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	<title>जप &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>जप &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>गणाधिप संकष्टी पर करें इन मंत्रों का जप</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 07 Nov 2025 04:21:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="609" height="441" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/yhhh-2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/yhhh-2.jpg 609w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/yhhh-2-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 609px) 100vw, 609px" />हिंदू धर्म में भगवान गणेश की पूजा का बहुत ज्यादा महत्व है। उन्हें प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है। हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन बप्पा की पूजा और व्रत का विधान है। यह चतुर्थी कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष में आती है, तो इसे गणाधिप संकष्टी चतुर्थी के नाम से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="609" height="441" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/yhhh-2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/yhhh-2.jpg 609w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/yhhh-2-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 609px) 100vw, 609px" />
<p>हिंदू धर्म में भगवान गणेश की पूजा का बहुत ज्यादा महत्व है। उन्हें प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है। हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन बप्पा की पूजा और व्रत का विधान है। यह चतुर्थी कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष में आती है, तो इसे गणाधिप संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। यह वह विशेष दिन है, जब भक्त विभिन्न तरह के अनुष्ठानों का पालन करते हैं। वहीं, इस दिन भगवान गणेश के 108 नामों का जप परम कल्याणकारी माना गया है, जो इस प्रकार हैं।</p>



<p><strong>।।भगवान गणेश के 108 नाम।।</strong></p>



<p> 1. बालगणपति : सबसे प्रिय बालक</p>



<p>2. भालचन्द्र : जिसके मस्तक पर चंद्रमा हो</p>



<p>3. बुद्धिनाथ : बुद्धि के भगवान</p>



<p>4. धूम्रवर्ण : धुंए को उड़ाने वाले</p>



<p>5. एकाक्षर : एकल अक्षर</p>



<p>6. एकदन्त: एक दांत वाले</p>



<p>7. गजकर्ण : हाथी की तरह आंखों वाले</p>



<p>8. गजानन: हाथी के मुख वाले भगवान</p>



<p>9. गजवक्र : हाथी की सूंड वाले</p>



<p>10. गजवक्त्र: हाथी की तरह मुंह है</p>



<p>11. गणाध्यक्ष : सभी जनों के मालिक</p>



<p>12. गणपति : सभी गणों के मालिक</p>



<p>13. गौरीसुत : माता गौरी के बेटे</p>



<p>14. लम्बकर्ण : बड़े कान वाले देव</p>



<p>15. लम्बोदर : बड़े पेट वाले</p>



<p>16. महाबल : अत्यधिक बलशाली</p>



<p>17. महागणपति : देवादिदेव</p>



<p>18. महेश्वर: सारे ब्रह्मांड के भगवान</p>



<p>19. मंगलमूर्ति : सभी शुभ कार्यों के देव</p>



<p>20. मूषकवाहन : जिनका सारथी मूषक है</p>



<p>21. निदीश्वरम : धन और निधि के दाता</p>



<p>22. प्रथमेश्वर : सब के बीच प्रथम आने वाले</p>



<p>23. शूपकर्ण : बड़े कान वाले देव</p>



<p>24. शुभम : सभी शुभ कार्यों के प्रभु</p>



<p>25. सिद्धिदाता: इच्छाओं और अवसरों के स्वामी</p>



<p>26. सिद्दिविनायक : सफलता के स्वामी</p>



