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	<title>जन्माष्टमी &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>जन्माष्टमी &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>जन्माष्टमी के दिन मंजरी से जरूर करें ये काम, धन की समस्या से लेकर नेगेटिविटी होगी दूर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 Aug 2025 06:14:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[जन्माष्टमी]]></category>
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					<description><![CDATA[तुलसी के पत्तों के साथ-साथ तुलसी की मंजरी का भी विशेष महत्व माना गया है। ऐसे में अगर जन्माष्टमी के दिन तुलसी की मंजरी से जुड़े कुछ उपाय करते हैं तो इससे आपको कई तरह के लाभ देखने को मिल सकते हैं। यह उपाय आपको नेगेटिविटी दूर करने से लेकर धन संबंधी समस्याओं तक से &#8230;]]></description>
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<p>तुलसी के पत्तों के साथ-साथ तुलसी की मंजरी का भी विशेष महत्व माना गया है। ऐसे में अगर जन्माष्टमी के दिन तुलसी की मंजरी से जुड़े कुछ उपाय करते हैं तो इससे आपको कई तरह के लाभ देखने को मिल सकते हैं। यह उपाय आपको नेगेटिविटी दूर करने से लेकर धन संबंधी समस्याओं तक से छुटकारा दिला सकते हैं। चलिए जानते हैं मंजरी के कुछ उपाय।</p>



<p>आज यानी 15 अगस्त के दिन जन्माष्टमी (Janmashtami 2025) का पर्व का पर्व मनाया जा रहा है। वहीं कई साधक 16 अगस्त के दिन भी जन्माष्टमी का व्रत करेंगे। पंचांग के अनुसार, भाद्रपद में आने वाली कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। ऐसे में कान्हा जी की कृपा प्राप्ति के लिए यह एक उत्तम दिन है। शुभ परिणामों के लिए इस दिन पर आप मंजरी से जुड़े कुछ चमत्कारी उपाय कर सकते हैं।</p>



<p><strong>नहीं होगी धन की समस्या</strong><br>जन्माष्टमी के दिन पूजा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण को मंजरी अर्पित करें। अगले दिन मंजरी को एक लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या धन के स्थान पर रख दें। ऐसा करने से साधक की धन संबंधी समस्याएं दूर हो सकती हैं। इतना ही नहीं आपको अपने पर्स में भी मंजरी रखने से फायदा मिल सकता है। मंजरी को अपनी तिजोरी में रखते समय आपको इस मंत्र का जप करना चाहिए –</p>



<p>तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी।</p>



<p>धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।।</p>



<p>लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्।</p>



<p>तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया।।</p>



<p><strong>दूर होगी नेगेटिविटी</strong><br>कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर गंगाजल में तुलसी की मंजरी मिलाकर इसका पूरे घर में छिड़काव करें। इस उपाय को करने से नकारात्मकता घर से दूर बनी रहती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही इससे घर में खुशहाली का माहौल भी बना रहता है।</p>



<p><strong>जरूर करें ये उपाय</strong><br>अगर आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं, तो इससे छुटकारा पाने के लिए जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर मंजरी से जुड़ा ये उपाय कर सकते हैं। इसके लिए जन्माष्टमी के दिन स्नान-ध्यान के बाद तुलसी की मंजरी और दूध से भगवान विष्णु का अभिषेक करें। इस उपाय को करने से साधक के लिए धन लाभ के योग बनने लगते हैं।</p>



<p><strong>मंजरी से जुड़े नियम</strong><br>तुलसी की मंजरी को कभी भी रविवार या एकादशी के दिन नहीं तोड़ना चाहिए। शाम होने के बाद भी तुलसी की मंजरी नहीं तोड़नी चाहिए। इसके साथ ही तुलसी की मंजरी को हरी होने पर भी तोड़ा जा सकता है और सूखने के बाद भी। इसके साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि मंजरी को कभी भी नाखूनों की मदद से न तोड़ें और न ही जमीन पर गिरी हुई मंजरी को भगवान को अर्पित करना चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जन्माष्टमी पूजा में करें तुलसी स्तुति का पाठ…</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 26 Aug 2024 10:57:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[जन्माष्टमी]]></category>
		<category><![CDATA[तुलसी स्तुति]]></category>
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					<description><![CDATA[सनातन धर्म में ज्योतिष शास्त्र का अधिक महत्व है। इसमें जातक के जीवन से जुड़ी सभी समस्या के समाधान के बारे में बताया गया है। यदि आप भी किसी परेशानी का सामना कर रहे हैं तो जन्माष्टमी (Janmashtami 2024) के शुभ अवसर पर तुलसी के पौधे की विधिपूर्वक उपासना कर मंत्रों का जप करें। इससे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>सनातन धर्म में ज्योतिष शास्त्र का अधिक महत्व है। इसमें जातक के जीवन से जुड़ी सभी समस्या के समाधान के बारे में बताया गया है। यदि आप भी किसी परेशानी का सामना कर रहे हैं तो जन्माष्टमी (Janmashtami 2024) के शुभ अवसर पर तुलसी के पौधे की विधिपूर्वक उपासना कर मंत्रों का जप करें। इससे जीवन में खुशियों का आगमन होगा।</p>



