<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>जमीन और आसमान के साथ खिलवाड़ &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/tag/%E0%A4%9C%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%86%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A4%BE/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Mon, 18 Jan 2021 06:58:55 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.6</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>जमीन और आसमान के साथ खिलवाड़ &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>लखनऊ में अमृतसर से जयनगर जा रही शहीद एक्सप्रेस के 2 डिब्बे पटरी से उतरे, मंची हडकंप</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%b2%e0%a4%96%e0%a4%a8%e0%a4%8a-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%b8%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a4%a8%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%9c/412637</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Alpana Vaish]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 18 Jan 2021 06:58:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slide]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[औद्योगिकीकरण के नाम पर हो रहा है जल]]></category>
		<category><![CDATA[जंगल]]></category>
		<category><![CDATA[जमीन और आसमान के साथ खिलवाड़]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.livehalchal.com/?p=412637</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="513" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/01/dcdc.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/01/dcdc.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/01/dcdc-300x249.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />उत्&#x200d;तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर सोमवार को एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल टल गया। स्टेशन के आउटर पर सुबह 7:45 बजे शहीद एक्&#x200d;सप्रेस (4674) के दो कोच पटरी से उतर गए। आननफानन में आरपीएफ और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। दोनों कोचों में करीब 155 यात्री सवार थे। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="513" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/01/dcdc.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/01/dcdc.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/01/dcdc-300x249.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>उत्&#x200d;तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर सोमवार को एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल टल गया। स्टेशन के आउटर पर सुबह 7:45 बजे शहीद एक्&#x200d;सप्रेस (4674) के दो कोच पटरी से उतर गए। आननफानन में आरपीएफ और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। दोनों कोचों में करीब 155 यात्री सवार थे। हालांकि गाड़ी की गति धीमी होने के कारण कोई यात्री हताहत नहीं हुआ लेकिन करीब 30 मीटर तक की पटरियां क्षतिग्रस्त हो गई। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम संजय त्रिपाठी ने एक समिति का गठन करके जांच के निर्देश दिए हैं। दोनों कोचों में सवार करीब 125 यात्रियों को अन्य कोचों में समायोजन करने के बाद गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।&nbsp;<strong>पंजाब के अमृतसर से बिहार के जयानगर जा रही थी एक्&#x200d;सप्रेस&#8230;</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="540" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/01/dcdc.jpg" alt="" class="wp-image-412654" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/01/dcdc.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/01/dcdc-300x249.jpg 300w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>डीआरएम संजय त्रिपाठी ने बताया कि पंजाब के अमृतसर से बिहार के जयनगर जा रही शहीद एक्&#x200d;सप्रेस (4674) दो कोच पटरी से उतर गए। एक्सप्रेस उस समय दुर्घटनाग्रस्त हुई जब चारबाग रेलवे स्&#x200d;टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंच रही थी। ट्रेन खम्मन पीर मजार के पास पटरी से उतरी। उस वक्त ट्रेन की गति 8 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से थी। ट्रेन चला रहे चालक प्रेम दीपक और सहायक चालक राजेश प्रजापति का रेलवे प्रशासन ने मेडिकल जांच कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त दोनों कोचों को ट्रेन से अलग करके ट्रेन को प्लेटफार्म नंबर 7 तक पहुंचाया और यहां कटे हुए हिस्से को मुख्य ट्रेन के हिस्से में जोड़कर रवाना किया गया। ट्रेन अपने निर्धारित समय से कई घंटे विलंब से रवाना हो सकी।&nbsp; &nbsp;&nbsp;</p>



<p><strong>सायरन बजते ही मचा हड़कंप:&nbsp;</strong>चारबाग स्टेशन पर शहीद एक्सप्रेस के पटरी से उतरने की सूचना मिलते ही सायरन बज गया। रेलवे पुलिस से अफसरों में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे डीआरएम संजय त्रिपाठी अपर मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी श्रीवास्तव व वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सहित कई अधिकारी पहुंचे। वहीं, दुर्घटना राहत ट्रेन भी तैयार कर ली गई थी, लेकिन इसकी जरूरत अफसरों ने महसूस नहीं की। मौके पर पहुंची चिकित्सा की टीम ने यात्रियों की जांच की। हालांकि, कोई यात्री चोटिल नहीं हुआ।&nbsp; &nbsp;</p>