<p>27. सुरेश्वरम : देवों के देव।</p>



<p>28. वक्रतुण्ड : घुमावदार सूंड वाले</p>



<p>29. अखूरथ : जिसका सारथी मूषक है</p>



<p>30. अलम्पता : अनन्त देव।</p>



<p>31. अमित : अतुलनीय प्रभु</p>



<p>32. अनन्तचिदरुपम : अनंत और व्यक्ति चेतना वाले</p>



<p>33. अवनीश : पूरे विश्व के प्रभु</p>



<p>34. अविघ्न : बाधाएं हरने वाले।</p>



<p>35. भीम : विशाल</p>



<p>36. भूपति : धरती के मालिक</p>



<p>37. भुवनपति: देवों के देव।</p>



<p>38. बुद्धिप्रिय : ज्ञान के दाता</p>



<p>39. बुद्धिविधाता : बुद्धि के मालिक</p>



<p>40. चतुर्भुज: चार भुजाओं वाले</p>



<p>41. देवादेव : सभी भगवान में सर्वोपरि</p>



<p>42. देवांतकनाशकारी: बुराइयों और असुरों के विनाशक</p>



<p>43. देवव्रत : सबकी तपस्या स्वीकार करने वाले</p>



<p>44. देवेन्द्राशिक : सभी देवताओं की रक्षा करने वाले</p>



<p>45. धार्मिक : दान देने वाले</p>



<p>46. दूर्जा : अपराजित देव</p>



<p>47. द्वैमातुर : दो माताओं वाले</p>



<p>48. एकदंष्ट्र: एक दांत वाले</p>



<p>49. ईशानपुत्र : भगवान शिव के बेटे</p>



<p>50. गदाधर : जिनका हथियार गदा है</p>



<p>51. गणाध्यक्षिण : सभी पिंडों के नेता</p>



<p>52. गुणिन: सभी गुणों के ज्ञानी</p>



<p>53. हरिद्र : स्वर्ण के रंग वाले</p>



<p>54. हेरम्ब : मां का प्रिय पुत्र</p>



<p>55. कपिल : पीले भूरे रंग वाले</p>



<p>56. कवीश : कवियों के स्वामी</p>



<p>57. कीर्ति : यश के स्वामी</p>



<p>58. कृपाकर : कृपा करने वाले</p>



<p>59. कृष्णपिंगाश : पीली भूरी आंख वाले</p>



<p>60. क्षेमंकरी : माफी प्रदान करने वाला</p>



<p>61. क्षिप्रा : आराधना के योग्य</p>



<p>62. मनोमय : दिल जीतने वाले</p>



<p>63. मृत्युंजय : मौत को हराने वाले</p>



<p>64. मूढ़ाकरम : जिनमें खुशी का वास होता है</p>



<p>65. मुक्तिदायी : शाश्वत आनंद के दाता</p>



<p>66. नादप्रतिष्ठित : जिन्हें संगीत से प्यार हो</p>



<p>67. नमस्थेतु : सभी बुराइयों पर विजय प्राप्त करने वाले</p>



<p>68. नन्दन: भगवान शिव के पुत्र</p>



<p>69. सिद्धांथ: सफलता और उपलब्धियों के गुरु</p>



<p>70. पीताम्बर : पीले वस्त्र धारण करने वाले</p>



<p>71. प्रमोद : आनंद 72. पुरुष : अद्भुत व्यक्तित्व</p>



<p>73. रक्त : लाल रंग के शरीर वाले</p>



<p>74. रुद्रप्रिय : भगवान शिव के चहेते</p>



<p>75. सर्वदेवात्मन : सभी स्वर्गीय प्रसाद के स्वीकर्ता</p>



<p>76. सर्वसिद्धांत : कौशल और बुद्धि के दाता</p>



<p>77. सर्वात्मन : ब्रह्मांड की रक्षा करने वाले</p>



<p>78. ओमकार : ओम के आकार वाले</p>



<p>79. शशिवर्णम : जिनका रंग चंद्रमा को भाता हो</p>



<p>80. शुभगुणकानन : जो सभी गुणों के गुरु हैं</p>



<p>81. श्वेता : जो सफेद रंग के रूप में शुद्ध हैं</p>



<p>82. सिद्धिप्रिय : इच्छापूर्ति वाले</p>



<p>83. स्कन्दपूर्वज : भगवान कार्तिकेय के भाई</p>



<p>84. सुमुख : शुभ मुख वाले</p>



<p>85. स्वरूप : सौंदर्य के प्रेमी</p>



<p>86. तरुण : जिनकी कोई आयु न हो</p>



<p>87. उद्दण्ड : शरारती</p>



<p>88. उमापुत्र : पार्वती के पुत्र</p>



<p>89. वरगणपति : अवसरों के स्वामी</p>



<p>90. वरप्रद : इच्छाओं और अवसरों के अनुदाता</p>



<p>91. वरदविनायक: सफलता के स्वामी</p>



<p>92. वीरगणपति : वीर प्रभु</p>



<p>93. विद्यावारिधि : बुद्धि के देव</p>



<p>94. विघ्नहर : बाधाओं को दूर करने वाले</p>



