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	<title>चंद्र ग्रहण &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>चंद्र ग्रहण &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>सावन 2026 में सूर्य और चंद्र ग्रहण का दुर्लभ योग…</title>
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		<pubDate>Mon, 27 Jul 2026 04:36:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="382" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/67-7.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/67-7.jpg 893w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/67-7-300x185.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/67-7-768x475.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />साल 2026 के सावन महीने में दो बड़े ग्रहण लगने जा रहे हैं। 12 अगस्त 2026 को पूर्ण सूर्य ग्रहण और 27-28 अगस्त 2026 को आंशिक चंद्र ग्रहण लगेगा। वैसे तो ग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है, लेकिन वैदिक ज्योतिष में इसे बहुत खास माना गया है। यह समय सामूहिक घटनाओं, शासन, अर्थव्यवस्था, मौसम और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="382" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/67-7.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/67-7.jpg 893w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/67-7-300x185.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/67-7-768x475.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>साल 2026 के सावन महीने में दो बड़े ग्रहण लगने जा रहे हैं। 12 अगस्त 2026 को पूर्ण सूर्य ग्रहण और 27-28 अगस्त 2026 को आंशिक चंद्र ग्रहण लगेगा। वैसे तो ग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है, लेकिन वैदिक ज्योतिष में इसे बहुत खास माना गया है।</p>



<p>यह समय सामूहिक घटनाओं, शासन, अर्थव्यवस्था, मौसम और लोगों की भावनाओं को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, इनमें से कोई भी ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। आइए बहुत ही सरल शब्दों में जानते हैं कि इसका क्या असर हो सकता है।</p>



<p>वैदिक ज्योतिष में सूर्य और चंद्रमा को जीवन का बहुत जरूरी हिस्सा माना गया है। सूर्य सरकार, नेतृत्व और देश के आत्मविश्वास से जुड़ा है। वहीं, चंद्रमा जनता की भावनाओं, अन्न उत्पादन, पानी और सामाजिक स्थिरता का प्रतीक है। ग्रहण के समय इन क्षेत्रों में कुछ अनिश्चितता या बदलाव देखने को मिल सकता है। चूंकि यह दोनों ग्रहण पवित्र सावन के महीने में पड़ रहे हैं, इसलिए ज्योतिष के लिहाज से इनका बहुत महत्व है।</p>



<p><strong>भारत पर प्रभाव<br></strong>ज्योतिष के अनुसार, सूर्य ग्रहण के कारण शासन, प्रशासन और नीतियों पर ज्यादा ध्यान रहेगा। सरकारें अपनी बड़ी योजनाओं की फिर से समीक्षा कर सकती हैं। राजनीतिक चर्चाएं और जन बहस तेज हो सकती हैं। बड़े विकास कार्यों को आगे बढ़ाने से पहले उन पर दोबारा विचार किया जा सकता है।</p>



<p>चंद्र ग्रहण के कारण लोगों की भावनाएं थोड़ी संवेदनशील हो सकती हैं। इससे सामाजिक कल्याण, सेहत, खेती और पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी बातों पर चर्चा बढ़ सकती है। पानी और पर्यावरण से जुड़े मामलों पर भी विशेष ध्यान दिया जा सकता है।</p>



<p><strong>वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव<br></strong>ग्रहण के आसपास का समय शेयर बाजार और पैसों के मामलों में थोड़ा संभलकर चलने का होता है। निवेशक और व्यापारी बहुत सोच-समझकर कदम बढ़ाते हैं। सरकारें बड़े बदलाव करने के बजाय अपनी पुरानी आर्थिक नीतियों को मजबूत करने पर ध्यान देती हैं। टेक्नोलॉजी, सेहत, ऊर्जा, खेती और जरूरी सेवाओं से जुड़े क्षेत्र इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रह सकते हैं।</p>



<p><strong>राजनीतिक और कूटनीतिक हलचल<br></strong>इन ग्रहणों के प्रभाव से दुनिया भर की सरकारें अपनी कूटनीतिक रणनीतियों का फिर से आकलन कर सकती हैं। उनका पूरा ध्यान लंबे समय तक चलने वाली साझेदारियों पर रहेगा। अहम बातचीत, नीतियों की समीक्षा और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर काम तेज हो सकता है।</p>



