<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>गंगोत्री नेशनल पार्क &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/tag/%E0%A4%97%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%A8%E0%A4%B2-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Mon, 13 Apr 2026 06:53:46 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>गंगोत्री नेशनल पार्क &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>गोमुख ट्रैक का निरीक्षण करने निकले गंगोत्री नेशनल पार्क के अधिकारी</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%88%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%95/668648</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 06:53:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[गंगोत्री नेशनल पार्क]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=668648</guid>

					<description><![CDATA[गंगोत्री नेशनल पार्क के अधिकारियों और गढ़वाल हिमालय ट्रैकिंग एंड माउंटनियरिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने गोमुख ट्रैक का स्थलीय निरीक्षण किया। करीब 11 किमी के पैदल ट्रैक पर भोजगढ़ी नाले में अधिक बर्फ होने के कारण टीम को लौटना पड़ा। पार्क के अधिकारियों का कहना है कि अगर इस सप्ताह ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>गंगोत्री नेशनल पार्क के अधिकारियों और गढ़वाल हिमालय ट्रैकिंग एंड माउंटनियरिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने गोमुख ट्रैक का स्थलीय निरीक्षण किया। करीब 11 किमी के पैदल ट्रैक पर भोजगढ़ी नाले में अधिक बर्फ होने के कारण टीम को लौटना पड़ा। पार्क के अधिकारियों का कहना है कि अगर इस सप्ताह ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी नहीं होती है। तो पर्वतारोहियों के लिए ट्रैक खोल दिया जाएगा। लेकिन आम यात्रियों के लिए अभी गोमुख जाने के लिए इंतजार करना पड़ेगा।</p>



<p>गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट एक अप्रैल को खोल दिए गए हैं। लेकिन गोमुख ट्रैक पर अधिक बर्फबारी और क्षतिग्रस्त मार्ग के कारण तेरह दिन बाद भी उस पर ट्रैकर्स और यात्रियों के लिए आवाजाही प्रतिबंधित किया गया है। बीते शनिवार को पार्क के उपनिदेशक हरीश नेगी सहित गढ़वाल हिमालय ट्रैकिंग एंड माउंटनियरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेंद्र राणा के नेतृत्व में वन विभाग और ट्रैकिंग से जुड़े लोगों ने गोमुख ट्रैक का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दल ने कनखू बैरियर से लेकर भोजगढ़ी तक 11 किमी का ट्रैक का निरीक्षण किया। लेकिन भोजगढ़ी नाले में अधिक बर्फ होने और बर्फबारी शुरू होने के कारण इन्हें वापस लौटना पड़ा।</p>



<p>जयेंद्र राणा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि पर्वतारोहण से जुड़े लोगों के लिए मार्ग मेें कोई समस्या नहीं है। इसलिए पर्वतारोहियों को ट्रैकिंग और आरोहण के लिए जाने की अनुमति दी जाए। उपनिदेशक हरीश नेगी ने कहा कि अगर गोमुख क्षेत्र में इस सप्ताह बर्फबारी नहीं होती है। तो एक सप्ताह बाद पर्वतारोहियों के लिए ट्रैक खोल दिया जाएगा। हालांकि अभी गोमुख तक जाने वाले यात्रियों को इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि आम लोगों के जाने के लिए रास्ता सही नहीं है। साथ ही ट्रैक पर अभी आश्रम और जीएमवीएन के गेस्ट हाउस भी नहीं खुले हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उत्तरकाशी: 30 नवंबर को बंद होंगे गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट…</title>
		<link>https://livehalchal.com/uk-756/591281</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 23 Nov 2024 06:20:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[गंगोत्री नेशनल पार्क]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=591281</guid>

					<description><![CDATA[गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट प्रतिवर्ष 1 अप्रैल को पर्यटकों के लिए खोले जाते हैं, जिन्हें 30 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिया जाता है। ग्रीष्मकाल में जहां वन्यजीवों की निगरानी के लिए वनकर्मी नियमित रूप से गश्त करते हैं। देश के तीसरे सबसे बड़े गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट शीतकाल के लिए &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट प्रतिवर्ष 1 अप्रैल को पर्यटकों के लिए खोले जाते हैं, जिन्हें 30 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिया जाता है। ग्रीष्मकाल में जहां वन्यजीवों की निगरानी के लिए वनकर्मी नियमित रूप से गश्त करते हैं।</p>



