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	<title>गोवर्धन पूजा &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>गोवर्धन पूजा &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>यूपी: सीएम योगी ने की गोरखनाथ मंदिर में गोवर्धन पूजा</title>
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		<pubDate>Wed, 22 Oct 2025 05:18:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[गोवर्धन पूजा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="584" height="333" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/ghm-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/ghm.jpg 584w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/ghm-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 584px) 100vw, 584px" />गोवर्धन पूजा के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना और गौ-सेवा की। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि &#8220;दीपोत्सव के पंचदिवसीय महापर्वों की श्रृंख्ला में आज पावन गोवर्धन पूजा है। भारत की कृषि प्रधान व्यवस्था का प्रतीक गोवर्धन पूजा का यह कार्यक्रम रहा। मैं &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="584" height="333" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/ghm-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/ghm.jpg 584w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/ghm-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 584px) 100vw, 584px" />
<p>गोवर्धन पूजा के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना और गौ-सेवा की। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि &#8220;दीपोत्सव के पंचदिवसीय महापर्वों की श्रृंख्ला में आज पावन गोवर्धन पूजा है।</p>



<p>भारत की कृषि प्रधान व्यवस्था का प्रतीक गोवर्धन पूजा का यह कार्यक्रम रहा। मैं इस अवसर पर प्रदेशवासियों को हृदय से बधाई देता हूं। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में गौ और गौवंश का महत्व क्या है, गोवर्धन पूजा इस बात का प्रतीक है और दीपावली जैसे महापर्व के साथ इस आयोजन को जोड़कर इसके महत्व को और भी प्रभावी बनाया गया है।</p>



<p>ये मेरा सौभाग्य है कि आज सुबह मुझे गौ पूजन और गौ सेवा करने का अवसर यहां प्राप्त हुआ है। भारत की समृद्धि का आधार भारतीय गौवंश रहा है। आज भी प्रधानमंत्री की प्रेरणा से देश में गोवर्धन योजना के अंतर्गत गाय के गोबर से बायो कंपोस्ट और इथेनॉल बनाने के जो अभिनव कार्यक्रम प्रारंभ हुए हैं, यह गौवंश के संवर्धन और उनके संरक्षण में एक बड़ी भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं।</p>



<p>मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि केवल पूजन ही नहीं बल्कि उसके अनुरूप कार्ययोजना भी प्रारंभ की जा रही है। प्रदेश में 16 लाख गौवंश ऐसे हैं जिन पर हम राज्य सरकार के माध्यम से सब्सिडी दे रहे हैं। किसानों की फसलों को नुकसान न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए यह प्रयास शुरू किया गया है। तीन प्रकार की योजनाएं हैं।<br>निराश्रित गोशाला योजना, जिसमें हम सरकारी स्तर पर प्रत्येक गाय के लिए 1500 रुपये प्रति माह प्रदान करते हैं। इसी प्रकार, एक सहभागिता योजना है, जिसमें यदि कोई किसान गोवंश संरक्षण के हमारे कार्यक्रम से जुड़ता है, तो उसे 4 गोवंश प्रदान किए जाते हैं।</p>
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		<title>गोवर्धन पूजा के दिन श्रीकृष्ण को ऐसे करें प्रसन्न, बरसेगी मुरलीधर की कृपा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 Nov 2024 05:27:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[गोवर्धन पूजा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="542" height="455" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/jkhju-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/jkhju.jpg 542w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/jkhju-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 542px) 100vw, 542px" />पंचांग के अनुसार, प्रत्येक साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजा का त्योहार मनाया जाता है। इस बार यह पर्व आज यानी 02 नवंबर (Govardhan Puja 2024 Date) को बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन साधक जगत के पालनहार भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="542" height="455" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/jkhju-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/jkhju.jpg 542w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/jkhju-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 542px) 100vw, 542px" />
<p>पंचांग के अनुसार, प्रत्येक साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजा का त्योहार मनाया जाता है। इस बार यह पर्व आज यानी 02 नवंबर (Govardhan Puja 2024 Date) को बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन साधक जगत के पालनहार भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि उपासना करने से जातक को जीवन में सुखों की प्राप्ति होती है।</p>