<p>धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जगत के पालनहार भगवान विष्णु को तुलसी का पौधा बेहद प्रिय है। अधिकतर हिंदुओं के घर में तुलसी का पौधा देखने को मिलता है। इस पौधे की पूजा-अर्चना करने से धन लाभ के योग बनते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। आज यानी 26 अगस्त को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। अगर आप शुभ प्राप्ति चाहते हैं, तो आज पूजा के समय तुलसी स्तुति और मन्त्रों का जप करें। ऐसा करने से आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलेगी और वैवाहिक रिश्ते मजबूत होंगे।</p>



<p><strong>तुलसी पूजा से मिलते हैं कई लाभ</strong><br>सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।<br>कभी भी धन की कमी नहीं होती है।<br>घर में सकारात्मक ऊर्जा वास होता है।<br>मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।</p>



<p><strong>तुलसी स्तुति मंत्र</strong><br>देवी त्वं निर्मिता पूर्वमर्चितासि मुनीश्वरैः</p>



<p>नमो नमस्ते तुलसी पापं हर हरिप्रिये।।</p>



<p>तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी।</p>



<p>धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।।</p>



<p>लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्।</p>



<p>तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया।।</p>



<p><strong>तुलसी ध्यान मंत्र</strong><br>तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी।</p>



<p>धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।।</p>



<p>लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्।</p>



<p>तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया।।</p>



<p><strong>तुलसी नामाष्टक मंत्र</strong><br>वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी।</p>



<p>पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी।।</p>



<p>एतभामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम।</p>



<p>य: पठेत तां च सम्पूज्य सौश्रमेघ फलंलमेता।।</p>



<p><strong>तुलसी पूजन मंत्र</strong><br>तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी।</p>



<p>धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।।</p>



<p>लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्।</p>



<p>तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया।।</p>



<p><strong>तुलसी नामाष्टक मंत्र</strong><br>वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी।</p>



<p>पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी।।</p>



<p>एतभामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम।</p>



<p>य: पठेत तां च सम्पूज्य सौश्रमेघ फलंलमेता।।</p>



<p><strong>भगवान श्रीकृष्ण के मंत्र</strong></p>



<p>ॐ कृष्णाय नमः</p>



<p>हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।</p>



<ol class="wp-block-list"></ol>



<p>हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।।</p>



<p>ॐ श्री कृष्णः शरणं ममः</p>



<p>ॐ देव्किनन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात</p>



<p>ॐ नमो भगवते तस्मै कृष्णाया कुण्ठमेधसे।</p>



<ol class="wp-block-list" start="3"></ol>



<p>सर्वव्याधि विनाशाय प्रभो माममृतं कृधि।।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जन्माष्टमी पर करें राधा रानी को प्रसन्न, मिलेगा व्रत का पूर्ण फल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 26 Aug 2024 10:01:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[जन्माष्टमी]]></category>
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					<description><![CDATA[जन्माष्टमी का त्योहार बेहद पुण्यदायी माना जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन का खास महत्व है। जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में हर साल धूमधाम के साथ मनाई जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी (Janmashtami 2024) भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>जन्माष्टमी का त्योहार बेहद पुण्यदायी माना जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन का खास महत्व है। जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में हर साल धूमधाम के साथ मनाई जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी (Janmashtami 2024) भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन भगवान कृष्ण के साथ राधा रानी की पूजा बहुत फलदायी होती है।</p>



<p>जन्माष्टमी का दिन हिंदू धर्म में बेहद शुभ माना जाता है। इसे गोकुलाष्टमी, कृष्णाष्टमी, श्रीजयंती के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण की पूजा का विधान है। यह पर्व हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल यह व्रत आज यानी 26 अगस्त को रखा जा रहा है। ऐसी मान्यता है कि इस तिथि पर भगवान कृष्ण की पूजा करने से सुख और शांति की प्राप्ति होती है। साथ ही सभी कार्य पूर्ण होते हैं।</p>



<p>वहीं, इस तिथि पर अगर आप कान्हा जी के साथ राधा रानी की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो आपको इस दिन पूजा-पाठ के बाद श्री राधा कपाट स्तोत्र (Shri Radha Kripa Kataksh Stotra ka patha) का पाठ अवश्य करना चाहिए। इससे मुरलीधर और देवी राधा प्रसन्न होती हैं।</p>



