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	<title>जनगणना &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>जनगणना &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>हरियाणा में जनगणना 2027 शुरू: सीएम सैनी ने दर्ज किए स्व-गणना के आंकड़े</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Apr 2026 09:10:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[जनगणना]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="350" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/3-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/3-1.jpg 816w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/3-1-300x170.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/3-1-768x435.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />भारत सरकार ने स्व जनगणना के लिए एक पोर्टल https://se.census.gov.in/ लॉन्च किया है। इसके पोर्टल के जरिये लोग स्वयं भी अपना डाटा भर सकेंगे। स्वगणना से समय की बचत होगी। सटीक जानकारी भरी जा सकेगी। हरियाणा में जनगणना का पहला चरण शुरू हो गया है। आज सुबह से स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू हुई।प्रदेश में 16 &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="350" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/3-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/3-1.jpg 816w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/3-1-300x170.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/3-1-768x435.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>भारत सरकार ने स्व जनगणना के लिए एक पोर्टल https://se.census.gov.in/ लॉन्च किया है। इसके पोर्टल के जरिये लोग स्वयं भी अपना डाटा भर सकेंगे। स्वगणना से समय की बचत होगी। सटीक जानकारी भरी जा सकेगी।</p>



<p>हरियाणा में जनगणना का पहला चरण शुरू हो गया है। आज सुबह से स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू हुई।<br>प्रदेश में 16 से 30 अप्रैल तक स्व-गणना की प्रक्रिया चलेगी। सीएम नायब सैनी ने स्व-गणना के आंकड़े दर्ज किए।</p>



<p>पहले चरण में मकानों की गणना और मकान से संबंधित जानकारी लोगों से पूछी जाएगी। यह जनगणना एक मई से 30 मई तक चलेगी। भारत सरकार ने इस बार एक विशेष सुविधा दी है, जिससे लोग खुद से अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे।</p>



<p>भारत सरकार ने स्व जनगणना के लिए एक पोर्टल https://se.census.gov.in/ लॉन्च किया है। इसके पोर्टल के जरिये लोग स्वयं भी अपना डाटा भर सकेंगे। स्वगणना से समय की बचत होगी। सटीक जानकारी भरी जा सकेगी। जनगणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा। इसमें लोगों से उनकी जाति पूछी जाएगी। आजादी के बाद पहली बार जाति का डेटा जुटाया जाएगा। इससे पहले 1931 में ऐसा हुआ था। हरियाणा ने जनगणना की पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए अधिकारियों की ट्रेनिंग व जिम्मेदारी तय कर दी गई है। स्वगणना में सिर्फ 15 मिनट का समय लगेगा।</p>



<p><strong>पोर्टल से ऐसे भरनी होगी जानकारी</strong></p>



<ol class="wp-block-list">
<li>सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा।</li>



<li>अपने मोबाइल नंबर से ओटीपी द्वारा लॉगिन करें<br>3.अपना राज्य, जिला और स्थानीय विवरण चुनें</li>



<li>डिजिटल मानचित्र पर अपने घर का स्थान चिन्हित करें<br>5.मकान व परिवार से संबंधित जानकारी भरें</li>



<li>सबमिशन के बाद स्व गणना की एक आईडी मिलेगी</li>



<li>इस आईडी को संभाल रखें। फोटो खींच ले या प्रिंट आउट निकाल कर रख लें।</li>



<li>जब जनगणना कर्मी आएंगे तो उन्हें सिर्फ अपनी आई डी दे दें।</li>
</ol>



<p><strong>स्व गणना नहीं कर पाए तो चिंता की बात नहीं<br></strong>चीफ प्रिंसिपल जनगणना अधिकारी डा. ललित जैन ने बताया यदि कोई स्व गणना नहीं कर पाता है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। एक मई से जनगणना कर्मी घर आएंगे और सारी जानकारी नोट कर ले जाएंगे। हरियाणा में 70 हजार कर्मियों को जनगणना के लिए प्रशिक्षित किया गया है। यह ट्रेनिंग पिछले दो महीने से चल रही है। इसके अतिरिक्त सभी डिविजनल कमिश्नर, डीसी, सीटीएम, तहसीलदार और अन्य अधिकारियों को भी विभिन्न प्रकार की जिम्मेदारी दी गई है।</p>