<p>देश के तीसरे सबसे बड़े गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट शीतकाल के लिए बंद करने की तैयार शुरू हो गई है। एक सप्ताह बाद 30 नवंबर को पार्क के गेट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इस दौरान शीतकाल में वन्यजीवों की चहलकदमी पर ट्रैप कैमरों की नजर रहेगी। इसके लिए वन विभाग की टीम ने इस साल 75 ट्रैप कैमरे लगाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही वन कर्मियों की टीम पार्क के विभिन्न ट्रैक रूट पर लंबी दूरी की गश्त भी कर रही है।</p>



<p>गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट प्रतिवर्ष 1 अप्रैल को पर्यटकों के लिए खोले जाते हैं, जिन्हें 30 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिया जाता है। ग्रीष्मकाल में जहां वन्यजीवों की निगरानी के लिए वनकर्मी नियमित रूप से गश्त करते हैं। वहीं, शीतकाल में अत्यधिक बर्फबारी के चलते यह संभव नहीं होता। ऐसे में ट्रैप कैमरे पार्क प्रशासन की मदद करते हैं, जब पार्क के गेट खोले जाते हैं तो इन ट्रैप कैमरों में कई बार हिम तेंदुए सहित अन्य दुर्लभ वन्यजीवों की वीडियो और तस्वीरें कैद मिलती हैं।</p>



<p>इसी क्रम में इस साल भी पार्क प्रशासन ने पार्क के गेट बंद होने से पूर्व ट्रैप कैमरे लगाना शुरू कर दिया है। जो कि केदारताल, गोमुख ट्रैक, नेलांग घाटी के कारछा, चोरगाड, तिरपानी, नीलापानी, भैरोंघाटी व गर्तांग गली आदि में लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा वन कर्मियों की टीम गंगोत्री-केदारताल ट्रैक, दुमकोचौड़ चोरगाड ट्रैक, गोमुख और रुद्रगैरा ट्रैक पर भी लंबी दूर गश्ती कर रही है। प्रत्येक गश्ती दल में 4 से 6 वन अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। वहीं, पार्क के गेट बंद करने से पूर्व पार्क प्रशासन सफाई अभियान चला चुका है। इस साल सफाई अभियान चलाते हुए 6 क्विंटल कचरा एकत्रित किया गया है, जिसमें सर्वाधिक कचरा गोमुख ट्रैक से एकत्र किया गया है, जिसमें खाद्य सामग्री के रैपर, प्लास्टिक बोतल, कपड़े आदि शामिल हैं।</p>



<p><strong>नहीं गिरी बर्फ, जमने लगा पानी</strong><br>पार्क के उप निदेशक आरएन पांडे ने बताया कि लंबी दूरी गश्त पर निकली वन कर्मियों की टीम ने जानकारी दी है कि अभी पार्क के ऊंचाई वाले क्षेत्रों व चोटियों पर ताजा बर्फबारी नहीं हुई है। हालांकि तापमान माइनस में पहुंचने से पानी जमने लगा है। कई जगह झरने और नदियों का जल जम चुका है।</p>



<p><strong>हिम तेंदुए सहित कई दुर्लभ वन्यजीवों का है घर</strong><br>वर्ष 1989 में स्थापित गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र 2390 वर्ग किमी में फैला हुआ है, जो कि हिम तेंदुए सहित कई दुर्लभ वन्यजीवों का घर है। वर्ष 2017 में यहां दो ट्रैप कैमरों में पहली बार दुर्लभ अरगली भेड़ भी कैद हुई थी। इसके अलावा यहां भूरा भालू, काला भालू, लाल लोमड़ी, हिमालयन मोनाल, कस्तूरी मृग, भरल आदि पाए जाते हैं।</p>



<p>पार्क के गेट बंद होना नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। इसके लिए इस बार 75 ट्रैप कैमरे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। वन कर्मियों की टीमें चार ट्रैकों पर लंबी दूरी गश्त भी कर रही हैं। 30 नवंबर को पार्क के गेट बंद कर दिए जाएंगे।</p>



<p><strong>आरएन पांडे, उप निदेशक गंगोत्री नेशनल पार्क।</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 

Served from: livehalchal.com @ 2026-04-13 15:50:33 by W3 Total Cache
-->