<p><strong>&#8221;श्रीकृष्ण शतनामावली स्तोत्र&#8221;<br></strong>श्रीकृष्ण: कमलानाथो वासुदेवः सनातनः !<br>वसुदेवात्मजः पुण्यो लीलामानुषविग्रहः ॥<br>श्रीवत्सकौस्तुभधरो यशोदावत्सलो हरिः !<br>चतुर्भुजात्तचक्रासिगदाशंखाद्युदायुधः ॥<br>देवकीनन्दनः श्रीशो नन्दगोपप्रियात्मजः !<br>यमुनावेगसंहारी बलभद्रप्रियानुजः ॥<br>पूतनाजीवितहरः शकटासुरभञ्जनः !<br>नन्दव्रजजनानन्दी सच्चिदानन्दविग्रहः ॥<br>नवनीतविलिप्ताङ्गो नवनीतनटोऽनघः !<br>नवनीतनवाहारो मुचुकुंदप्रसादकः ॥<br>षोडशस्त्रीसहस्रेशो त्रिभंगीललिताकृतिः !<br>शुकवागमृताब्धीन्दुः गोविन्दो गोविदां पतिः॥<br>वत्सवाटचरोऽनन्तो धेनुकासुरमर्द्दनः !<br>तृणीकृततृणावर्तो यमलार्जुनभञ्जनः ॥</p>



<p>पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि (Govardhan Puja Date 2024) की शुरुआत 01 नवंबर को शाम 06 बजकर 16 मिनट से हो गई है । वहीं, इसका समापन 02 नवंबर को रात 08 बजकर 21 मिनट पर होगा।<br>उत्तालतालभेत्ता च तमालश्यामलाकृतिः !<br>गोपगोपीश्वरो योगी कोटिसूर्यसमप्रभः॥<br>इलापतिः परंज्योतिः यादवेन्द्रो यदूद्वहः<br>वनमाली पीतवासा पारिजातापहारकः ॥<br>गोवर्धनाचलोद्धर्त्ता गोपालस्सर्वपालकः !<br>अजो निरञ्जनः कामजनकः कञ्जलोचनः॥<br>मधुहा मथुरानाथो द्वारकानायको बली !<br>वृन्दावनांतसञ्चारी तुलसीदामभूषणः ॥<br>स्यमन्तकमणेर्हर्ता नरनारायणात्मकः !<br>कुब्जाकृष्टांबरधरो मायी परमपूरुषः ॥<br>मुष्टिकासुरचाणूरमल्लयुद्धविशारदः !<br>संसारवैरि कंसारी मुरारी नरकान्तकः ॥<br>अनादिब्रह्मचारी च कृष्णाव्यसनकर्शकः !<br>शिशुपालशिरच्छेत्ता दुर्योधनकुलान्तकः ॥<br>विदुराक्रूरवरदो विश्वरूपप्रदर्शकः !<br>सत्यवाक्सत्यसंकल्पः सत्यभामारतो जयी ॥<br>सुभद्रापूर्वजो विष्णुः भीष्ममुक्तिप्रदायकः !<br>जगद्गुरुर्जगन्नाथो वेणुनादविशारदः ॥<br>वृषभासुरविध्वंसी बाणासुरबलांतकः !<br>युधिष्ठिरप्रतिष्ठाता बर्हिबर्हावतंसकः ॥<br>पार्थसारथिरव्यक्तो गीतामृतमहोदधिः !<br>कालीयफणिमाणिक्यरञ्जितश्रीपदांबुजः ॥<br>दामोदरो यज्ञभोक्ता दानवेन्द्रविनाशकः<br>नारायणः परंब्रह्म पन्नगाशनवाहनः ॥<br>जलक्रीडासमासक्तगोपीवस्त्रापहारकः !<br>पुण्यश्लोकस्तीर्थपादो वेदवेद्यो दयानिधिः ॥<br>सर्वभूतात्मकस्सर्वग्रहरूपी परात्परः !<br>एवं कृष्णस्य देवस्य नाम्नामष्टोत्तरं शतं, ॥<br>कृष्णनामामृतं नाम परमानन्दकारकं,<br>अत्युपद्रवदोषघ्नं परमायुष्यवर्धनम् !<br>श्रीकृष्ण: कमलानाथो वासुदेवः सनातनः !<br>वसुदेवात्मजः पुण्यो लीलामानुषविग्रहः ॥</p>



