गुप्त नवरात्रि – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Sat, 03 Jan 2026 05:19:02 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg गुप्त नवरात्रि – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 कब है माघ गुप्त नवरात्रि ? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त https://livehalchal.com/%e0%a4%95%e0%a4%ac-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%98-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf-%e0%a4%9c/652528 Sat, 03 Jan 2026 05:05:36 +0000 https://livehalchal.com/?p=652528 माघ गुप्त नवरात्रि का पर्व तंत्र साधना और 10 महाविद्याओं की पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. शुभ मुहूर्त में घटस्थापना कर गुप्त रूप से मां दुर्गा का पूजन किया जाता है. हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की उपासना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है. अधिकांश लोग साल में केवल दो …]]>

माघ गुप्त नवरात्रि का पर्व तंत्र साधना और 10 महाविद्याओं की पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. शुभ मुहूर्त में घटस्थापना कर गुप्त रूप से मां दुर्गा का पूजन किया जाता है. हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की उपासना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है. अधिकांश लोग साल में केवल दो नवरात्रि (चैत्र और शारदीय) के बारे में जानते हैं, लेकिन तंत्र साधना और विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व है. साल 2026 की पहली गुप्त नवरात्रि माघ मास में पड़ने वाली है. आइए जानते हैं इसकी सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि.

हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्रि का आरंभ होता है.प्रतिपदा तिथि का प्रारंभ: 19 जनवरी 2026, सोमवार को सुबह 01:21 बजे , प्रतिपदा तिथि का समापन: 20 जनवरी 2026, मंगलवार को सुबह 02:14 बजे , उदयातिथि के अनुसार: माघ गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ 19 जनवरी 2026 को होगा.

घटस्थापना (कलश स्थापना) का शुभ मुहूर्त

नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना का विशेष महत्व है. इस साल कलश स्थापना के लिए दो शुभ समय मिल रहे हैं.

प्रात:काल मुहूर्त: सुबह 07:13 से सुबह 10:49 तक (अवधि: 3 घंटे 36 मिनट).

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:15 से दोपहर 12:58 तक.

यदि आप सुबह के मुहूर्त में स्थापना नहीं कर पाते हैं, तो अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापित करना बहुत ही शुभ फलदायी रहेगा.

10 महाविद्याओं की होती है साधना
गुप्त नवरात्रि में सामान्य नवरात्रि की तरह मां दुर्गा के नौ रूपों के साथ-साथ विशेष रूप से 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है. इनके नाम हैं.

मां काली
मां तारा
मां त्रिपुर सुंदरी
मां भुवनेश्वरी
मां छिन्नमस्ता
मां त्रिपुर भैरवी
मां धूमावती
मां बगलामुखी
मां मातंगी
मां कमला

पूजा विधि: कैसे करें मां को प्रसन्न?

गुप्त नवरात्रि की पूजा को ‘गुप्त’ रखा जाता है, यानी इसके बारे में किसी को बताया नहीं जाता है. ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें. शुभ मुहूर्त में कलश स्थापित करें और अखंड ज्योति प्रज्वलित करें.मां दुर्गा को लाल चुनरी, श्रृंगार सामग्री और फूल अर्पित करें. ॐ दुं दुर्गाय नमः या निर्वाण मंत्र का जाप करें. इस दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करना अत्यंत लाभकारी होता है. इन 9 दिनों में सात्विक भोजन करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें.

गुप्त नवरात्रि का महत्व

शास्त्रों के अनुसार, गुप्त नवरात्रि मुख्य रूप से तंत्र साधना, मंत्र सिद्धि और कठिन साधनाओं के लिए जानी जाती है. माना जाता है कि जो भक्त गुप्त रूप से मां की सेवा करते हैं, उनकी बड़ी से बड़ी बाधाएं दूर हो जाती हैं. यह नवरात्रि आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक शक्ति प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम मानी गई है.

