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	<title>जन्माष्टमी &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>जन्माष्टमी &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>जन्माष्टमी पर तुलसी के बिना अधूरी क्यों है श्रीकृष्ण की पूजा?</title>
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		<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 06:21:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="447" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/2-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/2-2.jpg 636w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/2-2-300x217.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार दो दिन बाद ही है। ऐसे में कान्हा के भक्तों में कमाल का उत्साह देखने को मिल रहा है। भाद्रपद महीने की अष्टमी तिथि आते ही हर गली-मोहल्ले में कन्हैया लाल की के जयकारे गूंजने लगते हैं। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और ठीक रात 12 बजे अपने प्यारे बाल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="447" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/2-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/2-2.jpg 636w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/09/2-2-300x217.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार दो दिन बाद ही है। ऐसे में कान्हा के भक्तों में कमाल का उत्साह देखने को मिल रहा है। भाद्रपद महीने की अष्टमी तिथि आते ही हर गली-मोहल्ले में कन्हैया लाल की के जयकारे गूंजने लगते हैं। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और ठीक रात 12 बजे अपने प्यारे बाल गोपाल का जन्मोत्सव मनाते हैं। पूजा की तैयारी लोगों ने अभी से शुरू कर दी है। चलिए जानते हैं छप्पन भोग के साथ श्रीकृष्ण को और क्या-क्या चीजें चढ़ाई जाती हैं।</p>



<p>क्या आप इस बात से वाकिफ हैं कि श्रीकृष्ण की पूजा में तुलसी दल का होना बहुत जरूरी है। इसके बिना भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अधूरी मानी जाती है? पूजा में माखन और मिश्री जितनी जरूरी है, तुलसी का महत्व भी उतना ही ज्यादा है। आइए इस आर्टिकल में समझते हैं कि कान्हा को तुलसी इतनी प्यारी क्यों है।</p>



<p><strong>कृष्ण और तुलसी का गहरा नाता<br></strong>हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बेहद पवित्र माना गया है। इन्हें साक्षात माता लक्ष्मी का रूप माना जाता है। श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के ही अवतार हैं, इसलिए विष्णु जी की तरह ही कान्हा को भी तुलसी बहुत प्रिय है। श्रीमद्भागवत पुराण और विष्णु पुराण में स्पष्ट लिखा है कि आप भगवान के सामने चाहे हजार तरह की मिठाइयां रख दें, लेकिन अगर उसमें तुलसी का पत्ता (तुलसी दल) नहीं है, तो भगवान उस भोग को स्वीकार ही नहीं करते। इसीलिए जन्माष्टमी के भोग में चाहे वह खीर हो या माखन तुलसी जरूर डाली जाती है।</p>



<p>स्कंद पुराण में एक श्लोक है, जिसमें तुलसी का महत्व बताया गया है-</p>



<p>“विना तुलसी दानेन यत् किंचित् दीयते हरये। तत् सर्वं निष्फलं याति…”</p>



<p>अर्थ: भगवान श्रीहरि को बिना तुलसी के जो कुछ भी भोग या दान अर्पित किया जाता है, वह सब निष्फल यानी बेकार हो जाता है, भगवान उसे ग्रहण नहीं करते।</p>



<p><strong>तुलसी के बिना भोग क्यों नहीं लगता?<br></strong>विष्णु जी का अवतार: भगवान कृष्ण विष्णु जी के रूप हैं और बिना तुलसी के भगवान विष्णु कोई भी भोग ग्रहण नहीं करते।</p>



<p>वृंदा का स्वरूप: पद्म पुराण (उत्तर खंड) के अनुसार, तुलसी को ‘वृंदा’ भी कहा जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि ‘वृंदावन’ का नाम उन्हीं के नाम पर पड़ा है।</p>



