चुनाव – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Fri, 02 Jan 2026 11:34:06 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg चुनाव – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 महाराष्ट्र: फरवरी में 12 जिला परिषदों-125 पंचायत समितियों के चुनाव की संभावना https://livehalchal.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%ab%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-12-%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b2/652480 Fri, 02 Jan 2026 11:34:05 +0000 https://livehalchal.com/?p=652480 महाराष्ट्र निर्वाचन आयोग फरवरी में कक्षा 12 की परीक्षाएं शुरू होने से पहले 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनावों की तारीख का एलान कर सकता है। आयोग तैयारियों को लेकर छह जनवरी को अधिकारियों के साथ बैठक करेगा। महाराष्ट्र में 12 जिला परिषदों (जेडपी) और 125 पंचायत समितियों के चुनाव फरवरी के …]]>

महाराष्ट्र निर्वाचन आयोग फरवरी में कक्षा 12 की परीक्षाएं शुरू होने से पहले 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनावों की तारीख का एलान कर सकता है। आयोग तैयारियों को लेकर छह जनवरी को अधिकारियों के साथ बैठक करेगा।

महाराष्ट्र में 12 जिला परिषदों (जेडपी) और 125 पंचायत समितियों के चुनाव फरवरी के पहले हफ्ते में कराए जाने की संभावना है। उम्मीद है कि महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) अगले सप्ताह इन चुनावों की तारीखों का एलान करेगा। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

राज्य निर्वाचन आयोग छह जनवरी को तीसरे चरण के चुनावी जिलों के अधिकारियों की एक बैठक करेगा। इस समीक्षा बैठक में तैयारियों, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की उपलब्धता और चुनावी व्यवस्थाओं की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद जनवरी के दूसरे हफ्ते में चुनाव कार्यक्रम घोषित होने से पहले तारीखों पर फैसला लिया जाएगा। आयोग को कक्षा 12 की परीक्षाएं शुरू होने की तारीख 10 फरवरी से पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी करनी है।

आयोग एक अधिकारी ने कहा, चुनाव प्रक्रिया पूरी करने में हमें करीब 28 दिन लगेंगे। हमें 15 जनवरी के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) से नई ईवीएम की आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। नगर निकाय चुनावों से मुक्त होने के बाद कर्मचारियों को जिला परिषद चुनावों में लगाया जा सकेगा।

एक अन्य अधिकारी ने बताया, 35 हजार मतदान केंद्रों के लिए हमें कम से कम 70 हजार ईवीएम और डेढ़ लाख से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों की जरूरत होगी। चूंकि आठ जनवरी से पहले तीसरे चरण के चुनावों की घोषणा संभव नहीं है, इसलिए जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव फरवरी के पहले हफ्ते में होने की संभावना है। इससे सुप्रीम कोर्ट की 31 जनवरी की समय-सीमा का उल्लंघन होगा, लेकिन 21 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई में हम अपनी परेशानियां अदालत के सामने रखेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर और दिसंबर में दिए आदेशों में राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया था कि आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से अधिक होने पर भी नगर निगम, नगर पंचायत और नगर परिषदों के चुनाव कराए जाएं। हालांकि, शीर्ष कोर्ट ने केवल 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों को चुनाव की अनुमति दी है और उन निकायों को बाहर रखा है, जिन्होंने आरक्षण की सीमा पार कर ली है।

राज्य में 264 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए पहले चरण के चुनाव दो दिसंबर को हुए थे, जबकि 24 अन्य नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव 20 दिसंबर को कराए गए थे। राज्य की 29 नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी को होने हैं।

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विद्रोह के बाद बांग्लादेश का पहला चुनाव https://livehalchal.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%b9-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%87/648462 Fri, 12 Dec 2025 08:12:04 +0000 https://livehalchal.com/?p=648462 बांग्लादेश फरवरी में आम चुनाव कराएगा। यह 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन से शेख हसीना के हटने के बाद इस दक्षिण एशियाई देश का पहला चुनाव होगा। हसीना की पार्टी अवामी लीग देश की सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन इसे चुनाव लड़ने से रोक दिया गया है। अब 17.3 करोड़ की आबादी वाला यह मुस्लिम-बहुल …]]>

