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	<title>चांदीपुरा वायरस &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>चांदीपुरा वायरस &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>गुजरात में नहीं रुक रहा &#8216;चांदीपुरा वायरस&#8217; का कहर</title>
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		<pubDate>Thu, 22 Aug 2024 06:13:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[गुजरात]]></category>
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		<category><![CDATA[चांदीपुरा वायरस]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-208-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-208.jpg 766w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-208-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />गुजरात में जुलाई से अब तक चांदीपुरा वायरस से 28 बच्चों की मौत हो चुकी है। बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने सदन को इसकी जानकारी दी। चांदीपुरा वायरस के लक्षण फ्लू जैसे होते हैं और तीव्र इंसेफेलाइटिस होता है। यह मच्छरों टिक्स और सैंडफ्लाई द्वारा फैलता है। पटेल ने कहा कि 14 साल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-208-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-208.jpg 766w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-208-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>गुजरात में जुलाई से अब तक चांदीपुरा वायरस से 28 बच्चों की मौत हो चुकी है। बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने सदन को इसकी जानकारी दी। चांदीपुरा वायरस के लक्षण फ्लू जैसे होते हैं और तीव्र इंसेफेलाइटिस होता है। यह मच्छरों टिक्स और सैंडफ्लाई द्वारा फैलता है। पटेल ने कहा कि 14 साल से कम उम्र के 101 बच्चों की इंसेफेलाइटिस से मौत हो चुकी है।</p>



<p>चांदीपुरा वायरस का पहला मामला जुलाई में सामने आने के बाद से अब तक 14 वर्ष से कम आयु के 28 बच्चों की मौत हो चुकी है। बुधवार को गुजरात विधानसभा ने इसकी जानकारी दी।</p>



<p>आप विधायक उमेश मकवाना के ‘अल्पसूचित प्रश्न’ के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने सदन को बताया कि गुजरात में अब तक वायरल इंसेफेलाइटिस के 164 मामले सामने आए हैं। इसमें 101 बच्चे संक्रमण के कारण दम तोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब तक पाए गए इन 164 मामलों में से 61 चांदीपुरा वायरस के कारण हुए हैं।</p>



<p><strong>चांदीपुरा वायरस के लक्षण क्या?</strong><br>चांदीपुरा वायरस के लक्षण फ्लू जैसे होते हैं और तीव्र इंसेफेलाइटिस (मस्तिष्क की सूजन) होता है। यह मच्छरों, टिक्स और सैंडफ्लाई द्वारा फैलता है। पटेल ने कहा, &#8216;अब तक 14 साल से कम उम्र के 101 बच्चों की तीव्र इंसेफेलाइटिस के कारण मौत हो चुकी है। इनमें से 28 की मौत चांदीपुरा वायरस के संक्रमण के कारण हुई है, जबकि 73 अन्य वायरल संक्रमणों के कारण होने वाले इंसेफेलाइटिस के कारण दम तोड़ चुके हैं।&#8217;</p>



<p><strong>63 बच्चों को इलाज के बाद दी छुट्टी</strong><br>मंत्री ने कहा कि 63 बच्चों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि चार अभी भी चिकित्सा देखभाल में हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और पिछले एक सप्ताह में कोई नया मामला सामने नहीं आया है। वहीं, पिछले 12 दिनों में कोई मौत नहीं हुई है। मंत्री के अनुसार, सरकार ने पूरे राज्य में वेक्टर नियंत्रण और चांदीपुरा वायरस की रोकथाम के लिए अभियान चलाया है।</p>



<p>इस अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमों ने उन क्षेत्रों में 53,000 से अधिक घरों का सर्वेक्षण किया, जहां से वायरल इंसेफेलाइटिस और चांदीपुरा के मामले सामने आए थे। उन्होंने कहा कि रोग नियंत्रण के लिए गांवों में 7 लाख से अधिक मिट्टी के घरों में कीटनाशक मैलाथियान पाउडर का छिड़काव किया गया है। उन्होंने कहा कि लगभग 1.58 लाख घरों में तरल कीटनाशक का भी छिड़काव किया गया है।</p>