<p>95. विघ्नहत्र्ता: विघ्न हरने वाले</p>



<p>96. विघ्नविनाशन : बाधाओं का अंत करने वाले</p>



<p>97. विघ्नराज : सभी बाधाओं के मालिक</p>



<p>98. विघ्नराजेन्द्र : सभी बाधाओं के भगवान</p>



<p>99. विघ्नविनाशाय : बाधाओं का नाश करने वाले</p>



<p>100. विघ्नेश्वर : बाधाओं के हरने वाले भगवान</p>



<p>101. विकट : अत्यंत विशाल</p>



<p>102. विनायक : सब के भगवान</p>



<p>103. विश्वमुख : ब्रह्मांड के गुरु</p>



<p>104. विश्वराजा : संसार के स्वामी</p>



<p>105. यज्ञकाय : सभी बलि को स्वीकार करने वाले</p>



<p>106. यशस्कर : प्रसिद्धि और भाग्य के स्वामी</p>



<p>107. यशस्विन : सबसे प्यारे और लोकप्रिय देव</p>



<p>108. योगाधिप : ध्यान के प्रभु।</p>
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		<title>सोम प्रदोष व्रत की पूजा में करें इन मंत्रों का जप</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Oct 2025 04:33:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[जप]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="380" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/ikoll-2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/ikoll-2.jpg 659w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/ikoll-2-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />नवंबर का पहला प्रदोष व्रत सोमवार, 3 नवंबर को मनाया जाएगा। सोमवार के दिन पड़ने के कारण इसे सोम प्रदोष व्रत (Som Pradosh Vrat 2025) भी कहा जाएगा। इस दिन पर पूजा का मुहूर्त शाम 6 बजे से रात 8 बजकर 34 मिनट तक रहने वाला है। प्रदोष व्रत की पूजा में आप शिव जी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="380" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/ikoll-2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/ikoll-2.jpg 659w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/ikoll-2-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>नवंबर का पहला प्रदोष व्रत सोमवार, 3 नवंबर को मनाया जाएगा। सोमवार के दिन पड़ने के कारण इसे सोम प्रदोष व्रत (Som Pradosh Vrat 2025) भी कहा जाएगा। इस दिन पर पूजा का मुहूर्त शाम 6 बजे से रात 8 बजकर 34 मिनट तक रहने वाला है। प्रदोष व्रत की पूजा में आप शिव जी के मंत्रों का जप करके शुभ फलों की प्राप्ति कर सकते हैं। इससे साधक को महादेव का आशीर्वाद मिलता है और उसकी सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।</p>



<p><strong>शिव जी के मंत्र </strong></p>



<p>1. ॐ नमः शिवाय</p>



<p>2. ॐ नमो भगवते रूद्राय</p>



<p>3. ॐ नमो नीलकण्ठाय।</p>



<p>4. ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात</p>



<p>5. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्</p>



<p>उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्</p>



<p>6. ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्तये।</p>



<p>मह्यं मेधां प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा॥</p>



<p>7. कर्पूरगौरं करुणावतारं</p>



<p>संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम् ।</p>



<p>सदावसन्तं हृदयारविन्दे</p>



<p>भवं भवानीसहितं नमामि ॥</p>



<p>8. ॥ श्री शिवरामाष्टकस्तोत्रम् ॥</p>



<p>शिवहरे शिवराम सखे प्रभो,त्रिविधताप-निवारण हे विभो।</p>



<p>अज जनेश्वर यादव पाहि मां,शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥1॥</p>