<p><strong>।।श्री राधा कपाट स्तोत्र।।</strong></p>



<p>मुनीन्दवृन्दवन्दिते त्रिलोकशोकहारिणी,</p>



<p>प्रसन्नवक्त्रपंकजे निकंजभूविलासिनी।</p>



<p>व्रजेन्दभानुनन्दिनी व्रजेन्द सूनुसंगते,</p>



<p>कदा करिष्यसीह मां कृपा कटाक्ष भाजनम्॥</p>



<p>अशोकवृक्ष वल्लरी वितानमण्डपस्थिते,</p>



<p>प्रवालज्वालपल्लव प्रभारूणाङि्घ् कोमले।</p>



<p>वराभयस्फुरत्करे प्रभूतसम्पदालये,</p>



<p>कदा करिष्यसीह मां कृपा-कटाक्ष-भाजनम्॥</p>



<p>अनंगरंगमंगल प्रसंगभंगुरभ्रुवां,</p>



<p>सुविभ्रमं ससम्भ्रमं दृगन्तबाणपातनैः।</p>



<p>निरन्तरं वशीकृत प्रतीतनन्दनन्दने,</p>



<p>कदा करिष्यसीह मां कृपा-कटाक्ष भाजनम्॥</p>



<p>तड़ित्सुवर्ण चम्पक प्रदीप्तगौरविग्रहे,</p>



<p>मुखप्रभा परास्त-कोटि शारदेन्दुमण्ङले।</p>



<p>विचित्रचित्र-संचरच्चकोरशाव लोचने,</p>



<p>कदा करिष्यसीह मां कृपा-कटाक्ष भाजनम्॥</p>



<p>मदोन्मदाति यौवने प्रमोद मानमण्डिते,</p>



<p>प्रियानुरागरंजिते कलाविलासपणि्डते।</p>



<p>अनन्य धन्यकुंजराज कामकेलिकोविदे,</p>



<p>कदा करिष्यसीह मां कृपा-कटाक्ष-भाजनम्॥</p>



<p>अशेषहावभाव धीरहीर हार भूषिते,</p>



<p>प्रभूतशातकुम्भकुम्भ कुमि्भकुम्भसुस्तनी।</p>



<p>प्रशस्तमंदहास्यचूर्ण पूर्ण सौख्यसागरे,</p>



<p>कदा करिष्यसीह मां कृपा कटाक्ष भाजनम्॥</p>



<p>मृणाल वालवल्लरी तरंग रंग दोर्लते ,</p>



<p>लताग्रलास्यलोलनील लोचनावलोकने।</p>



<p>ललल्लुलमि्लन्मनोज्ञ मुग्ध मोहनाश्रिते</p>



<p>कदा करिष्यसीह मां कृपा कटाक्ष भाजनम्॥</p>



<p>सुवर्ण्मालिकांचिते त्रिरेख कम्बुकण्ठगे,</p>



<p>त्रिसुत्रमंगलीगुण त्रिरत्नदीप्ति दीधिते।</p>



<p>सलोल नीलकुन्तले प्रसूनगुच्छगुम्फिते,</p>



<p>कदा करिष्यसीह मां कृपा कटाक्ष भाजनम्॥</p>



<p>नितम्बबिम्बलम्बमान पुष्पमेखलागुण,</p>



<p>प्रशस्तरत्नकिंकणी कलापमध्यमंजुले।</p>



<p>करीन्द्रशुण्डदण्डिका वरोहसोभगोरुके,</p>



<p>कदा करिष्यसीह मां कृपा कटाक्ष भाजनम्॥</p>



<p>अनेकमन्त्रनादमंजु नूपुरारवस्खलत्,</p>



<p>समाजराजहंसवंश निक्वणाति गौरवे,</p>



<p>विलोलहेमवल्लरी विडमि्बचारू चक्रमे,</p>



<p>कदा करिष्यसीह मां कृपा कटाक्ष भाजनम्॥</p>



<p>अनन्तकोटिविष्णुलोक नम्र पदम जार्चिते,</p>



<p>हिमद्रिजा पुलोमजा-विरंचिजावरप्रदे।</p>



<p>अपार सिद्धिऋद्धि दिग्ध -सत्पदांगुलीनखे,</p>



<p>कदा करिष्यसीह मां कृपा कटाक्ष भाजनम्॥</p>



<p>मखेश्वरी क्रियेश्वरी स्वधेश्वरी सुरेश्वरी,</p>



<p>त्रिवेदभारतीश्वरी प्रमाणशासनेश्वरी।</p>



<p>रमेश्वरी क्षमेश्वरी प्रमोदकाननेश्वरी,</p>



<p>ब्रजेश्वरी ब्रजाधिपे श्रीराधिके नमोस्तुते॥</p>



<p>इतीदमतभुतस्तवं निशम्य भानुननि्दनी,</p>



<p>करोतु संततं जनं कृपाकटाक्ष भाजनम्।</p>



<p>भवेत्तादैव संचित त्रिरूपकर्मनाशनं,</p>



<p>लभेत्तादब्रजेन्द्रसूनु मण्डल प्रवेशनम्॥</p>



<p>राकायां च सिताष्टम्यां दशम्यां च विशुद्धधीः ।</p>



<p>एकादश्यां त्रयोदश्यां यः पठेत्साधकः सुधीः ॥</p>



<p>यं यं कामयते कामं तं तमाप्नोति साधकः ।</p>



<p>राधाकृपाकटाक्षेण भक्तिःस्यात् प्रेमलक्षणा ॥</p>



<p>ऊरुदघ्ने नाभिदघ्ने हृद्दघ्ने कण्ठदघ्नके ।</p>



<p>राधाकुण्डजले स्थिता यः पठेत् साधकः शतम् ॥</p>



<p>तस्य सर्वार्थ सिद्धिः स्याद् वाक्सामर्थ्यं तथा लभेत् ।</p>



<p>ऐश्वर्यं च लभेत् साक्षाद्दृशा पश्यति राधिकाम् ॥</p>



<p>तेन स तत्क्षणादेव तुष्टा दत्ते महावरम् ।</p>



<p>येन पश्यति नेत्राभ्यां तत् प्रियं श्यामसुन्दरम् ॥</p>



<p>नित्यलीला प्रवेशं च ददाति श्री व्रजाधिपः ।</p>



<p>अतः परतरं प्रार्थ्यं वैष्णवस्य न विद्यते ॥</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पंजाब में जन्माष्टमी पर झमाझम बारिश का अलर्ट</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%ac-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%9d/577341</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 26 Aug 2024 05:35:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[जन्माष्टमी]]></category>