<p><strong>मैलाथियान पाउडर और कीटनाशक का छिड़काव</strong><br>प्रभावित जिलों के लगभग 40,000 स्कूलों और 36,000 से अधिक आंगनवाड़ियों में मैलाथियान पाउडर और तरल कीटनाशक का भी छिड़काव किया गया। पटेल ने कहा कि गांधीनगर स्थित गुजरात जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र (जीबीआरसी) चांदीपुरा के अलावा अन्य वायरस का पता लगाने के लिए शोध कर रहा है, जिसने इंसेफेलाइटिस का कारण बना और बच्चों की जान ले ली।</p>
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		<title>गुजरात में नहीं थम रहा चांदीपुरा वायरस, 13 नए मामले और पांच की मौत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Jul 2024 08:55:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[गुजरात]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[चांदीपुरा वायरस]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="353" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/गुजरात.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/गुजरात.jpg 673w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/गुजरात-300x171.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />गुजरात में रविवार को चांदीपुरा वायरस के 13 नए मामले सामने आए और पांच की मौत हो गई। हालांकि इनमे से किसी मामले की पुष्टि नहीं हुई है। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि चांदीपुरा वायरस के लक्षण वाले मरीजों के सैंपल को जांच के लिए पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआइवी) भेजा गया &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="353" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/गुजरात.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/गुजरात.jpg 673w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/गुजरात-300x171.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>गुजरात में रविवार को चांदीपुरा वायरस के 13 नए मामले सामने आए और पांच की मौत हो गई। हालांकि इनमे से किसी मामले की पुष्टि नहीं हुई है। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि चांदीपुरा वायरस के लक्षण वाले मरीजों के सैंपल को जांच के लिए पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआइवी) भेजा गया है।</p>



<p><strong>कैसे फैलता है यह वायरस?</strong><br>गुजरात में अब तक चांदीपुरा वायरस के लक्षण वाले मामलों की संख्या 84 और इससे मरने वालों की संख्या 32 हो गई है। चांदीपुरा वायरस के लक्षण फ्लू जैसे होते हैं। इससे मस्तिष्क में सूजन आ जाती है। यह वायरस मच्छरों, मक्खियों, कीट-पतंगों से फैलता है।</p>



<p><strong>कैसे पड़ा चांदीपुरा नाम?</strong><br>1966 में महाराष्ट्र के नागपुर जिले के चांदीपुर गांव में अचानक 15 साल तक के बच्चों की मौत होने लगी थी। इसके बाद इस वायरस का नाम चांदीपुरा रख दिया गया था।</p>



<p><strong>मप्र में स्वास्थ्य विभाग सतर्क</strong><br>उधर, गुजरात में चांदीपुरा वायरस के बढ़ते मामलों को देख मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। इससे जुड़ी जानकारी पोर्टल पर अपडेट की जा रही है। हालांकि एमपी में अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है। मगर गुजरात में मिले संक्रमित मामलों में एक मरीज मध्य प्रदेश का है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग चांदीपुरा वायरस की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लगातार निगरानी की जा रही है।</p>
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		<title>गुजरात: चांदीपुरा वायरस के 50 मामले सामने आए…</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Jul 2024 06:14:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[गुजरात]]></category>
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		<category><![CDATA[चांदीपुरा वायरस]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1010.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1010.png 729w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1010-300x169.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />गुजरात में चांदीपुरा वायरस के 50 मामले सामने आए हैं जिसमें 16 लोगों की जान जा चुकी है। गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने यह जानकारी दी है। गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने कहा कि पूरे राज्य में चांदीपुरा वायरस के 50 मामले सामने आए हैं और 16 लोगों की जान गई &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1010.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1010.png 729w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1010-300x169.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>गुजरात में चांदीपुरा वायरस के 50 मामले सामने आए हैं जिसमें 16 लोगों की जान जा चुकी है। गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने यह जानकारी दी है।</p>



<p>गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने कहा कि पूरे राज्य में चांदीपुरा वायरस के 50 मामले सामने आए हैं और 16 लोगों की जान गई है। पटेल ने कहा, हिम्मतपुर में चांदीपुरा वायरस के 14 मामले सामने आए हैं, जिनमें से सात मरीजों को भर्ती कराया गया है। चांदीपुरा वायरस के तीन मामले दूसरे राज्यों से आए हैं। पूरे राज्य में अब तक चांदीपुरा वायरस के 50 मामले सामने आए हैं और 16 लोगों की जान गई है।</p>



