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	<title>छठ पूजा &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>छठ पूजा &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>आज है छठ पूजा का दूसरा दिन, बन रहे ये योग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Oct 2025 04:44:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[छठ पूजा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="345" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/8-2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/8-2.jpg 859w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/8-2-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/8-2-768x428.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />आज यानी 26 अक्टूबर को छठ पूजा का दिन दूसरा दिन है। आज खरना है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार छठ पूजा का पर्व 25 अक्टूबर से लेकर 28 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। सनातन धर्म में खरना का खास महत्व है। क्योंकि इसके बाद से ही निर्जला व्रत की शुरुआत होती है। व्रत के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="345" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/8-2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/8-2.jpg 859w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/8-2-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/8-2-768x428.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>आज यानी 26 अक्टूबर को छठ पूजा का दिन दूसरा दिन है। आज खरना है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार छठ पूजा का पर्व 25 अक्टूबर से लेकर 28 अक्टूबर तक मनाया जाएगा।</p>



<p>सनातन धर्म में खरना का खास महत्व है। क्योंकि इसके बाद से ही निर्जला व्रत की शुरुआत होती है। व्रत के दौरान कई नियम का पालन करना चाहिए। छठ पूजा के दिन दूसरे दिन कई शुभ-अशुभ योग भी बन रहे हैं। ऐसे में आइए जानते हैं आज का पंचांग के बारे में।</p>



<p><strong>तिथि: शुक्ल पंचमी</strong><br>मास पूर्णिमांत: कार्तिक<br>दिन: रविवार<br>संवत्: 2082<br>तिथि: 27 अक्टूबर को शुक्ल पंचमी प्रातः 06 बजकर 04 मिनट तक<br>योग: शोभन प्रातः 06 बजकर 46 मिनट तक<br>करण: बव प्रातः 06 बजकर 04 मिनट तक<br>करण: बालव प्रातः 04 बजकर 58 मिनट तक</p>



<p><strong>सूर्योदय और सूर्यास्त का समय</strong><br>सूर्योदय: प्रातः 06 बजकर 29 मिनट पर<br>सूर्यास्त: सायं 05 बजकर 41 बजकर पर<br>चंद्रोदय: प्रातः 10 बजकर 44 बजकर पर<br>चन्द्रास्त: सायं: 08 बजकर 48 मिनट पर<br>सूर्य राशि: तुला<br>चंद्र राशि: वृश्चिक</p>



<p><strong>आज के शुभ मुहूर्त</strong><br>अभिजीत मुहूर्त: प्रातः 11 बजकर 42 मिनट से 12 बजकर 27 मिनट तक<br>अमृत काल: 27 अक्टूबर को प्रातः 06 बजकर 20 मिनट से 08 बजकर 07 मिनट तक</p>



<p><strong>आज के अशुभ समय</strong><br>राहुकाल: सायं 04 बजकर 17 मिनट से सायं 05 बजकर 41 मिनट तक<br>गुलिकाल: दोपहर 02 बजकर 53 मिनट से सायं 04 बजकर 17 मिनट तक<br>यमगण्ड: दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से दोपहर 01 बजकर 29 मिनट तक</p>



<p><strong>आज का नक्षत्र</strong><br>आज चंद्रदेव ज्येष्ठा नक्षत्र में रहेंगे…<br>ज्येष्ठा नक्षत्र- प्रातः 10 बजकर 46 मिनट तक<br>सामान्य विशेषताएं: बुद्धिमान, व्यावहारिक, दार्शनिक, चतुर, सीमित मित्रता वाला, आक्रामक और महत्वाकांक्षी<br>नक्षत्र स्वामी: बुध देव<br>राशि स्वामी: मंगल देव<br>देवता: इंद्र (देवताओं के राजा)<br>प्रतीक: बालियां, छत्र या ताबीज</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>छठ पूजा पर बन रहे हैं 2 शुभ संयोग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Oct 2025 04:38:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[छठ पूजा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="380" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/azxxx-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/azxxx.jpg 701w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/azxxx-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />वैदिक पंचांग के अनुसार, शनिवार 25 अक्टूबर को नहाय खाय है। इसके अगले दिन यानी 26 अक्टूबर को खरना है। वहीं, 27 अक्टूबर को संध्या अर्ध्य और 28 अक्टूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। लोक आस्था के महापर्व छठ की शुरुआत नहाय खाय के दिन से होती है। इस दिन व्रती स्नान-ध्यान कर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="380" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/azxxx-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/azxxx.jpg 701w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/azxxx-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>वैदिक पंचांग के अनुसार, शनिवार 25 अक्टूबर को नहाय खाय है। इसके अगले दिन यानी 26 अक्टूबर को खरना है। वहीं, 27 अक्टूबर को संध्या अर्ध्य और 28 अक्टूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।</p>



