्रवाई नहीं हो।</p>



<p><strong>पर्यावरण व स्वास्थ्य पर घातक प्रभाव<br></strong>इस संबंध में विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हवा और पानी दोनों ही प्रदूषित हो जाएं तो आने वाले समय में मनुष्य का जीवन यापन बहुत मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने बताया कि अमृतसर के पास की नहरें, जो कभी पवित्रता की प्रतीक मानी जाती थीं, अब कारखानों के गंदे पानी के कारण काली हो गई हैं। हालांकि इस संबंध में महान विद्वान और पर्यावरणविद लगातार आवाज उठा रहे हैं। पंजाब के पर्यावरण को बचाने के लिए जल संरक्षण हेतु नई परियोजनाएं शुरू करना अत्यंत आवश्यक है।</p>



<p><strong>लोगों की लापरवाही पर विरोध<br></strong>किसान प्रकोष्ठ के नेता और लोक भलाई इंसाफ वैल्फेयर समिति के अध्यक्ष बलदेव सिंह सिरसा ने कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर जनता में भारी आक्रोश है और कई संगठनों ने प्रशासन को पत्र लिखकर प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को बंद करने की मांग की है। शहर के विभिन्न चौराहों और ए.डी.ए. कॉलोनियों में रहने वाले लोगों का कहना है कि पानी की गुणवत्ता में गिरावट का असर छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश के हर व्यक्ति को इस मामले में अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। जब तक जनता एकजुट होकर इस प्रदूषण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन नहीं करती और जागरूक नहीं होती, तब तक इसका कोई स्थायी समाधान संभव नहीं है।</p>



<p><strong>फैक्टरियों व कारखानों के अवैध जल निकासी पर रिपोर्ट तैयार करने की जरूरत<br></strong>इस संदर्भ में, विगत समय में सर्वोच्च अदालत और उच्च अदालत द्वारा जल प्रदूषण पर कई बार कड़ी टिप्पणी की है। हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत द्वारा कहा कि स्वच्छ जल प्राप्त करना प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। संबंधित क्षेत्रों के विधि एवं अन्य राजस्व अधिकारियों को भी नहर की भूमि और फैक्ट्रियो को चलाने वाले लोगों द्वारा किए जा रहे अवैध जल निकासी पर रिपोर्ट तैयार करनी चाहिए। यदि हम आज भी इसका ध्यान नहीं रखेंगे तो आने वाले समय में पीने के पानी की कमी इतनी बढ़ जाएगी कि रोजगार और अन्य सुविधाएं अर्थहीन हो जाएंगी। , अंत में उल्लेखित बेरोजगार युवाओं को भी पर्यावरण संरक्षण से संबंधित परियोजनाओं में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि रोजगार के साथ-साथ वे धरती माता की सेवा भी कर सकें।</p>
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		<title> राजधानी के जल संकट पर मंत्री आतिशी का अनशन आज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 21 Jun 2024 05:42:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[जल संकट]]></category>
		<category><![CDATA[मंत्री आतिशी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="413" height="329" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/delhi1-11.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/delhi1-11.jpg 413w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/delhi1-11-300x239.jpg 300w" sizes="(max-width: 413px) 100vw, 413px" />आप ने अपील की है कि इंडिया गठबंधन के सभी दलों को अनशन के समर्थन में आगे आना चाहिए।&#160;वहीं, भाजपा ने दिल्ली सरकार के इस कदम को गैर जिम्मेदाराना&#160;बताया है। जल मंत्री आतिशी शुक्रवार को हरियाणा से पानी की अतिरिक्त पानी की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगी। आप ने अपील की है कि &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="413" height="329" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/delhi1-11.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/delhi1-11.jpg 413w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/delhi1-11-300x239.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 413px) 100vw, 413px" />
<p>आप ने अपील की है कि इंडिया गठबंधन के सभी दलों को अनशन के समर्थन में आगे आना चाहिए।&nbsp;वहीं, भाजपा ने दिल्ली सरकार के इस कदम को गैर जिम्मेदाराना&nbsp;बताया है।</p>



<p>जल मंत्री आतिशी शुक्रवार को हरियाणा से पानी की अतिरिक्त पानी की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगी। आप ने अपील की है कि इंडिया गठबंधन के सभी दलों को अनशन के समर्थन में आगे आना चाहिए।&nbsp;वहीं, भाजपा ने दिल्ली सरकार के इस कदम को गैर जिम्मेदाराना&nbsp;बताया है। भाजपा का आरोप है कि आतिशी का अनशन सिर्फ दिखावा है। दिल्ली सरकार अपनी नाकामियों को छिपा रही है।&nbsp;</p>



