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	<title>छठ महापर्व &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>छठ महापर्व &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>छठ महापर्व पर सामाजिक सद्भाव की मिसाल पेश कर रही मुस्लिम महिलाएं, पढ़े पूरी खबर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Nov 2023 09:21:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बिहार]]></category>
		<category><![CDATA[छठ महापर्व]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/tfghrfghbdf443.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/tfghrfghbdf443.jpg 805w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/tfghrfghbdf443-300x167.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/tfghrfghbdf443-768x426.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />लोक आस्था का महापर्व छठ बिहार से लेकर पूरे उत्तर भारत में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस महापर्व की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें न जाति देखी जाती है न ही धर्म। हर धर्म के लोग अपने-अपने तरीके से इस महापर्व में सहभागिता देते हैं। ऐसा ही कुछ बिहार के भागलपुर में &#8230;]]></description>
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<p>लोक आस्था का महापर्व छठ बिहार से लेकर पूरे उत्तर भारत में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस महापर्व की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें न जाति देखी जाती है न ही धर्म। हर धर्म के लोग अपने-अपने तरीके से इस महापर्व में सहभागिता देते हैं। ऐसा ही कुछ बिहार के भागलपुर में देखने को मिल रहा है, जहां मुस्लिम महिलाएं छठ में चढ़ने वाले बद्धि माला का निर्माण कर रही हैं।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full"><img decoding="async" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2023/11/fghjnrfghnfgt1222.jpg" alt="" class="wp-image-690426"/></figure>
</div>


<p>दरअसल, भागलपुर के काजीचक की रहने वाली सलीमा खातून, यास्मीन और छोटे-छोटे बच्चे छठ पूजा के लिए बद्धि बनाने में जुटे हुए हैं। इसके लिए उन्हें बाजारों और लोगों से ऑर्डर भी मिल रहे हैं। मुस्लिम महिलाएं बद्धि माला बनाने के दौरान शुद्धता का विशेष ध्यान रख रही हैं। बद्धि निर्माण करने वाली महिलाएं बताती हैं कि दर्जनों मुस्लिम परिवार इस माला को बनाते हैं। पुश्तैनी काम है और ये काम कई सालों से होता आ रहा है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2023/11/tfghrfghbdf443.jpg" alt="" class="wp-image-690427"/></figure>



<p>महिलाओं ने बताया कि काजीचक, लोहापट्टी, हुसैनाबाद और नाथनगर की दर्जनों मुस्लिम महिलाएं पर्व के मौके पर बद्धि का निर्माण करती हैं। यहां हिन्दू-मुस्लिम में कोई भेदभाव नहीं है। हम लोग भी इस पर्व की महत्ता को मानते हैं।</p>
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		<title>कल से शुरू हो रहा छठ महापर्व</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Nov 2023 10:30:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बिहार]]></category>
		<category><![CDATA[छठ महापर्व]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="380" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/bihar-2-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/bihar-2-1.jpg 728w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/bihar-2-1-300x185.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />15 नवंबर की सुबह चित्रगुप्त पूजा और रात विश्व कप में भारत की जीत के नाम रही। 16 नवंबर राहत का दिन है। 17 नवंबर से कामकाज शुरू होगा, क्योंकि लोक आस्था के महापर्व छठ के लिए &#8216;नहाय खाय&#8217; या &#8216;कद्दू भात&#8217; का दिन है। छठ की असल तैयारी का दिन शुक्रवार को ही रहेगा। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="380" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/bihar-2-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/bihar-2-1.jpg 728w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/bihar-2-1-300x185.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>15 नवंबर की सुबह चित्रगुप्त पूजा और रात विश्व कप में भारत की जीत के नाम रही। 16 नवंबर राहत का दिन है। 17 नवंबर से कामकाज शुरू होगा, क्योंकि लोक आस्था के महापर्व छठ के लिए &#8216;नहाय खाय&#8217; या &#8216;कद्दू भात&#8217; का दिन है। छठ की असल तैयारी का दिन शुक्रवार को ही रहेगा। इधर कद्दू-भात बनाने की तैयारी होगी और उधर प्रसाद तैयार करने के लिए गेहूं-चावल धोकर सुखाने-पिसाने का काम होगा। जो बिहार को ठीक से नहीं जानते, उनके लिए छठ को समझना थोड़ा मुश्किल है। देश-दुनिया के लोग छठ के बारे में जानना चाह रहे कि आखिर इसका इतना महत्व क्यों है? क्यों मनाया जाता है? सूर्योपासना का पर्व है और छठी मइया भी कहते हैं, क्यों? नहाय खाय से पहले ज्योतिष-कर्मकांड विशेषज्ञ पंडित अरुण कुमार मिश्रा दे रहे हर सवाल का जवाब-</p>