<p>शालिग्राम से विवाह: भगवान विष्णु के शालिग्राम रूप का विवाह तुलसी जी के साथ हुआ। इसलिए, हर शुभ काम और पूजा-पाठ में तुलसी का होना बेहद जरूरी है।</p>
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		<title>जन्माष्टमी के दिन मंजरी से जरूर करें ये काम, धन की समस्या से लेकर नेगेटिविटी होगी दूर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 Aug 2025 06:14:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[जन्माष्टमी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="468" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/234-11-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/234-11.jpg 868w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/234-11-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/234-11-768x581.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />तुलसी के पत्तों के साथ-साथ तुलसी की मंजरी का भी विशेष महत्व माना गया है। ऐसे में अगर जन्माष्टमी के दिन तुलसी की मंजरी से जुड़े कुछ उपाय करते हैं तो इससे आपको कई तरह के लाभ देखने को मिल सकते हैं। यह उपाय आपको नेगेटिविटी दूर करने से लेकर धन संबंधी समस्याओं तक से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="468" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/234-11-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/234-11.jpg 868w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/234-11-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/234-11-768x581.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>तुलसी के पत्तों के साथ-साथ तुलसी की मंजरी का भी विशेष महत्व माना गया है। ऐसे में अगर जन्माष्टमी के दिन तुलसी की मंजरी से जुड़े कुछ उपाय करते हैं तो इससे आपको कई तरह के लाभ देखने को मिल सकते हैं। यह उपाय आपको नेगेटिविटी दूर करने से लेकर धन संबंधी समस्याओं तक से छुटकारा दिला सकते हैं। चलिए जानते हैं मंजरी के कुछ उपाय।</p>



<p>आज यानी 15 अगस्त के दिन जन्माष्टमी (Janmashtami 2025) का पर्व का पर्व मनाया जा रहा है। वहीं कई साधक 16 अगस्त के दिन भी जन्माष्टमी का व्रत करेंगे। पंचांग के अनुसार, भाद्रपद में आने वाली कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। ऐसे में कान्हा जी की कृपा प्राप्ति के लिए यह एक उत्तम दिन है। शुभ परिणामों के लिए इस दिन पर आप मंजरी से जुड़े कुछ चमत्कारी उपाय कर सकते हैं।</p>



<p><strong>नहीं होगी धन की समस्या</strong><br>जन्माष्टमी के दिन पूजा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण को मंजरी अर्पित करें। अगले दिन मंजरी को एक लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या धन के स्थान पर रख दें। ऐसा करने से साधक की धन संबंधी समस्याएं दूर हो सकती हैं। इतना ही नहीं आपको अपने पर्स में भी मंजरी रखने से फायदा मिल सकता है। मंजरी को अपनी तिजोरी में रखते समय आपको इस मंत्र का जप करना चाहिए –</p>



<p>तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी।</p>



<p>धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।।</p>



<p>लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्।</p>



<p>तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया।।</p>



<p><strong>दूर होगी नेगेटिविटी</strong><br>कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर गंगाजल में तुलसी की मंजरी मिलाकर इसका पूरे घर में छिड़काव करें। इस उपाय को करने से नकारात्मकता घर से दूर बनी रहती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही इससे घर में खुशहाली का माहौल भी बना रहता है।</p>



<p><strong>जरूर करें ये उपाय</strong><br>अगर आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं, तो इससे छुटकारा पाने के लिए जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर मंजरी से जुड़ा ये उपाय कर सकते हैं। इसके लिए जन्माष्टमी के दिन स्नान-ध्यान के बाद तुलसी की मंजरी और दूध से भगवान विष्णु का अभिषेक करें। इस उपाय को करने से साधक के लिए धन लाभ के योग बनने लगते हैं।</p>