<p><strong>यात्रियों का स्टेशन पर हंगामा:</strong>&nbsp;पटरी से उतरे कोच के यात्रियों ने चारबाग स्टेशन पर हंगामा किया। यात्री सोनू संजीव अवधेश और दीपक ने आरोप लगाया कि उनका आरक्षित टिकट था, लेकिन अफसरों ने जबरदस्ती अन्य कोचों में सामायोजित कर दिया। लेकि&#x200d;न यात्रियों ने अपनी सीट पर बैठाने से इन्&#x200d;कार कर दिया। यात्री जब्बार की&nbsp; एसी थ्री में सीट आवंटन थी और संजीव सिंह की भी सीट थर्ड एसी के आठ और 6 नंबर आवंटित थी, लेकिन उन्हें कोच नंबर B2 में बिठा दिया गया। यात्रियों के मुताबिक, उन्हें दरभंगा जाना है और सिवान ऐसे में इतना लंबा सफर आखिर खड़े होकर कैसे किया जा सकता है। वहीं, जर्नल कोच की यात्री भी शौचालय के पास बैठने को विवश रहे। क्योंकि जनरल कोच में भी वर्तमान में आरक्षण कराकर ही टिकट करने की इजाजत है। ऐसे में यात्रियों के लिए रेल प्रशासन ने कोई अतिरिक्त कोचों की व्यवस्था एक्सप्रेस में नहीं की।</p>



<p><strong>डीआरएम बोले- दोषियों पर होगी कार्रवाई:</strong>&nbsp;डीआरएम संजय त्रिपाठी के मुताबिक, दोनों कोचों में केवल 155 यात्री थे, उनके लिए व्यवस्था की गई थी। कोई हताहत नहीं है। ट्रेन अभी यार्ड से रवाना हुई थी और धीमी गति से चल रही थी। यह जांच का विषय है कि पटरी से उतरी कैसे। एक समिति बनाई जा रही है, जो मामले की जांच करेगी। दोषियों पर कार्रवाई होगी।&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>औद्योगिकीकरण के नाम पर हो रहा है जल, जंगल, जमीन और आसमान के साथ खिलवाड़</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%94%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a5%8b/412648</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Alpana Vaish]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 18 Jan 2021 06:52:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slide]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[औद्योगिकीकरण के नाम पर हो रहा है जल]]></category>
		<category><![CDATA[जंगल]]></category>
		<category><![CDATA[जमीन और आसमान के साथ खिलवाड़]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.livehalchal.com/?p=412648</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="513" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/01/sdfdsgb.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/01/sdfdsgb.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/01/sdfdsgb-300x249.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />प्रकृति के नियमों से खिलवाड़ और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के जरिये मानव ने विकास के नाम पर आपदा मोल ले ली। अंधाधुंध औद्योगिकीकरण के नाम पर जल, जंगल, जमीन व आसमान सभी के साथ खिलवाड़ हुआ। जो नदी, तालाब व झील हमें जीवन अमृत प्रदान करतेथे, आज उनमें प्रदूषक तत्वों ने जहर पैदा कर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="513" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/01/sdfdsgb.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/01/sdfdsgb.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/01/sdfdsgb-300x249.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>प्रकृति के नियमों से खिलवाड़ और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के जरिये मानव ने विकास के नाम पर आपदा मोल ले ली। अंधाधुंध औद्योगिकीकरण के नाम पर जल, जंगल, जमीन व आसमान सभी के साथ खिलवाड़ हुआ। जो नदी, तालाब व झील हमें जीवन अमृत प्रदान करतेथे, आज उनमें प्रदूषक तत्वों ने जहर पैदा कर दिया है। बेहिसाब कृत्रिम उर्वरकों के इस्तेमाल ने धरती की सेहत के साथ-साथ लोगों की सेहत पर भी बड़ा असर डाला है। यहां तक कि नुकसानदेह रसायन धरती का सीना चीरते हुए पाताल तक भी पहुंच चुके हैं। उद्योगों की चिमनियों, मोटर वाहनों व अन्य स्नोतों से निकलने वाला धुआं साफ हवा में समाता गया। जंगल और जैव विविधता&nbsp;भी हमारे पर्यावरण के नुकसान की भेंट चढ़ रहे हैं। ऐसे में बिना पर्यावरण को स्वस्थ और स्वच्छ किए हम सभी को&nbsp;कैसे शुद्ध पानी व हवा आदि मुहैया करा पाएंगे।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="540" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/01/sdfdsgb.jpg" alt="" class="wp-image-412649" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/01/sdfdsgb.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/01/sdfdsgb-300x249.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>30 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में 21 भारतीय</strong></p>