<p><strong>मौसम और प्राकृतिक घटनाएं<br></strong>ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण का संबंध मौसम में होने वाले अनोखे बदलावों से भी जोड़ा जाता है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश, बाढ़, सूखे से निपटना और जलवायु से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। यह सभी पारंपरिक ज्योतिषीय आकलन हैं।</p>



<p><strong>जनस्वास्थ्य और समाज<br></strong>चंद्र ग्रहण का असर लोगों के मन और सामूहिक भावनाओं पर पड़ता है। इस दौरान लोग ज्यादा संवेदनशील, गंभीर और सतर्क हो सकते हैं। स्वास्थ्य सेवाओं, मानसिक शांति और जन कल्याण के कामों पर इस समय ज्यादा ध्यान देने की जरूरत पड़ सकती है।</p>



<p><strong>आध्यात्मिक महत्व<br></strong>सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है, जो इसे सभी भक्तों के लिए बहुत पवित्र बनाता है। ग्रहण का यह समय पूजा-पाठ, ध्यान, मंत्र जाप और खुद के भीतर झांकने के लिए बहुत बढ़िया है। इस दौरान किसी भी नए और बड़े काम की शुरुआत करने से बचना चाहिए।</p>
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		<title>सावन में 15 दिन के अंदर इस साल का आखिरी सूर्य और चंद्र ग्रहण, नोट करें तारीख</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 05:11:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
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		<category><![CDATA[चंद्र ग्रहण]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="392" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/54-2-1024x650.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/54-2-1024x650.jpg 1024w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/54-2-300x190.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/54-2-768x488.jpg 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/07/54-2.jpg 1041w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण (Solar eclipse) 17 फरवरी 2026 को लगा था, जबकि इसी साल पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगा था। अब हर कोई जानना चाहता है कि साल का दूसरा और आखिरी चंद्र और सूर्य ग्रहण कब लगेगा? हिंदू कैलेंडर के अनुसार साल का दूसरा सूर्य और चंद्र ग्रहण अगस्त &#8230;]]></description>
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<p>साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण (Solar eclipse) 17 फरवरी 2026 को लगा था, जबकि इसी साल पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगा था। अब हर कोई जानना चाहता है कि साल का दूसरा और आखिरी चंद्र और सूर्य ग्रहण कब लगेगा? हिंदू कैलेंडर के अनुसार साल का दूसरा सूर्य और चंद्र ग्रहण अगस्त महीने में लगेगा।</p>



<p>इस दौरान सावन का महीना रहने वाला है। अगस्त महीने में सबसे पहले सूर्य ग्रहण और फिर चंद्र ग्रहण लगेगा। दोनों ग्रहण 15 दिन के अंतराल में होगा। सूर्य और चंद्र ग्रहण (Lunar eclipse) दोनों का आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। आइए जानते हैं इन ग्रहण काल की तारीख और पड़ने वाले प्रभावों के बारे में।</p>



<p><strong>अगस्त 2026 में दूसरा सूर्य ग्रहण कब?<br></strong>साल 2026 का दूसरा और आखिरी सू्र्य ग्रहण 12 अगस्त सावन अमावस्या के मौके पर लगेगा। इसे कई लोग हरियाली अमावस्या के नाम से भी जानते हैं। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण रहने वाला है, लेकिन भारत में दृश्यमान नहीं होगा। जिस वजह से भारत में सूतक काल नहीं लगेगा।</p>



<p><strong>अगस्त 2026 में दूसरा चंद्र ग्रहण कब?<br></strong>अगस्त 2026 में साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण, सूर्य ग्रहण के ठीक 15 दिन बाद यानी श्रावण मास की पूर्णिमा पर लगेगा। यह 28 अगस्त 2026 को लगेगा।</p>



<p>इस दिन भारत में रक्षाबंधन का त्योहार भी मनाया जाएगा। सूर्य ग्रहण की ही तरह यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। जिस वजह से भारत में इस दिन राखी मनाई जा सकेगी।</p>



<p><strong>सावन में लगने वाले सूर्य और चंद्र ग्रहण का प्रभाव<br></strong>सूर्य या चंद्र ग्रहण का इंसानी जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इस दौरान सेहत का ध्यान रखने के साथ बड़े बुजु्र्गों की सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए।</p>