<p><strong>मंजरी से जुड़े नियम</strong><br>तुलसी की मंजरी को कभी भी रविवार या एकादशी के दिन नहीं तोड़ना चाहिए। शाम होने के बाद भी तुलसी की मंजरी नहीं तोड़नी चाहिए। इसके साथ ही तुलसी की मंजरी को हरी होने पर भी तोड़ा जा सकता है और सूखने के बाद भी। इसके साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि मंजरी को कभी भी नाखूनों की मदद से न तोड़ें और न ही जमीन पर गिरी हुई मंजरी को भगवान को अर्पित करना चाहिए।</p>
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		<title>जन्माष्टमी पूजा में करें तुलसी स्तुति का पाठ…</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 26 Aug 2024 10:57:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[जन्माष्टमी]]></category>
		<category><![CDATA[तुलसी स्तुति]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="304" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-384-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-384.jpg 763w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-384-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />सनातन धर्म में ज्योतिष शास्त्र का अधिक महत्व है। इसमें जातक के जीवन से जुड़ी सभी समस्या के समाधान के बारे में बताया गया है। यदि आप भी किसी परेशानी का सामना कर रहे हैं तो जन्माष्टमी (Janmashtami 2024) के शुभ अवसर पर तुलसी के पौधे की विधिपूर्वक उपासना कर मंत्रों का जप करें। इससे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="304" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-384-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-384.jpg 763w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-384-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सनातन धर्म में ज्योतिष शास्त्र का अधिक महत्व है। इसमें जातक के जीवन से जुड़ी सभी समस्या के समाधान के बारे में बताया गया है। यदि आप भी किसी परेशानी का सामना कर रहे हैं तो जन्माष्टमी (Janmashtami 2024) के शुभ अवसर पर तुलसी के पौधे की विधिपूर्वक उपासना कर मंत्रों का जप करें। इससे जीवन में खुशियों का आगमन होगा।</p>



<p>धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जगत के पालनहार भगवान विष्णु को तुलसी का पौधा बेहद प्रिय है। अधिकतर हिंदुओं के घर में तुलसी का पौधा देखने को मिलता है। इस पौधे की पूजा-अर्चना करने से धन लाभ के योग बनते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। आज यानी 26 अगस्त को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। अगर आप शुभ प्राप्ति चाहते हैं, तो आज पूजा के समय तुलसी स्तुति और मन्त्रों का जप करें। ऐसा करने से आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलेगी और वैवाहिक रिश्ते मजबूत होंगे।</p>



<p><strong>तुलसी पूजा से मिलते हैं कई लाभ</strong><br>सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।<br>कभी भी धन की कमी नहीं होती है।<br>घर में सकारात्मक ऊर्जा वास होता है।<br>मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।</p>



<p><strong>तुलसी स्तुति मंत्र</strong><br>देवी त्वं निर्मिता पूर्वमर्चितासि मुनीश्वरैः</p>



<p>नमो नमस्ते तुलसी पापं हर हरिप्रिये।।</p>



<p>तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी।</p>



<p>धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।।</p>



<p>लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्।</p>



<p>तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया।।</p>



<p><strong>तुलसी ध्यान मंत्र</strong><br>तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी।</p>



<p>धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।।</p>



<p>लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्।</p>



<p>तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया।।</p>



<p><strong>तुलसी नामाष्टक मंत्र</strong><br>वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी।</p>



<p>पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी।।</p>



<p>एतभामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम।</p>



<p>य: पठेत तां च सम्पूज्य सौश्रमेघ फलंलमेता।।</p>



<p><strong>तुलसी पूजन मंत्र</strong><br>तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी।</p>



<p>धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।।</p>



<p>लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्।</p>



<p>तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया।।</p>



<p><strong>तुलसी नामाष्टक मंत्र</strong><br>वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी।</p>