<p><strong>आपसे क्या-क्या पूछा जाएगा<br></strong>मकान से संबंधित : मकान संख्या, फर्श, दीवार व छत की मुख्य सामग्री, मकान का उपयोग (आवासीय/गैर-आवासीय), मकान की स्थिति।<br>परिवार की जानकारी : परिवार के सदस्यों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, मकान का स्वामित्व, कमरों की संख्या।<br>मूलभूत सुविधाएं : पेयजल का स्रोत, बिजली की सुविधा, शौचालय की उपलब्धता व प्रकार, स्नानघर की सुविधा, रसोई व गैस कनेक्शन, खाना पकाने का ईंधन।<br>परिवार की सुविधाएं : रेडियो-टेलीविजन, इंटरनेट व कंप्यूटर, मोबाइल फोन, दोपहिया व चारपहिया वाहन।</p>



<p><strong>जनगणना कर्मी के आई कार्ड में होगा बार कोड<br></strong>इस जनगणना कर्मी के आई कार्ड में बार कोड भी होगा। यदि किसी को शक है कि वह कर्मी जनगणना विभाग का नहीं है तो वह मोबाइल से बार कोड को स्कैन कर उस कर्मी की पूरी जानकारी मिल जाएगी। जनगणना के लिए इस बार विशेष तौर पर सरपंचों व महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप से अपील की गई है कि वे अपनी और अपने साथ जुड़े लोगों से स्व गणना करवाएं, ताकि जनगणना का काम निर्धारित समय पर पूरा किया जा सके।</p>



<p>मेरी लोगों से अपील है कि जो जानकारी पूछी जाए, उसकी सही जानकारी दें। जनगणना में सभी जानकारी पूरी तरह से गोपनीय और सुरक्षित होगी। लोगों से अपील की जाती है कि वह जनगणना कर्मी का सहयोग करें और स्व-गणना भी करें।&nbsp;<strong>– ललित जैन, चीफ प्रिंसिपल जनगणना अधिकारी</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>2011 की जनगणना पर आधारित नहीं होगा परिसीमन</title>
		<link>https://livehalchal.com/2011-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%97%e0%a4%a3%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%86%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%b9/669009</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Apr 2026 06:03:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[जनगणना]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="344" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/UIYY.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/UIYY.jpg 739w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/UIYY-300x167.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />सरकार ने गुरुवार (16 अप्रैल, 2026) से संसद का तीन दिनों का विशेष सत्र बुलाया है। इस सत्र के हंगामेदार होने की उम्मीद है क्योंकि इस दौरान तीन बिल पेश किए जाएंगे जो भारत के चुनावी ढांचे और रिप्रजेंटेशन सिस्टम को नया रूप दे सकते हैं। इन तीन बिलों में संविधान (131वां संशोधन) बिल, परिसीमान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="344" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/UIYY.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/UIYY.jpg 739w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/UIYY-300x167.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सरकार ने गुरुवार (16 अप्रैल, 2026) से संसद का तीन दिनों का विशेष सत्र बुलाया है। इस सत्र के हंगामेदार होने की उम्मीद है क्योंकि इस दौरान तीन बिल पेश किए जाएंगे जो भारत के चुनावी ढांचे और रिप्रजेंटेशन सिस्टम को नया रूप दे सकते हैं।</p>



<p>इन तीन बिलों में संविधान (131वां संशोधन) बिल, परिसीमान बिल 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल शामिल हैं। इन विधेयकों को लेकर विपक्षी पार्टियों ने सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। विपक्ष का आरोप है कि महिलाओं के आरक्षण और परिसीमन से जुड़े कानूनों के पास होने के बाद दक्षिणी राज्यों की लोकसभा सीटों में कमी आ जाएगी। वहीं, सरकार ने भी पूरी तरह से कमर कस ली है।</p>



<p><strong>किस हिसाब से किया जाएगा परिसीमन<br></strong>टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया में राज्यों के बीच लोकसभा सीटों के बंटवारे का आधार सिर्फ 2011 की जनगणना नहीं होगी। इसके बजाय परिसीमन एक ऐसे फॉर्मूले के आधार पर किया जाएगा, जिसमें सभी राज्यों की हिस्सेदारी को आनुपातिक रूप से और 50% तक बढ़ाने का प्रस्ताव है।</p>