<p>सनातन धर्म में उदया तिथि का खास महत्व है। ऐसे में गोवर्धन पूजा ( Govardhan Puja Shubh Muhurat) का त्योहार आज यानी 02 नवंबर (Kab Hai Govardhan Puja 2024) को मनाया जा रहा है।</p>



<p><strong>भगवान श्रीकृष्ण के मंत्र</strong></p>



<ol class="wp-block-list">
<li>ॐ कृष्णाय नमः</li>



<li>हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।<br>हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।।</li>



<li>ॐ श्री कृष्णः शरणं ममः</li>



<li>ॐ देव्किनन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात</li>



<li>ॐ नमो भगवते तस्मै कृष्णाया कुण्ठमेधसे।<br>सर्वव्याधि विनाशाय प्रभो माममृतं कृधि।।</li>



<li>ॐ नमो भगवते श्री गोविन्दाय<br>परेशानियी दूर करने वाला मंत्र<br>हे कृष्ण द्वारकावासिन् क्वासि यादवनन्दन।<br>आपद्भिः परिभूतां मां त्रायस्वाशु जनार्दन।।</li>



<li>शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम्<br>विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् शुभाङ्गम्।।<br>लक्ष्मीकान्तम् कमलनयनम् योगिभिर्ध्यानगम्यम्<br>वन्दे विष्णुम् भवभयहरम् सर्वलोकैकनाथम्॥</li>
</ol>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गोवर्धन पूजा में जरूर करें इस चालीसा का पाठ</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87/587878</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 01 Nov 2024 09:12:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[गोवर्धन पूजा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="582" height="378" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/kjhyio-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/kjhyio.png 582w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/kjhyio-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 582px) 100vw, 582px" />प्रत्येक वर्ष कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजा का त्योहार मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार, इस बार गोवर्धन पूजा का पर्व 02 अक्टूबर (Govardhan Puja Date 2024) को है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत की उपासना करने से जीवन के दुख-दर्द दूर होते &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="582" height="378" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/kjhyio-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/kjhyio.png 582w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/kjhyio-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 582px) 100vw, 582px" />
<p>प्रत्येक वर्ष कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजा का त्योहार मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार, इस बार गोवर्धन पूजा का पर्व 02 अक्टूबर (Govardhan Puja Date 2024) को है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत की उपासना करने से जीवन के दुख-दर्द दूर होते हैं। अगर आप भी श्रीकृष्ण को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो गोवर्धन पूजा के दौरान कृष्ण चालीसा का पाठ करें। इससे सभी तरह के सुखों प्राप्त होगी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">गोवर्धन पूजा 2024 डेट और टाइम</h2>



<p>पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 01 नवंबर को शाम 06 बजकर 16 मिनट से होगी। वहीं, इसका समापन 02 नवंबर को रात 08 बजकर 21 मिनट पर होगा। ऐसे में गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja Shubh Muhurat 2024) का त्योहार 02 नवंबर (Kab Hai Govardhan Puja 2024) को मनाया जाएगा। इस दिन पूजा करने का शुभ मुहूर्त इस प्रकार है-</p>



<p><strong>प्रातःकाल मुहूर्त –&nbsp;</strong>सुबह 06 बजकर 34 मिनट से 08 बजकर 46 मिनट तक।</p>



<p><strong>विजय मुहूर्त-&nbsp;</strong>दोपहर 02 बजकर 09 मिनट से लेकर 02 बजकर 56 मिनट तक।</p>



<p><strong>संध्याकाल मुहूर्त –&nbsp;</strong>दोपहर 03 बजकर 23 मिनट से 05 बजकर 35 मिनट तक।</p>



<p><strong>गोधूलि मुहूर्त-&nbsp;</strong>शाम 06 बजकर 05 मिनट से लेकर 06 बजकर 30 मिनिट तक।</p>