<p>पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी।।</p>



<p>एतभामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम।</p>



<p>य: पठेत तां च सम्पूज्य सौश्रमेघ फलंलमेता।।</p>



<p><strong>भगवान श्रीकृष्ण के मंत्र</strong></p>



<p>ॐ कृष्णाय नमः</p>



<p>हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।</p>



<ol class="wp-block-list"></ol>



<p>हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।।</p>



<p>ॐ श्री कृष्णः शरणं ममः</p>



<p>ॐ देव्किनन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात</p>



<p>ॐ नमो भगवते तस्मै कृष्णाया कुण्ठमेधसे।</p>



<ol class="wp-block-list" start="3"></ol>



<p>सर्वव्याधि विनाशाय प्रभो माममृतं कृधि।।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जन्माष्टमी पर करें राधा रानी को प्रसन्न, मिलेगा व्रत का पूर्ण फल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 26 Aug 2024 10:01:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[जन्माष्टमी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="345" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-383-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-383.jpg 765w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-383-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />जन्माष्टमी का त्योहार बेहद पुण्यदायी माना जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन का खास महत्व है। जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में हर साल धूमधाम के साथ मनाई जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी (Janmashtami 2024) भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="345" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-383-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-383.jpg 765w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-383-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>जन्माष्टमी का त्योहार बेहद पुण्यदायी माना जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन का खास महत्व है। जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में हर साल धूमधाम के साथ मनाई जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी (Janmashtami 2024) भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन भगवान कृष्ण के साथ राधा रानी की पूजा बहुत फलदायी होती है।</p>



<p>जन्माष्टमी का दिन हिंदू धर्म में बेहद शुभ माना जाता है। इसे गोकुलाष्टमी, कृष्णाष्टमी, श्रीजयंती के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण की पूजा का विधान है। यह पर्व हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल यह व्रत आज यानी 26 अगस्त को रखा जा रहा है। ऐसी मान्यता है कि इस तिथि पर भगवान कृष्ण की पूजा करने से सुख और शांति की प्राप्ति होती है। साथ ही सभी कार्य पूर्ण होते हैं।</p>



<p>वहीं, इस तिथि पर अगर आप कान्हा जी के साथ राधा रानी की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो आपको इस दिन पूजा-पाठ के बाद श्री राधा कपाट स्तोत्र (Shri Radha Kripa Kataksh Stotra ka patha) का पाठ अवश्य करना चाहिए। इससे मुरलीधर और देवी राधा प्रसन्न होती हैं।</p>