<p>आतिशी का अनशन दोपहर 12 बजे से जंगपुरा स्थित भोगल इलाके में होगा। इससे पहले वह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट जाएंगी। आतिशी ने बताया कि दिल्लीवालों को अतिरिक्त पानी मिले, इसके लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन, हरियाणा ने पानी नहीं दिया है। इस वजह से अब पानी सत्याग्रह शुरू किया जा रहा है।&nbsp;</p>



<p>आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि दिल्लीवालों ने भाजपा को सात सीटें दी हैं। इसके बाद भी उन्हें उनके हक का पानी नहीं दे रहे हैं। जल संकट भाजपा की ओर से प्रायोजित है। वह दिल्ली का पेयजल रोक रही है। सवाल यह है कि दिल्ली को उसके हक का 100 एमजीडी पानी जो वर्षों से मिलता आ रहा है, उसे क्यों रोक रहे हैं। इस पानी से दिल्ली के 28 लाख लोगों की पानी की समस्या दूर हो सकती है, लेकिन हरियाणा सरकार यह पानी नहीं दे रही है।&nbsp;</p>



<p><strong>जल बोर्ड मुनाफा कमाने की नहीं, सेवा की इकाई : प्रियंका</strong><br>आप की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने दावा किया कि जल बोर्ड ने दिल्ली की जनता को अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर देने पर जो पैसे खर्च किए हैं, उसे भाजपा घाटा बता रही है। जल बोर्ड मुनाफा कमाने की नहीं, बल्कि सेवा करने की इकाई है। आठ सालों में दिल्ली सरकार ने 7300 किमी नई पाइप लाइन डालने, 3700 किमी पुरानी पाइप लाइनों को बदलने और नए डब्ल्यूटीपी बनाने समेत कई कार्य किए हैं।</p>



<p><strong>अपने ही बुने जाल में फंसी आप : भाजपा</strong><br>प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने बृहस्पतिवार को कहा कि आप अपने ही बुने जाल में फंस गई है। पानी की किल्लत को लेकर आप नेता सिर्फ झूठ बोल रहे हैं। आप सांसद संजय सिंह व प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ का बयान साफ बताता है कि पानी को लेकर इनकी राजनीति पर दिल्ली की जनता को विश्वास नहीं है और अब हरियाणा की जनता भी इसे समझ चुकी है।</p>



<p>जनता को इस बात का अहसास हो चुका है कि आप विधायक टैंकर माफिया के जरिये पानी बेच रहे हैं, इसलिए हरियाणा की ओर से तय मात्रा से अधिक पानी मिलने के बावजूद पानी नहीं मिल रहा है। सांसद संजय सिंह ने आतिशी के अनशन में इंडिया गठबंधन का साथ मांग है जो आश्चर्यजनक है। पानी की किल्लत दिल्ली में हुई तो कांग्रेस ने खुद केजरीवाल सरकार के जल बोर्ड पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर जांच की मांग की और प्रदर्शन किया। वहीं, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष योगिता सिंह ने कहा कि जल मंत्री आतिशी ने अनशन के लिए जगह भोगल चुनी गई है, यह आश्चर्यजनक है। सवाल यह है कि अगर उन्हें किसी कॉलोनी में बैठकर ही धरना देना था तो अपनी विधानसभा कालकाजी में करतीं। आतिशी अपने विधानसभा क्षेत्र में ही जनाधार खो चुकी हैं।&nbsp;</p>



<p><strong>सांसदों ने आतिशी पर साधा निशाना</strong><br>जल संकट पर बृहस्पतिवार को भाजपा सांसद जल मंत्री आतिशी पर हमलावर रहे। शीर्ष नेताओं ने कहा कि दिल्ली सरकार भ्रम फैला रही है। जल मंत्री आतिशी का यह कहना कि हरियाणा दिल्ली को पूरा जल नहीं दे रहा है और हिमाचल प्रदेश से मिल सकने वाले अतिरिक्त जल को भी बाधित कर रहा है, सब एक झूठ है।&nbsp;</p>