<p>किसी भी तरह के मांगलिक कार्यों को करने से बचना चाहिए। इसके अलावा कोई भी ऐसा बड़ा फैसला लेने से बचें, जो आपके भविष्य के लिए निर्णायक भूमिका निभाते हैं।</p>



<p><strong>ग्रहण काल में अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय?<br></strong>ग्रहण काल के बाद नहाना चाहिए और शिवलिंग पर जला अर्पित करना चाहिए।</p>



<p>सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होने के साथ सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।</p>



<p>ग्रहण काल के बाद पूजा-पाठ और इच्छा के अनुसार दान करना चाहिए।</p>
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		<title>होली पर चंद्र ग्रहण और भद्रा का साया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Jan 2026 07:47:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[चंद्र ग्रहण]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="329" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-24-234527.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-24-234527.png 758w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-24-234527-300x160.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-24-234527-310x165.png 310w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा पर होलिका दहन किया जाता है, जिसे बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना गया है। इसके अलगे दिन होली खेलने का विधान है, जिसे रंग, प्रेम और खुशियों से भरा माना जाता है। इस वर्ष 3 मार्च 2026 को होलिका दहन का पर्व मनाया जाएगा। हालांकि, इस &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="329" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-24-234527.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-24-234527.png 758w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-24-234527-300x160.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-24-234527-310x165.png 310w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा पर होलिका दहन किया जाता है, जिसे बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना गया है। इसके अलगे दिन होली खेलने का विधान है, जिसे रंग, प्रेम और खुशियों से भरा माना जाता है। इस वर्ष 3 मार्च 2026 को होलिका दहन का पर्व मनाया जाएगा। हालांकि, इस तिथि पर चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो भारत में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब किसी प्रमुख त्योहार पर ग्रहण का साया पड़ता है, तो इसे साधारण घटना नहीं माना जाता है। इसका प्रभाव देश-दुनिया से लेकर व्यक्ति के नीजि जीवन तक भी नजर आता है। ऐसे में सवाल यह है कि, होली पर होने वाली इस खगोलीय घटना का प्रभाव क्या होली के त्योहार पर होगा ? आइए ग्रहण के समय से लेकर होलिका दहन के मुहूर्त को विस्तार से जानते हैं।</p>



<p><strong>चंद्र ग्रहण का समय</strong></p>



<p>3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह एक आंशिक (खण्डग्रास) चंद्रग्रहण होगा, जिसे भारत में देखा जाएगा। जानकारी के मुताबिक, चंद्र ग्रहण का समय शाम 6 बजकर 26 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। ग्रहण की कुल अवधि 20 मिनट की रहेगी।</p>



<p><strong>सूतक काल का समय</strong></p>



<p>ज्योतिषियों के मुताबिक, 3 मार्च को सुबह 9 बजकर 39 मिनट से सूतक काल शुरू होगा। आप इस समय कोई भी यात्रा, नया कार्य व पूजा-पाठ न करें।</p>



<p><strong>चंद्र ग्रहण कहां-कहां देगा दिखाई</strong></p>



<p>खगोल वैज्ञानिकों के मुताबिक, साल का पहला चंद्र ग्रहण भारत समेत यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में नजर आने वाला है।</p>



<p><strong>क्या है भद्रा का समय ?</strong></p>



<p>ज्योतिषियों के मुताबिक, 3 मार्च को होलिका दहन पर भद्रा का समय सुबह 1 बजकर 25 मिनट से सुबह 4 बजकर 30 मिनट तक रहने वाला है।</p>



<p><strong>होलिका दहन तिथि 2026<br></strong>इस साल फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च को शाम 5 बजकर 55 मिनट पर होगी।<br>इस तिथि का समापन 3 मार्च को शाम 5 बजकर 7 मिनट पर होने वाला है।<br>तिथि के मुताबिक, 3 मार्च 2026 को होलिका दहन मान्य होगा।</p>



