गोल्ड लोन – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Tue, 09 Jun 2026 11:41:39 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg गोल्ड लोन – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 ‘गोल्ड लोन का पूरा डेटा दो’, सरकार ने क्यों और किस-किस से मांग ली ये जानकारी https://livehalchal.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a1-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%a1%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%8b-%e0%a4%b8/675164 Tue, 09 Jun 2026 11:41:38 +0000 https://livehalchal.com/?p=675164 सोने में भारी गिरावट के बीच आने वाले महीनों में गोल्ड लोन, गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF Policy Changes) और गोल्ड इंपोर्ट-एक्सपोर्ट से जुड़े नियमों में अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। देश में सोने के बढ़ते आयात और गोल्ड फाइनेंसिंग सिस्टम की समीक्षा के बीच केंद्र सरकार ने बैंकों से गोल्ड लोन (Gold Loan …]]>

सोने में भारी गिरावट के बीच आने वाले महीनों में गोल्ड लोन, गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF Policy Changes) और गोल्ड इंपोर्ट-एक्सपोर्ट से जुड़े नियमों में अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। देश में सोने के बढ़ते आयात और गोल्ड फाइनेंसिंग सिस्टम की समीक्षा के बीच केंद्र सरकार ने बैंकों से गोल्ड लोन (Gold Loan Regulations) और गोल्ड मेटल लोन (GML) से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है। वित्त मंत्रालय के इस कदम को सोने से जुड़े नियमों में संभावित बदलाव की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।

DFS ने मांगी 2023 से अब तक की पूरी जानकारी
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले वित्तीय सेवा विभाग (DFS) ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे 2023 से अब तक दिए गए गोल्ड मेटल लोन और लोन अगेंस्ट गोल्ड से जुड़ा पूरा डेटा उपलब्ध कराएं। इसमें लोन की मात्रा, ग्राहकों की संख्या, अंतरराष्ट्रीय गोल्ड सप्लायर्स, पोर्टफोलियो का आकार, गिरवी रखे गए सोने की मात्रा और उधारकर्ताओं की संख्या जैसी जानकारियां शामिल हैं।

तो क्या बड़े फैसले लेना चाहता है RBI?
सूत्रों के अनुसार, बैंकों को यह जानकारी जल्द उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। बैंकिंग क्षेत्र के अधिकारियों का मानना है कि सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) सोने से जुड़े वित्तीय उत्पादों की पूरी तस्वीर समझना चाहते हैं, जिसके बाद कुछ नीतिगत फैसले लिए जा सकते हैं।

Gold Loan पर विशेष फोकस
गोल्ड मेटल लोन (GML) व्यवस्था के तहत बैंक विदेशी स्रोतों से सोना उधार लेकर ज्वैलर्स को उपलब्ध कराते हैं। ज्वैलर्स इस सोने का इस्तेमाल आभूषण निर्माण में करते हैं। वर्तमान में करीब एक दर्जन बैंक इस व्यवस्था के जरिए गोल्ड कारोबार को फंडिंग देते हैं।

जानकारों का कहना है कि सरकार यह समझने की कोशिश कर रही है कि GML का वास्तविक उपयोग कितना हो रहा है और इससे सोने के आयात पर क्या असर पड़ता है। जून-जुलाई को आमतौर पर गोल्ड कारोबार का सुस्त सीजन माना जाता है, इसलिए इस समय समीक्षा करना आसान माना जा रहा है।

उद्योग ने दिए क्या-क्या सुझाव?
सोना उद्योग से जुड़े संगठनों ने सरकार और RBI को कई सुझाव दिए हैं। सबसे प्रमुख सुझाव यह है कि बैंकों को गोल्ड मेटल लोन के लिए सीधे आयातित सोना इस्तेमाल करने के बजाय घरेलू रिफाइनरियों में शुद्ध किए गए रिफाइंड डोरे गोल्ड बार का उपयोग करने की अनुमति दी जाए।