बांग्लादेश फरवरी में आम चुनाव कराएगा। यह 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन से शेख हसीना के हटने के बाद इस दक्षिण एशियाई देश का पहला चुनाव होगा। हसीना की पार्टी अवामी लीग देश की सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन इसे चुनाव लड़ने से रोक दिया गया है। अब 17.3 करोड़ की आबादी वाला यह मुस्लिम-बहुल देश पूरी तरह बदले हुए राजनीतिक माहौल में मतदान करने जा रहा है। चुनाव में जुलाई चार्टर पर जनमत संग्रह और न्यायपालिका की स्वतंत्रता की मांग है। भारत से रिश्ते भी इस चुनाव में अहम मुद्दा है।


जमात-ए-इस्लामी का दोबारा बढ़ता प्रभाव
हसीना सरकार में प्रतिबंधित इस्लामवादी पार्टी जमात-ए-इस्लामी छात्रों के विद्रोह के बाद फिर सक्रिय हो गई है। इसके चुनावों में दूसरे स्थान पर रहने की उम्मीद है। शफीकुर रहमान के नेतृत्व में जमात शरीयत आधारित शासन इस्लामी शासन की वकालत करती है, लेकिन यह अब अपने रूढ़िवादी वोटर आधार से परे अपना समर्थन बढ़ाना चाहती है। यह पार्टी माफिया-मुक्त समाज और सख्त भ्रष्टाचार विरोधी कदमों का वादा करती है। यह 2001-2006 के बीच बीएनपी के साथ सत्ता में रह चुकी है।

बीएनपी सबसे प्रभावी राजनीतिक दल
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) इस चुनावी माहौल में सबसे आगे है। यह दल पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी बीएनपी चुनाव की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। अमेरिकी इंटरनेशनल रिपब्लिकन इंस्टीट्यूट के दिसंबर सर्वे ने अनुमान लगाया कि बीएनपी सबसे ज्यादा सीटें जीत सकती है। 1978 में जिया के दिवंगत पति और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की बनाई बीएनपी, बांग्लादेशी राष्ट्रवाद, आर्थिक उदारीकरण और भ्रष्टाचार-विरोधी सुधारों का समर्थन करती है। खालिदा जिया की खराब सेहत और उनके बेटे व कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान की गैरमौजूदगी इस पार्टी की चुनौतियां हैं। रहमान निर्वासन में लंदन में हैं।

नेशनल सिटिजन पार्टी
विद्रोह के बाद छात्र आंदोलन के नेताओं नेशनल सिटिजन पार्टी(एनसीपी) बनाई नई पार्टी है। संगठन की कमजोरी और कम फंड के कारण जनसमर्थन को वोट में बदलने में संघर्ष कर रही है। सर्वेक्षण इसे बीएनपी और जमात से काफी पीछे दिखाते हैं। 27 साल के नाहिद इस्लाम के नेतृत्व में पार्टी 24-सूत्रीय एजेंडा पेश करती है, जिसमें नया संविधान, न्यायिक सुधार, स्वतंत्र मीडिया, सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और जलवायु लचीलापन शामिल हैं।

लोकतंत्र की बहाली की उम्मीद में आम बांग्लादेशी
आम बांग्लादेशी घातक विरोध प्रदर्शनों के बाद बेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार की अगुवाई में लोकतांत्रिक शासन बहाली की उम्मीद कर रहे हैं।

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 दूसरे चरण के चुनाव से पहले पूर्वी चंपारण में हाई अलर्ट https://livehalchal.com/%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b5-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%87/642429 Sat, 08 Nov 2025 08:45:45 +0000 https://livehalchal.com/?p=642429 बिहार में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होना है। इसी को लेकर निर्वाचन आयोग की तैयारियां ज़ोरों पर हैं। इसी क्रम में पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। भारत-नेपाल सीमा से सटे इस जिले में प्रशासन ने मतदान से पहले सीमा को पूर्णतः सील करने का निर्णय …]]>