<p>कमल लोचन राम दयानिधे,हर गुरो गजरक्षक गोपते।</p>



<p>शिवतनो भव शङ्कर पाहिमां,शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥2॥</p>



<p>स्वजनरञ्जन मङ्गलमन्दिर,भजति तं पुरुषं परं पदम्।</p>



<p>भवति तस्य सुखं परमाद्भुतं,शिवहरे विजयं कुरू मे वरम्॥3॥</p>



<p>जय युधिष्ठिर-वल्लभ भूपते,जय जयार्जित-पुण्यपयोनिधे।</p>



<p>जय कृपामय कृष्ण नमोऽस्तुते,शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥4॥</p>



<p>भवविमोचन माधव मापते,सुकवि-मानस हंस शिवारते।</p>



<p>जनक जारत माधव रक्षमां,शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥5॥</p>



<p>अवनि-मण्डल-मङ्गल मापते,जलद सुन्दर राम रमापते।</p>



<p>निगम-कीर्ति-गुणार्णव गोपते,शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥6॥</p>



<p>पतित-पावन-नाममयी लता,तव यशो विमलं परिगीयते।</p>



<p>तदपि माधव मां किमुपेक्षसे,शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥7॥</p>



<p>अमर तापर देव रमापते,विनयतस्तव नाम धनोपमम्।</p>



<p>मयि कथं करुणार्णव जायते,शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥8॥</p>



<p>हनुमतः प्रिय चाप कर प्रभो,सुरसरिद्-धृतशेखर हे गुरो।</p>



<p>मम विभो किमु विस्मरणं कृतं,शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥9॥</p>



<p>नर हरेति परम् जन सुन्दरं,पठति यः शिवरामकृतस्तवम्।</p>



<p>विशति राम-रमा चरणाम्बुजे,शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥10॥</p>



<p>प्रातरूथाय यो भक्त्या पठदेकाग्रमानसः।</p>



<p>विजयो जायते तस्य विष्णु सान्निध्यमाप्नुयात्॥11॥</p>



<p>॥ इति श्रीरामानन्दस्वामिना विरचितं श्रीशिवरामाष्टकं सम्पूर्णम् ॥</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>शनिवार की पूजा के समय जरूर करें इन मंत्रों का जप</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Oct 2025 04:37:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[जप]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="453" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/hgbnm-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/hgbnm.jpg 676w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/hgbnm-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />शनिवार को शनि देव की पूजा का विधान है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन पूजा-पाठ और व्रत करने से जीवन में सुख-शांति की कमी नहीं होती है। ऐसे में इस दिन शाम के समय पीपल वृक्ष के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं। फिर उसकी 7 बार परिक्रमा करें। फिर भगवान शनि के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="453" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/hgbnm-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/hgbnm.jpg 676w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/hgbnm-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>शनिवार को शनि देव की पूजा का विधान है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन पूजा-पाठ और व्रत करने से जीवन में सुख-शांति की कमी नहीं होती है। ऐसे में इस दिन शाम के समय पीपल वृक्ष के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं। फिर उसकी 7 बार परिक्रमा करें। फिर भगवान शनि के 108 नामों का जाप करें। अंत में आरती करें।</p>



<p>कहते हैं कि इन मंत्रों के जाप से शनि देव की कृपा मिलती है। इसके साथ ही शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या व महादशा के नकारात्मक प्रभावों से राहत मिलती है, तो आइए पढ़ते हैं &#8211;</p>