डोरे गोल्ड (Dore Gold) कच्चे रूप में आयात किया जाने वाला सोना होता है, जिसे भारत में रिफाइन कर शुद्ध बनाया जाता है। उद्योग का तर्क है कि अगर GML के लिए रिफाइंड डोरे बार का इस्तेमाल बढ़ेगा तो देश का तैयार सोने का आयात कम होगा और घरेलू रिफाइनिंग उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।

Gold ETF के लिए भी सुझाव
उद्योग जगत ने यह भी सुझाव दिया है कि गोल्ड ETF योजनाओं को भी आयातित सोने की जगह रिफाइंड डोरे गोल्ड बार खरीदने की अनुमति दी जाए। इससे विदेशी सोने पर निर्भरता कम होगी और आयात बिल में कमी आ सकती है। हाल ही में कुछ फंड हाउस ने गोल्ड स्कीमों में नए निवेश पर सीमाएं लगाई थीं, जिसके बाद यह मुद्दा और प्रमुखता से सामने आया है।

निर्यात नीति में ढील की मांग
सोना उद्योग ने सरकार से निर्यात नियमों में कुछ लचीलापन लाने की भी मांग की है। उद्योग का कहना है कि भारत में मांग कमजोर होने पर बिना बिके सोने को चीन और तुर्किये जैसे बाजारों में निर्यात करने की अनुमति मिलनी चाहिए। फिलहाल बैंक अतिरिक्त सोना विदेशी बुलियन सप्लायर्स को वापस भेज सकते हैं, लेकिन व्यापक निर्यात नीति से कारोबार को ज्यादा राहत मिल सकती है। इससे रुपये पर दबाव और चालू खाते के घाटे को भी नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

रिकॉर्ड आयात के बाद बढ़ी चिंता
वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक सोने का आयात 24% बढ़कर 71.9 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि आयात की मात्रा 721 टन रही, जो पिछले वर्ष से कम है। इसका मतलब है कि ऊंची कीमतों के कारण आयात बिल तेजी से बढ़ा है।

सूत्रों के मुताबिक सरकार के सामने नकद भुगतान पर नियंत्रण, घरेलू सोने की रिसाइक्लिंग को बढ़ावा देने, गोल्ड लोन ढांचे में सुधार और आयातित सोने के बेहतर उपयोग जैसे कई प्रस्ताव विचाराधीन हैं।

यानी यह साफ है कि वित्त मंत्रालय द्वारा बैंकों से मांगी गई यह जानकारी संकेत देती है कि सरकार गोल्ड सेक्टर के लिए एक व्यापक नीति ढांचा तैयार करने पर काम कर रही है। आने वाले महीनों में गोल्ड लोन, गोल्ड ETF और सोने के आयात-निर्यात से जुड़े नियमों में अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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कहां से लेना चाहिए गोल्ड लोन, किन बातों का रखना चहिए ध्यान? https://livehalchal.com/%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a1-%e0%a4%b2/592825 Mon, 02 Dec 2024 10:20:49 +0000 https://livehalchal.com/?p=592825 गोल्ड को मुश्किल वक्त का साथी कहते हैं क्योंकि इसे आप अपनी जरूरत के वक्त बेचकर या गिरवी रखकर लोन ले सकते हैं। सोने पर वित्तीय संस्थान जल्दी और कम ब्याज दर पर कर्ज भी दे देते हैं। यह सबसे सिक्योर्ड लोन भी समझा जाता है। आइए जानते हैं कि आपको गोल्ड लोन कहां से …]]>

गोल्ड को मुश्किल वक्त का साथी कहते हैं क्योंकि इसे आप अपनी जरूरत के वक्त बेचकर या गिरवी रखकर लोन ले सकते हैं। सोने पर वित्तीय संस्थान जल्दी और कम ब्याज दर पर कर्ज भी दे देते हैं। यह सबसे सिक्योर्ड लोन भी समझा जाता है। आइए जानते हैं कि आपको गोल्ड लोन कहां से लेना चाहिए और रीपेमेंट का विकल्प कैसे चुनना चाहिए।