बिहार में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होना है। इसी को लेकर निर्वाचन आयोग की तैयारियां ज़ोरों पर हैं। इसी क्रम में पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। भारत-नेपाल सीमा से सटे इस जिले में प्रशासन ने मतदान से पहले सीमा को पूर्णतः सील करने का निर्णय लिया है। चुनाव ऑब्जर्वर गुलजार वाणी ने बताया कि रक्सौल और नरकटिया विधानसभा क्षेत्र को “एक्सपेंडिचर सेंसिटिव” यानी खर्च संवेदनशील क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है। इन दोनों क्षेत्रों की निगरानी चुनाव आयोग विशेष रूप से कर रहा है।

उन्होंने कहा कि दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को है, ऐसे में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रशासनिक इकाइयों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने जानकारी दी कि चुनाव से पहले भारत-नेपाल सीमा को सील करने का निर्णय लिया गया है। अब यह सीमा 12 नवंबर सुबह 6 बजे ही दोबारा खोली जाएगी।

एसपी ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य है कि कोई भी असामाजिक तत्व या राजनीतिक दल सीमा पार से अवैध धन, शराब या अन्य सामग्री लाकर चुनाव को प्रभावित न कर सके। चुनाव आयोग ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि सीमा पार से आने-जाने वाली हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जाए ताकि निष्पक्ष मतदान हो सके।

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पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा का सियासी दांव https://livehalchal.com/%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%ac-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b5-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%aa-2/641792 Wed, 05 Nov 2025 05:52:20 +0000 https://livehalchal.com/?p=641792 पंजाब विधानसभा चुनाव-2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। पार्टी अब हरियाणा के रास्ते पंजाब की राजनीति में नई एंट्री तलाश रही है। भाजपा हाईकमान ने जिम्मेदारी हरियाणा इकाई को सौंपी है। हरियाणा सरकार ने हाल ही में 1984 सिख …]]>

पंजाब विधानसभा चुनाव-2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। पार्टी अब हरियाणा के रास्ते पंजाब की राजनीति में नई एंट्री तलाश रही है।

भाजपा हाईकमान ने जिम्मेदारी हरियाणा इकाई को सौंपी है। हरियाणा सरकार ने हाल ही में 1984 सिख विरोधी दंगों के पीड़ित परिवारों को नौकरी देने के प्रस्ताव को मंजूरी देकर बड़ा सियासी दांव खेला है। प्रस्ताव के मुताबिक, ऐसे परिवारों के एक सदस्य को अनुबंध के आधार पर सरकारी नौकरी दी जाएगी, चाहे मौत राज्य में हुई हो या बाहर। राजनीतिक जानकार इसे पंजाब विधानसभा चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं और मानते हैं कि भाजपा ने इस फैसले से सिख वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश की है।

दिल्ली निगम चुनाव की जिम्मेदारी भी हरियाणा इकाई को मिली थी
इससे पहले हरियाणा विधानसभा में जीत के बाद पार्टी ने दिल्ली निगम चुनाव की जिम्मेदारी भी हरियाणा इकाई को दी थी, जिसमें भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया था। अब पंजाब की जिम्मेदारी भी हरियाणा इकाई को सौंपी गई है। मुख्यमंत्री नायब सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़, मंत्री कृष्ण बेदी और राज्यसभा सांसद किरण चौधरी को इस दिशा में अहम भूमिका दी गई है। पंजाब में बाढ़ से आई तबाही के बाद हरियाणा भाजपा ने राहत अभियान चलाकर बड़ा संदेश दिया।

पार्टी ने पांच करोड़ रुपये की आर्थिक मदद के साथ 500 से अधिक ट्रक राहत सामग्री पंजाब भेजी। हर जिले से सामग्री जुटाने का आह्वान मुख्यमंत्री नायब सैनी ने खुद किया था और पूरी मुहिम की निगरानी की थी।

