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	<title>घोटाला &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>पंजाब में बिजली बिलों को लेकर बड़ा घोटाला</title>
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		<pubDate>Thu, 11 Dec 2025 12:08:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[घोटाला]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="544" height="327" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/ikkk-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/ikkk.jpg 544w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/ikkk-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 544px) 100vw, 544px" />पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन सैंट्रल जोन के चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हांस द्वारा मीटरों की रीडिंग करने के दौरान सरकारी सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ करने वाले 40 के करीब कर्मचारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए मीटर रीडरों की आई.डी. को ब्लॉक कर दिया गया है। हालांकि इस दौरान कई मीटर रीडर पावरकॉम विभाग के उच्च &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="544" height="327" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/ikkk-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/ikkk.jpg 544w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/ikkk-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 544px) 100vw, 544px" />
<p>पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन सैंट्रल जोन के चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हांस द्वारा मीटरों की रीडिंग करने के दौरान सरकारी सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ करने वाले 40 के करीब कर्मचारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए मीटर रीडरों की आई.डी. को ब्लॉक कर दिया गया है। हालांकि इस दौरान कई मीटर रीडर पावरकॉम विभाग के उच्च अधिकारियों को सियासी नेताओं की सिफारिशें लगाकर मामले को रफा-दफा करने के जुगाड़ करने में जुट गए हैं।</p>



<p>चीफ इंजीनियर स.हांस द्वारा पावरकॉम विभाग के उच्च अधिकारियों सहित सभी डिवीजनों सुंदर नगर, सी.एम.सी. डिवीजन, सिटी सैंटर, फोकल प्वाइंट, अग्र नगर, स्टेट डिवीजन, मॉडल टाऊन, जनता नगर, सिटी वैस्ट, सहित खन्ना, दोराहा, सरहिंद, अमलोह, मंडी अहमदगढ़, ललतों, जगराओं, रायकोट, मुल्लांपुर दाखा आदि इलाकों के एक्सियन साहिबानों को मीटर रीडरों की सरकारी आई. डी. को बंद कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। ताकि पावरकॉम विभाग के सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाले प्रत्येक कर्मचारी के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई कर बिजली निगम को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके।</p>



<p>यहां बताना अनिवार्य होगा कि बिजली मीटर द्वारा किए गए घोटाले का पर्दाफाश सबसे पहले पंजाब केसरी द्वारा किया गया है। समाचार प्रकाशित होने के तुरंत बाद पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में विभागीय अधिकारियों द्वारा मामले की जांच के निर्देश जारी किए गए। जांच में सामने आया है कि बिजली मीटर रीडरों ने एक सोची समझी साजिश के तहत पावरकॉम विभाग की अत्यधिक ओ.आर.सी. स्कैनिंग ऐप तकनीक की बजाए मैन्युअल अथवा सॉफ़्टवेयर के साथ छेड़छाड़ कर उपभोक्ताओं को फर्जीवाड़े के तहत 0 राशि के बिल जारी किए गए हैं। पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हांस ने बताया कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और मीटर रीडरों द्वारा सरकारी खजाने को पहुंचाए गए नुकसान की पाई-पाई का हिसाब उनसे लिया जाएगा।</p>
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		<title>युद्ध से जूझ रहे यूक्रेन में 10 करोड़ डॉलर का घोटाला</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Nov 2025 09:08:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[घोटाला]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="573" height="418" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/RF-3-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/RF-3.jpg 573w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/RF-3-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 573px) 100vw, 573px" />युद्ध से जूझ रहे यूक्रेन में 10 करोड़ डॉलर के घोटाला सामने आया है। यूक्रेन के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सोमवार को कहा कि सरकारी परमाणु बिजली कंपनी से संबंधित 10 करोड़ डॉलर की रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच की जा रही है। कंपनी के वर्तमान और पूर्व अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप है। इंटरनेट &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="573" height="418" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/RF-3-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/RF-3.jpg 573w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/RF-3-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 573px) 100vw, 573px" />
<p>युद्ध से जूझ रहे यूक्रेन में 10 करोड़ डॉलर के घोटाला सामने आया है। यूक्रेन के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सोमवार को कहा कि सरकारी परमाणु बिजली कंपनी से संबंधित 10 करोड़ डॉलर की रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच की जा रही है।</p>