<p><strong>।।शनिदेव के 108 नाम।।</strong></p>



<p>ऊँ शनैश्चराय नमः<br>ऊँ शान्ताय नमः<br>ऊँ सर्वाभीष्टप्रदायिने नमः<br>ऊँ शरण्याय नमः<br>ऊँ वरेण्याय नमः<br>ऊँ सर्वेशाय नमः<br>ऊँ सौम्याय नमः<br>ऊँ सुरवन्द्याय नमः<br>ऊँ सुरलोकविहारिणे नमः<br>ऊँ सुखासनोपविष्टाय नमः<br>ऊँ सुन्दराय नमः<br>ऊँ घनाय नमः<br>ऊँ घनरूपाय नमः<br>ऊँ घनाभरणधारिणे नमः<br>ऊँ घनसारविलेपाय नमः<br>ऊँ खद्योताय नमः<br>ऊँ मन्दाय नमः<br>ऊँ मन्दचेष्टाय नमः<br>ऊँ महनीयगुणात्मने नमः<br>ऊँ मर्त्यपावनपदाय नमः<br>ऊँ महेशाय नमः<br>ऊँ छायापुत्राय नमः<br>ऊँ शर्वाय नमः<br>ऊँ शततूणीरधारिणे नमः<br>ऊँ चरस्थिरस्वभा वाय नमः<br>ऊँ अचञ्चलाय नमः<br>ऊँ नीलवर्णाय नम:<br>ऊँ नित्याय नमः<br>ऊँ नीलाञ्जननिभाय नमः<br>ऊँ नीलाम्बरविभूशणाय नमः<br>ऊँ निश्चलाय नमः<br>ऊँ वेद्याय नमः<br>ऊँ विधिरूपाय नमः<br>ऊँ विरोधाधारभूमये नमः<br>ऊँ भेदास्पदस्वभावाय नमः<br>ऊँ वज्रदेहाय नमः<br>ऊँ वैराग्यदाय नमः<br>ऊँ वीराय नमः<br>ऊँ वीतरोगभयाय नमः<br>ऊँ विपत्परम्परेशाय नमः<br>ऊँ विश्ववन्द्याय नमः<br>ऊँ गृध्नवाहाय नमः<br>ऊँ गूढाय नमः<br>ऊँ कूर्माङ्गाय नमः<br>ऊँ कुरूपिणे नमः<br>ऊँ कुत्सिताय नमः<br>ऊँ गुणाढ्याय नमः<br>ऊँ गोचराय नमः<br>ऊँ अविद्यामूलनाशाय नमः<br>ऊँ विद्याविद्यास्वरूपिणे नमः<br>ऊँ आयुष्यकारणाय नमः<br>ऊँ आपदुद्धर्त्रे नमः<br>ऊँ विष्णुभक्ताय नमः<br>ऊँ वशिने नमः<br>ऊँ विविधागमवेदिने नमः<br>ऊँ विधिस्तुत्याय नमः<br>ऊँ वन्द्याय नमः<br>ऊँ विरूपाक्षाय नमः<br>ऊँ वरिष्ठाय नमः<br>ऊँ गरिष्ठाय नमः<br>ऊँ वज्राङ्कुशधराय नमः<br>ऊँ वरदाभयहस्ताय नमः<br>ऊँ वामनाय नमः<br>ऊँ ज्येष्ठापत्नीसमेताय नमः<br>ऊँ श्रेष्ठाय नमः<br>ऊँ मितभाषिणे नमः<br>ऊँ कष्टौघनाशकर्त्रे नमः<br>ऊँ पुष्टिदाय नमः<br>ऊँ स्तुत्याय नमः<br>ऊँ स्तोत्रगम्याय नमः<br>ऊँ भक्तिवश्याय नमः<br>ऊँ भानवे नमः<br>ऊँ भानुपुत्राय नमः<br>ऊँ भव्याय नमः<br>ऊँ पावनाय नमः<br>ऊँ धनुर्मण्डलसंस्थाय नमः<br>ऊँ धनदाय नमः<br>ऊँ धनुष्मते नमः<br>ऊँ तनुप्रकाशदेहाय नमः<br>ऊँ तामसाय नमः<br>ऊँ अशेषजनवन्द्याय नमः<br>ऊँ विशेशफलदायिने नमः<br>ऊँ वशीकृतजनेशाय नमः<br>ऊँ पशूनां पतये नमः<br>ऊँ खेचराय नमः<br>ऊँ खगेशाय नमः<br>ऊँ घननीलाम्बराय नमः<br>ऊँ काठिन्यमानसाय नमः<br>ऊँ आर्यगणस्तुत्याय नमः<br>ऊँ नीलच्छत्राय नमः<br>ऊँ नित्याय नमः<br>ऊँ निर्गुणाय नमः<br>ऊँ गुणात्मने नमः<br>ऊँ निरामयाय नमः<br>ऊँ निन्द्याय नमः<br>ऊँ वन्दनीयाय नमः<br>ऊँ धीराय नमः<br>ऊँ दिव्यदेहाय नमः<br>ऊँ दीनार्तिहरणाय नमः<br>ऊँ दैन्यनाशकराय नमः<br>ऊँ आर्यजनगण्याय नमः<br>ऊँ क्रूराय नमः<br>ऊँ क्रूरचेष्टाय नमः<br>ऊँ कामक्रोधकराय नमः<br>ऊँ कलत्रपुत्रशत्रुत्वकारणाय नमः<br>ऊँ परिपोषितभक्ताय नमः<br>ऊँ परभीतिहराय नमः<br>ऊँ भक्तसंघमनोऽभीष्टफलदाय नमः।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गणेश के यह 1000 नाम आपने जप लिए &#8211; घर में हमेशा रहेगी खुशियां &#8230;</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%97%e0%a4%a3%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%af%e0%a4%b9-1000-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%86%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%aa-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f/226738</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Radha Rajpoot]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 May 2019 08:19:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[गणेश]]></category>