<p><strong>।।श्री राधा कपाट स्तोत्र।।</strong></p>



<p>मुनीन्दवृन्दवन्दिते त्रिलोकशोकहारिणी,</p>



<p>प्रसन्नवक्त्रपंकजे निकंजभूविलासिनी।</p>



<p>व्रजेन्दभानुनन्दिनी व्रजेन्द सूनुसंगते,</p>



<p>कदा करिष्यसीह मां कृपा कटाक्ष भाजनम्॥</p>



<p>अशोकवृक्ष वल्लरी वितानमण्डपस्थिते,</p>



<p>प्रवालज्वालपल्लव प्रभारूणाङि्घ् कोमले।</p>



<p>वराभयस्फुरत्करे प्रभूतसम्पदालये,</p>



<p>कदा करिष्यसीह मां कृपा-कटाक्ष-भाजनम्॥</p>



<p>अनंगरंगमंगल प्रसंगभंगुरभ्रुवां,</p>



<p>सुविभ्रमं ससम्भ्रमं दृगन्तबाणपातनैः।</p>



<p>निरन्तरं वशीकृत प्रतीतनन्दनन्दने,</p>



<p>कदा करिष्यसीह मां कृपा-कटाक्ष भाजनम्॥</p>



<p>तड़ित्सुवर्ण चम्पक प्रदीप्तगौरविग्रहे,</p>



<p>मुखप्रभा परास्त-कोटि शारदेन्दुमण्ङले।</p>



<p>विचित्रचित्र-संचरच्चकोरशाव लोचने,</p>



<p>कदा करिष्यसीह मां कृपा-कटाक्ष भाजनम्॥</p>



<p>मदोन्मदाति यौवने प्रमोद मानमण्डिते,</p>



<p>प्रियानुरागरंजिते कलाविलासपणि्डते।</p>



<p>अनन्य धन्यकुंजराज कामकेलिकोविदे,</p>



<p>कदा करिष्यसीह मां कृपा-कटाक्ष-भाजनम्॥</p>



<p>अशेषहावभाव धीरहीर हार भूषिते,</p>



<p>प्रभूतशातकुम्भकुम्भ कुमि्भकुम्भसुस्तनी।</p>



<p>प्रशस्तमंदहास्यचूर्ण पूर्ण सौख्यसागरे,</p>



<p>कदा करिष्यसीह मां कृपा कटाक्ष भाजनम्॥</p>



<p>मृणाल वालवल्लरी तरंग रंग दोर्लते ,</p>



<p>लताग्रलास्यलोलनील लोचनावलोकने।</p>



<p>ललल्लुलमि्लन्मनोज्ञ मुग्ध मोहनाश्रिते</p>



<p>कदा करिष्यसीह मां कृपा कटाक्ष भाजनम्॥</p>



<p>सुवर्ण्मालिकांचिते त्रिरेख कम्बुकण्ठगे,</p>



<p>त्रिसुत्रमंगलीगुण त्रिरत्नदीप्ति दीधिते।</p>



<p>सलोल नीलकुन्तले प्रसूनगुच्छगुम्फिते,</p>



<p>कदा करिष्यसीह मां कृपा कटाक्ष भाजनम्॥</p>



<p>नितम्बबिम्बलम्बमान पुष्पमेखलागुण,</p>



<p>प्रशस्तरत्नकिंकणी कलापमध्यमंजुले।</p>



<p>करीन्द्रशुण्डदण्डिका वरोहसोभगोरुके,</p>



<p>कदा करिष्यसीह मां कृपा कटाक्ष भाजनम्॥</p>



<p>अनेकमन्त्रनादमंजु नूपुरारवस्खलत्,</p>



<p>समाजराजहंसवंश निक्वणाति गौरवे,</p>



<p>विलोलहेमवल्लरी विडमि्बचारू चक्रमे,</p>



<p>कदा करिष्यसीह मां कृपा कटाक्ष भाजनम्॥</p>



<p>अनन्तकोटिविष्णुलोक नम्र पदम जार्चिते,</p>



<p>हिमद्रिजा पुलोमजा-विरंचिजावरप्रदे।</p>



<p>अपार सिद्धिऋद्धि दिग्ध -सत्पदांगुलीनखे,</p>



<p>कदा करिष्यसीह मां कृपा कटाक्ष भाजनम्॥</p>



<p>मखेश्वरी क्रियेश्वरी स्वधेश्वरी सुरेश्वरी,</p>



<p>त्रिवेदभारतीश्वरी प्रमाणशासनेश्वरी।</p>



<p>रमेश्वरी क्षमेश्वरी प्रमोदकाननेश्वरी,</p>



<p>ब्रजेश्वरी ब्रजाधिपे श्रीराधिके नमोस्तुते॥</p>



<p>इतीदमतभुतस्तवं निशम्य भानुननि्दनी,</p>



<p>करोतु संततं जनं कृपाकटाक्ष भाजनम्।</p>



<p>भवेत्तादैव संचित त्रिरूपकर्मनाशनं,</p>



<p>लभेत्तादब्रजेन्द्रसूनु मण्डल प्रवेशनम्॥</p>



<p>राकायां च सिताष्टम्यां दशम्यां च विशुद्धधीः ।</p>



<p>एकादश्यां त्रयोदश्यां यः पठेत्साधकः सुधीः ॥</p>



<p>यं यं कामयते कामं तं तमाप्नोति साधकः ।</p>



<p>राधाकृपाकटाक्षेण भक्तिःस्यात् प्रेमलक्षणा ॥</p>



<p>ऊरुदघ्ने नाभिदघ्ने हृद्दघ्ने कण्ठदघ्नके ।</p>



<p>राधाकुण्डजले स्थिता यः पठेत् साधकः शतम् ॥</p>



<p>तस्य सर्वार्थ सिद्धिः स्याद् वाक्सामर्थ्यं तथा लभेत् ।</p>



<p>ऐश्वर्यं च लभेत् साक्षाद्दृशा पश्यति राधिकाम् ॥</p>



<p>तेन स तत्क्षणादेव तुष्टा दत्ते महावरम् ।</p>



<p>येन पश्यति नेत्राभ्यां तत् प्रियं श्यामसुन्दरम् ॥</p>