<h2 class="wp-block-heading">।।कृष्ण चालीसा (Krishna Chalisa)।।</h2>



<p>॥ दोहा</p>



<p>॥बंशी शोभित कर मधुर,नील जलद तन श्याम।</p>



<p>अरुण अधर जनु बिम्बा फल,पिताम्बर शुभ साज</p>



<p>॥जय मनमोहन मदन छवि,कृष्णचन्द्र महाराज।करहु कृपा हे रवि तनय,राखहु जन की लाज॥</p>



<p>॥ चौपाई ॥जय यदुनन्दन जय जगवन्दन।जय वसुदेव देवकी नन्दन॥</p>



<p>जय यशुदा सुत नन्द दुलारे।जय प्रभु भक्तन के दृग तारे</p>



<p>॥जय नट-नागर नाग नथैया।कृष्ण कन्हैया धेनु चरैया॥</p>



<p>पुनि नख पर प्रभु गिरिवर धारो।आओ दीनन कष्ट निवारो॥</p>



<p>वंशी मधुर अधर धरी तेरी।होवे पूर्ण मनोरथ मेरो॥</p>



<p>आओ हरि पुनि माखन चाखो।आज लाज भारत की राखो॥</p>



<p>गोल कपोल, चिबुक अरुणारे।मृदु मुस्कान मोहिनी डारे॥</p>



<p>रंजित राजिव नयन विशाला।मोर मुकुट वैजयंती माला॥कुण्डल श्रवण पीतपट आछे।</p>



<p>कटि किंकणी काछन काछे॥</p>



<p>नील जलज सुन्दर तनु सोहे।छवि लखि, सुर नर मुनिमन मोहे॥</p>



<p>मस्तक तिलक, अलक घुंघराले।आओ कृष्ण बाँसुरी वाले॥</p>



<p>करि पय पान, पुतनहि तारयो।अका बका कागासुर मारयो॥</p>



<p>मधुवन जलत अग्नि जब ज्वाला।भै शीतल, लखितहिं नन्दलाला॥</p>



<p>सुरपति जब ब्रज चढ़यो रिसाई।मसूर धार वारि वर्षाई॥</p>



<p>लगत-लगत ब्रज चहन बहायो।गोवर्धन नखधारि बचायो॥</p>



<p>लखि यसुदा मन भ्रम अधिकाई।</p>



<p>मुख महं चौदह भुवन दिखाई॥दुष्ट कंस अति उधम मचायो।</p>



<p>कोटि कमल जब फूल मंगायो॥नाथि कालियहिं तब तुम लीन्हें।ऐसे मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने से जीवन में खुशियों का आगमन होता है। साथ ही शुभ फल की प्राप्ति होती है।चरणचिन्ह दै निर्भय किन्हें॥करि गोपिन संग रास विलासा।सबकी पूरण करी अभिलाषा॥केतिक महा असुर संहारयो।कंसहि केस पकड़ि दै मारयो॥मात-पिता की बन्दि छुड़ाई।उग्रसेन कहं राज दिलाई॥महि से मृतक छहों सुत लायो।मातु देवकी शोक मिटायो॥भौमासुर मुर दैत्य संहारी।लाये षट दश सहसकुमारी॥दै भिन्हीं तृण चीर सहारा।जरासिंधु राक्षस कहं मारा॥असुर बकासुर आदिक मारयो।भक्तन के तब कष्ट निवारियो॥दीन सुदामा के दुःख टारयो।तंदुल तीन मूंठ मुख डारयो॥प्रेम के साग विदुर घर मांगे।दुर्योधन के मेवा त्यागे॥लखि प्रेम की महिमा भारी।ऐसे श्याम दीन हितकारी॥भारत के पारथ रथ हांके।लिए चक्र कर नहिं बल ताके॥निज गीता के ज्ञान सुनाये।भक्तन ह्रदय सुधा वर्षाये॥मीरा थी ऐसी मतवाली।गोवर्धन पूजा का पर्व भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त करने के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन देशहर में खास रौनक देखने को मिलती है।विष पी गई बजाकर ताली॥राना भेजा सांप पिटारी।शालिग्राम बने बनवारी॥निज माया तुम विधिहिं दिखायो।उर ते संशय सकल मिटायो॥तब शत निन्दा करी तत्काला।जीवन मुक्त भयो शिशुपाला॥जबहिं द्रौपदी टेर लगाई।दीनानाथ लाज अब जाई॥तुरतहिं वसन बने नन्दलाला।बढ़े चीर भै अरि मुँह काला॥अस नाथ के नाथ कन्हैया।डूबत भंवर बचावत नैया॥सुन्दरदास आस उर धारी।