<p>रिपोर्ट में बताया गया, &#8220;सिर्फ इतना ही नहीं सभी राज्यों को फायदा होगा। उन्हें 2011 की जनगणना पर आधारित परिसीमन के बाद मिलने वाले प्रतिनिधित्व से भी ज्यादा प्रतिनिधित्व मिलेगा।&#8221;</p>



<p>उदाहरण के तौर पर अगर तमिलनाडु राज्य को ही ले लें तो प्रस्तावित योजना के तहत इसकी मौजूदा सीटें 39 से बढ़कर 59 हो जाएंगी। अगर 2011 की जनगणना के आधार पर इसकी सीटों का बंटवारा किया जाता तो ये 49 होतीं।</p>



<p><strong>किस राज्य में कितनी बढ़ जाएंगी सीटें<br></strong>उत्तर प्रदेश- 80 से बढ़ाकर 120 सीटें प्रस्तावित<br>महाराष्ट्र- 48 से बढ़ाकर 72 सीटें प्रस्तावित<br>पश्चिम बंगाल- 42 से बढ़ाकर 63 सीटें प्रस्तावित<br>बिहार- 40 से बढ़ाकर 60 सीटें प्रस्तावित<br>तमिलनाडु- 39 से बढ़ाकर 59 सीटें प्रस्तावित<br>मध्य प्रदेश- 29 से बढ़ाकर 44 सीटें प्रस्तावित<br>कर्नाटक- 28 से बढ़ाकर 42 सीटें प्रस्तावित<br>गुजरात- 26 से बढ़ाकर 39 सीटें प्रस्तावित<br>आंध्र प्रदेश- 25 से बढ़ाकर 38 सीटें प्रस्तावित<br>राजस्थान- 25 से बढ़ाकर 38 सीटें प्रस्तावित<br>ओडिशा- 21 से बढ़ाकर 32 सीटें प्रस्तावित<br>केरल- 20 से बढ़ाकर 30 सीटें प्रस्तावित</p>



<p>अगर इसे 2011 की आबादी को आधार बनाकर किया जाता है तो दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व हिंदी बेल्ट के मुकाबले लगभग 4% कम हो सकता है। अधिकतम 850 सीटों का प्रावधान किया गया है, ठीक वैसे ही जैसे अभी 550 सीटों की ऊपरी सीमा है, जबकि सदन की असल संख्या 543 है। बता दें कि ये सिर्फ अनुमान है।</p>



<p><strong>परिसीमन के प्रावधानों के खिलाफ वोट करेगा विपक्ष<br></strong>विपक्षी पार्टियों ने कहा कि वे परिसीमन पर संवैधानिक संशोधन के खिलाफ वोट करेंगी। उन्होंने इसे एक खतरनाक कदम बताया, जिससे दक्षिण, उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व और अन्य छोटे राज्यों का हिस्सा कम हो जाएगा।</p>



<p>वहीं राहुल गांधी ने इसे एक &#8220;राष्ट्र-विरोधी कृत्य&#8221; करार दिया। उन्होंने मांग की कि मोदी सरकार 2023 में सर्वसम्मति से पारित अनुच्छेद 334(a) का पालन करते हुए लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या के आधार पर महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को तत्काल लागू करे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जनगणना के पहले चरण के बाद इकट्ठे किए जाएंगे जिला स्तर पर बुनियादी ढांचे के आंकड़े</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%97%e0%a4%a3%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%87/667869</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Apr 2026 08:21:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[जनगणना]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/yuru.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/yuru.png 687w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/yuru-300x166.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />जनगणना का पहला चरण खत्म होने के दो महीने बाद स्थानीय निकायों के सरकारी अधिकारी 784 जिलों में नागरिक सुविधाओं के बारे में आंकड़े इकट्ठा करेंगे, ताकि देश की जिला जनगणना हैंडबुक (डीसीएचबी) तैयार की जा सके। इस हैंडबुक में गांव और शहर के स्तर पर नागरिक बुनियादी ढांचे का पूरा रिकॉर्ड होगा। भारत के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/yuru.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/yuru.png 687w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/yuru-300x166.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>जनगणना का पहला चरण खत्म होने के दो महीने बाद स्थानीय निकायों के सरकारी अधिकारी 784 जिलों में नागरिक सुविधाओं के बारे में आंकड़े इकट्ठा करेंगे, ताकि देश की जिला जनगणना हैंडबुक (डीसीएचबी) तैयार की जा सके। इस हैंडबुक में गांव और शहर के स्तर पर नागरिक बुनियादी ढांचे का पूरा रिकॉर्ड होगा।</p>