<p>कंपनी के वर्तमान और पूर्व अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप है। इंटरनेट मीडिया पर प्रकाशित बयान में आरोप लगाया गया कि इस भ्रष्टाचार में आपराधिक संगठन का हाथ है, जिसका नेतृत्व कारोबारी कर रहा है। इसमें ऊर्जा मंत्री के पूर्व सलाहकार, परमाणु ऊर्जा कंपनी एनर्जोएटम के सुरक्षा प्रमुख और चार कर्मचारी शामिल हैं।</p>



<p><strong>जेलेंस्की ने क्या कहा?<br></strong>बयान में किसी भी व्यक्ति का नाम नहीं बताया गया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि अधिकारियों को भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के साथ मिलकर काम करना करना चाहिए।</p>



<p>एनर्जोएटम ने बयान में कहा कि अधिकारियों ने सोमवार को उसके कार्यालयों में तलाशी ली है। कंपनी जांच में सहयोग कर रही है। यूक्रेन की ऊर्जा मंत्री स्वितलाना ने कहा कि जो भी जिम्मेदार पाए जाएंगे, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।</p>
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		<title>यूपी:  स्मार्ट मीटर कंपनी का बड़ा घोटाला, मध्यांचल निगम को ऐसे लगाया लाखों का चूना</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 Sep 2025 05:17:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[घोटाला]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="331" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/u-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/u.jpg 749w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/u-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/u-310x165.jpg 310w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर कंपनियां पॉवर कॉर्पोरेशन को लाखों रुपये का चूना लगा रही हैं। ताजा मामला सीतापुर का है। यहां कंपनी के कार्मिक स्मार्ट मीटर लगाने के बाद उपभोक्ताओं के पुराने मीटर की रीडिंग शून्य कर दे रहे हैं या उसे क्षतिग्रस्त दिखा रहे हैं। इसे मीटर लगाने वाली कंपनी के कार्मिकों और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="331" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/u-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/u.jpg 749w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/u-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/u-310x165.jpg 310w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर कंपनियां पॉवर कॉर्पोरेशन को लाखों रुपये का चूना लगा रही हैं। ताजा मामला सीतापुर का है। यहां कंपनी के कार्मिक स्मार्ट मीटर लगाने के बाद उपभोक्ताओं के पुराने मीटर की रीडिंग शून्य कर दे रहे हैं या उसे क्षतिग्रस्त दिखा रहे हैं। इसे मीटर लगाने वाली कंपनी के कार्मिकों और उपभोक्ताओं की मिलीभगत मानी जा रही है।</p>



<p>इससे मध्यांचल निगम पुराना बिल नहीं वसूल पा रहा है। छह माह से नया बिल भी नहीं बन रहा है। इस मामले में मध्यांचल निगम के अवर अभियंता ने सीतापुर में स्मार्ट मीटर कंपनी के प्रबंधक सहित चार अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। गोंडा और बलरामपुर में रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी चल रही है।</p>



<p><strong>कंपनी ने पुराने मीटरों को लौटाया ही नहीं<br></strong>प्रदेश में 2.73 करोड़ उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगने हैं। इसमें अब तक 34.05 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लग गए हैं। मध्यांचल निगम में पोलरिस स्मार्ट मीटर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी स्मार्ट मीटर लगा रही है। इस बीच पता चला कि कंपनी ने पुराने मीटरों को लौटाया ही नहीं।</p>