<p><strong>छठ का इतना महत्व क्यों है?</strong><br>यह लोक आस्था का महापर्व है। मतलब, यह बिहार और पूर्वांचल के लोगों की आस्था का प्रतीक है। आस्था पर न तो सवाल किया जा सकता है और न ही इसका कोई जवाब हो सकता है। जहां तक महत्व का सवाल है तो यह प्रकृति को चलाने वाले सूर्यदेव की उपासना का पर्व है। यह देवी कात्यायनी से आशीर्वाद मांगने का पर्व है। छठ दिखाता है कि जिसका अंत है, उसका उदय भी होगा।</p>



<p><strong>छठ क्यों मनाते हैं?</strong><br>वास्तविक रूप से इस सवाल का जवाब कोई नहीं दे सकता। यह बिहार के सनातन हिंदू धर्मावलंबियों के घर-घर में होने वाला पर्व है। जो अपने घर में नहीं करते, वह दूसरों के घर में जाकर करते हैं। जो दूसरों के घर पर नहीं जाते, वह घाट पर जाकर अर्घ्य देते हैं। कोई मनोकामना के साथ करता है, कोई पूरा होने पर करता है तो बहुत सारे लोग यूं ही करते हैं आस्था के कारण। मनोकामना छठी मइया पूरी करती हैं और आस्था सूर्यदेव के प्रति दिखाते हैं।</p>



<p><strong>सूर्यदेव तो ठीक, छठी मइया कौन हैं?</strong><br>सूर्यदेव तो इस प्रकृति के ऊर्जा स्रोत हैं। छठी मइया देवी कात्यायनी हैं। यह सूर्यदेव की बहन हैं। नवरात्र में भी हम देवी कात्यायनी की पूजा षष्ठी को करते हैं, मतलत नवरात्र के छठे दिन। सनातन हिंदू धर्म में जन्म के छठे दिन भी देवी कात्यायनी की ही पूजा होती है। इन्हें संतान प्राप्ति के लिए भी प्रसन्न किया जाता है। संतान के चिरंजीवी, स्वस्थ और अच्छे जीवन के लिए देवी कात्यायनी को प्रसन्न किया जाता है। छठी मइया यही हैं। इसलिए, यह समझना मुश्किल नहीं। शेष, छठ में सूर्यदेव की पूजा तो घाट पर होती है, खरना पूजा पहले छठी मइया के लिए ही होती है।</p>



<p><strong>छठ में सबसे ज्यादा महत्व किसका है?</strong><br>किसी एक बात का ज्यादा या किसी का कम महत्व नहीं है। लेकिन, सबसे ज्यादा ध्यान शुद्धता और सात्विकता का रखना पड़ता है। कार्तिक मास शुरू होते ही लहसुन-प्याज खाना अमूमन बंद हो जाता है। धनतेरस या दीपावली से ज्यादातर लोग सेंधा नमक खाना शुरू करते हैं। यह एक तरह से शुद्धता का माहौल बनाने का प्रयास होता है। छठ के लिए अनिवार्य शुद्धता का मानक पूरा करने के लिए पूर्ण सात्विक होना पड़ता। नहाय खाय से छठ व्रत की शुरुआत होती है। मन-कर्म और वचन से शुद्ध होना पड़ता है। नहाय खाय का मतलब तामसी प्रवृत्तियों की सफाई है। शारीरिक रिश्तों में दूरी रखनी होती है। कम और सुपाच्य भोजन ग्रहण करना होता है ताकि शरीर का भीतरी हिस्सा भी साफ हो जाए। नहाय खाय में अरवा चावल का भात और चने की दाल के साथ कद्दू डालकर बने दलकद्दू को हर कोई खाता है। यह पूजा के लिए अलग रखे बर्तन में बनता है और यथासंभव मिट्टी के चूल्हे पर लकड़ी की आग पर। यह भोजन शुद्ध घी में ही बनता है।</p>