<p>लोक आस्था के महापर्व छठ की शुरुआत नहाय खाय के दिन से होती है। इस दिन व्रती स्नान-ध्यान कर विधि-विधान से सूर्य देव की पूजा करती हैं। इसके बाद सात्विक भोजन ग्रहण करती हैं। भोजन में चावल, दाल और लौकी की सब्जी ग्रहण करती हैं।</p>



<p>ज्योतिषियों की मानें तो नहाय खाय के दिन दुर्लभ शोभन और रवि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इन संयोग में सूर्य देव की पूजा और साधना करने से व्रती को कई गुना फल मिलेगा। आइए, शुभ मुहूर्त, पंचांग और योग जानते हैं-</p>



<p><strong>शुभ मुहूर्त<br></strong>पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 26 अक्टूबर को सुबह 03 बजकर 48 मिनट तक है। इसके पश्चात, पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी। छठ पूजा के पहले दिन नहाय खाय मनाया जाता है।</p>



<p><strong>रवि और शोभन योग<br></strong>ज्योतिषियों की मानें तो कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर शोभन और रवि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। रवि योग का संयोग सुबह से है। वहीं, शोभन योग का संयोग पूर्ण रात्रि तक है। इन दोनों योग में स्नान-ध्यान कर पूजा करने से व्रती को मनोवांछित फल मिलेगा।</p>



<p><strong>करण योग<br></strong>नहाय खाय के दिन दोपहर 02 बजकर 34 मिनट तक वणिज करण हैं। ज्योतिष वणिज करण को शुभ मानते हैं। इस करण में शुभ कार्य किये जाते हैं। साथ ही वणिज करण में आराध्य देव की पूजा करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है।</p>



<p><strong>भद्रावास योग<br></strong>नहाय खाय के दिन भद्रावास योग का संयोग बन रहा है। भद्रावास योग का संयोग दोपहर 02 बजकर 34 मिनट से लेकर पूर्ण रात्रि तक है। ज्योतिषियों की मानें तो भद्रावास योग में मानव जीवन का कल्याण होता है। इस दौरान भद्रा स्वर्ग लोक में निवास करेंगी।</p>