पर्सनल लोन सेगमेंट में इन दिनों गोल्ड लोन काफी तेजी से बढ़ रहा है। आरबीआई की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष 2024-25 के पहले सात महीनों में गोल्ड लोन में पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 50.4 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

जानकारों का कहना है कि गोल्ड लोन लेने के दौरान कुछ बातों का ख्याल रखने पर ग्राहक उसे आसानी से चुका भी सकता है और उसका सोना भी उसे सही सलामत वापस मिल जाएगा। गोल्ड लोन की अवधि छोटी होती है। अमूमन यह तीन माह से लेकर तीन साल तक के लिए लिया जाता है।

गोल्ड लोन चुकाने के विकल्प
बड़े बैंक गोल्ड लोन उतारने के लिए इक्विटेड मंथली इंस्टालमेंट (ईएमआई) के साथ एकमुश्त भुगतान का भी विकल्प देते हैं। हालांकि कई एनबीएफसी अभी गोल्ड लोन चुकाने के लिए ईएमआई की सुविधा नहीं दे रहे हैं, लेकिन आरबीआई ने सभी प्रकार की वित्तीय संस्थाओं को लोन चुकाने के लिए ईएमई की सहूलियत देने के लिए कहा है।

अभी आम तौर पर अभी गोल्ड लोन की वापसी छह माह या एक साल के बाद मूलधन और ब्याज दोनों को एकमुश्त चुकाकर किया जाता है। इसे बुलेट पेमेंट विकल्प कहा जाता है। जानकारों का कहना है कि गोल्ड लोन लेने वाला वेतन भोगी है तो उसे लोन चुकाने के लिए ईएमआई का विकल्प चुनना चाहिए।

बुलेट पेमेंट किसके लिए अच्छा?
कई बैंक ईएमआई पर लोन चुकाने पर अधिक अवधि के लिए भी गोल्ड लोन दे देते हैं। जो खुदरा व्यापारी है वह गोल्ड लोन चुकाने के लिए रोज के भुगतान का भी विकल्प चुन सकते हैं। जिनकी कमाई मौसमी (सीजनल) होती है, उन्हें बुलेट पेमेंट विकल्प चुनना चाहिए। जानकारों का यह भी कहना है कि ईएमआई मासिक कमाई का 40 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। इससे डिफॉल्टर होने का खतरा कम रहता है।

वित्तीय सलाहकार फर्म हम फौजी इनिशिएटिव के सीईओ संजीव गोविल कहते हैं कि गोल्ड लोन प्रमुख व नामी वित्तीय संस्थाओं से ही लेना चाहिए। गोल्ड लोन की बढ़ती मांग को देखते हुए छोटी-मोटी कंपनियां भी इस काम में कूद पड़ी है। इस प्रकार की कंपनियां लोन चुकाने के बाद भी सोना वापस लौटाने में ग्राहक को टरकाने की नीति अपनाते हैं।

कई बार सोना बदलने की शिकायत देखने को मिलती है। ये कंपनियां मासिक 2-2.5 प्रतिशत पर गोल्ड लोन देने की पेशकश करती है जो सालाना 30 प्रतिशत तक चला जाता है।

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गूगल पे पर मिलेगा गोल्ड लोन, Gemini Live से हिंदी में भी कर सकेंगे सवाल-जवाब https://livehalchal.com/%e0%a4%97%e0%a5%82%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a1-%e0%a4%b2%e0%a5%8b/583516 Thu, 03 Oct 2024 10:44:09 +0000 https://livehalchal.com/?p=583516 गूगल ने भारत में जेमिनी लाइव को लॉन्च कर दिया है। यह अंग्रेजी में पहले से ही उपलब्ध थी। अब गूगल ने इसे भारत में हिंदी के साथ-साथ 8 अन्य भाषाओं में भी पेश कर दिया है। आप इस सुविधा का फायदा आज से ही उठा सकते हैं। जेमिनी लाइव के माध्यम से कोई भी …]]>