<p>एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के मुताबिक दुनिया के सर्वाधिक 30 प्रदूषित शहरों की सूची में 21 भारतीय शहर शामिल रहे। शीर्ष 10 की सूची में छह शहर भारतीय रहे। इस सूची में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद को सर्वाधिक प्रदूषित भारतीय शहर माना गया था। वर्ष 2019 में पीएम 2.5 की सांद्रता 110.2 थी, जो अमेरिकी पर्यावरण सुरक्षा एजेंसी की तरफ से तय मानक से नौ गुना ज्यादा थी। वायु प्रदूषण के कारण वर्ष 2019 में भारत में 16.7 लाख से भी ज्यादा लोग असमय काल के गाल में समा गए। यह देशभर में हुई कुल मौतों का 17.8 फीसद था।</p>



<p><strong>अर्थव्यवस्था को भी बड़ा झटका</strong></p>



<p>जल, वायु, मिट्टी व भूगर्भ जल के प्रदूषित होने का दुष्प्रभाव जहां लोगों की सेहत पर पड़ रहा है, वहीं अर्थव्यवस्था की सेहत भी खराब हो रही है। लांसेट पत्रिका में प्रकाशित एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण की वजह से हुई असमय मौतों और बीमारियों के कारण वर्ष 2019 में भारत&nbsp;&nbsp;को 2.6 लाख करोड़ रुपये का र्आिथक नुकसान हुआ। यह सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी का 1.4 फीसद रहा।</p>



<p><strong>रसातल में पहुंचा भूगर्भ जल</strong></p>



<p>देश के 256 जिलों के 1592 विकास खंडों में भूगर्भ जल लगातार रसातल की ओर चला&nbsp;जा रहा है। इसकी मुख्य वजह है भूगर्भ जल का बेहिसाब दोहन व उनका पुनर्भरण न&nbsp;होना। रिपोर्ट बताती हैं कि पंजाब में हर साल भूगर्भ जल एक मीटर नीचे चला जाता है।&nbsp;खतरा सिर्फ यही नहीं है कि भूगर्भ जल रसातल में चला जा रहा है, बल्कि उसमें विषाक्त&nbsp;तत्वों का घुलना कहीं ज्यादा खतरनाक है। जुलाई 2018 में सरकार की तरफ से संसद&nbsp;को उपलब्ध कराई गई सूचना के अनुसार, दिल्ली के कुल 11 जिलों में से सात जिलों के&nbsp;भूगर्भ जल में फ्लोराइड अत्यधिक मात्रा में पाया गया, जबकि आठ में नाइट्रेट की मात्रा&nbsp;ज्यादा थी, दो जिलों में आर्सेनिक और शीशा की मात्रा अधिक रही। देश के अन्य हिस्सों&nbsp;की बात करें तो 386 जिलों के भूगर्भ जल में अत्यधिक नाइट्रेट पाया गया, जबकि 335&nbsp;जिलो में फ्लोराइड की उपलब्धता अधिक थी। 301 जिलों में आयरन, 153 जिलों में&nbsp;आर्सेनिक, 93 जिलों में शीशा, 30 जिलों में क्रोमियम व 24 जिलों में कैडिमम पाए गए।</p>



<p><strong>जल के लिए जंग</strong></p>



<p>हजारों साल से इंसान पानी की गुणवत्ता को लेकर लड़ाई लड़ रहा है। चौथी औरपांचवीं सदी के दौरान हिप्पोक्रेट्स हुए थे। इन्हें मॉडर्न मेडिसिन का पिता कहा जाता है। उस दौरान इन्होंने पता लगाया कि अशुद्ध जल से ही बीमारियां होती हैं। तब इन्होंने दुनिया के सबसे पुराने वाटर फिल्टर्स में से एक को विकसित किया था। आज यह चुनौती काफी व्यापक हो गई है। अशुद्ध या दूषित जल ने जैवविविधता के साथ इंसान के कई समुदायों के सामने अस्तित्व का खतरा पैदा कर दिया है।</p>



<p><strong>आर्थिक चपत</strong></p>



<p>प्रतिदिन करीब चार करोड़ लीटर गंदा पानी नदियों और&nbsp;स्वच्छ जल के अन्य स्नोतों में गिरता है। विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार ऊपर से आने वाले इस प्रदूषित पानी से डाउनस्ट्रीम इलाके की आर्थिक विकास को सुस्त करती है। इससे इन क्षेत्रों की जीडीपी वृद्धि में&nbsp;करीब एक तिहाई की गिरावट आती है। भारत जैसे विकासशील देश में इसका असर काफी ज्यादा दिखता है जिससे जीडीपी को करीब 50 फीसद का नुकसान पहुंचता है। एक दूसरे अध्ययन के अनुसार डाउनस्ट्रीम में प्रदूषित जल के कारण कृषि से आय में नौ फीसदकी गिरावट दिखती है। यही नहीं, कृषि पैदावार भी 16 फीसद तक घट जाती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
