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	<title>चंद्र ग्रहण &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>चंद्र ग्रहण &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>होली पर चंद्र ग्रहण और भद्रा का साया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Jan 2026 07:47:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="329" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-24-234527.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-24-234527.png 758w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-24-234527-300x160.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-24-234527-310x165.png 310w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा पर होलिका दहन किया जाता है, जिसे बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना गया है। इसके अलगे दिन होली खेलने का विधान है, जिसे रंग, प्रेम और खुशियों से भरा माना जाता है। इस वर्ष 3 मार्च 2026 को होलिका दहन का पर्व मनाया जाएगा। हालांकि, इस &#8230;]]></description>
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<p>हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा पर होलिका दहन किया जाता है, जिसे बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना गया है। इसके अलगे दिन होली खेलने का विधान है, जिसे रंग, प्रेम और खुशियों से भरा माना जाता है। इस वर्ष 3 मार्च 2026 को होलिका दहन का पर्व मनाया जाएगा। हालांकि, इस तिथि पर चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो भारत में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब किसी प्रमुख त्योहार पर ग्रहण का साया पड़ता है, तो इसे साधारण घटना नहीं माना जाता है। इसका प्रभाव देश-दुनिया से लेकर व्यक्ति के नीजि जीवन तक भी नजर आता है। ऐसे में सवाल यह है कि, होली पर होने वाली इस खगोलीय घटना का प्रभाव क्या होली के त्योहार पर होगा ? आइए ग्रहण के समय से लेकर होलिका दहन के मुहूर्त को विस्तार से जानते हैं।</p>



<p><strong>चंद्र ग्रहण का समय</strong></p>



<p>3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह एक आंशिक (खण्डग्रास) चंद्रग्रहण होगा, जिसे भारत में देखा जाएगा। जानकारी के मुताबिक, चंद्र ग्रहण का समय शाम 6 बजकर 26 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। ग्रहण की कुल अवधि 20 मिनट की रहेगी।</p>



<p><strong>सूतक काल का समय</strong></p>



<p>ज्योतिषियों के मुताबिक, 3 मार्च को सुबह 9 बजकर 39 मिनट से सूतक काल शुरू होगा। आप इस समय कोई भी यात्रा, नया कार्य व पूजा-पाठ न करें।</p>



<p><strong>चंद्र ग्रहण कहां-कहां देगा दिखाई</strong></p>



<p>खगोल वैज्ञानिकों के मुताबिक, साल का पहला चंद्र ग्रहण भारत समेत यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में नजर आने वाला है।</p>



<p><strong>क्या है भद्रा का समय ?</strong></p>



<p>ज्योतिषियों के मुताबिक, 3 मार्च को होलिका दहन पर भद्रा का समय सुबह 1 बजकर 25 मिनट से सुबह 4 बजकर 30 मिनट तक रहने वाला है।</p>



<p><strong>होलिका दहन तिथि 2026<br></strong>इस साल फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च को शाम 5 बजकर 55 मिनट पर होगी।<br>इस तिथि का समापन 3 मार्च को शाम 5 बजकर 7 मिनट पर होने वाला है।<br>तिथि के मुताबिक, 3 मार्च 2026 को होलिका दहन मान्य होगा।</p>



<p><strong>होलिका दहन मुहूर्त 2026<br></strong>इस साल होलिका दहन के दिन चंद्र ग्रहण का साया बना हुआ है। हालांकि, शाम 6 बजकर 46 मिनट पर यह ग्रहण समाप्त होगा। ऐसे में 3 मार्च को 6 बजकर 25 मिनट से रात 8 बजकर 50 मिनट तक होलिका दहन का मुहूर्त बना रहेगा। आप इस अवधि में होलिका दहन व पूजा-पाठ के कार्य कर सकते हैं।</p>