		<category><![CDATA[झमाझम बारिश का अलर्ट]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के मौसम को लेकर अहम खबर सामने आ रही है। दरअसल, मौसम विभाग ने सोमवार यानी आज श्री कृष्ण जन्माष्टमी के त्योहार के दौरान येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने के आसार है। बता दें कि पिछले 24 घंटों में 11.7 मि.मी. बारिश हुई लेकिन अधिकतम तापमान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पंजाब के मौसम को लेकर अहम खबर सामने आ रही है। दरअसल, मौसम विभाग ने सोमवार यानी आज श्री कृष्ण जन्माष्टमी के त्योहार के दौरान येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने के आसार है। बता दें कि पिछले 24 घंटों में 11.7 मि.मी. बारिश हुई लेकिन अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री रहा। इसी तरह न्यूनतम तापमान 25.3 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि, इस बार मॉनसून सीजन कमजोर रहा। अब तक सामान्य से करीब 22 फीसदी कम बारिश हुई। इसके चलते गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है।</p>



<p><strong>जून और जुलाई में मानसून रहा ये असर</strong><br>मानसून का मौसम 1 जून से 30 सितंबर तक चार महीने तक रहता है। चंडीगढ़ में सामान्य बारिश का कोटा 844.8 मि.मी. है, लेकिन अब तक 520.9 मि.मी. बारिश हो चुकी है, जो सामान्य बारिश से 20.8 फीसदी कम है। अगस्त खत्म होने में एक सप्ताह बाकी है और अभी भी 266.9 मि.मी. से ज्यादा बारिश हो चुकी है। जुलाई में 236 मि.मी. और जून में 9.9 मि.मी. बारिश हुई। मौसम विभाग ने इस बार अच्छे मानसून के संकेत दिए थे। इसके बावजूद जून और जुलाई लगभग सूखे ही रहे। जून में औसत वर्षा 155.5 मि.मी. और वर्षा 9.9 मि.मी. है। जुलाई में 283.5 मि.मी. बारिश को सामान्य माना जाता है।</p>



<p><strong>अगस्त 2020 में रिकॉर्ड 441.3 मि.मी. बारिश</strong><br>मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में मानसून सीजन में बारिश का कोटा पूरा हो सकता है। अगस्त को मानसून के मौसम का चरम माना जाता है क्योंकि शहर में अच्छी वर्षा होती है। इससे पहले 2020 में पूरे अगस्त में सबसे ज्यादा 441.3 मि.मी. बारिश हुई थी, जो पिछले 10 साल का रिकॉर्ड है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>दिल्ली: जन्माष्टमी के लिए फूलों और रोशनी से सजे मंदिर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 26 Aug 2024 05:01:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[जन्माष्टमी]]></category>
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					<description><![CDATA[द्वारका, पंजाबी बाग आदि स्थानों पर धार्मिक महोत्सवों का आयोजन किया गया है, जहां भक्ति और संगीत का संगम होगा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की महिमा से अवगत कराना है। राजधानी के प्रमुख मंदिरों में जन्माष्टमी के लिए खास तैयारी की गई है। विभिन्न मंदिरों में सोमवार को भगवान श्रीकृष्ण का &#8230;]]></description>
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<p>द्वारका, पंजाबी बाग आदि स्थानों पर धार्मिक महोत्सवों का आयोजन किया गया है, जहां भक्ति और संगीत का संगम होगा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की महिमा से अवगत कराना है।</p>



<p>राजधानी के प्रमुख मंदिरों में जन्माष्टमी के लिए खास तैयारी की गई है। विभिन्न मंदिरों में सोमवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्म धूमधाम से मनाया जाएगा। मंदिरों को फूलों और रोशनी से सजाया गया है। प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।</p>



<p>सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था भी की गई है। राजधानी के लक्ष्मी नारायण मंदिर, ईस्ट आफ कैलाश, पंजाबी बाग, रोहिणी, द्वारका स्थित इस्कान मंदिर, बद्री भगत झण्डेवाला मंदिर, छतरपुर मंदिर, प्रीत विहार का गुफा वाला मंदिर, आसफ अली रोड स्थित श्रीराम हनुमान वाटिका आदि मंदिरों में श्रद्धालुओं के आगमन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।</p>



<p>मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। रात के समय 108 कलशों से भगवान श्रीकृष्ण का महाभिषेक किया जाएगा और 108 आरती उतारी जाएगी। इसके अलावा धार्मिक कार्यक्रमों की एक शृंखला का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें श्री कृष्ण लीला, श्रीमद्भागवत कथा, कीर्तन, और प्रवचन शामिल हैं। झांकियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का चित्रण किया जाएगा और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण की व्यवस्था की जाएगी।</p>