<p>नित्यलीला प्रवेशं च ददाति श्री व्रजाधिपः ।</p>



<p>अतः परतरं प्रार्थ्यं वैष्णवस्य न विद्यते ॥</p>
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		<title>पंजाब में जन्माष्टमी पर झमाझम बारिश का अलर्ट</title>
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		<pubDate>Mon, 26 Aug 2024 05:35:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[जन्माष्टमी]]></category>
		<category><![CDATA[झमाझम बारिश का अलर्ट]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="325" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-356-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-356.jpg 906w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-356-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-356-768x403.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />पंजाब के मौसम को लेकर अहम खबर सामने आ रही है। दरअसल, मौसम विभाग ने सोमवार यानी आज श्री कृष्ण जन्माष्टमी के त्योहार के दौरान येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने के आसार है। बता दें कि पिछले 24 घंटों में 11.7 मि.मी. बारिश हुई लेकिन अधिकतम तापमान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="325" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-356-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-356.jpg 906w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-356-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-356-768x403.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>पंजाब के मौसम को लेकर अहम खबर सामने आ रही है। दरअसल, मौसम विभाग ने सोमवार यानी आज श्री कृष्ण जन्माष्टमी के त्योहार के दौरान येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने के आसार है। बता दें कि पिछले 24 घंटों में 11.7 मि.मी. बारिश हुई लेकिन अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री रहा। इसी तरह न्यूनतम तापमान 25.3 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि, इस बार मॉनसून सीजन कमजोर रहा। अब तक सामान्य से करीब 22 फीसदी कम बारिश हुई। इसके चलते गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है।</p>



<p><strong>जून और जुलाई में मानसून रहा ये असर</strong><br>मानसून का मौसम 1 जून से 30 सितंबर तक चार महीने तक रहता है। चंडीगढ़ में सामान्य बारिश का कोटा 844.8 मि.मी. है, लेकिन अब तक 520.9 मि.मी. बारिश हो चुकी है, जो सामान्य बारिश से 20.8 फीसदी कम है। अगस्त खत्म होने में एक सप्ताह बाकी है और अभी भी 266.9 मि.मी. से ज्यादा बारिश हो चुकी है। जुलाई में 236 मि.मी. और जून में 9.9 मि.मी. बारिश हुई। मौसम विभाग ने इस बार अच्छे मानसून के संकेत दिए थे। इसके बावजूद जून और जुलाई लगभग सूखे ही रहे। जून में औसत वर्षा 155.5 मि.मी. और वर्षा 9.9 मि.मी. है। जुलाई में 283.5 मि.मी. बारिश को सामान्य माना जाता है।</p>



<p><strong>अगस्त 2020 में रिकॉर्ड 441.3 मि.मी. बारिश</strong><br>मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में मानसून सीजन में बारिश का कोटा पूरा हो सकता है। अगस्त को मानसून के मौसम का चरम माना जाता है क्योंकि शहर में अच्छी वर्षा होती है। इससे पहले 2020 में पूरे अगस्त में सबसे ज्यादा 441.3 मि.मी. बारिश हुई थी, जो पिछले 10 साल का रिकॉर्ड है।</p>
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