<p><strong>इन बातों का रखें ध्यान<br></strong>होलिका दहन के दिन ग्रहण होने के कारण आप कुछ विशेष बातों का ध्यान रखें।<br>सबसे पहले ग्रहण काल में होली पूजन से जुड़ा कोई कार्य न करें।<br>घर में भोजन बनाने से लेकर सब्जियां काटने की भूल भी न करें।<br>ग्रहण समाप्त होने के बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करें।<br>कुछ चीजों का दान करना और भी शुभ हो सकता है, क्योंकि इससे नकारात्मकता समाप्त होती है।<br>ग्रहण समाप्त होने के बाद आप पूजा घर को साफ करें और सभी भगवानओं को स्नान कराएं।<br>इसके बाद स्वयं स्नान करें और होलिका दहन की पूजा व उससे जुड़े अन्य कार्य करें।</p>
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		<title>होली पर चंद्र ग्रहण और भद्रा का साया, जानें इसका समय और भारत में प्रभाव</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 24 Jan 2026 05:22:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[चंद्र ग्रहण]]></category>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="327" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-23-212004.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-23-212004.png 736w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-23-212004-300x159.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-23-212004-310x165.png 310w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा पर होलिका दहन किया जाता है, जिसे बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना गया है। इसके अलगे दिन होली खेलने का विधान है, जिसे रंग, प्रेम और खुशियों से भरा माना जाता है। इस वर्ष 3 मार्च 2026 को होलिका दहन का पर्व मनाया जाएगा। हालांकि, इस तिथि पर चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो भारत में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब किसी प्रमुख त्योहार पर ग्रहण का साया पड़ता है, तो इसे साधारण घटना नहीं माना जाता है। इसका प्रभाव देश-दुनिया से लेकर व्यक्ति के नीजि जीवन तक भी नजर आता है। ऐसे में सवाल यह है कि, होली पर होने वाली इस खगोलीय घटना का प्रभाव क्या होली के त्योहार पर होगा ? आइए ग्रहण के समय से लेकर होलिका दहन के मुहूर्त को विस्तार से जानते हैं।</p>



<p><strong>चंद्र ग्रहण का समय</strong></p>



<p>3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह एक आंशिक (खण्डग्रास) चंद्रग्रहण होगा, जिसे भारत में देखा जाएगा। जानकारी के मुताबिक, चंद्र ग्रहण का समय शाम 6 बजकर 26 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। ग्रहण की कुल अवधि 20 मिनट की रहेगी।</p>



<p><strong>सूतक काल का समय</strong></p>



<p>ज्योतिषियों के मुताबिक, 3 मार्च को सुबह 9 बजकर 39 मिनट से सूतक काल शुरू होगा। आप इस समय कोई भी यात्रा, नया कार्य व पूजा-पाठ न करें।</p>



<p><strong>चंद्र ग्रहण कहां-कहां देगा दिखाई</strong></p>



<p>खगोल वैज्ञानिकों के मुताबिक, साल का पहला चंद्र ग्रहण भारत समेत यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में नजर आने वाला है।</p>



<p><strong>क्या है भद्रा का समय ?</strong></p>



<p>ज्योतिषियों के मुताबिक, 3 मार्च को होलिका दहन पर भद्रा का समय सुबह 1 बजकर 25 मिनट से सुबह 4 बजकर 30 मिनट तक रहने वाला है।</p>



<p><strong>होलिका दहन तिथि 2026<br></strong>इस साल फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च को शाम 5 बजकर 55 मिनट पर होगी।<br>इस तिथि का समापन 3 मार्च को शाम 5 बजकर 7 मिनट पर होने वाला है।<br>तिथि के मुताबिक, 3 मार्च 2026 को होलिका दहन मान्य होगा।</p>



<p><strong>होलिका दहन मुहूर्त 2026<br></strong>इस साल होलिका दहन के दिन चंद्र ग्रहण का साया बना हुआ है। हालांकि, शाम 6 बजकर 46 मिनट पर यह ग्रहण समाप्त होगा। ऐसे में 3 मार्च को 6 बजकर 25 मिनट से रात 8 बजकर 50 मिनट तक होलिका दहन का मुहूर्त बना रहेगा। आप इस अवधि में होलिका दहन व पूजा-पाठ के कार्य कर सकते हैं।</p>