<p><strong>पंचांग<br></strong>सूर्योदय &#8211; सुबह 06 बजकर 28 मिनट पर<br>सूर्यास्त &#8211; शाम 05 बजकर 42 मिनट पर<br>चन्द्रोदय- सुबह 09 बजकर 50 मिनट पर<br>चन्द्रास्त- रात 07 बजकर 58 मिनट पर<br>ब्रह्म मुहूर्त &#8211; सुबह 04 बजकर 46 मिनट से 05 बजकर 37 मिनट तक<br>विजय मुहूर्त &#8211; दोपहर 01 बजकर 57 मिनट से 02 बजकर 42 मिनट तक<br>गोधूलि मुहूर्त &#8211; शाम 05 बजकर 42 मिनट से 06 बजकर 07 मिनट तक<br>निशिता मुहूर्त &#8211; रात 11 बजकर 40 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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		<title>दिल्ली से लेकर बिहार तक, यहां जानें छठ पूजा के लिए सूर्यास्त और सूर्योदय का समय</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 07 Nov 2024 05:35:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[छठ पूजा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="269" height="350" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/uioyoi-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/uioyoi.jpg 269w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/uioyoi-medium.jpg 231w" sizes="auto, (max-width: 269px) 100vw, 269px" />लोक आस्था का महापर्व छठ मुख्य रूप से तीन से चार दिनों तक चलता है। इस पर्व की शुरुआत इस साल 05 नवंबर को हुई थी, जिसका समापन 08 नवंबर को सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद किया जाएगा। छठ पर्व का तीसरा दिन यानी छठ पूजा विशेष महत्व रखती है, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="269" height="350" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/uioyoi-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/uioyoi.jpg 269w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/uioyoi-medium.jpg 231w" sizes="auto, (max-width: 269px) 100vw, 269px" />
<p>लोक आस्था का महापर्व छठ मुख्य रूप से तीन से चार दिनों तक चलता है। इस पर्व की शुरुआत इस साल 05 नवंबर को हुई थी, जिसका समापन 08 नवंबर को सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद किया जाएगा। छठ पर्व का तीसरा दिन यानी छठ पूजा विशेष महत्व रखती है, जो इस साल गुरुवार, 07 नवंबर को की जाएगी। इस दिन उगते हुए और डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने का विधान है। ऐसे में चलिए जानते हैं छठ पूजा के लिए सूर्योदय और सूर्यास्त का समय।</p>