<p><strong>भक्ति और संगीत को होगा संगम</strong><br>धार्मिक संस्थाओं ने भी जन्माष्टमी के पर्व को भव्य बनाने के लिए कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इन आयोजनों में विख्यात गायकों और कलाकारों की प्रस्तुतियां शामिल हैं। द्वारका, पंजाबी बाग आदि स्थानों पर धार्मिक महोत्सवों का आयोजन किया गया है, जहां भक्ति और संगीत का संगम होगा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की महिमा से अवगत कराना और उत्सव की खुशियों को साझा करना है।</p>



<p><strong>सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान</strong><br>मंदिरों की सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान रखा गया है। प्रत्येक बड़े मंदिर में सौ से अधिक सेवादार तैनात किए गए हैं, जो श्रद्धालुओं की निगरानी करेंगे और व्यवस्था में कोई गड़बड़ी न होने देने का प्रयास करेंगे। वहीं पुलिस ने भी मंदिरों की सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में प्रवेश से पहले पुलिस की गहन जांच-पड़ताल से गुजरना पड़ेगा। मंदिरों के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो सुरक्षा की निगरानी में मदद करेंगे। इसके साथ ही पुलिस बल भी मंदिरों के आसपास गश्त करेगा और किसी भी असामान्य गतिविधि पर नजर रखेगा।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>जन्माष्टमी पर करें भगवान कृष्ण के शतनामावली स्तोत्र का पाठ</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%97%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a8/577243</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Aug 2024 08:04:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[जन्माष्टमी]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान कृष्ण]]></category>
		<category><![CDATA[शतनामावली स्तोत्र]]></category>
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					<description><![CDATA[जन्माष्टमी का पर्व सनातन धर्म में बहुत ही विशेष माना जाता है। यह त्योहार भगवान कृष्ण के जन्म का प्रतीक है। कृष्ण जन्माष्टमी (Janmashtami 2024) भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस बार यह 26 अगस्त 2024 दिन सोमवार को मनाई जाएगी। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन &#8230;]]></description>
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<p>जन्माष्टमी का पर्व सनातन धर्म में बहुत ही विशेष माना जाता है। यह त्योहार भगवान कृष्ण के जन्म का प्रतीक है। कृष्ण जन्माष्टमी (Janmashtami 2024) भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस बार यह 26 अगस्त 2024 दिन सोमवार को मनाई जाएगी। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन कान्हा का शतनामावली स्तोत्र का पाठ करना परम कल्याणकारी माना जाता है।</p>



<p>जन्माष्टमी का दिन अपने आप में बहुत ही शुभ होता है। यह दिन भगवान कृष्ण की पूजा के लिए समर्पित है। यह पर्व हर साल भगवान कृष्ण के भक्तों द्वारा पूर्ण भाव के साथ मनाया जाता है। इस त्योहार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, गोकुलाष्टमी, कृष्णाष्टमी या श्रीजयंती के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन कठिन उपवास का पालन करने से कान्हा जी की कृपा प्राप्त होती है।</p>



<p>साथ ही जीवन में खुशहाली आती है। वहीं, इस तिथि पर श्रीकृष्ण शतनामावली स्तोत्र का पाठ भी बहुत ही लाभकारी माना जाता है। ऐसे में इस दिन इस स्तोत्र का पाठ अवश्य करें।</p>