<p>हरियाणा के सीएम ने भी तथ्यात्मक आंकड़े दिए है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने दिल्ली सरकार से पूछा कि दिल्ली में जल संकट है, जल की कमी है तो पैसा देते ही हर नुक्कड़ पर जल टैंकर और पानी के 20 लीटर कैन धड़ल्ले से कैसे मिल रहा हैं। केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि दिल्ली में जलसंकट एक गंभीर विषय है। जनता को पानी देने की जिम्मेदारी केजरीवाल सरकार की है। सांसद मनोज तिवारी ने कहा, पानी की किल्लत पिछले कई दिनों से है तो उसके लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना जाना चाहिए। &nbsp;</p>



<p>सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपर यमुना बोर्ड को हरियाणा सरकार द्वारा दिल्ली को पानी दिया जा रहा है या नहीं, इसकी रिपोर्ट देने को कहा।&nbsp;</p>
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		<title>दिल्ली में जल संकट: मूनक नहर का 18 फीसदी पानी चोरी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Jun 2024 05:39:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[जल संकट]]></category>
		<category><![CDATA[मूनक नहर]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="538" height="340" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/delhi3-7.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/delhi3-7.jpg 538w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/delhi3-7-300x190.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 538px) 100vw, 538px" />उपराज्यपाल कार्यालय की तरफ से बताया गया कि अकेले मूनक नहर में हरियाणा से पानी का करीब 18 फीसदी दिल्ली नहीं पहुंच रहा है। वहीं, दिल्ली में जल बोर्ड की पाइप लाइन में लीकेज से करीब 40 फीसदी पानी बेकार हो रहा है। दिल्ली में पेयजल संकट पर छिड़ी जुबानी जंग के बीच बड़ी मात्रा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="538" height="340" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/delhi3-7.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/delhi3-7.jpg 538w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/delhi3-7-300x190.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 538px) 100vw, 538px" />
<p>उपराज्यपाल कार्यालय की तरफ से बताया गया कि अकेले मूनक नहर में हरियाणा से पानी का करीब 18 फीसदी दिल्ली नहीं पहुंच रहा है। वहीं, दिल्ली में जल बोर्ड की पाइप लाइन में लीकेज से करीब 40 फीसदी पानी बेकार हो रहा है।</p>



<p>दिल्ली में पेयजल संकट पर छिड़ी जुबानी जंग के बीच बड़ी मात्रा में पानी चोरी और बर्बादी का मामला सामने आया है। उपराज्यपाल कार्यालय की तरफ से बताया गया कि अकेले मूनक नहर में हरियाणा से पानी का करीब 18 फीसदी दिल्ली नहीं पहुंच रहा है। वहीं, दिल्ली में जल बोर्ड की पाइप लाइन में लीकेज से करीब 40 फीसदी पानी बेकार हो रहा है। सोमवार को राजनिवास में उपराज्यपाल वीके सक्सेना की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में ये आंकड़े सामने आए। उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार को व्यवस्था ठीक करने की नसीहत दी है। उधर, दिल्ली सरकार ने राजनिवास के आंकड़ों को भ्रामक बताया गया। मंत्री सौरभ भारद्वाज का कहना है कि उपराज्यपाल बैठक का वीडियो सार्वजनिक करें। इससे असलियत सामने आ जाएगी।</p>



<p>इससे पहले राजनिवास में जलापूर्ति के मसले पर बुलाई गई बैठक में दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी व सौरभ भारद्वाज समेत मुख्य सचिव और दिल्ली जल बोर्ड के सीईओ मौजूद रहे। इसमें बताया गया कि दिल्ली के नौ में से सात जल शोधन संयंत्रों में हरियाणा से मिलने वाले पानी के लिए मूनक नहर एक मुख्य स्रोत है। नहर का रखरखाव न होने से बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद हो रहा है। अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान नहर से अनधिकृत रूप से पानी उठाते हुए देखा गया है। बैठक में इसकी तस्वीरें भी साझा कीं गई। इनमें दिल्ली में मुनक नहर के किनारे टैंकरों की लगीं कतारें अवैध रूप से पानी उठाते दिख रही है।</p>