		<category><![CDATA[जप]]></category>
		<category><![CDATA[नाम]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="462" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/32521-6-how-to-do-ganpati-pooja-on-wednesday-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/32521-6-how-to-do-ganpati-pooja-on-wednesday-1.jpg 655w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/32521-6-how-to-do-ganpati-pooja-on-wednesday-1-300x224.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />आप सभी इस बात से वाकिफ होंगे कि इन दिनों केवल गणेश भगवान के नाम के जयकारे लग रहे हैं क्योंकि यह दिन उन्ही के हैं और उनकी ही पूजा अर्चना की जा रही है. ऐसे में इन दिनों गणेश जी के इन 1000 नाम को लेने से अपार रिद्धि-सिद्धि, सुख, संपन्नता, ऐश्वर्य, वैभव और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="462" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/32521-6-how-to-do-ganpati-pooja-on-wednesday-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/32521-6-how-to-do-ganpati-pooja-on-wednesday-1.jpg 655w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/32521-6-how-to-do-ganpati-pooja-on-wednesday-1-300x224.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p><strong>आप सभी इस बात से वाकिफ होंगे कि इन दिनों केवल गणेश भगवान के नाम के जयकारे लग रहे हैं क्योंकि यह दिन उन्ही के हैं और उनकी ही पूजा अर्चना की जा रही है. ऐसे में इन दिनों गणेश जी के इन 1000 नाम को लेने से अपार रिद्धि-सिद्धि, सुख, संपन्नता, ऐश्वर्य, वैभव और सौभाग्य मिलता है और साथ ही सारे काम सफल हो जाते हैं साथ ही घर में शांति और प्रसन्नता का वास होता है. कहते हैं कि इससे  घर में बरकत में वृद्धि होती है. तो कौन से वह 1000 नाम आइए बताते हैं. </strong></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-226744 size-full" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/32521-6-how-to-do-ganpati-pooja-on-wednesday-1.jpg" alt="" width="655" height="490" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/32521-6-how-to-do-ganpati-pooja-on-wednesday-1.jpg 655w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/32521-6-how-to-do-ganpati-pooja-on-wednesday-1-300x224.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 655px) 100vw, 655px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>ॐ गणपतये नमः ॥ ॐ गणेश्वराय नमः ॥ ॐ गणक्रीडाय नमः ॥ ॐ गणनाथाय नमः ॥</strong></p>