<p>जांच की गई तो पता चला कि मीटर कंपनी के कर्मियों ने पुराने मीटर के डिस्प्ले को लेजर व अन्य माध्यमों से नष्ट कर दिया है। कुछ में मीटर रीडिंग शून्य कर दिया है। ऐसे में पुराने रीडिंग नहीं ली जा सकी। पुरानी रीडिंग शून्य करने से निगम को लाखों रुपये का चूना लगा दिया है। पुराने मीटर नहीं मिलने से नए मीटर की भी बिलिंग प्रभावित हो रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>ईडी के सामने आज पेश नहीं होंगे सीएम, शराब के बाद जल बोर्ड में घोटाला</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 18 Mar 2024 05:55:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[ईडी]]></category>
		<category><![CDATA[घोटाला]]></category>
		<category><![CDATA[शराब]]></category>
		<category><![CDATA[सीएम]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="359" height="373" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/delhi-5-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/delhi-5.jpg 359w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/delhi-5-medium.jpg 289w" sizes="auto, (max-width: 359px) 100vw, 359px" />दिल्ली जल बोर्ड मामले में पूछताछ के लिए जारी समन पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज भी प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश नहीं होंगे। वहीं दूसरी तरफ ईडी ने आबकारी नीति मामले में भी केजरीवाल को 9वां समन जारी किया। आप पार्टी ने इस समन को गैर कानूनी करार दिया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="359" height="373" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/delhi-5-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/delhi-5.jpg 359w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/delhi-5-medium.jpg 289w" sizes="auto, (max-width: 359px) 100vw, 359px" />
<p>दिल्ली जल बोर्ड मामले में पूछताछ के लिए जारी समन पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज भी प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश नहीं होंगे। वहीं दूसरी तरफ ईडी ने आबकारी नीति मामले में भी केजरीवाल को 9वां समन जारी किया। आप पार्टी ने इस समन को गैर कानूनी करार दिया है।</p>



<p>दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आज प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश नहीं होंगे। आम आदमी पार्टी ने जानकारी देते हुए बताया कि अरविंद केजरीवाल ईडी के समन पर नहीं जाएंगे। जब कोर्ट से जमानत पर हैं तो ईडी बार बार क्यों समन भेज रही है। प्रवर्तन निदेशालय&nbsp;का समन गैर कानूनी है। भाजपा ईडी के पीछे छुपकर क्यों चुनाव लड़ना चाहती है।</p>



<p>जल बोर्ड मामले में अरविंद केजरीवाल को 18 मार्च को ईडी कार्यालय में पेश होने और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। वहीं, ईडी ने आबकारी नीति मामले में भी केजरीवाल को 9वां समन जारी किया। मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून के तहत दर्ज यह दूसरा मामला है, जिसमें आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक को तलब किया गया था।</p>



<p><strong>दिल्ली जल बोर्ड मामले की कार्रवाई कर रही ईडी</strong><br>ईडी दिल्ली जल बोर्ड में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई कर रही है। इस मामले में सीबीआई ने मामला दर्ज कर रखा है और ईडी दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इतना ही नहीं, उसने गत दिनों मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक बिभव कुमार, आम आदमी पार्टी के कोषाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद एनडी गुप्ता और अन्य लोगों के यहां छापेमारी की थी।</p>



<p><strong>ईडी ने जल बोर्ड मामले में पहला समन जारी किया</strong><br>इसी मामले में अब उसने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को समन जारी किया है। वहीं आप नेता आतिशी ने कहा कि यह अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करने का दूसरा प्लान है और लोकसभा चुनावों के लिए उन्हें प्रचार करने से रोकने का&nbsp;प्रयास है।</p>



<p><strong>जल बोर्ड में टेंडर देने के नाम पर गबन का आरोप</strong><br>बताया जा रहा है कि कथित तौर पर जल बोर्ड के पूर्व मुख्य अभियंता जगदीश कुमार अरोड़ा ने एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को 38 करोड़ रुपये का ठेका दिया था। यह ठेका इलेक्ट्रोमेग्नेटिक फ्लो मीटर्स की आपूर्ति, स्थापना और परीक्षण के लिए दिया गया था। इस मामले में आरोप लगाया गया है कि बोर्ड और एनबीसीसी के अधिकारियों ने रिश्वत के लिए एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर का पक्ष लिया। ईडी ने इस मामले में गत 31 जनवरी को जगदीश कुमार अरोड़ा और ठेकेदार अनिल कुमार अग्रवाल को गिरफ्तार किया था।</p>