<p><strong>।।श्रीकृष्ण शतनामावली स्तोत्र।।</strong></p>



<p>श्रीकृष्ण: कमलानाथो वासुदेवः सनातनः !</p>



<p>वसुदेवात्मजः पुण्यो लीलामानुषविग्रहः ॥</p>



<p>श्रीवत्सकौस्तुभधरो यशोदावत्सलो हरिः !</p>



<p>चतुर्भुजात्तचक्रासिगदाशंखाद्युदायुधः ॥</p>



<p>देवकीनन्दनः श्रीशो नन्दगोपप्रियात्मजः !</p>



<p>यमुनावेगसंहारी बलभद्रप्रियानुजः ॥</p>



<p>पूतनाजीवितहरः शकटासुरभञ्जनः !</p>



<p>नन्दव्रजजनानन्दी सच्चिदानन्दविग्रहः ॥</p>



<p>नवनीतविलिप्ताङ्गो नवनीतनटोऽनघः !</p>



<p>नवनीतनवाहारो मुचुकुंदप्रसादकः ॥</p>



<p>षोडशस्त्रीसहस्रेशो त्रिभंगीललिताकृतिः !</p>



<p>शुकवागमृताब्धीन्दुः गोविन्दो गोविदां पतिः॥</p>



<p>वत्सवाटचरोऽनन्तो धेनुकासुरमर्द्दनः !</p>



<p>तृणीकृततृणावर्तो यमलार्जुनभञ्जनः ॥</p>



<p>उत्तालतालभेत्ता च तमालश्यामलाकृतिः !</p>



<p>गोपगोपीश्वरो योगी कोटिसूर्यसमप्रभः॥</p>



<p>इलापतिः परंज्योतिः यादवेन्द्रो यदूद्वहः</p>



<p>वनमाली पीतवासा पारिजातापहारकः ॥</p>



<p>गोवर्धनाचलोद्धर्त्ता गोपालस्सर्वपालकः !</p>



<p>अजो निरञ्जनः कामजनकः कञ्जलोचनः॥</p>



<p>मधुहा मथुरानाथो द्वारकानायको बली !</p>



<p>वृन्दावनांतसञ्चारी तुलसीदामभूषणः ॥</p>



<p>स्यमन्तकमणेर्हर्ता नरनारायणात्मकः !</p>



<p>कुब्जाकृष्टांबरधरो मायी परमपूरुषः ॥</p>



<p>मुष्टिकासुरचाणूरमल्लयुद्धविशारदः !</p>



<p>संसारवैरि कंसारी मुरारी नरकान्तकः ॥</p>



<p>अनादिब्रह्मचारी च कृष्णाव्यसनकर्शकः !</p>



<p>शिशुपालशिरच्छेत्ता दुर्योधनकुलान्तकः ॥</p>



<p>विदुराक्रूरवरदो विश्वरूपप्रदर्शकः !</p>



<p>सत्यवाक्सत्यसंकल्पः सत्यभामारतो जयी ॥</p>



<p>सुभद्रापूर्वजो विष्णुः भीष्ममुक्तिप्रदायकः !</p>



<p>जगद्गुरुर्जगन्नाथो वेणुनादविशारदः ॥</p>



<p>वृषभासुरविध्वंसी बाणासुरबलांतकः !</p>



<p>युधिष्ठिरप्रतिष्ठाता बर्हिबर्हावतंसकः ॥</p>



<p>पार्थसारथिरव्यक्तो गीतामृतमहोदधिः !</p>



<p>कालीयफणिमाणिक्यरञ्जितश्रीपदांबुजः ॥</p>



<p>दामोदरो यज्ञभोक्ता दानवेन्द्रविनाशकः</p>



<p>नारायणः परंब्रह्म पन्नगाशनवाहनः ॥</p>



<p>जलक्रीडासमासक्तगोपीवस्त्रापहारकः !</p>



<p>पुण्यश्लोकस्तीर्थपादो वेदवेद्यो दयानिधिः ॥</p>



<p>सर्वभूतात्मकस्सर्वग्रहरूपी परात्परः !</p>



<p>एवं कृष्णस्य देवस्य नाम्नामष्टोत्तरं शतं, ॥</p>



<p>कृष्णनामामृतं नाम परमानन्दकारकं,</p>



<p>अत्युपद्रवदोषघ्नं परमायुष्यवर्धनम् !</p>



<p>श्रीकृष्ण: कमलानाथो वासुदेवः सनातनः !</p>



<p>वसुदेवात्मजः पुण्यो लीलामानुषविग्रहः ॥</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गुजरात में जन्माष्टमी तक कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a4%95/577070</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 24 Aug 2024 08:21:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[गुजरात]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[जन्माष्टमी]]></category>
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					<description><![CDATA[पिछले कई दिनों से आराम कर रहे मेघराज दो दिनों से गुजरात के अलग-अलग हिस्सों में तेज बारिश बरसा रहे हैं। कुछ दिनों से मौसम साफ बना हुआ था लेकिन एक बार फिर राज्य के कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई इलाकों में जन्माष्टमी &#8230;]]></description>
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<p>पिछले कई दिनों से आराम कर रहे मेघराज दो दिनों से गुजरात के अलग-अलग हिस्सों में तेज बारिश बरसा रहे हैं। कुछ दिनों से मौसम साफ बना हुआ था लेकिन एक बार फिर राज्य के कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई इलाकों में जन्माष्टमी तक तेज बारिश होगी।</p>



<p>गुजरात में कुछ दिनों से मौसम साफ बना हुआ था, लेकिन एक बार फिर राज्य के कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। दो दिनों से कई इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है।</p>



<p><strong>बारिश लाने वाले तीन सिस्टम एक्टिव</strong></p>



<p>पिछले कई दिनों से आराम कर रहे मेघराज दो दिनों से गुजरात के अलग-अलग हिस्सों में तेज बारिश बरसा रहे हैं।<br>मौसम विभाग के मुताबिक, गुजरात में बारिश के तीन सिस्टम सक्रिय हैं। इसी कारण अगले सात दिनों तक सौराष्ट्र समेत गुजरात के विभिन्न हिस्सों में बारिश का रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट दिया गया है। कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।<br>विभाग की माने तो बंगाल की खाड़ी का सिस्टम आगे बढ़कर गुजरात के ऊपर से गुजरेगा और तब राज्य के ज्यादातर हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है।<br>फिलहाल बारिश का ये सिस्टम बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के इलाकों पर बना हुआ है। यह सिस्टम अब वहां से आगे बढ़ेगा और जल्द ही गुजरात में पहुंच जाएगा। सबसे पहले सिस्टम मध्य भारत पहुंचेगा और भारी बारिश होगी। इसके गुजरात के ऊपर आने के बाद यहां भारी बारिश होगी और फिर ये अरब सागर की ओर बढ़ जाएगा।</p>



<p><strong>डगाम के निचले हिस्सों में पानी भरा</strong><br>गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते दिन सबसे ज्यादा बारिश 112 मिमी हुई। बनासकांठा जिले के वडगाम तालुक में 4 इंच तक बारिश दर्ज की गई। गौरतलब है कि दोपहर 2 से 4 बजे तक दो घंटे के अंदर गरज के साथ 100 मिमी बारिश हुई। जिसके कारण वडगाम के निचले हिस्सों में पानी भर गया।</p>