<p><strong>व्रती के लिए सबसे कठिन क्या है?</strong><br>नहाय खाय के साथ ही व्रती की परीक्षा शुरू होती है। नहाय खाय में शुद्ध-सात्विक भोजना मिला, लेकिन उसमें सेंधा नमक रहेगा। खरना के दिन, मतलब सूर्यादय से शाम में पूजा होने तक जल भी ग्रहण नहीं करना है। खरना पूजा 18 नवंबर को है। सूर्यास्त के बाद शाम में भोजन ग्रहण करने से पहले एकाग्रता से छठी मैया का पूजन किया जाता है। छठी मैया का विधिवत पूजन यानी दीप प्रज्वलन, पुष्प अर्पण, सिंदूर अर्पण इत्यादि क्रम से पूजन किया जाता है। इसके बाद मीठा भोजन ग्रहण करना है। मुख्यतः खीर, घी लगी रोटी अथवा घी में तली पूड़ी एवं फल ग्रहण किया जाता है। इस दिन व्रती यही सब भोजन करते हैं। पूजा के समय उसी कमरे में खाने के साथ जो पानी पी सके, उसके बाद सुबह के अंतिम अर्घ्य के बाद ही अन्न-जल ग्रहण का विकल्प होता है। मतलब, 18 नवंबर को एक बार शाम में मीठा खाना और पानी। फिर, सीधे 20 नवंबर को अर्घ्य देने तक निर्जला।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>छठ महापर्व के अवसर पर सभी के सुखी एवं वैभवपूर्ण जीवन की मंगलकामना की सांसद रवि किशन ने</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhavna Vajpai]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Nov 2020 09:54:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[छठ महापर्व]]></category>
		<category><![CDATA[सांसद रवि किशन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="372" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/RAVI-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/RAVI-1.jpg 780w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/RAVI-1-300x181.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/RAVI-1-768x463.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />गोरखपुर शहर लोकसभा क्षेत्र से सांसद व फिल्म स्टार रवि किशन ने छठ महापर्व एवं व्रत को पूरी श्रद्धा, भक्ति, निष्ठा, बंधुत्व, सामाजिक समरसता और एकता के साथ मनाए जाने का अनुरोध किया है। सांसद ने छठ पर्व के अवसर पर सभी के सुखी एवं वैभवपूर्ण जीवन की मंगलकामना की है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="372" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/RAVI-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/RAVI-1.jpg 780w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/RAVI-1-300x181.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/RAVI-1-768x463.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>गोरखपुर शहर लोकसभा क्षेत्र से सांसद व फिल्म स्टार रवि किशन ने छठ महापर्व एवं व्रत को पूरी श्रद्धा, भक्ति, निष्ठा, बंधुत्व, सामाजिक समरसता और एकता के साथ मनाए जाने का अनुरोध किया है। सांसद ने छठ पर्व के अवसर पर सभी के सुखी एवं वैभवपूर्ण जीवन की मंगलकामना की है।</p>



<p></p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/RAVI-1.jpg" alt="" class="wp-image-395262" width="771" height="464" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/RAVI-1.jpg 780w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/RAVI-1-300x181.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/RAVI-1-768x463.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 771px) 100vw, 771px" /></figure>



<p>उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर लोकसभा क्षेत्र से सांसद व फिल्म स्टार रवि किशन ने छठ महापर्व के अवसर पर शुक्रवार को शहर में बनाए गए छठ घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शहरवासियों को शुभकामनाएं दी।</p>



<p>सांसद रवि किशन ने निरीक्षण के दौरान रामगढ़ताल स्थित छठ घाट पर खुद बेदी भी बनाई। सांसद ने कहा आज जो भी हूं वो छठ माता के आशीर्वाद से ही हूं। उन्होंने छठ की तैयारियों को देखते हुए कार्यकर्ताओं को कई आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।</p>



<p>सांसद ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा तय मानकों के अनुरूप लोग इस महापर्व को विभिन्न पोखरे एवं घाटों पर संयम से मनाएं। कोविड महामारी का ध्यान रखते हुए सोशल डिस्टेंसिग एवं मास्क का प्रयोग अवश्य करें, ताकि खुद के साथ परिवार और समाज का भी ख्याल रखा जा सके।</p>



<p>सांसद ने कहा कि आस्था का महापर्व छठ शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से संपन्न हो इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन के साथ-साथ हम सभी लोगों की भी है। छठ घाटों पर उचित दूरी का पालन एवं मास्क का प्रयोग कर हम सब इस महापर्व की संपन्नता को नया आकार देंगे।</p>



<p>सांसद रवि किशन ने भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना एवं लोक आस्था से जुड़े चार दिवसीय छठ महापर्व के अवसर पर गोरखपुर की जनता के साथ समस्त प्रदेशवासियों और देशवासियों को भी अपनी शुभकामनाएं दी हैं। सांसद ने कहा कि छठ पर्व से हमें साधना, तप, त्याग, सदाचार, मन की पवित्रता तथा स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है।</p>



