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	<title>गुफा &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>गुफा &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>इस गुफा में जाते ही गायब हो जाते हैं लोग, कोई सुराग नहीं मिलता&#8230;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Hema Bisht]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 May 2019 06:36:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/maxresdefault-6-1-1024x576.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/maxresdefault-6-1-1024x576.jpg 1024w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/maxresdefault-6-1-300x169.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/maxresdefault-6-1-768x432.jpg 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/maxresdefault-6-1.jpg 1280w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />अमेरिकी सैनिक खोज से तो कुछ और रहे थे लेकिन जो कुछ उन्हें मिला उन सारी चीजों पर अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो पा रहा था. यहां जा कर कुछ ऐसा हुआ है कि ये आपको किसी कहानी से कम नहीं लगेगा. उस गुफा में जब वे सैनिक गए तो सामने एक बड़ा-सा  विमान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/maxresdefault-6-1-1024x576.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/maxresdefault-6-1-1024x576.jpg 1024w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/maxresdefault-6-1-300x169.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/maxresdefault-6-1-768x432.jpg 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/maxresdefault-6-1.jpg 1280w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p><strong>अमेरिकी सैनिक खोज से तो कुछ और रहे थे लेकिन जो कुछ उन्हें मिला उन सारी चीजों पर अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो पा रहा था. यहां जा कर कुछ ऐसा हुआ है कि ये आपको किसी कहानी से कम नहीं लगेगा. उस गुफा में जब वे सैनिक गए तो सामने एक बड़ा-सा  विमान था. इसके बाद कुछ देर बाद वहां टाइमजोन ऐक्टिव हो गया और 8 सैनिक एक-एक गायब हो गए.</strong><strong>सैनिकों को कंधार की एक गुफा में मिला था एक अदभुत विमान. इसकी जानकारी वैज्ञानिकों को मिली तो एक चौंकाने वाला सच सबके सामने आया. इस विमान की लंबाई करीब 12 फीट है. वहीं ऐसे ही एक विमान का उल्लेख महाभारत युग की कथाओं में मिलता है.</strong></p>
<p><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-232669 size-full" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/maxresdefault-6-1.jpg" alt="" width="1280" height="720" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/maxresdefault-6-1.jpg 1280w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/maxresdefault-6-1-300x169.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/maxresdefault-6-1-768x432.jpg 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/maxresdefault-6-1-1024x576.jpg 1024w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p><strong> जिनमें बताया जाता है कि 4 पहियों वाला 12 फीट का एक विमान है. जब इस विमान को चालू करने की कोशिश की गई तो वहां टाइम जोन शुरू हो गया और देखते ही देखते उस जोन के अंदर खड़े 8 अमेरिकी सैनिक गायब हो गए. </strong><strong>इसी के साथ एक और अहम बात ये थी कि इस विमान को शुरू करते समय तीव्र प्रकाश उत्पन्न हुआ. ऐसे ही प्रकाश उत्पन्न करने वाले विमान का उल्लेख महाभारत की कहानियों में मिलता है. सूचना मिल जाने के बाद इसकी जांच में पहुंची टीम के 40 लोग और जर्मन शेफर्ड कुत्ते सभी यहां से लुफ्त हो गए. क्योंकि जिस समय वह इस विमान के बारे में जानकारी ढूंढ रहे थे उस समय वेल ऐक्टिव हो जाने की वजह से सब सैनिक की तरह गायब हो गए जिनके बारे में आज तक पता नहीं चला है. </strong></p>
<p><strong> </strong></p>