<p>उन्होंने आगे कहा कि इस बारे में हर गांव और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को सचेत कर दिया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों, मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी (सीडीएचओ) और मेडिकल कॉलेजों के साथ बैठकें की हैं। उन्होंने आगे कहा, गुजरात में बच्चों में चांदीपुरा वायरस के लक्षण पाए गए हैं, जिससे कुछ डर पैदा हो गया है। सात मामलों को प्रयोगशाला परीक्षण के लिए पुणे भेजा गया था, जिनमें से केवल एक में चांदीपुरा वायरस पाया गया है।</p>
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		<title>गुजरात: पांच दिन में चांदीपुरा वायरस से छह बच्चों की मौत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 Jul 2024 10:25:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[गुजरात]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[चांदीपुरा वायरस]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="602" height="413" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-767.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-767.png 602w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-767-300x206.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-767-110x75.png 110w" sizes="auto, (max-width: 602px) 100vw, 602px" />गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने सोमवार को कहा कि पिछले पांच दिनों में गुजरात में संदिग्ध चांदीपुरा वायरस से छह बच्चों की मौत हो गई है, जिससे कुल संदिग्ध मामलों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। चांदीपुरा वायरस बुखार का कारण बनता है, जिसके लक्षण फ्लू जैसे होते हैं। यह मच्छरों, किलनी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="602" height="413" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-767.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-767.png 602w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-767-300x206.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-767-110x75.png 110w" sizes="auto, (max-width: 602px) 100vw, 602px" />
<p>गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने सोमवार को कहा कि पिछले पांच दिनों में गुजरात में संदिग्ध चांदीपुरा वायरस से छह बच्चों की मौत हो गई है, जिससे कुल संदिग्ध मामलों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। चांदीपुरा वायरस बुखार का कारण बनता है, जिसके लक्षण फ्लू जैसे होते हैं। यह मच्छरों, किलनी और रेत मक्खियों जैसे रोगवाहकों द्वारा फैलता है।</p>



<p>बुखार और फ्लू जैसे लक्षण देने वाले चांदीपुरा वायरस की चपेट में आने से गुजरात में बीते पांच दिनों में छह बच्चों ने जान गंवाई है। राज्यभर में इस बीमारी की चपेट में आने वाले बच्चों की कुल संख्या सोमवार को 12 हो गई। चांदीपुरा वायरस बुखार का कारण बनता है, जिसके लक्षण फ्लू जैसे होते हैं। इससे तीव्र एन्सेफलाइटिस (मस्तिष्क की सूजन) भी होती है। यह रोगजनक रैबडोविरिडे परिवार के वेसिकुलोवायरस जीनस का सदस्य है। यह मच्छरों, टिक्स और रेत में होने वाली मक्खियों से फैलता है। 1965 में महाराष्ट्र में पहला मामला दर्ज किया गया था। गुजरात में हर साल इस वायरस के मामले दर्ज होते हैं। भारत के अलावा एशिया व अफ्रीका के कुछ अन्य देशों में भी यह वायरस पाया जाता है।</p>



<p>गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने सोमवार को बताया कि इन 12 मरीजों में से चार साबरकांठा, तीन अरावली और एक-एक महिसागर और खेड़ा जिले से हैं। दो मरीज राजस्थान और एक मध्य प्रदेश से है। सभी का इलाज गुजरात में हुआ। पटेल ने कहा, राज्य में संदिग्ध चांदीपुरा वायरस के छह मरीजों की मौत हुई है, लेकिन नमूनों के नतीजे आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ये मौतें चांदीपुरा वायरस के कारण हुई हैं या नहीं।</p>



<p>छह में से पांच मौतें साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर के सिविल अस्पताल में हुई हैं। पटेल ने कहा कि साबरकांठा के आठ समेत सभी 12 नमूनों को पुष्टि के लिए पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) भेजा गया है। हिम्मतनगर के सिविल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञों ने 10 जुलाई को चार बच्चों की मौत का कारण चांदीपुरा वायरस होने का संदेह जताया था। पुष्टि के लिए उनके नमूने एनआईवी को भेजे थे। बाद में अस्पताल में चार और बच्चों में इसी तरह के लक्षण दिखे।</p>



<p><strong>संक्रामक नहीं है चांदीपुरा वायरस</strong><br>पटेल ने बताया कि चांदीपुरा वायरस संक्रामक नहीं है। हालांकि, प्रभावित इलाकों में गहन निगरानी की गई है। हमने 4,487 घरों में 18,646 लोगों की जांच की है। स्वास्थ्य विभाग बीमारी को फैलने से रोकने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहा है। पटेल ने कहा कि बुखार के अलावा उल्टी, दस्त और सिरदर्द इसके मुख्य लक्षण हैं। ये लक्षण दिखने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।</p>
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