<p><strong>होलिका दहन मुहूर्त 2026<br></strong>इस साल होलिका दहन के दिन चंद्र ग्रहण का साया बना हुआ है। हालांकि, शाम 6 बजकर 46 मिनट पर यह ग्रहण समाप्त होगा। ऐसे में 3 मार्च को 6 बजकर 25 मिनट से रात 8 बजकर 50 मिनट तक होलिका दहन का मुहूर्त बना रहेगा। आप इस अवधि में होलिका दहन व पूजा-पाठ के कार्य कर सकते हैं।</p>



<p><strong>इन बातों का रखें ध्यान<br></strong>होलिका दहन के दिन ग्रहण होने के कारण आप कुछ विशेष बातों का ध्यान रखें।<br>सबसे पहले ग्रहण काल में होली पूजन से जुड़ा कोई कार्य न करें।<br>घर में भोजन बनाने से लेकर सब्जियां काटने की भूल भी न करें।<br>ग्रहण समाप्त होने के बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करें।<br>कुछ चीजों का दान करना और भी शुभ हो सकता है, क्योंकि इससे नकारात्मकता समाप्त होती है।<br>ग्रहण समाप्त होने के बाद आप पूजा घर को साफ करें और सभी भगवानओं को स्नान कराएं।<br>इसके बाद स्वयं स्नान करें और होलिका दहन की पूजा व उससे जुड़े अन्य कार्य करें।</p>
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		<title>होली पर चंद्र ग्रहण और भद्रा का साया, जानें इसका समय और भारत में प्रभाव</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 24 Jan 2026 05:22:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[चंद्र ग्रहण]]></category>
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<p>हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा पर होलिका दहन किया जाता है, जिसे बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना गया है। इसके अलगे दिन होली खेलने का विधान है, जिसे रंग, प्रेम और खुशियों से भरा माना जाता है। इस वर्ष 3 मार्च 2026 को होलिका दहन का पर्व मनाया जाएगा। हालांकि, इस तिथि पर चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो भारत में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब किसी प्रमुख त्योहार पर ग्रहण का साया पड़ता है, तो इसे साधारण घटना नहीं माना जाता है। इसका प्रभाव देश-दुनिया से लेकर व्यक्ति के नीजि जीवन तक भी नजर आता है। ऐसे में सवाल यह है कि, होली पर होने वाली इस खगोलीय घटना का प्रभाव क्या होली के त्योहार पर होगा ? आइए ग्रहण के समय से लेकर होलिका दहन के मुहूर्त को विस्तार से जानते हैं।</p>



<p><strong>चंद्र ग्रहण का समय</strong></p>



<p>3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह एक आंशिक (खण्डग्रास) चंद्रग्रहण होगा, जिसे भारत में देखा जाएगा। जानकारी के मुताबिक, चंद्र ग्रहण का समय शाम 6 बजकर 26 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। ग्रहण की कुल अवधि 20 मिनट की रहेगी।</p>



<p><strong>सूतक काल का समय</strong></p>



<p>ज्योतिषियों के मुताबिक, 3 मार्च को सुबह 9 बजकर 39 मिनट से सूतक काल शुरू होगा। आप इस समय कोई भी यात्रा, नया कार्य व पूजा-पाठ न करें।</p>



<p><strong>चंद्र ग्रहण कहां-कहां देगा दिखाई</strong></p>



<p>खगोल वैज्ञानिकों के मुताबिक, साल का पहला चंद्र ग्रहण भारत समेत यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में नजर आने वाला है।</p>



<p><strong>क्या है भद्रा का समय ?</strong></p>



<p>ज्योतिषियों के मुताबिक, 3 मार्च को होलिका दहन पर भद्रा का समय सुबह 1 बजकर 25 मिनट से सुबह 4 बजकर 30 मिनट तक रहने वाला है।</p>



<p><strong>होलिका दहन तिथि 2026<br></strong>इस साल फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च को शाम 5 बजकर 55 मिनट पर होगी।<br>इस तिथि का समापन 3 मार्च को शाम 5 बजकर 7 मिनट पर होने वाला है।<br>तिथि के मुताबिक, 3 मार्च 2026 को होलिका दहन मान्य होगा।</p>



<p><strong>होलिका दहन मुहूर्त 2026<br></strong>इस साल होलिका दहन के दिन चंद्र ग्रहण का साया बना हुआ है। हालांकि, शाम 6 बजकर 46 मिनट पर यह ग्रहण समाप्त होगा। ऐसे में 3 मार्च को 6 बजकर 25 मिनट से रात 8 बजकर 50 मिनट तक होलिका दहन का मुहूर्त बना रहेगा। आप इस अवधि में होलिका दहन व पूजा-पाठ के कार्य कर सकते हैं।</p>