<p>उधर ईडी ने मामले से जुड़ी मनी ट्रेल की जांच करते हुए आरोप लगाया है कि एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर को अनुबंध दिए जाने के बाद अरोड़ा को नकद और बैंक खाते में रिश्वत प्राप्त हुई थी। यह पैसा अलग-अलग पार्टियों को देने का आरोप लगाया गया। वहीं आम आदमी पार्टी को चुनावी फंड के तौर पर भी पैसा दिया गया।</p>



<p><strong>ईडी का दावा&nbsp;बढ़ी हुई दरों पर दिया ठेका</strong><br>ईडी का दावा है कि&nbsp;डीजेबी का ठेका बढ़ी हुई दरों पर दिया गया, ताकि ठेकेदारों से रिश्वत वसूली जा सके। एजेंसी ने कहा, ठेके का मूल्य 38 करोड़ रुपये था और &nbsp;इस पर सिर्फ 17 करोड़ रुपये खर्च किए &nbsp;गए और शेष राशि गबन कर ली गई। इस तरह के फर्जी खर्च रिश्वत और चुनावी &nbsp; कोष के लिए किए गए थे।</p>



<p>सूत्रों के मुताबिक, केजरीवाल को 18 मार्च को ईडी कार्यालय में पेश होने और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया है। वहीं, ईडी ने आबकारी नीति मामले में भी केजरीवाल को 9वां समन जारी किया है। मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून के तहत दर्ज यह दूसरा मामला है, जिसमें आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक को तलब किया गया है।</p>



<p>उन्हें पहले ही दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए आठ समन जारी किए गए, पर वह पेश नहीं हुए। केजरीवाल को अब 9वां समन जारी कर 21 मार्च को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी ) से जुड़े मामले में जारी समन पर दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने कहा कि कोई नहीं जानता कि डीजेबी का यह मामला किस चीज को लेकर है।&nbsp;</p>



<p><strong>समन पर पेश न होने पर&nbsp;वीरेन्द्र सचदेवा का केजरीवाल पर तंज</strong><br>दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा&nbsp;ने ईडी के समन पर पेश न होने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि जांच से फिर भाग रहे हैं।&nbsp;अब तो यह स्पष्ट है कि अरविंद केजरीवाल भ्रष्ट हैं, दाल में काला नही है, जलबोर्ड घोटाला तो पूरा काला है।</p>



<p><strong>केजरीवाल को भेजे 9वें सम्मन पर भाजपा नेता ने दी प्रतिक्रिया</strong><br>वीरेंद्र सचदेवा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी द्वारा भेजे गए 9वें सम्मन पर कहा कि जांच एजेंसी स्वतंत्र रूप से अपना काम कर रही है, लेकिन केजरीवाल बार-बार कानून की अवहेलना कर रहे हैं। उन्होंने कल जिस मामले में जमानत ली है उसका शराब नीति केस से कोई लेना देना नहीं है। सचदेवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी की प्रवृति एवं बोलचाल की भाषा गुंडों और लुटेरों जैसी है और उनकी भाषा ही उनके चरित्र का प्रमाण है।</p>



<p>शराब घोटाले में केजरीवाल के पूर्व उप मुख्य मंत्री एक साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं और एक अन्य सांसद भी लंबे समय से जेल में हैं, लेकिन बार-बार आम आदमी पार्टी बार-बार कह रही है कि शराब नीति में कोई घोटाला नहीं हुआ है। यह हास्यास्पद है।</p>