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तेजस्वी का एलान- चुनाव जीते तो पंचायत प्रतिनिधियों को पेंशन देंगे https://livehalchal.com/%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b5-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%a4/640088 Sun, 26 Oct 2025 08:14:31 +0000 https://livehalchal.com/?p=640088 आगामी चुनाव को देखते हुए तेजस्वी यादव लगातार घोषणाएं कर रहे हैं। माई-बहिन मान योजना, हर घर नौकरी, जीविका और संविदाकर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने के बाद अब तेजस्वी यादव ने छोटे कामगारों के लिए बड़ा एलान किया है। उन्होंने रविवार सुबह पोलो रोड स्थित आवास पर प्रेस वार्ता की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा …]]>

आगामी चुनाव को देखते हुए तेजस्वी यादव लगातार घोषणाएं कर रहे हैं। माई-बहिन मान योजना, हर घर नौकरी, जीविका और संविदाकर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने के बाद अब तेजस्वी यादव ने छोटे कामगारों के लिए बड़ा एलान किया है। उन्होंने रविवार सुबह पोलो रोड स्थित आवास पर प्रेस वार्ता की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमलोग सबलोग आज कुछ घोषणाएं करने आए हैं। तेजस्वी ने किसी का नुकसान नहीं किया। तेजस्वी से किसी को कोई शिकायत भी नहीं है। जनता ने एनडीए को 20 साल दिया। हमलोग महज 20 महीने का वक्त मांगते हैं। मुझे बिहार की जनता पर पूरा भरोसा है कि इस बार बदलाव भी होगा और महगठबंधन के नेतृत्व में नई सरकार भी बनेगी। आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है।

पंचायत और ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों के लिए यह घोषणा
तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनते ही त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों का मानदेय भत्ता दोगुना होगा। पंचायत और ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों को पेंशन देने की शुरुआत की जाएगी। अन्य राज्यों में यह प्रावधान है। इसलिए अब बिहार में भी किया जाएगा। पंचायत और ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों का 50 लाख का बीमा करवाया जाएगा। जन वितरण प्रणाली के वितरकों के मानदेय को दिया जाएगा और प्रति क्विंटल मिलने वाली मार्जिन मनी को बढ़ाया जाएगा। अनुकंपा में लागू 58 साल की बाध्यता को लागू करेंगे। साथ ही नाई, बढ़ई, कुम्हार और लोहार समेत मेहनती वर्गों के उत्थान के लिए उन्हें पांच लाख रुपये एकमुश्त की आर्थिक सहायता दी जाएगा। ताकि इससे वह अपना स्वरोजगार शुरू कर सकें।

बिहार की जनता बदलाव के लिए बेसब्र है
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की जनता बदलाव के लिए बेसब्र है। कहीं भी हमलोग जा रहे हैं तो हर जाति, धर्म के लिए भारी संख्या में आ रहे हैं। वह कहते हैं कि वह मौजूदा सरकार से परेशान हैं। लोग बिहार सरकार को बदलना चाहते हैं। 20 साल पुरानी विजनलेस पुरानी खटारा सरकार में अपराध और भ्रष्टाचार चरम है। अब तो गृह अमित शाह ने मना ही नहीं कर दिया कि बिहार में कहीं भी कारखाना नहीं लग सकता है क्यों कि यहां भूमि की कमी है। तेजस्वी यादव ने कहा कि पीएम मोदी ने गुजरात में कई कारखाना लगवाए। सबकुछ गुजरात में ही दे दिया। बिहार को केवल अंगूठा दिखाने का काम किया है। लोग अब भारतीय जनता पार्टी के चाल और चरित्र को समझ चुके हैं। बिहारवासी अब इस भ्रष्ट सरकार को बदलने के लिए बेसब्र है। बिहार की जनता बदलाव करेगी।

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