<p><strong>इन बातों का रखें ध्यान<br></strong>होलिका दहन के दिन ग्रहण होने के कारण आप कुछ विशेष बातों का ध्यान रखें।<br>सबसे पहले ग्रहण काल में होली पूजन से जुड़ा कोई कार्य न करें।<br>घर में भोजन बनाने से लेकर सब्जियां काटने की भूल भी न करें।<br>ग्रहण समाप्त होने के बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करें।<br>कुछ चीजों का दान करना और भी शुभ हो सकता है, क्योंकि इससे नकारात्मकता समाप्त होती है।<br>ग्रहण समाप्त होने के बाद आप पूजा घर को साफ करें और सभी भगवानओं को स्नान कराएं।<br>इसके बाद स्वयं स्नान करें और होलिका दहन की पूजा व उससे जुड़े अन्य कार्य करें।</p>
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		<title>चंद्र ग्रहण के दिन जरूर आजमाएं ये उपाय</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 18 Sep 2024 10:46:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[चंद्र ग्रहण]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="295" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-549-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-549.jpg 772w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-549-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-549-768x367.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />चंद्र ग्रहण की शुरुआत 18 सितंबर (Chandra Grahan 2024 time) को सुबह 06 बजकर 11 मिनट पर हुई है जिसका समापन 10 बजकर 17 मिनट पर हुआ है। ऐसा माना जाता है कि चंद्र ग्रहण के दिन विशेष उपाय करने से जातक को कई तरह के दोषों से छुटकारा मिलता है। ऐसे में आइए इस &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="295" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-549-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-549.jpg 772w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-549-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-549-768x367.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>चंद्र ग्रहण की शुरुआत 18 सितंबर (Chandra Grahan 2024 time) को सुबह 06 बजकर 11 मिनट पर हुई है जिसका समापन 10 बजकर 17 मिनट पर हुआ है। ऐसा माना जाता है कि चंद्र ग्रहण के दिन विशेष उपाय करने से जातक को कई तरह के दोषों से छुटकारा मिलता है। ऐसे में आइए इस लेख में जानते हैं चंद्र ग्रहण के दिन किए जाने वाले उपायों के बारे में।</p>



<p>सनातन धर्म में चंद्र ग्रहण का विशेष महत्व है। इस अवधि के दौरान पृथ्वी पर राहु और केतु का अधिक असर बढ़ जाता है। वर्ष का अंतिम चंद्र ग्रहण 18 सितंबर (Chandra Grahan 2024 Date) को है। चंद्र ग्रहण (Grahan Kab Lagega) के दौरान शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। मान्यता है कि इन कार्यों को करने से साधक को शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती है। साथ ही शारीरिक और मानसिक सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ता है, जिसकी वजह से जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस तरह की समस्याओं को इन उपायों के द्वारा दूर किया जा सकता है।</p>



<p><strong>चंद्र ग्रहण के उपाय<br></strong>अगर आप मनचाहा करियर प्राप्त करना चाहते हैं, तो चंद्र ग्रहण के दिन कौए को मीठे चावल खिलाएं। मान्यता है कि इस टोटके को करने से जातक के करियर में आ रही बाधा से छुटकारा मिलता है और धन लाभ के योग बनते हैं।</p>



<p>माना जाता है कि कुंडली में चंद्रमा कमजोर होने की वजह से जातक को मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। परिवार के सदस्यों के साथ संबंध खराब हो सकते हैं। ऐसे में इस तरह की समस्या से मुक्ति पाने के लिए चंद्र ग्रहण के दिन भगवान शिव के मंत्रों का जप करें। माना जाता है कि इस उपाय को करने से मानसिक स्थिति में सुधार होता है और घर में सुख-शांति का आगमन होता है।</p>



<p>इसके अलावा कर्ज को खत्म करने के लिए चंद्र ग्रहण के दिन बाजार से एक ताला लेकर आएं और उसे रात को चंद्रमा के प्रकाश में रखें। इसके बाद सुबह होने पर इस ताले को मंदिर में रख आएं। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को चंद्र ग्रहण के दिन करने से जातक को कर्ज से मुक्ति मिलती है और धन प्राप्ति के स्रोत बनते हैं।</p>



<p><strong>इन बातों का रखें ध्यान</strong></p>



<p>चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर में ही रहने चाहिए।<br>इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को घर का कोई काम नहीं करना चाहिए।<br>चंद्र ग्रहण खत्म हो जाने के बाद पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें।<br>इसके बाद गरीब लोगों में विशेष चीजों का दान करें।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>सितंबर महीने में कब लगेगा चंद्र ग्रहण?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 05 Sep 2024 10:59:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[चंद्र ग्रहण]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="311" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-194-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-194.jpg 758w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-194-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />ज्योतिषियों की मानें तो दूसरा सूर्य ग्रहण 02 अक्टूबर को लगेगा। इससे पूर्व सितंबर महीने में साल का दूसरा और अंतिम ग्रहण लगेगा। भारत में दूसरा चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2024) भी दिखाई नहीं देगा। अतः इस दिन सूतक मान्य नहीं होगा। हालांकि ग्रहण के दौरान शास्त्र नियमों का जरूर पालन करें। इसके साथ ही &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="311" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-194-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-194.jpg 758w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-194-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>ज्योतिषियों की मानें तो दूसरा सूर्य ग्रहण 02 अक्टूबर को लगेगा। इससे पूर्व सितंबर महीने में साल का दूसरा और अंतिम ग्रहण लगेगा। भारत में दूसरा चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2024) भी दिखाई नहीं देगा। अतः इस दिन सूतक मान्य नहीं होगा। हालांकि ग्रहण के दौरान शास्त्र नियमों का जरूर पालन करें। इसके साथ ही ग्रहण के दौरान भगवान विष्णु का ध्यान करें।</p>