<p>सचदेवा ने अरविंद केजरीवाल और आतिशी से सवाल करते हुए कहा कि पहले तो दिल्ली में शराब नीति बदलने की क्या जरुरत थी और अगर नई शराब नीति अच्छी थी तो फिर उसे जांच शुरु होते ही वापस क्यों लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि केजरीवाल को दिल्ली जल बोर्ड मामले में भी दूसरा सम्मन एक लूट का प्रमाण है। दिल्ली की जनता जानती है कि जल बोर्ड को किस प्रकार से लूटा गया है और भाजपा इस बात को हमेशा से कहती रही है कि जलबोर्ड का घोटाला शराब घोटाले से भी बड़ा घोटाला है।</p>



<p><strong>जल बोर्ड में इतने करोड़ का घोटाला</strong><br>केन्द्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में दिल्ली जल बोर्ड में 3,237 करोड़ रुपये के घोटाले का दावा किया। उन्होंने जल बोर्ड के बैंक खातों की स्टेटमेंट व वित्तीय रिपोर्ट का जिक्र करते कहा कि वर्ष 2018-19 से 2022-23 के बीच बोर्ड के वित्तीय खर्च के बारे में कई जानकारियां छिपाई गईं हैं। वर्ष 2017-18 के बाद से बोर्ड के खातों की डिटेल डिक्लरेशन भी सही ढंग से नहीं की गई है। बोर्ड में इसी तरह के कई वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं हैं।</p>
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		<title>हरियाणा : सहकारिता विभाग में 100 करोड़ का घोटाला; परियोजना बंद</title>
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		<pubDate>Sun, 04 Feb 2024 08:58:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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		<category><![CDATA[घोटाला]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यालय स्तर]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="346" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/haryana-3-3-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/haryana-3-3.jpg 833w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/haryana-3-3-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/haryana-3-3-768x431.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />मुख्यालय स्तर के अधिकारी भी जांच के घेरे में हैं। सरकार नरेश गोयल को पहले ही बर्खास्त कर चुकी है। सरकार घोटाले में शामिल सभी अधिकारियों को बर्खास्त करेगी। अधिकारियों और ठेकेदार की वाट्सअप चैट भी सामने आई है।   हरियाणा सहकारिता विभाग की एकीकृत सहकारी विकास परियोजना (आईसीडीपी) में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="346" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/haryana-3-3-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/haryana-3-3.jpg 833w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/haryana-3-3-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/haryana-3-3-768x431.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>मुख्यालय स्तर के अधिकारी भी जांच के घेरे में हैं। सरकार नरेश गोयल को पहले ही बर्खास्त कर चुकी है। सरकार घोटाले में शामिल सभी अधिकारियों को बर्खास्त करेगी। अधिकारियों और ठेकेदार की वाट्सअप चैट भी सामने आई है।  </p>



<p>हरियाणा सहकारिता विभाग की एकीकृत सहकारी विकास परियोजना (आईसीडीपी) में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले के बाद सरकार ने इस परियोजना को बंद कर दिया है। साथ ही, इस मामले में अब मुख्यालय स्तर के अधिकारियों पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।</p>



<p>एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने गिरफ्तार अधिकारियों व ठेकेदार से रिमांड के दौरान अहम सबूत जुटाए हैं। गुरुग्राम, अंबाला और करनाल एसीबी की टीमें दस्तावेजों को भी खंगाल रही हैं। अब तक की जांच में सामने आया है कि मुख्यालय स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत से ही घोटाले को अंजाम दिया गया।</p>



<p>फर्जी बिल लगाए गए और ऑडिटरों द्वारा उसे सही करार देकर घोटाले को महीनों तक जारी रखा गया। इसके बाद आईसीडीपी योजना के नोडल अधिकारी व विभाग के अतिरिक्त निदेशक नरेश गोयल समेत अन्य पर मुकदमा दर्ज कर उनको गिरफ्तारी किया जा सकता है। घोटाला सामने आने के बाद उनको पिछले साल जुलाई में ही बर्खास्त कर दिया गया था।</p>