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		<title>इस राक्षस से बचने के लिए गुफा में छिप गए थे भोलेनाथ, अनसुनी कथा जानिए&#8230;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Hema Bisht]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 05 May 2019 10:38:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/dgfdg.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/dgfdg.jpg 630w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/dgfdg-300x169.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />कई भगवान शिव को भोलेनाथ इसलिए कहा गया क्योंकि वो बड़े ही आसानी से प्रसन्न हो जाते हैं और उनसे अपनी बात मनवाना बहुत ही आसान है. इसी के साथ देवता हों या फिर राक्षस या फिर कोई साधारण मनुष्य अगर भगवान शिव को प्रसन्न कर लिया फिर भी कुछ भी मुश्किल नहीं है. जी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/dgfdg.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/dgfdg.jpg 630w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/dgfdg-300x169.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p>कई भगवान शिव को भोलेनाथ इसलिए कहा गया क्योंकि वो बड़े ही आसानी से प्रसन्न हो जाते हैं और उनसे अपनी बात मनवाना बहुत ही आसान है. इसी के साथ देवता हों या फिर राक्षस या फिर कोई साधारण मनुष्य अगर भगवान शिव को प्रसन्न कर लिया फिर भी कुछ भी मुश्किल नहीं है. जी हाँ, भोलेबाबा अपने भक्तों के साथ कोई भेदभाव नहीं करते हैं और वह अपने भक्तों के प्राण की रक्षा भी करते हैं, लेकिन उनके जीवन में एक समय ऐसा आ गया था जब उन्हें अपने ही प्राणों की रक्षा करनी पड़ी थी. जी हाँ, और आज हम आपको इसी के पीछे की कहानी बताने जा रहे हैं.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-228853 size-full" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/dgfdg.jpg" alt="" width="630" height="354" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/dgfdg.jpg 630w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/05/dgfdg-300x169.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 630px) 100vw, 630px" /></p>
<p><strong>भस्मासुर ने शिवजी को कर लिया प्रसन्न &#8211; </strong>पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बड़ा ही भंयकर राक्षस था भस्मासुर. वो राक्षस दुनिया का सबसे ताकतवर राक्षस बनना चाहता था और उसकी इच्छा थी की वो देवताओं के साथ साथ मनुष्यों पर भी शासन कर सके. अपने इस इच्छा की पूर्ति के लिए उसने शिव जी की कठोर तपस्या की. उसकी तपस्या में थोड़ा वक्त तो लगा, लेकिन उसकी लगन देखकर भगवान शिव प्रसन्न हो गए और उसके सामने प्रकट हो गए.अपने सामने महादेव को देखकर भस्मासुर उनके सामने नतमस्तक हो गया. उसने महादेव को प्रणाम किया और तब महादेव ने पूछा कि किस कारण से तुमने मुझे याद किया है और तुम्हें क्या चाहिए. भस्मासुर ने सबसे पहले महादेव से अमरत्व का वरदान मांग लिया.</p>
<p>भगवान शिव ने अमरत्व का वरदान देने से मना कर दिया. उन्होंने कहा कि जो भी इस संसार में आया है उसे एक दिन जाना है इसलिए अमरत्व का वरदान तो तुम्हें नहीं मिल सकता. तब भस्मासुर ने अपनी मांग बदलकर एक और वरदान मांगा की वो जिसपर भी हाथ रखे वो जलकर भस्म हो जाए. ऐसे किया विष्णु जी ने भस्मासुर का वध भगवान शिव ने उसे वरदान दे दिया. ये वरदान पाते ही भस्मासुर सबसे पहले शिव जी पर ही इसे अपनाने के लिए आतुर हो गया. महादेव अपना दिया वरदान वापस नहीं ले सकते थे ऐसे में अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भटकने लगे. किसी तरह भगवान शिव ने अपनी जान बचाई तो विष्णु जो को सारी बात बता दी.भगवान विष्णु ने सारी बात सुनी और भस्मासुर का अंत करने के लिए उन्होंने मोहिनी रुप धारण कर लिया. भस्मासुर की नजर मोहिनी रुप पर पड़ी तो उसे देखकर मंत्रमुग्ध हो गया. भस्मासुर को किसी भी बात का ध्यान ना रहा. उसका पूरा ध्यान सिर्फ मोहिनी पर आ टिका था.</p>
<p>भस्मासुर ने खूबसूरत स्त्री से पूछा कि तुम्हारा नाम क्या है? इस पर स्त्री ने बताया की वो मोहिनी है. मोहिनी को देखकर भस्मासुर उसकी खूबसूरती में खो गया. मोहनी ने कहा कि वो नर्तकी है और विवाह उसी से करेगी जिसे नृत्य करना आता हो. भस्मासुर ने उससे कहा कि उसे नृत्य करना तो नहीं आता अगर वो सीखा दे तो सीख लेगा. मोहिनी ने कहा ठीक है मैं तुम्हें नृत्य करना सीखाऊंगी. ऐसे करके वो उसे नृत्य करना सीखाने लगी. प्रेम आकर्षण में डूबा हुआ भस्मासुर भूल गया कि उसे क्या वरदान मिला है. नृत्य करते हुए मोहिनी ने जैसे ही अपने सिर पर हाथ रखा भस्मासुर ने भी अपने सिर पर हाथ रख लिया. इस करह से भस्मासुर का अंत हुआ.</p>