दयादृष्टि कीजै बनवारी॥नाथ सकल मम कुमति निवारो।क्षमहु बेगि अपराध हमारो॥खोलो पट अब दर्शन दीजै।बोलो कृष्ण कन्हैया की जै॥॥ दोहा ॥यह चालीसा कृष्ण का,पाठ करै उर धारि।अष्ट सिद्धि नवनिधि फल,लहै पदारथ चारि॥</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>क्यों बनता है गोवर्धन पूजा में अन्नकूट? जानें इसका महत्व</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 28 Oct 2024 07:32:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[गोवर्धन पूजा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="359" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/इउओ८प-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/इउओ८प.jpg 647w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/इउओ८प-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />गोवर्धन पूजा को अन्नकूट पूजा के रूप में भी जाना जाता है। यह पर्व दीवाली के एक दिन बाद मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल दीवाली 31 अक्टूबर को मनाई जाएगी। वहीं, गोवर्धन पूजा दिन शनिवार, 2 नवंबर को मनाई जाएगी। यह दिन इंद्र देव पर भगवान कृष्ण की विजय के रूप &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="359" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/इउओ८प-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/इउओ८प.jpg 647w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/इउओ८प-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>गोवर्धन पूजा को अन्नकूट पूजा के रूप में भी जाना जाता है। यह पर्व दीवाली के एक दिन बाद मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल दीवाली 31 अक्टूबर को मनाई जाएगी। वहीं, गोवर्धन पूजा दिन शनिवार, 2 नवंबर को मनाई जाएगी। यह दिन इंद्र देव पर भगवान कृष्ण की विजय के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस शुभ अवसर (Govardhan Puja 2024) पर लोग अपने-अपने घरों में गोबर और साबुत अनाज से कृष्&#x200d;ण भगवान और गोवर्धन पर्वत को बनाते हैं और उनकी पूजा करते हैं, जब इस दिन को कुछ ही दिन शेष रह गए हैं, तो आइए इस महापर्व से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं।</p>



<p><strong>क्या है अन्नकूट?<br></strong>ऐसा कहा जाता है कि इस शुभ अवसर पर लोग 56 व 108 तरह के पकवान बनाकर कान्हा को चढ़ाते हैं और उनकी विधिवत पूजा करते हैं। इन्हीं पकवानों को &#8216;अन्नकूट&#8217; कहा जाता है। इसके बिना इस दिन की पूजा अधूरी मानी जाती है। ऐसे में हर किसी को इस त्योहार पर अपने घरों में अन्नकूट अवश्य बनाना चाहिए।</p>



<p><strong>अन्नकूट में होती हैं ये चीजें<br></strong>इस दिन बनने वाले अन्नकूट में कई तरह की सब्जियां (मिक्स सब्जी), कढ़ी-चावल, खीर, मिठाईयां, रबड़ी, पेड़े, पुवा, मक्खन, मिश्री, पूड़ी आदि तरह-तरह की चीजें बनाई जाती हैं और श्रीकृष्ण को भोग के रूप में अर्पित किया जाता है।</p>