<p>भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में कहा है कि वे जनगणना-2027 का पहला चरण (आवासों का सूचीकरण एवं आवासों की गणना) पूरा होने के दो महीने बाद इस हैंडबुक के लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू करें और इसे 30 दिनों के अंदर पूरा कर लें।</p>



<p><strong>हैंडबुक में किसका-किसका होगा रिकॉर्ड?<br></strong>इस हैंडबुक में स्कूल, अस्पताल, जलनिकासी व्यवस्था, बिजली कनेक्शन, सड़कें, बैंक और दर्जनों अन्य सुविधाओं का रिकार्ड होता है। इसमें न केवल यह बताया जाता है कि कोई सुविधा मौजूद है या नहीं, बल्कि यह भी बताया जाता है कि अगर वह मौजूद न हो तो निवासियों को उसके लिए कितनी दूर जाना पड़ेगा।</p>



<p>आजादी के बाद 1951 में हुई पहली जनगणना के बाद से लगातार प्रकाशित हो रही इस हैंडबुक को तैयार करने के तरीके में अब एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पहली बार आंकड़े मोबाइल एप के जरिये इकट्ठा किया जाएंगे।</p>



<p><strong>9 क्षेत्रों के आंकड़े किए जाएंगे इकट्ठे<br></strong>यह हैंडबुक देश के सभी 784 जिलों के लिए अलग-अलग तैयार की जाती है, जिससे यह हर गांव और शहर के नागरिक बुनियादी ढांचे का पूरा रिकॉर्ड बन जाती है।<br>ग्राम निर्देशिका में नौ क्षेत्रों के आंकड़े एकत्रित किए जाएंगे। इनमें शैक्षिक एवं चिकित्सा सुविधाएं, जल एवं स्वच्छता, परिवहन एवं संचार, बैंकिंग और ऋण, बिजली आपूर्ति, भूमि उपयोग एवं सिंचाई, मुख्य कृषि उत्पाद, विनिर्मित वस्तुएं और हस्तशिल्प शामिल हैं।<br>प्रत्येक सुविधा के लिए क्षेत्रीय कर्मचारियों को यह दर्ज करना होगा कि क्या वह उपलब्ध है और वहां कितनी सरकारी व निजी सुविधाएं मौजूद हैं।<br>अगर कोई सुविधा नहीं है, तो सबसे नजदीकी सुविधा की दूरी कितनी है। इसे पांच किलोमीटर से कम, 5-10 किलोमीटर के बीच या 10 किलोमीटर से अधिक के रूप में दर्ज किया जाएगा।<br>नगर निर्देशिका में झुग्गी-झोपड़ी स्तर के बुनियादी ढांचे, सामाजिक एवं मनोरंजक सुविधाएं और 1911 से जनसंख्या वृद्धि के इतिहास पर अतिरिक्त अनुभाग शामिल हैं।<br>इस निर्देशिका में अग्निशमन केंद्र, पक्की सड़कें और शौचालय जैसी नागरिक व अन्य सुविधाएं भी संकलित की जाती हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जनगणना 2027 की तैयारी शुरू, सीमाओं को दिया जा रहा अंतिम रूप</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 27 Nov 2025 06:31:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[जनगणना]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="389" height="272" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/vvv-2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/vvv-2.jpg 389w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/vvv-2-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 389px) 100vw, 389px" />मध्य प्रदेश: भारत सरकार द्वारा देश की पहली डिजिटल जनगणना 2027 को लेकर बैतूल जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी हैं। जनगणना संबंधी अधिसूचना भारत सरकार के राजपत्र में 16 जून को प्रकाशित होने के बाद बैतूल जिला सांख्यिकी विभाग ने शासन से मिले दिशा-निर्देशों के आधार पर प्रारंभिक कदम उठाना शुरु कर दिए &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="389" height="272" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/vvv-2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/vvv-2.jpg 389w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/vvv-2-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 389px) 100vw, 389px" />
<p><strong>मध्य प्रदेश: </strong>भारत सरकार द्वारा देश की पहली डिजिटल जनगणना 2027 को लेकर बैतूल जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी हैं। जनगणना संबंधी अधिसूचना भारत सरकार के राजपत्र में 16 जून को प्रकाशित होने के बाद बैतूल जिला सांख्यिकी विभाग ने शासन से मिले दिशा-निर्देशों के आधार पर प्रारंभिक कदम उठाना शुरु कर दिए हैं।</p>