<p><strong>इन इलाकों में भारी बारिश की आशंका</strong><br>मौसम विभाग ने आज यानी शनिवार को वलसाड, दमन और दादरानगर हवेली में तेज बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही सौराष्ट्र के अमरेली और भावनगर में भारी से भारी बारिश की आशंका जताई गई है।वहीं, सुरेंद्रनगर, गिरसोमनाथ, राजकोट, जूनागढ़, बोटाद और दीव में भी भारी बारिश की आशंका है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को लगाएं शाही फिरनी का भोग, इस रेसिपी से मिनटों में करें तैयार</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b2%e0%a4%a1%e0%a5%8d%e0%a4%a1%e0%a5%82-%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a4%be/576935</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 23 Aug 2024 09:38:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खाना -खजाना]]></category>
		<category><![CDATA[जन्माष्टमी]]></category>
		<category><![CDATA[लड्डू गोपाल]]></category>
		<category><![CDATA[शाही फिरनी]]></category>
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					<description><![CDATA[श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Janmashtami 2024) का त्योहार देशभर में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक भाद्रपद माह के अष्टमी तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण हुआ था। इस साल यह त्योहार 26 अगस्त को मनाया जा रहा है। ऐसे में अगर आप भी लड्डू गोपाल को भोग (Laddu Gopal Bhog Recipes) में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Janmashtami 2024) का त्योहार देशभर में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक भाद्रपद माह के अष्टमी तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण हुआ था। इस साल यह त्योहार 26 अगस्त को मनाया जा रहा है। ऐसे में अगर आप भी लड्डू गोपाल को भोग (Laddu Gopal Bhog Recipes) में कुछ खास अर्पित करना चाहते हैं तो शाही फिरनी एक बेस्ट ऑप्शन है।</p>



<p>इस साल 26 अगस्त को जन्माष्टमी का त्योहार देशभर में बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन लोग भगवान कृष्ण की पूजा अर्चना करते हैं और उन्हें दूध और मक्खन जैसी चीजों का भोग लगाते हैं। ऐसे में, आज हम आपके लिए शाही फिरनी बनाने की रेसिपी लेकर आए हैं, जो दूध और चावल की मदद से बनाई जाती है और ठाकुरजी के भोग के लिए एक बेस्ट ऑप्शन है। आइए जानते हैं स्वादिष्ट और लजीज शाही फिरनी की आसान रेसिपी।</p>



<p><strong>शाही फिरनी बनाने के लिए सामग्री</strong><br>चावल- आधा कप<br>दूध- 2 लीटर<br>देसी घी- 2 टी स्पून<br>दालचीनी- 1 टुकड़ा<br>केसर- 1 चुटकी<br>बादाम- आधा कप<br>काजू- आधा कप<br>पिस्ता- 2 चम्मच (बारीक कटा हुआ)<br>चिरौंजी- 2 चम्मच<br>किशमिश- 2 चम्मच<br>मावा- 1 कप<br>चीनी- 1 कप</p>



<p><strong>शाही फिरनी बनाने की विधि</strong></p>



<p>शाही फिरनी बनाने के लिए सबसे पहले एक बर्तन में चावल लेकर अच्छे से धो लें।<br>इसके बाद चावल को तकरीबन आधे घंटे भीगने के लिए अलग रख दें।<br>अब इन चावलों को मिक्सर में ग्राइंड कर लें और फिर दरदरा पीस लें।<br>फिर आप एक बर्तन में दूध डालें और उबले के लिए रख दें।<br>इसके बाद जब दूध में उबल आ जाए तो इसमें मावा, दालचीनी और सभी ड्राई फ्रूट्स डालकर मिक्स कर दें।<br>फिर दूध के हल्का गाढ़ा हो जाने तक इसे अच्छे से पकने दें।<br>इसके बाद आप इसमें चावल डालकर अच्छी तरह मिक्स कर दें।<br>फिर इसमें केसर डालें और मिक्स करके 5-10 मिनट और पकने दें।<br>अब इसमें चीनी डालिए और अच्छी तरह से मिक्स करके घुलने दीजिए।<br>बस तैयार है स्वादिष्ट शाही फिरनी। लड्डू गोपाल को भोग लगाने के बाद इसका प्रसाद ग्रहण करें।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जन्माष्टमी पर मथुरा आ सकते हैं सीएम योगी</title>
		<link>https://livehalchal.com/up-555/576287</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Aug 2024 04:57:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[जन्माष्टमी]]></category>
		<category><![CDATA[सीएम योगी]]></category>
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					<description><![CDATA[जन्माष्टमी पर सीएम योगी मथुरा आ सकते हैं। बरसाना में सीएम योगी से रोप-वे का उद्घाटन कराने की तैयारी है। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मथुरा में जन्माष्टमी पर सीएम योगी आदित्यनाथ का आगमन लगभग तय हो गया है। 25 या 26 अगस्त में से किसी भी एक दिन सीएम योगी यहां &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>जन्माष्टमी पर सीएम योगी मथुरा आ सकते हैं। बरसाना में सीएम योगी से रोप-वे का उद्घाटन कराने की तैयारी है। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।</p>