<h2 class="wp-block-heading">दिल्ली &#8211;</h2>



<p>सूर्योदय का समय &#8211; 06 बजकर 38 मिनट पर</p>



<p>सूर्यास्त का समय &#8211; 05 बजकर 32 मिनट पर</p>



<h2 class="wp-block-heading">बिहार &#8211;</h2>



<p>सूर्योदय का समय &#8211; 06 बजकर 02 मिनट पर</p>



<p>सूर्यास्त का समय &#8211; 05 बजकर 05 मिनट पर</p>



<h2 class="wp-block-heading">पंजाब &#8211;</h2>



<p>सूर्योदय का समय &#8211; 06 बजकर 43 मिनट पर</p>



<p>सूर्यास्त का समय &#8211; 05 बजकर 30 मिनट पर</p>



<h2 class="wp-block-heading">उत्तर प्रदेश &#8211;</h2>



<p>सूर्योदय का समय &#8211; 05 बजकर 20 मिनट पर</p>



<p>सूर्योदय का समय &#8211; 05 बजकर 26 मिनट पर</p>



<h2 class="wp-block-heading">पश्चिम बंगाल &#8211;</h2>



<p>सूर्योदय का समय &#8211; 05 बजकर 50 मिनट पर</p>



<p>सूर्यास्त का समय &#8211; 05 बजकर 01 मिनट पर</p>



<h2 class="wp-block-heading">झारखंड &#8211;</h2>



<p>सूर्योदय का समय &#8211; 05 बजकर 58 मिनट पर</p>



<p>सूर्यास्त का समय छठ 05 बजकर 07 मिनट पर</p>



<h2 class="wp-block-heading">मध्य प्रदेश &#8211;</h2>



<p>सूर्योदय का समय &#8211; 06 बजकर 29 मिनट पर</p>



<p>सूर्यास्त का समय &#8211; 05 बजकर 39 मिनट पर</p>



<h2 class="wp-block-heading">राजस्थान &#8211;</h2>



<p>सूर्योदय का समय &#8211; 06 बजकर 41 मिनट पर</p>



<p>सूर्यास्त का समय &#8211; 05 बजकर 40 मिनट पर</p>



<h2 class="wp-block-heading">गुजरात &#8211;</h2>



<p>सूर्योदय का समय &#8211; 06 बजकर 58 मिनट पर</p>



<p>सूर्यास्त का समय &#8211; 06 बजकर 08 मिनट पर</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>इस विधि से करें छठ पूजा का व्रत, सुख-समृद्धि में होगी वृद्धि</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%bf-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9b%e0%a4%a0-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b5/588572</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 06 Nov 2024 05:36:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[छठ पूजा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="535" height="385" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/uiy89-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/uiy89.jpg 535w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/uiy89-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 535px) 100vw, 535px" />पंचांग के अनुसार, इस बार छठ पर्व की शुरुआत 05 नवंबर से हो गई है। पहले दिन नहाए-खाय की परंपरा को निभाया गया है। इसके बाद दूसरे दिन यानी आज (06 नवंबर) खरना पूजा (Chhath Puja Kharna 2024) है। इस दिन प्रसाद ग्रहण करने के बाद छठ के व्रत की शुरुआत होती है। यह व्रत &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="535" height="385" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/uiy89-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/uiy89.jpg 535w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/uiy89-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 535px) 100vw, 535px" />
<p>पंचांग के अनुसार, इस बार छठ पर्व की शुरुआत 05 नवंबर से हो गई है। पहले दिन नहाए-खाय की परंपरा को निभाया गया है। इसके बाद दूसरे दिन यानी आज (06 नवंबर) खरना पूजा (Chhath Puja Kharna 2024) है। इस दिन प्रसाद ग्रहण करने के बाद छठ के व्रत की शुरुआत होती है। यह व्रत 36 घंटे तक निर्जला रखने का विधान है। ऐसा माना जाता है कि छठ व्रत को विधिपूर्वक न करने से जातक छठ मैया की कृपा प्राप्ति से वंचित रहता है। ऐसे में आइए इस लेख में आपको बताएंगे छठ व्रत ( Chhath Puja 2024 Vrat Vidhi) की विधि के बारे में।</p>



<p><strong>कैसे करें छठ व्रत<br></strong>छठ पर्व के पहले दिन नहाय-खाय किया जाता है। इसके दूसरे दिन खरना पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन व्रती महिलाएं मिट्टी का नया चूल्हा बनाती हैं। गुड़ और चावल की खीर का प्रसाद बनाती हैं। इसके बाद खरना पूजा होती है और छठी मैया को प्रसाद का भोग अर्पित किया जाता है। इस प्रसाद को व्रती महिलाएं ग्रहण करती हैं और परिवार के सदस्यों में प्रसाद का वितरण किया जाता है। इसके बाद से निर्जला व्रत शुरू होता है। इसके अगले दिन व्रत किया जाता है और डूबते हुए सूर्य को विधिपूर्वक अर्घ्य दिया जाता है और अंतिम दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाता है। इस दौरान छठी मैया और सूर्य देव की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दौरान सूर्य देव के मन्त्रों का जप जरूर करना चाहिए। फिर लोगों में प्रसाद का वितरण किया जाता है और महिलाएं व्रत का पारण करती हैं। इसके पश्चात श्रद्धा अनुसार गरीब लोगों में दान करना शुभ माना जाता है।</p>



<p><strong>खरना पूजा की शुभकामनाएं</strong></p>



<p><strong>व्रत में न करें ये कार्य<br></strong>छठ पूजा के व्रत के दौरान किसी से वाद-विवाद न करें।<br>इसके अलावा व्रती को चारपाई पर नहीं सोना चाहिए।<br>किसी के प्रति मन में गलत विचार धारण नहीं करने चाहिए।<br>तामसिक भोजन का सेवन न करें।</p>



<p><strong>सूर्य पौराणिक मंत्र<br></strong>जपाकुसुम संकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम ।<br>तमोsरिं सर्वपापघ्नं प्रणतोsस्मि दिवाकरम ।।</p>