<p>बैतूल जिले में जनगणना शुरु होने से लगभग 18 महीने पहले प्रशासनिक इकाइयों जिले, तहसीलों, कस्बों और गांवों की सीमाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेजी से संचालित की जा रही है। सांख्यिकी कार्यालय ने इसके लिए विभिन्न विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।</p>



<p><strong>दो चरणों में जनगणना पूरी<br></strong>इस बार होने वाली जनगणना पूरी तरह डिजिटल तकनीक आधारित होगी, जिसमें आंकड़ों के संग्रहण से लेकर प्रकाशन तक हर चरण में आधुनिक उपकरणों और सॉटवेयर का उपयोग होगा। विशेष बात यह है कि इस बार जातिगत डेटा भी संग्रहित किया जाएगा, जिसके लिए सभी जातियों से संबंधित सूचनाएं प्रगणकों द्वारा दर्ज की जाएंगी। जनगणना दो चरणों में होगी।</p>



<p>पहला चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का होगा, जो मध्यप्रदेश शासन से परामर्श लेकर अप्रेल से सितंबर 2026 के बीच 30 दिन में पूरा होगा।<br>दूसरा चरण जनसंया गणना का होगा, जिसे फरवरी 2027 में करवाया जाएगा। इस दौरान जनगणना की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027, रात 12 बजे निर्धारित की गई है, यानी उस पल मौजूद जनसंया ही रिकॉर्ड मानी जाएगी।</p>



<p>  <br><strong>निवासियों के लिए स्व-गणना पोर्टल तैयार<br></strong>जनगणना को अधिक सरल, पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए एक स्व-गणना वेब पोर्टल भी विकसित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से जिले के नागरिक अपने घरों और परिवार का डेटा स्वयं भर सकेंगे। इससे न केवल आंकड़ों की सटीकता बढ़ेगी, बल्कि प्रगणकों का कार्यभार भी काफी कम होगा। डिजिटल जनगणना 2027 के लिए बैतूल जिला प्रशासन की यह तैयारियां बताती हैं कि प्रदेश और जिले के लिए यह प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव लेकर आएगी।</p>



<p><strong>ऐप, जीपीएस और रियल टाइम मॉनिटरिंग का उपयोग<br></strong>जनगणना 2027 पारंपरिक जनगणना से इसलिए भिन्न है क्योंकि इसमें मोबाइल ऐप आधारित डिजिटल डेटा संग्रह प्रणाली अपनाई जाएगी। प्रगणक मोबाइल ऐप से घरों की सूची और गणना से जुड़े आंकड़े दर्ज करेंगे। हर गणना ब्लॉक की सीमा जीपीएस तकनीक से कैप्चर की जाएगी, जिससे सटीकता बढ़ेगी। समस्त जनगणना कार्य की रियल टाइम मॉनिटरिंग सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। नवंबर 2025 तक जिले में जनगणना प्रशिक्षण के लिए चार मास्टर ट्रेनर चिन्हित किए जा चुके हैं, जो आगे प्रगणकों को प्रशिक्षित करेंगे।</p>



<p><strong>सीमाओं की फ्रीजिंग से पहले सत्यापन<br></strong>जनगणना 2027 के लिए राज्य की प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं की फ्रीजिंग 31 दिसंबर 2025 से लागू हो जाएगी। इसके बाद 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक किसी भी जिलों, तहसीलों या ग्राम सीमाओं में परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा। इसी कारण बैतूल जिले में सीमाओं के सत्यापन का कार्य प्राथमिकता से करवाया जा रहा है।</p>