<p>मथुरा में जन्माष्टमी पर सीएम योगी आदित्यनाथ का आगमन लगभग तय हो गया है। 25 या 26 अगस्त में से किसी भी एक दिन सीएम योगी यहां आ सकते हैं। वे0 बरसाना रोप-वे का उद्घाटन करेंगे। सीएम के हाथों उद्घाटन कराने के लिए मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने भी तैयारी पूरी कर ली है। संचालन योग्य निर्माण व अन्य कार्य पूरे हो चुके हैं। जन सुविधाओं से जुड़े कुछ एक कामकाज यहां प्रक्रिया में हैं।</p>



<p>ब्रज की महारानी राधारानी की नगरी बरसाना के ब्रह्मांचल पर्वत स्थित लाड़ली जी मंदिर तक रोप-वे परियोजना 2016 में शुरू हुई थी। इस रोप-वे के जरिये भक्त ऊंचाई का सफर तय करते हुए राधारानी के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। धरातल से 48 मीटर ऊंचाई पर स्थित राधारानी मंदिर पहुंचने के लिए भक्तों को सीढ़ियों की बजाय रोप-वे से जाना आसान होगा। एमवीडीए के निर्देशन में राधारानी रोप-वे एजेंसी द्वारा दो टावर स्थापित किए गए हैं। एक स्टेशन नीचे जहां से श्रद्धालु पेंडोला में बैठेंगे और दूसरा ऊपर राधारानी मंदिर के समीप बनाया गया है।</p>



<p>वहां श्रद्धालु पेंडोला से उतरकर मंदिर की ओर जाएंगे। दोनों स्टेशन तैयार हैं। रोप-वे पर चलने के लिए इंडोनेशिया से 12 पेंडोला लाए गए हैं। पेंडोला लगाकर इसका ट्रायल विभिन्न चरणों में किया जा चुका है। ये सभी सफल रहे हैं। एमवीडीए वीसी श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि रोप-वे का उद्घाटन सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे। 25 या 26 अगस्त को उनके यहां आने की संभावना है। उद्घाटन के लिहाज से पूरी तैयारी कर ली गई है।</p>



<p><strong>पीडब्ल्यूडी की टीम करेगी आज सुरक्षा जांच</strong><br>बरसाना रोप-वे का सुरक्षा परीक्षण आज होगा। पीडब्ल्यूडी की टीम इस निरीक्षण को करेगी। एमवीडीए की ओर से चीफ इंजीनियर पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा गया था। चीफ इंजीनियर के स्तर से टीम भी गठित कर दी गई। टीम द्वारा मंगलवार को इसका निरीक्षण किया जाएगा। हालांकि इसके बाद आईआईटी रुडकी की टीम से भी निरीक्षण कराया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>26 या 27 अगस्&#x200d;त, कब है जन्माष्टमी? जानें सही डेट और शुभ मुहूर्त</title>
		<link>https://livehalchal.com/26-%e0%a4%af%e0%a4%be-27-%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%ac-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%ae/576188</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 18 Aug 2024 11:18:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[जन्माष्टमी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=576188</guid>

					<description><![CDATA[पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस शुभ तिथि पर विधिपूर्वक श्रीकृष्ण की उपासना की जाती है। साथ ही उनके निमित्त व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि भाद्रपद माह के अष्टमी तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण का अवतार &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस शुभ तिथि पर विधिपूर्वक श्रीकृष्ण की उपासना की जाती है। साथ ही उनके निमित्त व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि भाद्रपद माह के अष्टमी तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण का अवतार हुआ था। इसलिए इस दिन को भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। चलिए जानते हैं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की डेट और शुभ मुहूर्त के बारे में।</p>



<h2 class="wp-block-heading">कब है श्रीकृष्ण जन्माष्टमी? (Janmashtami 2024 Shubh Muhurat)</h2>



<p>पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के&nbsp;कृष्ण पक्ष की अष्टमी&nbsp;तिथि की शुरुआत 25 अगस्त, 2024 दिन रविवार को रात 03 बजकर 39 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 26 अगस्त, 2024 दिन सोमवार को रात 2 बजकर 19 मिनट पर होगा। ऐसे में जन्माष्टमी 26 अगस्त को मनाई जाएगी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">जन्माष्टमी पूजा विधि (Janmashtami Puja Vidhi)</h2>



<p>श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठें और दिन की शुरुआत देवी-देवताओं के ध्यान से करें। इसके बाद स्नान कर सूर्य देव को जल अर्पित करें। अब मंदिर की सफाई कर चौकी पर&nbsp;भगवान कृष्ण की मूर्ति&nbsp;विराजमान करें। विधिपूर्वक गंगाजल, पंचामृत समेत आदि चीजों से&nbsp;अभिषेक करें। गोपी चंदन का तिलक लगाएं। कान्हा का श्रृंगार करें और फूलमाला अर्पित करें। देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें और मंत्रों का जप करें। प्रभु को माखन-मिश्री और फल आदि चीजों का भोग लगाएं। अंत में जीवन में सुख-शांति की कामना करें और लोगों में प्रसाद का वितरण करें।</p>



<h2 class="wp-block-heading">भगवान श्रीकृष्ण के मंत्र</h2>



<h2 class="wp-block-heading">श्रीकृष्ण मूल मंत्र</h2>



<p>हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे।</p>



<p>हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे।।</p>



<h2 class="wp-block-heading">संकट नाशक मंत्र</h2>



<p>कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।</p>



<p>प्रणत क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नम:</p>
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