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		<title>यहां बसी है सृष्टि की रचना से लेकर कलयुग के अंत तक की कहानी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[publisher]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 27 Mar 2017 11:10:36 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="278" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple.jpg 1000w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple-300x135.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple-768x346.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /> स्कंद पुराण में इस गुफा के विषय में कहा गया है कि इसमें भगवान शिव का निवास है। सभी देवी-देवता इस गुफा में आकर भगवान शिव की पूजा करते हैं।इस मंदिर में मां के दर्शन से होती है कुंवारी लड़कियों को सौभाग्य की प्राप्ति समय-समय पर दुनिया खत्म होने की भविष्यवाणियां भी आती रहती हैं &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="278" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple.jpg 1000w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple-300x135.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple-768x346.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p><strong><span class="m20 text19 textblack"> स्कंद पुराण में इस गुफा के विषय में कहा गया है कि इसमें भगवान शिव का निवास है। सभी देवी-देवता इस गुफा में आकर भगवान शिव की पूजा करते हैं।</span></strong><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-45311" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple.jpg" alt="" width="1000" height="450" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple.jpg 1000w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple-300x135.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/cave-temple-768x346.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /><span style="color: #0000ff"><a style="color: #0000ff" href="http://www.livehalchal.com/%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%b8/45294" target="_blank">इस मंदिर में मां के दर्शन से होती है कुंवारी लड़कियों को सौभाग्य की प्राप्ति</a></span></strong></p>
<p><strong>समय-समय पर दुनिया खत्म होने की भविष्यवाणियां भी आती रहती हैं लेकिन अभी दुनिया खत्म होने में काफी वक्त है। भारत के कुछ गुफाएं और मंदिर ऐसे हैं जहां यह रहस्य छुपा हुआ है।पाताल भुवनेश्वर दरअसल एक प्राचीन और रहस्यमयी गुफा है जो अपने आप में एक रहस्यमयी दुनिया को समेटे हुए है। गुफा में पहुंचने पर एक अलग ही अनुभूति होती है। जैसे कि आप किसी काल्पनिक लोक में पहुंच गए हों। गुफा में उतरते ही सबसे पहले गुफा के बाईं तरफ शेषनाग की एक विशाल आकृति दिखाई देती जिसके ऊपर विशालकाय अर्द्धगोलाकार चट्टान है जिसके बारे में कहा जाता है कि शेषनाग ने इसी स्थान पर पृथ्वी को अपने फन पर धारण किया है।</strong></p>
<div><strong>उत्तराखण्ड की पहाड़ी वादियों के बीच बसे सीमान्त कस्बे गंगोलीहाट की पाताल भुवनेश्वर गुफा किसी आश्चर्य से कम नही है। सृष्टि की रचना से लेकर कलयुग का अंत कब और कैसे होगा इसका पूरा वर्णन भी यहां पर है। यहां पत्थरों से बना एक- एक शिल्प तमाम रहस्यों को खुद में समेटे हुए है। मुख्य द्वार से संकरी फिसलन भरी 80 सीढियां उतरने के बाद एक ऐसी दुनिया नुमाया होती है जहां युगों युगों का इतिहास एक साथ प्रकट हो जाता है। गुफा में बने पत्थरों के ढांचे देष के आध्यात्मिक वैभव की पराकाष्ठा के विषय में सोचने को मजबूर कर देते हैं। ये एकमात्र ऐसा स्थान है जहां पर चारों धामों के दर्शन एक साथ होते हैं। शिवजी की जटाओं से बहती गंगा की धारा यहां नजर आती है तो अमृतकुंड के दर्शन भी यहां पर होते हैं। ऐरावत हाथी भी आपको यहां दिखाई देगा और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार स्वर्ग का मार्ग भी यहां से शुरू होता है।</strong></div>
<div><strong>स्कंद पुराण में इस गुफा के विषय में कहा गया है कि इसमें भगवान शिव का निवास है। सभी देवी-देवता इस गुफा में आकर भगवान शिव की पूजा करते हैं। गुफा के संकरे रास्ते से जमीन के अंदर आठ से दस फीट अंदर जाने पर गुफा की दीवारों पर शेषनाग सहित विभिन्न देवी-देवताओं की आकृति नज़र आती है। मान्यता है कि पाण्डवों ने इस गुफा के पास तपस्या की थी। बाद में आदि शंकराचार्य ने इस गुफा की खोज की।इस गुफा में चार खंभा है जो चार युगों अर्थात सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग तथा कलियुग को दर्शाते हैं। इनमें पहले तीन आकारों में कोई परिवर्तन नही होता। जबकि कलियुग का खंभा लम्बाई में अधिक है और इसके ऊपर छत से एक पिंड नीचे लटक रहा है। यहां के पुजारी का कहना है कि 7 करोड़ वर्षों में यह पिंड 1 ईंच बढ़ता है। मान्यता है कि जिस दिन यह पिंड कलियुग के खंभे से मिल जाएगा उस दिन कलियुग समाप्त होगा और महाप्रलय आ जाएगा।</strong></div>