<p>इसी बीच, एसीबी को अधिकारियों और ठेकेदार में हुई वाट्सअप चैट भी मिसी है। इस चैट में अधिकारियों को पैसों के लेन-देन समेत बिलों के भुगतान का पूरा ब्यौरा है। इसी चैट को आधार बना एसीबी ने अंबाला और करनाल में तीन-तीन नए केस दर्ज कर चार अधिकारियों को गिरफ्तार किया। एसीबी के सूत्रों का दावा है कि जल्द ही एक और नया केस दर्ज किया जाना है। इसके लिए सबूत जुटाए जा रहे हैं।</p>



<p>हरियाणा सरकार ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। विभाग के मंत्री डा. बनवारी लाल का कहना है कि घोटाले में शामिल सभी अधिकारियों को बर्खास्त किया जाएगा। सहायक रजिस्ट्रार अनु कोशिश और उप मुख्य लेखा परीक्षक योगेंद्र अग्रवाल को पहले ही बर्खास्त करने की सिफारिश की गई है। अन्य अधिकारियों को भी बर्खास्त करने की सिफारिश की जाएगी। अब तक एसीबी जिलों में तैनात 10 अधिकारियों व कर्मचारियों को गिरफ्तार कर चुकी है।</p>



<p>घोटाले में शामिल किसी भी अधिकारी व कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। एसीबी की जांच रिपोर्ट के आधार पर घोटाले में शामिल अधिकारियों को बर्खास्त किया जाएगा।&nbsp;<strong>-डा. बनवारी लाल, सहकारिता मंत्री, हरियाणा</strong></p>



<p><strong>किस अधिकारी को कितने पैसे दिए जाने हैं और कितने दिए, यह सब चैट में</strong><br>पिछले साल रेवाड़ी में हुई गड़बड़ी की शिकायत के बाद एसीबी को जांच सौंपी गई थी। जांच के दौरान सहायक रजिस्ट्रार अनु कौशिश और ठेकेदार स्टालियनजीत की कॉल डिटेल व वाट्सअप चैट को जांचा गया तो इसमें पता चला कि किस अधिकारी को कितने पैसे दिए जाने हैं और कितने दिए गए हैं। एसीबी ने इसी वाट्सअप के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया और एक-एक करके 31 जनवरी को छह नए केस दर्ज किए हैं।</p>



<p><strong>करनाल में दर्ज नए केस</strong><br>केस नंबर-3<br>आरोपी : डीआरसीएस रोहित गुप्ता, एआरसीएस अनु कौशिश व ठेकेदार स्टालियनजीत<br>आरोप : 11 लाख रुपये रिश्वत लेने का<br>केस नंबर-4<br>आरोपी : आईसीडीपी पानीपत के जीएम राम कुमार व ठेकेदार स्टालियनजीत<br>आरोप : 16.78 लाख के गबन का<br>केस नंबर-5<br>आरोपी : करनाल के एओआरसी बलविंद्र व ठेकेदार स्टालियनजीत<br>आरोप : 5 हजार रुपये की रिश्वत लेना</p>



<p><strong>ऐसे चलता रहा खेल : फर्जी स्वयं सहायता समूह बनाए और फर्जी किसानों के नाम पर दिया लोन</strong><br><strong>ठेकेदार स्टालियनजीत का अहम रोल</strong><br>योजना के तहत पैक्स समितियों में भवन निर्माण, गोदाम बनाने से लेकर फर्नीचर उपलब्ध कराने, किसानों को प्रशिक्षण देने तक के लिए लोन दिया जाना था। एसीबी की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि ठेकेदार स्टालियनजीत ने अधिकारियों से मिलीभगत करके फर्जीवाड़ा किया। अधिकारियों ने ठेकेदार को काम देने के बदले रिश्वत भी ली। स्टालिनजीत की आधा दर्जन से अधिक कंपनी हैं। अलग-अलग जिले में उसने अलग-अलग कंपनी के नाम पर काम लिया और फर्जी स्वयं सहायता समूह तैयार करके उनके नाम पर राशि निकाल ली। कार्य मिलने को सही कराने देने के लिए अधिकारियों ने स्टालियनजीत की ही दूसरी कंपनियों की क्यूटेशन साथ में लगाई। इसके अलावा, घटिया सामग्री की आपूर्ति की गई, जबकि उसके बिल अच्छी क्वालिटी के सामान के बनाए गए। फर्जी किसानों के नाम पर ऋण दिया गया और मजदूरों को लोन रिश्वत लेकर दिया गया।</p>