<p>सनातन धर्म में चंद्र ग्रहण का विशेष महत्व है। यह खगोलीय घटना पूर्णिमा तिथि पर होती है। धार्मिक मत है कि ग्रहण (Chandra Grahan 2024) के दौरान पृथ्वी पर राहु का प्रभाव बढ़ जाता है। अतः शास्त्रों में ग्रहण के दौरान शुभ कार्य करने की मनाही है। जानकारों की मानें तो पृथ्वी और चंदमा के मध्य सूर्य के उपस्थित होने के चलते चंद्र ग्रहण लगता है। सनातन शास्त्रों में निहित है कि अमृत पान के दौरान सूर्य और चंद्र देव ने दानव स्वरभानु को पहचान लिया था।</p>



<p>उन्होंने यह जानकारी भगवान विष्णु को दी। तत्काल से भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र चलाकर स्वरभानु का वध कर दिया था और स्वरभानु के सर और धड़ को दो विपरीत दिशा में फेंक दिया था। उस समय से स्वरभानु यानी राहु और केतु सूर्य एवं चंद्र देव को अपना शत्रु मानते हैं। राहु द्वारा सूर्य एवं चंद्र को ग्राह्य करने के चलते ग्रहण लगता है। आइए, दूसरे चंद्र ग्रहण के बारे में जानते हैं-</p>



<p><strong>सूतक (Chandra Grahan 2024 Sutak Timing)</strong><br>ज्योतिषियों की मानें तो ग्रहण के पूर्व समय को सूतक कहा जाता है। चंद्र ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले शुरू होता है। वहीं, सूर्य ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले शुरू होता है। सूतक से लेकर ग्रहण के समय तक शुभ कार्य नहीं किया जाता है। साथ ही खानपान भी नहीं किया जाता है। इस समय बच्चे, वृद्ध एवं बीमार लोगों को केवल खाने और पीने की अनुमति होती है। वहीं, सामान्य जन को सूतक और ग्रहण के दौरान तामसिक भोजन और तामसिक प्रवृति से दूर रहना चाहिए।</p>



<p><strong>कब लगेगा चंद्र ग्रहण ? (Chandra Grahan 2024)</strong><br>ज्योतिषियों की मानें तो वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण 18 सितंबर को लगने वाला है। चंद्र ग्रहण 18 सितंबर को भारतीय समयानुसार सुबह 06 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगा। वहीं, चंद्र ग्रहण का समापन सुबह 10 बजकर 17 मिनट पर होगा। भारत में यह चंद्र ग्रहण नहीं दिखाई देगा। भारत में चंद्रोदय का समय संध्याकाल 06 बजकर 37 मिनट पर होगा। अतः भारत में चंद्र ग्रहण का प्रभाव नहीं रहेगा। हालांकि, चंद्र ग्रहण के दौरान शास्त्र द्वारा निर्धारित नियमों का पालन जरूर करें। साथ ही महामृत्युंजय मंत्र का जप करें। महामृत्युंजय मंत्र के जप से राहु के अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिलती है।</p>
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		<title>आज साल का आखिरी चंद्र ग्रहण</title>
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		<pubDate>Sat, 28 Oct 2023 04:20:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
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<p>आज साल 2023 का आखिरी चंद्र ग्रहण आज लगने जा रहा है। चंद्र ग्रहण एक भौगोलिक घटना है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र में इस घटना को शुभ नहीं माना जाता है । पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पूर्णिमा की रात जब राहु और केतु चंद्रमा को निगलने का प्रयास करते हैं, तो चंद्रमा पर ग्रहण लग जाता है। वहीं चंद्र ग्रहण से कुछ घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से भी सूतक काल को अच्छा समय नहीं माना जाता है। पंचांग के अनुसार चंद्र ग्रहण 28/29 अक्टूबर को रात्रि 01 बजकर 06 मिनट से शुरू होगा और देर रात्रि 02 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगा। कुल मिलाकर 1 घंटे और 16 मिनट का चंद्र ग्रहण लगेगा। वहीं उपच्छाया से पहला चंद्र स्पर्श रात 11:32 पर है। इसका सूतक शाम 04:06 मिनट से शुरू हो जाएगा।<br><strong>पूर्ण और आंशिक ग्रहण में क्या अंतर है?</strong><br>जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी अपूर्ण रूप से दिखते हैं तो इसे आंशिक ग्रहण के रूप में जाना जाता है। इसका मतलब यह है कि चंद्रमा का केवल एक हिस्सा धरती की उपच्छाया से होकर गुजरेगा। आंशिक ग्रहण के दौरान, चंद्रमा पर एक छाया तब तक बढ़ती रहेगी जब तक कि यह चरम पर न पहुंच जाए। पूर्ण चंद्र ग्रहण की स्थिति में ग्रहण के दौरान सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक बिंदु पर होते हैं। यह आंशिक ग्रहण की तरह शुरू होता है लेकिन अपने चरम पर पृथ्वी की छाया पूरे चंद्रमा को ढक लेती है।</p>