गूगल ने भारत में जेमिनी लाइव को लॉन्च कर दिया है। यह अंग्रेजी में पहले से ही उपलब्ध थी। अब गूगल ने इसे भारत में हिंदी के साथ-साथ 8 अन्य भाषाओं में भी पेश कर दिया है। आप इस सुविधा का फायदा आज से ही उठा सकते हैं। जेमिनी लाइव के माध्यम से कोई भी इंसान जेमिनी लाइव से रियल टाइम में सवाल-जवाब कर सकता है।

अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनी गूगल के ‘गूगल फॉर इंडिया’ इवेंट का आगाज हो गया। यह इस इवेंट का 10वां साल है। इस इवेंट में गूगल ने जेमिनी लाइव से पर्दा उठा दिया है। इसके साथ ही कंपनी अपने मेक इन इंडिया इनिशिएटिव का भी विस्तार भी करेगी। गूगल ने यह भी बताया कि वह 2025 तक देश में पहला सेफ्टी इंजीनियरिंग सिस्टम भी शुरू कर देगा।

अमेरिकी टेक कंपनी इंडिया स्पेशल इवेंट में इंटरनेट एक्सेस, डिजिटल साक्षरता और टेक्नोलॉजी-ड्रिवेन सॉल्यूशन को बढ़ाने की दिशा में क्या नया कर रही है, इसका एलान करती है।

Gemini लाइव में भारत के लिए नया क्या?
Google ने भारत में Gemini Live को हिंदी में लॉन्च कर दिया है। हिंदी के साथ-साथ इसे 8 भारतीय भाषाओं Tamil, Bengali, Telugu, Marathi, Kannada, Malayalam, Gujarati और Urdu में इस्तेमाल कर पाएंगे। इससे पहले गूगल की यह सेवा सिर्फ इंग्लिश में उपलब्ध थी।

Google के मुताबिक, 40 प्रतिशत से ज्यादा भारतीय जेमिनी को रिजनल भाषा में इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। यूजर्स को बेहतर एक्सपीरियंस मिले इसके लिए वह इसे भारतीय भाषाओं में लॉन्च कर रही है। कंपनी आने वाले दिनों दूसरी भारतीय भाषाओं में जेमिनी लाइव को लॉन्च करेगा।

रियल टाइम वेदर अपडेट
गूगल ने 2 नए रियल टाइम वेदर अपडेट रिलीज किए हैं। इसकी मदद से यूजर्स को रोड में धुंध और बाढ़ के लिए नोटिफिकेशन मिलेगी। हेल्थकेयर की बात करें तो कैंसर और टीबी की स्क्रीनिंग में एआई की मदद ली जाएगी। कंपनी ने बताया कि इस टेक्नोलॉजी को वह पहले ही अस्पतालों तक पहुंचा चुकी है।

Google Pay के लिए लाया UPI Circle
गूगल ने अपने यूपीआई पेमेंट ऐप गूगल पे के लिए UPI Circle को लॉन्च कर दिया है। यूपीआई सर्कल फीचर की मदद से यूजर्स अपने किसी परिचित के बदले आसानी से पेमेंट कर सकते हैं। इसके साथ ही गूगल ने लोन लिमिट को बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है। गूगल पे पर यूजर्स 50 लाख रुपये तक का गोल्ड लोन ले सकते हैं।

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गोल्ड लोन लेने के लिए बताना होगा आधार नंबर https://livehalchal.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a1-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%a8-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%ac%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%a8/67097 Sat, 29 Jul 2017 05:37:51 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=67097 रायपुर। राजधानी में चोरी के जेवर ठिकाने लगाने वाले शातिर गिरोह पर पाबंदी लगाने अब पुलिस ने नया फरमान जारी कर दिया है। गोल्ड लोन देने वाली कंपनियां बिना आधार कार्ड लिए लोन की राशि जारी नहीं करेंगी। अलबत्ता जेवर रखने वाले व्यक्ति का बायोडाटा तैयार करने के साथ उसके अंगूठे का निशान भी सुरक्षित रखना …]]>