<p><span style="color: #0000ff"><strong><a style="color: #0000ff" title="Permalink to ये है दुनिया का सबसे खतरनाक रेल ट्रैक, सावधानी से करें इसपर सफर" href="http://www.livehalchal.com/%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%96%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a4%be/45168" target="_blank" rel="bookmark">ये है दुनिया का सबसे खतरनाक रेल ट्रैक, सावधानी से करें इसपर सफर</a></strong></span></p>
<div><strong>पौराणिक महत्व पुरातात्विक साक्षों की मानें तो इस गुफा को त्रेता युग में राजा ऋतुपर्ण ने सबसे पहले देखा। द्वापर युग में पाण्डवों ने यहां चौपड़ खेला और कलयुग में जगदगुरु शकराचार्य का 822 ई के आसपास इस गुफा से साक्षात्कार हुआ तो उन्होंने यहां तांबे का एक शिवलिंग स्थापित किया। इसके बाद चन्द राजाओं ने इस गुफा के विषय मे जाना और आज यहाँ देश विदेश से सैलानी आते हैं एवं गुफा के स्थपत्य को देख दांतो तले उंगली दबाने को मजबूर हो जाते हैं। मान्यताएं चाहे कुछ भी हो पर एकबारगी गुफा में बनी आकृतियों को देख लेने के बाद उनसे जुड़ी मान्यताओं पर भरोसा किये बिना नहीं रहा जाता। गुफा की शुरुआत में शेषनाग के फनों की तरह उभरी संरचना पत्थरों पर नज़र आती है। मान्यता है कि धरती इसी पर टिकी है। आगे बढने पर एक छोटा सा हवन कुंड दिखाई देता है।</strong></div>
<div></div>
<div><strong>कहा जाता है कि राजा परीक्षित को मिले श्राप से मुक्ति दिलाने के लिए उनके पुत्र जन्मेजय ने इसी कुण्ड में सभी नागों को जला डाला परंतु तक्षक नाम का एक नाग बच निकला जिसने बदला लेते हुए परीक्षित को मौत के घाट उतार दिया। हवन कुण्ड के ऊपर इसी तक्षक नाग की आकृति बनी है। आगे चलते हुए महसूस होता है कि हम किसी की हडिडयों पर चल रहे हों। सामने की दीवार पर काल भैरव की जीभ की आकृति दिखाई देती है। कुछ आगे मुड़ी गरदन वाला गरुड़ एक कुण्ड के ऊपर बैठा दिखई देता है। माना जाता है कि शिवजी ने ने इस कुण्ड को अपने नागों के पानी पीने के लिये बनाया था। इसकी देखरेख गरुड़ के हाथ में थी। लेकिन जब गरुड़ ने ही इस कुण्ड से पानी पीने की कोशिश की तो शिवजी ने गुस्से में उसकी गरदल मोड़ दी। कुछ आगे ऊंची दीवार पर जटानुमा सफेद संरचना है।</strong></div>
<div></div>
<div><strong>यहीं पर एक जलकुण्ड है मान्यता है कि पाण्डवों के प्रवास के दौरान विश्वकर्मा ने उनके लिये यह कुण्ड बनवाया था। गुफा की शुरुआत पर वापस लौटने पर एक मनोकामना कुण्ड है। मान्यता है कि इसके बीच बने छेद से धातु की कोई चीज पार करने पर मलोकामना पूरी होती है। आष्चर्य ही है कि जमीन के इतने अन्दर होने के बावजूद यहां घुटन नहीं होती शान्ति मिलती है। देवदार के घने जंगलों के बीच बसी रहस्य और रोमान्च से सराबोर पाताल भुवनेश्वर की गुफा की सैलानियों के बीच आज एक अलग पहचान है। कुछ श्रृद्धा से, कुछ रोमान्च के अनुभव के लिये, और कुछ शीतलता और शान्ति की तलाश में यहां आते हैं।</strong></div>
<p class="m20 text17"> <strong><span style="color: #0000ff"><a style="color: #0000ff" title="Permalink to ये है दुनिया के सबसे शरारती बच्चे, इनकी शरारत देख आपको आ जाएगी हंसी…." href="http://www.livehalchal.com/%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4/36682" target="_blank" rel="bookmark">ये है दुनिया के सबसे शरारती बच्चे, इनकी शरारत देख आपको आ जाएगी हंसी….</a></span></strong></p>
<div><strong>ये सब सुनने में किसी कहानी की तरह लगते हैं लेकिन धर्म में अगर आपकी जरा सी भी आस्था है तो इस स्थान पर पहुंचने के बाद आप इन चीजों पर यकीन करने से खुद को चाहकर भी नहीं रोक सकते। इस स्थान पर ऊपर वर्णित आकृतियां भले ही निर्जीव हो लेकिन वास्तव में ये इतनी सजीव लगती हैं कि आप इन्हें चाहकर भी नजरअंदाज नहीं कर सकते।पाताल भुवनेश्वर गुफा का विस्तृत वर्णन स्कन्द पुराण के मानस खंड के 103 अध्याय में मिलता है। पाताल भुवनेश्वर अपने आप में एक दैवीय संसार को समेटे हुए है।</strong></div>
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