<p><strong>इन बातों का रखें ध्यान<br></strong>होलिका दहन के दिन ग्रहण होने के कारण आप कुछ विशेष बातों का ध्यान रखें।<br>सबसे पहले ग्रहण काल में होली पूजन से जुड़ा कोई कार्य न करें।<br>घर में भोजन बनाने से लेकर सब्जियां काटने की भूल भी न करें।<br>ग्रहण समाप्त होने के बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करें।<br>कुछ चीजों का दान करना और भी शुभ हो सकता है, क्योंकि इससे नकारात्मकता समाप्त होती है।<br>ग्रहण समाप्त होने के बाद आप पूजा घर को साफ करें और सभी भगवानओं को स्नान कराएं।<br>इसके बाद स्वयं स्नान करें और होलिका दहन की पूजा व उससे जुड़े अन्य कार्य करें।</p>
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		<title>चंद्र ग्रहण के दिन जरूर आजमाएं ये उपाय</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 18 Sep 2024 10:46:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[चंद्र ग्रहण]]></category>
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<p>चंद्र ग्रहण की शुरुआत 18 सितंबर (Chandra Grahan 2024 time) को सुबह 06 बजकर 11 मिनट पर हुई है जिसका समापन 10 बजकर 17 मिनट पर हुआ है। ऐसा माना जाता है कि चंद्र ग्रहण के दिन विशेष उपाय करने से जातक को कई तरह के दोषों से छुटकारा मिलता है। ऐसे में आइए इस लेख में जानते हैं चंद्र ग्रहण के दिन किए जाने वाले उपायों के बारे में।</p>



<p>सनातन धर्म में चंद्र ग्रहण का विशेष महत्व है। इस अवधि के दौरान पृथ्वी पर राहु और केतु का अधिक असर बढ़ जाता है। वर्ष का अंतिम चंद्र ग्रहण 18 सितंबर (Chandra Grahan 2024 Date) को है। चंद्र ग्रहण (Grahan Kab Lagega) के दौरान शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। मान्यता है कि इन कार्यों को करने से साधक को शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती है। साथ ही शारीरिक और मानसिक सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ता है, जिसकी वजह से जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस तरह की समस्याओं को इन उपायों के द्वारा दूर किया जा सकता है।</p>



<p><strong>चंद्र ग्रहण के उपाय<br></strong>अगर आप मनचाहा करियर प्राप्त करना चाहते हैं, तो चंद्र ग्रहण के दिन कौए को मीठे चावल खिलाएं। मान्यता है कि इस टोटके को करने से जातक के करियर में आ रही बाधा से छुटकारा मिलता है और धन लाभ के योग बनते हैं।</p>



<p>माना जाता है कि कुंडली में चंद्रमा कमजोर होने की वजह से जातक को मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। परिवार के सदस्यों के साथ संबंध खराब हो सकते हैं। ऐसे में इस तरह की समस्या से मुक्ति पाने के लिए चंद्र ग्रहण के दिन भगवान शिव के मंत्रों का जप करें। माना जाता है कि इस उपाय को करने से मानसिक स्थिति में सुधार होता है और घर में सुख-शांति का आगमन होता है।</p>



<p>इसके अलावा कर्ज को खत्म करने के लिए चंद्र ग्रहण के दिन बाजार से एक ताला लेकर आएं और उसे रात को चंद्रमा के प्रकाश में रखें। इसके बाद सुबह होने पर इस ताले को मंदिर में रख आएं। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को चंद्र ग्रहण के दिन करने से जातक को कर्ज से मुक्ति मिलती है और धन प्राप्ति के स्रोत बनते हैं।</p>



<p><strong>इन बातों का रखें ध्यान</strong></p>



<p>चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर में ही रहने चाहिए।<br>इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को घर का कोई काम नहीं करना चाहिए।<br>चंद्र ग्रहण खत्म हो जाने के बाद पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें।<br>इसके बाद गरीब लोगों में विशेष चीजों का दान करें।</p>
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