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<p><strong>ॐ गणाधिपाय नमः ॥ ॐ एकदंष्ट्राय नमः ॥ ॐ वक्रतुण्डाय नमः ॥ ॐ गजवक्त्राय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ मदोदराय नमः ॥ ॐ लम्बोदराय नमः ॥ ॐ धूम्रवर्णाय नमः ॥ ॐ विकटाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ विघ्ननायकाय नमः ॥ ॐ सुमुखाय नमः ॥ ॐ दुर्मुखाय नमः ॥ ॐ बुद्धाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ विघ्नराजाय नमः ॥ ॐ गजाननाय नमः ॥ ॐ भीमाय नमः ॥ ॐ प्रमोदाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ आनन्दाय नमः ॥ ॐ सुरानन्दाय नमः ॥ ॐ मदोत्कटाय नमः ॥ ॐ हेरम्बाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ शम्बराय नमः ॥ ॐ शम्भवे नमः ॥ ॐ लम्बकर्णाय नमः ॥ ॐ महाबलाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ नन्दनाय नमः ॥ ॐ अलम्पटाय नमः ॥ ॐ भीमाय नमः ॥ ॐ मेघनादाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ गणञ्जयाय नमः ॥ ॐ विनायकाय नमः ॥ ॐ विरूपाक्षाय नमः ॥ ॐ धीराय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ शूराय नमः ॥ ॐ वरप्रदाय नमः ॥ ॐ महागणपतये नमः ॥ ॐ बुद्धिप्रियाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ क्षिप्रप्रसादनाय नमः ॥ ॐ रुद्रप्रियाय नमः ॥ ॐ गणाध्यक्षाय नमः ॥ ॐ उमापुत्राय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ अघनाशनाय नमः ॥ ॐ कुमारगुरवे नमः ॥ ॐ ईशानपुत्राय नमः ॥ ॐ मूषकवाहनाय नः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ सिद्धिप्रदाय नमः ॥ ॐ सिद्धिपतये नमः ॥ ॐ सिद्ध्यै नमः ॥ ॐ सिद्धिविनायकाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ विघ्नाय नमः ॥ ॐ तुङ्गभुजाय नमः ॥ ॐ सिंहवाहनाय नमः ॥ ॐ मोहिनीप्रियाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ कटिंकटाय नमः ॥ ॐ राजपुत्राय नमः ॥ ॐ शकलाय नमः ॥ ॐ सम्मिताय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ अमिताय नमः ॥ ॐ कूश्माण्डगणसम्भूताय नमः ॥ ॐ दुर्जयाय नमः ॥ ॐ धूर्जयाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ अजयाय नमः ॥ ॐ भूपतये नमः ॥ ॐ भुवनेशाय नमः ॥ ॐ भूतानां पतये नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ अव्ययाय नमः ॥ ॐ विश्वकर्त्रे नमः ॥ ॐ विश्वमुखाय नमः ॥ ॐ विश्वरूपाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ निधये नमः ॥ ॐ घृणये नमः ॥ ॐ कवये नमः ॥ ॐ कवीनामृषभाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ ब्रह्मण्याय नमः ॥ ॐ ब्रह्मणस्पतये नमः ॥ ॐ ज्येष्ठराजाय नमः ॥ ॐ निधिपतये नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ निधिप्रियपतिप्रियाय नमः ॥ ॐ हिरण्मयपुरान्तस्थाय नमः ॥ ॐ सूर्यमण्डलमध्यगाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ कराहतिध्वस्तसिन्धुसलिलाय नमः ॥ ॐ पूषदन्तभृते नमः ॥ ॐ उमाङ्गकेळिकुतुकिने नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ मुक्तिदाय नमः ॥ ॐ कुलपालकाय नमः ॥ ॐ किरीटिने नमः ॥ ॐ कुण्डलिने नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ हारिणे नमः ॥ ॐ वनमालिने नमः ॥ ॐ मनोमयाय नमः ॥ ॐ वैमुख्यहतदृश्यश्रियै नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ पादाहत्याजितक्षितये नमः ॥ ॐ सद्योजाताय नमः ॥ ॐ स्वर्णभुजाय नमः ॥ ॐ मेखलिन नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ दुर्निमित्तहृते नमः ॥ ॐ दुस्स्वप्नहृते नमः ॥ ॐ प्रहसनाय नमः ॥ ॐ गुणिने नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ नादप्रतिष्ठिताय नमः ॥ ॐ सुरूपाय नमः ॥ ॐ सर्वनेत्राधिवासाय नमः ॥ ॐ वीरासनाश्रयाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ पीताम्बराय नमः ॥ ॐ खड्गधराय नमः ॥ ॐ खण्डेन्दुकृतशेखराय नमः ॥ ॐ चित्राङ्कश्यामदशनाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ फालचन्द्राय नमः ॥ ॐ चतुर्भुजाय नमः ॥ ॐ योगाधिपाय नमः ॥ ॐ तारकस्थाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ पुरुषाय नमः ॥ ॐ गजकर्णकाय नमः ॥ ॐ गणाधिराजाय नमः ॥ ॐ विजयस्थिराय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ गणपतये नमः ॥ ॐ ध्वजिने नमः ॥ ॐ देवदेवाय नमः ॥ ॐ स्मरप्राणदीपकाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ वायुकीलकाय नमः ॥ ॐ विपश्चिद्वरदाय नमः ॥ ॐ नादाय नमः ॥ ॐ नादभिन्नवलाहकाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ वराहवदनाय नमः ॥ ॐ मृत्युञ्जयाय नमः ॥ ॐ व्याघ्राजिनाम्बराय नमः ॥ ॐ इच्छाशक्तिधराय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ देवत्रात्रे नमः ॥ ॐ दैत्यविमर्दनाय नमः ॥ ॐ शम्भुवक्त्रोद्भवाय नमः ॥ ॐ शम्भुकोपघ्ने नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ शम्भुहास्यभुवे नमः ॥ ॐ शम्भुतेजसे नमः ॥ ॐ शिवाशोकहारिणे नमः ॥ ॐ गौरीसुखावहाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ उमांगमंगलाय नमः ॥ ॐ गौरीतेजोभुवे नमः ॥ ॐ स्वर्धुनीभवाय नमः ॥ ॐ यज्ञकायाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ महानादाय नमः ॥ ॐ गिरिवर्ष्मणे नमः ॥ ॐ शुभाननाय नमः ॥ ॐ सर्वात्मने नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ सर्वदेवात्मने नमः ॥ ॐ ब्रह्ममूर्ध्ने नमः ॥ ॐ ककुप्छ्रुतये नमः ॥ ॐ ब्रह्माण्डकुम्भाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ चिद्व्योमफालाय नमः ॥ ॐ सत्यशिरोरुहाय नमः ॥ ॐ जगज्जन्मलयोन्मेषनिमेषाय नमः ॥ ॐ अग्न्यर्कसोमदृशे नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ गिरीन्द्रैकरदाय नमः ॥ ॐ धर्माय नमः ॥ ॐ धर्मिष्ठाय नमः ॥ ॐ सामबृंहिताय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ ग्रहर्क्षदशनाय नमः ॥ ॐ वाणीजिह्वाय नमः ॥ ॐ वासवनासिकाय नमः ॥ ॐ कुलाचलांसाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ सोमार्कघण्टाय नमः ॥ ॐ रुद्रशिरोधराय नमः ॥ ॐ नदीनदभुजाय नमः ॥ ॐ सर्पाङ्गुळिकाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ तारकानखाय नमः ॥ ॐ भ्रूमध्यसंस्थतकराय नमः ॥ ॐ ब्रह्मविद्यामदोत्कटाय नमः ॥ ॐ व्योमनाभाय नमः ॥</strong></p>
<p><strong>ॐ श्रीहृदयाय नमः ॥ ॐ मेरुपृष्ठाय नमः ॥ ॐ अर्णवोदराय नमः ॥ ॐ कुक्षिस्थयक्षगन्धर्वरक्षः किन्नरमानुषाय नमः ॥</strong></p>
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