<p><strong>हरियाणा और दिल्ली के अधिकारियों ने किया था नहर का निरीक्षण</strong><br>रविवार ऊपरी यमुना नदी बोर्ड (यूवाईआरबी) के अधिकारियों के एक दल ने दिल्ली और हरियाणा सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुनक नहर का निरीक्षण किया। इसमें देखा गया कि हरियाणा से नहर में पर्याप्त जलापूर्ति हो रही थी। हरियाणा ने मूनक नहर में 2,289 क्यूसेक पानी छोड़ा। जबकि काकोरी से तय कोटा 1050 क्यूसेक पानी की तुलना में 1161.084 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। काकोरी वह जगह है, जहां से पानी सीधे दिल्ली पहुंचता है। लेकिन दिल्ली के बवाना में मूनक नहर को 960.78 क्यूसेक पानी ही पहुंचा। रास्ते में करीब 200 क्यूसेक पानी गायब हो गया। यह कुल पानी का 18 प्रतिशत है। नियम के तहत यह आंकड़ा पांच प्रतिशत से कम होना चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले पांच जून को हुई बैठक में यूवाईआरबी ने दिल्ली सरकार को बताया था कि मुनक नहर से करीब 25 फीसदी पानी की बर्बादी हो रही है।</p>



<p><strong>यमुना के जलाशय में गाद</strong><br>दिल्ली में वजीराबाद जल शोधन संयंत्र को छोड़कर सभी संयंत्र अपनी क्षमता से अधिक काम कर रहे हैं। वजीराबाद संयंत्र यमुना में वजीराबाद बैराज के पीछे बने जलाशय से पानी लेता है। पिछले दस सालों में यहां से गाद नहीं निकाली गई। नतीजतन इसकी गहराई 4.26 मीटर से घटकर 0.42 मीटर रह गई है। इससे पानी की क्षमता में 90 प्रतिशत तक की कमी आई है। इसके अलावा लंबित चंद्रावल संयंत्र और द्वारका संयंत्र के चालू न हो पाने पर भी बैठक में चर्चा की गई।</p>



<p><strong>58 फीसदी पानी शहर में हो रहा बर्बाद</strong><br>शहर में करीब 54 फीसदी बर्बाद हो रहा है। इसमें 40 फीसदी पानी जल बोर्ड की पाइप से रिसाव व 18 फीसदी चोरी की वजह से होता है। बैठक में इस पर मंत्री ने सहमति जताते हुए कहा कि इसके लिए जल्द ही जल बोर्ड ठोस कार्य योजना तैयार करेगा। एलजी ने मंत्रियों को सलाह दी कि बेकार के आरोप-प्रत्यारोप में न पड़ें। दिल्ली में पानी शोधन की क्षमता पर्याप्त नहीं है। हरियाणा को अपने आवंटित हिस्से से ऊपर अतिरिक्त पानी दे दे, तब भी कुछ खास बदलाव नहीं होगा। मौजूदा समय में ही मूनक नहर में मरम्मत और चोरी आदि के अलावा दिल्ली के शहरी क्षेत्र में 54 प्रतिशत पानी बर्बाद हो रहा है। जल संकट की बड़ी वजह यह है। इसको रोकने से पेयजल की समस्या दूर होगी।</p>



<p><strong>हिमाचल से करें चर्चा</strong><br>बैठक में कहा गया कि हिमाचल ने 137 क्यूसेक पानी अतिरिक्त रूप से यमुना में छोड़ा या नहीं, इसका अभी तक पता नहीं चला है। एलजी ने मंत्री से इस संबंध में हिमाचल प्रदेश की सरकार के साथ बातचीत करने को कहा है।</p>
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		<title>सुप्रीम कोर्ट ने कहा- जल संकट पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए</title>
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		<pubDate>Fri, 07 Jun 2024 06:55:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[जल संकट]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="314" height="300" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/national3-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/national3-2.jpg 314w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/national3-2-300x287.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 314px) 100vw, 314px" />सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को टिप्पणी की कि दिल्ली में पेयजल की जबर्दस्त कमी अस्तित्व की समस्या बन गई है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने हिमाचल प्रदेश को निर्देश दिया कि वह शुक्रवार को 137 क्यूसेक अतिरिक्त पानी दिल्ली के लिए छोड़े और हरियाणा उसे दिल्ली तक पहुंचाने में मदद करे ताकि पानी निर्बाध &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="314" height="300" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/national3-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/national3-2.jpg 314w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/national3-2-300x287.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 314px) 100vw, 314px" />
<p>सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को टिप्पणी की कि दिल्ली में पेयजल की जबर्दस्त कमी अस्तित्व की समस्या बन गई है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने हिमाचल प्रदेश को निर्देश दिया कि वह शुक्रवार को 137 क्यूसेक अतिरिक्त पानी दिल्ली के लिए छोड़े और हरियाणा उसे दिल्ली तक पहुंचाने में मदद करे ताकि पानी निर्बाध रूप से दिल्ली पहुंचे और नागरिकों को पेयजल उपलब्ध हो सके।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पानी पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए</h2>