<p><strong>सूर्य वैदिक मंत्र<br></strong>ऊँ आकृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यण्च ।<br>हिरण्य़येन सविता रथेन देवो याति भुवनानि पश्यन ।।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>कई बीमारियों में रामबाण है Chhath Puja के प्रसाद के चढ़ने वाला डाभ नींबू</title>
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		<pubDate>Wed, 06 Nov 2024 04:32:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[छठ पूजा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="301" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/उह्र्तु-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/उह्र्तु.jpg 684w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/उह्र्तु-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />छठ पूजा (Chhath Puja 2024), दीवाली के बाद मनाई जाती है जिसे उत्तर भारत का एक लोकप्रिय त्योहार माना जाता है। इस चार दिवसीय त्योहार में सूर्य देव और छठी मैया की पूजा की जाती है। इस दौरान भोग में चढ़ाए जाने वाले विशेष फलों में से एक है डाभ नींबू (Dabh Lemon)। बता दें, &#8230;]]></description>
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<p>छठ पूजा (Chhath Puja 2024), दीवाली के बाद मनाई जाती है जिसे उत्तर भारत का एक लोकप्रिय त्योहार माना जाता है। इस चार दिवसीय त्योहार में सूर्य देव और छठी मैया की पूजा की जाती है। इस दौरान भोग में चढ़ाए जाने वाले विशेष फलों में से एक है डाभ नींबू (Dabh Lemon)। बता दें, यह आकार में सामान्य नींबू से बड़ा होता है। खास बात है कि डाभ नींबू में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो इसे सेहत के लिए बेहद गुणकारी बनाने का काम करते हैं। यह न सिर्फ पाचन में सुधार लाता है बल्कि वेट लॉस से लेकर ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और हार्ट हेल्थ को दुरुस्त रखने में भी काफी मददगार होता है। आइए इस आर्टिकल में आपको इसके ऐसे ही कुछ गजब फायदों से रूबरू कराते हैं।</p>



<p><strong>वेट लॉस का साथी<br></strong>डाभ नींबू को डाइट में किसी न किसी रूप में शामिल करके आप मोटापे की समस्या को भी काफी हद तक दूर कर सकते हैं, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर मौजूद होता है जो पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखता है। ऐसे में, हमें बार-बार भूख नहीं लगती और शरीर भी ओवरईटिंग के बोझ से बच जाता है। इसलिए अगर रोजाना सुबह-सवेरे नाश्ते में डाभ नींबू का सेवन किया जाए तो वेट लॉस जर्नी को और भी आसान बनाया जा सकता है।</p>



<p><strong>बॉडी को करे डिटॉक्स<br></strong>डाभ नींबू में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर न केवल शरीर को अंदर से साफ रखने में मदद करते हैं बल्कि मेटाबॉलिज्म को भी बढ़ावा देते हैं। इसका मतलब है कि डाभ नींबू आपके शरीर की उन प्रक्रियाओं को तेज कर सकता है जो खराब पदार्थों को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके अलावा, डाभ नींबू में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है और मल के द्वारा से शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मददगार होता है।</p>



<p><strong>इम्युनिटी को बनाए मजबूत<br></strong>डाभ नींबू में विटामिन-सी के साथ-साथ एंटीऑक्सिडेंट भी भरपूर मात्रा में होते हैं। ये दोनों ही हमारे शरीर को बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं। विटामिन सी हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और एंटीऑक्सिडेंट शरीर में मौजूद हानिकारक तत्वों से लड़ते हैं। इसलिए, डाभ नींबू का नियमित सेवन हमें कई बीमारियों से बचा सकता है, खासकर मौसमी बीमारियों जैसे सर्दी और फ्लू से।</p>



<p><strong>आंखों के लिए फायदेमंद<br></strong>आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए भी डाभ नींबू खाना बहुत फायदेमंद होता है। दरअसल, इसमें कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो आंखों की कोशिकाओं को मजबूत बनाते हैं और उन्हें बीमारियों से बचाते हैं। इसलिए अगर आप भी अपना ज्यादातर वक्त मोबाइल या लैपटॉप पर बिताते हैं तो बचाव के लिए अपनी डाइट में डाभ नींबू को शामिल कर सकते हैं।</p>



<p><strong>डाइजेशन को बेहतर बनाए<br></strong>डाब नींबू सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसमें मौजूद विटामिन सी और फाइबर आपके पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं। अगर आपको अक्सर एसिडिटी, पेट फूलना या पेट दर्द की समस्या रहती है, तो डाब नींबू का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और पेट संबंधी अन्य समस्याओं से भी राहत दिलाता है।</p>
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