रायपुर। राजधानी में चोरी के जेवर ठिकाने लगाने वाले शातिर गिरोह पर पाबंदी लगाने अब पुलिस ने नया फरमान जारी कर दिया है। गोल्ड लोन देने वाली कंपनियां बिना आधार कार्ड लिए लोन की राशि जारी नहीं करेंगी।गोल्ड लोन लेने के लिए बताना होगा आधार नंबर

अलबत्ता जेवर रखने वाले व्यक्ति का बायोडाटा तैयार करने के साथ उसके अंगूठे का निशान भी सुरक्षित रखना होगा। राजधानी में बैंकों में गोल्ड लोन का कारोबार बढ़ने के बाद सुरक्षा के लिहाज से नई व्यवस्था लागू हुई है। अगर किसी जगह लापरवाही उजागर हुई तो पुलिस रिजर्व बैंक के सुरक्षा नियमों के मुताबिक सख्ती बरतेगी।

एएसपी विजय अग्रवाल ने गुरुवार को गोल्ड लोन के व्यवसाय से जुड़े सभी बैंकों व गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों को नए नियम के तहत कारोबार निर्देशित करने की जानकारी दी।

एएसपी ने गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों के पास जेवर रखने वालों के सारे बायोडाटा रखने के साथ उनके फिंगर प्रिंट या फिर फोटो सुरक्षित रखने नियम तय किए। एएसपी ने बताया कि शहर में सूने मकानों में हो रही चोरी के बाद अक्सर चोर गिरोह गोल्ड लोन की सेवाएं ले रहे हैं।

बिना कागजी दस्तावेज के गोल्ड लोन बांटे जाने से चोरी का स्टॉक खपाने की कवायद बढ़ी है, लिहाजा इसे रोकने पुलिस सख्त नियम बना रही। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा बनाए गए सुरक्षा नियमों का बारीकी से अध्ययन कर आगे और भी सख्ती बरती जाएगी।

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दरअसल पहले तक गोल्ड लोन का कारोबार कुछ एक कंपनियां करती थीं, लेकिन अब प्राइवेट बैंकों में भी स्कीमें देकर जेवर गिरवी रखने का ट्रेंड चल रहा है, इसलिए भी सुरक्षा नियम बनाए जा रहे हैं।

शहर में 10 लाख के ऊपर कारोबार

पहले तक कुछ एक कंपनियां ही गोल्ड लोन देने का व्यवसाय करती थी। अब बैंकों में सुविधाएं देने के बाद गोल्ड लोन का कारोबार काफी बढ़ा है। अनुमान है पहले तक में प्रत्येक दिन 10 लाख तक का कारोबार होता था अब बैंकों के शामिल होने के बाद रकम में और बढ़ोतरी हुई है।

बैंकों ने भी निकाली तरकीब

संदिग्ध कारोबार करने वालों का हिसाब रखने बैंकों ने भी नई तरकीब निकाली है। दरअसल गिरवी रखे जाने वाले जेवर के कुल एमाउंट की कुछ राशि संबंधित व्यक्ति के बैंक खाते में डाली जा रही है, ताकि आधार कार्ड के साथ बैंक खातों की जानकारी कंपनी के पास सुरक्षित हो सके। इससे अपराध होने पर इन्वेस्टिगेशन में मदद मिलेगी।

बैंकों में अब यह व्यवस्था जरूरी

– एंट्री व एक्जीट पॉइंटों में खुफिया कैमरे अनिवार्य।

– अलॉर्म बजने के साथ मिनटों में पॉइंट संबंधित थाने को देने की व्यवस्था।

– कारोबार के हिसाब से संस्थानों में सुरक्षा गार्डों की संख्या दो या इससे अधिक हो।

लापरवाही पर आरबीआई को पत्र

– बैंकों को आवश्यक सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। अगर इसके बाद भी सुरक्षा नियमों से लापरवाही बरती गई, आरबीआई को पत्र लिखा जाएगा। अब तक केवल स्थानीय स्तर पर केवल नोटिस देकर हिदायत दी गई है। – विजय अग्रवाल, एएसपी सिटी

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