<p>अदालत ने यह भी कहा कि पानी पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस केवी विश्वनाथन की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपने पास उपलब्ध 137 क्यूसेक अतिरिक्त पानी दिल्ली के लिए छोड़ने को तैयार है। एक क्यूसेक (क्यूबिक फीट प्रति सेकेंड) पानी 28.317 लीटर प्रति सेकेंड प्रवाह के बराबर होता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पानी हथिनीकुंड बैराज और वजीराबाद के रास्ते दिल्ली पहुंचेगा</h2>



<p>पीठ ने कहा, चूंकि हिमाचल प्रदेश को कोई आपत्ति नहीं है और वह अपने पास उपलब्ध अतिरिक्त पानी को छोड़ने को तैयार और इच्छुक है, लिहाजा हम निर्देश देते हैं कि हिमाचल प्रदेश अपने पास उपलब्ध अतिरिक्त पानी में से 137 क्यूसेक पानी छोड़ेगा ताकि पानी हथिनीकुंड बैराज और वजीराबाद के रास्ते दिल्ली पहुंच सके।</p>



<p>मामले की तात्कालिकता पर विचार करते हुए पीठ ने हिमाचल प्रदेश को निर्देश दिया कि वह हरियाणा को पूर्व सूचना देकर सात जून को पानी छोड़े। साथ ही कहा कि अपर यमुना रिवर बोर्ड (यूवाईआरबी) आगे वजीराबाद एवं दिल्ली को आपूर्ति के लिए हथिनीकुंड पहुंचने वाले अतिरिक्त पानी की मात्रा मापेगा।</p>



<p>साथ ही दिल्ली सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा कि सूखी दिल्ली के लिए मिला पानी बर्बाद न हो। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार और हरियाणा व हिमाचल प्रदेश समेत प्रतिवादी सोमवार तक अपने अनुपालन शपथपत्र दाखिल करेंगे।</p>



<h2 class="wp-block-heading">हिमाचल ने कहा, पानी देने में कोई आपत्ति नहीं</h2>



<p>हिमाचल प्रदेश जलशक्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा ने कहा कि हमने सुप्रीम कोर्ट का आदेश देखा नहीं है। हिमाचल प्रदेश सहमति पत्र में तय शर्तों के अनुसार पहले से ही 137 क्यूसेक पानी छोड़ रहा है और आगे भी छोड़ता रहेगा। हमने दिल्ली को पानी देने का न पहले विरोध किया था और न ही आगे करेंगे।</p>



<p>एक दिन पहले बुधवार को दिल्ली में हुई अपर यमुना बोर्ड की बैठक में जलशक्ति विभाग की प्रमुख अभियंता अंजू शर्मा ने कहा था कि हिमाचल को पानी छोड़ने में कोई आपत्ति नहीं है। बाक्स-2हरियाणा ने कहा, पानी को दिल्ली तक पहुंचाने में करेंगे सहयोगहरियाणा के जल संसाधन एवं सिंचाई राज्य मंत्री डा. अभय सिंह यादव ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन करने को तैयार हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">दिल्ली तक पहुंचाने में हरियाणा पूरा सहयोग करेगा</h2>



<p>हिमाचल प्रदेश के उपलब्ध कराए जाने वाले 137 क्यूसेक पानी को दिल्ली तक पहुंचाने में हरियाणा पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने एक खतरा भी जताया। कहा कि हरियाणा अभी तक पश्चिमी यमुना नहर के माध्यम से दिल्ली को उसके हिस्से का पानी पहुंचाता रहा है। इसी नहर से नारनौल और दादरी तक पानी पहुंचता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पानी को पूरी मात्रा में दिल्ली तक पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं</h2>



<p>आशंका है कि हिमाचल प्रदेश जब अतिरिक्त पानी हथिनीकुंड बैराज में डालेगा तो हरियाणा के पास अपनी नहर में इतना स्पेस नहीं होगा कि वह अतिरिक्त जल को दिल्ली सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था कर सके। इस पानी को पूरी मात्रा में दिल्ली तक पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसलिए यदि दिल्ली के पास कोई दूसरा सुरक्षित साधन है तो वह पानी प्राप्त कर ले। उसमें भी हरियाणा पूरा सहयोग करेगा।</p>
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