<p><strong>चंद्र ग्रहण के मोक्ष के बाद खुले आसमान के नीचे रख सकेंगे खीर</strong><br>ज्योतिषाचार्य पं.मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि इस साल शरद पूर्णिमा पर आपको सावधानी बरतने की आवश्कता रहेगी। क्योंकि इस बार शरद पूर्णिमा पर शाम चार बजे सूतक लग जाएगा। ऐसे में चंद्रग्रहण तक खीर बनाना निषेध रहेगा। ऐसे में आप खीर बनाने के लिए गाय के दूध में सूतक काल शुरू होने के पहले कुशा डाल दें। फिर उसे ढक कर रख दें। इससे सूतक काल के दौरान दूध शुद्ध रहेगा। बाद में आप इसकी खीर बनाकर भोग लगा सकेंगे। इस दौरान खीर बनाने की प्रक्रिया ग्रहण खत्म होने के बाद शुरू की जाएगी। फिर भोर में आप अमृत वर्षा के लिए इसे खुले आसमान के नीचे रख सकते हैं।</p>



<p>चंद्र ग्रहण मेष राशि (अश्विनी-नक्षत्र) पर लग रहा है। जिसके कारण सभी राशियों पर इस प्रकार का प्रभाव रहेगा।</p>



<p><strong>मेष &#8211;</strong> मेष राशि वालों के लिए घात यानी चोट चपेट यानी दुर्घटना का योग बना हुआ है।<br><strong>वृष &#8211;</strong> सभी प्रकार का नुक़सान का योग लेकर यह ग्रहण आ रहा है।<br><strong>मिथुन-</strong> मिथुन राशि वालों के लिए यह ग्रहण लाभकारी है।</p>



<p><strong>कर्क &#8211;</strong> कर्क राशि वालों के लिए यह ग्रहण सुखकारी रहेगा।<br><strong>सिंह &#8211;</strong> सिंह राशि के लिए मान सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला योग यह ग्रहण लेकर आ रहा है।<br><strong>कन्या-</strong> शारीरिक कष्ट हो सकता है कन्या राशि वाले जातकों के लिए ग्रहण कष्टकारी है।</p>



<p><strong>तुला &#8211;</strong> तुला राशि के लिए स्त्री पीड़ा, व्यापार में हानि का योग बना हुआ है।<br><strong>वृश्चिक-</strong> वृश्चिक राशि के लिए यह ग्रहण अच्छा साबित होगा।<br><strong>धनु &#8211;</strong> धनु राशि वालों के लिए यह ग्रहण शुभ और लाभकारी है।</p>



<p><strong>मकर-</strong> मकर राशि वालों के लिए ये ग्रहण मानसिक, आर्थिक और शारीरिक व्यथा का योग लेकर आ रहा है.<br><strong>कुंभ-</strong> कुंभ राशि वालों के लिए यह ग्रहण लाभकारी है और अप्रत्याशित धनलाभ का योग यह ग्रहण लेकर आ रहा है।<br><strong>मीन-</strong> मीन राशि वालों के लिए यह ग्रहण अप्रत्याशित रूप से व्ययकारक है यानी खर्चीला साबित होगा ।</p>
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