<p>निर्देशालय द्वारा भेजे गए आदेशों के अनुसार अक्टूबर-नवंबर 2025 के बीच तक सभी राजस्व व वन ग्रामों की तहसीलवार सूची, नगरीय निकायों के मानचित्र और ग्राम सीमाओं के सत्यापन पूरा कर भेजना अनिवार्य होगा। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश जारी किए हैं।</p>
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		<title>पाकिस्तान की जनगणना से बाहर किए गए सिख</title>
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		<pubDate>Mon, 20 Mar 2017 11:52:23 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="407" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/sikh_58cea0d59d6b6.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/sikh_58cea0d59d6b6.jpg 684w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/sikh_58cea0d59d6b6-300x197.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />इस्लामाबाद. पाकिस्तान देश में 19 वर्ष बाद हो रही जनगणना से सिख समुदाय को बाहर कर दिया गया है, जनगणना में सिखों को दूसरे धर्म की श्रेणी में शामिल किया जाएगा. इससे सिखों में निराशा छा गई है. उनका मानना है कि सरकार के इस कदम से देश में सिख आबादी की सही तस्वीर सामने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="407" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/sikh_58cea0d59d6b6.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/sikh_58cea0d59d6b6.jpg 684w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/sikh_58cea0d59d6b6-300x197.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p><strong>इस्लामाबाद. पाकिस्तान देश में 19 वर्ष बाद हो रही जनगणना से सिख समुदाय को बाहर कर दिया गया है, जनगणना में सिखों को दूसरे धर्म की श्रेणी में शामिल किया जाएगा. इससे सिखों में निराशा छा गई है. उनका मानना है कि सरकार के इस कदम से देश में सिख आबादी की सही तस्वीर सामने नहीं आएगी.</strong></p>
<p class="post-title"><strong><span style="color: #0000ff"><a style="color: #0000ff" title="Permalink to जासूसी के दावों पर व्हाइट हाउस ने ब्रिटेन से नहीं जताया कोई खेद" href="http://www.livehalchal.com/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%9f/43785" target="_blank" rel="bookmark">जासूसी के दावों पर व्हाइट हाउस ने ब्रिटेन से नहीं जताया कोई खेद</a></span><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-43929 size-full" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/sikh_58cea0d59d6b6.jpg" alt="" width="684" height="450" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/sikh_58cea0d59d6b6.jpg 684w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/sikh_58cea0d59d6b6-300x197.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 684px) 100vw, 684px" />डॉन अखबार ने सिख समिति के अध्यक्ष रादेश सिंह टोनी के हवाले से कहा, संबंधित विभाग ने जनगणना में सिख अल्पसंख्यक को शामिल नहीं किया है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है साथ ही चिंता की भी बात है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में सिखों की लगभग 20 हजार आबादी है, किन्तु जनगणना फार्म में सिखों को दूसरे धर्म की श्रेणी में शामिल किया जाएगा. इससे सिख जनसँख्या की सही तस्वीर सामने नहीं आएगी. यह अन्याय है, हमें अधिकारों से वंचित किया जा रहा है. बता दे कि अधिकतर सिख 1947 में बंटवारे के बाद पाकिस्तान को छोड़कर भारत चले गए थे.</strong></p>
<p class="post-title"><strong><span style="color: #0000ff"><a style="color: #0000ff" title="Permalink to पाकिस्तान में लापता मौलवी मिले, 20 मार्च को लौटेंगे भारत" href="http://www.livehalchal.com/%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b2%e0%a4%b5/43755" target="_blank" rel="bookmark">पाकिस्तान में लापता मौलवी मिले, 20 मार्च को लौटेंगे भारत</a></span></strong></p>
<p><strong>टोनी ने यह भी बताया कि पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट, पेशावर और सिंध हाई कोर्ट के मुख्य जजों को पत्र लिखकर सिखों को जनगणना में धर्म के आधार पर शामिल करने का निवेदन किया है. इस बीच जनगणना अभियान के प्रवक्ता हबीबुल्लाह खान ने बताया कि पाकिस्तान में सिखों की जनसँख्या ठीक है, किन्तु जनगणना में उन्हें शामिल करने को लेकर हमसे चूक हुई है. जनगणना फार्मों की छपाई 2007 में हुई थी. इसमें सिर्फ पांच धर्मों को शामिल किया गया है.</strong></p>
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