<p><strong>क्यों गोवर्धन पूजा में अन्नकूट बनाया जाता है?<br></strong>पौराणिक कथाओं के अनुसार, गोवर्धन पूजा (अन्नकूट पर्व) के दिन मुरलीधर ने देवराज इंद्र के अभिमान को पूरी तरह से समाप्त कर दिया था और गोवर्धन पर्वत के नीचे समूचे वृंदावनवासियों को शरण देकर उनकी भारी बारिश से रक्षा की थी। इसके साथ ही लोगों तक यह सीख भी पहुंचाई थी कि प्रकृति से मिलने वाली हर चीजें कितनी अहम और महत्वपूर्ण हैं। साथ ही गोवर्धन पूजा की शुरूआत की थी।<br>तभी से लोग इस मौके पर गोबर और साबुत अनाज से भगवान कृष्&#x200d;ण और गोवर्धन पर्वत के चित्र को बनाकर उनकी उपासना करते हैं और अन्नकूट बनाकर उसका भोग लगाते हैं।</p>
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		<title>कब और क्यों मनाई मनाया जाता है गोवर्धन पूजा का पर्व?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 27 Oct 2024 08:52:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[गोवर्धन पूजा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="314" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-162-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-162.jpg 861w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-162-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-162-768x390.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />गोवर्धन पूजा का पर्व भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत को समर्पित है। यह पर्व हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि (Govardhan Puja Date 2024) को मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा-अर्चना और 56 भोग अर्पित करने से साधक को समस्त दुख और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="314" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-162-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-162.jpg 861w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-162-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-162-768x390.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>गोवर्धन पूजा का पर्व भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत को समर्पित है। यह पर्व हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि (Govardhan Puja Date 2024) को मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा-अर्चना और 56 भोग अर्पित करने से साधक को समस्त दुख और संताप से छुटकारा मिलता है।</p>



<p>सनातन धर्म में गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja 2024) को महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन देशभर में खास रौनक देखने को मिलती है। यह पर्व दीवाली के अगले दिन मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर गाय के गोबर से भगवान श्रीकृष्ण का चित्र बनाया जाता है, जिनकी शुभ मुहूर्त के दौरान विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही प्रभु के प्रिय भोग अर्पित किए जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इन कार्यों को करने से साधक को सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। साथ ही जीवन में सफलता प्राप्ति के लिए दान भी किया जाता है। क्या आप जानते हैं कि क्यों मनाया जाता है गोवर्धन पूजा का पर्व? अगर नहीं पता, तो आइए जानते हैं इसकी वजह के बारे में।</p>



<p><strong>ऐसे हुई गोवर्धन पूजा की शुरुआत</strong></p>



<p>पौराणिक कथा के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्रदेव का घमंड तोड़ा था। जगत के पालनहार भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के क्रोध से ब्रजवासियों के बचाव के लिए अपनी तर्जनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत पर उठा लिया था। इसके बाद सभी ब्रजवासी अपने जानवरों को लेकर पर्वत के नीचे आ गए, जिससे उनका इंद्रदेव के क्रोध से बचाव हुआ। इसके बाद ब्रजवासियों ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की और भोग अर्पित किए। तभी से हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja Significance) का त्योहार मनाया जाता है।</p>



<p><strong>गोवर्धन पूजा 2024 डेट और टाइम</strong></p>



<p>पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि (Govardhan Puja Date 2024) की शुरुआत 01 नवंबर को शाम 06 बजकर 16 मिनट से होगी। वहीं, इसका समापन 02 नवंबर को रात 08 बजकर 21 मिनट पर होगा। ऐसे में गोवर्धन पूजा का त्योहार 02 नवंबर (Kab Hai Govardhan Puja 2024) को मनाया जाएगा। इस दिन पूजा करने का शुभ मुहूर्त इस प्रकार है-</p>



<p>प्रातःकाल मुहूर्त &#8211; सुबह 06 बजकर 34 मिनट से 08 बजकर 46 मिनट तक।<br>विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 09 मिनट से लेकर 02 बजकर 56 मिनट तक।<br>संध्याकाल मुहूर्त &#8211; दोपहर 03 बजकर 23 मिनट से 05 बजकर 35 मिनट तक।<br>गोधूलि मुहूर्त- शाम 06 बजकर 05 मिनट से लेकर 06 बजकर 30 मिनिट तक।<br>त्रिपुष्कर योग- रात्रि 08 बजकर 21 मिनट तक 3 नवंबर को सुबह 05 बजकर 58 मिनट तक।</p>
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