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आज से गुप्त नवरात्रि शुरू, जानें इसका महत्व… https://livehalchal.com/%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%82/206744 Tue, 05 Feb 2019 04:57:33 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=206744 आज से गुप्त नवरात्र शुरू हो रहे हैं। लेकिन इनके बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं। पंचाग यानी हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, गुप्त नवरात्र साल में दो बार आते हैं। पहले गुप्त नवरात्र अषाढ़ के महीने में और दूसरे माघ के महीने में। इस समय हिन्दी माह माघ चल रहा है और अमावस्या …]]>

आज से गुप्त नवरात्र शुरू हो रहे हैं। लेकिन इनके बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं। पंचाग यानी हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, गुप्त नवरात्र साल में दो बार आते हैं। पहले गुप्त नवरात्र अषाढ़ के महीने में और दूसरे माघ के महीने में। इस समय हिन्दी माह माघ चल रहा है और अमावस्या के बाद प्रथमा से नवरात्र शुरू जो 14 फरवरी तक चलेंगे। मान्यता है कि इन नौ दिनों तक मां भगवती की पूजा आराधना करने से लोगों की हर मनोकामना पूरी होती है। इनका महत्व शारदीय नवरात्र और चैत्र नवरात्रि के बराबर ही होता है। खासकर तंत्र मंत्र की साधना करने वाले लोगों के लिए गुप्त नवरात्र बेहद खास होती हैं।

गुप्त नवरात्र की तिथि-
गुप्त नवरात्र 2019: 5 फरवरी को इनकी घट स्थापना होगी और अगले 9 दिनों तक पूरे विधि विधान से पूजा होगी। 19 फरवरी 2019 को गुप्त नवरात्र संपन्न होंगे।

इनकी होती है पूजा-
गुप्त नवरात्रि में देवी मां के नौ रूपों की पूजा नहीं होती बल्कि 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है। ये विद्याए हैं- काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी हैं।

इसलिए नाम पड़ा गुप्त नवरात्र-
कहा जाता है कि शरद और चैत्र नवरात्र की तरह सार्वजनिक रूप से इन देवियों की पूजा नहीं की जाती बल्कि इन नौ दिनों तक गुप्त रूप से मां की पूजा की जाती है। इसलिए इन नवरात्रों का नाम गुप्त नवरात्र पड़ गया। यहा मान्यता है कि गुप्त नवरात्रों में देर रात में गुप्त रूप से पूजा की जानी चाहिए और घी का दीपक जलाने के बजाए सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए।

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गुप्त नवरात्रि के पहले दिन कर ले यह उपाय, रातोंरात बदल जायेगी किस्मत… https://livehalchal.com/%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%bf/206734 Tue, 05 Feb 2019 04:38:56 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=206734 5 फरवरी मंगलवार को माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्रि शुरू हो रही है. आपको बता दें कि ज्योतिषों के अनुसार इस गुप्त नवरात्रि में कई शुभ योग-संयोग बन रहे हैं, जो साधक और देवी की आराधना करने वालों को कई गुना अधिक शुभ फल देने वाले हैं. ऐसे में …]]>

5 फरवरी मंगलवार को माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्रि शुरू हो रही है. आपको बता दें कि ज्योतिषों के अनुसार इस गुप्त नवरात्रि में कई शुभ योग-संयोग बन रहे हैं, जो साधक और देवी की आराधना करने वालों को कई गुना अधिक शुभ फल देने वाले हैं. ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं इन दिनों में किए जाने वाले उपायों के बारे में. आइए जानते हैं.


सर्वार्थसिद्धि योगशुभ संयोगों में करें ये उपाय –

आप सभी को बता दें कि गुप्त नवरात्रि के प्रथम दिन मंगलवार है और यह देवी का ही दिन माना जाता है. इस कारण से इस दिन दुर्गादेवी के मंदिर जाएं और सुहाग की सामग्री, चुनरी और मिष्ठान्न-श्रीफल अर्पित करना चाहिए और अपने परिवार के सुख-समृद्धि की कामना करना चाहिए. कहते हैं ऐसा करने से जीवन के सभी कष्टों का नाश हो जाता है और धन समृद्धि में वृद्धि होने लगती है.

कहा जाता है गुप्त नवरात्रि के नौ दिनों तक दुर्गासप्तशती के नियमित पाठ करने से शत्रुओं से रक्षा होने लगती है और सभी कामों में सफलता मिलती है.

कहा जाता है नवरात्रि में इंद्रिय संयम का पालन करते हुए प्रतिदिन दुर्गा मंदिर में या अपने घर में बैठकर ओम दुं दुर्गायै नमः मंत्र के पांच माला जाप रोज करने से उस इच्छा की पूर्ति होती है जिसके लिए आप संकल्प लेते हैं.

कहते हैं जिन युवतियों के विवाह में बाधा आ रही है उन्हें उनकी जन्मकुंडली में मंगल परेशान कर रहा है तो उन्हें गुप्त नवरात्रि के पहले दिन शाम के समय दुर्गा मंदिर में आटे के पांच दीपक लगाकर आएं और देवी से अपने शीघ्र विवाह की कामना करनी चाहिए. इससे विवाह जल्द हो जाता है.

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