<p></p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कोरोना काल में छठ महापर्व पर सरकार ने जारी किए नये दिशा-निर्देश, न मेला ना ही सांस्कृतिक कार्यक्रम</title>
		<link>https://livehalchal.com/during-the-corona-period-the-government-issued-new-guidelines-on-chhath-mahaparva-neither-fair-nor-cultural-program/393759</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Sonelal Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Nov 2020 07:26:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[छठ महापर्व]]></category>
		<category><![CDATA[दिशा-निर्देश]]></category>
		<category><![CDATA[न मेला लगेगा]]></category>
		<category><![CDATA[न सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="571" height="303" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/ccha-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/ccha-1.jpg 571w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/ccha-1-300x159.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/ccha-1-310x165.jpg 310w" sizes="auto, (max-width: 571px) 100vw, 571px" />कोरोना संक्रमण को देखते हुए रविवार को छठ महापर्व को लेकर गृह विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किया है। इसके तहत लोगों को घरों पर ही महापर्व के आयोजन के लिए प्रेरित किया जाएगा। लोगों को सलाह दी गई है कि वह नदियों के बजाए घरों पर ही अर्घ्य दें। इस दफे छठ के अवसर पर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="571" height="303" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/ccha-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/ccha-1.jpg 571w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/ccha-1-300x159.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/ccha-1-310x165.jpg 310w" sizes="auto, (max-width: 571px) 100vw, 571px" />
<p>कोरोना संक्रमण को देखते हुए रविवार को छठ महापर्व को लेकर गृह विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किया है। इसके तहत लोगों को घरों पर ही महापर्व के आयोजन के लिए प्रेरित किया जाएगा। लोगों को सलाह दी गई है कि वह नदियों के बजाए घरों पर ही अर्घ्य दें। इस दफे छठ के अवसर पर न मेला लगेगा ना ही जागरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="571" height="303" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/ccha.jpg" alt="" class="wp-image-393763" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/ccha.jpg 571w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/ccha-300x159.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/11/ccha-310x165.jpg 310w" sizes="auto, (max-width: 571px) 100vw, 571px" /></figure>



<p>गृह विभाग ने जिला प्रशासन को छठ पूजा समितियों, नागरिक इकाइयों, वार्ड पार्षदों, त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ समन्वय बनाकर कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए केन्द्र व राज्य सरकार के निर्देशों का प्रचार-प्रसार करने को कहा है। दिशा-निर्देश के मुताबिक गंगा नदी समेत अन्य महत्वपूर्ण नदियों के किनारे घाटों पर छठ महापर्व के दौरान अत्यधिक भीड़ होती है। ऐसे में सामाजिक दूरी का पालन करा पाना कठिन है। अत: लोगों को घरों पर ही छठ पूजा करने के लिए प्ररित किया जाए। गृह विभाग ने नदियों के साथ तालाब पर कोरोना के संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए छठ पर्व के दौरान सुबह व शाम दिए जानेवाले अर्घ्य को घर पर ही करने की सलाह भी देने को कहा है।</p>



<p class="has-medium-font-size">नदियों से जल ले जाने की होगी व्यवस्था-</p>



<p>गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि नदियों से व्रती यदि पूजा के लिए जल ले जाना चाहें तो जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्था की जाए। हालांकि इस दौरान मास्क का उपयोग और सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन किया जाना चाहिए।</p>



<p class="has-medium-font-size">तालाब पर होगी अर्घ्य की व्यवस्था-</p>



<p>ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्थित छोटे तालाबों पर छठ महापर्व का आयोजन होगा। यहां अर्घ्य देने की अनुमति दी गई है। गृह विभाग ने निर्देश दिया है कि इन घाटों पर अर्घ्य के पहले और बाद सैनेटाइजेशन का कार्य नगर निकाय और ग्राम पंचायत द्वारा कराया जाए। यहां मास्क का प्रयोग और सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजकों और अन्य व्यक्तियों को स्थानीय प्रशासन के निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा।</p>



<p class="has-medium-font-size">डुबकी नहीं लगा सकेंगे-</p>



<p>गृह विभाग ने सलाह दी है कि तलाब में अर्घ्य के दौरान डुबकी न लें। लोगों को डुबकी लगाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग करने को कहा गया है। साथ ही घाटों पर लोगों के बैठने या खड़े रहने की व्यवस्था इस तरह से करने के निर्देश दिए गए है कि सामाजिक दूरी बनी रहे। घाटों के आसपास खाद्य पदार्थ का स्टॉल नहीं लगाया जाएगा। कोई सामाजिक भोज, प्रसाद या भोग का वितरण नहीं किया जाएगा।</p>



<p class="has-medium-font-size">60 से ऊपर के व्यक्ति व 10 वर्ष से नीचे के बच्चे घाट पर न जाएं-</p>



<p>गृह विभाग ने सलाह दी है कि 60 वर्ष से ऊपर के व्यक्ति और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे छठ घाट पर न जाएं। इनके अलावा बुखार और दूसरी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों को भी घाट पर नहीं जाने की सलाह दी गई है। विभाग ने छठ महापर्व के दौरान आवश्यक संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस बल के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की प्रतिनियुक्ति के भी आदेश दिए हैं। प्रधान स्वास्थ्य सचिव प्रत्यय अमृत ने नगर विकास और पंचायती राज विभाग को भी कोरोना से बचाव को लेकर प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए हैं।</p>
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