<p><strong>स्टालियनजीत और अनु कौशिश पर किसका राजनीतिक हाथ</strong><br>पूरे घोटाले में अधिकारी अनु कौशिश और ठेकेदार स्टालियनजीत की भूमिका रही है। सूत्रों का दावा है कि दोनों पर राजनीतिक हाथ होने के चलते इनके खिलाफ न तो कभी मुख्यालय स्तर पर कार्रवाई की गई और न ही किसी ने इनके काम रोके। पहुंच का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि अनु के पास अंबाला के साथ साथ मंत्री के जिले रेेवाड़ी का भी चार्ज रहा। ठेकेदार स्टालियनजीत के यमुनानगर स्थित शर्मा गार्डन में और चंडीगढ़ स्थित 38 सेक्टर में मकान हैं।</p>



<p><strong>करनाल के डीसी ने मार्च में की थी कार्रवाई की सिफारिश, आज तक कुछ नहीं हुआ</strong><br>करनाल के गांव बीर बढ़ालवा निवासी लव कुमार ने मुख्यमंत्री को मामले की शिकायत देकर आरोप लगाया था कि डीआर रोहित गुप्ता, एआर अनु कौशिश और निगदू पैक्स मैनेजर जोगिंद्र सिंह ने अपने पदों का दुरुपयोग करके अवैध रूप से समितियों में लोगों को नौकरियों पर रखा है। इस मामले में एडीसी करनाल ने जांच की थी। लेकिन दो माह तक भी सहकारिता अधिकारियों ने न तो एडीसी के पास रिकाॅर्ड पेश किया और न ही जांच में सहयोग किया, बल्कि तथ्यों को छिपाने की कोशिश की गई। इसी आधार पर डीसी करनाल ने 21 मार्च 2023 को सहकारी समितियां के रजिस्ट्रार पंचकूला को पत्र लिखा था और इनके खिलाफ अनुशासनत्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी, लेकिन आज तक इस मामले में विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।</p>



<p><strong>चार अधिकारी भेजे जेल, एक का रिमांड बढ़ा, रिश्वत के रूप में मिला सामान जब्त</strong><br>नए केसों में गिरफ्तार चार अधिकारियों को रिमांड के बाद जेल भेज दिया गया है। इनमें करनाल के ही ऑडिट अधिकारी बलविंद्र, उप-रजिस्ट्रार रोहित गुप्ता, सहायक रजिस्ट्रार अन्नु कौशिश व पानीपत के सहायक रजिस्ट्रार रामकुमार शामिल हैं। वहीं, अभी अतिरिक्त रजिस्ट्रार जितेंद्र कौशिक रिमांड पर है। रविवार शाम को एसीबी की टीम आरोपी को अदालत में पेश करेगी। एसीबी करनाल के इंस्पेक्टर सचिन ने बताया कि रोहित गुप्ता को किसी ने लग्जरी एलईडी भेंट की। इसके अलावा उन्होंने मकान पर सोलर सिस्टम लगाया था जिसका कुछ भुगतान डिप्टी रजिस्ट्रार ने कर दिया और बाकी किसी अन्य से कराया गया। दोनों सामान जब्त कर लिए गए हैं। आरोपियों ने घोटाले की राशि से प्लाॅट और मकान खरीदे हैं, जिसकी जांच चल रही है। जितेंद्र कौशिक के बैंक खातों की जांच भी शुरू कर दी गई है।</p>
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